सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर लगाई रोक

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान की जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में सभी तरह के निर्माण और विकास कार्यों पर रोक लगा दी। यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक कि बाढ़ सीमा और पर्यावरण सुरक्षा क्षेत्र का वैज्ञानिक तरीके से निर्धारण और सीमांकन नहीं हो जाता। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने जोजरी समेत राजस्थान की नदियों में औद्योगिक प्रदूषण से जुड़े एक ‘सुओ मोटो’ मामले में यह आदेश दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि नदी की मौजूदा बाढ़ सीमा से दोनों तरफ 500 मीटर तक ऐसे किसी उद्योग या गतिविधि की अनुमति नहीं होगी, जिससे नदी में प्रदूषण, गंदगी या पर्यावरण को कोई दूसरा नुकसान होने की संभावना हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नदी और उसके आसपास के पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए जब तक वैज्ञानिक तरीके से नदी की बाढ़ सीमा और जरूरी पर्यावरण सुरक्षा क्षेत्र तय नहीं हो जाता, तब तक यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी। कोर्ट ने कहा, “हमारी राय है कि बाढ़ सीमा और जरूरी पर्यावरण सुरक्षा क्षेत्र तय करने और उनकी सीमा तय करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया के दौरान नदी के इकोसिस्टम की ठीक से सुरक्षा के लिए एक अंतरिम, निश्चित और मापने योग्य सुरक्षा क्षेत्र बनाना जरूरी है। इसलिए, हम निर्देश देते हैं कि ऊपर बताई गई गाइडलाइंस के अनुसार, नदी के किनारे से 100 मीटर की दूरी के भीतर किसी भी तरह का निर्माण या विकास कार्य करने की अनुमति नहीं होगी।” कोर्ट के सामने यह ‘सुओ मोटो’ का मामला तब आया, जब एक डॉक्यूमेंट्री में जोजरी नदी के अंदर जोधपुर, पाली और बाड़मेर जिलों में भारी प्रदूषण का खुलासा हुआ। नवंबर 2025 में कोर्ट ने जोजरी, बांडी और लूनी नदियों की सफाई के लिए एनजीटी के 2022 के निर्देशों को फिर से लागू किया था और राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल इकोसिस्टम निगरानी समिति का गठन किया था।
सीमा सुरक्षा से लेकर जादवपुर हिंसा तक, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने सीएम सुवेंदु अधिकारी पर साधा निशाना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीएम सुवेंदु अधिकारी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछली सरकार ने सीमा सुरक्षा के लिए कोई काम नहीं किया था। इस पर सौगत रॉय ने आईएएनएस से कहा, “यह सही नहीं है। जो भी करने की जरूरत थी, पिछली सरकार ने पहले ही कर दिया था और सुवेंदु अधिकारी भी अब कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं। उनको कोई जरूरत नहीं है पुरानी सरकार को बोलने का, अभी तो यह उनकी ही जिम्मेदारी है।” जादवपुर यूनिवर्सिटी में हालिया हिंसक झड़प और तोड़फोड़ की घटनाओं की जांच के लिए बनाई गई जांच समिति के प्रमुख प्रो. शुभा शंकर सरकार ने विवादों के बीच पद संभालने से इनकार करते हुए अपना इस्तीफा दे दिया है। इस पर सौगत रॉय ने कहा कि यूनिवर्सिटी में जो घटना हुई है, उस पर काफी सवाल हैं। इसकी ठीक से जांच होनी चाहिए। बता दें कि कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समर्थकों के बीच जमकर हिंसक झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। यह विवाद एक जनरल बॉडी मीटिंग को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बाहरी लोगों को बुलाकर हमला करने का आरोप लगाया है। सीएम सुवेंदु ने कहा था कि अग्निवीर के लिए पुलिस में 20 प्रतिशत पोस्ट है। इस पर टीएमसी सांसद ने कहा कि अग्निवीर जब से शुरू हुआ है, तब से लोगों को इसको लेकर बहुत आपत्ति है, क्योंकि लोग चाहते हैं कि आर्मी में पक्की नौकरी होनी चाहिए। अग्निवीर को इधर लाएंगे, इसके बारे में बोलना मुश्किल है क्योंकि अग्निवीर का प्रोजेक्ट कितना सफल हुआ है, यह अभी साफ नहीं है।
मध्य प्रदेश के स्कूलों में मनाया जाएगा तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्मोत्सव

भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूलों में तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा।इस मौके पर लीलाओं के मंचन से लेकर नाटक और व्याख्यान भी होंगे। राज्य के लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक रविंद्र कुमार सिंह ने सभी जिला अधिकारियों को जन्माष्टमी पर्व मनाने का आदेश दिया है। इस आदेश में बताया गया है कि राज्य के संस्कृति विभाग द्वारा यह आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा तय की गई रूपरेखा के अनुसार तीन दिन तक श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। यह आयोजन एक सितंबर से तीन सितंबर तक चलेगा, इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपराओ, नैतिक मूल्य एवं सामाजिक समरसता के प्रति विद्यार्थियों में समझ विकसित करना है। तीन दिवसीय इस आयोजन में विविध कार्यक्रम होंगे और प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का मंचन होगा, उनकी शिक्षाओं, गीता ज्ञान और उनसे जुड़े विभिन्न प्रसंगों का नाट्य तथा नृत्य मंचन होगा। इसके साथ ही भगवान श्री कृष्ण से जुड़े भ्रामक मिथकों को तोड़ने के लिए व्याख्यान भी होंगे। इस तीन दिवसीय आयोजन में सांदीपनि विद्यालयों में विशेष आयोजन किए जाएंगे, जिसमें सांदीपनि गुरु से जुड़े प्रसंग, गुरु- शिष्य परंपरा आदि पर परिचर्चा होगी और नाट्य मंचन भी किया जाएगा। स्कूलों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मनाया जाने पर भाजपा नेताओं ने प्रसन्नता जाहिर की है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि कृष्ण जन्मोत्सव पर सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है, स्कूलों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के आयोजन का मध्यप्रदेश सरकार का निर्णय हमारी सनातन संस्कृति, संस्कारों और श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने वाला सराहनीय कदम है।भगवान श्रीकृष्ण किसी एक वर्ग की आस्था नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं।सरकार के इस निर्णय का हम स्वागत एवं समर्थन करते हैं। श्रीकृष्ण के संदेश—धर्म, कर्तव्य और सत्य को विद्यार्थियों तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है।
असम ने प्रतिवर्ष 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया: हिमंता बिस्वा सरमा

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने प्रतिवर्ष 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के साथ सुनिश्चित खरीद का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों के भीतर ही किसानों से सीधे दो लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद कर ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों को उनकी उपज के लिए एक विश्वसनीय खरीद तंत्र उपलब्ध कराना है। 10 लाख मीट्रिक टन के वार्षिक लक्ष्य से असम में सरकार समर्थित धान की खरीद का दायरा काफी बढ़ने और किसानों को बेहतर मूल्य आश्वासन मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री सरमा की यह घोषणा राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और सुनिश्चित बाजारों और बेहतर खरीद तंत्र के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर केंद्रित प्रयासों के बीच आई है। किसानों से सीधे खरीद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि उत्पादकों को उनकी उपज के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिले। साथ ही, अनिश्चित बाजार कीमतों पर उनकी निर्भरता कम हो। मुख्यमंत्री ने पहले 100 दिनों के दौरान हासिल की गई खरीद को बड़े वार्षिक लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। अब सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह 10 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को प्राप्त करने और खरीद प्रक्रिया में किसानों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में खरीद कार्यों को बढ़ाएगी। यह पहल असम सरकार द्वारा कृषि आजीविका में सुधार लाने और कृषि समुदाय को मजबूत आर्थिक सहायता प्रदान करने पर दिए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
