एशियन गेम्स 2026 में भारत ने जीते 85 मेडल, पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को दी बधाई

नई दिल्ली। भारत एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 मेडल (21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज) के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेडल-हॉल (कुल मेडल की संख्या) था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दल को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की दृढ़ संकल्प, जुनून और शानदार खेल भावना के लिए तारीफ की। भारत को सर्वाधिक 24 मेडल एथलेटिक्स से मिले, जबकि शूटिंग से 15 मेडल आए। गोल्ड मेडल के मामले में आर्चरी सबसे सफल खेल रहा, जिसमें भारत ने पांच गोल्ड जीते। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं भारतीय दल के हर सदस्य को हमारे देश का दृढ़ संकल्प, जुनून और शानदार खेल भावना के साथ प्रतिनिधित्व करने के लिए बधाई देता हूं। हमारे सभी मेडल विजेताओं को बधाई, जिनके प्रदर्शन ने देश को बहुत खुशी दी है। ये खेल आने वाले सालों में और भी बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रेरणा बनें। ये जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत करने में भी योगदान दें।” जापान में भारत के अभियान में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां और अलग-अलग खेलों में सफल टाइटल डिफेंस (खिताब बचाना) शामिल रहे। एशियन गेम्स 2026 में पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अपने एशियन गेम्स के खिताब बरकरार रखे, जबकि दोनों कबड्डी टीमों ने भी गोल्ड मेडल जीते। पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया पर 5-1 से जीत के साथ अपना खिताब सफलतापूर्वक बचाया, जबकि महिला टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल का 44 साल का इंतजार खत्म किया। भारत ने कई यादगार व्यक्तिगत प्रदर्शन भी किए। प्रणवी उर्स एशियन गेम्स में गोल्फ में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जबकि 17 साल की कुमकुम मोहोद ने इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा। लवलीना बोरगोहेन ने भी मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनकर एक खास लिस्ट में जगह बना ली।
कैप्टन स्मित ने दुनिया में बढ़ाया भारत का गौरव, लेकिन राहुल गांधी ने साधी चुप्पी: संजय निरुपम

नई दिल्ली। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्नेकर की हत्या, विपक्षी एकता में फूट और फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार के पराक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की दुनियाभर में हो रही प्रशंसा पर राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया में भारत की जय-जयकार हो रही है तो ये लोग जलकर राख हो रहे हैं। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, “प्रदीप पुर्नेकर की हत्या की जांच ठाणे पुलिस कर रही है। जांच पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रदीप पुर्नेकर की हत्या में किन लोगों का हाथ था और हत्या के पीछे किसने प्रेरणा दी। बिना जांच पूरी हुए किसी पर आरोप लगाना और किसी को कठघरे में खड़ा करना अन्यायपूर्ण है। जिस प्रकार से शिवसेना (यूबीटी) वाले इस हत्याकांड को लेकर राजनीति कर रहे हैं और तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, वह आपत्तिजनक है।” उन्होंने कहा, “जांच एक बार पुलिस करेगी। पुलिस की जांच में यदि सब कुछ सही पाया गया तो फिर सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है। हां, यदि जांच होने के बाद भी कई बातें अस्पष्ट रहती हैं और प्रदीप पुर्नेकर के परिवार को इस जांच पर भरोसा नहीं होता तो निश्चित रूप से जांच आगे भी होगी। परिवार जिस भी संस्था से जांच की मांग करेगा, उस संस्था को सक्रिय किया जाएगा।