भारत-यूएई आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर, निवेशकों के लिए कई क्षेत्रों में अपार संभावनाएं: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को भारत की मजबूत आर्थिक विकास दर और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद व्यापक निवेश अवसरों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को नई गति दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में यूएई निवेशकों के लिए कई क्षेत्रों में आकर्षक अवसर उपलब्ध हैं। पीयूष गोयल ने अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) के प्रबंध निदेशक शेख हमेद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों पक्षों के बीच भारत-यूएई आर्थिक साझेदारी को तेज करने और सीईपीए के लाभों का अधिकतम उपयोग करने पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और मजबूत आपूर्ति शृंखलाएं विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, “भारत और यूएई के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और सुधार आधारित नीतियों को विदेशी निवेश के लिए अनुकूल बताया। मंत्री ने कहा कि भारत और यूएई ने समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें जहाज स्वामित्व, आधुनिक बंदरगाह, जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत एवं रखरखाव, शिपब्रेकिंग और कंटेनर निर्माण शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक कार्य समूह गठित किया जाएगा, जिसमें भारतीय पक्ष का नेतृत्व पोत परिवहन मंत्रालय करेगा। इससे पहले पीयूष गोयल ने यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयौदी से भी मुलाकात की और भारत-यूएई सीईपीए के तहत हुई प्रगति तथा व्यापार एवं निवेश साझेदारी को और मजबूत बनाने के नए अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में चल रही चर्चाएं भारत में यूएई निवेश को बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। सरकार का लक्ष्य भारत में यूएई के कुल निवेश को मौजूदा लगभग 25 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। गोयल ने बताया कि यूएई की रुचि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र, स्टार्टअप इकोसिस्टम, बंदरगाह विकास, जहाज निर्माण उद्योग और भारतीय शेयर बाजार में निवेश जैसे क्षेत्रों में बढ़ रही है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग का दायरा और व्यापक होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा, “भारत-यूएई स्थानीय मुद्रा व्यापार पहले ही दोहरे अंकों के स्तर तक पहुंच चुका है और दोनों देश इसे और तेजी से विस्तार देने की दिशा में काम कर रहे हैं।” मंत्री ने कहा कि ये चर्चाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई 2026 की यूएई यात्रा के दौरान हुए समझौतों की निरंतरता हैं। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कच्चे तेल भंडारण, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, एलएनजी और एलपीजी अवसंरचना विकास तथा दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजनाओं की घोषणा की थी। उन्होंने विश्वास जताया कि सीईपीए, बढ़ते निवेश, ऊर्जा सहयोग और नई आर्थिक पहलों के जरिए भारत-यूएई संबंध आने वाले वर्षों में और मजबूत होंगे तथा दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि को नई गति देंगे।

डिजिटल टोलिंग को नई गति, ‘फास्टैग एनुअल पास’ ने छुआ 1 करोड़ का आंकड़ा: सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि ‘फास्टैग एनुअल पास’ ने लॉन्च के बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक करोड़ उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पार कर लिया है। यह योजना पिछले वर्ष 15 अगस्त को शुरू की गई थी और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यह वार्षिक पास देशभर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर लागू है, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इस सुविधा के तहत वाहन मालिकों को बार-बार फास्टैग रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ती। एक बार 3,075 रुपए का भुगतान करने पर पास एक वर्ष या 200 टोल क्रॉसिंग तक वैध रहता है। मंत्रालय ने बताया कि यह सुविधा सभी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध है, जिनमें वैध फास्टैग लगा हुआ है। एकमुश्त शुल्क का भुगतान राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से करने के बाद वार्षिक पास वाहन से जुड़े मौजूदा फास्टैग पर ही सक्रिय हो जाता है। सरकार का कहना है कि फास्टैग एनुअल पास को मिल रही बढ़ती स्वीकृति यह दर्शाती है कि यह योजना राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध और किफायती यात्रा को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो रही है। इससे टोल भुगतान प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनी है और यात्रियों का समय भी बच रहा है। इस बीच, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पिछले महीने ‘वनटैग’ सुविधा भी शुरू की थी, जो फास्टैग पोर्टेबिलिटी सेवा है। इसके जरिए उपयोगकर्ता अपने वाहन पर लगे मौजूदा फास्टैग को बदले बिना उसका जारीकर्ता बैंक बदल सकते हैं। इससे नए फिजिकल टैग लेने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। मंत्रालय के अनुसार, देश में फास्टैग की पहुंच अब 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है और इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 13 करोड़ तक पहुंच गई है। फास्टैग ने भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है और टोल प्लाजा पर पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ाई है। वनटैग सुविधा के तहत फास्टैग उपयोगकर्ता राजमार्गयात्रा ऐप में लॉग-इन कर अपने वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज कर पात्रता की जांच कर सकते हैं। इसके बाद वर्तमान जारीकर्ता बैंक की ओर से एक 6 अंकों का मोबाइल वेरिफिकेशन कोड (एमवीसी) भेजा जाता है। सत्यापन पूरा होने के बाद उपयोगकर्ता नया जारीकर्ता चुनकर आवश्यक केवाईसी और वॉलेट ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर सकता है। सरकार का कहना है कि फास्टैग एनुअल पास और वनटैग जैसी सुविधाएं देश की डिजिटल टोलिंग व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। साथ ही हाईवे यात्रियों को अधिक सुविधा, लचीलापन और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।

