शराब परिवहन घोटाले में पूर्व मंत्री करुमुरी नागेश्वर राव गिरफ्तार, ईडी की बड़ी कार्रवाई

हैदराबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री करुमुरी नागेश्वर राव को शराब घोटाले से जुड़े परिवहन (ट्रांसपोर्ट) घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर लिया। ईडी अधिकारियों ने उन्हें हैदराबाद के कोंडापुर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। केंद्रीय एजेंसी शराब परिवहन टेंडरों और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। इस मामले में ईडी पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें नागेश्वर राव के बेटे करुमुरी सुनील कुमार, आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) के पूर्व प्रबंध निदेशक डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी और राज केसिरेड्डी शामिल हैं। करुमुरी नागेश्वर राव वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार में नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे थे। जून में सुनील कुमार की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत को बताया था कि मंत्री के बेटे होने के कारण उन्होंने अपने कारोबारी सहयोगियों के लिए शराब परिवहन के सब-कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में भूमिका निभाई। अदालत को बताया गया था कि सुनील कुमार और उनके सहयोगियों ने अवैध आर्थिक लाभ कमाया। ईडी ने अपनी जांच आंध्र प्रदेश सीआईडी द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। यह मामला आंध्र प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (सतर्कता) की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ रुपए के नुकसान का आरोप लगाया गया था। ईडी की जांच में सामने आया कि एपीएसबीसीएल के शराब परिवहन टेंडरों की शर्तों में जानबूझकर बदलाव किए गए और उन्हें कुछ चुनिंदा कंपनियों, विशेष रूप से सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएससीएसपीएल) और बाद में प्रसाद ट्रांसपोर्ट्स के पक्ष में तैयार किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार ये कंपनियां केवल मुखौटा इकाइयों की तरह काम कर रही थीं, जबकि वास्तविक संचालन और वित्तीय नियंत्रण केसिरेड्डी, वासुदेव रेड्डी तथा उनके सहयोगियों से जुड़े लोगों के पास था। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि कथित शराब कार्टेल ने आंध्र प्रदेश में डिपो से खुदरा दुकानों तक शराब पहुंचाने के दौरान अवैध लाभ कमाने की एक व्यवस्था तैयार की थी। इस बीच, वाईएसआरसीपी नेताओं और पूर्व मंत्रियों चेल्लुबोयेना वेणुगोपाल कृष्णा, अनिल कुमार यादव और विदादला रजनी ने करुमुरी नागेश्वर राव की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी नेताओं को निशाना बनाने के लिए झूठा मामला बनाया गया है। उनका आरोप है कि पिछड़ा वर्ग (बीसी) के वरिष्ठ नेता करुमुरी नागेश्वर राव को शराब परिवहन में कथित अनियमितताओं के नाम पर हैदराबाद में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले उनके बेटे सुनील कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था और पूरे परिवार को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। वाईएसआरसीपी नेताओं ने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान शराब की खरीद और बिक्री पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाती थी। उन्होंने कहा कि अवैध शराब पर रोक लगाई गई, शराब दुकानों की संख्या कम की गई और खुदरा बिक्री केंद्र सरकार द्वारा संचालित किए गए। साथ ही परमिट रूम और बेल्ट शॉप्स को भी बंद कर दिया गया था।

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