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस, वामपंथी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच आपस में ही टकराव शुरू हो गया है। जिस प्रकार कांग्रेस वाले कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं पर या उनकी मंशा पर आरोप लगा रहे हैं और उसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी वाले जिस प्रकार उन्हें जवाब दे रहे हैं कि केवल आपका ही नेता पूरी दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण नहीं है।” संजय निरुपम ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी जिस प्रकार वाम दलों या कांग्रेस से अलग होकर अपना आंदोलन कर रही है। जब जुलाई महीने में जंतर-मंतर पर इन्होंने आंदोलन किया था तो यह पूरे देश के नेताओं से मिलने गए थे, लेकिन राहुल गांधी कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं से मिलने नहीं गए, बल्कि वह अपना अलग आंदोलन चला रहे थे। शिवसेना प्रवक्ता ने कहा, “जो नया विपक्षी चेहरा बना है, वह आपस में जिस प्रकार लड़ रहा है, वह अत्यंत शर्मनाक और दुखद है। लोगों ने आरोप लगाया कि उधर तो गिरफ्तारियां हो रही हैं दिल्ली में, यहां नहीं हुईं। मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने मुंबई पुलिस के निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है।” उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में उन्हें प्रदर्शन करने की कोई अनुमति नहीं दी थी और इसके बावजूद जब उन्होंने पुलिस के आदेश की अवहेलना की और गैरकानूनी ढंग से लोगों को एकत्रित किया तो मुंबई पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के विरुद्ध मामला दर्ज किया, एफआईआर की है और कानून उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, “फ्लाईदुबई के कैप्टन पुलिस स्मित मच्छार ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है, पूरी दुनिया में उनकी सराहना हो रही है। राष्ट्रपति पुतिन ने उनसे सीधे बात की, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी प्रशंसा की। इजरायल के प्रधानमंत्री ने तो उनकी प्रशंसा की ही, क्योंकि उनके देश के लगभग 170 के आसपास यात्री थे, जो उनके देश के, उनके समाज के, उनकी समुदाय के थे। उन्होंने भी उनकी तारीफ की है।” संजय निरुपम ने कहा कि हमारे यहां पूरे देश में कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में, उनके पराक्रम और उनकी बहादुरी के कारण लोगों में अत्यंत खुशी का वातावरण है। हमारे प्रधानमंत्री ने भी उनसे बात की। ऐसे में जिस प्रकार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है। ऐसा लगता है कि यदि किसी भारतीय का सम्मान बढ़ता है, पूरी दुनिया में यदि भारत का सम्मान और गौरव बढ़ता है तो इनके पेट में दर्द होने लगता है। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार को निश्चित रूप से राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से बधाई संदेश भेजा जाना चाहिए, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जानी चाहिए। लेकिन कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के जितने भी नेता-कार्यकर्ता हैं, इस देश में कुछ भी अच्छा होता है तो उनके मन में प्रशंसा का भाव उत्पन्न नहीं होता। यह बहुत ही छोटे दिल की बात है। ये जो बात-बात पर कहते हैं कि अब भारत देश को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। शिवसेना प्रवक्ता ने कहा, “हम लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं, हम संविधान को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। हम मानवीयता को बचाने के लिए लड़ रहे हैं और जब पूरी दुनिया में भारत की जय-जयकार हो रही है, तब ये जलकर राख हो रहे हैं।
हिन्दी साहित्य के युगद्रष्टा आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती पर नेताओं ने किया नमन

