कोलकाता: शोरूम में आग लगने से 22 कारें जलकर खाक, कोई हताहत नहीं

कोलकाता। कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में सोमवार तड़के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास बांकरा में एक कार शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसमें 22 नई कारें जलकर खाक हो गईं और आठ अन्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन, कार शोरूम में लगी आग ने सोमवार सुबह तड़के ही भयावह रूप ले लिया था। कुल आठ दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रिपोर्ट लिखे जाने के तक आग बुझाने की प्रक्रिया जारी थी और दमकलकर्मी पूरी तरह से जलकर खाक हो चुके शोरूम में अगर कोई छिपे हुए आग के स्रोत थे, तो उनका पता लगाने की कोशिश कर रहे थे। राज्य अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग सबसे पहले सोमवार सुबह 5 बजे स्थानीय लोगों ने देखी। उन्होंने कहा, “निकटतम अग्निशमन केंद्र को तुरंत सूचना दी गई और पांच दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद आग बुझाने का काम शुरू किया। बाद में तीन और गाड़ियां भी शामिल हो गईं। शुरुआत में हमारा काम मुश्किल था, क्योंकि हमें एक तरफ शोरूम की आग बुझाने पर ध्यान देना था और दूसरी तरफ आग को आसपास की इमारतों में फैलने से रोकना था। शोरूम में प्रवेश द्वार काफी संकरा होने के कारण हमारे कर्मचारियों को शुरू में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, अब स्थिति नियंत्रण में है।” अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या शोरूम में आग बुझाने की कोई व्यवस्था थी या नहीं। दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के पूरे अभियान के दौरान सर्विस सेंटर का कोई भी व्यक्ति घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। अग्निशमन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, “आग लगने के कारण की जांच चल रही है। शोरूम के अधिकारियों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि शोरूम में आग से सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए गए थे या नहीं।” पश्चिम बंगाल में इस महीने की शुरुआत में होटल में आग लगने की दो बड़ी घटनाएं हुईं, जिनमें प्रत्येक घटना में नौ-नौ लोगों की जान गई। कुल मिलाकर, 18 लोगों की मौत हुई। पहली घटना बीरभूम जिले के तारापीठ स्थित होटल बिदेशिनी में हुई, जो वहां के प्रसिद्ध देवी तारा मंदिर के पास है। दूसरी आग लगने की घटना मध्य कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल शिखा इन में हुई, जिसमें सात बांग्लादेशी नागरिकों सहित नौ लोगों की मौत हो गई थी।

कर्नाटक: भाजपा नेताओं ने विधान सौधा का किया घेराव; नागेंद्र के इस्तीफे की मांग, हिरासत में कई लोग

