केरल के गृह मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े 2006 के मामले में विजिलेंस जांच के दिए आदेश

तिरुवनंतपुरम। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के नए आदेश दिए। यह जांच राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान लगे आरोपों से जुड़ी है और इसके लिए कांग्रेस नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल ने याचिका दायर की थी। यह मामला मलेशियाई सिविल इंजीनियर लीसी बीन से जुड़ा है, जिन्होंने नवंबर 2006 में केरल से लौटने के बाद कुआलालंपुर में आत्महत्या कर ली थी। वह पीएचीआई-बीईएल कंसोर्टियम से जुड़े थे, जो केरल राज्य परिवहन परियोजना (केएसटीपी) के तहत एमसी रोड को अपग्रेड करने का काम कर रहा था। खबरों के अनुसार, इंजीनियर के कथित सुसाइड नोट में कुमार का नाम था, जो उस समय पीडब्ल्यूडी सचिव के पद पर थे। यह मामला परियोजना से जुड़ी कथित अनियमितताओं और इन दावों से संबंधित है कि बाहरी दबाव के कारण 2006 में की गई शुरुआती विजिलेंस जांच पटरी से उतर गई थी। इन आरोपों पर कार्रवाई करते हुए राज्य के गृह विभाग ने विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) द्वारा पहले की गई जांच से जुड़ी सभी संबंधित फाइलें मांगी हैं। इन रिकॉर्ड्स की जांच करके यह पता लगाया जाएगा कि मूल कार्यवाही कैसे की गई थी और क्या बाहरी प्रभाव ने इसकी दिशा को प्रभावित किया था। केरल के गृह मंत्री के कार्यालय के अनुसार, चेन्निथला ने विजिलेंस डायरेक्टर को दखलंदाजी के आरोपों की पूरी जांच करने और जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मंत्री ने कहा कि बाहरी दखल के आरोप गंभीर हैं और इनकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। नई जांच में उन हालात पर ध्यान दिया जाएगा, जिनमें शुरुआती जांच की गई थी और उस समय उठाए गए आरोपों को कैसे संभाला गया था। बता दें कि मलेशियाई सिविल इंजीनियर लीसी बीन ने उस कंसोर्टियम के साथ काम किया था, जिसे एमसी रोड को अपग्रेड करने का काम सौंपा गया था, यह केरल राज्य परिवहन परियोजना का एक अहम हिस्सा था। बाद में उनकी मौत को सड़क सुधार के कामों के प्रशासन और उन्हें पूरा करने से जुड़े आरोपों से जोड़कर देखा जाने लगा। सरकार के इस नए कदम का आधार वेणुगोपाल की याचिका है। यह नई जांच उन आरोपों के बाद शुरू की गई है जिनमें कहा गया था कि पिछली जांच बाहरी दबाव के कारण पटरी से उतर गई थी, जिसके बाद राज्य के गृह विभाग ने दोबारा जांच के लिए रिकॉर्ड मंगाए। कथित सुसाइड नोट में कुमार का जो जिक्र होने की बात कही जा रही है, वह जांच का विषय है। न तो उस कथित जिक्र से और न ही नई जांच की घोषणा से यह साबित होता है कि उन्होंने कोई गलत काम किया है। आगे की कार्रवाई विजिलेंस की जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। सरकार का तत्काल निर्देश है कि रिकॉर्ड हासिल किए जाएं, दखलंदाजी के आरोपों की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि क्या मूल कार्यवाही में कोई गड़बड़ी हुई थी, ताकि यह तय किया जा सके कि आगे क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

उत्तर प्रदेश: सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक से टकराई एंबुलेंस, चार लोगों की मौत

सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस के एक खड़े ट्रक से टकराने के कारण चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना की शिकार हुई एंबुलेंस चंडीगढ़ से भारतीय सेना के सूबेदार का पार्थिव शरीर लेकर देवरिया जा रही थी। यह हादसा सुबह करीब 8 बजे अयोध्या-सुल्तानपुर बॉर्डर के पास हलियापुर के नजदीक हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एंबुलेंस बेकाबू होने के कारण वह सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई थी, जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों में एंबुलेंस चालक जसपाल के अलावा राजन सिंह पुत्र भूपति, गौरव सिंह पुत्र सत्यभान और राम समझ पुत्र जयसिंह शामिल हैं। सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल ने बताया कि पुलिस को डायल 112 के माध्यम से दुर्घटना की सूचना मिली थी। बताया गया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 79.6 माइलस्टोन के पास एक एंबुलेंस की अज्ञात वाहन के साथ टक्कर हुई है। इस दुर्घटना पर तत्काल स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उच्च अधिकारियों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल ने बताया कि एंबुलेंस में एक सूबेदार (सत्यवान फौजी) का पार्थिव शरीर था। यह एंबुलेंस चंडीगढ़ से देवरिया जा रही थी। हादसे के समय एंबुलेंस में ड्राइवर और सूबेदार के परिजन मौजूद थे। इस घटना में एंबुलेंस सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मृतकों के शव को पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही के लिए भेजा दिया है। स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद है। पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि सभी मृतकों की पहचान हो चुकी है। ये देवरिया जनपद के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का संज्ञान लिया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जनपद सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। अधिकारियों को परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति प्रदान करें।

दिल्ली के कालिंदी कुंज में वीडियो को लेकर ननद-भाभी में झगड़ा, कूदने के दौरान दोनों घायल

नई दिल्ली। दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में एक वीडियो को लेकर हुई बहस के बाद एक महिला कथित तौर पर बालकनी से कूद गई जबकि उसकी ननद घर के शाफ्ट में कूद गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना जैतपुर एक्सटेंशन पार्ट-II, खड्डा कॉलोनी के ‘डी’ ब्लॉक में हुई। इसके बाद कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली कि एक महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को हुई, जब रुबिया और फातिमा (नाम बदले गए हैं) के बीच बहस हो गई। बहस तब शुरू हुई जब उनमें से एक ने दूसरी का वीडियो बनाया और उसे किसी और को भेज दिया। जब कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन की टीम और दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि 25 साल की रुबीना नामक महिला पहली मंजिल से सड़क की तरफ कूद गई थी और उसे चोटें आई थीं। उसे पहले स्थानीय अस्पताल ‘फेलिज’ ले जाया गया और बाद में आगे के इलाज के लिए पीसीआर गाड़ी से एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। पुलिस ने बताया कि दूसरी महिला, 24 साल की फातिमा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फिर घर के शाफ्ट (खुले हिस्से) में कूद गई। अधिकारियों ने कमरा खोला और उसे शाफ्ट के अंदर पाकर बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस ने बताया कि स्टेशन ऑफिसर राकेश सिंह की अगुवाई में फायर सर्विस के कर्मचारियों ने उपलब्ध उपकरणों का इस्तेमाल किया और पुलिस टीम के साथ मिलकर फातिमा को उस ‘मुश्किल जगह’ से बाहर निकाला। इसके बाद उसे पीसीआर गाड़ी ‘काइट-22’ से एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। पुलिस ने कहा कि बचाव अभियान पीसीआर और दिल्ली फायर सर्विस की टीमों के साथ मिलकर चलाया गया ताकि दोनों महिलाओं को सुरक्षित बचाया जा सके और उन्हें समय पर इलाज मिल सके।

तीसरा वनडे: कैरेबियन कप्तान होप ने खेली नाबाद 162 रनों की पारी, भारत के खिलाफ लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी

