मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भोजपुर में 52 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न

गाजियाबाद। संदीप चौधरी जिला समाज कल्याण अधिकारी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत विकास खण्ड भोजपुर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 52 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया गया। योजनान्तर्गत रू0 21,000/- की उपहार सामग्री (वर-वधु के कपडे, स्टील डिनर सेट, प्रेशर कूकर, ट्राली बैग, वैनिटी किट एवं दीवार घड़ी इत्यादि) विवाहित जोड़े को दिया जाता है। उक्त के अतिरिक्त कन्या के बैंक खाते में रू0 64,000/- की धनराशि भुगतान किये जाने का प्राविधान है। आज दिनांक 24.08.2026 को सम्पन्न हुये सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अनुसूचित जाति के 13, अन्य पिछडा वर्ग के 14, सामान्य वर्ग के 12 एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 13 जोड़े कार्यक्रम में शामिल हुये। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित 39 हिन्दू जोड़ों का हिन्दू रीति रिवाज से फेरे एवं जयमाल तथा मुस्लिम वर्ग के 13 जोड़ों का निकाह सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में मंजू सिवाच, मा० विधायक, मोदीनगर, सुचेता सिंह, मा० प्रमुख क्षेत्र पंचायत भोजपुर,संदीप चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, गाज़ियाबाद तथा पियुष वर्मा, खण्ड विकास अधिकारी, भोजपुर द्वारा उपस्थित रहकर विवाहित जोड़ों को आर्शीवाद प्रदान किया गया। सहायक विकास अधिकारी सहित समाज कल्याण विभाग तथा विकास खण्ड, भोजपुर कार्यालय के कर्मचारियों की उपस्थिति एवं सहयोग सराहनीय रहा।
प्रदेश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, अफवाहों पर न दें ध्यान; जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर होगी कठोर कार्रवाई

गाजियाबाद। जिलाधिकारी के कार्यालय से प्राप्त विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया कि प्रदेश में वर्तमान में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दिया जाये। जन सामान्य अपनी आवश्यकता के अनुरूप चीनी खुले बाजार से प्राप्त कर सकते हैं।सरकार के एतद्वारा जनपद के समस्त चीनी के थोक व्यापारियों से अपेक्षा की जाती है कि भारत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, के पोर्टल https://foodstock.dfpd.gov.in/ पर चीनी के स्टॉक की स्थिति तत्काल घोषित करें, एवं उसे नियमित रूप से अद्यतन भी करते रहें। जनपद के थोक व्यापारियों के स्टॉक की आकस्मिक जॉच करायी जायेगी, एवं यदि कोई व्यक्ति / व्यापारी जमाखोरी / कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार कठोरतम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
नशे की रोकथाम हेतु चलाए जाएं विशेष अभियान : एडीएम सिटी विकास कश्यप

गाजियाबाद। जनपद में मादक पदार्थों (नारकोटिक्स) की बिक्री व तस्करी के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशन पर एडीएम सिटी विकास कश्यप की अध्यक्षता में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण बैठक आहूत हुई।जनपद गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं के सुरक्षित एवं स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने विद्यालयों के आसपास नशे से संबंधित दुकानों के संचालन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि विद्यालयों के निर्धारित दायरे में किसी भी प्रकार की शराब, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के समीप नशे की दुकानों का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अतः ऐसे मामलों में संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि इस संबंध में नियमित निरीक्षण किया जाए तथा उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को एक सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान किया जा सके।उन्होने निर्देश दिए कि जनपद में होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, सार्वजनिक स्थलों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान संचालित किए जाएं। नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन अथवा पुलिस को अवगत कराएं, जिससे समयबद्ध कार्रवाई की जा सके।