‘ये नया भारत है घर में घुसकर मारता है’, सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर नेताओं ने वीर सपूतों को किया नमन

नई दिल्ली। उरी आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 10 वर्ष पहले 2016 में 28 और 29 सितंबर की रात नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और लक्षित कार्रवाई की थी। सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर नेताओं ने मां भारती के वीर सपूतों के शौर्य, पराक्रम एवं अदम्य साहस को सलाम किया है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने लिखा, “भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के प्रतीक ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ पर मां भारती की रक्षा के लिए सदैव समर्पित हमारे वीर सैनिकों को कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए उनका अद्वितीय साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत है। वीर जवानों का यह पराक्रम देशवासियों में राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करता है।” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर हमारी भारतीय सेना का सम्मान करते हुए, हमारे राष्ट्र के लिए खतरों के खिलाफ उनकी निर्णायक कार्रवाई भारत के सुरक्षा इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में खड़ी है। ‘सर्जिकल स्ट्राइक डे’ पर देश की रक्षा में समर्पित भारतीय सेना की वीरता को नमन!” बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय देने वाले भारतीय वीर जवानों को कोटि-कोटि नमन। देश की रक्षा के लिए आपका समर्पण और बलिदान सदैव राष्ट्रवासियों के लिए प्रेरणा रहेगा।” उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और अटूट पराक्रम के प्रतीक सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर मां भारती के वीर सपूतों को सादर नमन! देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना के जवानों ने साहस, शौर्य और अदम्य संकल्प का परिचय दिया। राष्ट्र की रक्षा के लिए उनका समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है।” उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने लिखा, “सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर राष्ट्र-रक्षा में समर्पित मां भारती के वीर सपूतों के शौर्य, पराक्रम एवं अदम्य साहस को सलाम!” छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री केदार कश्यप ने लिखा, “ये नया भारत है घर में घुसकर मारता है..!! देश के स्वाभिमान, साहस और पराक्रम के प्रतीक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की गौरवमयी 10वीं वर्षगांठ एवं शौर्य दिवस पर भारतीय सेना के वीर सपूतों के पराक्रम को सादर नमन।” दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “सर्जिकल स्ट्राइक की गौरवमयी वर्षगांठ ‘शौर्य दिवस’ पर भारतीय सेना के वीर सपूतों को सादर नमन। 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने आतंक के खिलाफ अपने अदम्य साहस, शौर्य और अडिग संकल्प का परिचय देते हुए पूरी दुनिया को भारत की निर्णायक शक्ति का संदेश दिया। आतंक के खिलाफ भारत के इस बड़े कदम ने नए भारत के उस संकल्प को मजबूती दी, जो शांति में विश्वास रखता है, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करता।

पश्चिम बंगाल : मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूर्व मंत्री के 10 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन के ठिकानों पर छापेमारी की है। मंगलवार सुबह ईडी की टीम ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह कार्रवाई शुरू की। इंद्रनील सेन गायक से नेता बने हैं और उन पर पत्नी मधुचंदा सेन के साथ मिलकर यूनेस्को के नाम का गलत इस्तेमाल कर दुर्गा पूजा से पहले के टिकट अवैध रूप से बेचने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, ईडी के अधिकारियों की एक टीम मंगलवार सुबह दक्षिण कोलकाता के कस्बा स्थित सेन के आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि ईडी की अलग-अलग टीमें शहर में एक साथ 10 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं, जिसमें पूर्व मंत्री का घर भी शामिल है। जिन अन्य जगहों पर केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई चल रही है, उनमें हिंदुस्तान पार्क और हाईलैंड पार्क समेत कई इलाके शामिल हैं। इनमें पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों के घर भी हैं। हाईलैंड पार्क में जहां तलाशी ली जा रही है, वह एक इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े कारोबारी का घर बताया जा रहा है। आरोप है कि यूनेस्को टैग का इस्तेमाल कर दुर्गा पूजा टूर के नाम पर ‘फर्जी पास’ बेचे गए। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में इस पूरे मामले में करीब 60 करोड़ रुपये की हेराफेरी का अनुमान लगाया जा रहा है। इस मामले में इस साल जून में बौबाजार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई थी। यह शिकायत इंद्रनील सेन, पत्नी मधुचंदा सेन और ‘मास आर्ट’ नामक संस्था के खिलाफ की गई थी। मधुचंदा खुद भी इस संस्था से जुड़ी हुई हैं। आरोप है कि विश्वसनीयता हासिल करने के लिए ‘यूनेस्को’ के नाम से ये फर्जी पास बेचे जा रहे थे। यह शिकायत अंतरराष्ट्रीय संगठन की ओर से जयदीप मुखर्जी ने दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, कोलकाता की दुर्गा पूजा को 2021 में यूनेस्को की मान्यता मिलने के छह महीने के भीतर ही ‘मास आर्ट’ नामक यह संस्था बनाई गई थी। यह संस्था खुद को कोलकाता की दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने में यूनेस्को का ‘आधिकारिक भागीदार’ बताती है लेकिन यह दावा झूठा बताया जा रहा है। आरोप है कि बिना इजाजत यूनेस्को के नाम, लोगो आदि का इस्तेमाल कर पूजा टूर के टिकट बेचे गए। यह भी पता चला है कि कोलकाता में दुर्गा पूजा के करीब 24 ‘प्रीव्यू शो’ के पास ऊंचे दामों पर बेचे गए। कुछ मामलों में इन पास की कीमत 1,749 रुपये से लेकर 5,499 रुपये तक थी। संस्था ने दावा किया था कि यूनेस्को ने उन 24 पूजा पंडालों का चयन किया है लेकिन अब तक इस दावे में कोई सच्चाई नहीं मिली है। आरोप है कि ‘प्रीव्यू शो’ के पास के नाम पर पैसे का गबन किया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि 2022 में करीब 19,000 लोगों ने ये पास लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, 2023 में 34,000 लोगों ने और 2024 में यह संख्या बढ़कर 61,000 हो गई। हालांकि इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस ने शुरू की थी लेकिन बाद में ईडी ने इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी जांच शुरू की।

