जिलाधिकारी ने एमएमजी अस्पताल का किया निरीक्षण, स्वाइन फ्लू की तैयारियों का लिया जायजा

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने जिला चिकित्सालय (एमएमजी अस्पताल) का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं एवं स्वाइन फ्लू की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के फ्लू वार्ड का स्वयं निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वाइन फ्लू की रोकथाम एवं उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए पाया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने वार्ड में ऑक्सीजन की उपलब्धता, आवश्यक दवाइयों एवं अन्य चिकित्सीय संसाधनों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की, जिस पर उन्होंने पाया कि सभी व्यवस्थाएं पूर्ण हैं।इसके पश्चात जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया, जहां मरीज भर्ती थे। उन्होंने मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद करते हुए अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने उनसे पूछा कि उन्हें उपचार एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है। इस पर मरीजों एवं तीमारदारों ने बताया कि उन्हें अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं तथा उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है।जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से अस्पताल में कूलर, पंखे, बिजली एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की, और यदि आवश्यकता हो तो मांग पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके उपरांत जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति एवं उससे संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माणाधीन भवन से संबंधित सभी एस्टिमेट, स्वीकृत कार्यों एवं वर्तमान में कराए जा रहे कार्यों का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की कमी अथवा आवश्यकता महसूस हो रही है तो उसकी भी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि भविष्य में बार-बार कार्य कराने की आवश्यकता न पड़े और भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण, सुविधाजनक एवं उपयोगी तरीके से पूर्ण हो सके।स्वाइन फ्लू को लेकर स्थिति नियंत्रण में निरीक्षण के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार मादड़ ने बताया कि जनपद में अब तक स्वाइन फ्लू के जिन मरीजों की सूचना प्राप्त हुई थी, वे अपने-अपने घरों पर हैं और वर्तमान में स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि एमएमजी अस्पताल में इस समय स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 08826294546 जारी किया गया है। स्वाइन फ्लू से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। नेपाल में फंसे जनपदवासियों की सूचना देने की अपील मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा नेपाल में उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों के बीच जनपद गाजियाबाद के लोगों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर जिलाधिकारी ने बताया कि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जो आपातकालीन परिस्थितियों के नोडल अधिकारी हैं, के माध्यम से इस संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा रही है।जिलाधिकारी ने मीडिया प्रतिनिधियों के माध्यम से जनपदवासियों से अपील की कि यदि किसी परिवार का कोई परिजन, रिश्तेदार अथवा परिचित नेपाल में मौजूद है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है अथवा उसके संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो रही है, तो उसकी सूचना जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि संबंधित व्यक्ति के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने एवं यथासंभव सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।

अनिल बलूनी ने राहुल गांधी पर दलित राजनीति और समाज को बांटने का लगाया आरोप, बोले- और कितना नीचे गिरेंगे?

