राजनीतिक मकसद से सीबीआई की छापेमारी, भाजपा पंजाब चुनाव की तैयारी कर रही: सीएम मान

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को आरोप लगाया कि हाल ही में सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक मकसद से की गई थी और दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने कई जगहों पर तलाशी ली, जिनमें चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस, घराचों गांव में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन का घर और मोहाली में घुमन के एक करीबी रिश्तेदार का घर शामिल है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और उसके अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स ‘ पर एक पोस्ट में दावा किया कि भाजपा ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और उनके कैंप ऑफिस में सीबीआई की कार्रवाई को उसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के लोगों से उनकी सरकार को मिल रहे समर्थन से भाजपा परेशान है। मान ने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राज्य सरकार और उसके नेतृत्व की छवि खराब करने के मकसद से किया जा रहा है। ये आरोप पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद सामने आए, जिसमें कोर्ट ने सीबीआई को मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन और अन्य लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में केस दर्ज करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। इससे पहले ईडी ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को तीन पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि घुमन और उनके सहयोगी नितिन गोहल और बीर देविंदर भ्रष्टाचार से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे। मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी एजेंसी ने आरोप लगाया कि वे प्रशासनिक तबादलों, पोस्टिंग और सरकारी टेंडरों में दखल दे रहे थे, और एजेंसी ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। जब पंजाब पुलिस ने ईडी की सूचनाओं के आधार पर कोई मामला दर्ज नहीं किया, तो वकील निखिल सराफ ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करके सीबीआई जांच की मांग की। याचिका में सराफ ने तर्क दिया कि ईडी के पत्रों में पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने पंजाब पुलिस और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के प्रभाव से मुक्त, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की। याचिकाकर्ता ने कथित मनी ट्रेल (पैसे के लेनदेन) की जांच और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की भी मांग की। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और जांच एजेंसियों या अदालत ने अभी तक कोई नतीजा नहीं निकाला है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के लिए जनता से योगदान का आह्वान किया

इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को राज्य की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के विजन में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास पथ में मणिपुर की सक्रिय भागीदारी के लिए शांति, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। खेमचंद सिंह इंफाल के याओरंग सबल कम्युनिटी हॉल में आयोजित सेवा संकल्प अभियान में बोल रहे थे। नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक की उनकी 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था और कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री का संदर्भ देश के पूर्व में चौथे स्थान पर पहुंचने से था। 3 मई, 2023 को शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद मणिपुर को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उनका जिक्र करते हुए खेमचंद सिंह ने कहा कि जनता और सरकार दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जातीय हिंसा ने राज्य के जीएसटी राजस्व को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके परिणामस्वरूप 1,200 करोड़ रुपए से अधिक की गिरावट आई है। मुख्यमंत्री ने बंद और नाकाबंदी के कारण दिहाड़ी मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों को होने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक दिन के बंद से लगभग 20-25 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हो सकता है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव आम जनता और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ता है। लोगों और नागरिक समाज संगठनों से अपील करते हुए खेमचंद सिंह ने सभी संबंधित पक्षों से बंद का सहारा न लेने का आग्रह किया और कहा कि इस तरह की बाधाएं आम लोगों की आजीविका और राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। विकसित भारत 2047 के विजन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक एक विकसित राष्ट्र में बदलने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर को भी इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में योगदान देना चाहिए और इससे लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर के विकास के लिए शांति आवश्यक है और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने समुदायों के बीच आपसी समझ, विश्वास और सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया ताकि राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सरकारी अधिकारियों को भी सलाह दी कि वे जनता के कल्याण के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के दायरे में सभी आवश्यक उपाय करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाएं और सेवाएं लक्षित लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्थापित 30 से अधिक सेवा स्टॉल और काउंटर खोले गए, जिससे लोगों को सरकारी सेवाओं, सूचनाओं और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच प्राप्त हुई। कार्यक्रम में पटसोई विधानसभा क्षेत्र के विधायक सपाम कुंजकेश्वर (केबा) सिंह, उपायुक्त (इम्फाल पश्चिम) मयांगलांबम राजकुमार सिंह, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्थानीय प्रतिनिधि और निर्वाचन क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

