‘इंग्लैंड टीम में कंपकंपी दौड़ जाए’, ब्रायडन कार्स विवाद पर माइकल वॉन ने की सख्त सजा की मांग

नई दिल्ली। ब्रायडन कार्स के शराब पीने के विवाद में शामिल होने के बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ऐसी सजा की मांग की है जिससे पूरी इंग्लैंड क्रिकेट टीम में कंपकंपी दौड़ जाए। वॉन ने कहा, “किसी को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिससे पूरी इंग्लैंड क्रिकेट टीम को सिहरन हो, ताकि सभी को पता चले कि अगर आप गलत व्यवहार करते हैं या इस टीम के साथ किसी भी तरह की बदनामी करते हैं, तो आपको पता है कि क्या होने वाला है। यह एकमात्र ऐसी सजा है जिससे खिलाड़ियों को सच में दुख होगा।” पूर्व कप्तान ने कहा कि अगर पिछले साल की दूसरी घटनाओं के बाद कार्स को एक उदाहरण बनाया जाता है तो उन्हें उनके लिए बुरा लगेगा। मुझे उम्मीद है कि कार्स को अपने आस-पास अच्छा समर्थन मिल रहा है। वह एक ऐसा कैरेक्टर है कि अगर आप उसे थोड़ी छूट देंगे तो वह बहुत ज्यादा झेल लेगा। उसे अपने आस-पास ऐसे लोगों की जरूरत है जो उसे बेहतर सलाह दे सकें। उन्होंने कहा, “अगर पिछले नौ महीनों में जो कुछ हुआ है, उसके लिए कार्स को जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो मुझे दुख होगा, लेकिन कहीं न कहीं, किसी न किसी तरह, कुछ ऐसा करना होगा जिससे एक मिसाल बने कि वे अब उस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं करेंगे।” कार्स पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान पर तीन में से दो टेस्ट मैचों के लिए इंग्लैंड टीम का हिस्सा थे, लेकिन लीड्स में पहले मैच में नहीं चुने जाने के बाद उन्हें काउंटी चैंपियनशिप में डरहम के लिए खेलने के लिए छोड़ दिया गया था। घरेलू टीम की जीत के बाद एक वायरल वीडियो में कार्स को पुलिस एक नाइट क्लब के बाहर हथकड़ी पहनाकर पकड़े दिखी। उन्हें कुछ देर के लिए गिरफ्तार किया गया था। मामला सामने आने के बाद ईसीबी ने घटना की अपने स्तर से जांच शुरू की। कार्स का मामला इंग्लैंड क्रिकेट की नाइट क्लब घटनाओं की सूची में सबसे नया है। पिछले अक्टूबर में, इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान हैरी ब्रूक को न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में एक नाइट क्लब के बाहर एक बाउंसर ने घूंसा मारा था, उस समय टीम के साथी जैकब बेथेल और जोश टंग भी मौजूद थे। ऑस्ट्रेलिया के एशेज टूर के दौरान, ओपनर बेन डकेट को नूसा में इंग्लैंड की छुट्टियों के दौरान नशे में फिल्माया गया था। जून में, पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन ने टीम कर्फ्यू तोड़ा और वे तब मौजूद थे जब लंदन के एक नाइट क्लब में इंग्लैंड के सुरक्षा स्टाफ के एक सदस्य को सारासेन्स रग्बी प्लेयर ने घूंसा मारा था। ईसीबी ने कहा कि यह तेज गेंदबाज गुरुवार को लॉर्ड्स में पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा। उनकी जगह टीम में हैम्पशायर के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज सोनी बेकर को शामिल किया जाएगा।

शिवभक्तों की आस्था का केंद्र मणिमहेश कैलाश, रक्षाबंधन पर दिव्य रोशनी से जगमगाता है पर्वत

हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश कीअलौकिक वादियों में भगवान शिव का अलौकिक स्थान देखने को मिलता है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पीर पंजाल पर्वत श्रृंखलाओं के बीच समुद्र तल से लगभग 13, 000 फीट ऊंचाई पर स्थित मणिमहेश कैलाश पर्वत तमाम भक्तों की आस्था का प्रतीक है। मान्यता है कि रक्षाबंधन के दिन साधु-संतों का पहला जत्था मणिमहेश में अपनी पूजा संपन्न करते हैं। पौराणिक परंपरा के अनुसार, रक्षाबंधन के पवित्र दिन पर साधु-संतों का पहला जत्था मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना होता है और पवित्र स्नान व पूजन करता है। इसी दिन से औपचारिक तौर पर मणिमहेश यात्रा और वहां पर आयोजित मेले की शुरुआत होती है, जो आगे चलकर जन्माष्टमी और राधा अष्टमी तक चलती है। लोकमान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन के सुबह के समय जब सूर्य देव की पहली किरण मणिमहेश कैलाश चोटी पर पड़ती है, तो उस पर एक अद्भुत प्रकाश दिखाई देता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस समय पर्वत से दिव्य प्रकाश (मणि) की झलक देखने को मिलती है। मणिमहेश झील के क्रिस्टल-क्लियर पानी में विशाल और बर्फ से ढके कैलाश पर्वत का प्रतिबिंब साफ झलकता है, जो किसी अनूठी दुनिया जैसा प्रतीत होता है। मणिमहेश यात्रा में छोटा स्नान और बड़ा स्नान दो मुख्य पवित्र तिथियां हैं जिन पर श्रद्धालु मणिमहेश झील में डुबकी लगाते हैं। छोटा स्नान हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी (कृष्ण जन्माष्टमी) के दिन होता है। इस पवित्र स्नान के साथ ही आधिकारिक मणिमहेश यात्रा की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। इस दिन भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के साथ-साथ भक्त मणिमहेश झील पहुंचकर अपनी यात्रा का पहला प्रमुख चरण पूरा करते हैं और कड़ाके की ठंड के बावजूद पवित्र डुबकी लगाते हैं। वहीं, बड़ा स्नान भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी (राधा अष्टमी) के दिन होता है। यह मणिमहेश यात्रा का सबसे बड़ा और अंतिम मुख्य आकर्षण होता है, जिसके साथ ही आधिकारिक यात्रा का समापन होता है। हर साल इसकी तारीखें अलग-अलग होती हैं। इस यात्रा को लेकर एक परंपरा प्रचलित है, जिसे ‘छड़ी’ कहा जाता है। यह गूर चरपतनाथ जी की पवित्र छड़ी होती है जिसे श्रद्धालु अपने कंधों पर उठाकर ले जाते हैं। इसी छड़ी यात्रा से मणिमहेश यात्रा की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है। यह यात्रा चंबा शहर के लक्ष्मी नारायण मंदिर और दशनामी अखाड़े से शुरू होती है। इस यात्रा में रंगबिरंगी छड़ी यात्रा निकलती है और पूरे रास्ते भगवान शिव के भजन-कीर्तन गाए जाते हैं। जब यह यात्रा मणिमहेश झील पर पहुंचती है, तो भरमौर के ब्राह्मण परिवार के राज पुरोहितों द्वारा पूरी रात पूजा-पाठ और अनुष्ठान किए जाते हैं। अगले दिन श्रद्धालु मणिमहेश झील में पवित्र स्नान (नौण) करते हैं और बाद में भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए पवित्र झील के तीन बार चक्कर लगाते हैं। मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने गौरी कुंड में स्नान किया था जबकि भगवान शिव ने शिव कलोत्री में स्नान किया था। इसलिए मणिमहेश झील में अंतिम डुबकी लगाने से पहले महिला श्रद्धालु गौरी कुंड में स्नान करती हैं, वहीं पुरुष श्रद्धालु शिव कलोत्री में स्नान करते हैं। मणिमहेश कैलाश पर्वत को लेकर मान्यता है कि यहां भोलेनाथ स्वयं निवास करते हैं और उनके मस्तक पर स्थित ‘मणि’ रूपी किरण आज भी भक्तों को अलौकिक अनुभूति करवाती है। मणिमहेश को भगवान शिव के पांच प्रमुख कैलाश स्थलों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि शिवशंकर ने पार्वती जी के साथ रहने के लिए मणिमहेश पर्वत की रचना की थी। इस स्थान पर शिव आज भी शिवलिंग के रूप में मौजूद है। जबकि माता पार्वती को यहां देवी गिरजा के रूप में जाना जाता है। मणिमहेश पर्वत पर शिव शाम व रात्रि के मध्यकाल में दर्शन देते हैं। सूर्यास्त के समय जब सूर्य की किरणें पर्वत के शिखर पर पड़ती हैं, तब पूरा दृश्य स्वर्णिम हो जाता है। यदि मौसम साफ रहे तो भक्त पर्वत की चोटी व उस पर विराजमान शिव को देख सकते हैं। कई लोगों का मानना है कि मणिमहेश पर्वत का शिखर अदृश्य है। ये हमेशा बादलों व बर्फ से ढका रहता है। ये चोटी महज उसी को दिख सकती है जो पूर्ण रूप से पाप मुक्त हो व सच्ची श्रद्धा से भोले भंडारी को याद कर रहा हो। मणिमहेश पर्वत की कुल ऊंचाई कितनी है इस बात का ठोस प्रमाण नहीं है। हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई सटीक जानकारी नहीं आई है। कैलाश की तरह मणिमहेश पर्वत पर भी चढ़ना नामुमकिन है। जो कोई भी यहां चढ़ने की कोशिश करता उसे कोई अदृश्य शक्ति रोक देती है। वर्ष 1968 में इंडो-जापान की एक टीम ने जिसका नेतृत्व नंदिनी पटेल कर रहीं थी इस पर्वत पर चढ़ाई की कोशिश की थी लेकिन वे असफल रहे।

