सारा दिन लैपटॉप पर बैठते हैं? रीढ़ की जकड़न और थकान दूर करेगा ये योगासन

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों बैठे रहना, गलत पोस्चर और तनाव शरीर को जकड़ कर रख देता है। योग के विभिन्न आसनों में पूर्वोत्तानासन शरीर के अगले हिस्से को खींचता है और पिछले हिस्से को मजबूत बनाता है। पूर्वोत्तानासन शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के तीन शब्दों से हुई है- ‘पूर्व’ (शरीर का अगला हिस्सा या पूर्व दिशा), ‘उत्तान’ (तीव्र खिंचाव), और ‘आसन’ (मुद्रा)। इसलिए इसे ‘शरीर के अग्र भाग का तीव्र खिंचाव’ या ‘अपवर्ड प्लैंक पोज़’ भी कहा जाता है। यह बैठकर आगे झुकने वाले आसनों (जैसे पश्चिमोत्तानासन) के प्रभाव को संतुलित करने के लिए एक बेहतरीन काउंटर-पोज है। इस आसन को अपवर्ड प्लैंक पोज भी कहा जाता है, जो शरीर के अगले हिस्से में गहरा खिंचाव पैदा करता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, पूर्वोत्तानासन के नियमित अभ्यास से हाथों, पैरों और पीठ की मांसपेशियां मजबूत बनी रहती हैं। वहीं, रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बना रहता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। यह आसन थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करता है। पूर्वोत्तानासन थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने में बहुत मददगार माना जाता है, और इसका कारण इसकी गर्दन और गले की मुद्रा में छिपा है। इस आसन को करने के दौरान गर्दन पीछे की ओर झुकती है, जिससे थायरॉयड ग्रंथि के आसपास रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है। ज्यादा ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलने से ग्रंथि ज्यादा सक्रिय और संतुलित तरीके से काम करने लगती है। यह आसन पैरों और कूल्हों के लिए भी कंप्लीट वर्कआउट है। पूर्वोत्तानासन को करने के दौरान एड़ियों को ज़मीन पर दबाकर पैरों को सीधा रखा जाता है। इससे पिंडलियों, जांघों के पिछले हिस्से और आगे के हिस्से में तेज खिंचाव और मजबूती आती है। जो लोग दिनभर बैठे रहते हैं, उनके पैरों की जकड़न को यह आसन खोल देता है और पैरों में ताकत बढ़ाता है। कूल्हों को ऊपर की ओर उठाकर रखने के लिए ग्लूट्स (नितंबों की मांसपेशियां) को पूरी तरह टाइट करना पड़ता है। इससे हिप्स शेप में आते हैं, हिप जॉइंट्स की अकड़न दूर होती है और कमर के निचले हिस्से को सहारा मिलता है। यह आसन हिप फ्लेक्सर्स को स्ट्रेच करता है, जो लगातार बैठने से टाइट हो जाते हैं। नियमित अभ्यास से पैरों में स्थिरता, कूल्हों में लचीलापन और पूरे लोअर बॉडी में मजबूती आती है। यदि आप योग की शुरुआत कर रहे हैं, तो इस आसन को करने से पहले अपनी कलाइयों को घुमाकर थोड़ा वॉर्म-अप अवश्य कर लें। गर्दन या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट (जैसे स्लिप डिस्क) होने पर सिर को पीछे न लटकाएं या इस आसन से बचें।

