पश्चिम बंगाल के हावड़ा में चोरी के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या के मामले में दो लोग गिरफ्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस ने चोरी के शक में एक व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या करने और उसके शव को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना मंगलवार देर रात हावड़ा जिले के लिलुआ इलाके में हुई। बुधवार तड़के गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 43 वर्षीय राजकुमार चौहान के तौर पर हुई है, जो पड़ोसी हुगली जिले के उत्तरपारा का रहने वाला था। पुलिस ने बताया कि चौहान मंगलवार रात लिलुआ पुलिस स्टेशन के पास एक फैक्ट्री में घुस गया था। स्थानीय लोगों का दावा है कि वह चोरी के इरादे से फैक्ट्री में घुसा था और कथित तौर पर परिसर के अंदर पकड़ा गया। इसके बाद लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। पुलिस को शक है कि चौहान की मौत उस पर हुए गंभीर हमले के कारण हुई। पुलिस के मुताबिक, बाद में अपराध को छिपाने के लिए शव को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद लिलुआ पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। शुरुआती जांच के बाद, पुलिस ने घटना के सिलसिले में शुभजीत पटेल और सुमित पासवान नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया। हावड़ा सिटी पुलिस कमिश्नर अखिलेश चतुर्वेदी ने भी घटनास्थल का दौरा किया। मीडिया से बात करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के पीछे की वजह की जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम के घटनास्थल का दौरा कर और सबूत इकट्ठा करने की उम्मीद है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने कहा कि फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद चौहान की मौत के हालात और स्पष्ट हो जाएंगे। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हावड़ा और हुगली जिलों में फैक्ट्री परिसरों से चोरी आम बात है और अक्सर उपकरण व अन्य सामान गायब होने की खबरें आती रहती हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि लिलुआ इलाके में चोरी के शक में इस तरह की कथित मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या) की घटना पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने हिंसा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन 15 सितंबर को बंगाल का दौरा करेंगे

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अगले सप्ताह दो दिवसीय दौरे के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचने वाले हैं, जहां उनका आयोजन कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। भाजपा की राज्य समिति के एक सदस्य ने कहा, “उनके 15 सितंबर को राज्य में आने का कार्यक्रम है। वे राज्य पार्टी नेतृत्व के साथ कई संगठनात्मक बैठकें करेंगे। उनके साथ पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष भी होंगे। इन बैठकों में नई राज्य समिति के गठन से लेकर संगठन में जरूरी फेरबदल तक कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।” उन्होंने यह भी कहा कि दो दिवसीय दौरे के दौरान नवीन और संतोष दोनों से पार्टी के संगठन और राज्य सरकार के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश देने की उम्मीद है। यह जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से जिलों में भाजपा की संगठनात्मक शक्ति में काफी सुधार हुआ है। लेकिन, राज्य में कई संगठनात्मक कमियां भी पार्टी के राज्य और केंद्रीय नेतृत्व के संज्ञान में आई हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, “दलीय स्तर के कुछ पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों के अलावा कई इलाकों में नए और पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी मतभेद सामने आने की खबरें हैं। पार्टी के राज्य समिति सदस्य ने कहा, “इन मुद्दों पर इस महीने के अंत में नवीन की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में चर्चा हो सकती है।” साथ ही, राज्य समिति के सदस्य ने कहा कि इस साल के अंत में नगर निगमों और नगरपालिकाओं सहित कई शहरी नागरिक निकायों के लिए होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने के मुद्दे पर भी नबीन की यात्रा के दौरान चर्चा की जा सकती है। राज्य समिति के सदस्य ने कहा, “राज्य भाजपा शहरी नगर निकाय चुनावों विशेषकर कोलकाता और हावड़ा नगर निगम के चुनावों को लेकर बेहद गंभीर है। पार्टी ने इन चुनावों के लिए अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। हमारा राज्य नेतृत्व लगातार पार्टी के जमीनी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर संगठनात्मक समन्वय स्थापित करने के लिए संदेश दे रहा है। अब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी इस संबंध में संदेश देने की उम्मीद है।