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनिल बलूनी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दलित समाज को लेकर राजनीति करने, समाज में विभाजन पैदा करने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक स्वच्छता कार्यक्रम को जाति से जोड़कर अनावश्यक विवाद पैदा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कार्यक्रम का जाति से कोई संबंध नहीं था, उसे भी राहुल गांधी ने राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कितना नीचे गिरेंगे? जिस स्वच्छता कार्यक्रम में जाति का कोई लेना-देना ही नहीं था, उसको भी जाति का एंगल दे देना और राजनीति करना, ये नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता। जो इस पूजा–पाठ और साफ सफाई के कार्यक्रम में थे, वे भी दलित समाज से ही थे, राहुल गांधी। साथ ही, भाजपा से इनका कोई संबंध भी नहीं है। कमाल है, राहुल गांधी आपको ये झूठा और मनगढ़ंत आरोप लगाते शर्म नहीं आती। अनिल बलूनी ने आगे कहा कि देश का बंटवारा करने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी समाज का बंटवारा करवाने में लग गए हैं। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने दलितों के साथ हमेशा अन्याय किया है। बाबा साहब का अपमान करने वाले, अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी को बदनाम करने वाले, दलितों से अपने चप्पल उठवाने वाले और अपने वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष को कमरे से बाहर रखने वाले लोग जब दलित राजनीति पर ज्ञान देने लगते हैं तो यह बहुत ही हास्यास्पद लगता है। राहुल गांधी, पहले आप अपने गिरेबां में झांकें। वहीं, भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी झूठ और भ्रम के आधार पर एक राजनीतिक नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित समाज का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है। पासवान ने कहा कि कांग्रेस दलित सम्मान की बात करती है, लेकिन पार्टी के भीतर ही दलित नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। उन्होंने वायनाड लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भूमिका का जिक्र करते हुए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पासवान ने कांग्रेस पर दलित नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम, सीताराम केसरी और अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस का रवैया इतिहास में दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि बाबू जगजीवन राम को उनका उचित राजनीतिक सम्मान नहीं मिला और बाबासाहेब अंबेडकर को भारत रत्न भी कांग्रेस शासनकाल में नहीं दिया गया। उनके अनुसार, भाजपा समर्थित सरकार के दौरान बाबासाहेब अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में सामाजिक न्याय को लेकर गंभीर है तो उसे अपने शासनकाल की उन घटनाओं का जवाब देना चाहिए, जिनमें दलित समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को नेतृत्व में स्थान दिए जाने का भी उल्लेख किया। वहीं, राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की राजनीति को ‘विभाजनकारी’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस समय-समय पर जाति, भाषा, क्षेत्र, पितृसत्ता और अन्य सामाजिक मुद्दों को उठाकर समाज में टकराव पैदा करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के सभी वर्गों के बीच सामंजस्य और सामाजिक न्याय के साथ समाधान की राजनीति में विश्वास करती है। डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस के इतिहास और विभिन्न राज्यों में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दलितों और वंचित वर्गों के प्रति कांग्रेस का वास्तविक रवैया उसके राजनीतिक बयानों से अलग रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने हमेशा सामाजिक समरसता और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी हर मुद्दे को जातीय और सामाजिक संघर्ष के नजरिये से देखते हैं, जबकि देश को एकजुट करने की आवश्यकता है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास और वर्तमान आचरण की समीक्षा करनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी लगातार ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिनसे समाज में विभाजन की भावना को बढ़ावा मिलता है, जबकि भाजपा का लक्ष्य सभी वर्गों को साथ लेकर विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है।

श्रीलंका के जिला अस्पताल के लिए भारत ने आरओ वाटर प्लांट की सौगात दी

कोलंबो। श्रीलंका में भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त मैत्रेयी कुलकर्णी ने शनिवार को मोनारागला जिला सामान्य अस्पताल में एक आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) जल शोधन संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्रीलंका के व्यापार, वाणिज्य, खाद्य सुरक्षा और सहकारी विकास उपमंत्री आरएम जयवर्धने भी उपस्थित रहे। श्रीलंका के हंबनटोटा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह संयंत्र भारत की जनता की ओर से एक उपहार है। इससे अस्पताल के मरीजों, आगंतुकों और कर्मचारियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही यह स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत और श्रीलंका के विकास सहयोग को और मजबूत करेगा। इससे पहले गुरुवार को कार्यवाहक उच्चायुक्त मैत्रेयी कुलकर्णी ने दक्षिणी प्रांत के राज्यपाल प्रोफेसर सुसिरिपाला मानवाडु से मुलाकात की। बैठक में भारत-श्रीलंका के बीच चल रही विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा हुई, खासकर सांस्कृतिक, शैक्षणिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने वाले कार्यक्रमों पर। वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर बताया कि दोनों पक्षों ने दक्षिणी प्रांत में चल रही भारत-श्रीलंका साझेदारी की विभिन्न पहलों की समीक्षा की और सहयोग के नए अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया। इस बीच, शुक्रवार को श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने नई दिल्ली में आयोजित भारत-श्रीलंका फाउंडेशन की 41वीं बोर्ड बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में भारत में श्रीलंका की उच्चायुक्त माहिशिनी कोलोन भी शामिल हुईं। संतोष झा ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में बोर्ड सदस्य मोहन कुमार, अशोक मलिक और प्रसाद करियावासम भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि बैठक में फाउंडेशन की गतिविधियों की समीक्षा की गई और शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा अन्य क्षेत्रों में भारत-श्रीलंका संबंधों को और मजबूत करने के लिए नए परियोजना प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

