जांच आगे बढ़ेगी तो पंजाब के कथित भ्रष्टाचार का पता चलेगा: दलजीत सिंह चीमा

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े परिसरों में सीबीआई की कार्रवाई को लेकर शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई से पंजाब में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं और जांच आगे बढ़ने पर पूरा मामला और बड़ा हो सकता है। दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सीबीआई की रेड ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मई में हुई ईडी की कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर सिंह के एक दोस्त के घर से बड़ी रकम बरामद होने और पैसे से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया। चीमा ने कहा कि उस समय भी भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठे थे। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के बंगलों में ईडी की कार्रवाई को लेकर भी कई बातें सामने आईं। उनका आरोप है कि दिल्ली के नेताओं की मौजूदगी और कथित समानांतर व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। ईडी की ओर से तीन बार एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखे जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। हाई कोर्ट ने भी सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा था। चीमा ने कहा कि जब जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद कार्रवाई शुरू हुई तो उसके परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब से जुड़ा यह मामला आगे चलकर दिल्ली में सामने आए कथित घोटालों से भी बड़ा हो सकता है। दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कथित भ्रष्टाचार केवल किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों की पोस्टिंग, नीतियों में बदलाव, हथियारों के लाइसेंस और टेंडर की शर्तों में बदलाव जैसे मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी नीति में बदलाव करवाना हो, किसी अधिकारी की पोस्टिंग करवानी हो या किसी टेंडर की शर्त बदलवानी हो, तो कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘कट्टर ईमानदार’ होने के दावों पर भी निशाना साधा। चीमा ने कहा कि एक तरफ सरकार ईमानदारी का दावा करती है, जबकि दूसरी तरफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई में गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। सीबीआई की कार्रवाई को पंजाब के खिलाफ कार्रवाई बताए जाने के आरोपों पर चीमा ने कहा कि भ्रष्टाचार की जांच को पंजाब के खिलाफ हमला नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि जब सरकार से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा जा रहा था, तब उसने कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जांच की मांग पहले से की जा रही थी तो अब कार्रवाई होने पर इसे संविधान या पंजाब के खिलाफ हमला क्यों बताया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि पंजाब के साथ कथित तौर पर किस तरह का नुकसान हुआ। चीमा ने आम आदमी पार्टी के उन नेताओं का भी जिक्र किया, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई हुई थी। उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जेल में थे, तब भी आम आदमी पार्टी उन्हें देशभक्त बताती रही। चीमा ने तंज कसते हुए कहा कि जेल से बाहर आने के बाद भी उन्हें पंजाब में लाकर महत्वपूर्ण भूमिका दी गई। पार्टी का यह दावा कि उसके नेता देश के लिए काम करने आए हैं, उसके नेताओं की कथित गतिविधियों के बावजूद लगातार दोहराया जाता रहा है। सीबीआई की कार्रवाई के समय को चुनाव से जोड़ने पर चीमा ने कहा कि ऐसी कार्रवाई बहुत पहले होनी चाहिए थी। अगर जांच पहले शुरू होती तो पंजाब को कथित तौर पर हुए नुकसान को कम किया जा सकता था। लेकिन, देर से हुई कार्रवाई को भी सही दिशा में कदम माना जाना चाहिए। सरकार के आखिरी छह महीने भ्रष्टाचार करने की कोई छूट नहीं देते और अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो चुनाव से पहले या बाद में उसकी जांच होनी चाहिए। जांच आगे बढ़ने पर ही स्पष्ट होगा कि पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर क्या है और पंजाब में कथित भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी किसकी बनती है।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर भाजपा का विपक्ष पर हमला, संदीप वर्मा बोले- नौटंकी से कोई फायदा नहीं