सीमा के हालात तय करेंगे भारत-चीन रिश्ते कितने सामान्य होंगे: जयशंकर

न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में कहा कि चीन के साथ भारत के संबंध सीमा पर तनाव के सबसे बुरे दौर से उबरकर बेहतर हुए हैं। हालांकि, दोनों देशों के रिश्ते कितने सामान्य हो पाएंगे, यह आगे भी सीमा पर हालात पर निर्भर करेगा। जयशंकर ने कहा कि भारत-चीन संबंध 2025 के मुकाबले अब बेहतर हैं और 2024 की तुलना में इनमें और ज्यादा सुधार आया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस सुधार को दोनों देशों के रिश्तों में किसी बुनियादी बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2020 की घटनाओं और उसके बाद लंबे समय तक चले सीमा विवाद की वजह से दोनों देशों के बीच सामान्य संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ था। व्यापार जारी रहा, लेकिन सरकारी स्तर पर बातचीत और अधिकारियों की आवाजाही, वीजा और उड़ानों पर असर पड़ा। जैसे-जैसे सीमा पर तनाव कम हुआ, इनमें से कुछ संपर्क फिर से शुरू होने लगे। जयशंकर ने कहा कि इसे रिश्तों के स्थिर होने का स्वाभाविक नतीजा माना जाना चाहिए, न कि इस बात का सबूत कि दोनों देशों के बीच मौजूदा समस्याएं खत्म हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत कई वर्षों से यह बात कहता आया है कि रिश्तों में लंबे समय तक तनाव बने रहना दोनों देशों के हित में नहीं है। जयशंकर ने कहा, “हमारे रिश्तों में गिरावट वास्तव में हम दोनों में से किसी के लिए फायदेमंद नहीं है।” उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति का फायदा तीसरे पक्ष उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सोच यह है कि ऐसे विवाद में लंबे समय तक फंसे रहने से बचना चाहिए, जिसका फायदा किसी और को हो। जयशंकर के मुताबिक, चीनी पक्ष को भी इस सोच को स्वीकार करने में कुछ समय लगा। जयशंकर ने कहा कि चीन के साथ रिश्तों में सुधार होने से भारत की स्थिति न सिर्फ चीन के साथ बातचीत में बल्कि दुनिया के दूसरे देशों के साथ उसके रिश्तों में भी मजबूत होती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों के हिसाब से व्यावहारिक समाधान तलाशेगा। उन्होंने कहा, “अगर मुझे ऐसा समाधान मिल सकता है जो मेरे लिए काम करता हो, तो मैं वही करना पसंद करूंगा।” जयशंकर ने एक बार फिर सीमा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए सबसे अहम मुद्दा बताया। उन्होंने कहा, “सीमा की स्थिति ही रिश्तों की स्थिति तय करती है। ऐसा नहीं हो सकता कि सीमा पर तनाव हो, या उससे भी खराब हालात हों, और साथ ही आप कहें कि रिश्ते सामान्य रहने चाहिए।” जयशंकर ने कहा कि जैसे-जैसे सीमा पर हालात सामान्य होंगे, वैसे-वैसे दोनों देशों के बाकी रिश्ते भी सामान्य हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा सामान्य रिश्ते भारत और चीन दोनों के लिए फायदेमंद होंगे। हालांकि, उनकी बातों से यह संकेत नहीं मिला कि दोनों देशों के बीच सभी मतभेद सुलझ गए हैं। जयशंकर से भारत और चीन के बीच बढ़ती उड़ानों और सरकारी स्तर पर संपर्क को लेकर सवाल पूछा गया था। उन्होंने पहले बंद हुए संपर्कों के दोबारा शुरू होने और दोनों देशों के रिश्तों में किसी बड़े और गहरे बदलाव के बीच फर्क बताया। उनका कहना था कि सीमा पर तनाव कम होने के बाद बंद पड़े संपर्क फिर शुरू हो सकते हैं। लेकिन रिश्तों में लंबे समय तक टिकने वाले बड़े बदलाव के लिए ज्यादा मजबूत आधार की जरूरत होगी। जयशंकर की टिप्पणी भारत की विदेश नीति को लेकर उनकी व्यापक सोच का भी हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि देश अब कई बड़े साझेदारों के साथ अपने रिश्तों में संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही वे किसी एक देश पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने के खतरे को भी कम करना चाहते हैं। भारत के लिए इसका मतलब है कि उसे चीन के साथ अपने रिश्तों को अमेरिका, यूरोप, जापान, रूस और दूसरे देशों के साथ संबंधों के साथ संतुलित करके देखना होगा। भारत और चीन के बीच एक लंबी सीमा है, जिसके कई हिस्सों को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद है। 2020 में गलवान घाटी में हुई जानलेवा झड़प के बाद दोनों देशों के बीच सीमा तनाव ने दुनिया का ध्यान खींचा और आपसी रिश्तों पर भी इसका गहरा असर पड़ा। राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार जारी रहा है। भारत लगातार यह कहता रहा है कि चीन के साथ संबंध पूरी तरह सामान्य होने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है।

