एशियन गेम्स 2026 में दमदार प्रदर्शन करके स्वदेश लौटे भारतीय शूटर्स, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय शूटर्स शुक्रवार को स्वदेश लौटे। एयरपोर्ट पर शूटर्स का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत हुआ। इस मौके पर कई शूटर्स के परिवार के लोग भी पहुंचे। भारतीय शूटर राइजा ढिल्लों ने ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए कहा, “हमारी पूरी शूटिंग टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। सभी ने मेडल जीता है और यहां तक पहुंचने के लिए हम सभी ने बहुत कड़ी मेहनत की है, इसलिए हमें बहुत गर्व है। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और हमारे सभी स्पॉन्सर्स का भी धन्यवाद, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुंचने में मदद की।उनका बहुत-बहुत धन्यवाद।” पुरुष टीम और मिक्स्ड टीम के साथ कुल दो मेडल जीतने वाले भारतीय शूटर अनंतजीत सिंह नरुका ने कहा, “दो मेडल जीतने की खुशी ही कुछ अलग होती है। पिछली बार भी जब मैं एशियन गेम्स में हिस्सा लेने गया था, तो मैंने दो मेडल जीते थे और इस बार भी मैंने दो मेडल जीते हैं।” भारतीय शूटर भवतेघ सिंह गिल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह बहुत खुशी की बात है कि हम देश के लिए मेडल लेकर आ रहे हैं, यह सभी के लिए गर्व का पल है। मुझे बहुत खुशी है कि हमने एशियन गेम्स में भारत के लिए इतनी बड़ी कामयाबी हासिल की। ​​कुल मिलाकर यह एक शानदार अनुभव था। एशियन गेम्स का आयोजन और हमारी टीम का प्रदर्शन – इन सभी चीजों ने इस अनुभव को बेहतरीन बना दिया। इसकी कोई तुलना नहीं है।” अनंतजीत और परिनाज की जोड़ी ने स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, इसी स्पर्धा में भारत की पुरुष और महिला टीम भी ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रही। भवतेघ सिंह गिल, अनंतजीत सिंह और मैराज अहमद खान की तिकड़ी ने देश को ब्रॉन्ज दिलाया, जबकि परिनाज राइजा और माहेश्वर ने 331 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाया। भारत ने एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग का अपना पहला पदक महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में हासिल किया, जहां इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्शा विनोद की तिकड़ी ने सिल्वर मेडल जीता। इसके अलावा इलावेनिल ने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम प्रतियोगिता में हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल ने भारत को एक और सिल्वर मेडल दिलाया। बाद में व्यक्तिगत स्पर्धा में भी भारतीय निशानेबाजों का दमदार प्रदर्शन जारी रहा, जहां हिमांशु ने सिल्वर और रुद्राक्ष ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश की पदक संख्या में इजाफा किया।

तलाक पीड़ित बेसहारा महिलाओं को वक्फ बोर्ड देगा घर, अगले महीने लाएंगे प्रस्ताव : शादाब शम्स

