गुजरात: पालीताना तीर्थ स्थल पर शेरों पर नजर रखने के लिए चार वॉच टावर और ड्रोन की योजना

गांधीनगर। गुजरात के वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने मंगलवार को कहा कि वन विभाग एशियाई शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बेहतर करने के लिए पालीताना की शत्रुंजय पहाड़ी पर ड्रोन, ट्रैकिंग टीमें और नए वॉच टावर तैनात करेगा। गांधीनगर में मोढवाडिया की अध्यक्षता में ‘श्री आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी’ के जैन नेताओं के साथ हुई बैठक में भावनगर जिले के इस प्रमुख जैन तीर्थ स्थल पर बार-बार शेरों के देखे जाने के बाद इन उपायों पर चर्चा की गई। इस बैठक में राज्य मंत्री प्रवीण माली भी मौजूद थे। मोढवाडिया ने कहा कि ड्रोन, चार प्री-फैब्रिकेटेड वॉच टावर और चार प्री-फैब्रिकेटेड सेंटर-कम-केबिन का इस्तेमाल करके 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। पहाड़ी पर पैदल जाने वाले हजारों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए शेरों की गतिविधियों की लगातार ट्रैकिंग और स्कैनिंग भी की जाएगी। मोढवाडिया ने कहा, “वन विभाग ने पिछले एक साल में इस इलाके में शेरों की गतिविधियों को बारीकी से देखा और उनका विश्लेषण किया है।” उन्होंने कहा कि शेर आम तौर पर उकसाए जाने पर ही इंसानों पर हमला करते हैं, लेकिन परेशान या तंग किए जाने पर ऐसा कर सकते हैं। जंगली जानवरों की मौजूदगी को देखते हुए उन्होंने तीर्थयात्रियों को सलाह दी कि वे सूरज उगने के बाद चढ़ाई शुरू करें और सूरज डूबने से पहले अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर लें। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस इलाके को ‘साइलेंट जोन’ घोषित करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा, “शेरों की ट्रैकिंग और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय युवाओं को अस्थायी रूप से काम पर रखा जाएगा, साथ ही पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए चढ़ाई को आसान बनाने के लिए तीर्थयात्रा मार्ग की मरम्मत की जाएगी।” उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आने वाले समय में प्रस्तावित व्यवस्थाओं और सुविधाओं को लागू करने का निर्देश दिया। बैठक में जन जागरूकता और समन्वय, वन और वन्यजीव संरक्षण, बुनियादी ढांचा और आवास प्रबंधन, शेर की ट्रैकिंग और स्कैनिंग, सीढ़ियों वाले प्री-फैब्रिकेटेड वॉच टावर और सेंटर-कम-केबिन, मानव संसाधन और क्षमता निर्माण, ड्रोन तकनीक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, साइलेंट जोन की संभावना और ‘6 गौ यात्रा’ जैसी विशेष गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। वन विभाग ने सुरक्षा के प्रस्तावित उपाय पेश किए। अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने पिछले एक साल में शत्रुंजय पहाड़ी के आसपास शेरों की मौजूदगी और गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी है। यह कदम तीर्थयात्रा मार्ग के आसपास शेरों के देखे जाने की घटनाओं पर बढ़ते ध्यान के बाद उठाया गया है। हाल के महीनों में शत्रुंजय पहाड़ी और उसके आस-पास एशियाई शेर देखे गए हैं, जिनमें जून में पहाड़ी पर शेर का दिखना भी शामिल है। मोढवाडिया ने शत्रुंजय पहाड़ी पर पिछली ‘फागन फेरी’ के दौरान वन विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया और कहा कि जैन समुदाय के लोगों ने इसकी तारीफ की थी। श्री आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी के प्रतिनिधियों ने कहा कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के मामलों में वन विभाग के साथ काम करने का उनका अनुभव हमेशा अच्छा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने तीर्थयात्रियों से लगातार अपील की है कि वे अनुशासन और शांति के साथ अपनी यात्रा करें और वन्यजीवों को परेशान न करें। उन्होंने कहा, “जरूरत पड़ने पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मदद के लिए हमेशा मौजूद रहे हैं।

दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह गिरफ्तार, एसटीपी टेंडर घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाईदिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह गिरफ्तार, एसटीपी टेंडर घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टेंडर में बड़े घोटाले के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में जीएनसीटीडी के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, डीजेबी के पूर्व सीईओ आईएएस उदित प्रकाश राय, डीजेबी के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और तीन प्राइवेट कंपनियों के मालिक शामिल हैं। यह कार्रवाई एसीबी ने एफआईआर नंबर 10/2024 के तहत की। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7/7ए/9/13 और आईपीसी की धारा 420/409/418/120-बी के तहत दर्ज है। यह शिकायत जीएनसीटीडी के सतर्कता निदेशालय की ओर से मिली थी। आरोप है कि डीजेबी के एसटीपी प्लांट्स को अपग्रेड करने के टेंडर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। जांच में सामने आया कि टेंडर की तकनीकी शर्तों को इस तरह बनाया गया कि वह एक खास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में चली जाएं। अधिकारियों के अनुसार, टेंडर में प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई। इस्तेमाल होने वाली तकनीक और मीडिया से जुड़ी सीमित करने वाली शर्तें जोड़ी गईं। ट्रीटेड पानी के जरूरी पैरामीटर्स को हटा दिया गया। इन बदलावों की वजह से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा और प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से पता चला है कि टेंडर की शर्तें, शुद्धिपत्र और अन्य दस्तावेज प्राइवेट लोगों और सरकारी अधिकारियों के बीच पहले से साझा किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों को बाद में डीजेबी के टेंडर नोटिस में शामिल किया गया। इससे साफ है कि टेंडर को प्रभावित करने के लिए मिलीभगत की गई। एसीबी की फाइनेंशियल जांच में मनी ट्रेल भी सामने आई है। जांच के मुताबिक मेसर्स सृजनहार और मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज को मिडिल कंपनियों के रूप में इस्तेमाल कर कमीशन और रिश्वत का लेन-देन हुआ। आरोप है कि टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर मेसर्स यूरोटेक से पैसा पहले मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज में आया। इसके बाद आरोपी नागेंद्र यादव की प्रोपराइटरशिप फर्म से डीजेबी के तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में 1.52 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। जांच एजेंसी का कहना है कि इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि राजा कुमार कुर्रा, नागेंद्र यादव और अंकित श्रीवास्तव के बीच एसटीपी टेंडर, टेंडर की शर्तों और शुद्धिपत्र को लेकर लगातार बातचीत हुई। इन्हीं बातचीत के बाद टेंडर में ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिनसे मेसर्स यूरोटेक को सीधा लाभ मिला। एसीबी ने मंगलवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें जीएनसीटीडी के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, डीजेबी के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय; डीजेबी के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव; मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव; मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और मेसर्स सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में अपराध से हुई कमाई और पैसे के लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है। सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी अपग्रेड प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें करोड़ों रुपए का सरकारी निवेश प्रस्तावित था। एसीबी का आरोप है कि इस प्रोजेक्ट को एक खास कंपनी के पक्ष में मोड़ने के लिए सरकारी प्रक्रिया और नियमों का उल्लंघन किया गया।

हॉकी वर्ल्ड कप: साउथ अफ्रीका को 6-1 से रौंदकर भारतीय महिला टीम ने दर्ज की पहली जीत एमस्टेलवीन