सऊदी अरब भारत का भरोसेमंद और अहम रणनीतिक साझेदार: वित्त मंत्री सीतारमण

दोहा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सऊदी अरब भारत का भरोसेमंद और अहम रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी पर जोर दिया। निर्मला सीतारण ने दोहा में ‘एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) 2026 सालाना बैठक’ के दौरान सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान से मुलाकात की। अल-जदान ने भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन और बेहतर होते निवेश माहौल के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री को बधाई दी और सऊदी अर्थव्यवस्था के बारे में अपनी राय रखी। वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने भारत-सऊदी अरब द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर बातचीत के सफल समापन का स्वागत किया। इससे द्विपक्षीय निवेश के लिए एक मजबूत और अधिक भरोसेमंद ढांचा मिलेगा और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। अल-जदान ने कहा कि सऊदी अरब इसके जल्द लागू होने का इंतजार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सऊदी अरब की राजकीय यात्रा के दौरान बताई गई सोच को याद करते हुए दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। अलजदान ने भारत से निवेश का स्वागत करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई। स्विट्जरलैंड से एआईआईबी गवर्नर और राजदूत पिएत्रो लाजेरी के साथ अपनी बैठक में उन्होंने भारत में मौके तलाश रहे विदेशी निवेशकों के लिए ‘नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ (एनआईआईएफ) को एक भरोसेमंद पार्टनर बताया, जो गवर्नेंस और पारदर्शिता के ऊंचे स्टैंडर्ड्स का पालन करता है। साथ ही, स्विस निवेशक भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश के लिए एनआईआईएफ इंफ्रास्ट्रक्चर फंड पर विचार कर सकते हैं। राजदूत लाजेरी ने कहा कि स्विट्जरलैंड भारत में पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और निवेश के लिए बड़े मौके देखता है। उन्होंने भारत की आगामी राजकीय यात्रा और नई दिल्ली में होने वाले दूसरे यूरोपीय मुक्त व्यापार संगठन (ईएफटीए) प्रॉस्पेरिटी समिट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में स्विस फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) की ग्रोथ ग्लोबल एफडीआई से ज्यादा तेजी से हो रही है और ‘बायलैटरल इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन एग्रीमेंट’ को अंतिम रूप देने के लिए सहयोग मांगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार, लाजेरी ने फाइनेंशियल सेक्टर और सस्टेनेबल फाइनेंस में सहयोग करने में भी दिलचस्पी दिखाई। वित्त मंत्री सीतारमण ने स्विस निवेशकों और फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों को जीआईएफटी आईएफएससी में भारत के अपने फाइनेंशियल सर्विस सेंटर में निवेश के मौके तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया, जो वित्तीय सेवा और उत्पाद, टैक्स लाभ और बिजनेस के अनुकूल माहौल देता है। सीतारमण ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले से भी मुलाकात की। दोनों मंत्री दोबारा मिलकर खुश थे और उन्होंने नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान बातचीत को आगे बढ़ाने के मौके पर चर्चा की। बातचीत में बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और रिकवरी के लिए नेपाल के आकलन और प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। साथ ही, इस मुश्किल समय में भारत जो भी मदद दे सकता है, उसकी बारीकियों पर काम करने के लिए दोनों देशों की टीमों के बीच लगातार बातचीत जारी रखने पर जअर दिया गया। मंत्रियों ने नई दिल्ली बैठक में शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर भी चर्चा की और लगातार बातचीत जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया। बयान में कहा गया है कि यूपीआई-एनपीआई लिंकेज को जल्द शुरू करने और इस्तेमाल करने पर भी चर्चा हुई, क्योंकि यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद पहल है।

