ईरान पूरी तरह से आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में है: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को कहा कि देश दुश्मनों के साथ सर्वव्यापी आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में है। आधिकारिक न्यूज एजेंसी आईआरएनए की तरफ से प्रसारित एक टेलीविजन भाषण में पेजेश्कियन ने कहा, “अमेरिका के दबाव के बावजूद हम इस युद्ध के सामने खड़े हैं और लोगों की सेवा के लिए प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई कम करने और लोगों की आर्थिक समस्याओं को हल करने के लिए पूरे दिल से प्रयास कर रही है। आईआरएनए के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका के पास ईरानी लोगों से सम्मानपूर्वक बात करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दावा किया गया ईरान विरोधी आर्थिक ऑपरेशन एक दोहराया जाने वाला परिदृश्य है और वही धौंस है, जो हमेशा अमेरिकी नीतियों में होती है। एक मायने में यह एक दोहराई जाने वाली फिल्म है जिसे हमने बार-बार देखा है और हम जानते हैं कि इससे कैसे निपटना है।” दरअसल, बुधवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को जीवन रेखा प्रदान करने वाले किसी भी देश के खिलाफ अब तक के सबसे कठोर आर्थिक ऑपरेशन की घोषणा की थी। इस कदम को एक आर्थिक डी-डे बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “यह अभूतपूर्व पैमाने पर आर्थिक युद्ध और अलगाव होगा।” अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दोनों देशों ने 18 जून को लेबनान समेत सभी मोर्चों पर क्षेत्रीय युद्ध खत्म करने को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत 60 दिन के अंदर अंतिम डील पर बातचीत पूरी होनी थी, जिसकी डेडलाइन सोमवार को खत्म हो गई, लेकिन पिछले महीने दोनों देशों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने से इस पूरी बातचीत पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं और समझौते का भविष्य अधर में लटक गया है। एक वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने शनिवार को पड़ोसी देशों और अन्य देशों को अपने देश के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि तेहरान ऐसे देशों को दुश्मन मानेगा। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने सरकारी चैनल आईआरआईबी टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान पहले संबंधित देशों के साथ बातचीत करने की कोशिश करेगा और उनसे आग्रह करेगा कि वे अपने देश के खिलाफ अमेरिका के इस आर्थिक युद्ध में भाग न लें।
यूएस ओपन में रोजर फेडरर और एंडी रॉडिक के बीच प्रदर्शनी मुकाबला

नई दिल्ली। 20 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन रोजर फेडरर बुधवार को ‘यूएस ओपन’ में आयोजित एक प्रदर्शनी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यूएस ओपन आयोजकों ने पुष्टि की है कि न्यूयॉर्क में पांच बार खिताब जीत चुके फेडरर का मुकाबला 2003 यूएस ओपन चैंपियन एंडी रॉडिक से होगा। फेडरर और रॉडिक का यह मुकाबला एक सेट का होगा, क्योंकि फ्लशिंग मीडोज में इस एक रात के इवेंट में कई और दिग्गज खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। फेडरर, चार बार के यूएस ओपन चैंपियन जॉन मैकेनरो के साथ मिलकर रॉडिक और दो बार के विजेता आंद्रे अगासी के खिलाफ डबल्स मैच खेलेंगे; न्यूयॉर्क में यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। यूएस ओपन की संस्था ने एक बयान में कहा, “सिर्फ एक रात के लिए, लगातार पांच बार यूएस ओपन चैंपियन रहे और टेनिस के दिग्गज रोजर फेडरर न्यूयॉर्क लौट रहे हैं। वे मंगलवार, 25 अगस्त को आर्थर ऐश स्टेडियम में फ्लडलाइट्स में एक खास एग्जीबिशन इवेंट में हिस्सा लेंगे। वे 2003 के यूएस ओपन चैंपियन और अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी एंडी रॉडिक के साथ-साथ टेनिस के अन्य दिग्गजों और यूएस ओपन चैंपियन आंद्रे अगासी और जॉन मैकेनरो के साथ खेलेंगे।” 