नई दिल्ली। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने तीन तलाक और हलाला पीड़ित बेघर और बेसहारा महिलाओं को सहारा देने के लिए एक बड़ी पहल का ऐलान किया। वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने कहा कि बोर्ड के पास मौजूद लैंड बैंक और संपत्तियों का इस्तेमाल अब उनके असली हकदारों, यतीमों, मिस्कीनों और विधवाओं के लिए किया जाएगा। शादाब शम्स ने कहा, “वक्फ प्रॉपर्टीज का एक लैंड बैंक है। हम केयरटेकर हैं, और हमारे पास कई घर और संपत्तियां हैं। हम सरकार के साथ बैठकर बात करेंगे कि हम उन्हें बेहतर तरीके से कैसे सौंप सकते हैं। मुझे उम्मीद है क्योंकि मैंने हमारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की, और उन्होंने बहुत सकारात्मक जवाब दिया। जब से वक्फ संशोधन एक्ट आया है, तब से बेसहारा महिलाओं में उम्मीद जगी है और अब गरीबों को उनका हक मिलेगा। उसी लाइन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड की धामी सरकार एक फैसला लेने जा रही है।” उन्होंने कहा कि अगले महीने की मीटिंग में हम एक प्रस्ताव रख रहे हैं कि जो महिलाएं तीन तलाक या हलाला पीड़ित हैं और बेघर या बेसहारा हैं, उन्हें वक्फ बोर्ड सहारा देगा। वक्फ बोर्ड उन्हें रहने की जगह देगा ताकि वे बिना किसी मकसद के न भटकें। उत्तराखंड की धामी सरकार यूसीसी लेकर आई है और उसी की ग्राउंडिंग में हम यह कोशिश कर रहे हैं कि बेटियों को उनके हक दिए जा सकें। जो बेसहारा हैं, वक्फ तो उन्हीं के लिए था। वक्फ सदके, जकात, और खैरात का पैसा है। यह यतीमों, मिस्कीनों, बेवाओं और बेसहाराओं का हक था, लेकिन इसके ऊपर कुछ राजनीतिक दलों के नेता और उनके कार्यकर्ता बैठ गए और वक्फ का जो असली मकसद था, वह खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश उस मकसद को जमीन पर उतारने की है, उन बेटियों को उनके अधिकार दिलाने की है और फिर उन्हें सशक्त बनाकर रोजगार से जोड़ने की है, ताकि वे बेटियां आत्मनिर्भर होकर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकें और किसी के सामने झुकना न पड़े। जिस तरह उत्तराखंड में हलाला के दो-तीन मामले सामने आए हैं, उनमें देखने को मिला कि बेटी को मजबूर किया गया और उससे कहा गया कि “तुम कहां जाओगी, तुम्हारे भाई तुम्हें नहीं रखेंगे, और पति ने तलाक देकर घर से निकाल दिया है तो अब तुम कहां जाओगी?” ऐसे में वह कहीं न कहीं इसी दबाव में रहती हैं कि “मैं कहां जाऊंगी।

जिओ पॉलिटिक्स तनाव के दौर में भी ग्लोबल साउथ की आवाज अहम रहेगी: जयशंकर

न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के दौरान कहा कि भू-राजनीतिक विखंडन, संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक अनिश्चितता और तकनीकी बदलाव के इस दौर में भी ग्लोबल साउथ की आवाज दुनिया के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी। जयशंकर ने ‘रप्चर्स एंड रैम्पार्ट्स: बिल्डिंग ब्रिजेज फॉर अ चेंजिंग वर्ल्ड’ विषय पर आयोजित चर्चा में हिस्सा लिया। इस चर्चा में जमैका, घाना और सूरीनाम के विदेश मंत्रियों के साथ ईस्ट-वेस्ट सेंटर की अध्यक्ष सेलेस्टे कॉनर्स भी शामिल हुईं। बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति जताई कि संयुक्त राष्ट्र आज भी अपरिहार्य संस्था है, लेकिन इसमें ऐसे सुधार जरूरी हैं जो ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं और वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करें। उन्होंने कहा कि दुनिया अब दो ध्रुवों या सीमित विकल्पों से परिभाषित नहीं होगी। देश अपने हितों, मूल्यों और आपसी भरोसे के आधार पर निर्णय लेते रहेंगे। जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा के साथ आईबीएसए (आईबीएसए) विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया। संयुक्त बयान में तीनों देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की प्रतिबद्धता दोहराई। तीनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में व्यापक सुधार की मांग करते हुए कहा कि इसे अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधिक, वैध और समकालीन वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। संयुक्त बयान में ग्लोबल साउथ पर संघर्षों के प्रभाव, विशेषकर ऊर्जा और खाद्य असुरक्षा, महंगाई तथा वित्तीय दबावों पर चिंता जताई गई। आईबीएसए देशों ने संतुलित, निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार व्यवस्था का समर्थन किया। साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने तथा सामाजिक-आर्थिक बाधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धता दोहराई। जलवायु परिवर्तन पर तीनों देशों ने ग्लोबल साउथ में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना बढ़ाने, ऊर्जा दक्षता में सुधार और जैव ईंधन, बायोगैस तथा कम उत्सर्जन वाले हाइड्रोजन जैसे टिकाऊ ईंधनों के विस्तार का समर्थन किया। बैठक में डिजिटल अवसंरचना, सार्वभौमिक और सार्थक कनेक्टिविटी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जरिए आर्थिक विकास और सतत विकास की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।

दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश: एआई मॉर्फ तस्वीरें 24 घंटे में हटाए मेटा, पीड़िता को पुलिस सुरक्षा

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कथित तौर पर एआई के जरिए मॉर्फ की गई तस्वीरों के प्रसार से जुड़े मामले में बड़ा आदेश देते हुए मेटा को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों से सभी आपत्तिजनक तस्वीरें और संबंधित वेबलिंक 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता महिला को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया। साथ ही दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। हाई कोर्ट ने इस मामले में सीजेपी से जुड़े अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को भी नोटिस जारी किया है। याचिका में पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी तस्वीर को एआई तकनीक की मदद से एडिट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मॉर्फ किया गया और उसे सोशल मीडिया तथा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया। महिला ने अदालत से इन तस्वीरों और उनसे जुड़े सभी वेबलिंक हटाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इसके बावजूद कथित आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिन्हें हटाने की मांग को लेकर महिला ने हाई कोर्ट का रुख किया। इससे पहले नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने उसे धमकाया, उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की और उसकी तस्वीर का एआई के जरिए गलत इस्तेमाल किया। एफआईआर में अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं। महिला ने यह भी मांग की है कि तस्वीर बनाने, उसे प्रदर्शन में इस्तेमाल करने, वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच की जाए।

छत्तीसगढ़ : बालोद में भीषण सड़क हादसे में 6 की मौत, सीएम विष्णुदेव साय ने जताया शोक

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के मरकाटोला घाट में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई जबकि सात लोग घायल हो गए। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी और घायलों के इलाज के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं। कवर्धा से जगदलपुर जा रही एक गाड़ी खराब होने के कारण सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे गेहूं लदे 16 पहिया ट्रक ने वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक, कवर्धा से जगदलपुर जा रही गाड़ी में कई यात्री सवार थे। हालांकि, मरकाटोला घाट में गाड़ी अचानक खराब हो गई। गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया और दो लोग मैकेनिक की तलाश में धमतरी चले गए। बताया गया कि खड़ी गाड़ी में 13 यात्री मौजूद थे। इस दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रहे गेहूं से लदे ट्रक ने पीछे से खड़ी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक खड़ी गाड़ी को घसीटते हुए कुछ दूर तक आगे ले गया। इस घटना के बाद गाड़ी में सवार लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर यह हुआ क्या। हालांकि, हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल धमतरी भेजा गया। इलाज के दौरान चार अन्य घायलों ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई। फिलहाल सात घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। घटना को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि बालोद जिले के मरकाटोला घाट में हुई भीषण सड़क दुर्घटना में छह लोगों के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। इस हृदयविदारक घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। घायलों के समुचित उपचार के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। दुःख की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि कांकेर-बालोद एवं धमतरी जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 स्थित मरकाटोला घाट पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में कवर्धा के लोगों के निधन की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। हादसे में घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए अस्पताल रेफर किया गया है। मैंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

मक्का समझौते की जिम्मेदारियों से बचने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रहा पाकिस्तान: तालिबान

