गाजियाबाद।भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने शनिवार को सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, गाजियाबाद में 6वें डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मृति व्याख्यान को संबोधित किया। यह व्याख्यान “द इंडियन सेंचुरी – यूथ, इनोवेशन एंड नेशन बिल्डिंग” विषय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों और जयपुरिया परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर युवाओं की आकांक्षाओं, नवाचार और भारत के भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।यह स्मृति व्याख्यान डॉ. राजाराम जयपुरिया की स्मृति और उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए आयोजित किया जाता है। वे एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, शिक्षाविद् और राष्ट्र-निर्माता थे। शिक्षा के प्रति उनकी दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता आज भी जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के कार्यों को दिशा देती है। कार्यक्रम में जयपुरिया ग्रुप के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया, वाइस-चेयरपर्सन सुनीता जयपुरिया, डायरेक्टर सकेत जयपुरिया,अनिका जयपुरिया और यश जयपुरिया सहित जयपुरिया नेतृत्व के सदस्य, विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, पूर्व विद्यार्थी और आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत कला प्रदर्शनी और रॉकेट मॉडल इंस्टॉलेशन के अवलोकन से हुई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब का दौरा किया, जहाँ विद्यार्थियों ने उन्हें अपने अभिनव प्रोजेक्ट और रचनात्मक कार्य प्रस्तुत किए। इसके बाद सभी अतिथि मुख्य कार्यक्रम के लिए ऑडिटोरियम पहुँचे।औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया ने स्वागत भाषण दिया।इस अवसर पर जयपुरिया ने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। हमारी युवा आबादी केवल एक जनसांख्यिकीय लाभ नहीं है, बल्कि यह मानवीय क्षमता का एक विशाल भंडार है। हमारी आईटी, वित्तीय, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में स्थापित किया है। वहीं, अनुकूल नीतियों, बेहतर बुनियादी ढाँचे, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के अवसरों के कारण विनिर्माण क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत के पास एक ऐसा दुर्लभ संयोजन है, जिसमें व्यापकता, प्रतिभा और महत्वाकांक्षा तीनों मौजूद हैं।ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के अधिकारी और अंतरिक्ष यात्री हैं। वे भारत के गगनयान कार्यक्रम के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवारों में शामिल हैं और वर्ष 2026 में उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।स्मृति व्याख्यान देते हुए ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्री बनने तक की अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने Axiom 4 मिशन के लिए वर्षों चली तैयारी और प्रशिक्षण, अंतरिक्ष यात्रा के लिए आवश्यक अनुशासन और टीमवर्क तथा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपने अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने के अपने अनुभव और उससे मिलने वाली एक अलग दृष्टि को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने जिज्ञासा, निरंतर प्रयास और बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के साहस के महत्व पर भी जोर दिया।व्याख्यान के बाद स्कूल के तीन विद्यार्थियों के साथ एक फायरसाइड चैट आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने ग्रुप कैप्टन शुक्ला से उनके बचपन के सपनों, अंतरिक्ष यात्री बनने की यात्रा, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण की चुनौतियों और अंतरिक्ष में रोजमर्रा के जीवन से जुड़े कई रोचक सवाल पूछे।कार्यक्रम के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई ‘स्पेस एक्सप्लोरर’ पुस्तकों का भी विमोचन किया। स्कूल की अकादमिक टीम द्वारा तैयार की गई ये पुस्तकें अब स्कूल के पाठ्यक्रम और जयपुरिया स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी प्रोग्राम का हिस्सा होंगी। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष, खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं को समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का समापन यश जयपुरिया द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
सेठ आनंदराम जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस उत्तर और मध्य भारत में 27 K–12 स्कूलों, 7 प्री-स्कूलों, 2 मैनेजमेंट संस्थानों और एक प्रतिष्ठित शिक्षक प्रशिक्षण अकादमी का प्रमुख शैक्षणिक समूह है। शिक्षा के क्षेत्र में 81 वर्षों की विरासत के साथ, समूह के साथ आज लगभग 20,000 विद्यार्थी, 15,000 पूर्व विद्यार्थी और 1,000 शिक्षक जुड़े हुए हैं।