यूपीआई भारत के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुनिया में पहुंचा रहा; अब तक 11 देशों में हुआ ऑपरेशनल

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रियों ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के 10 साल पूरे होने पर कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से शुरू हुई क्रांति है और यह अब भारत के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुनिया में पहुंचा रहा है और अब तक 11 देशों में ऑपरेशनल हो चुका है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यूपीआई अब दुनिया के 11 देशों में ऑपरेशनल हो चुका है, जिसमें फ्रांस, सिंगापुर, यूएई, ग्रीस और मॉरिशस जैसे देशों का नाम शामिल है। पोस्ट में आगे कहा गया कि भारत में आसान पेमेंट की सुविधा देने से लेकर सीमाओं के पार डिजिटल ट्रांजैक्शन को संभव बनाने तक, यूपीआई हमारे डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुनिया भर में पहुंचा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर कहा कि यूपीआई, प्रधानमंत्री मोदी की सोच से शुरू हुई एक क्रांति है और ‘डिजिटल इंडिया’ की एक झलक है। गोयल ने डिजिटल पेमेंट के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि “क्यूआर कोड प्लीज?” अब करोड़ों भारतीयों की रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बन गया है। वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में आए बदलाव का श्रेय पीएम मोदी के नेतृत्व को दिया। पुरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यूपीआई भारत की डिजिटल यात्रा में एक क्रांतिकारी ताकत बन गया है।” उन्होंने कहा कि यूपीआई ने पेमेंट को तेज, आसान, सुरक्षित और ज्यादा सुलभ बना दिया है, जिससे लाखों भारतीय वित्तीय भागीदारी के एक नए दौर में शामिल हो गए हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यूपीआई, इनोवेशन के जरिए भारत के बदलाव का सफर तय करने के पीएम मोदी के विजन का एक बेहतरीन उदाहरण है। यूपीआई के 10 वर्षों के दौरान, हमारे देश ने दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम दिया है और यह साबित किया है कि ‘डिजिटल इंडिया’ के जरिए हम लोगों को तेज, आसान और सुरक्षित इंटरफेस देकर उन्हें सशक्त बना सकते हैं। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यूपीआई पर वार्षिक लेनदेन की संख्या बीते एक दशक में 13,000 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ हो गई है, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में इनकी संख्या 1.78 करोड़ थी।