रांची। भाजपा प्रवक्ता संदीप वर्मा ने विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च, विरोध प्रदर्शनों को लेकर समर्थन, पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़ी टिप्पणियों और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से सरकार को गैरकानूनी बताए जाने वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने का आरोप लगाया। विपक्षी सांसदों के मार्च पर संदीप वर्मा ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह की कथित नौटंकी से कोई फायदा नहीं होने वाला है। आयोग अपना काम कर रहा है और उसे अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के आपातकाल के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर सत्ता और शासन-प्रशासन के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। उस समय संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए आपातकाल लगाया गया था। वर्मा ने कहा कि जिन लोगों को संविधान पर भरोसा नहीं रहा, वही आज संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का बहाना ढूंढते हैं। चुनाव आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, उसमें अनावश्यक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। सीजेपी की ओर से चुनावों के बहिष्कार के आह्वान को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा प्रवक्ता ने संबंधित संगठन को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर कोई खुद को राजनीतिक दल मानता है तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सामने आकर चुनाव लड़ना चाहिए। चुनाव मैदान में उतरने पर उसे अपनी राजनीतिक हैसियत का पता चल जाएगा। भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाती है। जहां पार्टी सत्ता में होती है, वहां जनता की चिंता करती है और जहां विपक्ष में होती है, वहां लोगों के सवालों को उठाने का काम करती है। संदीप वर्मा ने विपक्ष के आंदोलनों और उनके कथित विदेशी संपर्कों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए खाने-पीने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं तो फंडिंग के स्रोत की भी जानकारी सामने आनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश दौरों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विदेश के मंचों पर भारत की नीतियों और विदेश नीति की आलोचना करना उचित नहीं है। भाजपा का विरोध करते-करते विपक्ष को राष्ट्र के विरोध और सरकार के विरोध के बीच अंतर समझना चाहिए। चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और इसमें भाजपा या केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का सवाल नहीं है। यदि किसी प्रक्रिया में कोई समस्या है तो सुप्रीम कोर्ट उसका अवलोकन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अदालत उचित निर्देश जारी कर सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति को लेकर भी विपक्ष से प्रमाण सामने रखने को कहा। कांग्रेस के शासनकाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बाद में संसद और केंद्रीय मंत्रिमंडल तक में जगह दी थी। ऐसे राजनीतिक दलों द्वारा आज चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना हास्यास्पद है। पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की चर्चा पर संदीप वर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता पूरे देश की जरूरत है और इस दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह शरीयत के कानून की बात करती है। वर्मा ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी अपनी जिंदगी अपने अधिकारों के अनुसार जीने का पूरा अधिकार होना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनावों और सरकारों को गैरकानूनी बताए जाने वाले बयान पर संदीप वर्मा ने कांग्रेस से सवाल किया कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें हैं, वहां उसे इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव में जाना चाहिए। उन्होंने कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश और झारखंड का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया ही गैरकानूनी है तो कांग्रेस को पहले अपनी सरकारों को भंग करना चाहिए और फिर जनता के बीच जाना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जहां कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां उसे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं दिखता, लेकिन जहां उसे हार का सामना करना पड़ता है, वहां चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का देश के कई राज्यों में लंबे समय से जनाधार कमजोर हुआ है। उन्होंने कांग्रेस नसीहत देते हुए रहा कि पार्टी को चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। जनता के बीच समर्थन कम होने की वजह तलाशने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से कांग्रेस की स्थिति नहीं बदलेगी। आने वाले समय में कांग्रेस को अपने घटते जनाधार की स्थिति का और स्पष्ट अंदाजा हो जाएगा।
बिहार: एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले बॉबी कुमार को सीएम सम्राट चौधरी ने किया सम्मानित