2022 में संन्यास लेने वाले फेडरर न्यूयॉर्क के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक थे। उन्होंने पांच यूएस ओपन खिताब जीते, जो ‘ओपन एरा’ में पीट सम्प्रास और जिमी कॉनर्स के साथ संयुक्त रूप से उनके नाम दर्ज रिकॉर्ड है। फ्लशिंग मीडोज पर उनका जबरदस्त दबदबा था; उन्होंने 2004 से 2008 तक लगातार अपने सभी 5 खिताब जीते। रॉडिक एक बार के यूएस ओपन चैंपियन हैं; उन्होंने 2003 में जुआन कार्लोस फेरेरो को हराकर यह खिताब जीता था। ग्रैंड स्लैम में उनका सामना आठ बार फेडरर से हुआ और वे स्विस दिग्गज को हरा नहीं पाए, लेकिन प्रदर्शनी कार्यक्रम में यह मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। मैकेनरो भी टेनिस के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं; उन्होंने सात मेजर खिताब जीते हैं। उन्होंने 1979, 1980, 1981 और 1984 में न्यूयॉर्क में जीत हासिल की। इस अमेरिकी खिलाड़ी की अगासी के साथ दिलचस्प टक्कर रही है; अपने करियर में उनका अगासी से चार बार सामना हुआ और दोनों के बीच ‘हेड-टू-हेड’ रिकॉर्ड 2-2 का रहा। अगासी ने अपने शानदार करियर में आठ मेजर खिताब जीते, जिनमें 1994 और 1999 में न्यूयॉर्क में जीते गए दो खिताब भी शामिल हैं। यूएस ओपन 2026 की शुरुआत सोमवार को क्वालीफाइंग राउंड और मिक्स्ड डबल्स के साथ होगी। मुख्य ड्रॉ 30 अगस्त को थोड़ा बाद में शुरू होगा।
कांग्रेस सरकार के ‘1,000 दिन विश्वासघात’ को उजागर करने के लिए बीआरएस चलाएगी सप्ताहभर का अभियान

हैदराबाद। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने रविवार को घोषणा की कि वह तेलंगाना में 2 सितंबर से सप्ताहभर का राज्यव्यापी अभियान चलाएगी। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में 1,000 दिन पूरे होने पर वह जनता के साथ किए गए कथित “विश्वासघात” और अधूरे वादों को उजागर करेगी। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव और हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान 420 वादे, 13 घोषणाएं और छह गारंटी दी थीं और इन्हें 100 दिनों के भीतर लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 1,000 दिन बाद भी कोई वादा पूरी तरह पूरा नहीं हुआ। केटीआर ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कथित प्रशासनिक विफलताओं, भ्रष्टाचार और कुशासन से तेलंगाना की जनता नाराज है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों को सरकार की नीतियों, प्रशासनिक कमियों और कथित अनियमितताओं के बारे में जागरूक करने को कहा। उन्होंने बताया कि अभियान केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार बनने के बाद विभिन्न वर्गों को हो रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके तहत बीआरएस “बाकी कार्ड” अभियान चलाएगी, जिसमें विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित वित्तीय सहायता और बकाया भुगतान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। केटीआर ने आरोप लगाया कि कृषि मजदूरों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं को वादा की गई मासिक वित्तीय सहायता अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि किसानों से लेकर महिलाओं तक सभी वर्गों को कांग्रेस सरकार ने निराश किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की फीस प्रतिपूर्ति (फी रिइम्बर्समेंट) की बकाया राशि जारी नहीं की है। इस मुद्दे को कॉलेजों और छात्रों के बीच व्यापक रूप से उठाने के निर्देश दिए गए हैं। केटीआर ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का वादा भी सरकार पूरा नहीं कर सकी। उन्होंने ऑटो चालकों, महिलाओं, किसानों, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ा वर्ग, सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों समेत सभी वर्गों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ग की समस्याओं के अनुरूप अभियान तैयार किया जाएगा और सोशल मीडिया के जरिए भी युवाओं तक कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं को पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
डूरंड कप: एडमंड लालरिंडिका की शानदार हैट्रिक, ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को रौंदकर 22 साल बाद जीता खिताब

कोलकाता। 135वें डूरंड कप के फाइनल में ईस्ट बंगाल एफसी ने रविवार को मोहन बागान सुपर जायंट के खिलाफ 4-1 के बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम किया। इसी के साथ ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद ‘डूरंड कप’ का टाइटल अपने नाम किया है। इससे पहले टीम ने साल 2004 में यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी उठाई थी। इस जीत के साथ ही ईस्ट बंगाल ने डूरंड कप खिताबों की संख्या में मोहन बागान की बराबरी कर ली। दोनों के नाम अब 17-17 खिताब हैं। कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए फाइनल में ईस्ट बंगाल एफसी के लिए इस ऐतिहासिक जीत के नायक एडमंड लालरिंडिका रहे, जिन्होंने पहले ही हाफ के शुरुआती 44 मिनट में बेहतरीन हैट्रिक लगाकर टीम को