देशव्यापी आंदोलन को ‘आप’ का समर्थन, केजरीवाल बोले- ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर में वोट चोरी के आरोपों को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है। गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे केजरीवाल ने मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरा देश एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है और अब उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में चुनावों के दौरान एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के माध्यम से वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए। उनके मुताबिक, इसी प्रक्रिया के जरिए चुनावों को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर विषय है और इससे देश की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी देश में वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठ रही है, उससे स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में लोग इस मुद्दे को लेकर एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे महत्वपूर्ण होता है और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतंत्र की बुनियाद को प्रभावित कर सकती है। केजरीवाल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में मोदी सरकार ने एसआईआर के जरिए मतदाता सूची में बदलाव कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि असली मतदाताओं के वोट काटना और फर्जी वोट जोड़ना लोकतंत्र के खिलाफ है। देश में पिछले कुछ वर्षों से लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। केजरीवाल के मुताबिक, यदि मतदाताओं के अधिकारों और वोट की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े होने लगें तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों ने लोकतंत्र का मजाक बना दिया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को समर्थन देने की बात कह रही है। केजरीवाल ने दोहराया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

उत्तराखंड में भूकंप से दहशत, दिल्ली-एनसीआर में भी हिली धरती

देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार रात भूकंप के झटकों से दहशत फैल गई। सबसे ज्यादा असर चमोली जिले में रहा, जहां रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई। झटके इतने तेज थे कि पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल समेत कई जिलों में लोगों ने इसे महसूस किया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप रात 10 बजकर 23 मिनट 13 सेकंड पर आया। इसका केंद्र अक्षांश 30.103 और देशांतर 79.561 पर था, जो जोशीमठ से लगभग 50 किलोमीटर दक्षिण में चमोली जिले में स्थित है। भूकंप की गहराई जमीन से 13 किलोमीटर नीचे थी। पौड़ी गढ़वाल में भूकंप के झटके रात 10 बजकर 26 मिनट पर महसूस किए गए। यहां अनुमानित तीव्रता 4.4 बताई जा रही है। जनपद के कोटद्वार सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटका महसूस होते ही लोग घरों से निकल आए और कुछ देर तक खुले में रहे। उधम सिंह नगर जिले में रात 10 बजकर 24 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं कुमाऊं के नैनीताल जिले में भी 10:23 बजे धरती हिली। हरिद्वार जिले में भी लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी है। लगातार अलग-अलग जिलों से भूकंप की सूचनाएं सामने आईं। अभी तक किसी भी जिले से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। प्रशासन ने सभी तहसीलों से नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और भूकंप के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों का पालन करें। उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से जोन-4 और जोन-5 में आता है, जो अतिसंवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। चमोली और जोशीमठ क्षेत्र पहले से ही भू-धंसाव को लेकर संवेदनशील रहा है। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में कई बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार 13 किलोमीटर की गहराई पर आया यह भूकंप मध्यम श्रेणी का है, जिसके कारण इसका असर बड़े क्षेत्रों में महसूस किया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी भूकंप के झटके महसूस करने के बाद लोग घरों से निकल आए। भूकंप करीब 10: 25 बजे आया।

जम्मू में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च का ऐलान, सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक करेगी रैली