मिसाइल निर्माण में बड़ी छलांग, भारतीय उद्योग बनाएंगे डीआरडीओ की विकसित मिसाइलें

नई दिल्ली।  भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की टेक्नोलॉजी भारतीय उद्योगों को हस्तांतरित करने को मंजूरी दे दी है। इसके बाद योग्य भारतीय कंपनियां देश के भीतर ही इन मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन कर सकेंगी। इस कदम से भारतीय सेनाओं की युद्धक तैयारी को बल मिलेगा। सेनाओं को समय पर आवश्यक मिसाइलों की आपूर्ति हो सकेगी। रक्षा मंत्रालय के इस फैसले को भारत के मिसाइल निर्माण क्षेत्र में अनुसंधान से उत्पादन तक की यात्रा को तेज करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में इस आत्मनिर्भरता का मतलब केवल हथियारों का देश में इस्तेमाल व रिसर्च करना नहीं, बल्कि उनका उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला भी देश के भीतर विकसित करना है। मिसाइल तकनीक के हस्तांतरण से घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने, विदेशी निर्भरता कम करने और भारतीय रक्षा उद्योग को मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। यानी डीआरडीओ द्वारा विकसित टेक्नोलॉजी से भारतीय उद्योग बड़े पैमाने पर मिसाइल का उत्पादन कर सकेंगे। दरअसल, अब तक उन्नत मिसाइल प्रणालियों के विकास में डीआरडीओ की प्रमुख भूमिका रही है। नई व्यवस्था के तहत डीआरडीओ द्वारा विकसित तकनीक को निर्धारित योग्यता, प्रमाणन और नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करने वाले भारतीय उद्योगों को हस्तांतरित किया जाएगा। इससे मिसाइल प्रणालियों के विकास और परीक्षण के बाद उन्हें औद्योगिक स्तर पर उत्पादन में बदलने की प्रक्रिया आसान होगी। यानी सरल शब्दों में कहें तो डीआरडीओ तकनीक विकसित करेगा और भारतीय उद्योग उस तकनीक को बड़े पैमाने पर उत्पादन में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। इस फैसले का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू भारतीय रक्षा उद्योग में छोटी और मध्यम कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना भी है। मिसाइल निर्माण की पूरी आपूर्ति श्रृंखला में अलग-अलग प्रकार के उपकरण, कलपुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां, सामग्री और अन्य तकनीकी घटकों की आवश्यकता होती है। ऐसे में भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का उद्देश्य रक्षा उत्पादन के लिए एक ऐसा मजबूत घरेलू औद्योगिक आधार तैयार करना है, जिसमें बड़ी कंपनियों के साथ-साथ एमएसएमई और अन्य तकनीकी भागीदार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत अपने रक्षा उत्पादन को लगातार बढ़ाने और देश को उन्नत सैन्य प्रणालियों के निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस फैसले से डीआरडीओ की भूमिका भी और स्पष्ट होती है। संगठन अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों के अनुसंधान और विकास पर अधिक ध्यान दे सकेगा, जबकि प्रमाणित तकनीकों को उद्योग के माध्यम से उत्पादन के स्तर तक ले जाया जा सकेगा। इससे नई तकनीक विकसित करने और उसे सेना के लिए उपलब्ध कराने के बीच का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। रक्षा मंत्री की यह मंजूरी भारत के मिसाइल क्षेत्र में ‘डीआरडीओ की प्रयोगशाला से भारतीय कारखानों तक’ तकनीक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल स्वदेशी रक्षा उत्पादन को गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि भारतीय कंपनियों, एमएसएमई और तकनीकी भागीदारों के लिए रक्षा क्षेत्र में भागीदारी के नए रास्ते भी खुलेंगे।

थान सिंह यादव बने श्री कृष्णा यादव महासभा के राष्ट्रीय मीडिया कोऑर्डिनेटर

नई दिल्ली। श्री कृष्णा यादव महासभा (रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दिल्ली सरकार के पूर्व ओबीसी आयोग अध्यक्ष जगदीश यादव तथा महासभा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव हेमंत यादव, अधिवक्ता ने थान सिंह यादव को श्री कृष्णा यादव महासभा (रजि.) का राष्ट्रीय मीडिया कोऑर्डिनेटर (National Media Coordinator) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी।इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन महासचिव हेमंत यादव, अधिवक्ता ने कहा कि थान सिंह यादव सामाजिक एवं जनसेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहकर विभिन्न संगठनों के माध्यम से समाज और आम लोगों की आवाज उठाते रहे हैं। उनकी कार्यक्षमता, अनुभव और सामाजिक सरोकारों को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।थान सिंह यादव ने अपनी नियुक्ति पर कृष्णा यादव महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश यादव एवं राष्ट्रीय संगठन महासचिव हेमंत यादव, अधिवक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अलग-अलग सामाजिक संगठनों के साथ कार्य करना हमेशा अच्छा लगता है। विभिन्न संगठनों में काम करने से नए अनुभव प्राप्त होते हैं और बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है।जगदीश यादव पूर्व अध्यक्ष ओबीसी आयोग दिल्ली सरकार व राष्ट्रीय अध्यक्ष  कृष्णा यादव महासभा ने कहा कि थान सिंह यादव ने भाजपा दिल्ली प्रदेश किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में भी सेवा की। इसके अलावा खेलकूद के क्षेत्र में दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन, दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहें है, दूसरा सबसे बड़ा कार्य दिल्ली देहात गांव-ग्रामीणों की समस्याओं एवं उनकी आवाज को मजबूती देने के लिए दिल्ली पंचायत संघ प्रमुख के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। ओर समाज के लिए भी कुछ करने के लिए इनको नर्ई जिम्मेवारी निभानी होगी।राष्ट्रीय संगठन महासचिव हेमंत यादव, अधिवक्ता ने थान सिंह यादव को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव और सक्रियता से कृष्णा यादव महासभा को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।