बांधवगढ़ में हाथी के बच्चे की संदिग्ध हालात में मौत, एंथ्रेक्स के शक में ताला एलिफेंट कैंप 3 साल के लिए सील

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। रिजर्व के ताला एलिफेंट कैंप में एक हाथी के बच्चे की अचानक मौत के बाद पूरे कैंप को तीन साल के लिए सील कर दिया गया है। वन विभाग को आशंका है कि बच्चे की मौत एंथ्रेक्स बीमारी के कारण हुई है। बांधवगढ़ के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया, “28 अप्रैल को, हमारे कैंप में रहने वाली लगभग 3-4 साल की एक मादा हाथी के बच्चे की अचानक तबीयत खराब हो गई और 5-6 घंटे के अंदर उसकी मौत हो गई।” उन्होंने बताया कि इलाज करने वाले पशु चिकित्सक ने हाथी के बच्चे में कुछ खास लक्षण देखे, जो एंथ्रेक्स के शुरुआती लक्षणों से मिलते-जुलते थे। फील्ड डायरेक्टर ने कहा, “जैसे मुंह से लगातार खून बहना और खून का थक्का न जमना, ये एंथ्रेक्स के शुरुआती लक्षण हैं।” घटना के बाद वन विभाग तुरंत हरकत में आया। अनुपम सहाय ने बताया कि उन्होंने तुरंत जबलपुर से विशेषज्ञों की एक टीम बुलाई और हाथियों की ऐसी संदिग्ध मौतों के लिए एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) द्वारा तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का सख्ती से पालन किया। उन्होंने कहा, “इस प्रोटोकॉल के तहत, बच्चे की मौत वाली जगह के चारों ओर लगभग 50 मीटर के दायरे में घेरा बना दिया गया है ताकि कोई भी जंगली जानवर उस इलाके में न आ सके। चूंकि एंथ्रेक्स के स्पोर मिट्टी में 3 साल तक जीवित रह सकते हैं, इसलिए हमने उस पूरे इलाके को उतने समय के लिए सील कर दिया है और एसओपी में बताई गई सभी अन्य जरूरतों का पालन कर रहे हैं।” एंथ्रेक्स एक बेहद खतरनाक संक्रामक बीमारी है जो मिट्टी में मौजूद बैक्टीरिया के स्पोर से फैलती है। इसके स्पोर सालों तक जमीन में जीवित रह सकते हैं और किसी भी जीव के संपर्क में आने पर उसे संक्रमित कर सकते हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर इतने बड़े इलाके को सील करना जरूरी हो जाता है। फील्ड डायरेक्टर ने इस दौरान एलिफेंट फेस्टिवल को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग पिछले साल से ही नई जगहों पर फेस्टिवल आयोजित करने पर विचार कर रहा था। उन्होंने कहा, “पहले बांधवगढ़ में सिर्फ कैंप के हाथी ही दिखते थे लेकिन अब जंगली हाथी रिजर्व के लगभग सभी इलाकों में घूम रहे हैं और गांवों तक भी आ रहे हैं, इसलिए हमें अलग-अलग जगहों पर फेस्टिवल आयोजित करना जरूरी लगा। जगह बदलने का मकसद स्थानीय ग्रामीणों के बीच हाथियों की उपयोगिता, वन्यजीव संरक्षण में कैंप के हाथियों की भूमिका और जंगली हाथियों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

बिहार : गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर के नए रिकॉर्ड पर; तटबंधों पर भारी दबाव, तीन स्थानों पर क्षति