भू-राजनीतिक संकटों के बावजूद भारत ने सुनिश्चित की ऊर्जा आपूर्ति, ऊर्जा कूटनीति रही सफल: हरदीप पुरी

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि हाल के भू-राजनीतिक संकटों और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में व्यवधानों के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपनाई गई ऊर्जा कूटनीति और पिछले एक दशक में की गई रणनीतिक तैयारियों का परिणाम है। राष्ट्रीय राजधानी में मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्यों को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि आज ऊर्जा सुरक्षा का अर्थ केवल ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि संघर्षों, रणनीतिक समुद्री मार्गों में रुकावटों, कीमतों में अस्थिरता और अचानक आने वाले व्यवधानों के बीच भी देश की अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से चलाए रखना है। उन्होंने कहा, “भारत इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना इसलिए कर सका क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र ने पहले से ही व्यापक तैयारी कर ली थी। पिछले 10 वर्षों में भारत ने कच्चे तेल के आयात स्रोतों को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक किया है। इसके साथ ही 5.33 मिलियन टन रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार तैयार किए गए, रिफाइनिंग क्षमता 215 एमएमटीपीए से बढ़ाकर 267 एमएमटीपीए की गई और देशभर में ईंधन आउटलेट्स की संख्या लगभग 52,000 से बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई।” केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि एलपीजी आयात टर्मिनलों की संख्या भी 11 से बढ़ाकर 22 कर दी गई है। इन तैयारियों का परिणाम यह रहा कि जब दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा संकट और कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला, तब भी भारत में पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य बनी रही, रसोई गैस सिलेंडरों की उपलब्धता बाधित नहीं हुई और खुदरा ईंधन कीमतों को अपेक्षाकृत नियंत्रित रखा जा सका। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का विषय ‘भारत की ऊर्जा सुरक्षा: भू-राजनीतिक अनिश्चितता से निपटना’ मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बेहद प्रासंगिक है, क्योंकि दुनिया अभी भी अनेक भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। पेट्रोलियम मंत्री ने पश्चिम बंगाल की ऊर्जा क्षमता का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में मौजूद संभावनाएं उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय संपर्क को नई गति दे सकती हैं। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 17,600 करोड़ रुपए की तेल एवं गैस परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिससे राज्य का ऊर्जा बुनियादी ढांचा तेजी से मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि हल्दिया रिफाइनरी, जिसकी क्षमता 1975 में 2.5 एमएमटीपीए थी, अब बढ़कर 8 एमएमटीपीए हो गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस रिफाइनरी ने 8.5 मिलियन टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया। पुरी ने कहा कि वर्ष 2018 में अशोकनगर में हुई तेल खोज अब व्यावसायिक उत्पादन के चरण में पहुंच चुकी है। लगभग 1,000 करोड़ रुपए के निवेश के बाद ओएनजीसी द्वारा उत्पादित पहला कच्चे तेल का खेप अगस्त 2026 में हल्दिया पहुंचा। उन्होंने कहा कि यह विकास पश्चिम बंगाल की ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा स्रोतों में विविधता, रणनीतिक भंडारण, रिफाइनिंग क्षमता का विस्तार और बुनियादी ढांचे में निवेश जैसे कदमों ने भारत को वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भी ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने में सक्षम बनाया है। उन्होंने बताया कि यही रणनीति भविष्य में भी देश की ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करेगी।

जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने अमेरिका जाएंगे पीयूष गोयल, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी होगी चर्चा

नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका के एक सप्ताह के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के साथ-साथ कई द्विपक्षीय बैठकों और व्यापारिक संवादों में शामिल होंगे। मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य भारत के व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करना है। पीयूष गोयल 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मिल्वौकी में आयोजित होने वाली जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के निमंत्रण पर आयोजित की जा रही है, जिसमें जी20 देशों के व्यापार मंत्री वैश्विक व्यापार से जुड़े प्रमुख मुद्दों और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के भविष्य पर चर्चा करेंगे। बैठक के दौरान भारत नियम-आधारित, खुली, समावेशी, पारदर्शी, न्यायसंगत और भेदभावरहित वैश्विक व्यापार व्यवस्था की वकालत करेगा, जिसमें विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की केंद्रीय भूमिका बनी रहे। भारत विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत लचीलापन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर देगा और अन्य जी20 देशों के साथ रचनात्मक संवाद करेगा। जी20 बैठक के इतर पीयूष गोयल कई देशों के अपने समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इन चर्चाओं का फोकस किसानों, मछुआरों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और अन्य व्यवसायों के लिए नए व्यापारिक अवसर सृजित करने पर रहेगा। दौरे का एक प्रमुख आकर्षण भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर होने वाली बातचीत होगी। गोयल अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के साथ बैठक कर दोनों देशों के बीच संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में जारी वार्ताओं को आगे बढ़ाएंगे। दोनों देश 7 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम करेंगे। माना जा रहा है कि यह वार्ता भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को और नई गति दे सकती है। आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा, वाणिज्य मंत्री मिल्वौकी और शिकागो में विनिर्माण, उपभोक्ता वस्तुओं, कृषि व्यवसाय, रिटेल और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी अमेरिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में भारत में निवेश की संभावनाओं, विनिर्माण विस्तार और कारोबारी साझेदारी के अवसरों पर चर्चा होगी। गोयल विभिन्न उद्योग समूहों, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित कंपनियों के साथ गोलमेज बैठकों में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर वह भारत को एक उभरते वैश्विक विनिर्माण और निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत करेंगे तथा भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर देंगे। शिकागो में अपने प्रवास के दौरान पीयूष गोयल गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके साथ ही वह स्वामी विवेकानंद को भी श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे और भारतीय मूल के पेशेवर संगठनों तथा प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।

सीबीडीटी ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की समयसीमा बढ़ाकर 21 अक्टूबर की, करदाता 21 नवंबर तक भर सकेंगे आईटीआर

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को उन करदाताओं को बड़ी राहत दी है, जिनके खातों का ऑडिट आयकर अधिनियम, 1961 के तहत अनिवार्य है। बोर्ड ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी है। सीबीडीटी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस फैसले के साथ टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की निर्धारित तिथि भी 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी। पिछले कुछ सप्ताहों से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संगठनों और कर विशेषज्ञों द्वारा समयसीमा बढ़ाने की मांग की जा रही थी। उनका कहना था कि ऑडिट प्रक्रियाओं को पूरा करने, विभिन्न वित्तीय और कर रिकॉर्ड्स का मिलान करने तथा आवश्यक खुलासों (डिस्क्लोजर) का सत्यापन करने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। सीबीडीटी का मानना है कि समयसीमा बढ़ाने से करदाताओं और ऑडिटरों को ऑडिट प्रक्रिया पूरी करने तथा आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर आवश्यक रिपोर्ट और रिटर्न दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। इससे अनुपालन को आसान बनाने और कारोबार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इस बीच, प्रत्यक्ष कर संग्रह (डारेक्ट टैक्स कलेक्शन) के मोर्चे पर सरकार को मजबूत वृद्धि मिली है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 17 सितंबर के बीच शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया। इसी अवधि में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 15 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 14.3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। आंकड़े बताते हैं कि कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 19.48 प्रतिशत बढ़कर लगभग 5.56 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि व्यक्तिगत आयकर और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) से प्राप्त कर संग्रह 6 प्रतिशत बढ़कर 6.16 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया। वहीं सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) संग्रह में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53 प्रतिशत बढ़कर 40,214 करोड़ रुपए पहुंच गया। सरकार द्वारा जारी किए गए टैक्स रिफंड में भी तेज वृद्धि देखी गई। 1 अप्रैल से 17 सितंबर के दौरान रिफंड जारी करने की राशि 29 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2.2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गई।

