साप्ताहिक राशिफल 31 अगस्त से 06 सितंबर 2026 तक

लग्नराशि पर आधारित कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल में जानिए इस सप्ताह आपका पारिवारिक जीवन, आर्थिक दशा, स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति कैसी रहेगी, इस सप्ताह आपको क्या-कुछ मिलने वाला है, आपके लिए क्या-क्या करना फायदेमंद रहेगा और परेशानियों से बचने के लिए आपको कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए। मेष : हफ्ते की शुरुआत अच्छी होगी। किये जा रहे प्रयासों में सफलता मिलने के संकेत है। नौकरी कर रहे जातकों को कार्यस्थल में थोड़ी परेशानी हो सकती है। हफ्ते के मध्य में स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। किसी से भी बहस बाज़ी से बचे। प्रेम सम्बन्धों के लिए ये हफ्ता मिलाजुला रहनेवाला है। आसपास की किसी यात्रा के योग बन सकते है। खर्चा थोड़ा बढ़ सकता है। किसी के द्वारा दिया गया व्यापारिक सुझाव आपको फायदा दे सकता है। वृषभ : सुखों में वृद्धि के योग है। अपने रहन-सहन पर खर्च कर सकते हैं। नौकरी तथा व्यापार में स्थिति अच्छी बनी रहेगी। किसी भी कार्य को जल्दबाजी से करने से बचें। पारिवारिक माहौल अच्छा बना रहेगा। पुराने लोगों से मुलाकात हो सकती है। ये हफ्ता विद्यार्थी वर्ग के लिए बहुत अच्छा जाएगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। मन ना होने पर भी किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। मिथुन : इस हफ्ते आप अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देंगे। नौकरी तथा व्यापार की तलाश में भटक रहे लोगों को शुभ अवसर प्राप्त हो सकते हैं। उधार दिया पैसा वापस मिल सकता है। परिवार के साथ घूमने का प्रोग्राम बना सकते हैं। वार्तालाप करते समय शब्दों का ध्यान रखें। अन्यथा बनते काम बिगड़ सकते हैं। बुजुर्ग लोगों और सरकारी कार्यों में अड़चन आ सकती है। कर्क : हफ्ते की शुरुआत से ही लाभ के योग बनेंगे। बैंकों तथा किसी पालिसी से लाभ मिलने के योग है। इस हफ्ते आपको स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान देना पड़ सकता है। पति पत्नी और व्यापारिक साझेदारों के मध्य मनमुटाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नौकरी कर रहे लोगों को उच्च अधिकारियों का साथ न मिलने से मन खिन्न हो सकता है। माता तथा भूमि से आपको लाभ संभव है। सिंह: हफ्ते की शुरुआत में स्वास्थ्य से सम्बंधित कोई विकार परेशान कर सकता है। खर्चो में वृद्धि से आर्थिक पक्ष कमजोर बन सकता है। कार्य के सिलसिले में व्यर्थ की भागदौड़ परेशान कर सकती है। इस हफ्ते विदेश यात्रा के योग भी बनेंगे। हफ्ते के मध्य भाग से आर्थिक पक्ष मजबूत हो सकता है तथा व्यवसाय में लाभ सम्भव है। पारिवारिक लोगों का साथ रहने से कई परेशानियों पर विजय प्राप्त करेंगे। कन्या: हफ्ते की शुरुआत में आप अपने अटके हुए कार्यों को पूरा करने में समय देंगे। भावनाओं में बह कर कोई भी कार्य न करें अन्यथा नुकसान हो सकता है। लाभ की स्थिति बनी रहेगी। पारिवारिक वातावरण अच्छा बना रहेगा। विद्यार्थी वर्ग को थोड़ी परेशानी हो सकती है। माता की तबीयत बिगड़ सकती है। अचानक कोई लाभ होने से मन खुश होगा। तुला: हफ्ते की शुरुआत से ही आप अपने रुके हुए कार्यों में गति देने के लिए ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। भाइयों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी तथा व्यवसाय में आपका रुतबा बढ़ेगा और नौकरी में पदोन्नति भी सम्भव है। आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी और लाभ की स्थिति बनेगी। जीवनसाथी तथा संतान के साथ खुशियों भरा समय व्यतीत करेंगे। वृश्चिक : हफ्ते की शुरुआत में आप अपने कार्य पर बहुत ध्यान देंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सहकर्मियों का भरपूर साथ मिलेगा। भाइयों का साथ देंगे तथा उनके कार्यों में मदद भी करेंगे। अचानक लाभ की स्थिति बनी रहेगी। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपका लोगों से मिलना जुलना बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन मधुरता वाला रहेगा। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। धनु : इस हफ्ते किये जा रहे प्रयासों में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। मान सम्मान में वृद्धि के योग है। पिता तथा सरकारी कार्यों में अवरोध आ सकते हैं। पूजा पाठ में ध्यान बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति में वृद्धि के योग है। यात्राएं लाभकारी सिद्ध होगी। नौकरी कर रहे जातकों को उच्च अधिकारियों द्वारा प्रशंसा प्राप्त होगी। माता की सेवा कर सकते हैं। मकर : इस हफ्ते स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। यात्राओं के बनेंगे जो शारीरिक और मानसिक रूप से थकाने वाली हो सकती है। व्यर्थ के वार्तालाप से दूर रहें अन्यथा मानसिक अशांति उत्पन्न हो सकती है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा तथा खर्चा भी बहुत रहेगा। पति पत्नी तथा संतान के मध्य तालमेल बिगड़ सकता है। किसी के द्वारा गिफ्ट प्राप्त हो सकता है। कुंभ : इस हफ्ते आप कई कार्यों में व्यस्त रह सकते है। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को सफलता प्राप्त हो सकती है। आपका पराक्रम और आत्मविश्वास बड़ा चढ़ा रहेगा। ऑफिस में आप उत्तम समय व्यतीत करेंगे। यात्रा के योग बन सकते है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें थकावट तथा सिरदर्द की परेशानी हो सकती है। रुका पैसा मिलने के योग बन सकते है। भाग्य का साथ बन रहेगा। मीन : इस हफ्ते आपका स्वास्थ्य कुछ नरम रह सकता है। पेट से सम्बंधित कोई विकार उत्पन्न हो सकता है। विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में अवरोध आ सकते है। हफ्ते के मध्य में जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त हो सकता है। वरिष्ठ लोगों से मतभेद हो सकता है। मित्रों के साथ समय व्यतीत कर सकते है। नौकरी के लिए किए आवेदन में सफलता पए आवेदन में सफलता प्राप्त हो सकती है। (साप्ताहिक राशिफल आपकी लग्न राशि के आधार पर आधारित है। ये समस्त राशिफल सामान्य हैं। किसी भी निश्चित परिणाम पर पहुंचने के लिए ज्योतिषी से दशा-अंतर दशा तथा जन्मपत्री का पूर्ण रूप से अध्ययन कराना उचित रहता है।) प्रस्तुति: कलाशांति ज्योतिष मोबाइल नं: 91-6261231618 मेल: कलाशांतिज्योतिष@.जीमेल.जीमेल.कॉम
‘पर्यावरण बचाना इंसानों की जिम्मेदारी’, अमेरिका में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत

न्यूयॉर्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि पर्यावरण और दुनिया को बचाए रखना इंसानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित सार्वभौमिक एकता समारोह में विकास के ऐसे मॉडल की वकालत की है, जो प्रकृति को नष्ट किए बिना लोगों को समृद्ध होने की अनुमति दे। समारोह को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को अक्सर एक-दूसरे के विरोधी लक्ष्यों के तौर पर पेश किया जाता है। उन्होंने कहा, “दुनिया कई समस्याओं का सामना कर रही है। विकास से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। पर्यावरण बचाने का मतलब विकास रोकना माना जाता है। तो इसका क्या रास्ता है?” मोहन भागवत ने आगे कहा, “हमें रास्ता दिखाना होगा और हमारे पूर्वजों ने अपने त्याग व संयम के जरिए यह रास्ता दिखाया है।” भागवत ने कहा कि भारत की सभ्यतागत सोच मानव जीवन के केंद्र में उत्तरदायित्व को रखती है। लोगों को यह विचार करना चाहिए कि उनके कार्यों से सिर्फ केवल उनका अपना जीवन बल्कि समाज और प्रकृति का भी कल्याण होता है या नहीं। उन्होंने कहा, “हम प्रकृति से जुड़े हैं। हमें यह देखना होगा कि हम जो भी करें, उससे न सिर्फ हमारा, बल्कि हर चीज का भला हो।” उन्होंने तर्क दिया कि इंसानी समझ का इस्तेमाल प्राकृतिक दुनिया पर हावी होने या उसे खत्म करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि, इससे लोगों पर जीवन के दूसरे रूपों की रक्षा करने की बड़ी जिम्मेदारी आती है। भागवत ने कहा, “मनुष्य दुनिया के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्हें सोचने-समझने की खास काबिलियत मिली है। उन्हें सही और गलत की समझ भी दी गई है।” खाद्य श्रृंखला में मनुष्यों के बढ़ते महत्व का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि उनकी प्रगति की कीमत पर्यावरण को भारी नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी है। उन्होंने कहा, “इस खाद्य श्रृंखला में मनुष्य का आगमन बहुत देर से हुआ और वह सबसे निचले पायदान पर था, लेकिन 3,000 वर्षों के भीतर वह मध्य में आ गया और 7,000 वर्षों में वह शीर्ष पर पहुंच गया और 8,000 पौधों की प्रजातियों और लगभग 5,000 जानवरों की प्रजातियों को नष्ट कर दिया।” संघ प्रमुख ने आगे कहा, “जानवर भाग सकते थे। इसलिए वे बच गए। पौधे नहीं भाग सकते थे। यह इंसानों के जीने का तरीका नहीं है।” भागवत ने कहा कि बेहतर समझ होने का मतलब यह नहीं है कि इंसान पूरी सृष्टि के मालिक बन गए हैं। इसके बजाय उन्हें दूसरों के अस्तित्व को बचाए रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आप सबसे अधिक समझदार हैं। आप प्रकृति की सीमाओं से आगे निकल चुके हैं और बहुत अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। इसलिए, सबको बचाए रखना आपकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सिर्फ दूसरों