पंजाब की महिलाओं ने सशस्त्र बलों के लिए 1,100 खास राखियां तैयार कीं

फाजिल्का। स्थानीय महिला कल्याण समिति ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और आभार जताया है। इसके लिए समिति द्वारा तैयार की गई 1,100 खास राखियां रविवार को सेना को समर्पित की गईं। यह कार्यक्रम पंजाब के फाजिल्का जिले से कुछ किलोमीटर दूर स्थित आसफवाला युद्ध स्मारक पर ‘राखी सरहद के नाम—राष्ट्रीय रक्षा का सम्मान, बहनों का गौरव’ नाम से राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के तौर पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में देशभक्ति, आभार और सेना के प्रति सम्मान की भावना साफ देखी गई। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए। समिति की महिला सदस्यों द्वारा तैयार की गई राखियों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति समाज का सम्मान और आभार हमेशा बना रहना चाहिए। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क और सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद थे। कार्यक्रम में उन सैनिकों के साहस और समर्पण को याद किया गया जो बेहद मुश्किल हालात में सीमाओं पर तैनात रहते हैं। उनके इसी समर्पण की वजह से नागरिक अपने परिवारों के साथ सुरक्षित रह पाते हैं, जबकि सैनिक देश की सेवा में अपने प्रियजनों से दूर रहते हैं। आसफवाला वॉर मेमोरियल का माहौल भावुक और देशभक्ति से भरा हुआ था। महिला सदस्यों ने सैनिकों के प्रति अपना सम्मान और स्नेह व्यक्त किया और देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। 1,100 राखियां भेंट करना, देश के रक्षकों के प्रति बहनों के प्यार, आभार और सम्मान का एक सशक्त इजहार बन गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सशस्त्र बलों के बलिदान, साहस और समर्पण से जोड़ना भी था। समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं और लोगों की भागीदारी ने एक मजबूत संदेश दिया कि समुदाय देश की रक्षा करने वाले हर सैनिक के साथ मजबूती से खड़ा है। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए केजीएफ टीम, आसफवाला वॉर मेमोरियल कमेटी और नागरिक प्रशासन का आभार व्यक्त किया। ऐतिहासिक आसफवाला वॉर मेमोरियल में इस पहल के आयोजन ने इस अवसर को विशेष महत्व दिया और याद, सम्मान और राष्ट्रीय गौरव के संदेश को और मजबूत किया।

सरकार ने सफाई कर्मचारियों की मौत के 1,223 से ज्यादा मामलों में मुआवजे को मंजूरी दी

नई दिल्ली। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) ने देश भर में सीवर और सेप्टिक टैंक में मौत के 1,377 मामलों में से 1,223 परिवारों को मुआवजा देने की मंजूरी दी है। आयोग को हर साल 1,200 से ज्यादा शिकायतें मिलती हैं और वह उचित कार्रवाई और समाधान के लिए संबंधित सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और अन्य संस्थानों के साथ इन मामलों पर काम करता है। एनसीएसके ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अपना 33वां स्थापना दिवस मनाया। दिन भर चले इस कार्यक्रम में 900 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, शहरी स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, नागरिक समाज संगठनों और सफाई कर्मचारियों के कल्याण, सम्मान और सुरक्षा के लिए काम करने वाले अन्य हितधारकों के बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करते हुए कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि स्थापना दिवस केवल किसी संस्थान की यात्रा का जश्न नहीं था। यह उन लाखों सफाई कर्मचारियों के योगदान का सम्मान करने का भी अवसर था जो हर दिन देश के शहरों, गांवों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों को साफ और सुरक्षित रखते हैं। उन्होंने खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई करने की प्रथा को पूरी तरह खत्म करने और सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मशीनों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और सामाजिक सुरक्षा सहायता मिलनी चाहिए, साथ ही हर दुर्घटना या मौत के मामले में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रभावित परिवारों को समयबद्ध तरीके से सहायता, मुआवजा और पुनर्वास मिलना चाहिए। मेघवाल ने कहा कि भारत जैसे-जैसे एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर हो रहा है, वैसे ही उसकी स्वच्छता प्रणाली भी आधुनिक, वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी-आधारित और मानवीय गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए, और किसी भी मानव जीवन को ऐसे काम के लिए जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए जिसे मशीन सुरक्षित रूप से कर सकती है। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। खतरनाक मैनुअल प्रवेश को शून्य करना। सीधी और सेप्टिक टैंक में होने वाली उदासीनता को शून्य करना, पूर्ण मशीनीकरण और प्रत्येक सफाई कर्मचारियों के लिए गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन।