काबुल। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह अपनी आंतरिक समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने और मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रहा है। कंधार के एक धार्मिक मदरसे में बोलते हुए मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं तथा देश के भीतर हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस्लामाबाद अफगानिस्तान पर हमले कर रहा है। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त को मक्का में एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य हमलों के खिलाफ सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना था। समझौते के तहत किसी एक हस्ताक्षरकर्ता देश पर सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। मुजाहिद ने कहा, ”अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हालिया हमलों का उद्देश्य सऊदी अरब के साथ हुए मक्का समझौते से बचना और यह दिखाना है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में युद्ध लड़ रहा है।” अफगान मीडिया संस्थान एरियाना न्यूज के मुताबिक, मुजाहिद ने आगे कहा, ”पाकिस्तान अपने पड़ोसी इस्लामिक देश की सीमा का उल्लंघन करके अपनी नाकामियों से ध्यान हटाना चाहता है।” मुजाहिद ने पाकिस्तान के राजनीतिक हालात की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि वहां राजनीतिक गतिविधियों के लिए जगह कम हुई है और कानून के तहत मिली स्वतंत्रता भी लोगों को नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी खराब हुई है। मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ संघर्ष के जरिए अपनी जनता का ध्यान इन परेशानियों से हटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर अपनी कथित ‘गलत स्थिति’ के कारण अपने ही लोगों को खतरे में डालने का आरोप भी लगाया। मुजाहिद ने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान पाकिस्तानी सैन्य शासन की कथित ‘धमकी और दबाव’ का उचित जवाब देगा। उनका यह बयान पाकिस्तान की सेना की ओर से गुरुवार को अफगानिस्तान के कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों में एक बार फिर हवाई हमले किए जाने के बाद आया है। इन हमलों में चार नागरिकों की मौत हुई। मुजाहिद ने एक्स पर एक पोस्ट में इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें ‘अंधाधुंध और कायरतापूर्ण’ बताया। उन्होंने कहा कि ये हमले सभी सिद्धांतों का खुला उल्लंघन और ‘आक्रामकता तथा अपराध’ का स्पष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, ”इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान अपने लोगों को भरोसा दिलाता है कि पाकिस्तानी सैन्य शासन की ओर से किए गए इन हमलों और आक्रामक कार्रवाइयों का दृढ़ रुख के साथ उचित जवाब दिया जाएगा।” मुजाहिद ने चेतावनी दी कि इस तरह की ‘लापरवाह और शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयां’ अफगान लोगों में गुस्सा पैदा करेंगी और इसके पाकिस्तानी सैन्य शासन के लिए प्रतिकूल परिणाम होंगे। ताजा हमले पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में किए गए हवाई हमलों के कुछ दिनों बाद हुए हैं। उन हमलों में तीन लोगों की मौत हुई थी। मुजाहिद ने 21 सितंबर को हुए हवाई हमलों की भी निंदा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र और नागरिकों को निशाना बनाया। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि अफगानिस्तान इन हमलों का उचित जवाब देगा।

मणिपुर में महिला रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को मिलेगी विशेष आर्थिक सहायता, सीएम खेमचंद सिंह ने किया ऐलान

इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ‘निंगोल चाकौबा-2026’ से पहले महिला रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए एक विशेष वित्तीय सहायता योजना शुरू करेगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक मदद देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिला विक्रेताओं ने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है, वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के विधायकों (एमएलए) के माध्यम से पंजीकरण करा सकती हैं। बिश्नुपुर जिले के मोइरांग स्थित आईएनए शहीद स्मारक परिसर में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक माह का अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसेवा और सुशासन की भावना को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 से जारी जातीय हिंसा का राज्य की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। हिंसा के कारण राज्य को जीएसटी राजस्व में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि बार-बार होने वाले बंद और नाकेबंदी से राज्य सरकार को प्रतिदिन लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये के कर राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मतभेदों का समाधान संवाद के जरिए किया जाए और ऐसे आंदोलनों से बचा जाए, जो आम जनजीवन को प्रभावित करते हैं। खेमचंद सिंह ने कहा कि हाल ही में संपन्न मणिपुर विधानसभा के आठवें सत्र में चर्चा के बाद राज्य सरकार ने करीब 3,00,050 परिवारों को 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। इसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान भी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के बाद विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की खाई काफी हद तक कम हुई है और कई क्षेत्रों में लोग अब फिर से शांति और सौहार्द के साथ रह रहे हैं। उन्होंने राज्य की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए सभी समुदायों से मिलकर काम करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की सरकारी योजनाओं के लाभ पात्र लोगों को वितरित किए और 25 से अधिक सेवा काउंटरों एवं स्टॉलों का निरीक्षण कर लाभार्थियों से बातचीत भी की।

भारी बारिश का असर: यूपी के कई जिलों में 26 सितंबर को स्कूल बंद, छत्तीसगढ़ में भी सभी स्कूलों में छुट्टी