नई दिल्ली। आधुनिक हिन्दी साहित्य के महान साहित्यकार, समीक्षक और निबंधकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल दिनेश शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आधुनिक हिंदी के महान साहित्यकार, समीक्षक आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।” उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी आचार्य शुक्ल को याद किया। उन्होंने लिखा, “हिन्दी साहित्य के महान आलोचक एवं साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन! उन्होंने अपनी गहन साहित्यिक दृष्टि, आलोचनात्मक चिंतन और प्रभावशाली लेखनी से हिन्दी साहित्य को नई दिशा प्रदान की। उनका अमूल्य योगदान हिंदी जगत में सदैव स्मरणीय रहेगा।” बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संदेश में कहा, “महान समीक्षक, लेखक एवं प्रख्यात साहित्यकार आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। हिंदी साहित्य के विकास में उनके अतुलनीय योगदान और उनकी समृद्ध साहित्यिक विरासत को सदैव स्मरण किया जाता रहेगा।” मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने लिखा, “हिन्दी साहित्य के समृद्ध विकास में अतुलनीय योगदान देने वाले महान साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती पर उन्हें सादर नमन करता हूं। साहित्य के प्रति उनका गहन चिंतन एवं उनकी कालजयी कृतियां आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेंगी।” भाजपा नेता बजरंग बहादुर सिंह ने आचार्य शुक्ल को युगद्रष्टा बताते हुए लिखा, “हिन्दी साहित्य के युगद्रष्टा आलोचक एवं महान साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन! अपनी अद्वितीय साहित्यिक दृष्टि, गहन चिंतन और सशक्त लेखनी के माध्यम से उन्होंने हिन्दी साहित्य को समृद्ध करते हुए उसे नई दिशा प्रदान की।” वहीं भाजपा नेता आशुतोष त्रिपाठी ने कहा, “हिंदी साहित्य के महान साहित्यकार एवं मूर्धन्य समीक्षक, आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में उनके अतुलनीय योगदान को सदैव स्मरण किया जाता रहेगा। उनकी साहित्यिक दृष्टि और विचारधारा आज भी साहित्य जगत को मार्गदर्शन प्रदान करती है।” बता दें कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म 4 अक्टूबर 1884 को हुआ था। वे हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखन और आलोचना के क्षेत्र में मील का पत्थर माने जाते हैं। उनकी प्रसिद्ध कृति ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ आज भी साहित्य के विद्यार्थियों के लिए आधार ग्रंथ है।
पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने की पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की पत्नी से मुलाकात, लिया आशीर्वाद

नई दिल्ली। कांग्रेस की पंजाब इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर से मुलाकात की। उन्होंने मनमोहन सिंह को याद किया और उनके प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी से मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर से मुलाकात की। सरदार मनमोहन सिंह को याद करते हुए उनका (गुरशरण कौर) आशीर्वाद लिया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। उनकी सादगी, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।” उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालते हुए मैं सरदार मनमोहन सिंह के घर जाकर और उनकी पत्नी गुरशरण कौर का आशीर्वाद लेकर इस जिम्मेदारी की शुरुआत कर रहा हूं। मनमोहन सिंह हमारे लिए प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं। उनका सादापन, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण हमें हमेशा पंजाब और भारत की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा। वे हमेशा हमारे राष्ट्रीय नायकों में से एक बने रहेंगे।” वहीं, परगट सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मनमोहन सिंह ने सिर्फ आर्थिक तौर पर ही नहीं, बल्कि ईमानदारी के साथ और इंसानियत के तौर पर देश को आगे लेकर गए। मुझे लगता है कि पदभार संभालने से पहले गुरशरण कौर जी का आशीर्वाद लेकर पंजाब जाना चाहिए। उन्होंने संस्थानों को खड़ा किया था। आज सरकार ने उन्हीं संस्थानों को ध्वस्त किया है। मेरा मानना है कि हम देश और पंजाब में वह जज्बा पैदा करें कि राज्य और यह राष्ट्र विकास कर सके। इसीलिए मैं गुरशरण कौर जी का आशीर्वाद लेने आया हूं।” पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा ‘वड़िंग’ को लेकर परगट सिंह ने कहा, “मैं उनसे मुलाकात के लिए जाऊंगा। हम दोनों के बीच कोई ऐसी बात नहीं है।
रोहित, विराट, राहुल और जडेजा, वनडे सीरीज के बाद सीनियर खिलाड़ियों पर क्या बोले कप्तान शुभमन गिल?