न्यू चंडीगढ़। कप्तान शाई होप की 162 रनों की नाबाद पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने तीसरे वनडे मैच में भारत के खिलाफ 352 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए 5 विकेट से जीत हासिल की। शनिवार को पीसीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 5 विकेट से जीत हासिल की, जिसमें शाई होप ने रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। रोहित शर्मा (92), ऋतुराज गायकवाड़ (57) और केएल राहुल (नाबाद 129) की शानदार पारियों के दम पर भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 351 रन बनाए। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेहमान टीम ने 48.2 ओवरों में मुकाबला अपने नाम किया। कप्तान शाई होप ने 143 गेंदों में 3 छक्कों और 17 चौकों के साथ नाबाद 162 रन बनाए, जबकि आमिर जंगू ने 67 रन की पारी खेली। इनके अलावा, कीमो पॉल ने टीम के खाते में 44 रन जुटाए। इसी के साथ शाई होप वनडे फॉर्मेट में वेस्टइंडीज के लिए रन चेज के दौरान सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में क्रिस गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, जिन्होंने साल 2019 में इंग्लैंड के विरुद्ध 162 रन की पारी खेली थी। यह भारत के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में रन चेज में सबसे बड़ा स्कोर भी है। इस मामले में वेस्टइंडीज के कप्तान ने श्रीलंका के पूर्व खिलाड़ी तिलकरत्ने दिलशान के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जिन्होंने साल 2009 में राजकोट में 160 रन की पारी खेली। शाई होप ने वनडे क्रिकेट में बतौर विकेटकीपर-कप्तान 8 शतक लगाए हैं। इस मामले में महेंद्र सिंह धोनी (4) और एबी डिविलियर्स (4) उनसे पीछे हैं। शाई होप सबसे कम पारियों में 21 वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। होप ने यह कारनामा 152 पारियों में किया। इस मामले में क्विंटन डी कॉक और डेविड वॉर्नर की बराबरी कर ली है। हाशिम आमला (116 पारियां) और विराट कोहली (138 पारियां) इस लिस्ट में होप से आगे हैं। शाई होप भारत के खिलाफ सर्वाधिक वनडे शतक जड़ने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। एबी डिविलियर्स (5 शतक) इस लिस्ट में शीर्ष पर हैं। वहीं, डेरिल मिचेल और शाई होप 4-4 शतकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यह वनडे फॉर्मेट में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रच चेज रहा। इससे पहले कैरेबियन टीम ने साल 2019 में आयरलैंड के विरुद्ध 328 रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी। यह वनडे इतिहास में भारत के खिलाफ रनों का पीछा करते हुए दूसरी सबसे बड़ी जीत भी है। इस लिस्ट में आस्ट्रेलिया (मोहाली, साल 2019) और साउथ अफ्रीका (रायपुर, साल 2025) संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं, जिन्होंने टीम इंडिया के विरुद्ध 359-359 रनों के टारगेट का सफलतम पीछा किया है।

बकाया फसल ऋण की वसूली पर अस्थायी रोक बरकरार, उल्लंघन होने पर शिकायत करें किसान: सीएम विजय

चेन्नई। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सहकारी समितियों के जरिए किसानों को दिए गए बकाया फसल ऋण की वसूली पर अस्थायी रूप से रोक लगाई गई है। यह स्पष्टीकरण उन शिकायतों के बाद आया है, जिनमें किसानों ने कहा था कि उन्हें फोन कर बकाया ऋण चुकाने के लिए कहा जा रहा है। सरकार ने अपने बयान में कहा कि यह रोक सहकारी समितियों से लिए गए बकाया फसल ऋण की वसूली पर लागू है। किसानों से कहा गया है कि अगर पहले से जारी निर्देशों के बावजूद कोई सहकारी समिति ऋण की वसूली के लिए उनसे संपर्क करती है, तो इसकी शिकायत करें। किसानों की ओर से फोन के जरिए बकाया फसल ऋण की वसूली की कोशिशों की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने सभी किसानों को इस रोक के बारे में दोबारा जानकारी दी है। ऐसी घटनाओं की शिकायत के लिए एक व्हाट्सऐप नंबर भी जारी किया गया है। सरकार के बयान के मुताबिक, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार ने इस फैसले की जानकारी सर्कुलर के जरिए क्षेत्रीय रजिस्ट्रारों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को दी है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित सहकारी समितियों में बकाया फसल ऋण की वसूली पर अस्थायी रोक का पालन किया जाए। सभी सहकारी समितियों को भी सर्कुलर का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया गया है। सरकार इस बात की निगरानी कर रही है कि समितियां ऋण वसूली पर लगाई गई अस्थायी रोक का पालन कर रही हैं या नहीं। अगर किसी किसान को सहकारी समिति की ओर से बकाया फसल ऋण चुकाने के लिए फोन या किसी अन्य माध्यम से संपर्क किया जाता है तो वह सहकारिता विभाग के आधिकारिक शिकायत निवारण व्हाट्सऐप नंबर 9884000845 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। सरकार ने कहा कि ऋण वसूली की कोशिश की शिकायत दर्ज कराते समय ये जानकारियां देना जरूरी है, ताकि मामले की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा सके।

ऐतिहासिक मुकाबले में ब्राजील ने भारत को 4-0 से हराया, एस्टेवाओ और लिनो का शानदार प्रदर्शन