फतेहपुर में सिलेंडर धमाके से दो मंजिला मकान ध्वस्त, चार की मौत, एक की हालत नाजुक

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मलवां थाना क्षेत्र के कस्बे में सोमवार की शाम फल कारोबारी के घर में तेज धमाके से मकान की ऊपरी दो मंजिलें ढह गईं। हादसे में मलबे में दबने और झुलसने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। इनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना शाम करीब 5:30 बजे पीआरवी के जरिए मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। संकरी गली होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड के करीब 16 कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश की। अभियान के दौरान सात लोगों को बाहर निकाला गया। सभी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज फतेहपुर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने चार को मृत घोषित कर दिया। फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि सात लोगों को मलबे से निकाला गया है। इनमें चार की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति 90 प्रतिशत से अधिक झुलसा है और उसकी हालत बेहद गंभीर है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। दो अन्य घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। एसपी ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ में एक सिलेंडर फटने की बात सामने आई है। मौके पर चार गैस सिलेंडर मिले हैं, जिनमें दो के फटने की बात कही जा रही है। हालांकि, विस्फोट का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। फोरेंसिक और फायर विभाग की टीमें मौके पर जांच कर रही हैं। उन्होंने बताया कि धमाके की वजह से मुख्य मकान की दो मंजिलें ढह गईं। आसपास के कुछ मकानों की बीम को भी नुकसान पहुंचा है, हालांकि वहां कोई जनहानि नहीं हुई है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है। पुलिस के अनुसार, रात में मलबा हटाने के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। बिजली विभाग और स्थानीय स्तर पर लाइट की व्यवस्था की गई है, जबकि जरूरत पड़ने पर बड़ी लाइटें भी मंगाई जाएंगी। मलबे के भीतर किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की सूचना मिलने पर बचाव अभियान जारी रखा जाएगा। हादसे के बाद गृहस्वामी सुरेश उर्फ धुन्नर गुप्ता की भी सदमे से हालत बिगड़ गई। उन्हें भी चिकित्सकीय सहायता दी गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। विस्फोट क्यों और किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच जारी है।

भारत और साइप्रस ने कनेक्टिविटी, ट्रांसपोर्ट और समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के तरीकों पर की चर्चा

निकोसिया। भारत और साइप्रस ने कनेक्टिविटी, परिवहन और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। निकोसिया स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोमवार को बताया कि उच्चायुक्त मनीष और साइप्रस की परिवहन, संचार एवं कार्य मंत्री एवी त्सोलाकी के बीच बैठक हुई। भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर कहा, “उच्चायुक्त मनीष ने साइप्रस गणराज्य की परिवहन, संचार और कार्य मंत्री सुश्री एवी त्सोलाकी से मुलाकात की और कनेक्टिविटी, परिवहन और समुद्री क्षेत्र में भारत-साइप्रस सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।” उच्चायोग ने कहा, “बातचीत में इन क्षेत्रों में गहरे संबंधों और व्यावहारिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ती गति में योगदान दे रहा है।” 18 सितंबर को उच्चायुक्त मनीष ने विदेश मंत्रालय में उप राजनीतिक निदेशक पॉली इओनौ, राष्ट्रपति के राजनयिक कार्यालय के अधिकारी डेमेट्रिस असोस और एशिया एवं ओशिनिया विभाग के प्रमुख जॉर्जियोस जॉर्जियो के साथ अपनी बैठक के दौरान द्विपक्षीय एजेंडे की व्यापक समीक्षा की थी। भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर कहा, “उच्चायुक्त मनीष ने विदेश मंत्रालय में उप राजनीतिक निदेशक सुश्री पॉली इओनौ, राष्ट्रपति के राजनयिक कार्यालय के अधिकारी डेमेट्रिस असोस और एशिया एवं ओशिनिया विभाग के प्रमुख जॉर्जियोस जॉर्जियो से मुलाकात की।” उच्चायोग ने कहा, “उच्चायुक्त ने अधिकारियों को उनकी नई नियुक्तियों पर बधाई दी। चर्चा में भारत-साइप्रस द्विपक्षीय एजेंडे और सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति की व्यापक समीक्षा शामिल थी। दोनों पक्षों ने निकट समन्वय बनाए रखने और भारत और साइप्रस के नेताओं के दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में बदलने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करे।” मई में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने भारत का दौरा किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की थी, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच संबंधों को रणनीतिक स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई थी, जिसमें रक्षा और परिवहन कनेक्टिविटी में गहरा सहयोग शामिल है।