बेंगलुरु। भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सोमवार को कथित आदिवासी कल्याण घोटाले को लेकर योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए विधान सौधा का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी कार, ऑटो-रिक्शा और मेट्रो से विधान सौधा के चारों प्रवेश द्वारों पर इकट्ठा हुए। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए और प्रदर्शनकारियों को विधान सौधा परिसर में घुसने से रोका। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाड़ी नारायणस्वामी और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में फ्रीडम पार्क में भी एक समानांतर विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विकास सौधा की तरफ से विधान सौधा में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया, जिसके बाद टकराव की स्थिति बन गई; प्रदर्शनकारी केसरिया शॉल लहराते हुए जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। वरिष्ठ भाजपा नेता और एमएलसी एन. रविकुमार ने इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। इसमें एमएलसी सी.टी. रवि और पार्टी के कई अन्य नेता भी शामिल हुए। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला और महिलाओं समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बीएमटीसी बसों और अन्य गाड़ियों में बिठाया। प्रदर्शनकारियों ने नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए और कहा, ‘हमें न्याय चाहिए’ और ‘इस्तीफा जरूरी है’ और ‘पैसा कहां गया? पैसा राहुल गांधी के घर गया।’ कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दलित कल्याण के लिए रखा गया पैसा दूसरी जगह इस्तेमाल कर लिया गया। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक की अगुवाई में एक और समूह ने भी विधान सौधा परिसर में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोका और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। अशोक और विजयेंद्र को पुलिसकर्मियों ने जबरदस्ती उठाकर गाड़ियों में बैठा लिया। पुलिस की गाड़ी के अंदर से पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने कांग्रेस सरकार पर दलित कल्याण के लिए रखे गए फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। अशोक ने आरोप लगाया, “सरकार ने दलितों का पैसा हड़प लिया है। दलित कल्याण योजनाओं के लिए अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह पैसा अपने नेताओं में बांट दिया है।” उन्होंने कहा कि भाजपा ने फंड के कथित गलत इस्तेमाल की ओर जनता का ध्यान खींचने के लिए यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया है और नागेंद्र के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया, “हम मंत्री नागेंद्र के कारण विरोध कर रहे हैं। उन्होंने वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से लगभग 180 करोड़ रुपये लूटे हैं। यह पैसा लोगों को वापस मिलना चाहिए। इसीलिए हम विधान सौधा के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।” अशोक ने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। उन्होंने कहा, “अगर सरकार इस तरह की कार्रवाई करती है, तो यह ठीक नहीं है। हम शांति से विरोध कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार हम पर हमला कर रही है। यह अच्छी बात नहीं है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हैं।” विजयेंद्र ने कहा, “यह विरोध कांग्रेस सरकार के खिलाफ है, जो मंत्री नागेंद्र को कैबिनेट से हटाने में हिचकिचा रही है और भ्रष्टाचार का समर्थन करती दिख रही है। इसी वजह से हम विधान सौधा का घेराव कर रहे हैं।” जब उनसे कांग्रेस के इस आरोप के बारे में पूछा गया कि भाजपा गुंडागर्दी कर रही है, तो विजयेंद्र ने कहा, “पूरा राज्य जानता है कि राजनीति में कौन गुंडागर्दी के दम पर आगे बढ़ा है। उन्होंने गुंडागर्दी के जरिए अपना राजनीतिक करियर बनाया है। जो मुख्यमंत्री हमें गुंडा कह रहे हैं, उन्होंने खुद गुंडागर्दी की है और राज्य की जनता यह बात जानती है। बेंगलुरु के लोग भी यह सच्चाई जानते हैं।” विजयेंद्र ने कहा, “आज भाजपा और जेडी(एस) ईमानदारी से दलितों के हितों के लिए लड़ रहे हैं और जिनकी आवाज नहीं सुनी जाती, उनकी तरफ से आंदोलन कर रहे हैं। सीएम ने हमें गुंडा कहा है। मिस्टर डी.के. शिवकुमार, आप खुद गुंडा हैं। आप हमारे आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।” भाजपा एमएलसी एन. रवि कुमार ने कहा कि जांच से पता चला है कि दूसरे राज्यों में चुनावों पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा और बल्लारी चुनाव में 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सरकार इस घोटाले को हल्के में नहीं ले सकती। भाजपा ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित अनियमितताओं को लेकर अपना विरोध तेज कर दिया है। वे जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और अनुसूचित जनजाति समुदायों के कल्याण के लिए बनी योजनाओं से कथित तौर पर हटाए गए फंड की वापसी की मांग कर रहे हैं।

गाजा से आने वाले गुब्‍बारे या पतंग को ड्रोन मानकर करें कार्रवाई, रक्षा मंत्री काट्ज ने आईडीएफ को दिए न‍िर्देश

