राजधानी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास टिंबर मार्केट में भीषण आग, 25 दमकल गाड़ियों ने आग पर पाया काबू

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में राजधानी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित टिंबर और प्लाईवुड मार्केट में रविवार तड़के भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में इसकी ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। लकड़ी, प्लाईवुड और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग बढ़ने पर दमकल विभाग ने करीब 25 दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा। दमकलकर्मियों ने कई घंटों तक लगातार प्रयास कर आग को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि आग टिंबर और प्लाईवुड से जुड़ी एक फैक्टरी में लगी थी। आग ने इमारत की पहली मंजिल से लेकर तीसरी मंजिल तक के हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। लकड़ी और प्लाईवुड जैसे ज्वलनशील सामान के कारण आग बुझाने में दमकलकर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास के इलाके में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कराया। दमकलकर्मियों ने आग को अन्य दुकानों और प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोकने के लिए भी लगातार प्रयास किया। राहत की बात यह रही कि इस भीषण आग की घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग से फैक्ट्री और उसमें रखे लकड़ी तथा प्लाईवुड समेत अन्य सामान को भारी नुकसान होने की आशंका है। फिलहाल नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक तौर पर आग के स्रोत और इसके तेजी से फैलने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वजह सामने आ सकेगी।
ऊधम सिंह नगर स्थित बाल सुंदरी देवी मंदिर को लेकर सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर लिखा- काशीपुर आगमन पर दर्शन अवश्य करें

देहरादून। उत्तरखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से ऊधम सिंह नगर स्थित बाल सुंदरी देवी मंदिर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो शेयर किया गया। सीएम धामी ने 30 सेकेंड का वीडियो शेयर कर सोशल मीडिया पर लिखा, “काशीपुर (ऊधम सिंह नगर) की पवित्र भूमि पर स्थित मां भगवती बाल सुंदरी देवी मन्दिर एक प्रतिष्ठित सिद्धपीठ है। अद्वितीय आस्था-परंपराओं और ऐतिहासिक मान्यताओं से समृद्ध यह मंदिर अनेक श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां पूजा अर्चना से मन को असीम शांति का अनुभव होता है। काशीपुर आगमन पर इस पावन स्थल के दर्शन अवश्य करें।” बीते दिन सीएम ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “जनपद उत्तरकाशी में स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव की आराधना का पावन एवं प्रमुख केंद्र है। यहां श्रद्धालु महादेव की पूजा-अर्चना कर आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति करते हैं। आप भी उत्तरकाशी आगमन पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन अवश्य करें।” 27 अगस्त को मुख्यमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया था, “जनपद चमोली में स्थित श्री बैरासकुंड महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित प्राचीन एवं पौराणिक शिवधाम है। मान्यता है कि लंकापति रावण ने यहां भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। स्कंद पुराण में भी इस पवित्र क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। चमोली आगमन पर श्री बैरासकुंड महादेव के दिव्य दर्शन अवश्य करें।” 26 अगस्त को सीएम की ओर से ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा गया था, “चंपावत जनपद में लोहावती नदी के पावन तट पर स्थित ऋषेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव की आराधना का एक प्राचीन एवं आस्था से जुड़ा केंद्र है। सावन मास में यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना से मन को असीम शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। चंपावत आगमन पर आप भी इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.61, 3.833 और 4 को लेकर तेज हुई चर्चा, जानिए कितना बढ़ सकता है वेतन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। 3 सितंबर को आयोग के गठन के 10 महीने पूरे होने जा रहे हैं और देशभर में विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श का दौर जारी है। