यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि’, पीएम मोदी ने की गुलवीर सिंह के ऐतिहासिक प्रदर्शन की तारीफ

‘नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 10वें दिन भारत का प्रदर्शन लाजवाब रहा। देश की झोली में 7 गोल्ड समेत कुल 16 मेडल आए। भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने लॉन्ग-डिस्टेंस रेस में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलवीर को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने गुलवीर की प्रशंसा करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “गुलवीर सिंह ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। उन्हें बधाई। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। वह पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कॉमनवेल्थ गेम्स का मेडल जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। यह वाकई भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्हें मेरी शुभकामनाएं।” पीएम मोदी ने भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने अंकुश पंघाल को गोल्ड, नरेंद्र को सिल्वर जीतने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “बहुत खुशी है कि नरेंद्र बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के 90+ किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीता है। पूरी प्रतियोगिता के दौरान जबरदस्त साहस और दृढ़ संकल्प दिखाने के लिए उन्हें बधाई। भविष्य में उन्हें और भी कई उपलब्धियां मिलें।” 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की 80 किग्रा बॉक्सिंग कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने पर अंकुश पंघाल पर गर्व है। गेम्स के दौरान उनकी ताकत और हुनर वाकई तारीफ के काबिल थे। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनकी यह कामयाबी और भी कई युवा बॉक्सर्स को बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।” पीएम मोदी ने जूडो में ब्रॉन्ज जीतने पर उन्नति शर्मा को बधाई देते हुए लिखा, “जूडो में भारत के लिए एक और कामयाबी। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर उन्नति शर्मा को बधाई। खेलों के दौरान उनका समर्पण और दृढ़ संकल्प साफ तौर पर दिखाई दिया। उम्मीद है कि वह भविष्य में भी अपने सभी प्रयासों में बेहतरीन प्रदर्शन करती रहेंगी।
भाजपा विधायक देवेश कुमार का इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के बिहार विधान परिषद में प्रवेश की संभावना

पटना,। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक देवेश कुमार द्वारा बिहार विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार को बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं, जिससे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के उच्च सदन में प्रवेश का रास्ता खुल गया। देवेश कुमार शुक्रवार शाम को पिछले दरवाजे से बिहार विधान परिषद पहुंचे और अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस्तीफे के समय राज्य भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता उपस्थित थे। इस्तीफे के बाद विधान परिषद की खाली सीट के लिए दीपक प्रकाश को मनोनीत करने की तैयारियां चल रही हैं। दीपक प्रकाश वर्तमान में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री हैं लेकिन वे विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं। संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत, राज्य विधानमंडल के सदस्य न होने वाले मंत्री को मंत्रिपरिषद में नियुक्त होने के छह महीने के भीतर किसी भी सदन की सदस्यता प्राप्त करनी होगी। यह मुद्दा राजनीतिक रूप से विवादास्पद हो गया था। विपक्षी दलों ने बार-बार यह सवाल उठाया कि दीपक प्रकाश विधानमंडल की सदस्यता के बिना मंत्री कैसे बने रह सकते हैं। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक भी पहुंचा, जहां राज्य सरकार से जवाब मांगा गया। देवेश कुमार के इस्तीफे से विधान परिषद की एक सीट खाली हो गई है और सत्ताधारी एनडीए ने इस समस्या का समाधान ढूंढ लिया है। औपचारिक नामांकन और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर दीपक प्रकाश को इस खाली सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। विपक्ष का कहना है कि संवैधानिक आवश्यकताओं का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए जबकि सत्ताधारी एनडीए ने दावा किया है कि कानून के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषक देवेश कुमार के इस्तीफे को बिहार सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानते हैं। यदि दीपक प्रकाश विधान परिषद के लिए निर्वाचित होते हैं, तो इससे उनके मंत्री पद से संबंधित तात्कालिक संवैधानिक मुद्दा हल हो जाएगा और उन्हें राज्य विधानमंडल में औपचारिक स्थान प्राप्त हो जाएगा। उनकी उम्मीदवारी के संबंध में आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा है।