जम्मू। इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नारे के साथ शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च बुधवार को गिरधारी लाल डोगरा चौक से अंबेडकर चौक तक आयोजित किया जाएगा। मार्च में नेता लोगों से चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध में शामिल होने की अपील करेंगे। इस संबंध में कांग्रेस नेता ने कहा, “आज गठबंधन की जम्मू ग्रामीण और शहरी लीडरशिप एक साथ बैठी और यह फैसला किया कि बुधवार को सभी वरिष्ठ नेता, कांग्रेस और लाइक माइंडेड पार्टियों के कार्यकर्ताओं के साथ एक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। यह मार्च बुधवार को गुरुद्वारा चौक से लेकर बाबा भीमराव अंबेडकर चौक तक जाएगा। जिस तरह से वोट के अधिकार की चोरी की जा रही है, उसके खिलाफ हम भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करेंगे और देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे।” उन्होंने कहा कि आरजेडी, कांग्रेस और गठबंधन से जुड़े सहयोगी दलों ने एक सप्ताह का कार्यक्रम तय किया था, जो 2 से 8 अक्टूबर तक चलना था। उसी क्रम में एक कार्यक्रम यह भी था किगठबंधन के सभी सांसद राष्ट्रपति भवन की ओर कूच करेंगे। अगर उन्हें इस दौरान गिरफ्तार किया गया, तो यह बेहद गलत है। ऐसा लगता है जैसे यहां लोकतंत्र नाम की कोई चीज ही नहीं बची है। यहां तानाशाही चल रही है। लेकिन हम फिर भी डरने वाले नहीं हैं, चाहे जितने केस दर्ज कर लें, चाहे जेल में डाल दें, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज नहीं होता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। एक अन्य नेता ने कहा, “आज इंडिया ब्लॉक की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी भी साथ हैं। हमारा सिर्फ एक मुद्दा है कि आज देश में वोट को लेकर आम आदमी का विश्वास खत्म होता जा रहा है, इसके लिए भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है। अगर वोट से ही विश्वास उठ जाएगा तो बताइए लोकतंत्र कहां बचेगा? अगर लोकतंत्र है तभी तो पार्टियां हैं, अगर लोकतंत्र ही नहीं रहेगा तो राजनीतिक पार्टियों का क्या मतलब।” कांग्रेस नेता ने कहा कि इसलिए आज हम सब एकजुट हुए हैं। ज्ञानेश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी के कहने पर जो वोट की चोरी की है, उसके खिलाफ हम एकजुट होकर बुधवार सुबह 11 बजे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें सभी राजनीतिक दल शामिल होंगे। मैं सभी समान विचारधारा वाले लोगों से अपील करूंगा कि कल 11 बजे एकजुट हों और एक साथ आगे बढ़ें, ताकि इस विरोध प्रदर्शन के जरिए देश-दुनिया को पता चल सके कि बीजेपी ने जो वोट की चोरी की है, उसका उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा। हम देश बचाने निकले हैं, हमारा साथ दो।

जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20-वनडे सीरीज के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान, मंधाना संभालेंगी कमान

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। इसमें स्मृति मंधाना पहली बार महिला टीम की फुल-टाइम कप्तान के तौर पर टीम की कमान संभालेंगी। हरमनप्रीत कौर के सभी फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने के बाद, बीसीसीआई ने मंगलवार को ही मंधाना को कप्तान बनाने का ऐलान किया। मंधाना पहले भी 18 टी20 और 4 वनडे मुकाबलों में भारत की कमान संभाल चुकी हैं, लेकिन अब जिम्बाब्वे सीरीज से अपना फुल-टाइम कार्यकाल शुरू करेंगी। बाएं हाथ की ओपनर 2013 से राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रही हैं और उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 2024 और 2026 में विमेंस प्रीमियर लीग का खिताब जिताया है। ओपनर शेफाली वर्मा को तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए उप-कप्तान बनाया गया है, जबकि ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा वनडे फॉर्मेट में मंधाना की डिप्टी होंगी। हरमनप्रीत दोनों टीमों का हिस्सा बनी रहेंगी। टी20 टीम में निक्की प्रसाद और जिंतिमानि कलिता को पहली बार मौका मिला है, जबकि अनुष्का शर्मा, मिन्नू मणि और प्रेमा रावत की टीम में वापसी हुई है। निक्की भारत-ए टीम का हिस्सा रही हैं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है, वहीं जिंतिमानि भी भारत-ए के लिए खेल चुकी हैं। दोनों उस भारत-ए टीम का हिस्सा थीं जिसने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड-ए का सामना किया था। लेग-स्पिनर प्रेमा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और इस साल की शुरुआत में चोट के कारण श्रेयंका पाटिल के बाहर होने के बाद उन्हें टी20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया था। एशियन गेम्स 2026 में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम की तुलना में इसमें पांच बदलाव किए गए हैं। निकी, अनुष्का, जिंतिमानि, प्रेमा और मिन्नू को टीम में शामिल किया गया है, जबकि भारती फुलमाली, प्रतिका रावल, रेणुका ठाकुर, राधा यादव और श्रेयांका पाटिल को बाहर किया गया है। वनडे सीरीज के लिए तेजल हसबनीस और सायली सतघरे को वापस बुलाया गया है। ये दोनों खिलाड़ी उस भारतीय टीम का हिस्सा थीं, जिसने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड का दौरा किया था। हसबनीस ने इंग्लैंड-ए के खिलाफ एक वनडे मैच में नाबाद 57 रन बनाए थे। भारत-जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच रायपुर में 16, 18 और 20 अक्टूबर को तीन टी20 मैच खेले जाएंगे, जिसके बाद वडोदरा में 23, 25 और 28 अक्टूबर को तीन वनडे मैच खेले जाने हैं। भारत की टी20 टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा (उपकप्तान), निकी प्रसाद, हरमनप्रीत कौर, अनुष्का शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कामलिनी (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिंतिमानि कलिता, मिन्नू मणि। भारत की वनडे टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल, तेजल हसबनीस, दीप्ति शर्मा (उपकप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), वैष्णवी शर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, क्रांति गौड़, सायली सतघरे, रेणुका ठाकुर।