पटना। एशियन गेम्स 2026 में सेपकटकरा की मेंस क्वाड्रेंट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बिहार और देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी बॉबी कुमार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सम्मानित किया। पटना स्थित लोकसेवक आवास में मुख्यमंत्री ने बॉबी कुमार का स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने बॉबी कुमार को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ी के समर्पण, मेहनत और शानदार प्रदर्शन की सराहना की। सीएम ने कहा कि बॉबी कुमार ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर बिहार के साथ-साथ पूरे देश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि राज्य की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी बॉबी कुमार को शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा कि एशियन गेम्स 2026 में सेपकटकरा की मेंस क्वाड्रेंट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाले बिहार के लाल बॉबी कुमार का लोकसेवक आवास में हार्दिक स्वागत-अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बॉबी कुमार ने बिहार के साथ-साथ पूरे देश का मान बढ़ाया है और उनकी उपलब्धि पर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। बॉबी कुमार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि बिहार में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य के खिलाड़ी के पदक जीतने से सेपकटकरा जैसे खेलों को भी पहचान मिलती है और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है। बॉबी कुमार की उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके खेल जीवन में आगे भी सफलता की कामना की । कांस्य पदक जीतने वाले इस खिलाड़ी के सम्मान से बिहार की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।इससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।
सेवा संकल्प बाइक यात्रा का होगा समापन, वडनगर से काशी पहुंचे 500 बाइक यात्री करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके जन्मस्थान वडनगर से शुरू होकर उनकी कर्मभूमि वाराणसी पहुंची बाइक यात्रा का बुधवार यानी 7 अक्टूबर को काशी में समापन होगा। सेवा संकल्प बाइक यात्रा में 500 कार्यकर्ता शामिल हैं। इस अवसर पर रोहनिया के जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में दोपहर लगभग 2:30 बजे बड़ी जनसभा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार दोपहर वाराणसी पहुंचेंगे। वह रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘नमो बुक फेस्ट ,काशी संस्करण’ का अवलोकन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री जनसभा में शामिल होंगे। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव का दर्शन-पूजन करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की काशी में यह पहली जनसभा होगी। जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने और सेवा संकल्प बाइक यात्रा के प्रतिभागियों का काशी की गरिमा के अनुरूप भव्य स्वागत करने का आह्वान किया गया है। भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने बताया कि 7 अक्टूबर की सुबह सभी बाइक सेवा यात्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मैदान में सुबह नौ बजे बस से पहुंचेंगे। वहां सभागार में उनके स्वागत-अभिनंदन का कार्यक्रम होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। बाइक यात्रियों का तिलक, अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सुबह 10 से 11 बजे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव उद्बोधन को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सुना जाएगा। कार्यक्रम के बाद सभी बाइक यात्री बस से मैदागिन पहुंचेंगे। वहां से पैदल काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे। उन्होंने बताया कि पैदल यात्रा में आगे गुजरात की नदियों के जल से भरे 11 कलश और गंगाजल के 11 कलश, कुल 22 कलश रहेंगे। इनके साथ 51 महिलाएं चलेंगी। भाजपा के संगठन पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विधायक, मंत्री, एमएलसी और कार्यकर्ताओं के साथ बाइक सेवा यात्री भी शामिल होंगे। कुल संख्या करीब 800 रहेगी। मंदिर में करीब एक घंटे तक पूजन-अनुष्ठान और जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे जगतपुर इंटर कॉलेज में होने वाली भाजपा की जनसभा में शामिल होंगे। यात्रा के अगले चरण में 8 अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे सभी बाइक यात्री अयोध्या के लिए रवाना होंगे। इसके बाद अयोध्या से दिल्ली पहुंचकर अपने-अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।
दुर्गापूजा में सुरक्षा से लेकर पर्यावरण तक पर सीएम हेमंत सोरेन का जोर, समितियों से सहयोग की अपील की