‘सभी लोगों से खूब मेहनत करवाते हैं’, अक्षय कुमार के जन्मदिन पर राशि खन्ना ने शेयर किया मजेदार वीडियो

मुंबई। अक्षय कुमार के जन्मदिन पर फैंस के साथ-साथ सेलेब्स भी उन्हें बधाई दे रहे हैं। इस कड़ी में राशि खन्ना ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और उनके साथ बिताए एक मजेदार पल का वीडियो भी साझा किया है। इस वीडियो में अक्षय कुमार, विद्या बालन और राशि खन्ना साथ में डांस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में अक्षय अपने खास अंदाज में डांस करते दिख रहे हैं और पीछे एक प्राइवेट जेट भी नजर आ रहा है। राशि ने इस वीडियो के साथ अक्षय के लिए एक प्यारा भरा मैसेज भी लिखा है, जिसमें उन्होंने अभिनेता की मेहनत और उनके मजाकिया अंदाज की तारीफ की। उन्होंने लिखा, ”उस इंसान के नाम, जो अपने आसपास के सभी लोगों से खूब मेहनत करवाते हैं और उससे भी ज्यादा हंसाते हैं। ज्यादा डांस और ज्यादा शरारत करते हैं। जन्मदिन मुबारक हो, अक्षय सर!” वीडियो में अक्षय, विद्या और राशि, तीनों की मस्ती लोगों को काफी पंसद आ रही है। बता दें कि अक्षय और राशि जल्द ही अनीस बज्मी की आने वाली फैमिली कॉमेडी फिल्म में साथ दिखाई देंगे। फिल्म का नाम अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसकी स्टारकास्ट ने पहले ही लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। इसमें अक्षय कुमार और विद्या बालन की जोड़ी भी लंबे समय बाद फिर से साथ नजर आएगी। दोनों को इससे पहले एक साथ ‘भूल भुलैया’ में देखा गया था और अब एक बार फिर दोनों पर्दे पर साथ आने वाले हैं। वहीं, अनीस बज्मी के साथ अक्षय की भी लंबे समय बाद वापसी हो रही है। दोनों ने इससे पहले ‘वेलकम’ में साथ काम किया था और अब करीब 15 साल बाद निर्देशक और अभिनेता की यह जोड़ी दोबारा साथ आई है। इससे पहले अक्षय ने अपने बर्थडे पर आने वाली फिल्म ‘हैवान’ से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया था और उसके साथ जिंदगी को देखने का अपना नजरिया भी बताया। उन्होंने कहा कि हर चीज वैसी नहीं होती जैसी पहली नजर में दिखाई देती है। कभी जो बुरा नजर आता है, उसके पीछे कोई दूसरी कहानी छिपी हो सकती है और जिसे हम अच्छा समझते हैं, जरूरी नहीं कि वह सच में वैसा ही हो। अक्षय ने फिल्म का वीडियो साझा करते हुए लिखा, ”मेरे जन्मदिन पर एक छोटी-सी बात… जो बुरा दिखाई देता है, वह हमेशा बुरा नहीं होता, और जो अच्छा दिखाई देता है, वह हमेशा अच्छा नहीं होता। शायद यही बात मुझे ‘हैवान’ ने सिखाई है। इतने सालों से आपने मुझे जो प्यार दिया है, उसके लिए शुक्रिया। इस शुक्रवार मैं आपको अपना एक ऐसा रूप दिखाने वाला हूं, जिसे आपने पहले नहीं देखा है। सिनेमाघरों में मिलते हैं। प्यार और दुआओं के साथ, आपका अक्षय।” गौरतलब है कि अक्षय ने अपने फिल्मी करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं, लेकिन ‘हैवान’ में वह जिस रूप में नजर आने वाले हैं, वह उनके अब तक के किरदारों से काफी अलग है।
प्रधानमंत्री अल्बनीज की सलाह मानकर ट्रेन से चंडीगढ़ पहुंचे ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन

नई दिल्ली। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने चंडीगढ़ तक की यात्रा ट्रेन से की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज अक्सर कहते हैं कि भारत को समझने का यह सबसे अच्छा तरीका है। उच्चायुक्त ने बताया कि इस यात्रा काका उन्होंने भरपूर आनंद लिया। उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर ट्रेन से यात्रा का एक वीडियो साझा करते हुए अपने अनुभव बताए। उच्चायुक्त ने पोस्ट में लिखा, ”मेरे प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज अक्सर कहते हैं कि भारत को सही मायनों में समझने का सबसे अच्छा तरीका इसकी ट्रेनों में