नीदरलैंड्स। एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने साउथ अफ्रीका पर 6-1 से शानदार जीत हासिल करते हुए ‘पूल-डी’ में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। यह मुकाबला मंगलवार को एमस्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेला गया। इस शानदार जीत के साथ भारत टूर्नामेंट में अजेय बना हुआ है। इससे पहले भारत ने 2024 ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला था, जिससे दो मैचों में उनके चार अंक हो गए हैं और गोल अंतर के आधार पर भारत अभी पूल में सबसे आगे है। भारत 20 अगस्त को इंग्लैंड के खिलाफ अपना अभियान खत्म करेगा। अपने पहले मैच में चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद भारतीय महिला टीम इस मुकाबले में तीनों अंक हासिल करने के इरादे से उतरी थी। भारत ने शुरुआती मिनटों से ही अपने आक्रामक इरादे स्पष्ट कर दिए। भारत ने सातवें मिनट में अपना पहला पेनाल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया। बाईं ओर से बलजीत कौर के खेल के दौरान सर्कल के अंदर गेंद पैर से लग गई। दीपिका ने सेट पीस लेने की कोशिश की, लेकिन वैन टोंडर ने भारतीय ड्रैग-फ्लिक को रोक दिया। लगातार दबाव का नतीजा आखिरकार 11वें मिनट में देखने को मिला। भारत ने साउथ अफ्रीकी सर्कल के आसपास धैर्यपूर्वक गेंद को घुमाया और फिर साक्षी राणा के शॉट ने दूर वाले पोस्ट की ओर रास्ता बनाया, जहां सुनेलिता टोप्पो ने गोल करते हुए भारत का खाता खोला। मुकाबले के 15वें मिनट में इशिका चौधरी को ‘ग्रीन कार्ड’ मिलने के बाद भारत को कुछ समय के लिए 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, लेकिन भारत ने अपना संयम बनाए रखा। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में, सविता ने भारत के लिए गोलकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली और टीम ने आगे बढ़ना जारी रखा। भारत ने 17वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर के एक बेहतरीन मूव से अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया। नवनीत कौर ने एंगल बदला और फिर एक जोरदार ‘स्लैप हिट’ लगाई, जो बैकबोर्ड से टकराकर गोल में बदल गई और स्कोर 2-0 हो गया। भारत ने 25वें मिनट में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। दीपिका के ड्रैग-फ्लिक ने पहले रशर से डिफ्लेक्ट होकर सुशीला चानू के पास सही जगह पर गिरीं; उन्होंने निर्णायक टच के साथ भारत को 3-0 से आगे कर दिया। साउथ अफ्रीका मैच में वापसी की कोशिश करता रहा, लेकिन शुरुआती 30 मिनटों में अपना दबदबा दिखाते हुए भारत ने हाफ-टाइम ब्रेक तक स्कोर 3-0 से अपने पक्ष में रखा। 38वें मिनट में, भारत ने एक शानदार अटैकिंग मूव के जरिए चौथा गोल दागा। नवनीत ने बाईं ओर बलजीत के साथ पास का आदान-प्रदान किया और फिर बॉल दीपिका की ओर बढ़ाई। उन्होंने बैकहैंड से बॉल को कंट्रोल करते हुए एक जोरदार ‘टोमाहॉक’ शॉट लगाकर बॉल को गोल के निचले कोने में पहुंचाया, जिससे गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं बचा। तीसरा क्वार्टर भारत के दबदबे वाला रहा, क्योंकि उन्होंने तेजी और मकसद के साथ अटैक करना जारी रखा। दो मिनट के अंदर दो गोल ने मैच पर भारत की पकड़ और मजबूत कर दी। 44वें मिनट में, लालरेम्सियामी को सर्कल के अंदर नेहा से एक एरियल बॉल मिली; उन्होंने रिवर्स स्टिक का इस्तेमाल किया और दूर वाले पोस्ट की ओर शॉट मारा। यह शॉट गोलकीपर को छकाते हुए गोल में चला गया और स्कोर 5-0 हो गया। इसके बाद भारत ने 45वें मिनट में एक और गोल किया। सलीमा ने दाईं ओर से गेंद को आगे बढ़ाया और इशिका को पास दिया, जिनका शॉट गोल पोस्ट से टकराया। रिबाउंड पर साक्षी राणा ने सबसे तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए एक जबरदस्त रिवर्स हिट लगाकर गेंद को टॉप कॉर्नर में पहुंचाया, जिसके साथ भारत का छठा गोल पूरा हुआ। साउथ अफ्रीका ने अंत तक संघर्ष जारी रखा और 55वें मिनट में उन्हें सफलता मिली जब कायला डी वाल ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। पियर्स के ड्रैग-फ्लिक ने पहले भारतीय रशर को छकाया और डी वाल ने दूर वाले पोस्ट पर सबसे तेजी से प्रतिक्रिया करते हुए स्कोर का अंतर कम करके 1-6 कर दिया। इसके बाद खेल में कोई अन्य गोल नहीं जुड़ सका।