शराब परिवहन घोटाले में पूर्व मंत्री करुमुरी नागेश्वर राव गिरफ्तार, ईडी की बड़ी कार्रवाई

हैदराबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री करुमुरी नागेश्वर राव को शराब घोटाले से जुड़े परिवहन (ट्रांसपोर्ट) घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर लिया। ईडी अधिकारियों ने उन्हें हैदराबाद के कोंडापुर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। केंद्रीय एजेंसी शराब परिवहन टेंडरों और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। इस मामले में ईडी पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें नागेश्वर राव के बेटे करुमुरी सुनील कुमार, आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) के पूर्व प्रबंध निदेशक डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी और राज केसिरेड्डी शामिल हैं। करुमुरी नागेश्वर राव वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार में नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे थे। जून में सुनील कुमार की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत को बताया था कि मंत्री के बेटे होने के कारण उन्होंने अपने कारोबारी सहयोगियों के लिए शराब परिवहन के सब-कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में भूमिका निभाई। अदालत को बताया गया था कि सुनील कुमार और उनके सहयोगियों ने अवैध आर्थिक लाभ कमाया। ईडी ने अपनी जांच आंध्र प्रदेश सीआईडी द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। यह मामला आंध्र प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (सतर्कता) की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ रुपए के नुकसान का आरोप लगाया गया था। ईडी की जांच में सामने आया कि एपीएसबीसीएल के शराब परिवहन टेंडरों की शर्तों में जानबूझकर बदलाव किए गए और उन्हें कुछ चुनिंदा कंपनियों, विशेष रूप से सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएससीएसपीएल) और बाद में प्रसाद ट्रांसपोर्ट्स के पक्ष में तैयार किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार ये कंपनियां केवल मुखौटा इकाइयों की तरह काम कर रही थीं, जबकि वास्तविक संचालन और वित्तीय नियंत्रण केसिरेड्डी, वासुदेव रेड्डी तथा उनके सहयोगियों से जुड़े लोगों के पास था। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि कथित शराब कार्टेल ने आंध्र प्रदेश में डिपो से खुदरा दुकानों तक शराब पहुंचाने के दौरान अवैध लाभ कमाने की एक व्यवस्था तैयार की थी। इस बीच, वाईएसआरसीपी नेताओं और पूर्व मंत्रियों चेल्लुबोयेना वेणुगोपाल कृष्णा, अनिल कुमार यादव और विदादला रजनी ने करुमुरी नागेश्वर राव की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी नेताओं को निशाना बनाने के लिए झूठा मामला बनाया गया है। उनका आरोप है कि पिछड़ा वर्ग (बीसी) के वरिष्ठ नेता करुमुरी नागेश्वर राव को शराब परिवहन में कथित अनियमितताओं के नाम पर हैदराबाद में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले उनके बेटे सुनील कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था और पूरे परिवार को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। वाईएसआरसीपी नेताओं ने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान शराब की खरीद और बिक्री पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाती थी। उन्होंने कहा कि अवैध शराब पर रोक लगाई गई, शराब दुकानों की संख्या कम की गई और खुदरा बिक्री केंद्र सरकार द्वारा संचालित किए गए। साथ ही परमिट रूम और बेल्ट शॉप्स को भी बंद कर दिया गया था।