बैठक के दौरान औषधि निरीक्षक जनपद-गाजियाबाद ने अवगत कराया कि पूर्व के आदेशों के क्रम में जनपद गाजियाबाद में नशे की रोकथाम पर किये गये कार्य में जनपद में मनप्रभावी औषधि के अवैध व्यापार के विरुद्ध अभियान चलाते हुये दिनांक 18.07.2026 को एन० सी० बी० जम्मू के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुये कौशाम्बी स्थित प्रवीन मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की कार्यवाही करके लगभग 70000/ की नशीली औषधियों को सीज करके 02 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा उक्त मेडिकल स्टोर के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी। जनपद-गाजियाबाद के इन्द्रापुरम स्थित थोक विक्रेता के प्रतिष्ठान से संदेह के आधार पर 08 औषधियों के नमूने संगृहीत करके जाँच हेतु राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ को प्रेषित किया गया तथा 192000/ कीमत की औषधियों को नमूनों की जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने तक फ्रीज किया गया।पुलिस उपायुक्त मुख्यालय व संयोजक जिला स्तरीय नार्कोटिक्स समिति द्वारा अपनी रिर्पेाट के माध्यम से अवगत कराया गया कि दिनांक 21 जुलाई से 21 अगस्त 2026 तक मादक पदार्थ बरामदगी में 281.78 किलो गांजा की बरामदगी की गई तथा 20 अभियोग पंजीकृत कराते हुए 32 महिला/पुरूष गिरफ्तार किये गये। इसके साथ ही कोटपा एक्ट की बरामदगी में हुक्का, पाईप, फ्लेवर्ड तम्बाकू व कायेला में 01 अभियोग पंजीकृत करते हुए 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।बैठक में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नारकोटिक्स सेल, खाद्य विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर, डीपीओ, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, यातायात विभाग के अधिकारी/प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कुक्कुट पालन से संवारें भविष्य : बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के अंतर्गत 800 लाभार्थियों का किया जाएगा चयन

गाजियाबाद। डॉ. एस.पी. पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, गाजियाबाद ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बैकयार्ड पोल्ट्री योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनपद गाजियाबाद में अनुसूचित जाति वर्ग के निर्बल एवं पात्र व्यक्तियों के लोककल्याण तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योजना का संचालन किया जा रहा है।योजनान्तर्गत कुक्कुट पालन में रुचि रखने वाले 500 पुरुष एवं 300 महिला अभ्यर्थियों, कुल 800 लाभार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। पात्र एवं योग्य लाभार्थियों का चयन ग्रामीण एवं जनपद स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु इच्छुक आवेदक को अपने ग्राम प्रधान/ग्राम प्रशासक एवं संबंधित पशु चिकित्साधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा। ग्रामीण स्तर पर लाभार्थियों का चयन ग्राम प्रधान एवं संबंधित पशु चिकित्साधिकारी द्वारा किया जाएगा। इसके उपरांत जनपद स्तर पर अनुसूचित जाति वर्ग के निर्बल एवं पात्र व्यक्तियों का चयन मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा किया जाएगा। -योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सुविधाएं चयनित लाभार्थियों को निम्नलिखित सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी 50 चूजे, छप्पर की व्यवस्था हेतु रुपए 900 की धनराशि, कुक्कुट पालन हेतु आवश्यक दवा/औषधि, 50 किलोग्राम कुक्कुट आहार व 03 दिवसीय कुक्कुट पालन प्रशिक्षण। आवेदन हेतु पात्रता आवेदक जनपद गाजियाबाद का निवासी होना चाहिए। आवेदक के पास निवास एवं कुक्कुट पालन हेतु उपयुक्त व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए। आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए। आवेदक के पास केवाईसी अद्यतन बैंक खाता होना अनिवार्य है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से आवेदन प्रस्तुत कर योजना का लाभ प्राप्त करें। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति अपने ग्राम प्रधान/ग्राम प्रशासक, निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा कार्यालय मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, गाजियाबाद से संपर्क कर सकते हैं।
गाजियाबाद उप निर्वाचन अधिकारी ने ईआरओ और एईआरओ के साथ की बैठक