समस्या निस्तारण में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : सीएम योगी

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने गंभीरता से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। सबको आश्वस्त किया, घबराइए मत, समस्या का समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकार भरपूर मदद उपलब्ध कराएगी। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। उन्होंने गायों, गोवंश व नंदी को खूब दुलारा, गुड़ खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए।

एलपीयू मामले पर सियासत तेज, कांग्रेस सांसद चन्नी और रंधावा ने ‘आप’ सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली। पंजाब के फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई घटना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दिल्ली में प्रेस से बात करते हुए पंजाब की कानून-व्यवस्था और आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने एलपीयू मामले पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “वास्तविक स्थिति तो वहां जाकर ही पता चलती है। जो दुष्कर्म हुआ, उसकी रिपोर्ट भी दर्ज होनी चाहिए थी। उसके बाद बाहरी लोगों ने वहां जाकर गुंडागर्दी की। पुलिस द्वारा ही ये गुंडागर्दी प्रायोजित थी।” चन्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि एलपीयू के मालिक अशोक मित्तल के भाजपा में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने का प्रयास किया है। उन्होंने सवाल उठाया, “इसका कौन जिम्मेदार है? कितनी देर तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बलात्कार की घटना के बाद एफआईआर होनी चाहिए थी लेकिन क्यों नहीं हुई? छात्रों को बुरी तरह पीटा गया, इसके लिए कौन जिम्मेदार है?” वहीं, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, “एलपीयू में जो हुआ है, उसे पहले ही सरकार को नियंत्रण में लेना चाहिए था। सरकार ने बहुत बाद में सक्रियता दिखाई। इतने घंटों तक छात्र सड़कों पर रहे, धरना-प्रदर्शन करते रहे, ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। ऐसी घटनाएं रुकनी चाहिए।” रंधावा ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा, “पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में किसे नहीं पता? क्या केंद्र सरकार को नहीं पता? हम गृह मंत्री को मिलते हैं, क्या उन्हें इस स्थिति के बारे में नहीं पता? देखिए, वहां जो कार्रवाई हुई उसमें देरी हुई और विरोध-प्रदर्शन कई दिनों तक चलता रहा और हाईवे भी जाम रहा। पुलिस को पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया और यह गलत है। पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। चाहे आप चिटकारा यूनिवर्सिटी या लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जैसे विश्वविद्यालयों को देखें, या पंजाब के किसी भी अन्य जिले को, कुल मिलाकर स्थिति बहुत खराब है।” रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित पंजाब दौरे को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि गृह मंत्री कल दौरा करेंगे। मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि वे सबसे पहले यह बताएं कि भारत सरकार जेलों से काम कर रहे गैंगस्टरों, पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए हो रही गतिविधियों और राज्य में आ रहे ड्रग्स के बारे में क्या कदम उठा रही है। क्या एनसीबी ने जेलों में बंद गैंगस्टरों के मोबाइल फोन बंद करने के लिए कोई कार्रवाई की है? एफबीआई की रिपोर्ट के बारे में गृह मंत्री क्या कहेंगे? उन्हें पूरे पंजाब को जवाब देना होगा।” भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर तंज कसते हुए रंधावा ने कहा, “उनकी यात्रा को देखिए। उन्होंने पठानकोट से यात्रा शुरू की, जो भाजपा का गढ़ है। वहां दो विधानसभा क्षेत्र हैं: पठानकोट और सुजानपुर। वहां वे 3,000 लोग भी इकट्ठा नहीं कर पाए। पंजाब के लोगों ने भाजपा को पूरी तरह से नकार दिया है और यह यात्रा बुरी तरह विफल रही है।

