अदाणी डिफेंस को निर्यात प्रदर्शन के लिए मिला ‘एसआईडीएम चैंपियन अवॉर्ड 2026

नई दिल्ली। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने शनिवार को बताया कि उसे यहां सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) के आठवें वार्षिक सत्र में रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में निर्यात प्रदर्शन के लिए एसआईडीएम चैंपियन अवॉर्ड 2026 मिला है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अनबरासु की मौजूदगी में यह पुरस्कार प्रदान किया। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी विकास, उत्पाद नवाचार, डिजाइन, आयात प्रतिस्थापन, विनिर्माण उत्कृष्टता और निर्यात के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए 15 पुरस्कार दिए गए। कंपनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित उसके विनिर्माण परिसर की सालाना उत्पादन क्षमता 30 करोड़ राउंड है। यहां नाटो मानकों के अनुरूप गोला-बारूद का उत्पादन किया जाता है, जिससे सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल को समर्थन मिलता है। सत्र को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी, अनुसंधान एवं विकास में बढ़ते निवेश और विनिर्माण क्षमता के विस्तार का आह्वान किया। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा, “हमें गर्व है कि भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को विकसित करने के हमारे प्रयासों को मान्यता मिली है। हमारा ध्यान भारत में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने और उन्हें वैश्विक बाजारों में ग्राहकों तक पहुंचाने पर है।” उन्होंने आगे कहा कि कंपनी रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र के ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी और स्वदेशी विनिर्माण में निवेश जारी रखेगी। हालांकि, यह सम्मान अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के कानपुर एम्युनिशन कॉम्प्लेक्स को वर्ष 2025 में डिजाइन, विनिर्माण और परीक्षण में उत्कृष्टता के लिए दिए गए अलग एसआईडीएम चैंपियन अवॉर्ड के बाद मिला है। कंपनी के अनुसार, कानपुर स्थित इस इकाई में स्वचालित विनिर्माण, एआई आधारित गुणवत्ता निरीक्षण, रियल टाइम डेटा विश्लेषण और उत्पादन प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी डिजिटल उत्पादन प्रणाली खतरनाक सामग्रियों को हाथ से संभालने की जरूरत खत्म करती है। कंपनी के मुताबिक, इस इकाई में डिजिटल सुरक्षा प्रणालियों की मदद से विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में 100 प्रतिशत डिजिटल ट्रेसेबिलिटी यानी उत्पादों और प्रक्रियाओं का पता लगाने की सुविधा भी है। इसके अलावा, इस परिसर में एक बैलिस्टिक परीक्षण रेंज है, जो इलेक्ट्रॉनिक प्रेशर, वेलोसिटी एंड एक्शन टाइम प्रणाली से लैस है। यह परीक्षण रेंज भारत की शीर्ष मान्यता संस्था, नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त है। वहीं, भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, सरकार ने वर्ष 2029 तक सालाना रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

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