गाजियाबाद। गाजियाबाद जनपद से संबंधित 53-लोनी,54-मुरादनगर, 55-साहिबाबाद, 56-गाजियाबाद, 57-मोदीनगर विधानसभा निर्वाचक नामावलियों में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के बाद मात्र जेण्डर रेशियों 791 होने के कारण तथा जनपद के जेण्डर रेशियों 878 तक या उससे अधिक बढ़ाये जाने के संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में संबंधित विधानसभा क्षेत्रो के ईआरओ और एईआरओ के साथ बैठक की गयी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी उक्त बैठक में जेण्डर रेशियो कमी वाले बूथों का चिन्हित कर तत्काल महिला मतदाताओं के फॉर्म-6 भरवाये जाने के निर्देश दिये गये। इसके अतिरिक्त सभी ईआरओ को ईपी रेश्यो एज कोहर्ट के साथ वर्तमान में पेंडिंग फॉर्म को निस्तारित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक की उपस्थित सभी एईआरओ को भी निर्देशित किया गया कि अपने बूथ से संबंधित सुपरवाइजर बीएलओ के साथ बैठ कर दिए गए निर्देशों को अनुपालन कारए एमएलसी चुनाव में स्नातक एवं शिक्षक खंड के जो भी फार्म प्राप्त हो रहे हैं उसको समय से पोर्टल पर अपलोड कराने हेतु भी निर्देशित किया गया।
स्किल है नई करेंसी और इनोवेशन है नई इकोनामी : सीएम मोहन यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान दौर में स्किल नई करेंसी है और इनोवेशन नई इकोनामी । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव “कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीट्यूशंस फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश 2047” का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर नारियल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आज के समय में जब हमारे लिए स्किल नई करेंसी और इनोवेशन नई इकोनॉमी है, ऐसे समय में हमारे संस्थानों को कौशल, शोध, नवाचार एवं उद्यमिता का केंद्र बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री यादव ने नदी जोड़ो योजना की चर्चा करते हुए कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना मध्यप्रदेश की पहली ऐतिहासिक नदी जोड़ो परियोजना है। इसके माध्यम से नदियों को जोड़कर जल का बेहतर प्रबंधन होगा, सिंचाई का क्षेत्र बढ़ेगा और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। साथ ही, बाढ़ जैसी आपदाओं के प्रभाव को कम करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसी क्रम में पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के माध्यम से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल-विवाद का समाधान हुआ है। इससे राजस्थान के 15 और मध्यप्रदेश के 15 जिलों को पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। आज का समय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का है। जब राज्य आगे बढ़ेगा, तब देश भी आगे बढ़ेगा। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा वन इंस्टिट्यूट – वन प्रॉमिस थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री यादव ने कहा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन दर्शन में राष्ट्रसेवा और अंत्योदय था, उनके कार्य और विचारों को अटल बिहारी वाजपेयी संस्थान आत्मसात करते हुए आगे बढ़े, यही कामना है। इस मौके पर मध्यप्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए केंद्रीय संस्थानों के प्रमुखों द्वारा विशेषज्ञता, तकनीकी सहयोग एवं नवाचारों के प्रभावी उपयोग को लेकर प्रस्तुतियां दी गईं। मुख्यमंत्री यादव ने “समृद्ध मध्यप्रदेश-2047” स्मारिका का विमोचन किया।
भारत-पाकिस्तान सीमा के पास जोधपुर में गरज सकते हैं अमेरिकी एफ-35, तरंग शक्ति 2026 में हो सकती है एंट्री

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के साल के सबसे बड़े मल्टीनेशनल अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2.0’ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। तरंग शक्ति के दूसरे एडिशन में इस बार सबकी नजरें होंगी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर। अमेरिका अपने एफ-35 के साथ इस अभ्यास में शिरकत करने की तैयारी कर रहा है। यह पहली बार होगा कि भारत में एफ-35 किसी सैन्य अभ्यास का हिस्सा बन सकता है। इससे पहले एयरो इंडिया में पहली बार एफ-35 शामिल हुआ था। रक्षा अधिकारी के मुताबिक, अभी तक तरंग शक्ति 2026 के लिए अमेरिका के शेड्यूल में एफ-35 लड़ाकू विमान मौजूद हैं। रक्षा अधिकारी के मुताबिक, इस अभ्यास में कुल आठ देश अपने एयरक्राफ्ट के साथ हिस्सा ले सकते हैं, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, ग्रीस, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका के साथ-साथ बांग्लादेश भी शामिल है। इसके अलावा 30 से ज्यादा देश ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल होंगे। यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर आयोजित किया जाएगा। दो हफ्ते से ज्यादा समय तक चलने वाले इस अभ्यास में पाकिस्तान सीमा के करीब मित्र देशों के लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के साथ साझा युद्धाभ्यास करेंगे। इससे पहले भारतीय वायुसेना ने साल 2024 में अपने सबसे बड़े मल्टीनेशनल वायु सैन्य अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ की शुरुआत की थी। तरंग शक्ति का पहला संस्करण दो चरणों में आयोजित किया गया था। पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस में और दूसरा चरण राजस्थान के जोधपुर एयरबेस में आयोजित हुआ था। सुलूर एयरबेस पर आयोजित पहले चरण में फ्रांस के राफेल, जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन के यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। वहीं, भारतीय वायुसेना के लगभग सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म- राफेल, सुखोई, मिराज-2000, जैगुआर, तेजस, मिग-29 और प्रचंड- ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन किया था। दूसरा चरण जोधपुर में आयोजित किया गया था। इस चरण में ऑस्ट्रेलिया का ईए-18जी ग्रोलर, ग्रीस का एफ-16, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एफ-16 तथा अमेरिका के ए-10 और एफ-16 सहित कुल 27 लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। इसके अलावा दो एयर-टू-एयर रीफ्यूलर, दो एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और तीन स्पेशल फोर्स एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का हिस्सा बने थे। तरंग शक्ति 2026 के आयोजन से ठीक पहले जोधपुर में भारत और जापान की वायुसेना के बीच द्विपक्षीय वायु सैन्य अभ्यास ‘वीर गार्जियन’ का आयोजन किया जा रहा है। यह अभ्यास 9 सितंबर से 22 सितंबर तक जारी रहेगा। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के सुखोई एसयू-30एमकेआई और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के एफ-2 लड़ाकू विमान इसमें हिस्सा लेने जा रहे हैं। जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के फाइटर जेट पहली बार भारत आएंगे और इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। भारत और जापान के बीच सामरिक रिश्ते तेजी से नया आकार ले रहे हैं। 20 अगस्त को ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के बीच दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक के बाद एक साझा बयान जारी किया गया था। उस बयान में दोनों मंत्रियों ने जापान और भारत के बीच आयोजित द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों के लगातार विस्तार का स्वागत किया, जिनमें जापान-भारत आर्मी अभ्यास ‘धर्म गार्जियन’ और जापान-भारत नौसैन्य अभ्यास “जेएआईएमईएक्स” शामिल हैं। उन्होंने खास तौर पर इस साल आयोजित होने वाले जापान-भारत एयर एक्सरसाइज “वीर गार्जियन 26” की तैयारियों में हो रही प्रगति का स्वागत किया। भारत और जापान के बीच ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास का पहला एडिशन साल 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर आयोजित किया गया था। उस दौरान भारतीय वायुसेना की ओर से सुखोई एसयू-30एमकेआई, सी-17 और आईएल-78 मिड-एयर रीफ्यूलर विमान शामिल हुए थे, जबकि जापान की ओर से चार एफ-2 और चार एफ-15 लड़ाकू विमानों ने भाग लिया था।
एम्स-गुवाहाटी में 63 फैकल्टी पदों पर भर्ती जारी, उम्मीदवारों के पास 15 सितंबर तक आवेदन का मौका

दिसपुर। मेडिकल क्षेत्र से जुड़े जो लोग अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नौकरी करने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, एम्स-गुवाहाटी ने अपने विभिन्न विभागों में फैकल्टी पदों (ग्रुप-ए) पर सीधी भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। एम्स-गुवाहाटी की ओर से फैकल्टी पोस्ट के लिए जारी 63 रिक्तियों में प्रोफेसर के 17, एडिशनल प्रोफेसर के 16, एसोसिएट प्रोफेसर के 13 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 17 पद शामिल हैं। एम्स-गुवाहाटी ने अपने जिन विभागों में फैकल्टी के 63 पदों पर भर्ती निकाली है, उनमें प्रोफेसर के 17 पदों में एनेस्थीसिया में 1, कार्डियोलॉजी में 1, फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी में 1, जनरल मेडिसिन में 1, जनरल सर्जरी में 2, माइक्रोबायोलॉजी में 1, न्यूक्लियर मेडिसिन में 1, ऑब्स्टेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी में 1, ऑप्थल्मोलॉजी में 1, ऑर्थोपेडिक्स में 1, पीडियाट्रिक्स में 1, फार्माकोलॉजी में 1, पल्मोनरी मेडिसिन में 1, रेडियोथेरेपी में 1, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और ब्लड बैंक में 1 और ट्रॉमा और इमरजेंसी मेडिसिन में 1 पद शामिल हैं। एडिशनल प्रोफेसर के 16 पदों में बर्न और प्लास्टिक सर्जरी में 1, एंडोक्रिनोलॉजी में 1, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में 1, जनरल सर्जरी में 1, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में 1, माइक्रोबायोलॉजी में 1, नियोनेटोलॉजी में 1, नेफ्रोलॉजी में 1, न्यूरोसर्जरी में 1, न्यूक्लियर मेडिसिन में 1, ऑब्स्टेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी में 1, ऑर्थोपेडिक्स में 1, पीडियाट्रिक सर्जरी में 1, पैथोलॉजी में 1, पल्मोनरी मेडिसिन में 1 और यूरोलॉजी में 1 पद शामिल हैं। एसोसिएट प्रोफेसर के 13 पदों में कार्डियोलॉजी में 1, एंडोक्रिनोलॉजी में 1, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में 1, जनरल मेडिसिन में 2, जनरल सर्जरी में 1, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में 1, नेफ्रोलॉजी में 1, न्यूक्लियर मेडिसिन में 1, ऑप्थल्मोलॉजी में 1, फिजिकल मेडिसिन और रिहैबिलिटेशन में 1, पल्मोनरी मेडिसिन में 1 और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में 1 पद शामिल हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर के 17 पदों में एनेस्थीसिया में 1, कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी में 1, एंडोक्रिनोलॉजी में 1, फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी में 1, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में 1, जनरल मेडिसिन में 1, जनरल सर्जरी में 1, मेडिकल ऑन्कोलॉजी/हेमेटोलॉजी में 1, नेफ्रोलॉजी में 1, न्यूरोसर्जरी में 1, न्यूक्लियर मेडिसिन में 1, ऑर्थोपेडिक्स में 1, पल्मोनरी मेडिसिन में 1, रेडियोलॉजी में 2, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में 1 और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और ब्लड बैंक में 1 पद शामिल हैं। इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर तक की गई है। ऐसे में जो पात्र और इच्छुक उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्ति के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे एम्स-गुवाहाटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। सफलतापूर्वक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद कैंडिडेट्स को अपने रजिस्ट्रेशन फॉर्म की हार्ड कॉपी सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स के साथ ‘प्रशासनिक अधिकारी, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सिलभराल, चांगसारी, गुवाहाटी, असम – 781101’ पते पर 30 सितंबर तक या उससे पहले डाक के माध्यम से पहुंचाना होगा। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से एमडी/एमएस या सर्जिकल सुपर स्पेशलिटीज के लिए एमसीएच और मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज के लिए डीएम या इसके बराबर मान्यता प्राप्त योग्यता होनी चाहिए। वहीं, नॉन-मेडिकल उम्मीदवारों के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट योग्यता और संबंधित विषय में डॉक्टरेट की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, कैंडिडेट्स के पास पोस्ट के अनुसार प्रासंगिक क्षेत्र में निर्धारित वर्षों का अनुभव होना भी जरूरी है। आवेदकों की अधिकतम आयु प्रोफेसर/एडिशनल प्रोफेसर पोस्ट के लिए 58 वर्ष और एसोसिएट प्रोफेसर/असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए 50 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना आवेदन की अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की स्क्रीनिंग, शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू, आदि चरणों के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी प्रोफेसर के लिए 1,68,900 रुपए, एडिशनल प्रोफेसर के लिए 1,48,200 रुपए, एसोसिएट प्रोफेसर के 1,38,300 रुपए और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 1,01,500 रुपए प्रति माह होगी। इसके अलावा कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे। आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो अनारक्षित/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस के लिए 1,500 रुपए तय किया गया है। वहीं, एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी और महिला उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है।
कर्नाटक में मीडिया कवरेज पर भेदभाव का आरोप, आर. अशोक ने स्पीकर को लिखा पत्र