अक्षय खन्ना की ‘महाकाली’ की पहली झलक रिलीज, शुक्राचार्य के अवतार में दिखे अभिनेता

मुंबई। अभिनेता अक्षय खन्ना की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म ‘महाकाली’ का फर्स्ट लुक सोमवार को मेकर्स ने रिवील कर दिया गया है। यह फिल्म मां काली की शक्तियों और पौराणिक कथाओं पर आधारित है, जिसमें शुक्राचार्य और देवताओं के बीच के संघर्ष को भी दिखाया जाएगा। यह फिल्म प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स (पीवीसीयू) का अगला चैप्टर है। मेकर्स ने सोमवार को शुक्राचार्य से किरदार से जुड़ी पहली वीडियो पोस्ट की, जिसमें उनके बारे में बताया गया है। पहली झलक का टाइटल ‘शुक्राचार्य का युद्धघोष’ रखा गया है। वीडियो में धर्म और अधर्म के बीच एक बड़ी लड़ाई दिखाई गई है। इसमें असुरों के गुरु शुक्राचार्य के नेतृत्व में दिव्य शक्तियों के बीच एक बड़ा युद्ध होने के संकेत देखने को मिलता हैं, जो अच्छाई और बुराई की लड़ाई से कहीं बड़ा है। अपनी दमदार टोन और युद्ध की शानदार झलकियों के साथ यह टीजर इशारा करता है कि ‘अंत की शुरुआत’ हो चुकी है। इस झलक का सबसे खास हिस्सा अक्षय खन्ना है, जो शुक्राचार्य के अवतार में नजर आ रहे हैं। उनकी आंखों में गुस्सा और दमदार मौजूदगी इस किरदार को और भी ताकतवर बना रही है। उनके फर्स्ट लुक के बाद दर्शकों में पहले से ही काफी उत्सुकता थी, अब इस झलक ने उनकी एक्टिंग की पहली झलक दिखाकर दर्शकों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है।झलक में ‘महाकाली’ की भव्य दुनिया की पहली बड़ी झलक भी देखने को मिलती है। शानदार विजुअल्स, बड़ी दुनिया और बेहतरीन वीएफएक्स मिलकर फिल्म को एक बड़े पर्दे का अनुभव बनाते हैं। इसमें श्रिया रेड्डी की भी दमदार मौजूदगी है, जो कहानी में एक और दिलचस्प परत जोड़ती हैं। दो मिनट और 53 सेकंड का यह वीडियो प्रशांत वर्मा के बड़े सिनेमैटिक विजन की पहली झलक दिखाता है, जो एक ऐसे यूनिवर्स की ओर इशारा करता है जो स्केल, स्टोरीटेलिंग और शानदार तरीके से लगातार बढ़ रहा है। आरके दुग्गल द्वारा प्रेजेंट और आरकेडी स्टूडियोज के बैनर तले रिवाज रमेश दुग्गल द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘महाकाली’ को पूजा अपर्णा कोल्लुरु ने डायरेक्ट किया है और यह सिनेमैटिक यूनिवर्स का अगला इंस्टॉलमेंट है। इस फिल्म में भूमि शेट्टी ‘महाकाली’ के रोल में हैं और अक्षय खन्ना, श्रीया रेड्डी के साथ रोहित सराफ भी एक अहम रोल में नजर आएंगे।
परिसीमन और जनगणना के पीछे छिप रही सरकार, खानपान खुद की पसंद पर निर्भर : पवन खेड़ा

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने सोमवार को दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या में मछली भोज विवाद, महिला आरक्षण, एनएसए अजित डोभाल के चीन दौरे और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे को रद्द करने के मामले पर अपनी बात रखी। अयोध्या में कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय के स्वागत के दौरान हुए मछली भोज पर पवन खेड़ा ने कहा कि जिस निषाद जी ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की है, वह हाल ही में भाजपा से आए हैं। अगर कोई अपने घर या कार्यक्रम में किसी को बुलाता है तो क्या आप तय करेंगे कि क्या पकाना है और क्या नहीं? उन्होंने कहा, “अजय राय शाकाहारी हैं, वो अलग बात है। किसी को भी ये हक नहीं होना चाहिए कि कोई क्या खाएगा और क्या नहीं खाएगा। लेकिन अगर निषाद समुदाय मछली नहीं खाएगा तो क्या आरएसएस तय करेगा कि निषाद समुदाय को क्या और कब खाना चाहिए? वो खुद को समझते क्या हैं? हम आज तक नहीं समझ पाए कि ये कौन होते हैं यह तय करने वाले कि मुसलमान हिजाब पहनें या निषाद मछली खाएं। आप होते कौन हैं और क्यों? इसीलिए राहुल गांधी बार-बार आरएसएस को निशाना बनाते हैं और कहते हैं कि वे सबकी निजी जिंदगी में घुसकर यह तय करना चाहते हैं कि कौन क्या खाए, कब खाए, क्या पहने और कौन सी भाषा बोले। यह नहीं चल सकता।” इस मामले पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि पूरे भाजपा के लोग होटल खोले हुए हैं और मछली खा रहे हैं। ये सब बकवास की बातें हैं। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा कांग्रेस से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने के समर्थन की अपील पर पवन खेड़ा ने कहा कि यह बिल 2023 में पास हुआ था। लोकसभा में 20 सितंबर को, राज्यसभा में 21 सितंबर को और राष्ट्रपति ने 24-25 सितंबर के आसपास इसे मंजूरी दी थी। पवन खेड़ा ने सवाल उठाया, “अगर सरकार गंभीर थी, तो अप्रैल 2026 तक बिल के साथ क्या कर रही थी? एक कानून बना, लेकिन तीन साल तक उसे नोटिफाई तक नहीं होने दिया। अब वे परिसीमन और जनगणना के पीछे छिप रहे हैं। हम फिर से कहते हैं कि इसे मौजूदा सीटों पर तुरंत लागू किया जाए।” राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए चीन जाने पर पवन खेड़ा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में जो विशेष प्रतिनिधि तंत्र बनाया गया था, वह सीमा के समाधान के लिए था। शब्द पर ध्यान दीजिए- ‘समाधान’। लेकिन समय के साथ इसे सीमा प्रबंधन तक सीमित कर दिया गया है। विवाद को सुलझाना नहीं, बल्कि सिर्फ उसका प्रबंधन करना तक सीमित कर दिया गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा केंद्र द्वारा मानदंडों के अनुरूप न होने के कारण अनुमति न मिलने के बाद अपना अमेरिका दौरा रद्द करने पर पवन खेड़ा ने कहा कि यह बहुत अजीब है। उन्हें बताना चाहिए कि पिछले 12 सालों में भाजपा के मुख्यमंत्रियों के कितने विदेशी दौरों पर विदेश मंत्रालय ने ऐसी टिप्पणी की है। यह सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए।
जीनियस’ को रिलीज हुए 8 साल पूरे, निर्देशक अनिल शर्मा ने शेयर किया खास पोस्ट

मुंबई। अभिनेता उत्कर्ष शर्मा की भारतीय हिंदी एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘जीनियस’ ने अपनी रिलीज के 8 साल पूरे कर लिए हैं। सोमवार को फिल्म के निर्देशक अनिल कपूर ने फिल्म के 8 साल पूरे होने का जश्न मनाया। निर्देशक अनिल कपूर ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्टर शेयर किया, जिसमें अभिनेता उत्कर्ष शर्मा नजर आ रहे हैं। निर्देशक ने लिखा, “तेरा फितूर चढ़ गया रे” – 8 साल हो गए फिल्म जीनियस को इतना प्यार देने के लिए शुक्रिया।” निर्देशक ने अपनी पोस्ट के जरिए फिल्म के सभी मुख्य कलाकार और टीम को टैग करते हुए बधाई दी। अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘जीनियस’ साल 2018 में रिलीज की गई थी। यह फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा के बेटे उत्कर्ष शर्मा की बतौर मुख्य अभिनेता पहली फिल्म थी। हालांकि, उत्कर्ष ने पहले भी फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में ‘जीते’ का किरदार निभाकर बाल कलाकार के रूप में काम किया है, लेकिन बतौर मुख्य भूमिका में यह फिल्म उनकी पहली थी। फिल्म में उत्कर्ष शर्मा के अलावा, इशिता चौहान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और मिथुन चक्रवर्ती भी मुख्य भूमिका में थे। फिल्म की कहानी वासुदेव शास्त्री (उत्कर्ष शर्मा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बेहद बुद्धिमान आईआईटी छात्र है और सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग व एथिकल हैकिंग में माहिर होता है। वह अपनी प्रतिभा के दम पर वासु रॉ और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के संपर्क में आता है। फिल्म में उसकी भिड़ंत एक खतरनाक और विद्रोही माइंडसेट वाले विलेन (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) से होती है, जो देश के खिलाफ साजिश रचता है। इसके बाद देशभक्ति, बुद्धिमत्ता और एक्शन से भरपूर संघर्ष की कहानी शुरू होती है। फिल्म में उसकी मुलाकात कॉलेज में दूसरी रैंक लाने वाली नंदिनी (इशिता चौहान) से होती है, जो उसे चुनौती देती है और उसके जीवन को मुश्किल बनाने की कोशिश करती है। वासुदेव अपनी बुद्धिमानी से नंदिनी को प्रभावित करता है। धीरे-धीरे दोनों के बीच तकरार प्यार में बदल जाती है। फिल्म के गाने (जैसे ‘तेरा फितूर’ और ‘दिल मेरी ना सुने’) बहुत लोकप्रिय हुए थे। इसके अलावा, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अभिनय को कुछ हद तक सराहा गया, हालांकि उन्हें एक औसत फिल्म में उपजाऊ मंच नहीं मिला।