रांची। झारखंड में दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासन को कानून-व्यवस्था, यातायात, बिजली, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था सुचारू रखने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से भी पर्यावरण अनुकूल तरीके से मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था करने और पूजा पंडालों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रांची जिला दुर्गा पूजा समिति, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति और विभिन्न शांति समितियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान ये निर्देश दिए। पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को चुनरी, मां दुर्गा की प्रतिमा और गुलदस्ता भेंट किया तथा उन्हें सपरिवार पूजा पंडालों के भ्रमण और महाआरती में शामिल होने का आमंत्रण दिया। पूजा समितियों ने जिला प्रशासन की ओर से तैयारियों के दौरान मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासन के साथ लगातार बैठकें कर पूजा से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का आमंत्रण स्वीकार करते हुए दुर्गापूजा के दौरान विभिन्न पंडालों में जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गापूजा आस्था और परंपरा का पर्व है, लेकिन इसके आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी जुड़ी है। उन्होंने पूजा समितियों और प्रशासन के बीच समन्वय से मूर्ति विसर्जन के लिए वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विसर्जन के बाद तालाबों और जलाशयों में प्रदूषण की समस्या को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण की भी रक्षा हो सके। उन्होंने पूजा पंडालों में नशामुक्ति जागरूकता से संबंधित बैनर और होर्डिंग लगाने की अपील भी की। समितियों ने भरोसा दिया कि पंडालों में नशे के खिलाफ जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सुविधा मिले। पंडालों और प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए। बैठक में रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन समेत प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दिल्ली: किंग्सवे कैंप से राहुल-प्रियंका को रिहा किया गया, हिरासत में थे कांग्रेस के कई नेता

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को किंग्सवे कैंप से रिहा कर दिया गया है। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन से रवाना हो गए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के विरोध-प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उनको किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन ले जाया गया था। इंडिया गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दफ्तर से कुछ मीटर की दूरी पर धरना दिया। राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठे दिखे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग मुख्यालय (जो 300 मीटर दूर है) तक पहुंचने की कोशिश में संस्थान के गेट धकेलकर खोले थे। सूत्रों के अनुसार, आकाशवाणी भवन से एक पीसीआर कॉल की गई, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी जबरदस्ती परिसर में घुस आए। मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “300 सांसदों को यहां रोका गया और उसके बाद उन्होंने हमें यहां बैठा दिया। चुनाव आयोग यहां से 50 गज की दूरी पर है। वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या समस्या है। चुनाव आयोग का काम ठीक से चुनाव कराना है। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं और ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं। इसलिए मुझे नहीं पता कि देश में क्या हो रहा है। अगर प्रतिनिधि मिल नहीं सकते, तो लोकतंत्र का क्या मतलब है?” राहुल गांधी ने कहा, “हमारे देश के साथ जो किया गया है उसे देशद्रोह कहा जाता है और कोई भी बचने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश से लोकतंत्र खत्म कर दिया है। ‘वोट चोरी’ कर देश को हाईजैक कर लिया गया है। इनसे कोई नहीं बचेगा, सब पर कार्रवाई होगी।” मीडिया से बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, “चुनाव आयोग हमारे ठीक बगल में है और लोकसभा में विपक्ष के नेता को चुनाव आयोग जाने नहीं दिया जा रहा है, उन्हें रोक दिया गया।
एसआईआर विवाद: पूर्व सीएम शंकरसिंह वाघेला ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

गांधीनगर। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने मंगलवार को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना की। वहीं, नई दिल्ली में विपक्षी सांसदों ने मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। पुलिस ने नीति आयोग इलाके के पास मार्च को रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई नेताओं और सांसदों को कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया। विपक्ष एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा और वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को फिर से शामिल करने की मांग कर रहा है। इंडिया ब्लॉक ने अपने बड़े ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत 6 अक्टूबर को मार्च निकालने का ऐलान किया था। इस अभियान में देश भर में विरोध प्रदर्शन और 1 नवंबर को नई दिल्ली में एक बड़ी रैली शामिल है। वाघेला ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम किया है और उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए। एसआईआर प्रक्रिया और पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के