को जीने देने की सोच से आगे बढ़ें और इसके बजाय सक्रिय रूप से उन्हें जीने में मदद करें। भागवत ने कहा, “हमें एक-दूसरे का ख्याल रखना होगा। हमें इस तरह ख्याल रखना होगा कि मेरी जिंदगी से किसी और की जिंदगी बनी रहे। मैं दूसरों को सहारा दूं। मैं सिर्फ दूसरों को जीने न दूं, बल्कि खुद भी जीऊं और दूसरों को भी जीने में मदद करूं। यही संदेश है।” उन्होंने कहा कि व्यापक परिवर्तन की प्रतीक्षा करने के बजाय रोजमर्रा के व्यवहार में मामूली समायोजन के माध्यम से बदलाव की शुरुआत की जा सकती है। मोहन भागवत ने आरएसएस के ‘पंच परिवर्तन’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया और कहा कि इसके सिद्धांतों को पहले व्यक्ति को अपनाना होगा और फिर समाज में फैलाना होगा। उन्होंने कहा, “ये सिद्धांत मानवता को बचाए रखेंगे। ये पर्यावरण को बचाए रखेंगे। ये सृष्टि और अस्तित्व को बचाए रखेंगे। यही लक्ष्य है।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने दिया डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मृति व्याख्यान

गाजियाबाद।भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने शनिवार को सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, गाजियाबाद में 6वें डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मृति व्याख्यान को संबोधित किया। यह व्याख्यान “द इंडियन सेंचुरी – यूथ, इनोवेशन एंड नेशन बिल्डिंग” विषय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों और जयपुरिया परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर युवाओं की आकांक्षाओं, नवाचार और भारत के भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।यह स्मृति व्याख्यान डॉ. राजाराम जयपुरिया की स्मृति और उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए आयोजित किया जाता है। वे एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, शिक्षाविद् और राष्ट्र-निर्माता थे। शिक्षा के प्रति उनकी दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता आज भी जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के कार्यों को दिशा देती है। कार्यक्रम में जयपुरिया ग्रुप के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया, वाइस-चेयरपर्सन सुनीता जयपुरिया, डायरेक्टर सकेत जयपुरिया,अनिका जयपुरिया और यश जयपुरिया सहित जयपुरिया नेतृत्व के सदस्य, विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, पूर्व विद्यार्थी और आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत कला प्रदर्शनी और रॉकेट मॉडल इंस्टॉलेशन के अवलोकन से हुई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब का दौरा किया, जहाँ विद्यार्थियों ने उन्हें अपने अभिनव प्रोजेक्ट और रचनात्मक कार्य प्रस्तुत किए। इसके बाद सभी अतिथि मुख्य कार्यक्रम के लिए ऑडिटोरियम पहुँचे।औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया ने स्वागत भाषण दिया।इस अवसर पर जयपुरिया ने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। हमारी युवा आबादी केवल एक जनसांख्यिकीय लाभ नहीं है, बल्कि यह मानवीय क्षमता का एक विशाल भंडार है। हमारी आईटी, वित्तीय, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में स्थापित किया है। वहीं, अनुकूल नीतियों, बेहतर बुनियादी ढाँचे, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के अवसरों के कारण विनिर्माण क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत के पास एक ऐसा दुर्लभ संयोजन है, जिसमें व्यापकता, प्रतिभा और महत्वाकांक्षा तीनों मौजूद हैं।ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के अधिकारी और अंतरिक्ष यात्री हैं। वे भारत के गगनयान कार्यक्रम के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवारों में शामिल हैं और वर्ष 2026 में उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।स्मृति व्याख्यान देते हुए ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्री बनने तक की अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने Axiom 4 मिशन के लिए वर्षों चली तैयारी और प्रशिक्षण, अंतरिक्ष यात्रा के लिए आवश्यक अनुशासन और टीमवर्क तथा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपने अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने के अपने अनुभव और उससे मिलने वाली एक अलग दृष्टि को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने जिज्ञासा, निरंतर प्रयास और बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के साहस के महत्व पर भी जोर दिया।