यरुशलम। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बताया क‍ि इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) को क‍िसी भी गुब्‍बारे या पतंग के ख‍िलाफ सख्‍त कार्रवाई के न‍िर्देश द‍िए गए हैं। उन्‍होंने साफ क‍िया क‍ि गाजा से आने वाले क‍िसी भी गुब्‍बारे या पतंग को ड्रोन ही माना जाएगा, फ‍िर चाहे उसमें व‍िस्‍फोट हो या न हो। इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैंने इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) को निर्देश दिया है कि गाजा से नेगेव क्षेत्र की बस्तियों की ओर छोड़ी जाने वाली पतंगों और गुब्बारों के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। ऐसे मामलों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। अगर यह गतिविधियां जारी रहती हैं, तो इन्हें पूरी तरह रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। किसी भी गुब्बारे या पतंग को ड्रोन की तरह ही माना जाएगा, चाहे उसमें विस्फोटक हो या न हो।” उन्‍होंने कहा क‍ि मैं योआव गैलेंट नहीं हूं। मैं छह अक्टूबर जैसी नीति को दोबारा लागू नहीं होने दूंगा, न आसमान से आने वाले खतरों को और न ही सीमा बाड़ के आसपास होने वाली गतिविधियों को। उन्‍होंने कहा क‍ि युद्ध के दौरान बार-बार छापेमारी की जिस रणनीति के कारण हमास को एक ही इलाकों में दोबारा लौटने का मौका मिलता रहा, उसके बजाय हमने सेना के साथ मिलकर एक मजबूत और स्पष्ट सुरक्षा क्षेत्र तैयार किया है। यह क्षेत्र नागरिक आबादी और आतंकवादी ढांचे से मुक्त है और इसकी निगरानी तथा नियंत्रण इजरायली सेना के हाथ में है, ताकि सैनिकों और बस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। काट्ज ने कहा क‍ि इस सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी तरह से कमजोर या दरकिनार नहीं होने दिया जाएगा। संभाव‍ित खतरों को देखते हुए इस मुद्दे पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी कर चुके हैं। बैठक में सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख और इजरायली सेना (आईडीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में इजरायल ने हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गाजा से ड्रोन, गुब्बारों और पतंगों के जरिए हमले तुरंत नहीं रुके, तो आईडीएफ इन हमलों के जिम्मेदार लोगों पर लक्षित हमले और तेज करेगी। बयान में कहा गया कि जिन इलाकों का इस्तेमाल ड्रोन, पतंग और गुब्बारे लॉन्च करने के लिए किया जा रहा है, वहां की आबादी को भी खाली कराया जाएगा ताकि आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

चिराग पासवान के बयान का सांसद अरुण भारती ने किया समर्थन, कहा-आरक्षण कोई दान या खैरात नहीं बल्कि भरपाई है

नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने चिराग पासवान के आरक्षण वाले बयान और बिहार सरकार के पेपर लीक रोकने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठन पर प्रतिक्रिया दी। सांसद अरुण भारती ने आरक्षण पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान पर आईएएनएस से कहा, “यह पहली बार है जब हम ऐसा आंदोलन देख रहे हैं, जो किसी के अधिकार छीनने की बात करता है। हमारे नेता सही कहते हैं, आरक्षण कोई दान या खैरात नहीं है, भीख नहीं है बल्कि यह भरपाई है। यह अधिकार बाबा साहब द्वारा दिए गए संविधान में निहित है। यह पहली बार है जब हम आरक्षण के मामले में किसी के अधिकार छीनने की बात हो रही है। “युवाओं की समस्याएं असली है, अवसर की कमी है। इसलिए लड़ाई अवसर बढ़ाने की बात होनी चाहिए, किसी को मिले हुए अवसर और अधिकार को छीनने की नहीं। चिराग पासवान ने रविवार को एक्स पोस्ट में कहा था, “मैंने 10 फरवरी 2020 को देश की संसद में भी स्पष्ट रूप से कहा था कि आरक्षण किसी को दी हुई खैरात नहीं बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है। मेरी और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सोच बिल्कुल स्पष्ट है। आरक्षण को समाप्त करने की बात तो दूर आरक्षण की समीक्षा भी हमें कभी स्वीकार्य नहीं है। सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है।” आरक्षण सुधार आंदोलन से जुड़े छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मंत्री ब्रजेश पाठक की मुलाकात पर अरुण भारती ने कहा, “ब्रजेश पाठक ने आरक्षण हटाओ को अपने एक्स पोस्ट में आरक्षण सुधार कर गलत आंदोलन का समर्थन किया है। संवैधानिक पद पर रहते हुए ब्रजेश पाठक आरक्षण हटाओ जैसे आंदोलन का समर्थन करना पूरी तरह गलत है। यह वही ब्रजेश पाठक हैं, जब बहुजन समाज का वोट लेकर बसपा से सांसद चुने गए थे।” ब्रजेश पाठक ने 22 अगस्त को एक्स पर लिखा था, “नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हर्ष दुबे के साथ लखनऊ में पत्रकार वार्ता कर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मांगों एवं उनकी चिंताओं की गंभीरता के दृष्टिगत उन्हें पूर्ण रूप से आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों में उनकी मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा तथा संबंधित केंद्रीय मंत्री से उनकी भेंट भी सुनिश्चित कराई जाएगी। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। किसी भी छात्र के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। हमारी सरकार सभी को साथ लेकर चलेगी।” बिहार सरकार के पेपर लीक रोकने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठन करने पर सांसद ने कहा, “यह स्वागत योग्य कदम है। हम लोग छात्रों के अधिकारों, मांगों और परीक्षा में सुधारों को लेकर लगातार बात कर रहे हैं। सरकार अगर कमेटी के माध्यम से इस मुद्दे को सुनती है और कानून बनाती है तो यह एक अच्छा कदम है।