पटना। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में कम समय में हुई अत्यधिक बारिश के बाद गंडक नदी में आई फ्लैश फ्लड ने बिहार के कई जिलों में तटबंधों पर दबाव बढ़ा दिया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 28 सितंबर की सुबह छह बजे 5,43,500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलप्रवाह पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली की ओर बढ़ा। इस दौरान बराज पर 13 घंटे तक जलश्राव पांच लाख क्यूसेक से अधिक और 32 घंटे तक चार लाख क्यूसेक से अधिक रहा। जल संसाधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 सितंबर के बीच पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज में भी भारी बारिश हुई। इसके चलते बराज के डाउनस्ट्रीम में गंडक नदी का जलस्तर पहले से ही बढ़ा हुआ था। अत्यधिक जलप्रवाह के कारण नदी के तटबंधों पर भारी दबाव बना हुआ है और कई स्थानों पर सीपेज, पाइपिंग तथा ओवरटॉपिंग की स्थिति उत्पन्न हुई। विभाग के मुताबिक, अब तक 169 स्थानों पर सीपेज और पाइपिंग की समस्या को तत्काल कार्रवाई कर सुरक्षित किया गया है। हालांकि, 28-29 सितंबर की मध्यरात्रि में पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के बाएं तट पर निर्मित चंपारण तटबंध को दो स्थानों पर क्षति पहुंची। इनमें बगहा-1 प्रखंड के खैरतवा गांव और बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड़ गांव शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी के दाएं तट पर बने तटबंध को भी एक स्थान पर क्षति हुई है। विभाग ने बताया कि इस बार बराज से छोड़ा गया अधिकतम जलश्राव वर्ष 2024 के 5,62,500 क्यूसेक के मुकाबले कम रहा, लेकिन बगहा गेज स्थल पर नदी ने जलस्तर का नया रिकॉर्ड बनाया। यहां जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया, जो वर्ष 2024 में दर्ज 90.90 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर से 0.35 मीटर अधिक है। विभाग के अनुसार, नदी में जलश्राव की अवधि और स्थानीय स्तर पर हुई बारिश ने डाउनस्ट्रीम में जलस्तर को प्रभावित किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के मुख्यालय से रात में ही कार्यपालक अभियंता की अध्यक्षता में चार दलों को बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज भेजा गया। अतिरिक्त अभियंताओं की भी पहले से तैनाती की गई है। क्षेत्रीय अभियंता तटबंधों पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य में जुटे हैं। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार तत्काल बचाव एवं मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, अपस्ट्रीम में नदी का जलस्तर घटने, जबकि डाउनस्ट्रीम में बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। संबंधित जिलों में तटबंधों की सुरक्षा और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम जारी है। प्रशासन को भी निचले इलाकों में संभावित जल फैलाव को देखते हुए सतर्क रहने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

‘मैं रोहित के लिए पागल हूं…’, कंटेस्टेंट की बात पर अमिताभ ने सुनाया रितिका का किस्सा

मुंबई। मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा की जमकर तारीफ की। दरअसल ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में हॉटसीट पर बैठी एक कंटेस्टेंट सोनाली ने क्रिकेट से जुड़े सवाल के दौरान रोहित शर्मा के लिए अपनी दीवानगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह उनकी बहुत बड़ी फैन है। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने भी रोहित को लेकर एक प्यारा किस्सा शेयर किया। शो में कंटेस्टेंट सोनाली से गेम के दौरान होस्ट अमिताभ बच्चन से मजाकिया अंदाज में कहा, ”सर, मैं एक रोहित पगली हूं और उन्हें देखना मेरा बहुत बड़ा सपना है और मैं समझती हूं कि मैं उनकी पत्नी हूं।” सोनाली की यह बात सुनकर अमिताभ बच्चन अपनी हंसी नहीं रोक पाए। उन्होंने मजाक करते हुए कहा, ”लगता है बहुत प्रेम है आपको उनसे, उनको बताएंगे हम। हम बोलेंगे कि आप उनकी पत्नी बनने आई थीं।” इसके बाद अमिताभ बच्चन ने रोहित शर्मा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ”मुझे भी रोहित बहुत पसंद हैं और मैं उनसे कई बार व्यक्तिगत तौर पर बात भी कर चुका हूं। जब भी वह मैदान पर खेलते हैं, मैं उनका मैच जरूर देखता हूं।” अमिताभ बच्चन ने इसके साथ ही रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा, ”जब हम स्टेडियम में रोहित को खेलते हुए देखते हैं, तो हमारी नजर कई बार रितिका पर भी जाती है, वह मैच के दौरान फिंगर्स क्रॉस करके बैठी रहती हैं।” बिग बी ने आगे कहा, ”रितिका की यह आदत हमें काफी दिलचस्प लगी। हमने इस बारे में उनसे पूछा भी था, तो उन्होंने बताया था कि वह रोहित के साथ शादी होने से पहले से ही मैच के दौरान अपनी फिंगर्स क्रॉस करके रखती थीं।” बता दें कि ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर प्रसारित हो रहा है। वहीं रोहित शर्मा इन दिनों सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के शो ‘फैमिली फुल हाउस’ को होस्ट करते नजर आ रहे हैं।