पेइचिंग में च्यांग त्सेमिन के जीवन और विचारों पर संगोष्ठी

बीजिंग। चीन में दिवंगत नेता च्यांग त्सेमिन की 100वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को उनके जीवन और विचारों पर तीन दिवसीय संगोष्ठी शुरू हुई। उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और सीपीसी केंद्रीय समिति के सचिवालय के सदस्य थ्साई छी ने नए युग की परिस्थितियों के अनुरूप त्रि-प्रतिनिधित्व सिद्धांत पर गहन अध्ययन करने का आह्वान किया। अगस्त 1926 में जन्मे च्यांग त्सेमिन वर्ष 1989 में सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव चुने गए थे। वे पार्टी के केंद्रीय सामूहिक नेतृत्व की तीसरी पीढ़ी के प्रमुख व्यक्ति और त्रि-प्रतिनिधित्व सिद्धांत के प्रमुख संस्थापक थे। उनका निधन 2022 में 96 वर्ष की आयु में हो गया। अपने संबोधन में थ्साई छी ने पार्टी के समग्र नेतृत्व को बनाए रखने और सीपीसी केंद्रीय समिति के केंद्रीकृत तथा एकीकृत नेतृत्व का हमेशा पालन करने की समझ को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने मार्क्सवाद को चीनी संदर्भ और समय की जरूरतों के अनुरूप ढालने तथा चीनी आधुनिकीकरण के जरिए एक महान देश के निर्माण और सभी मोर्चों पर राष्ट्रीय पुनरुत्थान की दिशा में आगे बढ़ने के महत्व पर भी जोर दिया। इसके अलावा, थ्साई छी ने उच्च गुणवत्ता वाले विकास को मजबूती से आगे बढ़ाने, समाजवादी संस्कृति को फलने-फूलने में मदद करने के लिए मजबूत सांस्कृतिक विश्वास कायम करने, मानवता के लिए साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण और पूर्ण तथा कठोर पार्टी स्वशासन को मजबूत करने के प्रयासों का आह्वान किया। सोमवार से बुधवार तक चलने वाली इस संगोष्ठी में करीब 500 अधिकारी, विद्वान और अन्य प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