भारत बनाम श्रीलंका: ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, एमएस धोनी का तोड़ा रिकॉर्ड

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब मैदान पर खेला जा रहा है। टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट के दूसरे दिन इतिहास रच दिया है। पंत विदेशी धरती या न्यूट्रल वेन्यू पर भारत की ओर से बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज सर्वाधिक रन बनाने वाले बैटर बन गए हैं। पंत ने एमएस धोनी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। धोनी ने घर से बाहर खेलते हुए 2,496 रन बनाए। इस लिस्ट में 1209 रनों के साथ फारुख इंजीनियर तीसरे नंबर पर काबिज हैं। टेस्ट के दूसरे दिन सारांश जैन के पवेलियन लौटने के बाद पंत दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। गौरतलब है कि टेस्ट के पहले दिन पंत बल्लेबाजी करते हुए चोटिल हो गए थे और उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा था। भारतीय पारी के 58वें ओवर में लाहिरू कुमारा की एक उछाल लेती हुई गेंद सीधा पंत की कलाई पर आकर लगी थी, जिसके बाद वह काफी दर्द में दिखाई दिए थे। थोड़ी देर चले इलाज के बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था। पंत पहले टेस्ट में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके थे और उनकी फॉर्म को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने टॉस जीतने के बाद शानदार शुरुआत की है। टेस्ट के पहले दिन देवदत्त पडिक्कल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए लगातार दूसरा शतक लगाया। उन्होंने 193 गेंदों का सामना करते हुए 117 रनों की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 12 चौके लगाए। वहीं, कप्तान शुभमन गिल भी अच्छी लय में दिखाई दिए और उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली। यशस्वी जायसवाल (45) और रवींद्र जडेजा (43) अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे। केएल राहुल सिर्फ 18 रन ही बना सके थे। दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय टीम के लिए अच्छी नहीं रही और सारांश जैन महज 6 रन बनाकर असिथा फर्नांडो का शिकार बने। हालांकि, पंत और ध्रुव जुरेल सातवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी निभा चुके हैं और क्रीज पर डटे हुए हैं।
केंद्र ने जून तिमाही का सर्विस पीपीआई अनुमान जारी किया, इंश्योरेंस सर्विस में महंगाई दर एक प्रतिशत से कम रही

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को सर्विस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (एसपीपीआई-प्रोविजनल) का डेटा जारी कर दिया है। इसमें इंश्योरेंस सर्विस प्राइस इंडेक्स में महंगाई दर सालाना आधार पर 0.98 प्रतिशत और टेलीकॉम सर्विसेज प्राइस इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी डेटा में कहा गया कि इंश्योरेंस सर्विस प्राइस इंडेक्स वित्त वर्ष 27 की जून तिमाही में 102.9 रहा है और यह सालाना आधार पर 0.98 प्रतिशत बढ़ा है। टेलीकॉम सर्विसेज प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 0.72 प्रतिशत बढ़कर 112.2 पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन सर्विस प्राइस इंडेक्स 89.9 पर रहा है और इसमें सालाना आधार पर -1.32 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, बैंकिंग सर्विस प्राइस इंडेक्स 100.9 पर रहा है और इसमें सालाना आधार पर -3.35 प्रतिशत गिरावट देखी गई है, जबकि बैंकिंग सर्विस कॉन्ट्रिब्यूशन इंडेक्स 134.8 पर रहा है और यह सालाना आधार पर 6.90 प्रतिशत बढ़ा है। इसके अलावा, मैनेजमेंट ऑफ पेंशन फंड्स सर्विस प्राइस इंडेक्स 113.3 पर रहा है और इसमें सालाना आधार पर 5.