राहत सामग्री लेकर चौथा व‍िमान भी पहुंचा काठमांडू, नेपाल के साथ खड़ा है भारत: व‍िदेश मंत्रालय

नई द‍िल्‍ली। नेपाल के कठ‍िन समय में भारत अपनी ओर से मदद का हाथ लगातार बढ़ाए हुए है। नेपाल के लिए 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथा भारतीय विमान काठमांडू पहुंच गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, ”हम नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं। नेपाल के लिए राहत सामग्री लेकर गया चौथा विमान 11 टन सहायता के साथ नेपाल पहुंच गया है और राहत सामग्री संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।” उन्‍होंने बताया क‍ि इस सहायता में खोज और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरणों के साथ सुरंग तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम शामिल है। इसके अलावा डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी भेजी गई है। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता (हाइजीन) किट जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। जायसवाल ने कहा क‍ि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। जिस दिन (26 अगस्त, 2026) अचानक बाढ़ आई, उसी दिन आईएएफ के सी-130जे हरक्यूलिस विमान ने 10 टन आपातकालीन राहत सामग्री जैसे कि अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाइयां पहुंचाईं। अगले दिन सुबह, 27 अगस्त, 2026 को, आईएएफ के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने 37.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई, जिसमें 28.5 टन तंबू, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप, जल निकासी पंप, रसोई सेट और जेनरेटर शामिल थे। आठ टन दवाइयां और एक टन खाद्य सामग्री। इसके बाद, 28 अगस्त 2026 को, एक सी-130जे हरक्यूलिस विमान ने भारतीय सेना की 5 सदस्यीय सुरंग बचाव दल और 6 सदस्यीय चिकित्सा दल को एयरलिफ्ट किया; साथ ही पोर्टेबल जेनरेटर, डिग्निटी किट, भोजन, जल शोधन की गोलियां और दवाइयां सहित 10 टन अतिरिक्त सामग्री भी भेजी। प्रभावित क्षेत्र में सुरंग बचाव कार्य में सहायता के लिए तकनीकी दल ने आज से काम शुरू कर दिया है। इसके अत‍िर‍िक्‍त भारत नेपाल में क्षत‍िग्रस्‍त पुलों के न‍िर्माण में भी मदद कर रहा है। व‍िदेश मंत्रालय ने बताया कि 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे। इन पुलों को स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द नेपाल पहुंचेंगी।

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