व्याख्यान के बाद स्कूल के तीन विद्यार्थियों के साथ एक फायरसाइड चैट आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने ग्रुप कैप्टन शुक्ला से उनके बचपन के सपनों, अंतरिक्ष यात्री बनने की यात्रा, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण की चुनौतियों और अंतरिक्ष में रोजमर्रा के जीवन से जुड़े कई रोचक सवाल पूछे।कार्यक्रम के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई ‘स्पेस एक्सप्लोरर’ पुस्तकों का भी विमोचन किया। स्कूल की अकादमिक टीम द्वारा तैयार की गई ये पुस्तकें अब स्कूल के पाठ्यक्रम और जयपुरिया स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी प्रोग्राम का हिस्सा होंगी। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष, खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं को समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का समापन यश जयपुरिया द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सेठ आनंदराम जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस उत्तर और मध्य भारत में 27 K–12 स्कूलों, 7 प्री-स्कूलों, 2 मैनेजमेंट संस्थानों और एक प्रतिष्ठित शिक्षक प्रशिक्षण अकादमी का प्रमुख शैक्षणिक समूह है। शिक्षा के क्षेत्र में 81 वर्षों की विरासत के साथ, समूह के साथ आज लगभग 20,000 विद्यार्थी, 15,000 पूर्व विद्यार्थी और 1,000 शिक्षक जुड़े हुए हैं।
नमो भारत कॉरिडोर पर 110 मेगा वॉट के कैप्टिव सोलर प्लांट से होगी बिजली आपूर्ति कॉरिडोर की 60% बिजली आवश्यकता पूरी करेगी परियोजना

मेरठ। एनसीआरटीसी ने एनएनआरएल (एनआईआरएल एनसीआरटीसी रिन्यूएबल्स लिमिटेड) के साथ 110 मेगा वॉट के कैप्टिव सोलर पावर प्लांट के लिए पावर परचेज़ एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए। इस प्लांट को एनएनआरएल द्वारा विकसित किया जाएगा। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल, एनआईआरएल के निदेशक, वित्त एवं सीएमडी डेज़िगनेट, डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य, एनसीआरटीसी की निदेशक, वित्त, नमिता मेहरोत्रा, एनसीआरटीसी के निदेशक, इलेक्ट्रिकल्स एंड रोलिंग स्टॉक, महेंद्र कुमार और एनसीआरटीसी एवं एनआईआरएल के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।देश के आरआरटीएस और मेट्रो परिवहन प्रणाली के लिए यह अपनी तरह की पहली कैप्टिव सोलर पावर परियोजना है, जो शहरी परिवहन में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण की दिशा में एक बैंचमार्क स्थापित कर रही है। अनुमानित है कि इसके माध्यम से दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की कुल बिजली आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा सकेगा। स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के ज़रिए यह परियोजना कॉरिडोर की दीर्घकालिक संचालन क्षमता को सुदृढ़ करेगी।इस सोलर प्लांट की अनुमानित लागत लगभग ₹450 करोड़ है और इसे उत्तर प्रदेश के जालौन शहर में 80:20 डेट-इक्विटी फंडिंग मॉडल के ज़रिए विकसित किया जाएगा। प्लांट में उत्पन्न होने वाली बिजली उत्तर प्रदेश स्टेट ग्रिड के माध्यम से उत्तर प्रदेश और दिल्ली में मौजूद एनसीआरटीसी के रिसीविंग सबस्टेशनों (RSS) तक पहुंचाई जाएगी, जहां से इसे नमो भारत कॉरिडोर में वितरित किया जाएगा। यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सोलर एनर्जी पॉलिसी का लाभ उठा रही है। इसे अगले 24 महीनों में परिचालित करने की योजना है।दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के कुल परिचालन व्यय का लगभग 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा बिजली पर खर्च होता है, जो इसके प्रमुख आवर्ती खर्चों में से एक है। इस कैप्टिव सोलर पावर प्लांट के संचालन के बाद बिजली के खर्च में लगभग 25 प्रतिशत की कमी अनुमानित है, साथ ही यह एक स्वच्छ एवं अधिक सतत भविष्य में योगदान देगा। इस समझौते के तहत, एनसीआरटीसी 25 साल की अवधि के लिए तय टैरिफ पर कैप्टिव सोलर पावर प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली खरीदेगा, जिससे लंबे समय तक बिजली की लागत को स्थिर रखने में मदद मिलेगी और ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।आर्थिक लाभ के अलावा, यह परियोजना पर्यावरण लाभ की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पारंपरिक स्रोतों से मिलने वाली बिजली के एक बड़े भाग की जगह स्वच्छ सौर ऊर्जा का प्रयोग कर, इस परियोजना द्वारा हर साल लगभग 1.77 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी अनुमानित है, जिससे स्वच्छ और सतत शहरी परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल से नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) जैसे हानिकारक प्रदूषकों के उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है, जिससे हवा स्वच्छ होगी और क्षेत्र में सतत शहरी परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।