चंडीगढ़ में आतंकी साजिश नाकाम, संदिग्ध आईईडी और हथियार के साथ तीन गिरफ्तार

चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस ने संदिग्ध आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) और हथियार से जुड़े मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। मामले में सेक्टर-36 थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक संदिग्ध आईईडी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपियों की चंडीगढ़ में आतंक से जुड़ी किसी वारदात को अंजाम देने की योजना हो सकती थी। चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल लोगों को घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सभी जरूरी एहतियाती व सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए फिलहाल मामले से जुड़ी अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है। बता दें कि यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने भारत-पाक सीमा के रास्ते ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 10 अत्याधुनिक पिस्तौल, मैगजीन और 10 कारतूस बरामद किए गए थे। शुरुआती जांच में उनके विदेशी हैंडलर के संपर्क में होने और सीमा पार से हथियारों की खेप मंगाकर पंजाब में सप्लाई करने की बात सामने आई थी।

यूपी के सीतापुर में ज्वैलर पर हमला, चांदी और नकदी लूटी गई

सीतापुर। रविवार शाम उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में अज्ञात लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर एक ज्वैलर पर हमला किया और लूटपाट की। हमलावरों ने व्यापारी पर डंडों से हमला करने के बाद कथित तौर पर लगभग 2.5 किलोग्राम चांदी और 900 रुपए नकद लूट लिए। बाबूपुर के रहने वाले घायल व्यापारी रमेश निगम सराययन में अपनी ज्वैलरी की दुकान बंद करके मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, तभी यह घटना हुई। व्यापारी के अनुसार, जब वह जन्नगर मोड़ और केसरीपुर के बीच के इलाके में पहुंचे, तो दो मोटरसाइकिलों पर सवार लगभग छह अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया। संदिग्ध कथित तौर पर पल्सर और स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल पर सवार थे। हमलावरों ने कथित तौर पर निगम पर डंडों से हमला किया, जिससे उनके सिर में चोट आई और वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद उन्होंने उनका बैग छीन लिया और अपनी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। निगम ने पुलिस को बताया कि बैग में लगभग 2.5 किलोग्राम चांदी और 900 रुपए नकद थे। चांदी की कीमत 5 लाख रुपए से 6 लाख रुपए के बीच आंकी गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यापारी को पहला स्थित सीएचसी ले गई। डॉ. आशीष ने उनकी जांच की और सिर में चोट की पुष्टि की। शुरुआती इलाज के बाद, निगम को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद, सीतापुर के एसपी अंकुर अग्रवाल और एएसपी (साउथ) दुर्गेश सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और सीसीटीवी फुटेज व अन्य सुरागों के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच शुरू कर दी है। एसपी अग्रवाल ने घटनाक्रम और मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम जाँच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस अपराध में शामिल सभी लोगों का पता लगाने में जुटी है।