वीएचपी के दुर्गा पूजा सुझावों पर कुणाल घोष का पलटवार, कहा- पूजा सामाजिक सद्भाव का हिस्सा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की ओर से दिए गए सुझावों पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा बंगाल की धार्मिक परंपरा के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव और अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूजा के धार्मिक स्वरूप का सम्मान करते हुए उत्सव में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी बंगाल की विशेषता रही है। कुणाल घोष ने कहा कि दुर्गा पूजा बेहद संवेदनशील विषय है और इस पर सोच-समझकर बयान दिए जाने चाहिए। बंगाल में सदियों से दुर्गा पूजा होती आ रही है और समय के साथ यह केवल धार्मिक आयोजन न रहकर पूरे समाज का उत्सव बन गया है। पूजा के दौरान खरीदे जाने वाले कपड़ों से लेकर फूल और अन्य सामान तक में अलग-अलग समुदायों के लोग आर्थिक रूप से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के पंडालों में सामान्य तौर पर मांसाहारी भोजन नहीं परोसा जाता और इस संबंध में किसी नए निर्देश की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की अलग-अलग परंपराओं में बलि जैसी प्रथाएं भी रही हैं, इसलिए धार्मिक परंपराओं को लेकर एकतरफा नियम थोपना उचित नहीं होगा। वीएचपी की ओर से पंडालों में पारंपरिक पूजा और धार्मिक वातावरण बनाए रखने की बात पर घोष ने कहा कि बंगाल में शास्त्रीय और पारंपरिक तरीके से पूजा पहले से होती रही है। इसके साथ ही थीम आधारित पंडाल और कलात्मक सजावट ने दुर्गा पूजा की खूबसूरती को और बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि कई थीम पंडालों में भी पूजा के लिए मां दुर्गा का पारंपरिक स्वरूप रखा जाता है। नई पीढ़ी, कलाकारों और नई कला शैलियों ने पूजा को एक अलग पहचान दी है। बंगाल की दुर्गा पूजा को यूनेस्को से विरासत का दर्जा मिलना भी इसकी व्यापक सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। वीएचपी को लेकर घोष ने कहा कि यदि संगठन के कार्यकर्ता अलग-अलग पूजा समितियों पर यह तय करने का दबाव बनाएंगे कि क्या करना है और क्या नहीं, तो इससे पूजा के दौरान विवाद पैदा हो सकता है। उन्होंने सवाल किया कि दुर्गा पूजा के दौरान केंद्रीय बलों की जरूरत क्यों पड़नी चाहिए और क्यों न पूजा समितियों को अपनी परंपरा के अनुसार आयोजन करने दिया जाए। दुर्गा पूजा को बंगाल की अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान कपड़े, फूल, सजावट, छोटे कारोबार और बड़े उद्योगों तक आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं। उनके मुताबिक यही कारण है कि इसे केवल एक धार्मिक आयोजन के बजाय व्यापक उत्सव के रूप में भी देखा जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कुणाल घोष ने राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि टीएमसी अदालत के आदेशों का सम्मान करती है और कार्यक्रम के दौरान हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ या किसी अतिरिक्त व्यक्ति के आने की स्थिति को नियंत्रित करना पुलिस की जिम्मेदारी भी है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को लेकर मालिक की ओर से कथित कानूनी नोटिस दिए जाने के सवाल पर घोष ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उनसे जब कार्यालय के कथित तौर पर बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) के कब्जे में होने की बात पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित पक्ष ही बेहतर जानकारी दे सकता है। तौकीर आलम की हिरासत में कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए कुणाल घोष ने दावा किया कि आलम को गंभीर चोट आई है और उसे एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घोष ने आरोप लगाया कि हिरासत में लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तौकीर आलम का उचित इलाज सुनिश्चित किया जाना चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि पुलिस हिरासत में रहने के बाद उसे इतनी गंभीर चोट कैसे लगी। उन्होंने मामले में स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि हिरासत में किसी व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी प्रशासन की होती है।