इस पहल की शुरुआत दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की परिचालन यात्रा में एक ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर की जा रही है जब फरवरी 2026 में पूरे कॉरिडोर पर परिचालन के आरंभ के बाद से यात्रियों की संख्या में लगातार और उत्साहजनक बढ़ोतरी देखी जा रही है। हाल ही में, माननीय प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल प्रणाली को सुशासन का “बहुत अच्छा उदाहरण” बताया है और इसके समय पर पूरा होने और अच्छी सेवा की प्रशंसा की है। वर्तमान में, इस कॉरिडोर पर हर दिन लगभग एक लाख यात्री सफर कर रहे हैं और इसने 4 करोड़ से अधिक कम्यूटर ट्रिप्स का माइलस्टोन पार कर लिया है। कॉरिडोर पर 1.68 लाख से अधिक यात्रियों के साथ रक्षाबंधन के दिन, 28 अगस्त को अब तक की सबसे अधिक दैनिक यात्री संख्या दर्ज की गई है। नमो भारत ट्रेनों ने अधिक मांग, भीषण गर्मी, मॉनसून और कांवड़ यात्रा व दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।यह परियोजना एनएनआरएल द्वारा विकसित की जा रही है, जो एनसीआरटीसी और एनआईआरएल (नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन यानी एनएलसी की 100% सब्सिडियरी) का जॉइंट वेंचर है। देश के आरआरटीएस और मेट्रो परिवहन प्रणाली के लिए एक अग्रणी कैप्टिव सोलर पावर परियोजना के रूप में, यह पहल भविष्य के उन शहरी और क्षेत्रीय ट्रांज़िट नेटवर्क के लिए एक मॉडल का काम करेगी, जो अपने संचालन में नवीकरणीय ऊर्जा को शामिल करना चाहते हैं। दीर्घकालिक आर्थिक बचत और पर्यावरण को होने वाले बड़े फायदों के साथ, यह परियोजना एक कुशल, सतत और भविष्य के लिए तैयार सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के निर्माण के एनसीआरटीसी के संकल्प को और सुदृढ़ करती है।
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा समर्पण के 25 वें वर्ष में उनके जन्म दिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर के मध्य

नई दिल्ली । दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की अध्यक्षता एवं मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिती मे आज प्रदेश भाजपा की एक बैठक हुई जिसमें दोनों नेताओं ने अपने सम्बोधन में घोषणा की दिल्ली सरकार एवं दिल्ली भाजपा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय कार्ययोजना के अंतर्गत प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा समर्पण के 25 वें वर्ष में उनके जन्म दिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर के मध्य दिल्ली में एक “सेवा संकल्प अभियान” चलायेंगे।बैठक को राष्ट्रीय पर्यवेक्षक कुलजीत सिंह चहल ने भी बैठक को सम्बोधित किया और आशा व्यक्त की दिल्ली के कार्यक्रम देश के सर्वोत्तम कार्यक्रम होंगे।बैठक में राष्ट्रीय मंत्री जयप्रकाश एवं स्वदेश सिंह, राष्ट्रीय सह संयोजक सोशल मीडिया शिवानंद द्विवेदी, दिल्ली भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, योगिता सिंह एवं मोहनलाल गिहारा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, डा. पंकज सिंह, दिल्ली जलबोर्ड उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, मुख्य सचेतक अभय वर्मा, महापौर प्रवेश वाही के आलावा लगभग सभी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, सांसद मनोज तिवारी, विधायक, वरिष्ठ निगम नेता, पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं साप्ताहिक बैठक में आपेक्षित सदस्य सम्मिलित हुए। हर्ष मल्होत्रा ने बताया की “सेवा संकल्प अभियान” कार्यक्रम के राष्ट्रीय स्तर के पर्यवेक्षक हैं एन.डी.एम.सी. उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, दिल्ली सरकार के नोडल मंत्री होंगे कपिल मिश्रा और दिल्ली प्रदेश की ओर से गठित समिति की संयोजक हैं महामंत्री योगिता सिंह और समिति के सदस्य हैं सरदार राजा इकबाल सिंह, ॠचा पांडेय, मनोज कुमार, दिव्या जयसवाल, रजत टंडन एवं अभिषेक टंडन।दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं मुख्य मंत्री ने बताया की इस एक माह चलने वाले अभियान की मुख्य तिथियां होंगी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन 17 सितम्बर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म दिन 2 अक्टूबर एवं प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूरे होने वाली तिथि 7 अक्टूबर।