एम्स नई दिल्ली ने रेटिना ट्रेनिंग मॉड्यूल लॉन्च किए

नई दिल्ली। भारत में रेटिना से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डॉ राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र आरपीसी एम्स नई दिल्ली ने आजनेशनल रेटिना स्किल डेवलपमेंट सेंटर में मॉड्यूलेटेड रेटिना ट्रेनिंग प्रोग्राम लॉन्च किया। यह अपनी तरह का पहला केंद्र है जिसका उद्देश्य पूरे भारत में रेटिना की देखभाल से जुड़ी क्लिनिकल क्षमताओं को मजबूत करना है। रोश इंडिया हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट के साथ साझेदारी में विकसित यह प्लेटफॉर्म एम्स में उपलब्ध क्लिनिकल और शैक्षणिक विशेषज्ञता को स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की आरआईएचआई की प्रतिबद्धता के साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य रेटिना से जुड़ी बीमारियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण रिसर्च और इनोवेशन का ऐसा मॉडल तैयार करना है जिसे बड़े स्तर पर अपनाया और आगे बढ़ाया जा सके। इस प्रोग्राम के केंद्र में अत्याधुनिक रेटिना स्किल लैब कोर कॉम्प्रिहेंसिव रेटिनल एजुकेशन है जो हाई रिज़ॉल्यूशन ओसीटी फंडस कैमरों और विशेष माइक्रोस्कोप जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है ताकि मॉड्यूल के आधार पर रेटिना से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा सके। नेशनल रेटिना स्किल डेवलपमेंट सेंटरका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े100 से अधिक ऑप्थैल्मोलॉजिस्टको प्रशिक्षित करना है। ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट को आठ मॉड्यूल में तैयार किया गया एक व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण को इस तरह तैयार किया गया है कि डॉक्टर रेटिना से जुड़ी बीमारियों की शुरुआती पहचानए सही डायग्नोसिस और बेहतर प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें। डॉ राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र एम्स नई दिल्ली में ऑप्थैल्मोलॉजी की प्रमुख एवं प्रोफेसर डॉ राधिका टंडन ने कहा श्विशेषज्ञों की उपलब्धता में कमी को देखते हुए रेटिना की देखभाल से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है। रेटिना की बेहतर देखभाल के लिए मेडिकल विशेषज्ञता के साथ-साथ क्लिनिकल कौशल और व्यावहारिक क्षमताओं को भी विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए ऐसे प्रशिक्षित विशेषज्ञों की जरूरत है जो बीमारी की शुरुआती पहचान कर सकें सही डायग्नोसिस कर सकें और उचित देखभाल प्रदान कर सकें। आरपी सेंटरए एम्स के नेशनल रेटिना स्किल डेवलपमेंट लैब में मॉड्यूलेटेड रेटिना ट्रेनिंग प्रोग्रामके माध्यम से ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट को व्यवस्थित व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इससे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी और पूरे देश में रेटिना की देखभाल की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। हमारा उद्देश्य विशेषज्ञ केंद्रों से आगे भी प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना और विशेष रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में काम करने वाले सामान्य ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट को रेटिना से जुड़ी बीमारियों की पहचान सही डायग्नोसिस और प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। इससे जमीनी स्तर पर हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और भारत में रोकी जा सकने वाली दृष्टि हानि को कम करने में मदद मिलेगी।रेटिना से जुड़े विकार भारत मेंस्थायी रूप से दृष्टि कमजोर होने या खोने के प्रमुख कारणोंमें शामिल हैं। इन बीमारियों का बढ़ता बोझ और इसके साथ ही रेटिना विशेषज्ञों तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी यह दर्शाती है किरेटिना की देखभाल के क्षेत्र में डॉक्टरों के कौशल और क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।देश में रेटिना विशेषज्ञों की सबसे बड़ी संस्थाविट्रियो.रेटिना सोसाइटी ऑफ इंडिया के अनुसार भारत में केवल लगभग 1700 रेटिनोलॉजिस्ट हैं जो रेटिना से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते बोझ से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।डायबिटिक रेटिनोपैथी और उम्र से संबंधित मैक्युलर डिजनरेशनजैसी बीमारियों के लिए मेडिकल रेटिना ट्रेनिंग से सामान्य ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट की क्षमता काफी बढ़ेगी और वे देशभर में इन रेटिना संबंधी बीमारियों से प्रभावित मरीजों की बेहतर देखभाल और प्रबंधन कर सकेंगे। यह पहल क्लिनिकल उत्कृष्टता और कौशल विकास को आगे बढ़ाने की एम्स नई दिल्ली की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमताओं और पहुंच को बढ़ाने में भी मदद करेगी। आरआईएचआई की निदेशक और रोश फार्मा इंडिया की एमडी एवं सीईओ राज्जी मेहदवान ने कहा रेटिना से जुड़ी बीमारियां देश के लिए एक ऐसी गंभीर समस्या हैं जिस पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता। भारत में आज भी प्रशिक्षित रेटिना विशेषज्ञों और ऐसे कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों की उपलब्धता में बड़ी कमी है जो बीमारी की शुरुआती पहचान और समय पर उसके बेहतर प्रबंधन में मदद कर सकें। ऐसे में एम्स के साथ इस तरह की साझेदारी महत्वपूर्ण बदलाव लाने में मदद कर सकती है। एक भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा भागीदार के रूप में आरआईएचआईको एम्स के साथ मिलकर देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करने और मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने पर गर्व है।नेशनल रेटिना स्किल डेवलपमेंट सेंटरक्लिनिकल उत्कृष्टता को बड़े स्तर पर व्यावहारिक कौशल में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हमें ऐसी पहल का समर्थन करने पर गर्व हैए जो भारत में रेटिना की देखभाल से जुड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर सकती है और रोकी जा सकने वाली दृष्टिहीनता के बोझ को कम करने में मदद कर सकती है।  