कोलकाता। पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने शनिवार को साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए ऐतिहासिक मुकाबले में भारत को 4-0 से हरा दिया। सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और ब्राजील की पुरुष फुटबॉल टीमों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। भारत ने मैच की अच्छी शुरुआत की और ब्राजील को अपनी बढ़त हासिल करने से रोके रखा। हालांकि, धीरे-धीरे ब्राजील ने मैच पर पकड़ बनानी शुरू की और हाफ टाइम से पहले दो गोल कर दिए। एस्टेवाओ ने 28वें मिनट में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्राजील के लिए पहला गोल किया। वह गेंद लेकर पेनल्टी एरिया में पहुंचे और नजदीकी पोस्ट की ओर तेज शॉट लगाया। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने गेंद को छुआ, लेकिन उसे गोल में जाने से नहीं रोक पाए। ब्राजील ने इसके बाद भी भारत पर दबाव बनाए रखा और हाफ टाइम से तीन मिनट पहले अपनी बढ़त 2-0 कर ली। इस गोल में भी एस्टेवाओ की अहम भूमिका रही। उन्होंने भारतीय डिफेंस के पीछे की ओर दौड़ रहे पेड्रो को गेंद दी। पेड्रो ने मुश्किल एंगल से गोल करने की कोशिश की। गुरप्रीत गेंद को रोकते नजर आए, लेकिन गेंद उनके हाथों से निकलकर गोल लाइन पार कर गई। ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने हाफ टाइम के बाद पांच बदलाव किए। ब्रूनो गुइमारेस, गैब्रियल मैगलहेस, वैंडरसन, सैमुअल लिनो और डगलस लुइज को मैदान पर उतारा गया। इन बदलावों के बावजूद मैच पर ब्राजील का नियंत्रण बना रहा। मेहमान टीम ने 58वें मिनट में तीसरा गोल कर दिया। भारत ने खतरनाक जगह पर गेंद का कब्जा गंवा दिया, जिसका ब्राजील ने तुरंत फायदा उठाया। बाईं ओर मिली जगह का इस्तेमाल करते हुए लिनो को पेनल्टी एरिया के अंदर गेंद मिली। उन्होंने गेंद को दूर वाले कोने में पहुंचाकर शानदार गोल किया। गुरप्रीत के पास इस शॉट को रोकने का ज्यादा मौका नहीं था। इसके बाद इंजरी टाइम में लिनो ने एक और गोल करते हुए अपना दूसरा गोल पूरा किया और ब्राजील की जीत का अंतर 4-0 कर दिया। यह मैच इसलिए भी ऐतिहासिक रहा क्योंकि ब्राजील की सीनियर पुरुष राष्ट्रीय टीम पहली बार भारत में खेलने उतरी। फीफा पुरुष विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर मौजूद ब्राजील रैंकिंग सिस्टम शुरू होने के बाद भारत का सामना करने वाली सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम भी बनी। भारत फिलहाल 138वें स्थान पर है। भारतीय टीम इस मुकाबले से पहले दुनिया की 44वें नंबर की टीम पनामा के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर आई थी। यह किसी टॉप-50 टीम के खिलाफ भारत का पहला ऐसा नतीजा था, जिसमें टीम को हार का सामना नहीं करना पड़ा था।

नवप्रीत सिंह ने फर्जी पहचान पत्र से हासिल की तुर्किये की नागरिकता, कई राज्यों में ले जाकर पूछताछ करेगी पुलिस