अभिषेक बनर्जी के अकाउंट से रोक हटाई गई; कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैंक को दी सलाह

कोलकाता। टीएमसी के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल बैंक अकाउंट पर डेबिट से जुड़ी पाबंदियां लगाने वाले बैंक ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट को बताया कि पाबंदियां हटा ली गई हैं और उनके डेबिट कार्ड फिर से चालू कर दिए गए हैं। बैंक की ओर से पाबंदियां लगाए जाने के बाद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था। अभिषेक बनर्जी की ओर से बैंक अधिकारियों पर आरोप लगाया गया था कि बैंक ने बिना जानकारी दिए उनका पर्सनल अकाउंट फ्रीज कर दिया है और डेबिट व क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं। यह सब तब हुआ जब इसी महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट से आंखों के इलाज के लिए अमेरिका जाने की इजाजत मिली थी। सोमवार को जब मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, तो बैंक अधिकारियों ने जस्टिस राव की बेंच को बताया कि केवाईसी (नो योर कस्टमर) अपडेट न होने की वजह से डेबिट ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई गई थी और डेबिट व क्रेडिट कार्ड ब्लॉक किए गए थे। बैंक अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि अब केवाईसी अपडेट हो गया है, इसलिए डेबिट पर लगी रोक हटा ली गई है और उनकी डेबिट और क्रेडिट कार्ड फिर से चालू कर दिए गए हैं। बैंक के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि अभिषेक बनर्जी का अकाउंट कुछ समय के लिए फ्रीज किया गया था और बैंक अधिकारियों ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया था। बैंक के वकील के मुताबिक, बनर्जी का नाम एक और मामले में शामिल था और उस खबर के मिलने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत अकाउंट को कुछ समय के लिए फ्रीज किया गया था, जिसे अब फिर से चालू कर दिया गया है। बैंक की दलील सुनने के बाद जस्टिस राव ने मामले का निपटारा कर दिया। सुनवाई के आखिर में, जस्टिस राव ने बैंक अधिकारियों को सलाह दी कि बैंक अकाउंट पर डेबिट से जुड़ी रोक लगाने से पहले हमेशा संबंधित कस्टमर को सूचित किया जाए। जस्टिस राव ने यह भी सलाह दी कि यह तरीका सिर्फ अभिषेक बनर्जी के लिए ही नहीं बल्कि किसी भी कस्टमर के लिए अपनाया जाना चाहिए। जस्टिस राव ने बैंक अधिकारियों को यह भी सलाह दी कि डेबिट पर रोक लगाने की वजह के बारे में कस्टमर को पहले ही बता दिया जाए।

‘इन खिलाड़ियों से मिलना प्रेरणादायक था’, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भारत के दिव्यांग क्रिकेटरों को सराहा