विथ्या रामराज: ड्राइवर पिता ने सुने समाज के ताने, आर्थिक तंगी से जूझकर बेटी ने किया देश का नाम रोशन

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा के फाइनल में 54.75 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसी के साथ विथ्या ने दिग्गज भारतीय एथलीट पीटी उषा के 42 साल पुराने नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ दिया। विथ्या ने यह मेडल जुड़वां बहन को समर्पित करते हुए सरकार और संगठनों का भी आभार जताया, जिन्होंने उनके सफर में मदद की। इसके साथ ही उन्होंने पिता से मिले समर्थन को भी याद किया, जिन्होंने समाज के ताने सुनते हुए और आर्थिक संकट से जूझकर देश का नाम रोशन किया। सोमवार को ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद विथ्या ने ‘आईएएनएस’ से ​​कहा, “मैं यह मेडल अपनी जुड़वां बहन को समर्पित करती हूं, क्योंकि वह हमेशा मेरे साथ रहती हैं। वह हमेशा मेरा साथ देती हैं। जब भी मैं उससे कुछ मांगती हूं, वह मुझे भेज देती हैं। मैं खुश हूं।” विथ्या ने टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स), अपनी राज्य सरकार, जेएसडब्ल्यू और इंडियन रेलवे (जहां वह काम करती हैं) से मिले सहयोग को याद करते हुए कहा, “टॉप्स मुझे बहुत सपोर्ट कर रहा है, और मेरी राज्य सरकार भी मुझे बहुत सपोर्ट कर रही है। जेएसडब्ल्यू और इंडियन रेलवे भी मुझे बहुत सपोर्ट कर रहे हैं। मैं इंडियन रेलवे में काम करती हूं। इसी वजह से मैं यहां आ पाई और अब मैं बहुत खुश हूं। आजकल मुझे किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है, इसलिए मैं खुश हूं।” विथ्या को यह सफलता परिवार के कई वर्षों के संघर्ष के बाद मिली है। विथ्या ने चुनौतियों को याद करते हुए बताया कि उनका परिवार किराए के घर में रहता था और पिता को अपनी तीन बेटियों के भविष्य को लेकर लोगों के सवालों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा, “पहले हम किराए के घर में रहते थे। जब हम बड़े हो रहे थे, तो लोग कहते थे, ‘बच्चे बड़े हो रहे हैं, अब तुम क्या करोगे?’ यहां तक ​​कि मेरी दादी और पिता से भी कहा जाता था, ‘तुम्हारी तीन बेटियां हैं, उनका क्या करोगे?’” विथ्या के पिता ड्राइवर थे, जो बमुश्किल महीनेभर में 15,000 रुपये कमा पाते। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों का साथ देना जारी रखा। विथ्या ने बताया, “मेरे पिता ड्राइवर हैं। वह लगभग 15,000 रुपये कमाते थे, इसलिए हमारे पास ज्यादा पैसे नहीं होते थे। साल 2009 में भी जूतों की कीमत 2,000 से 5,000 रुपये तक होती थी। फिर भी उन्होंने हम पर वो पैसे खर्च किए। जब ​​मैं और मेरी जुड़वां बहन एक साथ दो खेल खेल रही थीं, तो हर चीज, ड्रेस, जूते और उपकरण पर बहुत खर्च आता था, लेकिन उन्होंने इसका इंतजाम किया। इसीलिए हम आज यहां हैं।” 28 वर्षीय विथ्या ने अपने कोच को भी इस उपलब्धि का श्रेय दिया, जिन्हें विश्वास था कि विथ्या 55 सेकंड का बैरियर तोड़ सकती हैं, जबकि खुद विथ्या को इसका भरोसा नहीं था। विथ्या ने कहा, “नहीं, मुझे विश्वास नहीं था। सिर्फ मेरे कोच को विश्वास था। मुझे अपने कोच पर भरोसा है, इसलिए वह जो भी कहते हैं, मैं करती हूं। मैं इतने वर्षों से वही कर रही हूं, जो उन्होंने मुझे करने के लिए कहा है। बस ऐसा ही हुआ।” विथ्या ने 2023 में हांगझोऊ में इसी इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह नागोया के ट्रैक से खुश हैं। उन्होंने कहा, “यह ट्रैक बहुत ही बढ़िया है। मैंने सिंथेट और मोंडो ट्रैक देखे हैं, लेकिन यह ट्रैक थोड़ा अलग है। मुझे लगता है कि यह एक स्पीड ट्रैक है, इसलिए मैं इस ट्रैक से बहुत खुश हूं।” इस ब्रॉन्ज मेडल के साथ विथ्या ने इस इवेंट में लगातार दूसरा एशियाई गेम्स मेडल जीता और एक यादगार प्रदर्शन किया। इसी संस्करण में विथ्या ने मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम इवेंट में सिल्वर दिलाया था।