सफर करना है। इसलिए चंडीगढ़ पहुंचने के लिए ट्रेन से यात्रा करना बिल्कुल उपयुक्त लगा, और मैंने इस सफर का भरपूर आनंद लिया।” फिलिप ग्रीन ने बताया कि इस यात्रा के दौरान पंजाब और हरियाणा में उन अवसरों को तलाशने के लिए उत्साहित हूं जिससे ऑस्ट्रेलिया और भारत के रिश्तों को और मजबूत बनाया जा सके। इससे पहले भी एक कार्यक्रम के दौरान उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, व्यापार और रक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर अपनी राय रख चुके हैं। उस दौरान उन्होंने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ कई क्षेत्रों में गहराई से जुड़ा हुआ है, लेकिन शिक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच शिक्षा और कौशल विकास आपसी साझेदारी को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनके अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उचित लागत पर उपलब्ध कराने की काबिलियत रखती है। भारत के विकास के अगले चरण को गति देने के लिए अधिक संख्या में रोजगारपरक कौशल वाले लोगों की जरूरत होगी। ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा व्यवस्था भारतीय छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के साथ-साथ भविष्य के लिए आवश्यक कौशल हासिल करने का अवसर देती है।
एसआईआर की निगरानी करता है चुनाव आयोग, हेमंत सरकार पर भाजपा का आरोप बेबुनियाद : मनोज पांडेय

रांची। झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की ओर से हेमंत सोरेन सरकार पर एसआईआर के जरिए बांग्लादेशियों के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के आरोप पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एसआईआर की निगरानी चुनाव आयोग करता है और इसमें केंद्र सरकार की भी भूमिका है। ऐसे में राज्य सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना समझ से परे है। मनोज पांडेय ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दावा किया कि कई जगह उनके कार्यकर्ता लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाने की कोशिश करते पकड़े गए। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय के बड़े पैमाने पर नाम हटवाने की साजिश की गई। जेपीएससी और जेएसएससी में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर एफआईआर के मुद्दे को लेकर भाजपा के प्रदर्शन पर भी जेएमएम प्रवक्ता ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद सवालों के घेरे में हैं, वे दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। छात्रों के खिलाफ राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कुछ कोचिंग संचालकों पर भी भाजपा संरक्षण और फंडिंग के आरोप लगाए और कहा कि छात्रों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। छात्र निर्दोष हैं और उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर विश्वास जताया है। भाजपा सांसद संजय सेठ द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने की मांग पर भी मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि पहले भाजपा शासित राज्यों में यह फिल्म टैक्स फ्री हुई है या नहीं, यह देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्म को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, तो इस मुद्दे पर राजनीति क्यों की जा रही है। पांडेय ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि पहले भाजपा को अपने शासन वाले राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री कराने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दूसरे राज्यों में ऐसा किया जाता है तो झारखंड सरकार भी इस मांग पर विचार कर सकती है। श्रीनगर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के पूरा गीत बजने तक खड़े रहने के सवाल पर भी मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान सभी को करना चाहिए, लेकिन हर राजनीतिक दल और व्यक्ति की अपनी विचारधारा और राय भी होती है। उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के कई नेता भी कई मौकों पर पूरा वंदे मातरम नहीं गाते दिखाई दिए हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय अलग-अलग दलों की सोच और विचारों के संदर्भ में देखने की बात कही। दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना को लेकर मनोज पांडेय ने केंद्र सरकार पर शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा सरकार के 12 वर्षों में बड़े कार्यालय बनने का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल क्यों नहीं बनाए गए। उन्होंने शिक्षा बजट में कथित कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब शिक्षा और छात्रों की सुविधाओं पर पर्याप्त खर्च नहीं होगा तो ऐसे हादसों और समस्याओं से कैसे निपटा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ करने के लिए पैसा है, लेकिन छात्रों के लिए हॉस्टल, कॉलेज, अस्पताल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दिखाई जाती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नाराज फूफा’ वाले बयान पर भी मनोज पांडेय ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सिर्फ कोई एक वर्ग या व्यक्ति नाराज नहीं है, बल्कि छात्र, किसान, दलित और आदिवासी समेत समाज के कई वर्ग सरकार से नाराज हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा आलोचना करने वाले हर व्यक्ति को ‘नाराज फूफा’ बताने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए मनोज पांडेय ने उन्हें “झूठ का बेताज बादशाह” कहा। उन्होंने चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से 15 लाख रुपये, स्मार्ट सिटी और बुलेट ट्रेन जैसे कई वादे किए गए, लेकिन कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला।
जूनियर एशिया कप हॉकी: अनमोल एक्का के छह गोल की मदद से भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पहुंची

मोकी। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने बुधवार को यहां अपने आखिरी पूल ए मैच में चीनी ताइपे को 15-0 से आसानी से हराकर एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत की तरफ से कप्तान कप्तान अनमोल एक्का ने छह गोल किए। एक्का ने सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से किए। एक्का के गोलों की वजह से हीं भारत ने बिना गोल वाले शुरुआती क्वार्टर को एकतरफा मुकाबले में बदल दिया। इस जीत से भारत तीन जीत और एक ड्रॉ से 10 पॉइंट्स के साथ पूल ए में टॉप पर पहुंच गया। मैच में भारत ने गेंद पर दबदबा बनाए रखा और शुरुआती 15 मिनट में कई मौके बनाए, लेकिन चीनी ताइपे के मजबूत डिफेंस को भेद नहीं पाया। आखिरकार 17वें मिनट में सफलता मिली जब आर्यन जेस ने पहला गोल किया, और एक मिनट बाद प्रभदीप सिंह ने बढ़त दोगुनी कर दी। 22वें मिनट में गुरसेवक सिंह ने स्कोर 3-0 कर दिया, जिसके तीन मिनट बाद एक्का ने अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर गोल में बदला। अर्जुन संतोष हरगुडे ने 28वें मिनट में एक और गोल किया, और कुछ ही देर बाद एक्का ने फिर गोल किया, जिससे भारत हाफ-टाइम में 6-0 की बढ़त के साथ गया। तीसरा क्वार्टर पूरी तरह से भारत के नाम रहा। एक्का ने अपनी हैट्रिक पूरी करने के लिए दो शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर गोल में बदले और फिर एक और गोल करके अपनी संख्या चार कर ली। अजीत यादव ने भी 35वें मिनट में गोल किया, जिसके बाद एक्का ने 45वें मिनट में फिर से गोल करके अपना स्कोर पांच कर दिया और भारत को डबल फिगर में पहुंचा दिया। आखिरी क्वार्टर में हरपाल ने 48वें मिनट में गोल किया, जिसके तीन मिनट बाद एक्का ने एक और सफल पेनल्टी कॉर्नर के साथ अपना शानदार छह गोल का आंकड़ा पूरा किया। हरपाल ने इसके तुरंत बाद अपना दूसरा गोल किया, जबकि आर्यन जेस ने मैच का अपना दूसरा गोल करके भारत को 15-0 से जीत दिलाई। भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में विजयी रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है। दक्षिण कोरिया ने जापान को 3-2 से हराकर नौ पॉइंट्स के साथ ग्रुप से दूसरा सेमीफाइनल स्थान हासिल किया। जापान, इंडोनेशिया और चीनी ताइपे खिताब की दौड़ से बाहर हो गए और अब क्लासिफिकेशन मैचों में खेलेंगे।
निर्माण श्रमिकों के सशक्तिकरण पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे डॉ. मनसुख मांडविया