भाजपा नेताओं ने बताया की इस एक माह चलने वाले अभियान का प्रारम्भ होगा प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर को ब्लड डोनेशन कैम्प से और इसमे अनेक अलग अलग कार्यक्रम होंगे जिनमे से कुछ केवल दिल्ली सरकार के स्तर पर होंगे तो कुछ केवल प्रदेश संगठन स्तर पर होंगे और कुछ दिल्ली सरकार एवं दिल्ली संगठन दोनों के संयुकत प्रयास से होंगे। सभी कार्यक्रमों के लिए दिल्ली सरकार के मंत्री, प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता होंगे।इस एक माह में होने वाले कार्यक्रमों में प्रमुख होंगे ब्लड डोनेशन कैम्प, स्वच्छता अभियान, उपलब्धि स्थलों पर प्रकाश, 12 वर्ष की सरकार की उपलब्धियों एलहवं विकसित भारत को लेकर चित्र कला प्रतियोगिता, नमो सेवा गाथा नुक्कड़ नाटक, आगणवाड़ी एवं आशा वर्कर्स सम्मान, सेवा ज्योति यात्रा, वडनगर से वाराणसी की यात्रा एवं राष्ट्रीय युवा पहल चुनौती आदि।
दिल्ली Q2 2026 में भारत के टॉप चार क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट मार्केट्स में शामिल

नई दिल्ली। दिल्ली ने 2026 की दूसरी तिमाही में भारत की कुल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट वैल्यू में 7.38% का योगदान दिया और कॉइनस्विच की २०२६ की दूसरी तिमाही की रिपोर्ट भारत का क्रिप्टो पोर्टफोलियो: भारत कैसे निवेश करता है में शामिल राज्यों में चौथे नंबर पर रही। राज्य स्तर की रैंकिंग में दिल्ली से आगे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक रहे।भारत की कुल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट वैल्यू में दिल्ली की हिस्सेदारी 7.38% रही। इससे आगे कर्नाटक रहा, जिसकी देश की कुल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट वैल्यू में 8.10% हिस्सेदारी थी। दिल्ली के बाद हरियाणा की हिस्सेदारी 5.89%, राजस्थान की 5.87%, पश्चिम बंगाल की 5.25%, आंध्र प्रदेश की 4.95%, तमिलनाडु की 4.95% और बिहार की 4.29% रही।इन आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली रिपोर्ट में राज्य स्तर पर सबसे ज्यादा योगदान देने वाले चार राज्यों में शामिल है। उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 12.89% रही, जिसके बाद महाराष्ट्र 12.39% के साथ दूसरे नंबर पर रहा। कर्नाटक 8.10% की हिस्सेदारी के साथ तीसरे नंबर पर रहा, जबकि दिल्ली 7.38% के साथ चौथे नंबर पर रही। इन चारों राज्यों ने मिलकर रिपोर्ट में दर्ज देश की कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू का 40.76% हिस्सा बनाया।२०२६ की दूसरी तिमाही के डेटा में दिल्ली के अंदर किसी खास शहर, जिले या इलाके को सबसे ज्यादा योगदान देने वाला नहीं बताया गया है। इसलिए रिपोर्ट में दिल्ली की इन्वेस्टमेंट वैल्यू को नेशनल कैपिटल टेरिटरी के किसी खास इलाके से जोड़कर नहीं देखा गया है। राज्य स्तर का यह आंकड़ा दिल्ली की कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू को दिखाता है।लिंग के हिसाब से देखें तो दिल्ली की कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू में पुरुष इन्वेस्टर्स की हिस्सेदारी 79.69% रही। महिला इन्वेस्टर्स की हिस्सेदारी 20.31% रही। ये आंकड़े रिपोर्टिंग पीरियड के दौरान दिल्ली में पुरुष और महिला इन्वेस्टर्स के बीच दर्ज कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू का बंटवारा दिखाते हैं।२०२६ की दूसरी तिमाही में दिल्ली के इन्वेस्टर्स के बीच बीटीसी सबसे ज्यादा रखा जाने वाला कॉइन रहा।कॉइनस्विच के सह-संस्थापक आशीष सिंघल ने कहा, “हर मार्केट साइकिल अपने साथ नए इन्वेस्टर्स लेकर आती है, लेकिन समय के साथ हम देखते हैं कि इन्वेस्टर्स ज्यादा जानकारी के साथ और सोच-समझकर मार्केट में हिस्सा लेते हैं। भारत में हम देख रहे हैं कि क्रिप्टो को केवल एक नए एसेट क्लास के तौर पर देखने के बजाय इन्वेस्टर्स अब यह बेहतर तरीके से समझ रहे हैं कि वे इसमें किस तरह और कितनी हिस्सेदारी रखना चाहते हैं। क्रिप्टो को अपनाने के अगले दौर में ज्यादा लोगों को मार्केट से जोड़ने के साथ-साथ मौजूदा इन्वेस्टर्स के बीच भरोसा, जागरूकता और समझ बढ़ाना भी अहम होगा। जैसे-जैसे क्रिप्टो भारत के निवेश के माहौल में अपनी जगह बना रहा है, यह बदलाव आगे काफी अहम रहेगा।यह रिपोर्ट पूरी तरह से 2026 की दूसरी तिमाही के दौरान कॉइनस्विच प्लेटफॉर्म पर हुई गतिविधियों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें दूसरे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर मौजूद यूज़र्स का डेटा शामिल नहीं है।
दिल्ली हाट में 1 सितंबर से शुरू होगा ‘शरद शिल्पोत्सव 2.0