सोनिया गांधी की किताब से भाजपा में घबराहट, प्रधानमंत्री को नेपाल का दौरा करना चाहिए था : कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर

रांची। कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने सीनियर लीडर सोनिया गांधी की किताब को लेकर कहा कि उनके व्यक्तित्व के सामने आने से भाजपा में घबराहट है। भाजपा उनकी किताब को दबाने का प्रयास कर रही है। सोनिया गांधी ने पति और सास को खोने के बाद भी देश सेवा की और कभी पद का लाभ नहीं लिया। उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी का व्यक्तित्व पुस्तक के माध्यम से बाहर आने को है, तो भारतीय जनता पार्टी में एक घबराहट सी पैदा हो गई है। सोनिया गांधी ने इस देश में पति राजीव गांधी और सास इंदिरा गांधी को खोया। इसके बाद भी वो यहां के लोगों की सेवा में लगी रही। उन्हें कई मौके मिले, लेकिन उन्होंने सिर्फ हमारा मार्गदर्शन किया, ना कि किसी राजनीतिक पद का लाभ उठाने की कोशिश की। उन्होंने जिस मजबूती से लड़ाई लड़ी, उसे आज भी भाजपा के लोग भूल नहीं पाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि दस सालों तक हमारी सरकार रही। जो चाहते हैं कि सोनिया गांधी का व्यक्तित्व लोगों के सामने पुस्तक के जरिए नहीं आ पाए, इसके लिए वो किताब को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। हम समझते हैं कि प्रकाशक की कमी नहीं है, बहुत जल्द उनकी किताब बाहर आएगी। नेपाल में आई त्रासदी को लेकर उन्होंने कहा, “बहुत ही दुखद खबर है। नेपाल सिर्फ हमारा पड़ोसी देश नहीं, बल्कि दोस्त के रूप में जाना जाता है। विपदा की घड़ी में हम सब साथ खड़े हैं। जिस तरह की विपदा आई है, केंद्र सरकार को नेपाल सरकार के साथ खड़े होना चाहिए। प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान का दौरा कर रहे हैं, उन्हें नेपाल का दौरा करना चाहिए था। जब मणिपुर की घटना होती है, तो वो बिहार का दौरा करते हैं। हमें नेपाल के साथ खड़ा होने की जरूरत है और हम सब संकट में उनके साथ हैं।” ‘वंदे मातरम’ विवाद पर राजेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा में कोई भी ऐसा नेता नहीं है, जो पूरा वंदे मातरम गा सके। ये लोग कभी वंदे मातरम नहीं गाते थे, ये अपने मुख्यालय पर तिरंगा झंडा नहीं लगाते थे। अब नए-नए ज्ञानी बने हैं। ये सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की चीजें करते हैं। छंद दो गाएं, चार या आठ गाएं, उसमें उनका दूर-दूर तक कोई योगदान नहीं है। अंग्रेजों के साथ खड़े होने वाले लोग आज वंदे मातरम की बात कर रहे हैं। डिबेट शो में जब भाजपा नेताओं से वंदे मातरम गाने के लिए कह दिया जाता है तो वो चिल्लाने लगते हैं।

कोलकाता : जबरन वसूली के आरोपों में दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड, सिविक वॉलंटियर भी हटाया गया