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को भारत की मिक्स्ड डिसेबिलिटी पुरुष क्रिकेट टीम और ‘डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया’ (डीसीसीआई) के पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद, इंग्लैंड के सफल दौरे से लौटने पर भारतीय दिव्यांग क्रिकेटरों के जज्बे और उपलब्धियों की तारीफी की। इस मुलाकात में बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल थे। शाह और बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास के साथ टीम से मिलने वाले सैकिया ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ बातचीत एक प्रेरणादायक अनुभव था और उन्होंने देश का मान बढ़ाने के लिए उनकी कोशिशों की सराहना की। देवजीत सैकिया ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “रविवार को नई दिल्ली में यूनाइटेड किंगडम के हालिया दौरे के बाद भारत के दिव्यांग क्रिकेटरों और डीसीसीआई के पदाधिकारियों से मिलने और उन्हें बधाई देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीसीसीआई अध्यक्ष श्री मिथुन मन्हास के साथ शामिल होना सौभाग्य की बात थी। इन शानदार खिलाड़ियों से बातचीत करना वाकई प्रेरणादायक था, जिनके जज्बे और जुनून ने देश का मान बढ़ाया है। मैं उनके और भी सफल होने की कामना करता हूं।” यह मुलाकात भारत-इंग्लैंड मेंस मिक्स्ड डिसेबिलिटी टी20 इंटरनेशनल सीरीज 2026 में भारत के यादगार प्रदर्शन के बाद हुई, जिसमें भारतीय टीम ने इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, भारतीय टीम को 3-4 से सीरीज गंवानी पड़ी। 5 अगस्त को इंग्लैंड द्वारा पहला टी20 इंटरनेशनल मैच 29 रनों से जीतने के बाद भारत को शुरुआती झटके का सामना करना पड़ा था। हालांकि, भारतीय टीम ने दो दिन बाद जबरदस्त वापसी की और दूसरे टी20 में 6 रनों से जीत हासिल की, और फिर 9 अगस्त को इंग्लैंड को 8 रनों से हराया। इंग्लैंड ने 12 अगस्त को भारत के 117 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दो रनों से जीत हासिल कर सीरीज बराबर की। इसके बाद इंग्लैंड ने 15 अगस्त को पांचवें टी20 में 54 और छठे टी20 में भारत को 18 रनों से हराया। हालांकि, 19 अगस्त को सातवें और आखिरी टी20 में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 118 रनों से हराया। भारतीय खिलाड़ी लॉर्ड्स की बालकनी में टी-शर्ट उतराकर जश्न मनाते हुए भी नजर आए थे।

संत रविदास की 650वीं जयंती पर भाजपा का समरसता संकल्प अभियान, तालकटोरा में होगा कार्यक्रम