सैनिकों के सम्मान में दौड़ेगा अहमदाबाद, मैराथन को मिला हर्ष संघवी का समर्थन

नई दिल्ली। गुजरात के उप मुख्यमंत्री और खेल मंत्री हर्ष संघवी ने 10वें अदाणी अहमदाबाद मैराथन को अपना समर्थन दिया है, जिसका आयोजन 29 नवंबर को होगा। मैराथन से पहले अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के चीफ बिजनेस ऑफिसर संजय अदेसारा ने हर्ष संघवी को आधिकारिक जर्सी भेंट की। 10वां एडिशन मैराथन की ‘रन फॉर आर सोल्जर’ पहल को जारी रखेगा, जिसने पिछले एक दशक में भारत के सैनिकों के साहस, सेवा और बलिदान का सम्मान करने के लिए नागरिकों और सशस्त्र बलों के जवानों को एक साथ लाया है। यह खास एडिशन ऐसे समय में हो रहा है, जब अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी की तैयारी करने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री संघवी ने कहा, “अदाणी अहमदाबाद मैराथन का अपना 10वां एडिशन पूरा करना अहमदाबाद के लिए गर्व का पल है और यह दिखाता है कि खेल कैसे लोगों को एक बड़े मकसद के लिए एकजुट कर सकता है। एक दशक से, मैराथन ने ‘रन फॉर आर सोल्जर’ की भावना को आगे बढ़ाया है, जिससे हजारों नागरिकों को हमारे सशस्त्र बलों के साहस, सेवा और बलिदान के सम्मान में दौड़ने का मौका मिला है। 1947 की ऐतिहासिक लड़ाइयों से लेकर ऑपरेशन सिंदूर के दृढ़ संकल्प तक, हमारे सैनिक लगातार हमारे देश की अटूट ढाल बनकर खड़े रहे हैं। यह देखकर अच्छा लगता है कि सशस्त्र बलों के जवान खुद इस यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं और शहर साल-दर-साल उनके सम्मान में एकजुट हो रहा है।” उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए तैयारी कर रहा है और ग्लोबल स्पोर्ट्स के नक्शे पर अपनी जगह मजबूत कर रहा है। ऐसे प्रयास खेल के आस-पास फिटनेस, भागीदारी और समुदाय की मजबूत संस्कृति बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मैं इस अहम पड़ाव को पूरा करने और अहमदाबाद के बढ़ते स्पोर्ट्स इकोसिस्टम में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए अदाणी स्पोर्ट्सलाइन को बधाई देता हूं। 10वें एडिशन की जर्सी इस दशक भर की यात्रा और उस भावना का सही प्रतीक है जो शहर को एक साथ लाती रहती है।” अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के चीफ बिजनेस ऑफिसर संजय अदेसारा ने कहा, “अदाणी अहमदाबाद मैराथन के 10वें संस्करण के मौके पर हम गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के सहयोग के लिए आभारी हैं। उन्हें आधिकारिक जर्सी भेंट करना हमारे लिए गर्व का पल है, क्योंकि हम अपनी सशस्त्र बलों के सम्मान में दौड़ने के एक दशक का जश्न मना रहे हैं। जैसे-जैसे अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारी कर रहा है, हम शहर की स्पोर्ट्स यात्रा में योगदान देने के लिए उत्सुक हैं।” इस मैराथन की शुरुआत नवंबर 2017 में हुई थी और नवंबर 2021 में इसका पांचवां संस्करण आयोजित किया गया। मैराथन की श्रेणी में फुल मैराथन, हाफ मैराथन, 10 किमी दौड़ और 5 किलोमीटर दौड़ शामिल हैं। पहले दो संस्करणों में लगभग 20,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जबकि तीसरे और चौथे संस्करण में 17,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। साल 2022 में अहमदाबाद मैराथन को ‘ग्लोबल मैराथन इवेंट लिस्ट- एम्स वर्ल्ड रनिंग’ में शामिल किया गया। यह इस ग्लोबल लिस्ट में शामिल होने वाली अहमदाबाद की एकमात्र दौड़ थी। साल 2025 में सशस्त्र सेनाओं के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए रन फॉर आर सोल्जर इवेंट में 24,000 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए थे। पिछले साल इस दौड़ में 3,000 से ज्यादा रक्षाकर्मियों ने हिस्सा लिया था। इससे होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा सशस्त्र सेनाओं के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