नीतीश कुमार का मॉडल एक ब्रांड, हर कोई करना चाहता है फॉलो: अशोक चौधरी

पटना। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत, उनके बेटे निशांत कुमार की भूमिका, महिलाओं के अधिकार और वंदे मातरम विवाद को लेकर चल रही सियासत पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा की टिप्पणियों पर भी पलटवार किया। मंत्री अशोक चौधरी ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “जिस तरह हम निशांत कुमार को अपने घरों में नेता मानते हैं, उसी तरह अब उन्हें आधिकारिक तौर पर भी स्वीकार कर लिया है। अब पार्टी में किसी और के लिए जगह नहीं है। उपेंद्र कुशवाहा को भी बहुत समय मिला था और उन्हें साथ लाने के प्रयास हुए थे, लेकिन अब कोई जगह नहीं बची है।” आरएलएम सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बारे में उन्होंने कहा, “वे समता पार्टी के समय से साथ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि नीतीश कुमार ने उन्हें मौके नहीं दिए। अपने पहले कार्यकाल में नीतीश कुमार ने उन्हें विपक्ष का नेता बनाया और कई अहम जिम्मेदारियां दीं। अगर वे पार्टी में रहते तो कुछ और हो सकता था, लेकिन उन्होंने एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार पार्टी छोड़कर अलग पार्टी बना ली। अब नीतीश कुमार की विरासत को निशांत कुमार ही आगे ले जाएंगे।” अशोक चौधरी ने कहा, “नीतीश कुमार का मॉडल एक ब्रांड बन चुका है, जिसे हर कोई फॉलो करना चाहता है। जल-जीवन-हरियाली योजना पर दुनिया भर के पर्यावरण वैज्ञानिकों से लेकर बड़े नेताओं ने नीतीश कुमार को सुना है। उनकी पोशाक योजना और साइकिल योजना को समझने के लिए सात देशों के लोग बिहार आए थे। नीतीश कुमार का मॉडल एक सफल मॉडल है और जिसे भी सफलता चाहिए, वह इसे फॉलो करेगा।” राहुल गांधी के महिलाओं को बराबर हक देने वाले बयान पर मंत्री ने कहा, “बिल्कुल मिलना चाहिए, लेकिन इस पर नीतीश कुमार पहले से ही काम कर रहे हैं। बिहार में पुलिस फोर्स में सबसे ज्यादा महिलाएं हैं। पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण नीतीश कुमार ने दिया। सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को आरक्षण दिया गया है। नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण के ब्रांड एंबेसडर हैं।” पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने के सवाल पर उन्होंने कहा, “यह कोई खराब विचार नहीं है। अपनी विरासत को लेकर चलना चाहिए।” वंदे मातरम के दो पद गाने के कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले पर उन्होंने कहा, “वंदे मातरम के कितने छंद गाने हैं, इसमें राजनीतिक पार्टियां बदलाव नहीं कर सकतीं। देश ऐसे नहीं चलता। राष्ट्रगीत का निर्माण बहुत पहले हुआ है और जहां इसे पूरा गाया जाता रहा है, वहीं गाया जाना चाहिए। कांग्रेस जब सत्ता में आएगी तो उसे जो करना होगा करे, लेकिन अभी भाजपा को सरकार चलाने का अधिकार है और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं। उन्हें जो उचित लग रहा है, वे कर रहे हैं।

मुंबई: फुटबॉल मैदान को प्रदर्शनी केंद्र बनाने के विरोध में उतरे आदित्य ठाकरे, निजीकरण और जमीन कब्जाने का लगाया आरोप

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन के नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ को प्रदर्शनी केंद्र में बदलने की प्रस्तावित योजना का विरोध करते हुए भाजपा पर खिलाड़ियों और युवाओं से खेल के मैदान छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से इस मैदान पर बच्चे और पेशेवर खिलाड़ी फुटबॉल खेलते आ रहे हैं, लेकिन अब भाजपा इसे प्रदर्शनी केंद्र में बदलना चाहती है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह जमीन मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन को खेल गतिविधियों के लिए दी गई थी और इसका उपयोग केवल फुटबॉल के लिए होता है। भाजपा इस स्थान पर प्रदर्शनी केंद्र बनाकर उसे किसी ट्रस्ट को सौंपना चाहती है और इसके पीछे जमीन पर कब्जा करने की मंशा दिखाई दे रही है। इसके विरोध में ‘रेड कार्ड आंदोलन’ शुरू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांद्रा में एक विशेष ट्रस्ट और फाउंडेशन राजनीतिक संरक्षण में खुले भूखंडों और सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि सार्वजनिक और जिला योजना निधियों का उपयोग ऐसे संस्थानों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है, जो हितों के टकराव का मामला है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि समस्या खेल सुविधाओं के निर्माण की नहीं है, बल्कि उनके निजीकरण और नियंत्रण की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के लोगों की सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने लियोनेल मेसी की मुंबई यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर को फुटबॉल से जुड़े संगठनों के बजाय क्रिकेट स्टेडियम ले जाया गया। यह केवल राजनीतिक प्रचार और फोटो अवसर तक सीमित रहा, जबकि फुटबॉल के विकास के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। आदित्य ठाकरे ने “प्रोजेक्ट महादेव” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी घोषणा तो की गई थी, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने दावा किया कि जिन बच्चों का चयन किया गया था, उन्हें वापस अपने स्कूलों में भेज दिया गया और उन्हें परियोजना से जोड़ने का काम आगे नहीं बढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में फुटबॉल मैदानों को धीरे-धीरे कंक्रीट की इमारतों में बदला जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए खेल सुविधाएं कम होती जा रही हैं। भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अपने करीबी लोगों को मैदान और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, जबकि आम खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। ‘स्क्रीन’ संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा अब स्क्रीन और जनमत दोनों से डरती है। उन्होंने कहा कि मुंबई के नागरिक रोजाना खराब सड़कों और अन्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों को हल करने के बजाय खेल के मैदानों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना भी देशहित का हिस्सा है। इसी सोच के साथ रेड कार्ड आंदोलन चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि फुटबॉल में गलती या फाउल होने पर रेड कार्ड दिखाया जाता है और इसी प्रतीक के माध्यम से सरकार को संदेश दिया जा रहा है कि वह खेल मैदानों से दूर रहे और खिलाड़ियों के अधिकारों का सम्मान करे।