कोलकाता। दक्षिण 24 परगना जिले में माल ढोने वाले वाहनों से पैसे वसूलने के आरोपों के बाद, कोलकाता पुलिस ने दो अधिकारियों और एक सिविक वॉलंटियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। घटकपुकुर चौमाथा इलाके में गाड़ियों को रोककर जबरदस्ती पैसे वसूलने के आरोप लगे थे। जांच में एक सार्जेंट, एक कॉन्स्टेबल और एक सिविक वॉलंटियर की मिलीभगत सामने आई। शनिवार को सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद सार्जेंट और कॉन्स्टेबल को सस्पेंड, जबकि सिविक वॉलंटियर को ड्यूटी से हटाकर सेवामुक्त कर दिया गया है। फिलहाल, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। विभागीय जांच की जाएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायतें मिलने के बाद भांगड़ ट्रैफिक पुलिस गार्ड ने जांच शुरू की। जांच में इलाके में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की गई, जिसमें सार्जेंट नूरुल इस्लाम मुल्ला, कॉन्स्टेबल शिवानंद ठाकुर और सिविक वॉलंटियर अली हसन मुल्ला के नाम सामने आए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुरुआती आरोपों की पुष्टि के बाद विभागीय कार्रवाई की गई। सार्जेंट नूरुल इस्लाम मुल्ला और कॉन्स्टेबल शिवानंद ठाकुर को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि सिविक वॉलंटियर अली हसन मुल्ला को सेवामुक्त कर दिया गया। मामला सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई तक ही सीमित नहीं है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में आरोपों की प्रकृति, ऐसी घटनाएं कब से हो रही थीं और क्या इसमें कोई और भी शामिल था, इन बातों का पता लगाया जाएगा। जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या पैसे न देने पर ड्राइवरों को परेशान किया जाता था। दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने के अलावा, कोलकाता पुलिस ने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता या अवैध वसूली से सख्ती से निपटा जाएगा। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल की मदद के लिए भारत ने भेजी स्पेशल तकनीकी टीम, सुरंग से रेस्क्यू के लिए सर्च अभियान चलाया

काठमांडू। नेपाल में भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि भारत की एक विशेष तकनीकी टीम ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरंगों के अंदर फंसे लोगों की तलाश और बचाव के लिए जलविद्युत सुरंगों का मौके पर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। नेपाल के अनुरोध पर भारत ने डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेषज्ञ कर्मियों वाली 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भेजी है। विशेष तकनीकी टीम रसुवा जिले में त्रिशूली 3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पहुंची है, जहां अचानक आए बाढ़ के बाद सुरंग के अंदर फंसे लोगों के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, भारतीय टीम ने आगे की जरूरत के हिसाब से बचाव अभियान चलाने से पहले हेलीकॉप्टर से चिलिमे और लांगतांग इलाकों का प्रारंभिक हवाई जायजा लेने की योजना बनाई है। पीएमओ ने बताया कि शुक्रवार रात से नेपाली सेना के 62 जवानों और सशस्त्र पुलिस बल नेपाल और नेपाल पुलिस के 20 जवानों सहित 82 नेपाली सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम सुरंग के प्रवेश द्वार को साफ करने और तलाशी अभियान में तेजी लाने के लिए लगातार तैनात है। बयान में कहा गया, “इलाके में प्रतिकूल मौसम के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।” स्थानीय विशेषज्ञता की सीमाओं के कारण बचाव अभियान धीमी गति से आगे बढ़ने के चलते नेपाल ने भारत और चीन से सहयोग मांगा है। दूतावास ने कहा कि भारत नेपाल के जारी राहत और बचाव प्रयासों का समर्थन जारी रखे हुए है और बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की तलाश और बचाव में नेपाली अधिकारियों के साथ संपर्क में बना हुआ है। नेपाल के निजी बिजली उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल (आईपीपीएएन) ने कहा कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों में 11 जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 934 लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं। एसोसिएशन के अनुसार, 26 अगस्त को भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद रसुवा में छह जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 730 लोग और नुवाकोट में पांच परियोजनाओं से जुड़े 204 लोग संपर्क से बाहर हैं। बाढ़ ने दोनों जिलों में जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। आईपीपीएएन के अनुसार, 26 अगस्त की बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट में 675.6 मेगावाट की संयुक्त स्थापित क्षमता वाली 13 जलविद्युत परियोजनाओं को प्रभावित किया है। इस बीच, दूतावास ने बताया कि भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव (वाणिज्य) ने हाल ही में अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना से बचाए गए भारतीय श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम की जानकारी ली।

