राम मंदिर चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिएः स्वामी वैष्णवी जगदंबा नंदगिरी

नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा विवाद पर किन्नर अखाड़ा और जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. वैष्णवी जगदंबा नंदगिरी ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी कोई भी हो, उसे सजा मिलनी चाहिए। स्वामी डॉ. वैष्णवी जगदंबा नंदगिरी ने आईएएनए से बातचीत में कहा, “चाहे हमारे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति हो, जो भी इस मामले में दखल दे, उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके स्तर पर निष्पक्ष और बिना भेदभाव के जांच हो।” डॉ. वैष्णवी जगदंबा नंदगिरी ने आगे कहा, “जब भी कहीं कोई गलत काम होता है, तो लोगों को दुख तो होता ही है। लेकिन जब निष्पक्ष जांच होती है, तो घटना के पीछे की असली वजह सामने आती है। वजह सबके सामने आनी चाहिए और जिसने भी गलत काम किया है, उसकी पहचान करके उसे सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह कोई भी हो।” नंदगिरी ने कहा, “यह बहुत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। सब जानते हैं कि श्री राम मंदिर के निर्माण में कितने सालों तक संघर्ष, मेहनत और लगन लगी। इतने लंबे समय के बाद, भगवान राम को आखिरकार उनकी सही जगह पर स्थापित किया गया। यह करोड़ों भक्तों के लिए आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है।” किन्नर अखाड़ा और जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर ने कहा, “यह प्रशासन का मामला है और वे वैसा ही करेंगे, जैसा उन्हें सही लगेगा। हम इसमें दखल नहीं दे सकते। हालांकि, भारत के एक नागरिक और किन्नर अखाड़ा व जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर और संत समाज की सदस्य होने के नाते, मैं यही कहूंगी कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किए जाने के बाद तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मोहर्रम अवकाश के चलते सभी आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। तीन दिन बाद आरोपियों को फिर अदालत में पेश किया जाएगा। गुरुवार को अयोध्या कोतवाली में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मुकदमे में मंदिर व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मचारी अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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