न्यू चंडीगढ़। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शनिवार को पीसीए स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ में वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला खेला गया। इस मैच में वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए भारत को 5 विकेट से हरा दिया। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा इस मैच में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने जडेजा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने की वजह बताई। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने कहा, “रवींद्र जडेजा को ड्रॉप किया गया था। हमने उन्हें आराम दिया क्योंकि आज हमारे पास दूसरे खिलाड़ियों को मौका देने का समय था। जब कोई सीरीज सिर्फ तीन मैच लंबी होती है, तो बाहर बैठे खिलाड़ियों को अनुभव देना बहुत मुश्किल हो जाता है।” उन्होंने कहा, “आगे चलकर, वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए, सिलेक्टर्स के साथ हमारी बातचीत उन खिलाड़ियों को स्क्वॉड में रखने पर होगी जो अपने स्किल सेट से हमें ज्यादा फायदा दे सकते हैं।” रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल के बारे में गिल ने कहा, “वे सच में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित भाई ने पिछली चार इनिंग्स में कुछ सेंचुरी बनाई हैं। वह सच में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। विराट भाई ने भी अच्छी बल्लेबाजी की है। केएल को जब भी मौका मिला है, उन्होंने टीम के लिए काम किया है। उन्होंने मेहनत की है और शानदार बल्लेबाजी की है।” वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में गिल ने पहले मैच में शतक और दूसरे मैच में दोहरा शतक लगाया। रोहित शर्मा ने दूसरे वनडे में शतक और तीसरे वनडे में अर्धशतक लगाया। रोहित ने तीसरे वनडे में 92 रन बनाए और 8 रन से अपने शतक से चूक गए। विराट कोहली ने भी पहले मैच में शतक लगाया था। केएल राहुल को पहले दो मैचों में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन तीसरे वनडे में मौका मिलते ही राहुल ने भी शतक लगाया। भारत ने यह सीरीज 2-1 से जीती। हालांकि, इसके बावजूद गेंदबाजी में असफलता ने भारतीय टीम के लिए चिंता बढ़ा दी है। दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज का 400 से अधिक रन बनाना और तीसरे वनडे में 352 का लक्ष्य हासिल करना, भारतीय गेंदबाजी की कमजोरी का सबूत है।
भविष्य में जब भी झूठ बोलने वाले नेताओं की लिस्ट बनेगी, राहुल गांधी का नाम सबसे ऊपर होगा : राम कदम

मुंबई। भाजपा विधायक राम कदम ने रविवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट के एसआईआर को लेकर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाने के बजाय राहुल गांधी को साफ तौर पर कहना चाहिए कि वह फर्जी वोटरों को हटाने के खिलाफ हैं। राम कदम ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “भविष्य में जब भी झूठ बोलने वाले नेताओं की लिस्ट बनेगी, राहुल गांधी का नाम सबसे ऊपर होगा।” उन्होंने कहा, “कुछ महीने पहले कांग्रेस ने खुद महाराष्ट्र में ‘फर्जी वोटरों’ को हटाने के लिए रैली निकाली थी और चुनाव टालने की मांग भी की थी। राहुल गांधी को चीजें भूलने की आदत है, इसलिए उन्हें अपनी ही पार्टी की मांगें याद नहीं रहतीं।” भाजपा नेता ने कहा कि एसआईआर वोटर लिस्ट को सही और स्पष्ट करने की एक प्रक्रिया है और बिना सबूत के आरोप लगाना लोकतंत्र पर हमला है। राम कदम ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ” ‘वोट चोरी’ के आरोपों को दोहराने के बजाय, राहुल गांधी को साफ तौर पर कहना चाहिए कि वह नहीं चाहते कि फर्जी वोटर हटाए जाएं।” राम कदम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की भी आलोचना की और कहा, “क्या उन्हें नहीं पता कि उनकी पार्टी ने मुंबई में फर्जी वोटरों को हटाने की मांग को लेकर रैली निकाली थी? दुर्भाग्य से, वह उस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, जिसके नेता राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान भारत का नाम खराब करते हैं।” शनिवार को चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बीच सबसे “समझदारी भरा काम” जो आयोग के प्रमुख कर सकते हैं, वह तुरंत पद से इस्तीफा देना है। इसके अलावा, राम कदम ने सीईसी के खिलाफ विपक्ष के आरोपों को ‘सुनियोजित साजिश’ बताया और सवाल किया, “हमारे दुश्मन क्यों चाहेंगे कि हमारा देश तरक्की करे?” उन्होंने कहा, “आज अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों के प्रमुख भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर रहे हैं। यह सभी 140 करोड़ भारतीयों की सराहना है, क्योंकि आज देश तेजी से विकास कर रहा है।” वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि का हवाला देते हुए भाजपा विधायक ने कहा, “इस प्रगति को देखकर, विदेश में बैठे हमारे कुछ दुश्मन यहां लोगों को हमारी संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने और अराजकता फैलाने के लिए फंडिंग कर रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया, “दुर्भाग्य से, कांग्रेस, दोनों ठाकरे भाई (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) और देश का विपक्ष ऐसा करने में सबसे आगे हैं।
जातीय खेमों में लड़ता भारत नहीं, हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ चाहिए: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें बिखरा हुआ और जातीय खेमों में आपस में लड़ता भारत नहीं, बल्कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत चाहिए। जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटना राष्ट्र और भारत माता के प्रति अपराध है। गुलामी के दौर में भी एक वर्ग समाज को बांटता था, जबकि दूसरा समाज को जोड़कर स्वाधीनता की हुंकार भरता था। आज भी वही प्रवृत्ति अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रही है। ऐसे में शिक्षक समाज की जिम्मेदारी है कि विभाजनकारी ताकतों को सफल न होने दे। मुख्यमंत्री रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। गायत्री मंत्र के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी को नमन करते हुए कहा कि गायत्री परिवार ने यज्ञ के माध्यम से समाज को जोड़कर सामाजिक एकता का आदर्श प्रस्तुत किया। पंडित श्रीराम शर्मा संगठन को अपना नाम दे सकते थे, लेकिन उन्होंने विचार को प्रधानता दी। व्यक्ति के नाम पर चलने वाले संगठन धराशायी हो जाते हैं, जबकि विचार लंबी यात्रा करता है। गायत्री परिवार की 100 वर्षों की साधना इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि 1923 में गीता प्रेस, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और 1926 में अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना हुई। रास्ते अलग थे, लेकिन तीनों ने जनचेतना जगाने और समाज को सनातन मूल्यों, भारत और भारतीयता से जोड़ने का काम किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को समाज की चेतना और युग निर्माता बताते हुए कहा कि शिक्षक जागृत होकर ईमानदारी से दायित्व निभाए तो भारत को विश्व गुरु बनने में देर नहीं लगेगी। भारत की आचार्य और गुरुकुल परंपरा ने तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय दिए। इसी परंपरा ने चाणक्य-चंद्रगुप्त, महर्षि वशिष्ठ-श्रीराम और महर्षि सांदीपनि-कृष्ण दिए। इस परंपरा को फिर जीवंत करना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से 11 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का जुड़ना महत्वपूर्ण है। युवा पीढ़ी का सही मार्गदर्शन कर उसे प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाएंगे तो आज का युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त परिवार भारत की ताकत रहे हैं। परिवार सीमित होने के साथ बिखराव और तनाव बढ़ा है। गायत्री परिवार को समाज के साथ परिवारों को जोड़ने का दायित्व भी निभाना होगा। प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती, इसलिए समाज में भी भेदभाव का स्थान नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2017 से 2026 तक 275 