दिल्ली कला महोत्सव में शास्त्रीय नृत्य नाटक परिजात हरण का विशेष मंचन

नई दिल्ली। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाने के उद्देश्य से दिल्ली कला महोत्सव 2026 में श्रीमंत शंकरदेव के शास्त्रीय नृत्य नाटक परिजात हरण का विशेष मंचन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक शामिल हुए। 31 अगस्त तक चल रहे दिल्ली कला महोत्सव का आयोजन कला और संस्कृति के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं निश्रेयस और वाग्भामिनी द्वारा दिल्ली पर्यटन दिल्ली सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। महोत्सव में सत्रीया, भरतनाट्यम, कथकली, ओडिसी, कथक, छऊ और मणिपुरी जैसी भारत की प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों को प्रस्तुत किया जा रहा है। सुमन्या कश्यप और डॉ. सुकन्या बरुआ के निर्देशन में तैयार परिजात हरण में रुक्मिणी और सत्यभामा के अलग-अलग भावों के माध्यम से भगवान कृष्ण की दिव्य लीला को प्रस्तुत किया गया। संगीत,नृत्य और अभिनय के माध्यम से प्रेम, ईष्या, गर्व, भक्ति और समर्पण जैसे भावों को खूबसूरती से मंच पर उतारा गया। प्रस्तुति ने श्रीमंत शंकरदेव की विरासत के साथ-साथ असम की सत्रीया और अंकिया नाट परंपरा को भी दर्शाया। प्रस्तुति की सराहना करते हुए केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा यह खुशी की बात है कि इस वर्ष के महोत्सव में देश की अलग-अलग शास्त्रीय नृत्य शैलियों को प्रस्तुत किया जा रहा है और असम की सत्रीया पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रो. रजनीश कुमार मिश्रा, अध्यक्ष, आयोजन समिति, कला-तरंगिणी ने कहा कला-तरंगिणी दिल्ली कला महोत्सव 2026 दिल्ली पर्यटन के सहयोग से भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने का प्रयास है। यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक परंपराओं की निरंतरता को दिखाता है। आज हमें असम की उस समृद्ध परंपरा को देखने का अवसर मिला जो भागवत पुराण और हरिवंश की कहानियों से जुड़ी है। भरत गुप्त, एनएसडी सोसाइटी के उपाध्यक्ष ने कहा मैं कला-तरंगिणी में प्रसिद्ध नृत्य-नाटिका पारिजात हरण का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हूं। हमें ऐसे और अधिक उत्सवों की आवश्यकता है, जो न केवल हमारे देश की समृद्ध विरासत को उजागर करें, बल्कि हमारी जीवंत परंपराओं और इतिहास को संरक्षित करने में भी योगदान दें। कार्यक्रम पर चित्तरंजन त्रिपाठी, निदेशक एनएसडी ने कहा हमें कला-तरंगिणी की मेजबानी करते हुए गर्व है। यह महोत्सव देश की अलग-अलग सांस्कृतिक परंपराओं और उनकी कला को एक मंच पर लाता है और भारतीय प्रदर्शन कलाओं की विविधता को दर्शाता है।

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर शाहदरा जिला भाजपा का भव्य आयोजन