शानदार बढ़त दिलाई दी थी। मैच के पहले हाफ में ईस्ट बंगाल एफसी का दबदबा देखने को मिला। मुकाबले की शुरुआत से ही ईस्ट बंगाल ने आक्रामक खेल दिखाया। खेल के 10वें मिनट में टीएच बिपिन सिंह ने गोल दागकर मैच का खाता खोला। इसके ठीक एक मिनट बाद (11′) एडमंड लालरिंडिका ने गोल किया और फिर 22वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागकर टीम को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। मोहन बागान की तरफ से 33वें मिनट में मनवीर सिंह ने एक गोल करते हुए अपनी टीम के लिए उम्मीद जगाने की कोशिश की, लेकिन हाफ-टाइम से ठीक पहले 44वें मिनट में एडमंड लालरिंडिका ने अपना तीसरा गोल करते हुए ‘हैट्रिक’ पूरी की। इसी के साथ ईस्ट बंगाल ने 4-1 के स्कोर के साथ पहले हाफ का समापन किया। पहले हाफ के 29वें मिनट ईस्ट बंगाल एफसी के दानी रामिरेज और मोहन बागान सुपर जायंट के लालेंगमाविया राल्टे (42वें मिनट) को ‘येलो कार्ड’ दिखाए गए। पहले हाफ में 5 गोल देखने को मिले, लेकिन अगला हाफ गोलरहित रहा। इस दौरान कई फाउल, येलो कार्ड और आक्रामकता देखने को मिली। 58वें मिनट में मोहन बागान सुपर जायंट के टेकचम अभिषेक सिंह को येलो कार्ड दिखाया गया, जबकि 59वें मिनट में ईस्ट बंगाल एफसी के थोउनाओजाम जैक्सन सिंह को ‘येलो कार्ड’ मिला। अंतिम पलों में जायंट के अल्बर्टो रोड्रिगेज मार्टिन (90+5वें मिनट) को येलो कार्ड मिला। फुल-टाइम की सीटी बजने तक स्कोर 4-1 ही रहा, जिसके साथ ईस्ट बंगाल एफसी ने इस मुकाबले को एकतरफा अंदाज में अपने नाम कर लिया। व्यक्तिगत पुरस्कार: गोल्डन ग्लव: विशाल कैथ (मोहन बागान एसजी) गोल्डन बूट: अलाएद्दीन अजराई (नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी) गोल्डन बॉल: एडमंड लालरिंडिका (ईस्ट बंगाल एफसी) सभी पुरस्कार विजेताओं को 3 लाख रुपए का चेक भी दिया गया, जबकि गोल्डन बॉल विजेता को एक एसयूवी की चाबी भी मिली।
श्रीनगर सेंट्रल जेल से पॉक्सो के दो आरोपी फरार, पूरे जम्मू-कश्मीर में अलर्ट जारी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर सेंट्रल जेल से पॉक्सो अधिनियम के दो आरोपी रविवार को फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया है और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी अलग-अलग पॉक्सो मामलों में श्रीनगर सेंट्रल जेल में बंद थे। जेल से फरार होने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। कश्मीर ज़ोन पुलिस द्वारा जारी नोटिस के अनुसार पहला आरोपी मुख्तार अहमद गुज्जर है, जो अनंतनाग जिले के संगलान चिटरगुल का निवासी है। उसके खिलाफ सौरा थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 20/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 137(2) और 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 3/4 के तहत मामला दर्ज है। दूसरा आरोपी फरमान खान है, जो सदनपोरा रागिस्तान का निवासी है। उसके खिलाफ लार थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 19/2026 में बीएनएस की धाराओं 137(2) और 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 3/4 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों के अलावा जेल से फरार होने के मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि आरोपियों के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर निकटतम पुलिस स्टेशन या आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दें। पुलिस ने कहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा।
जेपीएससी मेधा घोटाला: रांची-हजारीबाग के कोचिंग संस्थानों पर सीआईडी की दबिश, कई दस्तावेज जब्त

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने रविवार को रांची और हजारीबाग में कई ठिकानों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी ने दो कोचिंग संस्थानों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी लेकर मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। इन संस्थानों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए कथित तौर पर सेटिंग कराने और परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर कराने में भूमिका होने का संदेह है। सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत चल रही जांच के क्रम में टीम ने रांची के लालपुर स्थित ‘शिवांगन की पाठशाला’ में तलाशी ली। इसके अलावा संस्थान के निदेशक-संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास की भी जांच की गई। हजारीबाग में ‘मेघा कोचिंग सेंटर’ के