वाजिद खान: जिनकी धुनों ने बॉलीवुड को दिए कई यादगार गीत, सलमान की फिल्म से मिली थी पहचान

मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर म्यूजिक कंपोजर, म्यूजिक डायरेक्टर और सिंगर वाजिद खान उन चुनिंदा कलाकारों में से एक थे, जिनके गाने न सिर्फ समाज के हर वर्ग में पसंद किए जाते हैं, बल्कि वे सदाबहार बन गए। वाजिद खान का जन्म 7 अक्टूबर 1977 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक ऐसे कला प्रेमी परिवार में हुआ था, जहां उनके पिता उस्ताद शराफत अली खान एक प्रसिद्ध तबला वादक थे। उनके मामा उस्ताद फैज अहमद खान एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे। परिवार में शुरू से ही संगीतनुमा माहौल होने के कारण वाजिद को शुरू से ही गायकी में रुचि होने के साथ गहरी समझ थी। उन्हें गिटार बजाना काफी पसंद था। उनके बड़े भाई का नाम साजिद खान हैं। वाजिद मशहूर संगीतकार जोड़ी ‘साजिद-वाजिद’ में से एक थे। दोनों भाईयों ने मिलकर बॉलीवुड में संगीत निर्देशक जोड़ी ‘साजिद-वाजिद’ के रूप में काम किया। वाजिद खान ने बतौर संगीतकार अपने करियर की शुरुआत 1988 में सलमान खान की फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ से की। इसके बाद ‘साजिद-वाजिद’ की जोड़ी ने बॉलीवुड के कई सुपरहिट फिल्मों में गाने दिए। उन्होंने ‘दबंग’, ‘पार्टनर’, ‘वीर’ और ‘एक था टाइगर’ जैसी कई फिल्मों में बेहतरीन संगीत दिया। उन्होंने ‘तेरे नाम’, ‘मुझसे शादी करोगी’ और ‘वांटेड’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में बेहतरीन संगीत दिया। वाजिद खान एक बेहतरीन म्यूजिक कंपोजर होने के साथ-साथ लाजवाब प्लेबैक सिंगर भी थे। उन्होंने कई हिट फिल्मों में अपनी दमदार आवाज में लोकप्रिय गाने गाए, जिनमें ‘हुड हुड दबंग’, ‘मेरा ही जलवा’, ‘सोनी दे नखरे’, ‘फेविकोल से’, ‘तुझे अक्सा बीच घुमा दूं’, ‘पांडे जी सीटी’, ‘हमका पीनी है’, आदि शामिल हैं। वाजिद खान ने 2003 में कमलरुख खान से शादी की थी। इस जोड़े की दो बेटियां हैं। 1 जून 2020 को मुंबई के एक अस्पताल में 42 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था, हालांकि कला के क्षेत्र में अपने योगदान और सदाबहार गानों के लिए वे सदा याद किए जाएंगे।