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं और इसे अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। वेतन संशोधन, भत्तों, पेंशन और अन्य सेवा संबंधी मामलों के बीच सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है, क्योंकि इसी के आधार पर कर्मचारियों के मूल वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी तय होती है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर वर्तमान मूल वेतन को संशोधित कर नया वेतन तय किया जाता है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपए है, जिसे 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया था। 6वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 रखा गया था, जबकि 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 कर दिया गया था। इसी बदलाव के कारण न्यूनतम मूल वेतन 7,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए हो गया था। अब 8वें वेतन आयोग के लिए विभिन्न कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने इससे कहीं अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। सर्वे ऑफ इंडिया की मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (एमएसए) ने 3.61 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है तो वर्तमान 18,000 रुपए के न्यूनतम मूल वेतन को बढ़ाकर लगभग 64,980 रुपए, यानी करीब 65,000 रुपए किया जा सकता है। दूसरी ओर, नेशनल काउंसिल-जेसीएम (एनसीजेसीएम) स्टाफ साइड और भारत पेंशनर्स समाज (बीपीएस) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इस स्थिति में न्यूनतम मूल वेतन करीब 69,000 रुपए तक पहुंच सकता है। सबसे अधिक मांग भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस) ने की है, जिसने 4.00 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव दिया है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो न्यूनतम मूल वेतन बढ़कर 72,000 रुपए तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि 3.61 और 4.00 फिटमेंट फैक्टर वाले प्रस्तावों के बीच ही लगभग 7,020 रुपए प्रति माह का अंतर बनता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि 65,000 रुपए, 69,000 रुपए और 72,000 रुपए के ये आंकड़े केवल विभिन्न संगठनों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर आधारित अनुमान हैं। इन्हें 8वें वेतन आयोग के तहत तय होने वाली अंतिम न्यूनतम सैलरी नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक वेतन वृद्धि केवल फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि नए वेतन मैट्रिक्स, महंगाई भत्ते, अन्य भत्तों और आयोग की अंतिम सिफारिशों पर भी निर्भर करेगी। पेंशनभोगियों के लिए भी फिटमेंट फैक्टर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पेंशन और कई सेवानिवृत्ति लाभ मूल वेतन से जुड़े होते हैं। यदि उच्च फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी मिलती है तो इसका सीधा फायदा लाखों पेंशनभोगियों को भी मिल सकता है। हालांकि अंतिम प्रभाव का सही आकलन तभी संभव होगा जब आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और उस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल 8वें वेतन आयोग के समक्ष विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगें पहुंच रही हैं और चर्चा जारी है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी अंतिम सिफारिशों का इंतजार करना होगा। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फिटमेंट फैक्टर क्या होगा और कर्मचारियों के वेतन तथा पेंशन में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी।
अभिषेक और ममता बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर बोले दिलीप घोष, बंगाल में कोई कानून से ऊपर नहीं

मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष रघुनाथगंज शहर में सुबह की सैर पर निकले। सुबह-सुबह मंत्री ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ सदरघाट और नेताजी सुभाष द्वीप का दौरा किया। इस दौरान नेपाल के बारे में मीडिया से बात करते हुए घोष ने कहा कि भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है और हमेशा मदद के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने ममता और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर भी टिप्पणी की और पंचायत विकास व पुराने भ्रष्टाचार के बारे में बात की। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “बंगाल में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। जो लोग कानून या अदालत का सम्मान नहीं करते, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और ऐसा हो भी रहा है। अगर वे अदालत के आदेशों को न मानकर सड़कें जाम कर मीटिंग करेंगे, तो कानूनी कार्रवाई तो होगी ही। सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी कानून के खिलाफ न जाए।” प्रधानमंत्री आवास योजना की ‘सर्वे टीम’ में तृणमूल समर्थकों के काम करने की बात पर मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा, “जिन स्थानीय लोगों ने यह तय किया है, वे ही इस काम को देख रहे हैं। हम इस बात पर नजर रख रहे हैं कि कहीं इसमें तृणमूल के कार्यकर्ता तो शामिल नहीं हैं। इस इलाके के सभी लोग पहले तृणमूल सदस्य थे। हम इस मामले पर नजर रखे हुए हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि इस काम से कोई भी तृणमूल कार्यकर्ता न जुड़ा हो।” नेपाल में आई बाढ़ और भारत की ओर से मदद करने पर दिलीप घोष ने कहा, “नेपाल में जो त्रासदी हुई, वह मानवता के ऊपर बहुत बड़ा आघात है। पूरी दुनिया इसको लेकर चिंतित है। भारत पड़ोसी देश होने के कारण मदद करना चाहता है। नेपाल की इच्छा है कि वह अपनी समस्या का समाधान करें, यह अच्छी बात है कि नेपाल अपने पैरों पर खड़ा हो और एक मजबूत देश बने, हम भी यही चाहते हैं। लेकिन एक पड़ोसी के तौर पर, जब भी कोई संकट आता है, हम उनके साथ खड़े रहते हैं।
विजय को पीएम उम्मीदवार बनाने पर टीवीके का कैंपेन, कांग्रेस में बढ़ी बेचैनी

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने वाले अभियान के बीच सत्ताधारी पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (टीवीके) और उसके सहयोगी दल कांग्रेस के बीच मतभेद के संकेत सामने आए हैं। खबर है कि कांग्रेस नेतृत्व विजय को देश के सबसे बड़े पद के लिए प्रमोट करने वाले पोस्टरों और वीडियो को लेकर परेशान है। हालांकि माना जा रहा है कि यह कैंपेन टीवीके समर्थकों के एक गुट ने पार्टी नेतृत्व को प्रभावित करने के लिए चलाया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं को डर है कि इससे गठबंधन के राष्ट्रीय राजनीतिक रुख को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है। यह बहस तब शुरू हुई जब टीवीके के विधायकों और मंत्रियों ने विधानसभा में बार-बार विजय की तारीफ की। बाद में यह मामला सदन से बाहर भी फैल गया और सार्वजनिक जगहों पर उन्हें प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर दिखाने वाले पोस्टर लगने लगे। उत्तर भारत में भी प्रचार वाले वीडियो (रील्स) सामने आए हैं, जहां कांग्रेस पार्टी खुद को भाजपा की मुख्य विपक्षी ताकत मानती है। एक टीवी चैनल के सर्वे के बाद इस कैंपेन पर लोगों का ध्यान गया। सर्वे में प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों में विजय को 9 प्रतिशत समर्थन के साथ तीसरा स्थान मिला, जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पीछे थे। खबरों के अनुसार, इस नतीजे से कांग्रेस के भीतर बेचैनी बढ़ गई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेता इस बात से नाखुश थे कि तमिलनाडु में टीवीके-कांग्रेस गठबंधन के सत्ता में आने के कुछ ही महीनों बाद विजय को इस पद के लिए पेश किया जा रहा था। उन्होंने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मणिकम टैगोर की हालिया आलोचना का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने मंत्रियों द्वारा ‘फैन वाली मानसिकता’ दिखाने की बात कही थी। कांग्रेस पार्टी के लिए यह स्थिति संवेदनशील है क्योंकि टीवीके के साथ हाथ मिलाने से पहले उसने डीएमके के साथ अपना गठबंधन खत्म कर दिया था, जिसने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर समर्थन दिया था। कांग्रेस सांसद जोथिमानि ने हाल ही में सीएम विजय को आगे करने की बात को चुनावी रणनीति बताया, लेकिन जोर देकर कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार का सामना करने और उसे हराने के मामले में राहुल गांधी का कोई मुकाबला नहीं है। शनिवार को मदुरै में हुए विवाद के बारे में पूछे जाने पर राज्य मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि पूरे भारत में लोग विजय को लेकर उम्मीदें रखते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम विजय राजनीतिक हालात के आधार पर फैसले लेंगे और इस बात पर जोर दिया कि अभी इस मामले पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है। खबरों