कुलगाम आतंकी हमले में घायल दूसरे मजदूर ने भी तोड़ा दम, ईंट भट्ठे पर करता था काम

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम गांव में शुक्रवार को हुए आतंकवादी हमले में मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर दो हो गई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के एक और घायल मजदूर ने सुबह श्रीनगर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान दीपक रैट्रे (24) और बोपिंदर (28) के तौर पर हुई है। दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और कुलगाम जिले के केलम गांव में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करते थे। अधिकारियों ने बताया कि बोपिंदर को शुक्रवार देर शाम गंभीर हालत में अनंतनाग शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से श्रीनगर शहर के सौरा स्थित सुपर स्पेशलिटी शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) में शिफ्ट किया गया था। आज सुबह एसकेआईएमएस में उनकी मौत हो गई।” शुक्रवार शाम आतंकवादियों ने केलम गांव में दो बाहरी ईंट भट्ठा मजदूरों को बहुत करीब से गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दोनों घायल मजदूरों को अनंतनाग शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां घायलों में से दीपक गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि डॉक्टरों ने बोपिंदर को बेहतर इलाज के लिए एसकेआईएमएस रेफर कर दिया गया था। शुक्रवार सुबह उसने भी दम तोड़ दिया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा समेत स्थानीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और हमलावरों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है। यह घटना हालिया आतंकवादी हिंसा के जवाब में कश्मीर घाटी में आतंकवाद-रोधी अभियानों के तेज होने के बीच हुई है। 22 जुलाई को आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर आर्म्ड पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या कर दी थी, जब वे अनंतनाग शहर में यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली में 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन और छोटे हवाई उपकरणों के उड़ाने पर रोक

नई दिल्ली, । दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए राजधानी में 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन सहित सभी तरह के छोटे हवाई प्लेटफॉर्म उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया यह आदेश 15 दिनों तक लागू रहेगा, जिसमें 15 अगस्त के समारोह से पहले और तुरंत बाद की अवधि शामिल है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, ऐसी खबरें मिली हैं कि कुछ आपराधिक, असामाजिक तत्व या आतंकवादी उप-पारंपरिक हवाई प्लेटफार्मों का उपयोग करके आम जनता, गणमान्य व्यक्तियों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।” खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट में आशंका जताई गई है कि असामाजिक तत्व या आतंकवादी ड्रोन और अन्य छोटे हवाई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर आम लोगों, वीआईपी, संवेदनशील सरकारी भवनों और स्वतंत्रता दिवस समारोह को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे किसी भी खतरे को पहले ही खत्म करने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। बीएनएसएस के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि अधिसूचित अवधि के दौरान दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) के अधिकार क्षेत्र में कहीं भी इन चीजों को उड़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आदेश में कहा, “मैं स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 के अवसर पर दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के ऊपर पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंगग्लाइडर, यूएवी, यूएएस, माइक्रोलाइट विमान, रिमोट से संचालित विमान, हॉट एयर बैलून, छोटे आकार के संचालित विमान, क्वाडकॉप्टर या विमान से पैरा जंपिंग आदि जैसे गैर-पारंपरिक हवाई प्लेटफार्मों की उड़ान पर रोक लगाता हूं।” दिल्ली पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि इस निर्देश का उल्लंघन करने पर “भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।” यह आदेश 31 जुलाई को जारी किया गया था और इसमें निर्दिष्ट किया गया है कि यह 2 अगस्त से प्रभावी होगा और 16 अगस्त तक (दोनों दिन शामिल) 15 दिनों की अवधि के लिए लागू रहेगा या जब तक कि इसे वापस नहीं ले लिया जाता।
सेंसेक्स और निफ्टी जुलाई में करीब 2 प्रतिशत बढ़े, आईटी सेक्टर सबसे आगे रहा

मुंबई, । भारतीय शेयर बाजार के लिए जुलाई का महीना काफी अच्छा रहा है। इस दौरान दोनों मुख्य सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी ने 2 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। आखिरी कारोबार सत्र में सेंसेक्स 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 और निफ्टी 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,383.60 पर बंद हुआ। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। जुलाई में निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 2.53 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.81 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। जुलाई में जिन प्रमुख शेयरों की मार्केट वैल्यू में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई, उनमें डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, बंधन बैंक, थर्मैक्स, तेजस नेटवर्क्स, सुजलॉन एनर्जी, जीई वर्नोवा टीएंडडी इंडिया, सीमेंस एनर्जी इंडिया और गुजरात एनर्जी शामिल थे। वहीं, जुलाई में कल्याण ज्वैलर्स इंडिया के शेयर की कीमत में 60 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया। ई-क्लार्क्स सर्विसेज, सीई इन्फो सिस्टम्स, लोढ़ा डेवलपर्स, एचईजी, इन्फो एज (इंडिया), एटीएम, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई। सूचकांकों में जुलाई में निफ्टी आईटी 16.77 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (9.96 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (9.49 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (8.67 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (8.55 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (4.77 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (2.50 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (1.60 प्रतिशत) की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। दूसरी तरफ, निफ्टी एनर्जी (2.54 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.98 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (1.48 प्रतिशत), और निफ्टी प्राइवेट बैंक (1.46 प्रतिशत) की गिरावट के साथ सूचकांकों टॉप लूजर्स थे। जानकारों का मानना है कि कुछ खास शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की वजह पहली तिमाही के नतीजे और ग्लोबल एआई-ट्रेड में बिकवाली के बावजूद आईटी सेक्टर में फिर से खरीदारी रही। आईटी सेक्टर का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा क्योंकि जुलाई निवेशकों ने लगातार इस सेक्टर की ओर रुख किया।
प्रियंका गांधी के प्रो. कामाकोटी को ‘गोमूत्र विशेषज्ञ’ कहने पर बवाल, भाजपा और शिक्षाविदों ने जताया कड़ा विरोध

नई दिल्ली, । लोकसभा में पेपर लीक रोकने और शिक्षा सुधार बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी. कामाकोटी पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी बवाल बढ़ गया है। प्रियंका गांधी ने प्रो. कामाकोटी को ‘गोमूत्र विशेषज्ञ’ कहकर संबोधित किया था, जिसके बाद भाजपा और शिक्षा जगत के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेलंगाना भाजपा सचिव बंदारू विजया लक्ष्मी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जाने-माने वैज्ञानिक कामाकोटी पर प्रियंका गांधी की टिप्पणी बहुत शर्मनाक है। जरा देखिए कि कौन किस पर टिप्पणी कर रहा है। वह परिवार-आधारित राजनीति से आई हैं और मेरा पक्का मानना है कि उन्हें भारत की जड़ों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।” मुंबई में शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने भी प्रियंका गांधी के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, “लोकसभा में पेपर लीक रोकने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने वाले बिल पर चर्चा के दौरान, प्रियंका वाड्रा ने आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी. कामाकोटी के बारे में बहुत आपत्तिजनक टिप्पणी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने के लिए बनाई गई छह सदस्यीय टास्क फोर्स में प्रो. कामाकोटी को सदस्य नियुक्त किया था। प्रियंका गांधी ने टिप्पणी की कि ऐसे लोगों को इसलिए सदस्य बनाया गया क्योंकि वे ‘गोमूत्र विशेषज्ञ’ थे। उनका यह बयान बेहद शर्मनाक है।” शिक्षा जगत से भी इस टिप्पणी को लेकर विरोध के स्वर उठे हैं। जूनागढ़ एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर वी.पी. चोवटिया ने कहा, “मेरी राय में वी.पी. कामाकोटी आईआईटी मद्रास के जाने-माने डायरेक्टर हैं। वे बहुत पढ़े-लिखे व्यक्ति भी हैं। उन्होंने 150 से ज्यादा रिसर्च पेपर पब्लिश किए हैं। उन्होंने छात्रों के लिए भी कई सुधार किए हैं। इसके अलावा, वे 50 से ज्यादा बिजनेस सुधारों से भी जुड़े रहे हैं। केंद्र सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया है।” ओडिशा के भुवनेश्वर में उत्कल यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रो. चंडी प्रसाद नंदा ने भी इस मामले पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “कल प्रेस में मैंने यह मामला देखा और मैंने इसे एक अलग संदर्भ में देखने की कोशिश की, क्योंकि मेरी ट्रेनिंग इतिहास जैसे विषय में हुई है, और मेरा विषय मुझे सिखाता है कि किसी भी बारीक सवाल पर बहुत अलग तरह से विचार किया जाए। उदाहरण के लिए, यह सवाल उठता है कि क्या यह वैज्ञानिक, तर्कसंगत या सही है कि उन्हें ‘गोमूत्र विशेषज्ञ’ कहा जाए।
भारत रत्न पुरुषोत्तम दास टंडन की जयंती पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने किया नमन

नई दिल्ली, । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 1 अगस्त 1882 को जन्मे भारत रत्न राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन का शनिवार को 144वां जयंती है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने उनको नमन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई। अपने ओजस्वी लेखन से उन्होंने समाज को जागरूक करने और राष्ट्रीय चेतना का संचार करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। हिंदी भाषा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा तथा उसके संवर्धन में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनका सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।” केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक, भारत रत्न पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “स्वतंत्रता सेनानी एवं संविधान सभा के सदस्य रहे, भारत रत्न श्री पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर भावपूर्ण नमन। राष्ट्र की स्वतंत्रता, भारतीय संस्कृति और हिंदी भाषा के सम्मान व संवर्धन के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। संविधान निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया में ‘राजर्षि’ श्री टंडन की सक्रिय भूमिका, राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी अटूट आस्था और भारतीय मूल्यों के संरक्षण का उनका संकल्प आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत रत्न से सम्मानित, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रखर राष्ट्रनायक राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धापूर्वक नमन।” राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत रत्न से सम्मानित, राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित कराने के उनके अथक प्रयास तथा राष्ट्रसेवा, भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति उनका आजीवन समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, ओजस्वी वक्ता, कर्मठ पत्रकार और संविधान सभा के सदस्य के रूप में उन्होंने राष्ट्र निर्माण तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में अमूल्य योगदान दिया।” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, हिंदी के अनन्य सेवक एवं भारत रत्न, पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर सादर नमन करता हूं। हिंदी के सम्मान, एकता और संस्कृति के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के उनके आदर्श सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।” उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “हिंदी भाषा के प्रखर संवाहक, महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत रत्न ‘राजर्षि’ पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर शत्-शत् नमन। हिंदी के सम्मान, भारतीय संस्कृति के संरक्षण, किसान हित, सामाजिक समरसता और राष्ट्रनिर्माण के प्रति उनका आजीवन समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्श, सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्रसेवा का संकल्प आने वाली पीढ़ियों को मातृभूमि के प्रति कर्तव्यनिष्ठा एवं स्वाभिमान का मार्ग दिखाता रहेगा।” हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “भारत रत्न एवं प्रखर स्वतंत्रता सेनानी राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। हिंदी भाषा के संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और स्वदेशी मूल्यों के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। राष्ट्रनिर्माण के प्रति उनके आदर्श और विचार आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।” मध्य प्रदेश सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत रत्न, हिंदी के अनन्य सेवक एवं प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर शत्-शत् नमन। आपके आदर्श और विचार सदैव राष्ट्रनिर्माण की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।”
‘ताहिर हुसैन को मौत की सजा मिलनी चाहिए थी’, उम्रकैद फैसले पर अंकित शर्मा के भाई

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, पीड़ित के परिवार ने मौत की सजा की मांग की है। अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि परिवार इस बात से निराश है कि अदालत ने मौत की सजा नहीं सुनाई। आईएएनएस से बात करते हुए, अंकुर शर्मा ने कहा कि अगर यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक जाता है, तो परिवार इसे आगे भी लड़ेगा। हमारी मांग थी कि इसे ‘दुर्लभतम मामलों’ की श्रेणी में माना जाना चाहिए था। दोषी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी। हम चाहते थे कि उसे मौत की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि अदालत ने न्याय किया है, लेकिन ताहिर हुसैन को मौत की सजा दी जानी चाहिए थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सुनिश्चित करने की अपील भी की कि जब मामला ऊपरी अदालत में जाए, तो ताहिर हुसैन और अन्य लोगों को मौत की सजा मिले। कड़कड़डूमा कोर्ट ने हत्या को ‘क्रूर’ बताया और कहा कि हत्या के बाद अंकित शर्मा के शव को पास के नाले में घसीटकर डाल दिया गया था। यह मानते हुए कि अपराध “दुर्लभतम मामलों” की श्रेणी के करीब था, अदालत ने फैसला सुनाया कि मौत की सजा देने के लिए जरूरी कानूनी शर्तें पूरी नहीं हुईं। अदालत ने कहा कि जानलेवा हमले में किसी व्यक्ति की भूमिका का कोई ठोस सबूत नहीं था और सुधरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 फरवरी, 2020 को दंगों के दौरान तनाव कम करने की कोशिश करते समय अंकित शर्मा को भीड़ ने घेर लिया था। आरोप है कि उन पर चाकू, लाठी, लोहे की छड़ों और पत्थरों से हमला किया गया और अगले दिन एक नाले से उनका शव बरामद किया गया, जिस पर चाकू के 51 घाव थे।
गुजरात: ट्रेन से हुआ देश का पहला लाइव हार्ट ट्रांसपोर्ट, सूरत से अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस से पहुंचा दिल

अहमदाबाद। भारतीय रेलवे ने देश में पहली बार ट्रेन के जरिए लाइव हार्ट का ट्रांसपोर्ट सफलतापूर्वक पूरा किया है। सूरत से अहमदाबाद तक दिल को मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए ले जाया गया, ताकि यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में ट्रांसप्लांट किया जा सके। ट्रेन नंबर 20901 से भेजा गया यह हार्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर अहमदाबाद पहुंच गया। इस पूरे ऑपरेशन के लिए भारतीय रेलवे, गुजरात पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और मेडिकल टीमों के बीच समन्वय किया गया ताकि अंग को बिना किसी देरी के पहुंचाया जा सके। ट्रेन के अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद आरपीएफ और गुजरात पुलिस ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 से यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इस समर्पित रूट की मदद से दिल को तेजी से अस्पताल तक पहुंचाया गया, ताकि तय समय में ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की जा सके। अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि यह ऑपरेशन भारतीय रेलवे के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, “यह भारतीय रेलवे के लिए बेहद गर्व और संतोष का पल है कि वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए सूरत से अहमदाबाद तक एक लाइव हार्ट को सुरक्षित और समय पर पहुंचाया गया। ऐसे जीवन रक्षक अभियानों में हर पल महत्वपूर्ण होता है। भारतीय रेलवे, आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस और मेडिकल टीमों के बीच शानदार समन्वय से यह मिशन सफल हुआ। हमारे लिए किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में भूमिका निभाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का सर्वोच्च कर्तव्य है।” रेल प्रशासन के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस की रफ्तार, समयनिष्ठता और विश्वसनीयता ही मुख्य कारण थे जिससे अंग को ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी सीमित समय-सीमा के भीतर गंतव्य तक पहुंचाया जा सका। इस मिशन में भारतीय रेलवे के कई विभागों के साथ-साथ डॉक्टर, अंग प्रत्यारोपण समन्वयक, आरपीएफ कर्मी, गुजरात राज्य पुलिस अधिकारी और अन्य अधिकारी भी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि सभी एजेंसियों के बीच करीबी समन्वय के कारण यह समय-संवेदनशील ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो सका। यह देश में पहली बार है जब ट्रांसप्लांट के लिए ट्रेन के जरिए लाइव हार्ट ले जाया गया है। इससे यात्री और माल सेवाओं के साथ-साथ आपातकालीन मेडिकल लॉजिस्टिक्स में भी रेल नेटवर्क की भूमिका और बढ़ गई है।
आमिर खान की को-स्टार रेचल शेली ने दिखाईं ‘लगान’ के सेट की तस्वीर, 25 साल बाद ताजा हुईं यादें

मुंबई। आमिर खान की मशहूर फिल्म ‘लगान’ में एलिजाबेथ रसेल का किरदार निभाने वाली ब्रिटिश एक्ट्रेस रेचल शेली ने पुरानी यादें ताजा कीं। एक्ट्रेस ने ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई इस क्लासिक फिल्म की शूटिंग के दौरान की कुछ ऐसी तस्वीरें शेयर कीं जो पहले कभी नहीं देखी गई थीं। रेचल ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फिल्म की शूटिंग की दो खास तस्वीरें पोस्ट कीं। एक तस्वीर में एक्ट्रेस पारंपरिक भारतीय कपड़ों और रंग-बिरंगी चूड़ियों में नजर आ रही हैं और दूसरी तस्वीर में वह फिल्म में पहने गए अपने खास विक्टोरियन-युग के कॉस्ट्यूम में एक सजे-धजे हाथी के पास खुशी-खुशी पोज देती दिख रही हैं। तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, “हे लगान लवर्स – क्या मैंने कभी ये तस्वीरें आपके साथ शेयर की थीं..?” ‘लगान’ में रेचल ने बेरहम ब्रिटिश अफसर कैप्टन एंड्रयू रसेल (पॉल ब्लैकथॉर्न द्वारा निभाया गया किरदार) की दयालु बहन का किरदार निभाया था। अपने भाई से विपरीत, एलिजाबेथ चंपनेर के ग्रामीणों के प्रति सहानुभूति रखती हैं और उन्हें चुपके से क्रिकेट खेलना सिखाती हैं, ताकि वे ऐतिहासिक मैच में अंग्रेजों को चुनौती दे सकें। कहानी के दौरान एलिजाबेथ को धीरे-धीरे भुवन (आमिर खान द्वारा निभाया गया किरदार) से प्यार हो जाता है। बाद में उसे यह जानकर बहुत दुख होता है कि भुवन, गौरी (ग्रेसी सिंह द्वारा निभाया गया किरदार) से बहुत प्यार करता है। आशुतोष गोवारिकर द्वारा लिखित और निर्देशित तथा आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत बनी फिल्म ‘लगान: वन्स अपॉन ए टाइम इन इंडिया’ 15 जून, 2001 को रिलीज हुई थी। इस फिल्म में आमिर खान, ग्रेसी सिंह, रेचल शेली और पॉल ब्लैकथॉर्न के अलावा कुलभूषण खरबंदा, सुहासिनी मुले, रघुबीर यादव, राजेश विवेक, यशपाल शर्मा, राज जुत्शी, अखिलेंद्र मिश्रा, दया शंकर पांडे और कई अन्य कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने दिया था और गाने जावेद अख्तर ने लिखे थे। इससे पहले इस साल जून में, ‘लगान’ की कास्ट और क्रू फिल्म की 25वीं सालगिरह मनाने के लिए फिर से इकट्ठा हुए थे और फिल्म का एक खास स्क्रिप्ट-रीडिंग सेशन किया था।