नई दिल्ली। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के मौके पर भारतीय जनता पार्टी पूरे साल समरसता संकल्प अभियान चला रही है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया, “प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरित होकर और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में भाजपा संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती को पूरे साल मनाने के लिए एक अभियान चला रही है। उस अभियान का नाम है समरसता संकल्प अभियान। यह अभियान 29 जुलाई, गुरु पूर्णिमा के दिन से शुरू हुआ है।” लाल सिंह आर्य ने आईएएनएस से बताया कि इसी अभियान के तहत दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में सोमवार को एक बड़ा समरसता संकल्प अभियान और कलश वितरण कार्यक्रम होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के साथ सभी सांसद, सभी विधायक और सभी मंत्री मौजूद रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य संत रविदास की वाणी और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। यह अभियान 20 फरवरी 2027 तक चलने वाला है और इसे पांच चरणों में चलाया जाएगा। 29 जुलाई को इसके तीन कार्यक्रम शुरू हुए थे। पहला कलश वंदना कार्यक्रम, जो आज दिल्ली में हो रहा है। दूसरा संत संपर्क अभियान, जिसके तहत अभी तक पूरे देश में 25 हजार से ज्यादा संतों से संपर्क किया जा चुका है। तीसरा कार्यक्रम समरस दीप अभियान है, जिसके तहत लगभग 51 हजार से अधिक स्थानों पर दीपोत्सव का कार्यक्रम किया गया है। 10 सितंबर तक कलश वंदन पूजन का कार्यक्रम पूरा हो जाएगा। इसके बाद समरसता संपर्क यात्रा जालंधर से निकलेगी। यह यात्रा जालंधर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश होते हुए काशी में जाकर समाप्त होगी। पांचवा चरण छात्र संपर्क अभियान होगा। इसके तहत संत रविदास के विचारों को छात्रों के बीच पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये सभी अभियान करीब सात महीने तक चलने वाले हैं और इस दौरान संत रविदास से जुड़े जो महत्वपूर्ण स्थान हैं, उनका समग्र विकास करने का संकल्प भाजपा सरकार ने लिया है। संत रविदास भक्ति काल के महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास सीर गोवर्धनपुर में सन 1376 या 1377 में माघ पूर्णिमा के दिन हुआ था। वे निर्गुण भक्ति धारा के संत थे और बाहरी दिखावे या मूर्ति पूजा के बजाय मन की पवित्रता पर जोर देते थे। उनका प्रसिद्ध वाक्य “मन चंगा तो कठौती में गंगा” है, जिसका अर्थ है कि अगर मन साफ है तो घर में ही गंगा स्नान का फल मिल जाता है। उन्होंने एक ऐसे आदर्श समाज बेगमपुरा का सपना देखा था, जहां किसी भी तरह का दुख, कर या जात-पात का भेदभाव न हो।

बच्चों और युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना होगा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

दमन। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दमन के देवका बीच पर आयोजित मानसून फेस्टिवल-2026 में लोगों से नशे से दूर रहने और बच्चों व युवाओं को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दमन जैसे पर्यटन स्थल पर नशे का प्रलोभन आसानी से मिल सकता है, इसलिए समाज को मिलकर नशामुक्ति की दिशा में काम करना होगा। राज्यपाल ने कहा, “हमें सबसे पहले अपने परिवार के बारे में सोचना होगा। नशे की वजह से हमारा शरीर अंदर से खोखला हो जाता है और कब भगवान हमें अपने पास बुला लें, इसका पता भी नहीं चलता। इसके बाद परिवार किस स्थिति से गुजरता है, यह सभी जानते हैं।” उन्होंने कहा कि आज दमन में भी विभिन्न प्रकार के ड्रग्स पहुंच चुके हैं और यह चिंता का विषय है। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को जागरूक और सतर्क रखें। आनंदीबेन पटेल ने लोगों से सामूहिक संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि सभी नशे से दूर रहें, बच्चों और युवाओं को भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि मानसून फेस्टिवल जैसे आयोजन केवल पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण अवसर हैं। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से तेजस एक्सप्रेस के जरिए सूरत के लिए रवाना हुईं। इस अवसर पर अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने उनका स्वागत किया और अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्टेशन को आधुनिक, विश्वस्तरीय और यात्री-केंद्रित सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए चल रहे कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया। डीआरएम ने गुजरात में पश्चिम रेलवे की ओर से चल रही रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और आधुनिकीकरण से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित, सुगम और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

त्रिपुरा: सीएम माणिक साहा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, बोले- स्थायी समाधान निकालने के लिए कदम उठाएगी सरकार

अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की बार-बार आने वाली समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित लोगों को राहत एवं सहायता पहुंचाने के लिए 24 घंटे काम कर रहा है। मुख्यमंत्री साहा ने पश्चिम त्रिपुरा जिले के बर्दोवाली स्थित विवेकानंद स्कूल और आश्रम चौमुहानी में बनाए गए राहत शिविरों समेत कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद यह बात कही। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की और राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा, “मुझे जानकारी मिली कि खोवाई और पश्चिम त्रिपुरा जिलों में अचानक कई क्षेत्रों में पानी भर गया। पश्चिम जिले में बरमुरा पहाड़ियों में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी पहुंच गया। अगस्त 2024 में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी। जिला मजिस्ट्रेट से लेकर राजस्व विभाग के सचिव तक सभी अधिकारी काम कर रहे हैं। जब मैं अमरपुर में एक कार्यक्रम में था, तब भी मैंने अधिकारियों से फोन पर बात की थी। हावड़ा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था, लेकिन अब धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है, जो एक अच्छा संकेत है। फिलहाल बारिश नहीं हो रही है।” उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत शिविर खोले गए हैं और वहां शरण लेने वाले लोगों के लिए भोजन, शिशु आहार सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा, “आपदा प्रतिक्रिया टीमें मौके पर तैनात हैं। नावों की भी व्यवस्था की गई है। मैंने कुछ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। रिपोर्ट के अनुसार 17 राहत शिविर खोले गए हैं, जहां 413 परिवारों के कुल 1,305 लोग फिलहाल रह रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की बार-बार आने वाली समस्या का स्थायी समाधान तलाशने पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा, “सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने के विकल्पों का अध्ययन कर रही है। तटबंधों का निर्माण किया गया है और आगे भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि प्रकृति से मुकाबला नहीं किया जा सकता। हमारी ओर से पूरी सतर्कता बरती जा रही है और हर संभव कदम उठाया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को रिजर्व में रखा गया है और प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, “एनडीआरएफ की टीमें तैयार रखी गई हैं। पार्षद, पार्टी कार्यकर्ता और अन्य लोग 24 घंटे काम कर रहे हैं। हम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पश्चिम जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।” मुख्यमंत्री साहा ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बातचीत की और वहां आवश्यक वस्तुओं, भोजन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक बिना किसी देरी के हर जरूरी सहायता पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ स्थिति से निपटने और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान राजस्व, राहत, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव मिलिंद रामटेके, पश्चिम त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट विशाल कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार पर दिए बयान पर जताया खेद, बोले- ‘रोल मॉडल’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया

चंडीगढ़। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार कुमार को लेकर दिए गए एक हालिया बयान पर उठे विवाद पर खेद जताते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने वह शब्द इस्तेमाल नहीं किया था, जिसका हवाला मीडिया में दिया जा रहा है और न ही उनका वैसा आशय था। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनका किसी भी समुदाय, विशेषकर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सिख समुदाय के साथ चार पीढ़ियों से घनिष्ठ संबंध रहे हैं और वह अपने सिख भाइयों की भावनाओं को आहत करने की कल्पना भी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह एक भाई के रूप में इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। उनका कभी भी किसी को दुख पहुंचाने का उद्देश्य नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा 1984 के दंगों में प्रभावित हुए सिख समुदाय को न्याय दिलाने की वकालत करते रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि सिख समुदाय देश का गौरवशाली हिस्सा है और उन्हें उस समुदाय पर गर्व है, जिसने देश के लिए असीम बलिदान दिए हैं। चाहे देश की सीमाओं की रक्षा का मामला हो या स्वतंत्रता संग्राम का, सिख समुदाय का योगदान हमेशा प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय एक राष्ट्रभक्त समुदाय है और स्वतंत्रता से पहले तथा बाद में भी देश की रक्षा के लिए उसने अनेक बलिदान दिए हैं। उन्होंने अपने परिवार और सिख समुदाय के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन के दौरान उनके परदादा चौधरी मातूराम और शहीद-ए-आजम भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह को एक ही दिन काला पानी की सजा सुनाई गई थी। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि इसके बाद से किसान आंदोलनों सहित हर संघर्ष में उनका परिवार सिख समुदाय के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के किसान आंदोलन में भी जब पंजाब से किसान दिल्ली पहुंचे थे, तब वह व्यक्तिगत रूप से उनके समर्थन में सबसे पहले पहुंचने वाले नेताओं में शामिल थे। उन्होंने कहा कि उनका और उनके परिवार का सिख समुदाय के साथ संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और ऐतिहासिक भी है, इसलिए किसी भी प्रकार से सिख समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का सवाल ही नहीं उठता।