नई दिल्ली। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के हस्तशिल्प एवं हथकरघा आयुक्त की ओर से ‘शरद शिल्पोत्सव 2.0’ का आयोजन 1 से 15 सितंबर 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में किया जाएगा। भारतीय हस्तनिर्मित विरासत को समर्पित यह विशेष आयोजन देशभर की पारंपरिक शिल्प कलाओं, क्षेत्रीय विविधता और कारीगरों की रचनात्मकता को एक मंच पर लाएगा। यह उत्सव प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक दर्शकों के लिए खुला रहेगा।‘शरद शिल्पोत्सव 2.0’ में देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं और क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में आर्टिसन-लेड प्रोड्यूसर कम्पनीज की भागीदारी रहेगी, जो अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को सीधे ग्राहकों और बाजार तक पहुंचाने का अवसर पाएंगी।आर्टिसन-लेड प्रोड्यूसर कम्पनीज ऐसे समूह या उद्यम हैं, जिन्हें पारंपरिक कारीगर मिलकर संचालित करते हैं। इनके माध्यम से कारीगर अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को सीधे ग्राहकों और बाजार तक पहुंचा सकते हैं। इससे उन्हें नए ग्राहकों से जुड़ने, अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने और अपने हुनर को बेहतर पहचान दिलाने का अवसर मिलता है।दिल्ली हाट को इस अवसर पर रंग-बिरंगे सजावटी स्टॉल, बेंत से बने ढांचे और विशेष इंस्टॉलेशन से सजाया जाएगा। आगंतुक न केवल हस्तनिर्मित और हथकरघा उत्पाद खरीद सकेंगे, बल्कि कारीगरों से सीधे संवाद कर उनके हुनर की बारीकियां भी जान पाएंगे। लाइव डेमो और विभिन्न गतिविधियां इस उत्सव की खासियत होंगी, जो आगंतुकों को कला और परंपरा को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर देंगी।उत्सव में आगंतुकों को भारत की समृद्ध शिल्प परंपराओं और क्षेत्रीय विविधता को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। पारंपरिक कला, स्थानीय तकनीकों और आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होंगे। यहां आने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शिल्प कलाओं को देखने के साथ-साथ हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी भी कर सकेंगे।वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प आयुक्त की यह पहल भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने, कारीगरों और आर्टिसन-लेड प्रोड्यूसर कम्पनीज को सीधे बाजार से जोड़ने तथा देश की समृद्ध हस्तनिर्मित विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आईपी यूनिवर्सिटी के डी. फ़ार्म एवं एम.फ़ार्म प्रोग्राम में दाख़िले के लिए 31 अगस्त तक आवेदन का अवसर

नई दिल्ली।आईपी यूनिवर्सिटी के डी. फ़ार्म एवं एम. फ़ार्म प्रोग्राम में दाख़िले के 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।अन्य प्रोग्राम की तरह 2,500 रुपये के आवेदन शुल्क के साथ इन दोनों प्रोग्राम में दाख़िले के लिए आवेदन किया जा सकता है।ये दोनों प्रोग्राम यूनिवर्सिटी के द्वारका कैंपस स्थित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस इन फार्मास्यूटिकल साइंसेज में उपलब्ध हैं। दोनों में क्रमशः 60 एवं 100 सीटें उपलब्ध हैं।इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट http://www.ipu.ac.in और http://www.ipu.admissions.nic.in विजिट किया जा सकता है।
एमसीडी के पश्चिमी जोन ने पंजाबी बाग की रोड नंबर 77 स्थित महात्मा गांधी कैंप जेजे क्लस्टर में मेगा स्वच्छता अभियान चलाया

नई दिल्ली। दिल्ली को कूड़े से आजादी अभियान को गति देने तथा दिल्लीभर में स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) के पश्चिमी जोन द्वारा वार्ड संख्या 92, पंजाबी बाग के अंतर्गत रोड नंबर 77 के साथ स्थित महात्मा गांधी कैंप जेजे क्लस्टर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।स्वच्छता अभियान के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) तथा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (आई एंड एफसी) सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। अभियान का उद्देश्य महात्मा गांधी कैंप जेजे क्लस्टर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना और सड़कों, नालियों, कचरा हटाने तथा अतिक्रमण से संबंधित मुद्दों पर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना था।अभियान के दौरान एमसीडी द्वारा 180 सफाई कर्मचारियों और 10 बेलदारों को तैनात किया गया। इसके अलावा एमआरएस, वाटर स्प्रिंकलर, जेसीबी, टाटा वाहन, टिप्पर, साइकिल रिक्शा तथा व्हील बैरो सहित विभिन्न मशीनरी एवं उपकरणों का उपयोग किया गया। अभियान के दौरान मौके और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 17 टन मिश्रित ठोस कचरा (एमएसडब्ल्यू) एकत्र कर हटाया गया।