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जून तिमाही में एयर (पैसेंजर) सर्विस प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 31.94 प्रतिशत बढ़कर 126.4 पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में रेलवे सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.4 पर रहा है और इसमें सालाना आधार पर 1.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके घटक रेलवे फ्रेट सर्विस प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 0.10 प्रतिशत बढ़कर 103.3 पर और रेलवे पैसेंजर सर्विस प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 3.50 प्रतिशत बढ़कर 103.5 पहुंच गया है। सर्विस पीपीआई में सात तरह की सर्विस शामिल हैं और इनका बेस ईयर 2022-23 है। हालांकि, सरकार के अनुसार, इन इंडेक्स में सेवाओं के लिए वेटेज (भारांक) को शामिल नहीं किया जाता है क्योंकि ये पूरे सर्विस सेक्टर को कवर नहीं करते हैं। वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए सर्विस पीपीआई डेटा 25 नवंबर, 2026 को जारी किया जाएगा।
प्रशांत महासागर में ‘डीप-सी माइनिंग’ की ट्रंप योजना का विरोध

वाशिंगटन। हाल ही में अमेरिकी प्रशासन ने प्रशांत महासागर में गहरे खनन का प्रस्ताव रखा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस विचार का विरोध भी शुरू हो गया है। प्रशांत महासागर में गहरे समुद्र के तल से खनिज निकालने की योजना को लेकर उत्तरी मारियाना द्वीप समूह, गुआम और अमेरिकी समोआ के नेतृत्व ने फिक्र जाहिर की है। उनके मुताबिक इससे पर्यावरण और स्थानीय मछली उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ेगा। 18 अगस्त को ये प्रस्ताव रखा गया। अमेरिकी गृह मंत्रालय के तहत आने वाली एजेंसी, मरीन मिनरल एडमिनिस्ट्रेशन (एमएमए) ने नॉर्दर्न मारियाना आइलैंड्स और गुआम तट के पास समुद्र की सतह के 2.8 करोड़ हेक्टेयर (6.9 करोड़ एकड़) हिस्से में डीप-सी माइनिंग लीज की नीलामी का प्रस्ताव जारी किया। ट्रंप प्रशासन ने महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के उद्देश्य से मारियाना ट्रेंच को लेकर ये फैसला लिया। इन समुद्री तलछटों में निकल, कोबाल्ट और मैंगनीज जैसे खनिज पाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उपकरणों में किया जाता है। उत्तरी मारियाना द्वीप समूह के गवर्नर डेविड अपाटांग ने द गार्डियन से कहा कि उनका प्रशासन प्रस्ताव की बेहद सावधानी से समीक्षा करेगा। उन्होंने खनन शुरू करने से पहले व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन, पारदर्शिता और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। गुआम के लेफ्टिनेंट गवर्नर जोशुआ टेनोरियो ने भी योजना का स्पष्ट विरोध किया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा या महत्वपूर्ण खनिजों की जरूरत के नाम पर प्रशांत क्षेत्र के लोगों को ऐसे पर्यावरणीय जोखिम स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिनका अभी पर्याप्त अध्ययन ही नहीं हुआ है। अमेरिकी समोआ के गवर्नर प्यूला निकोलाओ ने भी समुद्री खनन का विरोध किया है। उनकी सबसे बड़ी चिंता क्षेत्र के महत्वपूर्ण टूना मछली उद्योग पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर है। अमेरिकी समोआ और हवाई के पर्यावरण समूहों ने भी ट्रंप प्रशासन की योजना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। उनका आरोप है कि सरकार ने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले संभावित गंभीर प्रभावों का पर्याप्त आकलन नहीं किया है। इनमें समुद्री जीवों के आवास को नुकसान, समुद्र तल की तलछट और खनन गतिविधियों से पैदा होने वाले तेज शोर जैसे खतरे शामिल हैं। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू आपूर्ति बढ़ाना राष्ट्रीय हित में है और समुद्र तल के खनिजों से इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी तथा रक्षा उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है। यह कदम चीन पर खनिज आपूर्ति के मामले में निर्भरता घटाने की ट्रंप प्रशासन की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।