जांच आगे बढ़ेगी तो पंजाब के कथित भ्रष्टाचार का पता चलेगा: दलजीत सिंह चीमा

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े परिसरों में सीबीआई की कार्रवाई को लेकर शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई से पंजाब में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं और जांच आगे बढ़ने पर पूरा मामला और बड़ा हो सकता है। दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सीबीआई की रेड ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मई में हुई ईडी की कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर सिंह के एक दोस्त के घर से बड़ी रकम बरामद होने और पैसे से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया। चीमा ने कहा कि उस समय भी भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठे थे। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के बंगलों में ईडी की कार्रवाई को लेकर भी कई बातें सामने आईं। उनका आरोप है कि दिल्ली के नेताओं की मौजूदगी और कथित समानांतर व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। ईडी की ओर से तीन बार एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखे जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। हाई कोर्ट ने भी सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा था। चीमा ने कहा कि जब जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद कार्रवाई शुरू हुई तो उसके परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब से जुड़ा यह मामला आगे चलकर दिल्ली में सामने आए कथित घोटालों से भी बड़ा हो सकता है। दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कथित भ्रष्टाचार केवल किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों की पोस्टिंग, नीतियों में बदलाव, हथियारों के लाइसेंस और टेंडर की शर्तों में बदलाव जैसे मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी नीति में बदलाव करवाना हो, किसी अधिकारी की पोस्टिंग करवानी हो या किसी टेंडर की शर्त बदलवानी हो, तो कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘कट्टर ईमानदार’ होने के दावों पर भी निशाना साधा। चीमा ने कहा कि एक तरफ सरकार ईमानदारी का दावा करती है, जबकि दूसरी तरफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई में गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। सीबीआई की कार्रवाई को पंजाब के खिलाफ कार्रवाई बताए जाने के आरोपों पर चीमा ने कहा कि भ्रष्टाचार की जांच को पंजाब के खिलाफ हमला नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि जब सरकार से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा जा रहा था, तब उसने कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जांच की मांग पहले से की जा रही थी तो अब कार्रवाई होने पर इसे संविधान या पंजाब के खिलाफ हमला क्यों बताया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि पंजाब के साथ कथित तौर पर किस तरह का नुकसान हुआ। चीमा ने आम आदमी पार्टी के उन नेताओं का भी जिक्र किया, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई हुई थी। उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जेल में थे, तब भी आम आदमी पार्टी उन्हें देशभक्त बताती रही। चीमा ने तंज कसते हुए कहा कि जेल से बाहर आने के बाद भी उन्हें पंजाब में लाकर महत्वपूर्ण भूमिका दी गई। पार्टी का यह दावा कि उसके नेता देश के लिए काम करने आए हैं, उसके नेताओं की कथित गतिविधियों के बावजूद लगातार दोहराया जाता रहा है। सीबीआई की कार्रवाई के समय को चुनाव से जोड़ने पर चीमा ने कहा कि ऐसी कार्रवाई बहुत पहले होनी चाहिए थी। अगर जांच पहले शुरू होती तो पंजाब को कथित तौर पर हुए नुकसान को कम किया जा सकता था। लेकिन, देर से हुई कार्रवाई को भी सही दिशा में कदम माना जाना चाहिए। सरकार के आखिरी छह महीने भ्रष्टाचार करने की कोई छूट नहीं देते और अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो चुनाव से पहले या बाद में उसकी जांच होनी चाहिए। जांच आगे बढ़ने पर ही स्पष्ट होगा कि पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर क्या है और पंजाब में कथित भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी किसकी बनती है।

चुनाव आयोग के मुद्दे पर भाजपा का विपक्ष पर हमला, संदीप वर्मा बोले- नौटंकी से कोई फायदा नहीं