गुजरात में जहरीली शराब त्रासदी में दो और लोगों की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई

भावनगर। भावनगर जिले में मेथनॉल मिश्रित नकली शराब पीने से दो और लोगों की मौत हो गई है, जिससे गुजरात में जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या 13 हो गई है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि तीन से पांच मरीज अभी भी इलाज करा रहे हैं। भावनगर जिला कलेक्टर मनीष कुमार बंसल ने बताया कि 36 वर्षीय मुकेश मनीलाल दामोर की शनिवार देर रात मौत हो गई, जबकि 42 वर्षीय भार्गव उपाध्याय को आज सुबह मृत घोषित कर दिया गया। ये मौतें ऐसे समय हुई हैं जब राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) जहरीली शराब के निर्माण और वितरण की जांच जारी रखे हुए है। एसएमसी ने वर्तेज पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआरआई) में आरोपी बनाए गए 21 लोगों में से 13 को गिरफ्तार कर लिया है। एक स्थानीय अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को 1 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांचकर्ता उन संदिग्धों की भी तलाश कर रहे हैं जिनके बारे में माना जाता है कि वे अवैध शराब बनाने के लिए मध्य प्रदेश से भावनगर आए थे। सूत्रों के अनुसार, 47 वर्षीय नरेंद्रसिंह यादव उर्फ ​​डॉक्टर ने शराब बनाने में मदद की थी। उनकी भी शराब पीने से मौत हो गई। यादव इंदौर के निवासी थे। जांच में संदिग्ध शराब की जब्त की गई बोतल में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल पाया गया। सूत्रों के मुताबिक, एसएमसी मध्य प्रदेश के अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है और वहां से हिरासत में लिए गए लोगों को गुजरात लाने के लिए ट्रांजिट वारंट जारी करने की मांग कर रही है। आगे और गिरफ्तारियां होने की आशंका है। एसएमसी के महानिरीक्षक गगनदीप गंभीर शनिवार को चल रही जांच के सिलसिले में भावनगर पहुंचे। यह घटना अगस्त के मध्य में घोघा तालुका के खरकड़ी गांव और आसपास के इलाकों में आयोजित समारोहों में शराब पीने के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने के बाद सामने आई। पुलिस ने बाद में पाया कि शराब ‘रॉयल ​​स्टैग’ ब्रांड से मिलते-जुलते स्टिकर वाली बोतलों में बेची जा रही थी। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया है कि शराब गुजरात के बाहर से लाई गई थी, उसमें मिलावट की गई थी और एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से वितरित की गई थी। एसएमसी ने नकली शराब की बोतलें, रसायन और रंग जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर नकली शराब बनाने में किया जाता था, साथ ही स्टिकर, ढक्कन, स्टिकर रोल, कार्डबोर्ड और अन्य सामग्री भी जब्त की है। एफआईआर में नामजद 21 आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और गुजरात निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही भाजपा: अवधेश प्रसाद