सीएम रेवंत रेड्डी के भगवान राम और शिव को लेकर दिए बयान की भाजपा ने की आलोचना, समाज को बांटने का लगाया आरोप

नई दिल्ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक बयान पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक व राजनीतिक पहचान के बीच अंतर बताते हुए एक टिप्पणी की थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके इस बयान की कड़ी आलोचना की है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए रेड्डी ने भाजपा के ‘जय श्री राम’ नारे पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेता इसी तरह ‘हर हर महादेव’ का उद्घोष क्यों नहीं करते? रेड्डी ने कहा, “हम द्रविड़ हैं। यहां (उत्तर भारत में) लोग आर्य हैं। हम शिव के भक्त हैं, जबकि यहां के लोग भगवान राम के भक्त हैं। भाजपा ने राम को हथिया लिया। यह एक भावना है, एक जज्बात है। पीएम मोदी ‘हर हर महादेव’ क्यों नहीं कहते? क्या आपने कभी भाजपा के लोगों को मंच पर ‘हर हर महादेव’ कहते देखा है? वे सिर्फ ‘जय श्री राम’ कहते हैं। जब हम ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाते हैं, तो उन्हें यह पसंद नहीं आता।” तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने भगवान शिव को “गरीबों के देवता” और भगवान राम को “अमीरों के देवता” बताया, साथ ही कहा कि दोनों देवताओं की लोग पूजा करते हैं। रेड्डी की ये बातें उस तर्क का समर्थन करते हुए आईं कि उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीतिक संस्कृति और सामाजिक पहचान में बड़े अंतर हैं। हालांकि, उनकी इन बातों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कहने पर ऐसे बयान दिए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि रेड्डी की बातों का मकसद “हिंदुओं को बांटना” था और यह तथाकथित वोट-बैंक की राजनीति का हिस्सा था। सोशल मीडिया पर भंडारी ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने “वोट बैंक की राजनीति” के लिए और “राहुल गांधी के कहने पर” ये बातें कहीं, ताकि “हिंदुओं को बांटने का नया तरीका” खोजा जा सके। भंडारी ने कांग्रेस पार्टी को “मॉडर्न मुस्लिम लीग कांग्रेस” भी कहा और दावा किया कि इसके नेता “भगवान राम और भगवान शिव के मानने वालों के बीच हिंदुओं को बांटने की अपनी बुरी चाल में कामयाब नहीं होंगे!” भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में कई धार्मिक और मंदिर से जुड़ी पहलों का विरोध किया है। भंडारी ने कहा, “देश यह नहीं भूला है कि कांग्रेस ने सोमनाथ मंदिर के निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का विरोध किया था, और 2018 में ‘हर-हर महादेव’ का नारा लगाने पर पार्टी के 3 कार्यकर्ताओं को सस्पेंड कर दिया था।” उन्होंने रेड्डी के इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि भाजपा नेता ‘हर-हर महादेव’ का नारा नहीं लगाते। उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी ही एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ का नारा लगाते हैं। वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के ‘लंकाकांड’ में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी।