भविष्य में और भी सफलताएं मिलें,’ पीएम मोदी ने भारतीय एथलीट्स को सराहा, राष्ट्रपति ने भी दीं शुभकामनाएं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को ‘एशियन गेम्स 2026’ में देश का नाम रोशन करने वाले एथलीट्स को उनके प्रदर्शन के लिए सराहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिल्वर मेडल जीतने वाले लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर की तारीफ में लिखा, “मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स में एक और मेडल जीता। उनकी छलांग ने उन्हें पुरुषों की लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में पोडियम तक पहुंचाया, उन्हें बधाई। भविष्य में और भी सफलताएं मिलें, ऐसी शुभकामनाएं।” राष्ट्रपति ने श्रीशंकर की तारीफ में लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने पर मुरली श्रीशंकर को हार्दिक बधाई। आपका शानदार प्रदर्शन आपके कौशल, लगन और अटूट संकल्प को दर्शाता है। उम्मीद है कि आप अपने खेल के सफर में और भी ऊंचाइयां हासिल करेंगे।” केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी छाप छोड़ी है। शानदार प्रदर्शन, मेहनत से हासिल किया गया मेडल और भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और गर्व का पल। बधाई हो, मुरली। आगे भी ऐसी ही कई बड़ी छलांगों, जीतों और मेडल्स की उम्मीद है।” पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में यशवीर सिंह ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता, जबकि रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा किया। प्रधानमंत्री ने इन एथलीट्स की तारीफ में कहा, “एशियन गेम्स के पोडियम पर दो भारतीय जैवलिन थ्रोअर। अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतने पर यशवीर सिंह और ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर रोहित यादव को बधाई। दोनों एथलीट्स और भारतीय एथलेटिक्स के लिए यह एक शानदार नतीजा है। भविष्य की कोशिशों के लिए उन्हें शुभकामनाएं।” राष्ट्रपति ने इन खिलाड़ियों की तारीफ में कहा, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने पर यशवीर सिंह और ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर रोहित यादव को बहुत-बहुत बधाई। एक साथ दो मेडल जीतना भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का पल है। यशवीर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (पर्सनल बेस्ट) इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है। उम्मीद है कि आप दोनों हर थ्रो के साथ नए रिकॉर्ड बनाते रहेंगे।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत के लिए एक यादगार ‘डबल पोडियम’ पल रहा, जिसमें यशवीर सिंह ने सिल्वर मेडल और रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। यशवीर और रोहित को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई। उम्मीद है कि वे आगे भी बेहतरीन प्रदर्शन करते रहेंगे, नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे और आने वाले वर्षों में देश का मान और बढ़ाएंगे।” केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “एशियन गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में भारत के लिए शानदार डबल पोडियम। यशवीर सिंह ने अपने अब तक के सबसे बेहतरीन थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि रोहित यादव ने शानदार ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। दो बेहतरीन प्रदर्शन, कड़ी मेहनत से जीते गए दो मेडल और देश के लिए गर्व का पल। भारतीय जैवलिन स्टार्स ने सचमुच अपनी छाप छोड़ी है।” पारुल चौधरी ने सोमवार को महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल रेस में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में भी ब्रॉन्ज जीता था। पारुल की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “एशियन गेम्स में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर पारुल चौधरी को बधाई। उनकी सफलता उभरते हुए एथलीट्स के लिए बहुत प्रेरणादायक है। भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।” लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद, सोमवार को पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में एक और सिल्वर मेडल जीता। उनकी तारीफ में प्रधानमंत्री ने कहा, “एशियन गेम्स में पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने पर गुलवीर सिंह को बधाई। उनकी यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है, क्योंकि यह उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (पर्सनल बेस्ट) है। भारत को उन पर गर्व है।” रक्षा मंत्री ने लिखा, “नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के एथलेटिक्स अभियान में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ा है। पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में पोडियम पर जगह बनाने के बाद, इन खेलों में यह उनका दूसरा सिल्वर मेडल है।” केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने पोस्ट में लिखा, “गुलवीर सिंह को बहुत-बहुत बधाई, उन्होंने पहले एशियन गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता और अब पुरुषों की 1,500 मीटर दौड़ में अपना दूसरा सिल्वर मेडल जीतकर भारत की खुशी को दोगुना कर दिया है। उनका पक्का इरादा और लड़ने का जज्बा वाकई प्रेरणादायक है। गुलवीर, आपको सलाम। आपने देश का मान बढ़ाया है।” विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा के फाइनल में 54.75 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिसके साथ पीटी उषा के 42 साल पुराने नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उनकी तारीफ में पीएम मोदी ने कहा, “विथ्या रामराज का शानदार प्रदर्शन, उन्होंने एशियन गेम्स में महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। विथ्या को बधाई। आने वाले समय में वह सफलता की नई ऊंचाइयां छूती रहें।” पिंकी बल्हारा ने विमेंस 78 किलोग्राम कुराश इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिनकी तारीफ में राष्ट्रपति ने कहा, “मैं एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 78 किलोग्राम कुराश इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर पिंकी बल्हारा को दिल से बधाई देता हूं। एशियन गेम्स में एक और मेडल जीतकर पोडियम तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है। कुराश के प्रति आपकी लगन और लगातार समर्पण तारीफ के काबिल है। आने वाले वर्षों में आपको और भी सफलताएं मिलें, इसके लिए मेरी शुभकामनाएं।” वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज की सराहना करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 1500 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतने पर गुलवीर सिंह को, और महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर विथ्या रामराज को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। आप दोनों ने अपनी असाधारण खेल उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाया है। आपकी कड़ी मेहनत,