नई दिल्ली। संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650वें जन्म जयंती वर्ष के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा सामाजिक समरसता, समानता, मानवता एवं भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में तालकटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा एवं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन एवं दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की गरिमामयी उपस्थिति में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मभूमि से लाई गई पवित्र माटी का कलश शाहदरा जिला टीम को सम्मानपूर्वक सौंपा गया। इस अवसर पर जिला प्रभारी डॉ. अनिल गुप्ता, जिलाध्यक्ष दीपक गाबा तथा जिला महामंत्री अनिल शर्मा, गीता शर्मा एवं सुन्दर चौधरी ने संयुक्त रूप से पवित्र माटी कलश प्राप्त किया। यह पवित्र कलश शाहदरा जिले के माध्यम से मंडल स्तर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु संत रविदास की पावन जन्मभूमि से जुड़ सकें और उनके सामाजिक समरसता, समानता, मानवता एवं भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। इसके बाद शाहदरा जिला भाजपा द्वारा विज्ञान लोक आनंद विहार से महाकात्यायनी मंदिर जागृति एंकलेव तक भव्य पदयात्रा निकाली गई। पवित्र माटी कलश को श्रद्धापूर्वक पदयात्रा के माध्यम से मंदिर तक ले जाया गया। पदयात्रा में जिला एवं मंडल पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्रीय निवासियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साह श्रद्धा एवं उमंग के साथ भाग लिया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने संत रविदास के आदर्शों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया पदयात्रा के उपरांत पवित्र माटी कलश को महाकात्यायनी मंदिर, जागृति एंकलेव में विधिवत एवं श्रद्धापूर्वक विराजमान किया गया।पवित्र कलश को श्रद्धालुओं एवं कार्यकर्ताओं के दर्शन और श्रद्धा अर्पित करने के लिए आगामी दो से तीन दिनों तक मंदिर में रखा जाएगा। इस दौरान क्षेत्र के निवासी एवं श्रद्धालु पवित्र कलश के दर्शन कर संत रविदास जी के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास का जीवन समाज को समानता, प्रेम, सामाजिक समरसता, मानवता और भाईचारे का संदेश देता है। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और भेदभाव से मुक्त समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर जिला प्रभारी डॉ. अनिल गुप्ता, जिलाध्यक्ष दीपक गाबा, जिला महामंत्री अनिल शर्मा, गीता शर्मा एवं सुन्दर चौधरी सहित जिला एवं मंडल के पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न

गाजियाबाद। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लंबित प्रकरणों, योजनाओं की प्रगति तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निराश्रित महिला पेंशन योजना के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि योजना से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित उप जिलाधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जन्मी सभी पात्र नवजात बालिकाओं को योजना से आच्छादित किया जाए। साथ ही, जिन बालिकाओं का एक वर्ष तक का टीकाकरण पूर्ण हो चुका है, उन्हें भी योजना का लाभ दिलाने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि कक्षा 1, कक्षा 6 एवं कक्षा 9 में वित्तीय वर्ष के दौरान प्रवेश लेने वाली सभी पात्र बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा जाए। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि वह पात्र बालिकाओं की सूची तैयार करें तथा उनके आवेदन पत्र समयबद्ध रूप से भरवाना सुनिश्चित करें।बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद के विकास खंड भोजपुर में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, जिसके कारण पर्याप्त संख्या में आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हो रहे हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी, भोजपुर को निर्देशित किया कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के ऑनलाइन आवेदन पत्र भरवाना सुनिश्चित करें।बैठक में मुख्यमंत्री रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बालसम्मान कोष से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा लंबित 15 प्रकरणों में संबंधित लाभार्थियों के बैंक खाते शीघ्र खुलवाकर उन्हें योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए।इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री बालसेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत सर्वे कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक एवं प्रभावी सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। ऐसे परिवारों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए, जिनमें वर्ष 2020 के बाद किसी कारणवश परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु हुई है, ताकि पात्र बच्चों को चिन्हित कर उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ा जा सके। सर्वेक्षण से संबंधित संपूर्ण सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विभागीय योजनाओं में लंबित प्रकरणों का निस्तारण दिनांक 28 अगस्त, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए, ताकि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभावन पड़े।मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूर्ण गंभीरता, तत्परता एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।

जिला पोषण समिति की बैठक में सीडीओ ने पोषण सेवाओं की प्रगति में सुधार के दिए निर्देश