नई दिल्ली। तुर्किये से डिपोर्ट कर भारत लाए गए कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को-ट्रैफिकिंग नेटवर्क के प्रमुख आरोपी नवप्रीत सिंह को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने अदालत से नवप्रीत की 10 दिन की हिरासत मांगी थी। पुलिस ने अदालत को बताया कि ड्रग तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच के सिलसिले में नवप्रीत सिंह को पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र लेकर जाना है। इसके अलावा, मामले में पहले से गिरफ्तार रमनदीप, गुरप्रीत और गुरजोत के साथ आमने-सामने बैठाकर उससे पूछताछ करने की जरूरत है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नवप्रीत कथित तौर पर लंबे समय तक फर्जी पहचान पत्र के सहारे विदेश में छिपा हुआ था। उसे तुर्किये में मौजूद एक कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का प्रमुख हैंडलर बताया गया है। नवप्रीत सिंह पर आरोप है कि उसने ‘नवाब विर्क’ नाम की कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया और इसी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता भी हासिल की। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह विदेश में रहते हुए अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उसके खिलाफ भारत में ड्रग तस्करी और अन्य कथित आपराधिक गतिविधियों को लेकर जांच चल रही थी। दिल्ली हाई कोर्ट से जुड़े रिकॉर्ड में भी नवप्रीत सिंह को कथित ड्रग सिंडिकेट का प्रमुख किंगपिन बताते हुए उसके तुर्किये में होने का उल्लेख किया गया था। नवप्रीत सिंह का नाम दिल्ली में वर्ष 2021 में सामने आए एक बड़े ड्रग सिंडिकेट मामले की जांच के दौरान भी सामने आया था। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, उस मामले में आरोपियों से करीब 355.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने की बात दर्ज है। जांच के दौरान नवप्रीत को कथित तौर पर इस नेटवर्क का प्रमुख आरोपी और विदेश में मौजूद हैंडलर बताया गया था। बाद की जांच में पंजाब पुलिस ने भी तुर्किये से संचालित एक कथित ड्रग नेटवर्क को नवप्रीत सिंह उर्फ ‘नव’ से जोड़ा था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत वापस लाए जाने को सरकार की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसे मोदी सरकार की ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ करार दिया। अमित शाह के मुताबिक, नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर ‘नवाब विर्क’ की फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद भी वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा। गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने नवप्रीत का पता लगाया, उसकी वास्तविक पहचान उजागर की और आखिरकार उसे तुर्किये से डिपोर्ट करवाकर भारत लाने में सफलता हासिल की। उन्होंने इस अभियान से जुड़ी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार दिसंबर 2029 से पहले ड्रग कार्टेल के खिलाफ अभियान को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले अप्रैल में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी बताए जाने वाले और ड्रग तस्करी के संदिग्ध मोहम्मद सलीम डोला को भी तुर्किये से भारत वापस लाया गया था। उस समय गृह मंत्री ने इस कार्रवाई को ड्रग्स से जुड़े भगोड़ों और संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों को कानून के दायरे में लाने की दिशा में बड़ी सफलता बताया था।

कोलकाता में होगा 19वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन का 19वां संस्करण कोलकाता में 7 से 9 जनवरी 2027 को आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन विदेश मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के साथ साझेदारी में किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान करेंगी और समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी। सम्मेलन में युवा पीबीडी खंड भी होगा। इस कार्यक्रम में दुनियाभर से भारतीय प्रवासी सदस्य, युवा प्रवासी नेता, उद्यमी, पेशेवर, शिक्षाविद, नवप्रवर्तक और अन्य हितधारक एक साथ आएंगे। इस प्रमुख प्रवासी जुड़ाव कार्यक्रम का 19वां संस्करण पिछले संस्करणों की सफलता को आगे बढ़ाएगा, ताकि भारतीय प्रवासियों के भारत के साथ गहरे संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके और भारत और विश्व में उनके योगदान का जश्न मनाया जा सके। विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रवासी भारतीय दिवस भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को चिह्नित करने के लिए 2003 से हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है। 9 जनवरी को इस अवसर को मनाने के लिए चुना गया था, क्योंकि इसी दिन 1915 में महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और भारतीयों के जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। 2015 से इसके प्रारूप को संशोधित किया गया है ताकि पीबीडी को हर दो साल में एक बार मनाया जा सके और बीच के समय में प्रवासी भारतीय विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और हितधारकों की भागीदारी के साथ विषय-आधारित पीबीडी सम्मेलन आयोजित किए जा सकें। ये सम्मेलन प्रवासी भारतीय समुदाय को पारस्परिक रूप से लाभकारी गतिविधियों के लिए सरकार और उनके पूर्वजों की भूमि के लोगों के साथ जुड़ने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं। ये सम्मेलन दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच नेटवर्किंग में भी बहुत उपयोगी हैं और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अपने अनुभव साझा करने में सक्षम बनाते हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, 18वां पीबीडी सम्मेलन 8-10 जनवरी, 2025 को भुवनेश्वर, ओडिशा में पार्टनर राज्य के रूप में आयोजित किया गया था। 18वें पीबीडी का विषय ‘विकसित भारत में प्रवासी समुदाय का योगदान’ था। त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू 18वें प्रवासी भारतीय दिवस की मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रवासियों के लिए विशेष पर्यटक ट्रेन प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस की उद्घाटन यात्रा को रिमोट के जरिए हरी झंडी दिखाई थी, जो उसी दिन दिल्ली से भारत में पर्यटन और धार्मिक महत्व के कई गंतव्यों की तीन सप्ताह की यात्रा के लिए रवाना हुई थी।

राजस्थान: मुख्य सचिव ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं के लिए परिवहन व्यवस्था मजबूत करने के दिए निर्देश​‌

जयपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में ‘104 जननी एक्सप्रेस’ सेवा के संचालन और प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं, खासकर हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और जननी एक्सप्रेस के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है। श्रीनिवास ने अधिकारियों को प्रत्येक एंबुलेंस के इस्तेमाल की नियमित समीक्षा करने और फील्ड से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर संचालन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि उपलब्ध एंबुलेंस का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सके और जरूरतमंद महिलाओं को समय पर परिवहन सुविधा मिल सके। मुख्य सचिव ने जननी एक्सप्रेस कॉल सेंटर के रोजाना के कामकाज की विस्तृत समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। इसमें सहायता के लिए कॉल आने से लेकर एंबुलेंस भेजे जाने तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कॉल रिकॉर्ड को मासिक रिपोर्ट से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य निदेशक के स्तर पर इसकी समीक्षा की जा सके। श्रीनिवास ने कहा कि इससे हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और महिलाओं को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। मुख्य सचिव ने एंबुलेंस सेवा के संचालन और प्रबंधन की व्यापक समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान जननी एक्सप्रेस के आगामी संचालन को लेकर भी चर्चा की गई। इसमें ओपन टेंडर प्रक्रिया या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के जरिए सेवा के प्रबंधन के विकल्पों पर विचार किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक जोगाराम ने बताया कि राजस्थान में जननी एक्सप्रेस सेवा के तहत 600 एंबुलेंस उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी 2021 से 10 दिसंबर 2025 तक कुल 18,86,048 लाभार्थियों ने इस सेवा का लाभ उठाया। फिलहाल इस सेवा का संचालन राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के माध्यम से किया जा रहा है। जुलाई 2026 से सभी 600 एंबुलेंस के पूरी तरह संचालित होने की उम्मीद जताई गई थी। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री ए. राठौड़, वित्त विभाग के प्रतिनिधि, जन स्वास्थ्य निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त मिशन निदेशक, वित्त निदेशक, परियोजना निदेशक, स्टोर अधिकारी, राज्य नोडल अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का किया आह्वान

अहमदाबाद। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने नागरिकों से स्वच्छता को अपने रोजमर्रा के जीवन, व्यवहार और सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने को कहा कि वे न खुद गंदगी फैलाएंगे और न ही दूसरों को ऐसा करने देंगे। शुक्रवार को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर गुजरात के नवसारी जिले के चिखली ब्लॉक स्थित मजीगाम गांव में आयोजित विशेष ग्राम सभा में पाटिल ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। पाटिल ने कहा कि स्वच्छता को केवल एक दिन का अभियान न मानकर इसे सभी की सामूहिक प्रतिबद्धता बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता को लेकर महात्मा गांधी के विचारों का जिक्र किया। पाटिल ने कहा कि महात्मा गांधी ने ‘स्वतंत्रता’ के साथ ‘स्वच्छता’ को भी महत्व दिया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद स्वच्छता के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा, “स्वच्छ भारत मिशन के रूप में देशव्यापी जन आंदोलन ने ग्रामीण स्वच्छता की स्थिति में बदलाव किया है। स्वच्छ भारत के लिए जनभागीदारी जमीनी स्तर पर इस मिशन को लगातार आगे बढ़ा रही है।” विशेष ग्राम सभा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। बैठक में स्वच्छता ही सेवा 2026 की उपलब्धियों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 और स्वच्छ सेवा आंकलन पर चर्चा की गई। स्वच्छ सेवा आंकलन ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन व्यवस्था है। इस संबंध में मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रेजेंटेशन भी दिया। विशेष ग्राम सभा में गुजरात के मंत्री नरेश पटेल, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक ऐश्वर्या सिंह, जिला कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी और राज्य एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायतों और ग्रामीण समुदायों को स्थानीय स्तर पर स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रयासों की समीक्षा करने का मौका मिला। इस दौरान स्वच्छता ही सेवा 2026 के परिणामों पर चर्चा के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुसार चार स्तरों पर कचरे को अलग करने की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वालों की पहचान और उनके रजिस्ट्रेशन तथा ओडीएफ प्लस (मॉडल) ग्राम पंचायतों में स्वच्छ सेवा आंकलन को लेकर भी चर्चा की गई। विशेष ग्राम सभा के जरिए स्वच्छता व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान करने और जरूरी कदमों को पंचायत विकास योजनाओं, खासकर ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) में शामिल करने का अवसर भी मिला। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर अलग-अलग स्वच्छता गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल के साथ योजनाओं को लागू करना है।