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। इस वर्ष 35 करोड़ पौधारोपण हुआ। पौधों के संरक्षण और निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने नदियों को मानव शरीर की धमनियों जैसा बताते हुए कहा कि जीवनदायिनी नदियों को बचाकर उन्हें अविरल और निर्मल बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के शताब्दी वर्ष के लिए गुलामी की मानसिकता त्यागने, विरासत पर गौरव करने, सामाजिक समता और विकसित भारत के लिए काम करने का संकल्प लेना होगा। हर व्यक्ति अधिकार से अधिक कर्तव्य को महत्व दे तो भारत को दुनिया की कोई ताकत आंख नहीं दिखा सकती। उन्होंने गायत्री परिवार से अगले 100 वर्षों का लक्ष्य तय करने और शिक्षकों से 2047 के विकसित भारत के लिए युवा पीढ़ी को सही दिशा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के टॉप-10 स्कूलों को सम्मानित किया गया। इनमें सीतापुर के सीतापुर इंटर कॉलेज व आशुतोष बृजभवन लाल इंटर कॉलेज, रायबरेली का चंद्रशेखर मेमोरियल पब्लिक स्कूल, लखनऊ के लखनऊ पब्लिक स्कूल व सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गाजियाबाद का डॉ. केएन मोदी साइंस एंड वाणिज्य इंटर कॉलेज, अमेठी का शिव प्रताप इंटर कॉलेज, बुलंदशहर का अमर सिंह इंटर कॉलेज, चित्रकूट का चित्रकूट इंटर कॉलेज और मुजफ्फरनगर का एमजी पब्लिक स्कूल शामिल हैं। विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा का बजट बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर घटी है। मेरिट से शिक्षकों की नियुक्तियां हुईं और स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधाएं बढ़ी हैं। उन्होंने शिक्षा, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया। डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, स्वार्थ और संकीर्णता आज मनुष्य के भीतर की चुनौती हैं। धर्म, न्याय, नीति, मूल्य और सदाचार को मजबूत करना होगा। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का उद्देश्य नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति के मूल भाव को स्थापित करना है।
हरियाणा: हांसी में नेहरू कॉलेज के पास ट्रक और बस में आमने-सामने की टक्कर, 20 से अधिक यात्री घायल

हांसी। हरियाणा के जनपद हांसी में एक निजी बस की सामने से आ रहे ट्रक के साथ जोरदार आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में करीब 20 से 25 यात्रियों के घायल होने की सूचना है। घायलों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा हांसी के सिसाय पुल क्षेत्र में नेहरू कॉलेज के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11 बजे निजी बस बरवाला से हांसी की तरफ आ रही थी। जैसे ही बस राजकीय महाविद्यालय के पास सिसाय पुल के नजदीक पहुंची, उसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने घायलों को बस से बाहर निकाला। कई घायलों को निजी वाहनों और अन्य साधनों से नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में घायल पहुंचने के बाद चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने तत्काल उपचार शुरू किया। बताया जा रहा है कि हादसे में कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को बेहतर उपचार के लिए हिसार रेफर किया गया है। वहीं, अन्य घायलों का नागरिक अस्पताल हांसी में उपचार चल रहा है। हादसे में घायल यात्री पूनम ने बताया कि वह बरवाला से हांसी आ रही थी। पूनम के अनुसार सामने से आए ट्रक ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। इस दौरान आगे बैठे यात्रियों को गंभीर चोटें आईं और कई लोग घायल हो गए। पूनम ने बताया कि उसे भी चोट लगी है। दुर्घटना के बाद सड़क पर दोनों वाहनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
प्रयोग करने के लिए अब ज्यादा समय शेष नहीं, अगली सीरीज से हमारे सभी प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध होंगे: शुभमन गिल