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप, सीएम की पीडीए वाली टिप्पणी, अखिलेश यादव के बयान और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा। अयोध्या में अवधेश प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “हालात ये हैं कि सीएम योगी पीडीए से परेशान हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पीडीए मजबूत हो रहा है और वही उन्हें बुरी तरह हराएगा। पीडीए अखिलेश यादव को अगला मुख्यमंत्री बना सकता है, इसलिए वे पीडीए को लेकर चिंतित हैं। इसकी बढ़ती ताकत, बढ़ता जोश और बढ़ता आत्मविश्वास उन्हें परेशान कर रहा है। सीएम योगी जिस भाषा का इस्तेमाल करते हैं, वह संविधान के खिलाफ है।” सपा सांसद ने आरोप लगाया, “भाजपा पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, वे इन कोशिशों को और तेज करेंगे। वे लोगों को डराने-धमकाने, उन्हें अपने पाले में लाने और चुनावों में समर्थन हासिल करने के लिए प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।” चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी पर अवधेश प्रसाद ने कहा, “चीनी पहले 45 रुपए प्रति किलो थी, अब 65 रुपए हो गई है और कहीं-कहीं तो 70 रुपए तक बिक रही है। बहुत बड़े पैमाने पर दामों में वृद्धि से साबित होता है कि सरकार उद्योगपतियों के हिसाब से काम कर रही है। सरकार को प्रदेश के उपभोक्ताओं, युवाओं, किसानों या छात्रों से कोई मतलब नहीं है।” उन्होंने कहा, “सरकार महंगाई पर ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि केवल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी है। उद्योगपतियों को साधा जा रहा है और उन्हें फायदा पहुंचाया जा रहा है। तमाम चीजों के दाम बढ़े हैं, लेकिन चीनी का दाम रातों-रात बढ़ गया है। यह आम जनता के साथ अन्याय है।

रविदास मेहरोत्रा ने अखिलेश यादव के बयान का किया समर्थन, परिवारवाद को लेकर किया पलटवार

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवारवाद संबंधी बयान का बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संघर्षों की कोख से पैदा हुई है और पार्टी के जिन नेताओं के परिजन सांसद बने हैं, वे चुनाव जीतकर जनता के समर्थन से सदन पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भी परिवारवाद से अछूती नहीं है और उसके कई शीर्ष नेताओं के परिवार के सदस्य राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए परिवारवाद का मुद्दा उठाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा के कई नेताओं के परिवार के सदस्य विधायक, सांसद और संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर हैं। ऐसे में भाजपा को दूसरों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को 120 सीटें देने संबंधी अखिलेश यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा विधायक ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में आरएलडी के कई विधायक समाजवादी पार्टी के समर्थन से जीतकर आए थे। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी को भी समाजवादी पार्टी के समर्थन का लाभ मिला था, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ राजनीतिक समझौता कर लिया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को आरएलडी का इतना सम्मान करना है तो उसे विधानसभा चुनाव में 120 सीटें देकर दिखाना चाहिए। चीनी की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में चीनी के दामों में तेज बढ़ोतरी हुई है। उनका आरोप था कि बड़ी मात्रा में गन्ने का उपयोग इथेनॉल उत्पादन के लिए किए जाने के कारण चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि एक तरफ आम लोगों को महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहन चालकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के बाद युद्धविराम की घोषणा से कई सवाल खड़े होते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने अखिलेश यादव की ओर से कही गई ‘भाग जाओ पाकिस्तान’ वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए भाजपा की आलोचना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्कूलों के भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि प्रदेश में हजारों सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं और बड़ी संख्या में विद्यालय बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में बिजली, पंखे, फर्नीचर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। उनके अनुसार भाजपा सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है और छात्रों की समस्याओं को हल करने के बजाय विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा घबराई हुई है और इसी कारण लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं। जाति आधारित आरक्षण में उपवर्गीकरण को लेकर चल रहे आंदोलन और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के बयान पर सपा विधायक ने कहा कि भाजपा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के साथ-साथ महिलाओं तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि पीडीए का अर्थ केवल सामाजिक वर्ग नहीं, बल्कि उन सभी लोगों से है जो पीड़ित, उपेक्षित और सम्मान से वंचित हैं।