आइस मेक रेफ्रिजरेशन का एफवाई 27 में राजस्व 60 प्रतिशत बढ़ा

नई दिल्ली। आइस मेक रेफ्रिजरेशन लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की है। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का समेकित परिचालन राजस्व 60.4 प्रतिशत बढक़र 178.88 करोड़ रुपए हो गया जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 111.50 करोड़ था। यह प्रदर्शन कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में दर्ज किए गए 668.20 करोड़ के अब तक के सर्वाधिक वार्षिक राजस्व के बाद आया है। चंद्रकांत पी. पटेल, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, आइस मेक रेफ्रिजरेशन लिमिटेड ने कहा एफवाई 27 की शुरुआत हमारे लिए मजबूत राजस्व वृद्धि के साथ हुई है। कारोबार में पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। साथ ही हमारा ध्यान लाभप्रदता में सुधार और यह सुनिश्चित करने पर है कि कंपनी द्वारा किए गए निवेश आगे बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज में परिवर्तित हों। हमने विनिर्माण क्षमताओंए उत्पादों डिजिटलीकरण और प्रतिभाओं में निवेश किया है ताकि कंपनी के अगले विकास चरण के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया जा सके। हमारा फोकस आगे बेहतर क्षमता उपयोग और अनुशासित पूंजी आवंटन पर रहेगा। आइस मेक की विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम जापान की गैलीलई होल्डिंग्स के साथ प्रस्तावित रणनीतिक साझेदारी है। गैलीलई में सूचीबद्ध जापानी कंपनी है। प्रस्तावित लेनदेन के तहत गैलीलई होल्डिंग्स आइस मेक में 180 करोड़ का निवेश करेगी जो प्रेफरेंशियल इश्यू के माध्यम से होगा। इसके अलावा आइस मेक अन्य निवेशकों से 10 करोड़ जुटाएगी।

एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने सीवर ओवरफ्लो खुले गटर और जलभराव को लेकर जलमंत्री और डीजेबी सीईओ को लिखा पत्र

नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने पश्चिमी पटेल नगर के रंजीत नगर वार्ड 87 में सीवर ओवरफ्लो खुले गटर और जलभराव को लेकर जलमंत्री और डीजेबी सीईओ को पत्र लिखा है। उन्होंने सीवर ओवरफ्लो खुले गटर और जलभराव से स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। गंदे पानी और दुर्गंध के कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो रहा है। मैंने जल मंत्री और डीजेबी के सीईओ से तत्काल सीवर सफाई खुले गटर बंद करने जलनिकासी का स्थायी समाधान करने की मांग की है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उन पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।अंकुश नारंग ने पत्र में कहा है कि मेरे संज्ञान में पश्चिमी पटेल नगर एवं रंजीत नगर वार्ड नं 87 के निवासियों की सीवर संबंधी गंभीर समस्या सामने आई है। क्षेत्र में लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो खुले गटर गंदे पानी का फैलाव और जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसके कारण स्थानीय निवासियों को अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध के कारण स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।उन्होंने पत्र में आगे कहा है कि स्थानीय निवासियों की ओर से संबंधित विभाग और उसके कर्मचारियों को कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं लेकिन इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों की ओर से समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिकायतों की लगातार अनदेखी किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।अंकुश नारंग ने मांग की है कि क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए। सभी खुले गटरों को प्राथमिकता के आधार पर बंद एवं सुरक्षित कराया जाए। जलभराव वाले स्थानों से तत्काल गंदे पानी की निकासी कराई जाए। सीवर लाइनों की पूरी तरह सफाई एवं आवश्यकतानुसार मरम्मत कराई जाए। पूर्व में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। क्षेत्र का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न होए इसकी उचित व्यवस्था की जाए।अंकुश नारंग ने जलमंत्री और डीजेबी के सीईओ से अपेक्षा की है कि जनहित में इस मामले को प्राथमिकता देते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और संबंधित अधिकारियों से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्राप्त करेंगे।

तेजस्वी यादव की सरकार से मांग, पटना में दशरथ मांझी की मूर्ति और आश्रम बनाया जाए

पटना। पटना में सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यालय में ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, कई राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए। दलित और महादलित समुदायों के कई लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद, तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से मांग की कि वह पटना में दशरथ मांझी की मूर्ति लगाए और उनके नाम पर एक आश्रम बनाए। उन्होंने बिहार में कथित भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। कथित डस्टबिन घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कई अन्य मामलों में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। राजद नेता ने सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि राज्य को वेतन और पेंशन देने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा, “यह सरकार पूरी तरह कंगाल हो गई है। सरकार न तो वेतन दे पा रही है और न ही पेंशन।” 19 अगस्त को राजभवन मार्च के बारे में तेजस्वी यादव ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन एक खुला मार्च होगा और उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि राजद छात्रों से जुड़े मुद्दों और हाल ही में हुई एके-47 से जुड़ी घटना को उठाएगी। उनके अनुसार, राजद नेता और कार्यकर्ता राजभवन तक मार्च करेंगे, राज्यपाल से मिलेंगे और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने का आग्रह किया। सिवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एके-47 से फायरिंग की घटना हुई थी। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर इस घटना का मुद्दा उठाया और बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार को ज्ञापन सौंपकर वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, बिहार पुलिस ने केवल उस कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया जो विरोध प्रदर्शन के दौरान वीडियो में एके-47 से फायरिंग करते हुए दिखाई दिया था।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने पटना में ईएलसी 2.0 का किया लोकार्पण, स्कूल-कॉलेजों में बढ़ेगी चुनावी साक्षरता