परिसर में भी सीआईडी टीम ने दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की। तलाशी के दौरान मिले कुछ दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किए जाने की जानकारी है। जांच एजेंसी को गिरफ्तार किए गए कुछ कथित एजेंटों और अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान इन कोचिंग संस्थानों की भूमिका के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संस्थानों के संचालकों और घोटाले के लिए बनाए गए कथित नेटवर्क के बीच किस तरह का संपर्क था और परीक्षा में हेरफेर के लिए किस स्तर पर मदद उपलब्ध कराई गई। जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के मुताबिक जेपीएससी की कुछ परीक्षाओं में कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक होने, परीक्षा के दौरान या परीक्षा केंद्र से बाहर प्रश्नों के उत्तर तैयार कराने और ओएमआर शीट में हेरफेर किए जाने के आरोपों की भी जांच चल रही है। सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन गतिविधियों में कोचिंग संस्थानों, बिचौलियों, अभ्यर्थियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की क्या भूमिका थी। इधर, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित हेराफेरी के मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मुख्य आरोपित अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी समेत तीन आरोपितों से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। अभय तिवारी परीक्षा संचालन के लिए काम करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है। उसके साथ उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की पूछताछ का फोकस इस बात पर है कि कथित परीक्षा सिंडिकेट किस तरह काम करता था। आरोपितों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा में हेरफेर के लिए अभ्यर्थियों का चयन कैसे होता था, उनके संपर्क में कौन-कौन लोग रहते थे, कितनी रकम तय की जाती थी और उसका भुगतान किस माध्यम से किया जाता था। जांच अधिकारी यह भी जानने का प्रयास कर रहे हैं कि प्रश्नपत्र या प्रश्नों से संबंधित जानकारी अभ्यर्थियों तक किस रास्ते से पहुंचती थी और परीक्षा से पहले उन्हें प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने की व्यवस्था कैसे की जाती थी। इसके अलावा परीक्षा के बाद ओएमआर शीट या अन्य रिकॉर्ड में कथित बदलाव की प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
चीन में ग्रीन कंप्यूटिंग को बढ़ावा, शुरुआती नतीजे सामने आए

बीजिंग। वर्तमान में चीन की कंप्यूटिंग क्षमता तेजी से बढ़ रही है। कंप्यूटिंग उपकरणों को अधिक ऊर्जा दक्ष बनाया जा रहा है, जबकि कंप्यूटिंग पावर के बुनियादी ढांचे को हरित बनाने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। साथ ही, कंप्यूटिंग और बिजली के बीच बेहतर तालमेल बढ़ रहा है। इसके अलावा, कंप्यूटिंग नेटवर्क, वैश्विक स्तर पर कंप्यूटिंग क्षमता का विस्तार और कंप्यूटिंग पावर के नए व्यावसायिक मॉडल विकास के नए क्षेत्र बन रहे हैं। यह जानकारी 22 अगस्त को चीन के भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश की राजधानी होहोट में आयोजित 2026 ग्रीन कंप्यूटिंग पावर सम्मेलन में सामने आई। सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में चीनी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी अकादमी के उपाध्यक्ष आओ ली ने “ग्रीन कंप्यूटिंग पावर के विकास पर शोध रिपोर्ट 2026” जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटिंग उपकरणों को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के मामले में चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में कंप्यूटिंग उपकरणों की ऊर्जा दक्षता लगातार बेहतर हो रही है। जून 2026 के अंत तक चीन की बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता 2185 ईएफएलओपीएस तक पहुंच गई थी। लिक्विड कूलिंग, हाई-स्पीड ऑप्टिकल इंटरकनेक्ट और नई स्टोरेज आर्किटेक्चर जैसी नई तकनीकें अब उच्च घनत्व वाले बुद्धिमान कंप्यूटिंग केंद्रों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण आधार बन गई हैं। इससे कंप्यूटिंग क्षमता के पैमाने, प्रदर्शन और ऊर्जा दक्षता में एक साथ सुधार को बढ़ावा मिल रहा है। इसके साथ ही, चीन में कंप्यूटिंग पावर के बुनियादी ढांचे के विस्तार और उसके हरित रूपांतरण में भी लगातार प्रगति हो रही है। 2025 के अंत तक देशभर में संचालित मानक रैक की संख्या 1.373 करोड़ से अधिक हो गई थी। वहीं, 10 हजार जीपीयू स्तर के 42 बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्लस्टर तैयार किए जा चुके थे। देश के आठ प्रमुख राष्ट्रीय हब नोड्स में मौजूद बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता का हिस्सा कुल क्षमता का 80 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, कंप्यूटिंग क्षेत्र में हरित और कम कार्बन विकास की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति हुई है। देशभर में 160 से अधिक डेटा सेंटरों को 4ए स्तर या उससे ऊपर के हरित डेटा सेंटर का दर्जा दिया गया है।
एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर दिल्ली और दमन में की सख्त कार्रवाई, लाइसेंस भी किया निलंबित

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रविवार को कहा कि निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन और अनुपालन में कमी पाए जाने के बाद उसने दिल्ली और दमन की दो खाद्य कारोबार इकाइयों के खिलाफ कड़ी नियामकीय कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा नियामक ने नई दिल्ली स्थित मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। वहीं, दमन के रिंगनवाड़ा स्थित एसडीपी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मानकों का पालन न करने वाले घी उत्पादों और मिलावट की आशंका को लेकर प्रतिबंध का आदेश जारी किया गया है। एफएसएसएआई ने कहा, “गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों का पता चलने के बाद एफएसएसएआई ने नई दिल्ली की मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित किया है और दमन की एसडीपी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रतिबंध का आदेश जारी किया है।” मार्शे रिटेल के मामले में निरीक्षण और उसके बाद किए गए फॉलो-अप निरीक्षण में प्रतिष्ठान के डिजाइन, संचालन संबंधी नियंत्रण, स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, खाद्य संचालकों के प्रशिक्षण और अनिवार्य रिकॉर्ड रखने में कमियां पाई गईं। खाद्य उत्पाद संभालने वालों के आवश्यक मेडिकल रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा, निर्धारित खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी दस्तावेज भी पर्याप्त रूप से व्यवस्थित नहीं रखे गए थे। इसके चलते, मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का एफएसएसएआई लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। खाद्य कारोबार संचालक को निर्देश दिया गया है कि जब तक पहचानी गई कमियों को दूर नहीं किया जाता और सक्षम प्राधिकरण द्वारा अनुपालन की पुष्टि नहीं कर दी जाती, तब तक वह तत्काल सभी खाद्य कारोबार गतिविधियां बंद रखे। वहीं, खाद्य नियामक ने दमन के रिंगनवाड़ा स्थित एसडीपी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रतिबंध आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा निर्मित कई घी उत्पादों के निरीक्षण और नमूने लिए जाने के बाद की गई। “श्रद्धा”, “श्री सरस” और “गोकुल” जैसे ब्रांड नामों से बेचे जाने वाले इन उत्पादों को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा इसके तहत बनाए गए नियमों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं पाया गया। घी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में बीटा-सिटोस्टेरॉल पाया गया। यह एक पौधों में पाया जाने वाला स्टेरॉल है, जिसकी घी में मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, फैटी एसिड की संरचना में भी मानकों के अनुरूप न होने की बात सामने आई। नियामक के अनुसार, ये निष्कर्ष बाहरी या वनस्पति वसा की मौजूदगी के संकेत थे और इससे खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुईं। खाद्य कारोबार संचालक ने शुरुआती प्रयोगशाला जांच के निष्कर्षों के खिलाफ कानून के तहत अपील करने का अधिकार इस्तेमाल किया। इसके बाद अपील किए गए नमूनों को दोबारा जांच के लिए रेफरल फूड लैबोरेटरी भेजा गया। वहां दोबारा जांच में भी परीक्षण किए गए नमूनों में मानकों का उल्लंघन पाया गया, जिससे नियामकीय कार्रवाई का आधार और मजबूत हो गया। एफएसएसएआई ने कहा कि कई नमूनों, अलग-अलग अवधियों और विभिन्न उत्पाद वेरिएंट में बार-बार और लगातार अनुपालन न किए जाने की स्थिति को देखते हुए इस समस्या को किसी एक खास बैच या उत्पाद तक सीमित नहीं माना जा सकता।
देश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, अब सच्चाई छिपाने का दौर खत्म हो चुका : मनोज झा