गाजियाबाद। जिला पोषण समिति एवं जिला निगरानी समिति की बैठक का आयोजन दुर्गावती देवी सभागार में श्री कुमार सौरभ, मुख्य विकास अधिकारी महोदय अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्य चिकित्साधिकारी, गाजियाबाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी,डॉ0 प्रिया, एम0ओ0आई0सी, एन0आर0सी0, खण्ड विकास अधिकारी, लोनी, मुरादनगर, रजापुर एवं भोजपुर, अधिशासी अभियन्ता नगर निगम गाजियाबाद एवं समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी के साथ-साथ पोषण अभियान के सहयोगी विभागों तथा जिला निगरानी समिति के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी, श्रीमती विनीता चन्द्रा द्वारा बैठक में आंगनबाडी केन्द्रो का संचालन, पोषण टैªकर ऐप पर फीडिंग की स्थिति, ग्रोथ मॉनीटरिंग की उपलब्धता, आंगनबाडी केन्द्रो के कायाकल्प, पोषण टैªकर, आंगनबाडी केन्द्रो के निरीक्षण,, एन.आर.सी. एडमिशन, एनिमिया, ई.सी.सी.ई. किट की उपलब्धता एवं ई-कवच एवं सम्भव 6.0 अभियान इत्यादि विभागीय योजनाओं से बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों को अवगत कराते हुए उक्त के सम्बन्ध मे चर्चा की गयी। बैठक में पोषण टैªकर एप पर वजन/लम्बाई एवं ऊॅंचाई फींिडंग की समीक्षा की गयी, जिसमें जनपद गाजियाबाद में माह जुलाई 2026 में पोषण टैªकर पर Measuring Efficiency 99.3% फीडिंग की गयी थी, जो माह जून से अपेक्षाकृत 0.72 प्रतिशत अधिक थी, जिसे माह सितम्बर, 26 तक 100 प्रतिशत किये जाने हेतु मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया। पोषण टैªकर ऐप पर टेक होम राशन/मॉनिग स्नैक वितरण की फीडिंग अपेक्षाकृत कम पायी गयी, जिसके लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि 100 प्रतिशत वितरण की फीडिंग पोषण टैªकर पर कराये जाने हेतु नैफेड द्वारा ससमय आपूर्ति प्रेषित किये जाने के लिए निदेशालय को पत्र प्रेषित किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा समस्त आं0 केन्द्रों पर ग्रोथ मॉनिंटरिंग डिवासेज की उपलब्धता की जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी से ली गयी तथा निर्देश दिये गये कि जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वजन मशीन उपलब्ध नही है की सूची बनाकर कन्वर्जेन्स के द्वारा पंचायत राज विभाग के माध्यम से आपूर्ति प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करे।गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं के वजन में ग्रोथ किये जाने के सन्दर्भ में समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं मुख्य सेविकाओं को गृहभ्रमण किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये तथा सैम मैम बच्चों के प्रबन्धन की समीक्षा की गयी जिसमें पोषण टैªकर ऐप पर आंगनबाडी कार्यकत्री के द्वारा माह जुलाई में कुल 352 सैम बच्चो का चिन्हांकन किया गया है, जिनके स्वास्थ्य सुधार शतप्रतिशत कराये जाने हेतु वजन दिवस के अवसर पर व्यापक मापन अभियान एवं वृद्धि निगरानी अभियान के निर्देश प्रदान किये गये। उक्त के सम्बन्ध में जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया गया कि समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियो तथा बाल विकास परियोजना अधिकारियांे का समन्वय स्थापित करवाते हुए सैम बच्चो की सूची प्रतिमाह तैयार कर बच्चो को लाभान्वित करे। चिन्हित सैम बच्चों को पोषाहार मानक के अनुरूप खिलाये जाने हेतु परियोजना स्तर पर आंगनबाड़ी को प्रशिक्षित किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। आहार से उपचार फाउंडेशन द्वारा चिन्हित सैम बच्चों को प्रदान किये गये पोषण पोटली के उपयोग से बच्चों में होने वाली ग्रोथ की मॉनिटरिंग नियमित रूप से किये जाने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी अधिकारी को प्रदान किये गये। चिन्हित मैम बच्चों में आपूर्तित पोषाहार के द्वारा स्वास्थ्य सुधार कराये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। सम्भव 6.0 अभियान के अन्तर्गत माह सितम्बर 2026 में जनपद में सैम बच्चो का चिन्हांकन निर्धारित मानको कें अनुसार कराये जाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी/अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि उन क्षेत्रो का चिन्हांकन जहॉ सबसे कम बच्चे सैम पाये जा रहे है, सही प्रकार से कराया जाये । चिन्हांकन के उपरान्त उन क्षेत्रो में टीम तैयार कर पोषण स्थिति का आंकलन किया जाये। स्वास्थ्य विभाग को कुल डिलीवरी के सापेक्ष कितने बच्चे Underweight हुए से सम्बन्धित रिर्पोट की समीक्षा आगामी माह में किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। सम्भव 6.0 अभियान रिर्पोट कार्ड माह अगस्त 2026 के अनुसार जनपद गाजियाबाद कीGestational Weight of PW Percentage प्रगति अपेक्षाकृत अत्याधिक कम पायी गयी जिसके लिए समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, को चेतावनी दी गयी कि उपरोक्त प्रगति में ससमय सुधार कराये। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया उपरोक्त गर्भावस्था अवधि में वजन प्रतिशत बढ़ाये जाने हेतु आवश्यक गतिविधियों का आयोजन कराते हुए सुधार कराया जाये। जिससे सम्भव 6.0 के लक्ष्य को माह सितम्बर 2026 शतप्रतिशत प्राप्त किया जा सके।जनपद गाजियाबाद में माह जुलाई 2026 में 31 बच्चों को एन0आर0सी0 सन्दर्भित किया गया। सम्भव 6.0 अभियान के अन्तर्गत चिन्हित समस्त सैम बच्चों के पोषण पुनर्वास केन्द्रों के माध्यम से आवश्यक चिकित्सीय हस्तक्षेप,मासिक फालोअप के द्वारा समुचित पोषण प्रबंधन सुनिश्चित कराये जाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया। जनपद में चिन्हित शतप्रतिशत सैम बच्चों को एनआरसी में संदर्भन कराये जाने हेतु आर.बी.एस.के टीम को निर्देशित किया गया। ई-कवच पर डाटा फीडिंग की समीक्षा में SAM Children Due for Follow up and SAM Children Came For Follow में प्रदर्शित Gap के लिए अत्यंत रोष व्यक्त करते हुए निर्देशित किया गया कि प्रत्येक बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए पोषण स्थिति में सुधार कराया जाये।जनपद गाजियाबाद में लक्षित निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्र का कार्य ससमय पूर्ण न किये जाने पर मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा रोष व्यक्त करते हुए लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि निर्धारित समय में कार्य को पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करे।