कामकाज से भाजपा को राजनीतिक फायदा हुआ है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर विचारधारा और राजनीतिक जुड़ाव के बढ़ते असर की भी आलोचना की। विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर टिप्पणी करते हुए वाघेला ने कहा कि अलग-अलग पीढ़ियों के राजनीतिक नेताओं को जन-आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक असहमति और विरोध प्रदर्शन सार्वजनिक जीवन का हिस्सा हैं और उन्हें उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों के मामले में ज़्यादा जांच-पड़ताल और पारदर्शिता की भी मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि रिटायर होने वाले जजों, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों और दूसरे सीनियर सरकारी अधिकारियों के लिए कोई नई सरकारी जिम्मेदारी संभालने से पहले एक ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ (काम से कुछ समय का ब्रेक) होना चाहिए। 86 साल के वाघेला का राजनीतिक करियर लंबा रहा है और वे कई पार्टियों और विचारधाराओं से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत आरएसएस प्रचारक के तौर पर की और बाद में जनसंघ और भाजपा से जुड़े। 1995 में भाजपा से बगावत करने के बाद वे 1996 में कांग्रेस के समर्थन से गुजरात के मुख्यमंत्री बने। बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए, लोकसभा सांसद रहे और यूपीए सरकार में कपड़ा मंत्री का पद संभाला। वाघेला ने 2017 में कांग्रेस छोड़ दी और उसके बाद अलग-अलग राजनीतिक संगठन बनाए और उनमें शामिल हुए। अभी वे कांग्रेस में वापसी को लेकर बातचीत कर रहे हैं और पार्टी नेताओं ने पुष्टि की है कि बातचीत चल रही है।
राहुल गांधी की मुलाकात तय नहीं थी, शाम 4 बजे पुलिस से मिली जानकारी: चुनाव आयोग

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के नाटकीय मार्च और धरने के दिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल या उसके प्रतिनिधि ने आयोग से बैठक के लिए समय नहीं मांगा था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस द्वारा राहुल गांधी को संसद स्ट्रीट स्थित आकाशवाणी भवन में उनके अस्थायी धरने स्थल से रात 8 बजे के आसपास हिरासत में लिए जाने के बावजूद, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी या अन्य सांसदों से आयोग को ज्ञापन सौंपने की उनकी इच्छा के बारे में कोई प्रत्यक्ष सूचना या पूर्व सूचना नहीं मिली थी। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि शाम 4 बजे, दिल्ली पुलिस ने आयोग को सूचित किया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का दल एक ज्ञापन सौंपना चाहता है। चुनाव आयोग ने आगे कहा कि बाद में, पुलिस ने सूचित किया कि 240 सांसद संसद भवन के संलग्नक में आयोग के साथ बैठक करना चाहते हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि हालांकि, चुनाव आयोग ने इस सुझाव को खारिज कर दिया क्योंकि प्रोटोकॉल के अनुसार इस तरह की बैठक निर्वाचन सदन के अलावा किसी अन्य स्थान पर आयोजित करने की अनुमति नहीं थी। चुनाव आयोग के बयान में कहा गया कि आयोग ने सांसदों से ज्ञापन प्राप्त करने के लिए प्रस्तावित बैठक स्थल पर अपने सबसे वरिष्ठ अधिकारी को भेजने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, बयान में कहा गया कि सांसदों ने इस सुझाव को भी अस्वीकार कर दिया। चुनाव आयोग ने दोहराया कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करता है, और अपने प्रोटोकॉल और परंपराओं का भी सम्मान करता है। बयान में कहा गया कि कोई भी राजनीतिक दल किसी भी समय चुनाव आयोग से बैठक का अनुरोध कर सकता है, और आयोग व्यवस्था की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठक का समय निर्धारित कर सकता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। बयान में कहा गया कि भारत के चुनाव आयोग ने 2025 में राजनीतिक दलों के साथ बैठकों के लिए एक प्रक्रिया स्थापित की है। सभी राजनीतिक दलों को इसकी जानकारी दी गई है और वे इस प्रक्रिया का पालन करते हैं। बयान में कहा गया कि जब भी कोई राजनीतिक दल प्रतिनिधिमंडल या कई दलों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है, तो वे अपने विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से समय मांगते हैं। बैठक तब दोनों पक्षों द्वारा आपसी सहमति से तय किए गए समय पर आयोजित की जाती है। इससे पहले, राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं को चुनाव आयोग कार्यालय के पास आकाशवाणी भवन परिसर में नौ घंटे से अधिक समय तक धरने पर बैठने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गाजा में स्थायी युद्धविराम की अपील की

