असम में वन महोत्सव की शुरुआत, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने लोगों से की एक-एक पौधा लगाने की अपील

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को राज्य के लोगों से वन महोत्सव के दौरान कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की भागीदारी से ही राज्य को अधिक हरा-भरा बनाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित व बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। वन महोत्सव की शुरुआत के अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘जन भागीदारी’ की ताकत को प्रकृति संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति इस अभियान में शामिल होगा, तो यह सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन बन जाएगा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज से ‘वन महोत्सव’ सप्ताहभर चलने वाले प्रकृति उत्सव की शुरुआत हो रही है।” उन्होंने लोगों से अगले एक सप्ताह के भीतर कम से कम एक पौधा लगाने की अपील करते हुए कहा, “आइए, जन भागीदारी की ताकत से राज्य का हरित क्षेत्र बढ़ाएं और एक पौधा लगाकर अपने बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करें।” मुख्यमंत्री हिमंता ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब भी वे सरकारी काम से गुवाहाटी से बाहर किसी जिले की यात्रा पर जाते हैं, तो वहां एक पौधा जरूर लगाते हैं। उन्होंने कहा, “गुवाहाटी से बाहर अपनी हर यात्रा के दौरान मैं एक पौधा अवश्य लगाता हूं।” मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वन महोत्सव हर वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है। यह देशव्यापी वृक्षारोपण अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों में जंगलों, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दौरान सरकारें, शैक्षणिक संस्थान, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक मिलकर बड़े पैमाने पर पौधारोपण करते हैं। असम सरकार भी पिछले कुछ वर्षों से बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और संरक्षण कार्यक्रम चला रही है। इसके साथ ही राज्य की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार लगातार पर्यावरण संरक्षण अभियानों में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शिक्षा