दिल्ली के बेला एस्टेट में अधिकांश नाम हटने के दावों पर चुनाव आयोग बोला, कोई पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं होगा

नई दिल्ली। दिल्ली के चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के बेला एस्टेट में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं होने के मामले में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) ने स्थिति स्पष्ट की है। 10 सितंबर को जारी प्रेस नोट में कहा गया कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्टों के बाद जारी किया गया था, जिनमें दावा किया गया था कि जेजे बेला एस्टेट, विजय घाट के 729 मतदाताओं में से एक को छोड़कर बाकी सभी के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने मतदाताओं के रजिस्टर्ड पते पर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे और बाद में उन्हें एकत्र किया। बेला एस्टेट से संबंधित पुराने पोलिंग स्टेशन नंबर 33 की मतदाता सूची की जांच में सामने आया कि ज्यादातर मतदाताओं के पते के स्थान पर “एग्रीकल्चर” दर्ज था, जबकि कुछ मतदाताओं के रिकॉर्ड में ही मकान नंबर दर्ज थे। प्रेस नोट के मुताबिक, यह इलाका यमुना नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित है। यहां रहने वाले बड़ी संख्या में मतदाता यमुना किनारे और आसपास के क्षेत्र में कृषि गतिविधियों से जुड़े हुए थे। चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस इलाके में कृषि गतिविधियां और खेती 2021 में बंद हो गई थी। इसके बाद 2022-23 में यहां मौजूद रिहायशी ढांचों को भी गिरा दिया गया था। इस कारण पुरानी मतदाता सूची तैयार किए जाने के बाद से इलाके की भौतिक और आवासीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। एसआईआर के दिशा-निर्देशों के तहत बीएलओ को मतदाताओं के रजिस्टर्ड पते पर घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म देना था, हालांकि रिहायशी ढांचे गिराए जाने के कारण संबंधित मतदाता मतदाता सूची में दर्ज पते पर नहीं रह रहे थे। निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, इससे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20 (7) और चुनावी पंजीकरण से जुड़े निर्देशों के तहत उनकी “सामान्य निवासी” की स्थिति बदल गई। इसी आधार पर बीएलओ ने इन मतदाताओं को एएसडीडी सूची में रखा। हालांकि प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि कोई पात्र मतदाता अपना नाम अब मतदाता सूची में नहीं जुड़वा सकता। चुनाव आयोग के प्रावधानों के मुताबिक, अगर किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में नहीं है और वह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 19 तथा अन्य संबंधित नियमों के तहत मतदाता के रूप में पंजीकरण की पात्रता पूरी करता है, तो वह जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 जमा कर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। प्रेस नोट में बताया गया कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक है। इस दौरान आवेदन करने वाले पात्र मतदाताओं के दावों पर विचार किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, नए मतदाता के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6, प्रवासी भारतीय मतदाता के लिए फॉर्म-6ए, किसी प्रस्तावित नाम पर आपत्ति या मौजूदा नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और पता बदलने, विवरण में सुधार, बिना सुधार के नया ईपीआईसी लेने या दिव्यांग मतदाता के रूप में चिन्हित कराने के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन फॉर्म को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) या निर्धारित मतदान केंद्रों पर व्यक्तिगत रूप से जमा किया जा सकता है। मतदाता ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग पारदर्शी, भागीदारीपूर्ण और समावेशी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम इसमें शामिल न हो।