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 7 अक्टूबर 2023 के हमलों की तीसरी बरसी से पहले गाजा में स्थायी युद्धविराम की अपील की है। तीसरी बरसी पर जारी अपने संदेश में गुटेरेस ने कहा कि उन हमलों की भयावहता फिर कभी दोहराई नहीं जानी चाहिए और इसके बाद गाजा में शुरू हुई लड़ाई अब खत्म होनी चाहिए। 7 अक्टूबर 2023 को फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने गाजा से इजरायल पर हमला किया था। इसमें करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा में हमास के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस संघर्ष में कम से कम 74 हजार फिलिस्तीनी मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, “हमलों के बाद शुरू हुई विनाशकारी लड़ाई ने गाजा में फिलिस्तीनियों को बेहिसाब दर्द और तकलीफ दी है। बड़ी संख्या में लोगों की जान गई, लोग विस्थापित हुए और बड़े पैमाने पर तबाही हुई। आम लोग अब भी बेहद मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। उनकी तकलीफ भी अब खत्म होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि पिछले साल हुए युद्धविराम से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अभी तक लोगों को पूरी सुरक्षा, पर्याप्त मानवीय सहायता या हालात सुधारने और शांति कायम करने का भरोसेमंद रास्ता नहीं मिल पाया है। गुटेरेस ने कहा, “मैं सभी पक्षों से अपील करता हूं कि वे अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह लागू करें और युद्धविराम के अगले चरण की ओर बढ़ें। अब युद्धविराम को स्थायी बनाने का समय है। बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता पहुंचने देने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का भी समय आ गया है।” उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में लंबे समय तक कायम रहने वाली शांति के लिए राजनीतिक रास्ता तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र इन लक्ष्यों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। गुटेरेस ने कहा, “यह बरसी सिर्फ एक और साल के दुख और शोक का प्रतीक न बने, बल्कि एक अलग भविष्य बनाने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे। ऐसा भविष्य, जहां इजरायली और फिलिस्तीनी शांति और सुरक्षा के साथ एक-दूसरे के पड़ोसी के रूप में रह सकें और उनके अधिकारों, सम्मान और उम्मीदों को पूरा किया जा सके।” हमास के नेतृत्व में हुए 7 अक्टूबर के हमले में इजरायल में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद इजरायल ने पूरे गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इन सैन्य कार्रवाइयों में 74,200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
उपचुनावः 5 विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए मतदान जारी

नई दिल्ली। दो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की पांच विधानसभा सीटों और असम की एक संसदीय सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु में मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों के अलावा पुडुचेरी में थट्टनचावडी और असम में नागांव लोकसभा सीट पर मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग के एक बयान के मुताबिक, असम की नागांव संसदीय सीट प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण खाली हुई थी। पश्चिम बंगाल में मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के कारण नंदीग्राम विधानसभा सीट पर और आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई रेजीनगर सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने सोमपारा-1 ग्राम पंचायत कार्यालय में अपना वोट डाला। मतदान करने पहुंचे हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह वोटिंग नहीं है। पुलिस गड़बड़ी कर रही है। पुलिस आम वोटरों को खुलेआम परेशान कर रही है। पिछले दो महीनों से वे मुस्लिम वोटरों पर जुल्म कर रहे हैं और उन्होंने 64 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से सभी मुस्लिम हैं। सुवेंदु अधिकारी सबसे ऊंचे संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें हटाया जाना चाहिए।” इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार हसिरानी रथ के लिए पैदल मार्च निकाला। हसिरानी रथ, चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो अधिकारी के पूर्व सहयोगी थे और विधानसभा चुनाव में जीत के कुछ समय बाद ही उनकी हत्या कर दी गई थी। तमिलनाडु में विधानसभा के उपचुनाव मदुरंतकम और धारापुरम, पुडुचेरी के थट्टनचावडी निर्वाचन क्षेत्र में भी मतदान हो रहा है। धारापुरम में 320 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदान के लिए मतदाता लाइन में लगे हुए हैं। उपचुनाव के लिए 3,500 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 2.23 लाख योग्य मतदाता हैं, जबकि 22 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव आयोग ने पहले कहा था कि उसने उपचुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपीएटी का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। बयान में कहा गया है कि पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपीएटी उपलब्ध कराए गए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं कि इन मशीनों की मदद से मतदान सुचारू रूप से हो।