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने शिक्षा जगत को लोकतंत्र की पाठशाला बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘चुनावी साक्षरता क्लब और ईसीआईनेट’ विषय पर सम्मेलन के दौरान ईएलसी 2.0 यानी चुनावी साक्षरता क्लब के नए संस्करण का लोकार्पण किया। आयोग द्वारा सोमवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान चुनावी प्रक्रियाओं में विश्वास को मजबूत करने, चुनावी साक्षरता बढ़ाने और सजग लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में ईएलसी का नया लोगो भी जारी किया गया। इसकी नई टैगलाइन ‘लोकतंत्र को जानें, लोकतंत्र को आगे बढ़ाएं।’ युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को सिर्फ लोकतंत्र को समझने के लिए नहीं, बल्कि उसमें सक्रिय भागीदारी कर देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी। ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जाते हैं। हर चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनावी प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका से अवगत कराने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना लोकतंत्र के भविष्य में निवेश है। ईएलसी 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता क्लबों को व्यवस्थित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम प्लेटफॉर्म के रूप में फिर से तैयार किया जाएगा। इसके लिए आयोग के व्यापक ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होगा। ईसीआईनेट एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां एक क्लिक पर निर्वाचक नामावली से लेकर मतदान तक की सभी चुनाव संबंधी सेवाएं मिलेंगी। ईसीआईनेट पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल बनाकर पूरे देश में ईएलसी का व्यवस्थित नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। इन क्लबों के जरिए पूरे साल लगातार गतिविधियां चलाई जाएंगी ताकि युवा नागरिकों के साथ-साथ उनके परिवार, शिक्षण संस्थान और समुदायों में भी चुनावी जागरुकता बढ़े। पटना कार्यक्रम से पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने 16-17 अगस्त की दो दिवसीय बिहार यात्रा के दौरान नालंदा के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मधुबनी, वैशाली और नालंदा क्षेत्रों का भी दौरा किया और जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। आयोग के मुताबिक भारत का शैक्षिक इकोसिस्टम बेहद विशाल है। देश में लगभग 15 लाख स्कूल हैं, जिनमें करीब 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से ज्यादा शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा में लगभग 1500 विश्वविद्यालय और 70 हजार शिक्षण संस्थान हैं, जहां अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र पढ़ रहे हैं। इस विशाल नेटवर्क के माध्यम से ईएलसी 2.0 का उद्देश्य तथ्यों और अनुभव पर आधारित चुनावी शिक्षा देना है। साथ ही भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और विश्वसनीयता के बारे में जागरुकता बढ़ाना और युवा नागरिकों को सजग लोकतांत्रिक भागीदारी का अग्रदूत बनाना है।

केरल में भूमि सुधारों का दूसरा चरण जल्द शुरू किया जाएगा: मुख्यमंत्री सतीशन

कोच्चि। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार को घोषणा की कि केरल में भूमि सुधारों का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा और मौजूदा भूमि कानूनों में समयबद्ध संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने कृषि उत्पादों के लिए एक नए केरल ब्रांड से लेकर वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए एआई आधारित प्रणाली और रबर के समर्थन मूल्य को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 300 रुपए प्रति किलोग्राम करने जैसी कई प्रमुख नीतिगत पहलों का अनावरण किया। कलामासेरी में राज्य स्तरीय किसान दिवस समारोह और राज्य किसान पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए सतीशन ने कहा कि प्रस्तावित भूमि कानून परिवर्तनों का उद्देश्य वर्षों से बंद पड़े बागानों को पुनर्जीवित करना और पर्यावरण सुरक्षा उपायों से समझौता किए बिना नए आर्थिक अवसर पैदा करना है। सरकार की योजना कृषि उत्पादों में अधिक मूल्यवर्धन करने और उन्हें केरल ब्रांड के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ले जाने की है। किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति के तहत एवोकाडो और रामबुतान जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों सहित बहु-फसली खेती का भी विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह के पूरी तरह से चालू होने से परिवहन तेज और सस्ता हो जाएगा, जिससे केरल के कृषि उत्पादों और मसालों के निर्यात को काफी बढ़ावा मिलेगा। किसानों को अपनी उपज का भंडारण करने और अनुकूल बाजार मूल्य प्राप्त होने पर उसे बेचने की सुविधा के लिए और अधिक गोदाम स्थापित किए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत, सरकार ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-पशु संघर्ष की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। सतीशन ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों को रोकने और किसानों की सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अन्य आधुनिक तकनीकों को मौजूदा तंत्रों के साथ एकीकृत करने वाली एक व्यापक प्रणाली लागू की जाएगी। सतीशन ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे रबर का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 300 रुपए प्रति किलोग्राम कर देगी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पहले ही 200 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति के मुआवजे में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और आगे भी इसमें सुधार पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पदभार ग्रहण करने के दो महीने के भीतर धान किसानों के बकाया भुगतान कर दिए हैं और वित्तीय संकट के बावजूद आवश्यक धनराशि स्वीकृत कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में जब भी धान की खरीद की जाएगी, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी तंत्र शुरू किया जाएगा।