गाजा से आने वाले गुब्‍बारे या पतंग को ड्रोन मानकर करें कार्रवाई, रक्षा मंत्री काट्ज ने आईडीएफ को दिए न‍िर्देश

यरुशलम। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बताया क‍ि इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) को क‍िसी भी गुब्‍बारे या पतंग के ख‍िलाफ सख्‍त कार्रवाई के न‍िर्देश द‍िए गए हैं। उन्‍होंने साफ क‍िया क‍ि गाजा से आने वाले क‍िसी भी गुब्‍बारे या पतंग को ड्रोन ही माना जाएगा, फ‍िर चाहे उसमें व‍िस्‍फोट हो या न हो। इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैंने इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) को निर्देश दिया है कि गाजा से नेगेव क्षेत्र की बस्तियों की ओर छोड़ी जाने वाली पतंगों और गुब्बारों के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। ऐसे मामलों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। अगर यह गतिविधियां जारी रहती हैं, तो इन्हें पूरी तरह रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। किसी भी गुब्बारे या पतंग को ड्रोन की तरह ही माना जाएगा, चाहे उसमें विस्फोटक हो या न हो।” उन्‍होंने कहा क‍ि मैं योआव गैलेंट नहीं हूं। मैं छह अक्टूबर जैसी नीति को दोबारा लागू नहीं होने दूंगा, न आसमान से आने वाले खतरों को और न ही सीमा बाड़ के आसपास होने वाली गतिविधियों को। उन्‍होंने कहा क‍ि युद्ध के दौरान बार-बार छापेमारी की जिस रणनीति के कारण हमास को एक ही इलाकों में दोबारा लौटने का मौका मिलता रहा, उसके बजाय हमने सेना के साथ मिलकर एक मजबूत और स्पष्ट सुरक्षा क्षेत्र तैयार किया है। यह क्षेत्र नागरिक आबादी और आतंकवादी ढांचे से मुक्त है और इसकी निगरानी तथा नियंत्रण इजरायली सेना के हाथ में है, ताकि सैनिकों और बस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। काट्ज ने कहा क‍ि इस सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी तरह से कमजोर या दरकिनार नहीं होने दिया जाएगा। संभाव‍ित खतरों को देखते हुए इस मुद्दे पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी कर चुके हैं। बैठक में सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख और इजरायली सेना (आईडीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में इजरायल ने हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गाजा से ड्रोन, गुब्बारों और पतंगों के जरिए हमले तुरंत नहीं रुके, तो आईडीएफ इन हमलों के जिम्मेदार लोगों पर लक्षित हमले और तेज करेगी। बयान में कहा गया कि जिन इलाकों का इस्तेमाल ड्रोन, पतंग और गुब्बारे लॉन्च करने के लिए किया जा रहा है, वहां की आबादी को भी खाली कराया जाएगा ताकि आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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