भारतीय मूल की बोधना शिवानंदन ने इतिहास रचा, 11 साल की उम्र में बनीं सबसे युवा ‘महिला ग्रैंडमास्टर’

नई दिल्ली। भारतीय मूल की 11 वर्षीय बोधना शिवानंदन ने चेस में इतिहास रच दिया है। बोधना ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में 46वें चेस ओलंपियाड में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना तीसरा और अंतिम वुमन ग्रैंडमास्टर (डब्ल्यूजीएम) नॉर्म हासिल किया। इसके साथ बोधना इतिहास में वुमन ग्रैंडमास्टर का खिताब जीतने वालीं सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं। इंग्लैंड की महिला टीम के लिए टॉप बोर्ड पर खेलते हुए बोधना ने टीम की अगुवाई की। उन्होंने छह गेम जीते और 8.0/11 का स्कोर हासिल किया, जिससे इंग्लैंड महिला वर्ग में 15वें स्थान पर रहा। बोधना बोर्ड 1 पर टूर्नामेंट की 13वीं सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहीं। इससे पहले, सबसे युवा वुमन ग्रैंडमास्टर का रिकॉर्ड रूस की ग्रैंडमास्टर कैटरीना लैग्नो के नाम पर था, जिन्होंने 12 साल की उम्र में खिताब जीता था। उनके अलावा, चीन की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन होउ यिफान ने भी 12 साल की उम्र में यह खिताब जीता था। शिवानंदन की शतरंज यात्रा ‘कोविड-19 लॉकडाउन’ के दौरान शुरू हुई थी। पिता के दोस्त ने भारत लौटते समय कुछ बैग बोधना के परिवार को दिए थे, जिसमें एक शतरंज बोर्ड भी था। इसी शतरंज बोर्ड ने बोधना की दिलचस्पी को बढ़ाया। उस समय उन्होंने खुद ही इस खेल के दांव-पेंच सीखने शुरू किए थे। शिवानंदन ने यूरोपियन स्कूल्स चैंपियनशिप 2022 में सभी 24 मुकाबले जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था, जिसके एक साल बाद वह किसी ग्रैंडमास्टर के खिलाफ प्रतिस्पर्धी मुकाबले में हार न मानने वालीं सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। 9 साल की उम्र में बोधना को शतरंज ओलंपियाड 2024 के लिए इंग्लैंड की टीम में चुना गया। इसके साथ वह किसी भी खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी थीं। अब 11 साल की उम्र में डब्ल्यूजीएम खिताब हासिल करते हुए शिवानंदन ने अपने नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर ली है। उत्तर-पश्चिम लंदन में रहने वालीं बोधना शतरंज के साथ पढ़ाई में भी काफी होशियार हैं। वह यूके ओपन महिला ब्ल्टि्ज चैंपियन हैं, जिन्होंने ब्रिटिश महिला रैपिड चैंपियन का खिताब भी साझा किया है।