न्यू चंडीगढ़। भारत के कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि टीम को अगली सीरीज से ही वही प्लेइंग कॉम्बिनेशन अपनाना शुरू कर देना चाहिए, जिसे वर्ल्ड कप में उतारने की योजना है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप में अब सिर्फ एक साल का समय बचा है, इसलिए लगातार नए प्रयोग करने के बजाय टीम को अपने सबसे मजबूत संयोजन के साथ खेलना चाहिए। एशियन गेम्स में अपना गोल्ड मेडल बचाने के लिए भारत ने अपनी सबसे मजबूत टी20 टीम उतारी थी। इसी कारण टीम के कई नियमित वनडे खिलाड़ी वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में नहीं खेल सके। इसके अलावा, हार्दिक पांड्या और प्रसिद्ध कृष्णा की चोटों ने भी भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रसिद्ध कृष्णा बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण तीसरे वनडे मैच में हिस्सा नहीं ले पाए थे। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, वनडे टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर एशियन गेम्स में खेलने में व्यस्त थे। वहीं, हर्षित राणा चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में अनुभवी और बैकअप खिलाड़ियों का मिश्रण उतारना पड़ा। मुख्य खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी में ऋतुराज गायकवाड़, नमन धीर, अंशुल कंबोज और आकिब नबी जैसे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। इसके अलावा, नीतीश कुमार रेड्डी और गुरनूर बरार ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें भारत भविष्य और वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए तैयार कर रहा है। भारत ने इसी संतुलित टीम के साथ वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-1 से सीरीज अपने नाम की। मैच के बाद गिल ने कहा कि इस स्थिति ने दूसरे दर्जे के खिलाड़ियों को अपनी दावेदारी पेश करने का मौका दिया। इसके साथ ही उन्हें उम्मीद है कि अगली सीरीज से भारत के पास वर्ल्ड कप वाला मुख्य कॉम्बिनेशन होगा। अगली सीरीज न्यूज़ीलैंड के खिलाफ है, जिसमें पांच वनडे, पांच टी20 इंटरनेशनल और दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए कहा, “चोटों और दूसरे मैचों के शेड्यूल की वजह से हम उस बॉलिंग लाइन-अप के साथ नहीं खेल पाए, जिसके साथ हम खेलना चाहते थे। मगर यह हमारे हाथ में नहीं है। यह दूसरे खिलाड़ियों के लिए एक अच्छा मौका था, जो शायद टीम में नहीं होते अगर हमारे पास पूरी ताकत वाली बॉलिंग लाइन-अप होती। इसी वजह से दूसरे खिलाड़ियों के लिए अपनी काबिलियत दिखाने का यह एक शानदार मौका था।” हालांकि, शुभमन गिल का मानना है कि अब टीम के पास ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं बचा है। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो मुझे नहीं लगता कि अब प्रयोग के लिए बहुत समय है। उम्मीद है कि अगली सीरीज से हमारे सभी प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध होंगे। इसके बाद हम उसी टीम कॉम्बिनेशन के साथ खेलना शुरू करना चाहते हैं, जिसे वर्ल्ड कप में उतारने की योजना है।” गिल ने सीरीज में डेब्यू करने वाले अंशुल कंबोज और आकिब नबी का भी समर्थन किया, भले ही उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने कहा, “अंशुल और आकिब ऐसे खिलाड़ी हैं जो भविष्य में भी टीम का हिस्सा रह सकते हैं। प्रसिद्ध कृष्णा के चोटिल होने और सीरीज पहले ही जीत लेने के बाद हमारे पास नए खिलाड़ियों को आजमाने का मौका था, इसलिए हमने इसका फायदा उठाया।” गिल ने खास तौर पर अंशुल कंबोज की तारीफ करते हुए कहा कि वह सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “अंशुल नंबर-8 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं और यह पोजिशन हमारी टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