विमेंस डीपीएल: सुपरस्टार्स को 70 रन से रौंदकर ‘फाइनल’ में सुपरस्टार्स, करारी हार के बाद राइडर्स का सपना टूटा

नई दिल्ली। साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स ने विमेंस दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 के खिताबी मुकाबले में जगह बना ली है। इस टीम ने शनिवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ईस्ट दिल्ली राइडर्स को 70 रन से धूल चटाई। 5 में से 4 मैच जीतकर साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है। यह टीम शीर्ष स्थान पर है। वहीं, ईस्ट दिल्ली राइडर्स 5 में से 4 मैच गंवाकर खिताबी रेस से बाहर हो गई। पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स ने निर्धारित ओवरों में 4 विकेट खोकर 180 रन बनाए। प्रिया पूनिया ने निशिका सिंह के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों में 27 रन की साझेदारी की। निशिका महज 6 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। इसके बाद प्रिया ने तनीषा सिंह के साथ दूसरे विकेट के लिए 55 गेंदों में 93 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 120 के स्कोर तक पहुंचा दिया। तनिषा ने 21 गेंदों में 14 रन टीम के खाते में जोड़े। इसके बाद प्रिया ने मोर्चा संभाले रखा। उन्होंने तनिष्का सिंह के साथ चौथे विकेट के लिए 29 गेंदों में 46 रन जोड़े। प्रिया 66 गेंदों में 6 छक्कों और 13 चौकों के साथ 117 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि तनिष्का ने 18 गेंदों में 23 रन बनाए। विपक्षी खेमे से पूर्वा सिंह ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि भारती रावल और परुनिका सिसोदिया ने 1-1 विकेट चटकाया। इसके जवाब में ईस्ट दिल्ली राइडर्स 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 110 रन ही बना सकी। इस टीम ने 30 के स्कोर तक अपने 4 विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद पूर्वा सिवाच ने सोनाक्षी के साथ पांचवें विकेट के लिए 27 गेंदों में 31 रन जुटाकर टीम को संभालने की कोशिश की। पूर्वा 19 गेंदों में 3 बाउंड्री के साथ 22 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद सोनाक्षी (नाबाद 43) ने कप्तान परुनिका सिसोदिया (3) के साथ छठे विकेट के लिए 24 रन और रिती तोमर (नाबाद 11) के साथ सातवें विकेट के लिए 20 गेंदों में 25 रन की अटूट साझेदारी की, लेकिन टीम को करारी हार के साथ खिताबी रेस का मौका गंवाने से नहीं बचा सकीं। विपक्षी खेमे से रूपाली वर्मा और एकता भड़ाना ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि तनीषा सिंह और दीक्षा नागर ने 1-1 विकेट झटका।

हिमाचल प्रदेश: मजबूत स्पोर्ट्स कल्चर बनाने के लिए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सामूहिक प्रयास का किया आह्वान

शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शिमला के लोक भवन में राज्य के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ पहली बार बातचीत की। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के ऐसे खिलाड़ी शामिल हुए जिन्होंने हिमाचल प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। इस बातचीत का उद्देश्य अनुभवी खिलाड़ियों के समृद्ध अनुभव का लाभ उठाना, राज्य के खेल इकोसिस्टम के सामने आने वाली चुनौतियों को समझना और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने और युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए उनके सुझाव लेना था। राज्यपाल ने खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए कहा कि अनुभवी खिलाड़ियों का योगदान मैदान पर उनकी उपलब्धियों से कहीं ज्‍यादा है। उनका अनुशासन, लगन, अनुभव और समर्पण उन्हें युवाओं के लिए स्वाभाविक रोल मॉडल और मेंटर बनाता है। उन्होंने कहा कि खेलों को जमीनी स्तर तक, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों तक ले जाने के लिए सामूहिक और लगातार प्रयासों की जरूरत है, ताकि सुविधाओं की कमी के कारण कोई भी प्रतिभाशाली युवा मौके से वंचित न रहे। बैठक के दौरान अनुभवी खिलाड़ियों ने कई मुद्दों पर बात की, जिनमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों में खेल के मैदानों और खेल से जुड़ी सुविधाओं की कमी शामिल थी। उन्होंने बताया कि भौगोलिक कारणों से शिमला में खेल के मैदानों की खास तौर पर कमी है, और सुझाव दिया कि जहां भी संभव हो, स्कूल के समय के बाद बच्चों और युवा खिलाड़ियों के लिए स्कूल के मैदान उपलब्ध कराए जा सकते हैं। खिलाड़ियों ने हिमाचल प्रदेश में पारंपरिक और स्थापित खेलों, खासकर हॉकी, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल को मजबूत करने की भी मांग की, साथ ही सहनशक्ति और फिटनेस पर ज्‍यादा जोर दिया। उन्होंने ज्‍यादा ऊंचाई वाले इलाकों में मौजूद ट्रेनिंग सुविधाओं का पूरा इस्तेमाल न होने पर चिंता जताई और एथलीटों व अन्य खिलाड़ियों के फायदे के लिए ऐसी सुविधाओं को पूरी तरह से चालू करने की जरूरत पर जोर दिया। अनुभवी खिलाड़ियों ने देश भर में खेलों को बढ़ावा देने और खेल से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा की जा रही पहलों की सराहना की। उन्होंने खास तौर पर ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया’ और ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टीओपीएस) जैसी पहलों के तहत जमीनी स्तर की प्रतिभा, खेल प्रशिक्षण और एथलीटों को दी जा रही मदद पर दिए जा रहे जोर की तारीफ की। अनुभवी खिलाड़ियों ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ पहली बार बातचीत का आयोजन करने के लिए गवर्नर की भी तारीफ की और इसे उनके योगदान को मान्यता देने और युवा पीढ़ी के फायदे के लिए उनके अनुभव को साझा करने की एक बहुमूल्य पहल बताया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत बन रहे मौकों और सुविधाओं का सही इस्तेमाल करना चाहिए। युवाओं के बीच इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और बैठे-बैठे रहने वाली जीवनशैली के बढ़ते चलन का जिक्र करते हुए कविंदर गुप्ता ने कहा कि युवाओं को खेलों और शारीरिक गतिविधियों से फिर से जोड़ने की बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत, अनुशासित और फोकस्ड रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने युवाओं में नशीली दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल की चुनौती पर चिंता जताई और कहा कि खेल युवाओं को नशीली दवाओं और दूसरी बुरी चीजों से दूर रखने का एक मजबूत जरिया बन सकते हैं। उन्होंने खेलों में महिलाओं की ज्‍यादा भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया और कहा कि भारत की बेटियों ने खेल की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मैरी कॉम, पीवी सिंधु और सानिया मिर्जा जैसे खिलाड़ियों ने पूरे देश को प्रेरित किया है, जबकि हिमाचल प्रदेश की सुषमा वर्मा, हरलीन देओल और रेणुका सिंह ठाकुर राज्य की बेटियों की प्रतिभा और क्षमता की प्रेरणादायक मिसाल हैं। उन्होंने कहा, “हमें यह पक्का करना होगा कि हमारी लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए बराबर मौके, प्रोत्साहन और सहयोग मिले।” गवर्नर ने कहा कि राज्य को अपनी पारंपरिक खेल खूबियों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया कि पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने और खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के बारे में उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। कविंदर गुप्ता ने ‘चांसलर की इंटर-यूनिवर्सिटी विकसित भारत-2047 टास्क फोर्स’ बनाने की अपनी हालिया पहल का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों के युवाओं को भी राष्ट्र-निर्माण के बड़े विजन में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक विकसित और आत्मविश्वास से भरे भारत के निर्माण के लिए खेल, शिक्षा, इनोवेशन और युवाओं की भागीदारी को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। गवर्नर ने अनुभवी खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे मेंटर के तौर पर आगे आएं और अपने अनुभव, विशेषज्ञता और खेल के सफर से मिली सीख को साझा करके युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करें। उन्होंने खेलों को बड़े शहरों से आगे ले जाने और यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया कि ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के बच्चों और युवाओं को खेल की बुनियादी सुविधाएं मिलें। गवर्नर ने कहा कि हाल के समय में हिमाचल प्रदेश में सांस्कृतिक मेलों और त्योहारों में लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी राज्य की मजबूत सामुदायिक भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि एक जीवंत खेल संस्कृति बनाने के लिए भी इसी तरह के सामूहिक प्रयास की जरूरत है, जिसमें समुदाय, शिक्षण संस्थान, खिलाड़ी और सरकार मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि अनुभवी खिलाड़ी अपने-अपने इलाकों में युवाओं को प्रेरित करके और कम से कम कुछ युवाओं को खेल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके इस कोशिश में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमारा मकसद युवाओं के लिए खेल को जीवन का हिस्सा बनाना होना चाहिए। एक फिट और अनुशासित पीढ़ी न सिर्फ हिमाचल प्रदेश की खेल उपलब्धियों में योगदान देगी, बल्कि एक मजबूत और ज्‍यादा विकसित भारत बनाने में भी मदद करेगी।” इस मौके पर गवर्नर ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए

उत्तराखंड पुलिस किसी के दबाव में नहीं आएगी : राजेंद्र पाल

नई दिल्ली। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने राहुल गांधी के ‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे, सोनिया गांधी की पुस्तक के प्रकाशन से कथित इनकार और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा सम्मानजनक संख्या में सीटों की मांग पर शनिवार को आईएएनएस से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम इंतजार करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि उत्तराखंड पुलिस सरकार के दबाव में नहीं आएगी, क्योंकि संविधान का अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता पर प्रतिबंध लगाता है। लेकिन, इसका उल्लंघन हुआ है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम में भी अस्पृश्यता पर प्रतिबंध लगाया गया है। कानून कहता है कि अगर पुलिस को इस मामले में फोन से भी किसी भी प्रकार की शिकायत मिलती है, तो फौरन मुकदमा दर्ज करना चाहिए। लेकिन, अफसोस की बात है कि अब तक सरकार गूंगी-बहरी बनकर बैठी थी। जिस तरह महेंद्र भट्ट ने शुद्धिकरण का समर्थन किया है। उसे देखते हुए उनके खिलाफ भी मकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने सोनिया गांधी की पुस्तक प्रकाशित नहीं किए जाने के फैसले पर भी अपनी तरफ से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि मीडिया हो या प्रकाशक सभी पर दबाव है। सभी लोग दबाव में काम करने के लिए बाध्य हैं। मीडिया पर किस तरह से सरकार का दबाव है। यह बात किसी से छुपी नहीं है। रही बात किताब की, तो मैं साफ कर देना चाहता हूं कि नवंबर तक यह किताब प्रकाशित होकर आ जाएगी। कई पब्लिकेशन हाउस इस पुस्तक को प्रकाशित करने के लिए आ रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश आगामी विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, पार्टी की ओर से बहुत जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा। 403 सीटों पर हमारी तैयारी जारी है। हम लोग बहुत ही मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। इस बार सरकार बदलेगी। उधर, सपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महंत शुभम गिरि ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि दलितों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इस पर अपना पक्ष रखते हुए शुभम गिरि ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के हल्द्वानी की धरती पर आए थे। उन्होंने वहां महारैली की थी। इसके बाद वहां पर शुद्धिकरण किया गया। लेकिन, इस तरह की मानसिकता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि भाजपा में भी कई दलित नेता हैं। भाजपा को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इस तरह की मानसिकता गलत है।