‘गेम ओवर’ में दिखती है ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ की अनिश्चितता: रैपर कर्मा

मुंबई। आने वाली फिल्म ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ के गाने ‘गेम ओवर’ को तैयार करने वाले रैपर कर्मा ने कहा कि यह गाना फिल्म की कहानी में मौजूद अनिश्चितता को दिखाता है। ‘गेम ओवर’ में दमदार और बेबाक ऊर्जा देखने को मिलती है। यह एक ऐसे खेल का एहसास कराता है जो काफी आगे बढ़ चुका है, जहां हर कदम का नतीजा होता है और अब पीछे हटने की कोई जगह नहीं बची है। यह गाना विजय सालगांवकर की दुनिया में बढ़ते दबाव, अनिश्चितता और अचानक आने वाले बदलावों को दिखाता है। इसके साथ ही ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी के अंतिम अध्याय में आधुनिक रैप का अंदाज भी जोड़ा गया है। गाने को कर्मा ने कंपोज किया है, इसके बोल लिखे हैं और इसे अपनी आवाज भी दी है। गाने को कर्मा और एके फॉर रीयल ने प्रोड्यूस किया है। गाने के बारे में कर्मा ने कहा, ”’गेम ओवर’ की शुरुआत इसके टाइटल से ही हुई थी। मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता था, जिसमें एटीट्यूड हो, लेकिन साथ ही वह फिल्म की दुनिया से भी जुड़ा हुआ लगे। ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ में काफी अनिश्चितता है और मैं चाहता था कि गाने में भी उसकी ऊर्जा नजर आए, लेकिन सब कुछ सीधे तौर पर न बताया जाए।” उन्होंने आगे कहा, ”जब मैंने इसे लिखना शुरू किया, तब मेरे दिमाग में इसका साउंड बिल्कुल साफ था, इसलिए मैंने इसके बोल, कंपोजिशन और वोकल्स सब कुछ खुद किया। जब गाना तैयार हुआ तो इसमें ऐसा एहसास था जैसे चीजें अपनी आखिरी सीमा तक पहुंच गई हैं। मैं गाने में बिल्कुल यही भावना चाहता था।” यह गाना विजय सालगांवकर की दुनिया को ज्यादा गंभीर, अंधेरा और टकराव से भरा रूप देता है। यह उनके आसपास बढ़ रहे दबाव और मुश्किल परिस्थितियों को दर्शाता है। फिल्म के साउंडट्रैक में बदला और भावनाओं के बाद अब ‘गेम ओवर’ के जरिए टकराव का रंग भी जुड़ गया है। यह ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ की कहानी में एक और परत जोड़ता है, जो ज्यादा गंभीर और अनिश्चित है और जहां हालात किसी भी वक्त बिगड़ सकते हैं। ‘गेम ओवर’ गाना सभी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसे सोनी म्यूजिक इंडिया के लेबल के तहत रिलीज किया गया है।

भारत में प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लेंगे नेपाल के 50 अधिकारी, कृषि सहयोग को मिलेगी मजबूती