स्वच्छता अभियान के तहत लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग की सफाई की गई। इसमें मुख्य सड़क, सेंट्रल वर्ज/ग्रीन बेल्ट तथा सर्विस लेन की सफाई एवं झाड़ू लगाने का कार्य शामिल था। इसके साथ ही बड़े और छोटे नालों की सफाई, एमएसडब्ल्यू एवं निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) कचरे को हटाने, पेड़ों की छंटाई तथा अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई।दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने भी मौके का दौरा कर पश्चिमी जोन, के उपायुक्त एवं सहायक आयुक्त के साथ संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, स्वच्छता की स्थिति तथा संबंधित विभागों द्वारा की जा रही समन्वित कार्रवाई की समीक्षा की गई।अभियान के परिणामस्वरूप क्षेत्र की सड़कों और गलियों से एमएसडब्ल्यू हटाया गया। जेजे क्लस्टर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों से एमएसडब्ल्यू एवं सी एंड डी कचरा हटाया गया, पेड़ों की हल्की छंटाई की गई तथा अस्थायी अतिक्रमण भी हटाए गए।पश्चिमी जोन द्वारा संबंधित विभागों के साथ अग्रिम समन्वय एवं फॉलो-अप भी किया गया, ताकि उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके और अंतर-विभागीय कार्रवाई को सुचारु रूप से अंजाम दिया जा सके। महात्मा गांधी कैंप जेजे क्लस्टर, इससे जुड़ी सड़कों तथा आसपास के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं, जिससे अभियान का व्यापक प्रभाव सुनिश्चित हो सके।यह पहल दिल्ली को कूड़े से आजादी अभियान को निरंतर जमीनी स्तर पर कार्रवाई, संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा समुदाय-केंद्रित स्वच्छता प्रयासों के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एमसीडी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। अभियान के तहत जेजे क्लस्टरों तथा अन्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति

अहमदाबाद। भारतीय रेलवे आधुनिक निर्माण तकनीकों को अपनाकर सुरक्षित, टिकाऊ और यात्री-केंद्रित बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है। फैक्ट्री में निर्मित प्रीकास्ट RCC बॉक्स तथा एडवांस्ड हाइड्रोलिक पुशिंग तकनीक के उपयोग से अहमदाबाद और भिवंडी में सबवे निर्माण की हालिया उपलब्धियां निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता, सुरक्षा और स्थायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। अहमदाबाद में प्रीकास्ट RCC तकनीक से सबवे निर्माण पश्चिम रेलवे की निर्माण इकाई ने फैक्ट्री में निर्मित प्रीकास्ट RCC बॉक्स (फूजी टेक) तकनीक का उपयोग करते हुए पैदल यात्रियों के लिए सबवे का सफलतापूर्वक निर्माण किया। सबवे में 14 प्रीकास्ट सेगमेंट का उपयोग किया गया, जिसकी बैरल लंबाई 21 मीटर है। निर्माण कार्य कट-एंड-कवर विधि से किया गया और इसे 8 घंटे से भी कम समय के नाइट ब्लॉक में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।बॉक्स की पोस्ट-टेन्शनिंग, स्वेलिंग गैस्केट, डिंपल बोर्ड और SBS मेम्ब्रेन जैसी आधुनिक तकनीकों से प्रभावी वॉटरप्रूफिंग सुनिश्चित की गई।यह उपलब्धि रेलवे निर्माण में तेजी, गुणवत्ता, सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थायित्व के समन्वय को दर्शाती है। भिवंडी में सात रेलवे लाइनों के नीचे पहला वॉटरप्रूफ पैदल यात्री सबवे पनवेल-वसई रेल खंड के भिवंडी क्षेत्र में सात चालू रेलवे लाइनों के नीचे पहला वॉटरप्रूफ पैदल यात्री सबवे शुरू किया गया है।सबवे का निर्माण चार बड़े प्रीकास्ट RCC सेगमेंट और आधुनिक हाइड्रोलिक पुशिंग तकनीक का उपयोग करके किया गया।कई सीलिंग लेयर्स और सुरक्षात्मक मेम्ब्रेन के माध्यम से उन्नत वॉटरप्रूफिंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।भारी माल ढुलाई यातायात को ध्यान में रखते हुए इसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अनुरूप मानकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।सबवे पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित एवं हर मौसम में सुगम क्रॉसिंग उपलब्ध कराता है।इसमें कवर्ड अप्रोच, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन और ड्रेनेज जैसी यात्री सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। तकनीक, सुरक्षा और स्थायित्व का संगम अहमदाबाद और भिवंडी की ये उपलब्धियां भारतीय रेलवे की आधुनिक निर्माण प्रक्रियाओं, स्वदेशी तकनीक और यात्री-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आधुनिक, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विज़न के अनुरूप, भारतीय रेलवे अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाकर ऐसा रेल नेटवर्क विकसित कर रहा है, जो तकनीकी रूप से उन्नत, पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित हो।