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मीडिया कवरेज में भेदभाव का आरोप लगा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोमवार को स्पीकर जीएस पाटिल को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की मांग की है। आर. अशोक ने मीडिया को जारी अपने पत्र में कहा कि 13 अगस्त से शुरू हुए मानसून सत्र में एक ऐसी प्रथा देखी जा रही है, जहां विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेता और विधायकों के बयान, फोटो और वीडियो कथित तौर पर जारी नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित रोक के कारण विपक्षी सदस्यों के फोटो और वीडियो प्रिंट मीडिया में नहीं छप रहे हैं और टीवी चैनलों पर प्रसारित नहीं हो रहे हैं। इसके उलट, अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के बयान, फोटो और वीडियो लगातार जारी किए जा रहे हैं, जिससे सत्तापक्ष को ज्यादा दिखावा मिल रहा है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “विधानसभा की कार्यवाही की कवरेज में ऐसा भेदभाव पहले कभी नहीं हुआ।” उन्होंने स्पीकर से अनुरोध किया कि वे तुरंत सूचना विभाग के संबंधित अधिकारियों को विधानसभा से मीडिया सामग्री जारी करने में इस असमानता को ठीक करने का निर्देश दें। आर. अशोक ने चेतावनी दी कि अगर इस मुद्दे को ठीक नहीं किया गया तो विपक्ष संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगा। उन्होंने पत्र में कहा, “इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप तुरंत सूचना विभाग के संबंधित अधिकारियों को इस भेदभाव को ठीक करने का निर्देश दें। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाएगा।” भाजपा नेता का यह आरोप ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष कांग्रेस सरकार के खिलाफ कई मुद्दे उठा रहा है और उसके कई फैसलों पर सवाल खड़ा कर रहा है। आर. अशोक के पत्र में स्पीकर से यह सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की गई है कि सदन के दोनों पक्षों के सदस्यों को मीडिया में बराबर जगह मिले। उन्होंने कहा कि विधानसभा से जुड़ी मीडिया सामग्री तक बराबर पहुंच निष्पक्ष जन प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी है।
बीजिंग पहुंचे एनएसए अजीत डोभाल, भारत-चीन सीमा पर स्थिरता और द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम चर्चा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल सोमवार को दो दिन की यात्रा पर बीजिंग पहुंचे। वे भारत-चीन सीमा विवाद स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स की बातचीत के 25वें दौर में हिस्सा लेने गए हैं। भारत-चीन सीमा मुद्दे पर भारत के स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव अजीत डोभाल चीन के विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर बीजिंग पहुंचे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, डोभाल और चीन के स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वांग यी मंगलवार को भारत-चीन सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता के 25वें दौर में बातचीत करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान अजीत डोभाल चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे। इससे पहले, 6 अगस्त को भारत और चीन ने सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, विभिन्न समन्वय तंत्रों के निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि यह बातचीत नई दिल्ली में भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए बने कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 36वीं बैठक के दौरान हुई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों पक्षों के बीच खुलकर चर्चा हुई और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की स्थिति की समीक्षा की गई। यह भी दोहराया गया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के संबंधों के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है।” बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने किया, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा और समुद्री मामलों के विभाग की महानिदेशक होउ यानकी ने किया। बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे लंबित मुद्दों को सुलझाने और एलएसी पर किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य संवाद के रास्तों का इस्तेमाल जारी रखेंगे। इनमें डब्ल्यूएमसीसी, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकों और पहले से तय अन्य तंत्र शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा, “24वें विशेष प्रतिनिधि वार्ता दौर के नतीजों के बाद, दोनों पक्षों ने सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।” भारतीय पक्ष ने सीमा पार बहने वाली नदियों से जुड़े ‘एक्सपर्ट लेवल मैकेनिज्म’ की अगली बैठक जल्द बुलाने की जरूरत दोहराई। साथ ही, भारत ने ऊपरी क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा करने के महत्व पर भी जोर दिया।