लखनऊ/रायपुर। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश का असर जनजीवन के साथ स्कूलों पर भी पड़ा है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 26 सितंबर को स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में 26 सितंबर को अवकाश घोषित किया है। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति बनी है। अलग-अलग जिलों में स्थानीय प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी का फैसला लिया है। उपलब्ध आदेशों के अनुसार कुछ जिलों में कक्षा 8 तक, जबकि कई जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखे गए हैं। हरदोई में भारी बारिश और अतिवृष्टि को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 26 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। यह फैसला खराब मौसम के बीच बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्नाव में लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। करीब 12 घंटे से जारी बारिश के बीच कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को 26 सितंबर को बंद रखने का आदेश दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। कानपुर में अत्यधिक बारिश के कारण 26 सितंबर को कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्थानीय प्रशासन की ओर से इसी तरह के फैसले लिए गए हैं। प्रयागराज जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें 25 से 27 सितंबर के बीच प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में आंधी-तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका के मद्देनजर लोगों से सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने बारिश और तूफान के दौरान लोगों को टिन की छत, होर्डिंग, बिजली के खंभों, पेड़ों और मोबाइल टावर से दूर रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने और बिजली चमकने के दौरान पक्के भवन में शरण लेने को कहा गया है। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ के नीचे खड़े न होने, तालाब और जलाशयों से दूरी बनाए रखने तथा धातु वाली वस्तुओं को छूने से बचने की सलाह भी दी गई है। मौसम की जानकारी के लिए ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ ऐप का इस्तेमाल करने को कहा गया है। बारिश को देखते हुए प्रयागराज में भी 26 सितंबर को प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित किए जाने की जानकारी है। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरे राज्य में 26 सितंबर को स्कूल बंद रखने की घोषणा की है। यह आदेश सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए है। मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने के साथ लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।

पुण्यतिथि विशेष : सुरों के जादूगर हेमंत कुमार, जिनकी आवाज आज भी दिलों में गूंजती है

नई दिल्ली। हिंदी और बंगाली सिनेमा के सुनहरे दौर में अपनी रेशमी आवाज से श्रोताओं के दिलों में जगह बनाने वाले हेमंत कुमार मुखोपाध्याय सिर्फ गायक ही नहीं, बल्कि संगीतकार और फिल्म निर्माता भी थे। 26 सितंबर को उनकी पुण्यतिथि है। हेमंत कुमार का जन्म वाराणसी में हुआ था, जबकि उनके परिवार की जड़ें पश्चिम बंगाल के बहारू गांव से जुड़ी थी। बीसवीं सदी के शुरुआती वर्षों में उनका परिवार कोलकाता आकर बस गया। हेमंत कुमार का बचपन और शिक्षा कोलकाता में ही हुई। इसी शहर में उनकी मुलाकात कवि और लेखक सुभाष मुखोपाध्याय से हुई, जो उनके करीबी मित्र बने। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद हेमंत कुमार ने जादवपुर विश्वविद्यालय में अभियांत्रिकी की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया, लेकिन संगीत के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। कुछ समय तक उन्होंने साहित्य में भी हाथ आजमाया। उनकी कई लघुकथाएं उस दौर की प्रतिष्ठित बांग्ला पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं। हालांकि, अंततः संगीत ही उनका जीवन और करियर बन गया। हेमंत कुमार ने 1933 में ऑल इंडिया रेडियो के लिए अपना पहला गीत रिकॉर्ड कराया। बंगाली संगीतकार शैलेश दासगुप्ता से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। 1980 के दशक में एक टेलीविजन साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि उन्होंने उस्ताद फैयाज खान से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली थी, लेकिन उस्ताद के निधन के बाद यह प्रशिक्षण आगे जारी नहीं रह सका। संगीत की दुनिया में शुरुआती सफर उनके लिए आसान नहीं था। कई जगह स्वर परीक्षा देने के बावजूद उन्हें असफलता मिली और कोई संगीत निर्देशक उन्हें अपने साथ काम देने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन संगीत के प्रति उनका जुनून और अपनी आवाज पर विश्वास कायम रहा। संघर्ष के उस दौर में उन्होंने हार मानने के बजाय साहित्य की ओर भी रुख किया। बाद में जब उन्हें संगीत की दुनिया में अवसर मिला, तो उनकी विशिष्ट आवाज ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। 1937 में हेमंत कुमार ने कोलंबिया लेबल के लिए अपना पहला गैर-फिल्मी रिकॉर्ड जारी किया। इसमें संगीत शैलेश दासगुप्ता का था और गीत नरेश भट्टाचार्य ने लिखा था। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक ग्रामोफोन कंपनी ऑफ इंडिया के लिए गैर-फिल्मी गीत रिकॉर्ड किए। उनका पहला हिंदी रिकॉर्ड भी इसी कंपनी के लिए जारी हुआ, जिसमें ‘कितना दुख भुलाया तुमने’ और ‘ओ प्रीत निभाने वाली’ जैसे गीत शामिल थे। हेमंत कुमार रवींद्र संगीत के प्रमुख गायकों में भी गिने जाते हैं। 1944 में उन्होंने बांग्ला फिल्म ‘प्रिया बंधाबी’ के लिए पहली बार रवींद्र संगीत रिकॉर्ड किया। इसी वर्ष उन्होंने कोलंबिया लेबल के लिए गैर-फिल्मी रवींद्र संगीत भी रिकॉर्ड किया। उन्होंने 1947 में बांग्ला फिल्म ‘अभियात्री’ के लिए संगीत निर्देशन किया। हिंदी सिनेमा में भी उनकी आवाज ने अमिट छाप छोड़ी। ‘है अपना दिल तो आवारा,’ ‘बेकरार करके हमें यूं न जाइए,’ ‘याद किया दिल ने’ और ‘आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं’ जैसे गीत उनकी पहचान का हिस्सा बने। उनके गायन में भावुकता, ठहराव और सहजता का अनूठा मेल था। यही वजह रही कि उनकी आवाज कई पीढ़ियों के श्रोताओं तक पहुंची। उनका निधन 26 सितंबर 1989 को कोलकाता (तब कलकत्ता) में हुआ।

ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात में रिश्तों में प्रगति का दावा, इस साल दो और बैठकों पर सहमति

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को शी जिनपिंग की तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा का समापन सकारात्मक माहौल में किया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का दावा किया और इस साल दो और बार मुलाकात करने पर सहमति जताई। शी जिनपिंग ने दोनों देशों के रिश्तों को “रणनीतिक स्थिरता” पर आधारित बनाने की बात कही। व्हाइट हाउस में चाय पर मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि यह दौरा बेहद सफल रहा और दोनों देशों ने रिश्तों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। ट्रंप ने कहा, “हमारी शानदार मुलाकात हुई। हमने दोनों देशों के लिए बेहद सकारात्मक कदम उठाए हैं और रिश्तों में काफी आगे बढ़े हैं।” वहीं, शी जिनपिंग ने ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप का आतिथ्य के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि दोनों नेता चीन-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने वाले दो लोगों की तरह हैं। शी ने कहा, “जब राष्ट्रपति ट्रंप मई में चीन आए थे, तब हमने रणनीतिक स्थिरता पर आधारित रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंध बनाने का विजन साझा किया था। इस बार हमने उसमें नई सामग्री जोड़ने पर सहमति बनाई है। यह संबंध सम्मान, निष्पक्षता और पारस्परिकता पर आधारित होगा।” उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों का भविष्य और उज्ज्वल होगा। शी जिनपिंग ने बताया कि वर्ष 2026 के अंत तक दोनों नेताओं की दो और मुलाकातें होंगी। पहली बैठक चीन में होने वाली एपीईसी शिखर बैठक में और दूसरी अमेरिका में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में होगी। उन्होंने ट्रंप और मेलानिया ट्रंप को चीन आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया। ट्रंप ने कहा, “हम जरूर चीन आएंगे और हमारी बातचीत लगातार जारी रहेगी।” ट्रंप ने कहा कि इस यात्रा से अमेरिकी किसानों को फायदा होगा और कई सकारात्मक बातें हुई हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों इस यात्रा से खुश हैं और इससे दोनों देशों को लाभ होगा। पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने पुष्टि की कि उनकी और शी जिनपिंग की बातचीत में ईरान का मुद्दा भी शामिल रहा। यात्रा के अंतिम चरण में ट्रंप और शी जिनपिंग अपनी-अपनी पत्नियों के साथ नेशनल आर्काइव्स पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिका की स्वतंत्रता घोषणा, संविधान और बिल ऑफ राइट्स का अवलोकन किया। ट्रंप ने कहा कि वह और शी जिनपिंग अमेरिकी इतिहास और चीन के लगभग 6,000 वर्ष पुराने इतिहास की तुलना पर चर्चा कर रहे थे। इसके बाद शी जिनपिंग जॉइंट बेस एंड्रयूज से अपने विमान से रवाना हो गए और उनकी तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा औपचारिक रूप से समाप्त हो गई।