पटना। युवाओं से जुड़ने के लिए भाजपा के प्रस्ताव, महिलाओं के बराबर अधिकारों पर राहुल गांधी की टिप्पणी और अभिजीत दिपके के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने को लेकर राजद सांसद मनोज झा की प्रतिक्रिया सामने आई है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा की ओर से ‘वंदे मातरम’ पर प्रस्ताव पास करने को लेकर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “इसे उस नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है। आप उनसे सवाल करने वाले कौन होते हैं? इस प्रस्ताव पर सदन में भी विस्तार से चर्चा हुई थी। आप किस पर उंगली उठा रहे हैं? रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस पर? क्या आपने कभी उनके कद के बारे में सोचा है?” मनोज झा ने कहा, “आप उनकी समझ पर सवाल उठा रहे हैं? और हां, आपके इस प्रस्ताव से बेरोजगारी कितनी जल्दी खत्म होगी? स्कूल कैसे बेहतर होंगे? अस्पताल और पब्लिक हेल्थ सिस्टम कैसे बेहतर होंगे? क्या आपकी चिंता यही है? क्या इन मुद्दों पर कोई प्रस्ताव लाया गया है?” जेन-जी तक पहुंचने के लिए भाजपा की ओर से स्पेशल टीम बनाने पर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “कई कमेटियां बनाई गई हैं। कमेटी बनाना बहुत आसान है। पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एक कहावत है; कमेटी बनाने का मतलब ही यह है कि आप मुद्दे को टालने की कोशिश कर रहे हैं। युवाओं के संदेश को समझें। वे बेहतर शिक्षा व्यवस्था और ढांचा चाहते हैं। उन्हें रोजगार के लिए एक ठोस ब्लूप्रिंट और भरोसे की जरूरत है।” अभिजीत दिपके पर एफआईआर को लेकर मनोज झा ने कहा, “देश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, अब सच्चाई छिपाने का दौर खत्म हो चुका है। कुछ जगहों पर एक ही कमरे में दो क्लास चल रही हैं, तो कहीं-कहीं तीन क्लास भी एक साथ हो रही हैं। जो टीचर इंग्लिश पढ़ाते हैं, वे ही मैथ और सोशल साइंस भी पढ़ा रहे हो सकते हैं। अगर कोई प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन तक की इन सच्चाइयों और जमीनी समस्याओं को सामने लाने की कोशिश कर रहा है, तो सरकार को ऐसे प्रयासों को दबाने या लोगों को डराने-धमकाने के बजाय उन्हें बढ़ावा देना चाहिए।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम कर खांसी से पाएं राहत, तनाव व चिंता कम करने में भी मददगार

नई दिल्ली। बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी आम है। खांसी लगातार बनी रहे तो काफी परेशानी होती है। आमतौर पर लोग राहत के लिए दवाएं लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम से भी खांसी में आराम मिल सकता है? इसके अलावा यह एकाग्रता बढ़ाने और तनाव व चिंता को कम करने में भी मददगार है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, अनुलोम-विलोम प्राणायाम खांसी से जुड़ी समस्याओं में राहत दिला सकता है। मंत्रालय का कहना है कि नियमित अभ्यास से एकाग्रता और ऊर्जा बढ़ती है, साथ ही तनाव और चिंता का स्तर कम करने में मदद मिलती है। अभ्यास के दौरान कुछ समय गहरी सांस लेने और अपनी गति धीमी रखने पर ध्यान देना चाहिए। अनुलोम-विलोम के लिए बारी-बारी से दोनों नथुनों से सांस लें। बीते दिन आयुष मंत्रालय की ओर से बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों को नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी गई थी। आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था, “मौसम बदलने से आपकी सेहत पर अनपेक्षित असर पड़ सकता है। ऐसे चेतावनी वाले संकेतों को नजरअंदाज न करें, जिनके लिए तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत हो सकती है। आयुष मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर बताया गया था, “तेज बुखार के साथ उलझन, सांस लेने में तकलीफ, शरीर में पानी की भारी कमी या लगातार उल्टी होना ऐसे संकेत हैं जिनके लिए बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर मेडिकल मदद मिलने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है और जान भी बचाई जा सकती है।” आयुष मंत्रालय की ओर से एक स्वस्थ हृदय के बारे में जानकारी साझा की गई थी। सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया था, “एक स्वस्थ, अधिक संतुलित जीवन की कुंजी है। रक्तचाप, रक्त ग्लूकोज, रक्त लिपिड और शरीर के वजन के प्रति सचेत रहने से हृदय संबंधी जोखिम कारकों को जल्दी पहचानने में मदद मिल सकती है। जागरूकता, रोकथाम और स्वस्थ जीवन शैली विकल्पों के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य की दिशा में सक्रिय कदम उठाएं।