एशियन गेम्स: नीरू ढांडा ने देश को दिलाया पांचवां गोल्ड, महिलाओं की ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में रचा इतिहास

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारत को पांचवां गोल्ड मेडल मिल गया है। अपना पहला एशियन गेम्स खेल रही नीरू ढांडा ने इतिहास रचा है और महिलाओं की ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में 28 के एशियन रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता है। इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली वह भारत की पहली महिला ट्रैप शूटर हैं। नीरू ने क्वालीफिकेशन में 118 के स्कोर के साथ टॉप किया था। फाइनल में उन्होंने 28 के स्कोर के साथ एशियन रिकॉर्ड बनाया और एशियन गेम्स के इतिहास में ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसके अलावा, नीरू एशियन गेम्स में ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में पहली भारतीय मेडलिस्ट हैं। नीरू फाइनल में टॉप फॉर्म में थीं। उनका पहला मिस उनके नौवें शॉट में हुआ, जिससे वह थोड़ी देर के लिए तीसरे नंबर पर आ गईं। लेकिन उन्होंने तीसरी और चौथी सीरीज में परफेक्ट हिट्स के साथ तेजी से वापसी की और 20 शॉट्स में 19 हिट्स के साथ टॉप पर पहुंच गईं। फिर उन्होंने पाचंवीं सीरीज में एक शॉट मिस करने के बावजूद अपनी गोल्ड मेडल पोजीशन बनाए रखी। फिर उन्होंने परफेक्ट फाइव हिट्स के साथ शानदार गोल्ड मेडल जीता। नीरू ने अपने पहले एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के रास्ते में 30 में से सिर्फ दो शॉट मिस किए। चीन की युनोंग सन ने 26 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि कुवैत की निशानेबाज ने 21 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। कॉन्टिनेंटल शोपीस के इस एडिशन में शूटिंग में यह भारत का दूसरा गोल्ड है। कुल मिलाकर, यह आइची-नागोया में भारत का पांचवां गोल्ड है। इससे पहले, नीरू ने आज आशिमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ ट्रैप टीम शूटिंग में सिल्वर मेडल जीता था। भारतीय टीम ने तीन दिन चले 125-शॉट वाले क्वालीफिकेशन राउंड के बाद कुल 328 का स्कोर बनाया और सिल्वर के लिए कुवैत की चुनौती को पीछे छोड़ दिया।

डीएमजेड विस्फोट की जांच का आदेश, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने कहा- नतीजों के आधार पर होगी कार्रवाई