रांची। भाजपा प्रवक्ता संदीप वर्मा ने विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च, विरोध प्रदर्शनों को लेकर समर्थन, पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़ी टिप्पणियों और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से सरकार को गैरकानूनी बताए जाने वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने का आरोप लगाया। विपक्षी सांसदों के मार्च पर संदीप वर्मा ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह की कथित नौटंकी से कोई फायदा नहीं होने वाला है। आयोग अपना काम कर रहा है और उसे अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के आपातकाल के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर सत्ता और शासन-प्रशासन के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। उस समय संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए आपातकाल लगाया गया था। वर्मा ने कहा कि जिन लोगों को संविधान पर भरोसा नहीं रहा, वही आज संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का बहाना ढूंढते हैं। चुनाव आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, उसमें अनावश्यक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। सीजेपी की ओर से चुनावों के बहिष्कार के आह्वान को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा प्रवक्ता ने संबंधित संगठन को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर कोई खुद को राजनीतिक दल मानता है तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सामने आकर चुनाव लड़ना चाहिए। चुनाव मैदान में उतरने पर उसे अपनी राजनीतिक हैसियत का पता चल जाएगा। भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाती है। जहां पार्टी सत्ता में होती है, वहां जनता की चिंता करती है और जहां विपक्ष में होती है, वहां लोगों के सवालों को उठाने का काम करती है। संदीप वर्मा ने विपक्ष के आंदोलनों और उनके कथित विदेशी संपर्कों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए खाने-पीने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं तो फंडिंग के स्रोत की भी जानकारी सामने आनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश दौरों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विदेश के मंचों पर भारत की नीतियों और विदेश नीति की आलोचना करना उचित नहीं है। भाजपा का विरोध करते-करते विपक्ष को राष्ट्र के विरोध और सरकार के विरोध के बीच अंतर समझना चाहिए। चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और इसमें भाजपा या केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का सवाल नहीं है। यदि किसी प्रक्रिया में कोई समस्या है तो सुप्रीम कोर्ट उसका अवलोकन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अदालत उचित निर्देश जारी कर सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति को लेकर भी विपक्ष से प्रमाण सामने रखने को कहा। कांग्रेस के शासनकाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बाद में संसद और केंद्रीय मंत्रिमंडल तक में जगह दी थी। ऐसे राजनीतिक दलों द्वारा आज चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना हास्यास्पद है। पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की चर्चा पर संदीप वर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता पूरे देश की जरूरत है और इस दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह शरीयत के कानून की बात करती है। वर्मा ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी अपनी जिंदगी अपने अधिकारों के अनुसार जीने का पूरा अधिकार होना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनावों और सरकारों को गैरकानूनी बताए जाने वाले बयान पर संदीप वर्मा ने कांग्रेस से सवाल किया कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें हैं, वहां उसे इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव में जाना चाहिए। उन्होंने कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश और झारखंड का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया ही गैरकानूनी है तो कांग्रेस को पहले अपनी सरकारों को भंग करना चाहिए और फिर जनता के बीच जाना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जहां कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां उसे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं दिखता, लेकिन जहां उसे हार का सामना करना पड़ता है, वहां चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का देश के कई राज्यों में लंबे समय से जनाधार कमजोर हुआ है। उन्होंने कांग्रेस नसीहत देते हुए रहा कि पार्टी को चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। जनता के बीच समर्थन कम होने की वजह तलाशने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से कांग्रेस की स्थिति नहीं बदलेगी। आने वाले समय में कांग्रेस को अपने घटते जनाधार की स्थिति का और स्पष्ट अंदाजा हो जाएगा।

बिहार: एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले बॉबी कुमार को सीएम सम्राट चौधरी ने किया सम्मानित

पटना। एशियन गेम्स 2026 में सेपकटकरा की मेंस क्वाड्रेंट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बिहार और देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी बॉबी कुमार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सम्मानित किया। पटना स्थित लोकसेवक आवास में मुख्यमंत्री ने बॉबी कुमार का स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने बॉबी कुमार को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ी के समर्पण, मेहनत और शानदार प्रदर्शन की सराहना की। सीएम ने कहा कि बॉबी कुमार ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर बिहार के साथ-साथ पूरे देश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि राज्य की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी बॉबी कुमार को शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा कि एशियन गेम्स 2026 में सेपकटकरा की मेंस क्वाड्रेंट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाले बिहार के लाल बॉबी कुमार का लोकसेवक आवास में हार्दिक स्वागत-अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बॉबी कुमार ने बिहार के साथ-साथ पूरे देश का मान बढ़ाया है और उनकी उपलब्धि पर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। बॉबी कुमार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि बिहार में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य के खिलाड़ी के पदक जीतने से सेपकटकरा जैसे खेलों को भी पहचान मिलती है और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है। बॉबी कुमार की उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके खेल जीवन में आगे भी सफलता की कामना की । कांस्य पदक जीतने वाले इस खिलाड़ी के सम्मान से बिहार की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।इससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।