सबसे पहले ममता ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठाई थी आवाज, आज पूरा विपक्ष साथ है: कुणाल घोष

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता कुणाल घोष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद और उनके खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को श्रीरामपुर में होने वाली रैली से इस मुद्दे पर पार्टी और विपक्षी दलों की आगे की रणनीति को लेकर संदेश देंगी। कुणाल घोष ने कहा कि श्रीरामपुर की रैली में ममता बनर्जी विस्तार से बताएंगी कि ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों का पश्चिम बंगाल पर क्या असर हो सकता है और राज्य में इस मुद्दे को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर भी वरिष्ठ नेताओं को एकजुट कर इस आंदोलन को आगे बढ़ाने की दिशा ममता बनर्जी तय करेंगी। घोष ने दावा किया कि पहले सरकार की ओर से ममता बनर्जी की श्रीरामपुर रैली की अनुमति देने से इनकार किया गया था। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बाद रैली आयोजित की जा रही है। बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। ममता बनर्जी मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति, बंगाल और देश में आगे की स्थिति तथा गैर-भाजपा, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों की भूमिका को लेकर दिशा देंगी। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध अब कई राजनीतिक दलों और लोगों के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है। ममता बनर्जी ने इस विषय पर सबसे पहले आवाज उठाई थी और बाद में दूसरे राज्यों में भी चुनाव हुए। बनर्जी ने बंगाल की धरती से जिस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए थे, आज उसी को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई दल विरोध में शामिल हैं। घोष ने दावा किया कि आम लोग और जेनजी युवा भी लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में शामिल हो रहे हैं। कुणाल घोष ने भाजपा के चुनावी खर्च को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से सबसे अधिक खर्च किया गया और इसका संबंध पार्टी के चुनावी आत्मविश्वास से है।

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