सोल। डिमिलिटराइज्ड जोन (डीएमजेड) में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट को लेकर उठ रहे तमाम सवालों के बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने पारदर्शी जांच के आदेश दिए हैं। धमाके में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे। ली ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर सरकार जरूरी कदम उठाएगी। योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि राष्ट्रपति ली ने मंगलवार को चेओंग वा डे में कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि सैन्य अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र कमान (यूएनसी) के साथ मिलकर घटना की सच्चाई जल्द से जल्द और पूरी तरह सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्षों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह बयान दक्षिण कोरियाई सेना द्वारा सोमवार को जारी प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों के एक दिन बाद आया है। सेना ने कहा था कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर “उत्तर कोरिया की बारूदी सुरंगों से विस्फोट होने की काफी संभावना है।” हालांकि, अंतिम जांच अभी पूरी नहीं हुई है। विस्फोट पिछले सोमवार (21 सितंबर) को डीएमजेड के भीतर उस समय हुआ, जब दक्षिण कोरियाई सेना और संयुक्त राष्ट्र कमान की संयुक्त जांच के लिए रास्ता साफ करने का अभियान चल रहा था। इस अभियान का उद्देश्य उन संभावित बारूदी सुरंगों की जांच करना था, जिन्हें दक्षिण कोरिया के अनुसार उत्तर कोरिया ने सैन्य सीमा रेखा के पार हाल में बिछाया हो सकता है। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, घटनास्थल से मिले सुरंग के टुकड़ों और अवशेषों में टीएनटी और भूरे रंग की सिंथेटिक सामग्री के निशान मिले हैं। सेना के मुताबिक ये विशेषताएं उत्तर कोरिया द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एंटी-पर्सनल बारूदी सुरंगों से मेल खाती हैं। विस्फोट सैन्य सीमांकन रेखा से करीब 10 मीटर दक्षिण में हुआ था। सेना ने बताया कि घटनास्थल पर कुल तीन बारूदी सुरंगें दबी होने की आशंका है। इनमें से दो में विस्फोट हुआ, जबकि सैनिकों ने पीछे हटते समय एक अन्य बिना फटी सुरंग देखे जाने की जानकारी दी थी। विस्फोट में दो दक्षिण कोरियाई सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि तीसरे सैनिक को मामूली चोट आई। राष्ट्रपति ली ने घायल सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। ली ने घटना को लेकर बिना आधार के साजिश संबंधी सिद्धांत फैलाने से भी बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभाजन नहीं होना चाहिए। इस बीच, दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने भी कहा है कि यदि अंतिम जांच में यह पुष्टि होती है कि विस्फोट उत्तर कोरिया द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण हुआ, तो उचित और जवाबी कदम उठाए जाएंगे। सेना ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र कमान के साथ जांच पूरी होने के बाद अंतिम निष्कर्ष जारी किए जाएंगे। राष्ट्रपति ली ने कैबिनेट बैठक में दक्षिण कोरिया की रक्षा क्षमता को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने उन्नत हथियारों पर आधारित आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था विकसित करने और “परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों तथा हाइपरसोनिक मिसाइलों” के निर्माण के प्रयास तेज करने का निर्देश दिया।

भारत-अमेरिका दोस्ती को नई मजबूती, अमेरिकी जनरल ने सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से की मुलाकात

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारतीय सेना के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल एडीजीपीआई (जन सूचना का अतिरिक्त महानिदेशालय) पर पोस्ट कर इस मुलाकात की जानकारी दी गई है। एडीजीपीआई ने पोस्ट करते हुए लिखा, “इंडिया-यूएस फ्रेंडशिप को आगे बढ़ाना। लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी वोवेल, डिप्टी कमांडिंग जनरल, यूएसएआरपीएसी ने 28 सितंबर को जनरल धीरज सेठ, सीओएएस से मुलाकात की। नेताओं ने इंडो-पैसिफिक में बदलते सुरक्षा हालात पर चर्चा की और कई क्षेत्रों में आपसी रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के मौकों पर बात की।” सेना के मुताबिक, दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच हुई इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तेजी से बदल रहे सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत और अमेरिका दोनों ही इस क्षेत्र में शांति और स्वतंत्र नेविगेशन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैठक में आपसी रक्षा सहयोग को कई नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के अवसरों पर भी मंथन किया गया। दोनों देशों ने माना कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच एक-दूसरे के साथ तालमेल और सहयोग को बढ़ाना बेहद जरूरी है। इस बातचीत में संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यासों के जरिए इंटरऑपरेबिलिटी यानी आपसी तालमेल और साथ काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। एडीजीपीआई ने अपनी पोस्ट में ‘युद्ध अभ्यास’ का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि युद्ध अभ्यास की सफलता ने संयुक्त अभियानों के बेहतरीन तालमेल को साबित किया और सेनाओं के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने की दोनों सेनाओं की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। ‘युद्ध अभ्यास’ भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच होने वाला सबसे बड़ा द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को बढ़ाना, आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग और एक-दूसरे की युद्ध नीतियों को समझना है। इस अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं के जवान एक साथ पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में ऑपरेशन की प्रैक्टिस करते हैं।