के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गठबंधन के राष्ट्रीय चेहरे के तौर पर पेश करना चाहते थे और साथ ही दक्षिण भारत में गठबंधन की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए सीएम विजय की लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहते थे। हालांकि, विजय को आगे करने की होड़ ने उस रणनीति को मुश्किल बना दिया है और गठबंधन के भविष्य के संदेश, नेतृत्व की प्राथमिकताओं और राजनीतिक एकजुटता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘मैसूर एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर जवागल श्रीनाथ वनडे क्रिकेट में भारत के सफलतम तेज गेंदबाज हैं

नई दिल्ली। जवागल श्रीनाथ का नाम भारतीय क्रिकेट के उन तेज गेंदबाजों में शामिल है जिन्होंने अपने दमदार प्रदर्शन के दम पर लंबे समय तक खेला और बड़ी लोकप्रियता हासिल की। श्रीनाथ को ‘मैसूर एक्सप्रेस’ के नाम से भी जाना जाता है। श्रीनाथ का जन्म 31 अगस्त 1969 को मैसूर, कर्नाटक में हुआ था। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज श्रीनाथ बतौर तेज गेंदबाज भारतीय क्रिकेट में कपिल देव के बाद सबसे बड़ा चेहरा थे और कपिल के संन्यास के बाद भारतीय गेंदबाजी की अगुआई की। श्रीनाथ अपनी गति, स्विंग और धीमी गेंदों के बेहतरीन मिश्रण की बदौलत विपक्षी बल्लेबाजों को चकमा देते थे। 1991 में डेब्यू करने वाले जवागल श्रीनाथ को 1997 में इंजरी हुई थी। इस वजह से उन्हें लगभग पूरे साल क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था। ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि शायद ही उनकी वापसी हो, लेकिन श्रीनाथ न सिर्फ लौटे बल्कि 1998, उनके करियर का श्रेष्ठ वर्ष रहा। इंजरी ने उनकी गति को प्रभावित किया था, लेकिन विकेट लेने की क्षमता उनकी बढ़ गई थी। श्रीनाथ ने 1999 वनडे विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 154.5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। यह गेंद 2023 तक वनडे में किसी भारतीय गेंदबाज की फेंकी गई सबसे तेज गेंद थी। 2023 में श्रीलंका के खिलाफ उमरान मलिक ने 156 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गेंद फेंक श्रीनाथ का रिकॉर्ड तोड़ा था। एक दशक तक भारतीय तेज गेंदबाजी का प्रमुख चेहरा रहे श्रीनाथ 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त रूप से आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की विजेता रही भारतीय टीम के सदस्य थे। 2003 वनडे विश्व कप में भारतीय टीम को फाइनल में पहुंचाने में श्रीनाथ का अहम योगदान था। इस विश्व कप में उनके खेलने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। श्रीनाथ ने 2003 विश्व कप से पहले संन्यास ले लिया था, लेकिन तब भारतीय टीम के कप्तान रहे सौरव गांगुली उन्हें वापस लेकर आए। वापसी के बाद श्रीनाथ ने विश्व कप में दमदार प्रदर्शन किया और 11 मैचों में 16 विकेट लिए। जवागल श्रीनाथ ने भारत के लिए 4 वनडे विश्व कप (1992, 1996, 1999, 2003) खेले। 2003 विश्व कप के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। श्रीनाथ वनडे क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं और अनिल कुंबले के बाद दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं। वह 300 वनडे विकेट लेने वाले भी एकमात्र भारतीय तेज गेंदबाज हैं। अपने 12 साल के करियर में श्रीनाथ ने 229 वनडे में 315 विकेट लिए। इसके अलावा, 67 टेस्ट मैचों में 236 विकेट उनके नाम हैं। संन्यास के बाद जवागल श्रीनाथ ने कमेंट्री और कोचिंग की जगह पेशे के रूप में रेफरी बनना चुना। मौजूदा समय में वह आईसीसी के सर्वाधिक प्रतिष्ठित रेफरी हैं। 1999 में श्रीनाथ को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
ताशकंद में योग सत्र में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी, प्रतिभागियों से भी की मुलाकात

ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान की ओर से आयोजित एक योग सत्र में हिस्सा लिया। योग सत्र के दौरान उन्होंने वहां मौजूद प्रतिभागियों से बातचीत भी की। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर उज्बेकिस्तान पहुंचे। उन्होंने ताशकंद हवाई अड्डे पर मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव का धन्यवाद किया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ का दौरा किया और कहा कि यह उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “ताशकंद पहुंचने के बाद मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गया। यह स्मारक उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति का प्रतीक है। अपनी यात्रा की शुरुआत यहां से करके खुशी हुई।” यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने वहां उज्बेक संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाली कलाकृतियों का अवलोकन किया। ताशकंद में भारतीय समुदाय के बड़ी संख्या में लोगों ने भी प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु की तरह हैं। उन्होंने शनिवार को ‘एक्स’ पर लिखा, “ताशकंद में भारतीय समुदाय के प्यार और स्नेह से अभिभूत हूं। हमारा प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु है, जो दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत बना रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत समारोह के दौरान प्रस्तुत भारतीय और उज्बेक संस्कृति के मिश्रण वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने ‘एक्स’ पर तबला प्रस्तुति की एक झलक साझा करते हुए लिखा, “भारतीय और उज्बेक संगीत परंपराओं का मनमोहक संगम! तबला, डोइरा और चांग के साथ बेहद खूबसूरती से मेल खाता है, जो भारत और उज्बेकिस्तान के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दिखाता है।” भारतीय समुदाय की कुछ महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें राखी भी बांधी।
कड़े सुरक्षा व्यवस्था के बीच जीआईसी लेक्चरर मुख्य परीक्षा की जा रही आयोजित

प्रयागराज। यूपीपीएससी जीआईसी लेक्चरर मुख्य परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रक्रिया का निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए उम्मीदवारों को गहन सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया है। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 1516 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। आईएएनएस से बातचीत करते हुए अभ्यर्थी आशीष कुमार वर्मा ने कहा, “आज जीआईसी लेक्चरर की मुख्य परीक्षा हो रही है। तैयारी काफी अच्छी चल रही है। हम पिछले दो से ढाई साल से इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। सरकार की ओर से काफी टाइट व्यवस्था की गई है। पुलिसकर्मी लगे हुए हैं।” अभ्यर्थी बलजीत राम ने कहा, “जीआईसी की परीक्षा आयोजित की जा रही है। हम लोगों का विषय इतिहास है, इसलिए इतिहास की परीक्षा के लिए यहां सेंटर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि देखा जा सकता है कि एसडीएम दौरे पर आए हैं, पुलिस की निगरानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है।” अभ्यर्थी शिवम मौर्या ने कहा कि व्यवस्था अच्छी की गई है। जैसे हर परीक्षा में होता है, वैसे ही इस परीक्षा में भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। जरूरी कागज के अलावा बाकी चीजें बाहर ही रखवा दी जा रही हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से जीआईसी लेक्चरर मुख्य परीक्षा का एडमिट कार्ड 21/22 अगस्त को जारी किया गया था। 1516 पदों में 777 पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 694 पद महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि लेक्चरर के लिए 43 पद और प्रिंसिपल के लिए कुल 2 पद आरक्षित हैं।
पटना : टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल अवनीश की गिरफ्तारी के बाद उसके गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही पुलिस

पटना। बिहार की राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह सोन नदी के किनारे पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। नाविकों से रंगदारी वसूलने की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से करीब 62 राउंड गोलियां चलीं। पुलिस की गोली से एक अपराधी घायल हुआ है, जबकि पुलिस के भी एक-दो जवानों के घायल होने की सूचना है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बिहटा थाना क्षेत्र में सोन नदी के बीच नाविकों से अपराधी रंगदारी वसूल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अपराधियों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। उन्होंने बताया कि अपराधियों की ओर से करीब 40 राउंड फायरिंग की गई, जबकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में करीब 22 राउंड गोलियां चलाईं। इस तरह दोनों ओर से करीब 62 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी अवनीश कुमार के पैर में गोली लगी। उसे