अतिदोहित विकास खण्डों भोजपुर एवं रजापुर में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार, पांच वर्षों में 7.32 मीटर तक बढ़ा भूजल स्तर

गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद के विकास खण्ड भोजपुर एवं रजापुर में प्री-मानसून 2021 की तुलना में प्री-मानसून 2026 के दौरान भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी महोदय के सफल नेतृत्व में भूजल संरक्षण एवं जल संचयन के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।प्री-मानसून 2021 में विकास खण्ड भोजपुर में भूजल स्तर 11.61 मीटर था, जो प्री-मानसून 2026 में 1.06 मीटर ऊपर उठकर 10.56 मीटर हो गया है। इसी प्रकार विकास खण्ड रजापुर में प्री-मानसून 2021 में भूजल स्तर 20.10 मीटर था, जो प्री-मानसून 2026 में 7.32 मीटर ऊपर उठकर 12.78 मीटर हो गया है।भूजल स्तर में इस सुधार के लिए जनपद में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत वर्ष 2023 से अब तक 104 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया है। साथ ही, भूगर्भ जल विभाग द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण-पत्रों के सापेक्ष किए जाने वाले भूजल रिचार्ज के लिए सीएसआर के माध्यम से विभिन्न विकास खण्डों में 201 तालाबों जिनमें मोदीनगर तहसील के भोजपुर 66 एवं मुरादनगर 69, सदर तहसील 55, लोनी तहसील में 11 का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया गया है।इसके अतिरिक्त, मुख्य विकास अधिकारी  के मार्गदर्शन में अमृत कूप योजना के अंतर्गत विकास खण्ड भोजपुर के ग्राम भोजपुर एवं अमराला में मृत कूपों का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया गया है। भविष्य में अमृत कूप योजना के अंतर्गत पोस्ट मानसून-2026 में 10 से अधिक मृत कूपों का सत्यापन कराते हुए उनके जीर्णोद्धार का कार्य कराया जाएगा।जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के सफल नेतृत्व एवं विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से जनपद के अतिदोहित विकास खण्ड भोजपुर एवं रजापुर में विगत पांच वर्षों में भूजल स्तर में व्यापक सुधार दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।