कानून हाथ में लेने वाले छात्रों पर होगी कार्रवाई, छात्र लोकतांत्रिक तरीके से करें विरोध: दिलीप घोष

खड़गपुर। पश्चिम बंगाल में जारी छात्र आंदोलनों को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में छात्र विरोध प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है। यहां छात्र अक्सर विभिन्न मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरते रहे हैं और यह राज्य की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो छात्र आंदोलनों को अपने हित के लिए हाईजैक करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं या हिंसा जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को छोड़कर आंदोलन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन के नाम पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने उन्हें “आदतन आंदोलनकारी” बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमेशा किसी न किसी मुद्दे की तलाश में रहते हैं ताकि आंदोलन शुरू किया जा सके। उनके अनुसार, अब जनता ऐसे लोगों की पहचान समझ चुकी है। वहीं भाजपा सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी से जुड़े सवाल पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में छात्र सीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और जनता ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया गया और पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया गया। इसके अलावा, खड़गपुर में विकास कार्यों को लेकर मंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत’ पहल के तहत नालियों के निर्माण, पुराने नालों और सीवरों की सफाई तथा जलभराव की समस्या के समाधान को परियोजनाओं में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में जलभराव एक गंभीर और बार-बार सामने आने वाली समस्या है। सरकार की योजना है कि इन कार्यों के माध्यम से लोगों को राहत दी जाए। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं पर काम शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

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