मौके से गिरफ्तार कर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उसके साथ मौजूद अन्य अपराधियों के संबंध में पूछताछ और जांच कर रही है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, मौके से एक देसी राइफल, एक देसी कार्बाइन, दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा और करीब 25 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा अपराधियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही एक नाव को भी पुलिस ने जब्त किया है। एसएसपी ने बताया कि घायल अपराधी अवनीश कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। वह पूर्व के कई मामलों में शामिल रहा है। पिछले साल भी उसके खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अवनीश कुमार पटना पुलिस की टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल बताया जा रहा है। उसके खिलाफ एके-47 से जुड़े मामले में भी फरार रहने की बात सामने आई है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने के साथ ही उसके गिरोह और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। फायरिंग के दौरान बिहटा थाना के एसआई राजू कुमार सिंह भी घायल हो गए। बताया गया है कि गोली उनकी बांह को छूकर निकल गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। बिहटा थानाध्यक्ष अमित कुमार के भी घायल होने की सूचना है। हालांकि, उनकी चोट की प्रकृति को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पटना पश्चिमी के सिटी एसपी संकेत कुमार और डीएसपी अमरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस टीम से मुठभेड़ की पूरी जानकारी ली। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने सोन नदी और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवनीश के साथ कितने अन्य अपराधी मौजूद थे और फायरिंग के बाद वे किस दिशा में फरार हुए। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। साथ ही सोन नदी में आने-जाने वाली नावों की भी जांच की जा रही है।
राहत सामग्री लेकर चौथा विमान भी पहुंचा काठमांडू, नेपाल के साथ खड़ा है भारत: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली। नेपाल के कठिन समय में भारत अपनी ओर से मदद का हाथ लगातार बढ़ाए हुए है। नेपाल के लिए 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथा भारतीय विमान काठमांडू पहुंच गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”हम नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं। नेपाल के लिए राहत सामग्री लेकर गया चौथा विमान 11 टन सहायता के साथ नेपाल पहुंच गया है और राहत सामग्री संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।” उन्होंने बताया कि इस सहायता में खोज और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरणों के साथ सुरंग तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम शामिल है। इसके अलावा डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी भेजी गई है। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता (हाइजीन) किट जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। जायसवाल ने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। जिस दिन (26 अगस्त, 2026) अचानक बाढ़ आई, उसी दिन आईएएफ के सी-130जे हरक्यूलिस विमान ने 10 टन आपातकालीन राहत सामग्री जैसे कि अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाइयां पहुंचाईं। अगले दिन सुबह, 27 अगस्त, 2026 को, आईएएफ के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने 37.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई, जिसमें 28.5 टन तंबू, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप, जल निकासी पंप, रसोई सेट और जेनरेटर शामिल थे। आठ टन दवाइयां और एक टन खाद्य सामग्री। इसके बाद, 28 अगस्त 2026 को, एक सी-130जे हरक्यूलिस विमान ने भारतीय सेना की 5 सदस्यीय सुरंग बचाव दल और 6 सदस्यीय चिकित्सा दल को एयरलिफ्ट किया; साथ ही पोर्टेबल जेनरेटर, डिग्निटी किट, भोजन, जल शोधन की गोलियां और दवाइयां सहित 10 टन अतिरिक्त सामग्री भी भेजी। प्रभावित क्षेत्र में सुरंग बचाव कार्य में सहायता के लिए तकनीकी दल ने आज से काम शुरू कर दिया है। इसके अतिरिक्त भारत नेपाल में क्षतिग्रस्त पुलों के निर्माण में भी मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे। इन पुलों को स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द नेपाल पहुंचेंगी।