सोनिया गांधी की आंखों में बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए थे आंसू, कैप्टन स्मित के लिए करुणा का भाव नहीं : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली। राज्यसभा सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने एक फ्लाइट में कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ की और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाइट में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। उनके इस कार्य से सारा देश गौरवान्वित है। पीएम मोदी उनसे बात कर चुके हैं। इजरायल और अमेरिका के राष्ट्रपति उनकी प्रशंसा कर चुके हैं।” उन्होंने कहा कि आज मीडिया में यह भी खबर आई है कि आरोपी पायलट इमाम अल हमामी का अल-कायदा ने तारीफ करते हुए समर्थन किया है। इसी को लेकर सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “इस पर कांग्रेस की ओर से एक भी शब्द, एक भी पोस्ट और एक भी प्रेस वक्तव्य कैप्टन स्मित के लिए न आना यह सवाल खड़ा करता है कि सोनिया गांधी की आंखों में बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए आंसू थे, उनकी आंखों में करुणा का एक भी भाव कैप्टन स्मित मच्छार के लिए दिखाई नहीं दे रहा है।” उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा, “वो बिगड़ैल शहजादा, जो गाजा पर गमजदा था, जो ‘एक्स’ से लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के प्रस्तावों और अखबारों में आर्टिकल लिखे जा रहे थे, लगता है वो अपने वोटबैंक से इतने खौफजदा हो गए हैं कि उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकला। पूरे देश को कांग्रेस के सर्वोच्च नेतृत्व के इस आचरण को देखना चाहिए।” सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “आज हम सीधे कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहते हैं कि आखिर क्यों उन लोगों के मुंह से कैप्टन स्मित मच्छार के लिए एक भी शब्द नहीं निकल रहा, जिन्होंने जाकिर नाइक को शांति का मसीहा कहा, अफजल गुरु को हालात का शिकार बताया, बुरहान वानी को भटका हुआ नौजवान कहा, याकूब मेमन की फांसी को न्यायिक हत्या कहा और बाटला हाउस एनकाउंटर पर आंसू बहाए।” उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने ऐसी वीरता दिखाई और इतने लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली लेकिन उनके लिए कांग्रेस के मुंह से एक शब्द नहीं आ रहा। हम इस पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सीधा जवाब मांगते हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “देश यह भी महसूस कर रहा है कि अगर वोट बैंक की राजनीति इस मानसिकता के हिसाब से चलेगी, तो यह इस देश की विमान को किस हद तक और कहां ले जाकर क्रैश करेगी? आज पूरे देश के सामने यह सोचने और चिंतन करने का विषय है।” वहीं, उन्होंने कहा, “जैसा कि आप सबने देखा, शांति और अहिंसा के प्रतीक महात्मा गांधी की जयंती पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने नई नियुक्तियां कीं और अहम बात यह है कि गांधी जयंती के शुभ अवसर पर उन्होंने इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उनका आचरण और रिकॉर्ड क्या रहा होगा। और जब उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान पीएम मोदी को “बोटी-बोटी” करने वाला शर्मनाक बयान दिया था, तब वह कांग्रेस में नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी में थे।” सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मुझे जो कहना है वह यह है कि लगातार हार की हताशा में गर्दन तक डूबे हुए मल्लिकार्जुन खड़गे, जो इतने वरिष्ठ नेता हैं, वह राहुल गांधी की विकृत मानसिकता को क्यों अपनाना चाहते हैं?” उन्होंने कहा, “पूरी विनम्रता के साथ मैं मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछना चाहता हूं कि जब आपका चुनाव हुआ था, तब एक नहीं बल्कि कई कांग्रेस नेताओं ने कम से कम इलेक्टोरल कॉलेज की लिस्ट, यानी कम से कम चुनावी बोर्ड की लिस्ट देने के लिए कहा था लेकिन कांग्रेस ने वह लिस्ट नहीं दी। तो पहला सवाल यह उठता है कि अध्यक्ष पद के लिए आपका चुनाव ही अवैध है। दूसरा दृश्य याद कीजिए जब प्रियंका गांधी या राहुल गांधी का नामांकन हुआ था। सबको वह वीडियो याद होगा जहां परिवार के अन्य सदस्य नामांकन कक्ष के अंदर बैठे थे लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे को अंदर घुसने भी नहीं दिया जा रहा था क्योंकि माना जा रहा था कि अगर वह अंदर आएंगे तो यह अवैध हो जाएगा।