काठमांडू। नेपाल के 50 अधिकारियों का एक दल सतत कृषि पद्धतियों से जुड़े अपने ज्ञान और कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत में आयोजित पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुआ है। इस बारे में भारतीय दूतावास ने सोमवार को जानकारी दी। दूतावास ने एक बयान में कहा कि प्रशिक्षण 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में आयोजित किया जाएगा, जिसमें यात्रा का समय शामिल नहीं है, और यह पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है। यह कार्यक्रम में भाग लेने वाला नेपाली अधिकारियों का तीसरा बैच है। दूतावास के अनुसार, प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उन्हें अनुभवों के आदान-प्रदान और टिकाऊ कृषि में सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखने के अवसर मिलेंगे। यह कार्यक्रम नेपाली अधिकारियों के लिए भारत की क्षमता निर्माण पहल का हिस्सा है और कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को दर्शाता है। नेपाली अधिकारियों के पहले बैच ने सितंबर 2023 में कार्यक्रम में भाग लिया था, जबकि दूसरे बैच ने अगस्त 2025 में प्रशिक्षण पूरा किया था। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राकृतिक और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ खेती पद्धतियों पर ज्ञान साझा करने को बढ़ावा देना और नेपाल के कृषि क्षेत्र में मानव संसाधन विकास में योगदान देना है। दूतावास ने कहा, “यह पहल दो पड़ोसी देशों के बीच घनिष्ठ और बहुआयामी साझेदारी के हिस्से के रूप में नेपाल में क्षमता निर्माण के लिए भारत के निरंतर समर्थन को भी रेखांकित करती है।” इस बीच दूतावास ने भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक नेपाली नागरिकों के लिए एक नई छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की है। कुछ दिन पहले जारी एक बयान में दूतावास ने कहा था कि इस योजना के तहत 25 नेपाली छात्रों को हर साल भारत के शीर्ष 20 लॉ कॉलेजों में से किसी में भी बीए एलएलबी, एलएलबी या एलएलएम पाठ्यक्रम करने के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी। छात्रवृत्ति प्रतिपूर्ति के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिसमें ट्यूशन, प्रवेश और हॉस्टल फीस को कवर किया जाएगा, जो प्रति वर्ष अधिकतम 640,000 नेपाली रुपये तक होगी।दूतावास के अनुसार, उम्मीदवारों का चयन उनकी पिछली या योग्यता परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु, बद्रीनाथ-गंगोत्री में टूटे पुराने रिकॉर्ड

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। राज्य सरकार के मुताबिक, मौजूदा यात्रा सीजन में अब तक 53 लाख 23 हजार 401 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या करीब 46 लाख थी। बद्रीनाथ और गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या पुराने रिकॉर्ड को पार कर चुकी है। बद्रीनाथ धाम में अब तक 18.10 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, गंगोत्री धाम में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 8.41 लाख तक पहुंच गई है। यमुनोत्री धाम में भी अब तक 7.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि केदारनाथ धाम में 15.57 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। सरकार के अनुसार, यात्रा में अभी करीब डेढ़ महीने का समय बाकी है। ऐसे में इस बार श्रद्धालुओं की कुल संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख 52 हजार 765 तक पहुंच चुकी है, जो बीते कई वर्षों की तुलना में अधिक बताई गई है। राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में चारधाम यात्रा को सतर्कता और लगातार निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी कदम उठाए गए हैं। चारधाम यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार के मुताबिक, चारधाम यात्रा का पहला चरण सफल रहा और दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए यात्रा मार्गों और संबंधित जिलों में जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। राज्य और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी लगातार चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुरक्षित, सुगम तथा व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

तेलंगाना: सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हैदराबाद में कांग्रेस का प्रदर्शन

हैदराबाद। तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सोमवार को हैदराबाद में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से देशभर में विरोध-प्रदर्शन के आह्वान के बाद तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय तक रैली निकाली। प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मंत्री पोन्नम प्रभाकर और श्रीधर बाबू, सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और अनिल कुमार यादव समेत कई नेता शामिल हुए। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की गई। प्रदर्शनकारी नेकलेस रोड स्थित इंदिरा गांधी की प्रतिमा के पास जमा हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त तथा केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘वोट चोरी’ और ‘डेमोक्रेसी के दुश्मन’ जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं। वहां से प्रदर्शनकारी सचिवालय के पास बीआरके भवन स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग का पुतला भी जलाया गया। भारतीय संविधान की प्रति हाथ में लिए उपमुख्यमंत्री विक्रमार्क ने सभी लोकतांत्रिक ताकतों से कांग्रेस की इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले कई वर्षों से देश में व्यवस्थित तरीके से नागरिकों के मतदान के अधिकार को प्रभावित करने और कथित “वोट चोरी” को लेकर चेतावनी देते रहे हैं और अब उनकी बात सही साबित हुई है। विक्रमार्क ने दावा किया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने भी एसआईआर के नाम पर नागरिकों के वोट हटाए जाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी शुरू से ही संविधान और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे अहम ताकत मतदान का अधिकार है और अगर उसी अधिकार को नुकसान पहुंचाया जाता है तो देश में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। विक्रमार्क ने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले सभी राजनीतिक दलों से अपने मतभेदों को अलग रखकर कांग्रेस के साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भारतीय लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों में पूरा विश्वास है और जब तक हर नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित नहीं हो जाता, पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने आरोप लगाया कि एक स्वायत्त संस्था के रूप में काम करने वाला भारत निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों का औजार बन गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। पूर्व मंत्री दानम नागेंद्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से जुड़े मामले का सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की।