नई दिल्ली। केंद्र सरकार महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से 11 और 12 सितंबर को मुंबई में भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया करेंगे। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, इस सम्मेलन का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार संबंधी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाना है। बयान में कहा गया है कि सम्मेलन में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्डों के अध्यक्ष और सचिवों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। भारत में निर्माण क्षेत्र रोजगार का एक बड़ा स्रोत है और करोड़ों श्रमिकों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के लागू होने के बाद यह सम्मेलन बीओसीडब्ल्यू ढांचे की समीक्षा करने और श्रमिक कल्याण बोर्डों की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन के दौरान श्रमिकों का पंजीकरण, कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच, वैधानिक जिम्मेदारियां, कल्याण कोष के उपयोग और निगरानी व्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा तकनीक-आधारित सेवाओं और विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय के जरिए श्रमिकों तक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। दो दिवसीय इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राज्यों के बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों द्वारा अपनाई गई सफल पहलों और नवाचारों को साझा करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे विभिन्न राज्यों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और बेहतर मॉडलों को अपनाने का अवसर मिलेगा, जिससे निर्माण श्रमिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। सम्मेलन में नवंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान शुरू की गई तीन प्रमुख पहलों की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी, जिनमें स्टेट बीओसीडब्ल्यू डिजिटल लेबर चौक, लेबर चौक-सह-सुविधा केंद्र तथा ऑनलाइन बीओसीडब्ल्यू उपकर संग्रह पोर्टल शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य रोजगार सुविधा को मजबूत करना, श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उपकर संग्रह और निगरानी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना है। इसके अलावा, सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता मार्ग, कौशल विकास, रोजगार अवसर, श्रम सांख्यिकी और लेबर स्टैक जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन का लक्ष्य केंद्र, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, क्रियान्वयन संबंधी कमियों की पहचान करना और निर्माण श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कल्याण योजनाओं तथा रोजगार अवसरों की अधिक प्रभावी और सुलभ व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
‘भगवान न करे अगर भीषण भूकंप आ जाए’, किरण बेदी ने दिल्ली की असुरक्षित इमारतों की ओर ध्यान दिलाया

नई दिल्ली। सत्य निकेतन हादसे के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने बुधवार को स्थिति पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की, जिसमें दिल्ली के रियल एस्टेट क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और कथित भ्रष्टाचार की बढ़ती समस्या पर प्रकाश डाला गया। एक्स पर अपनी पोस्ट में बेदी ने कहा, “एक प्रतिक्रिया। एक खुला दृष्टिकोण। हम सभी रोजाना समस्याओं से जूझ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि दिल्ली का विस्तार हुआ है और यह लगातार बढ़ रहा है, “दुर्भाग्य से ज्यादातर भ्रष्टाचार” और अनधिकृत निर्माण के माध्यम से। उन्होंने कहा, “मैडम, दिल्ली का विस्तार हुआ है और दुर्भाग्य से यह विस्तार और भी बढ़ रहा है। अधिकतर भ्रष्टाचार और अनधिकृत निर्माणों के माध्यम से। इसका पैमाना बहुत बड़ा है।” उन्होंने शहर भर में मौजूद बड़ी संख्या में अनधिकृत कॉलोनियों और इमारतों की ओर इशारा करते हुए कहा कि कानूनी और योजनाबद्ध रियल एस्टेट विकास के लिए सीमित संभावनाएं हैं। बेदी ने आगे कहा, “अवैध कॉलोनियों की भारी संख्या को ही देख लीजिए, अवैध इमारतों की गिनती तो छोड़ ही दीजिए।” बेदी ने आगे कहा, “दिल्ली में अचल संपत्ति के कानूनी और सुनियोजित विकास के लिए सीमित संभावनाएं रही हैं। निहित स्वार्थों ने अब तक इसकी अनुमति नहीं दी है। अगर आप किसी भी उपयोग के लिए आवास की वास्तविक आवश्यकता को पूरा करने के लिए कानूनी और सुनियोजित तरीके से निर्माण कार्य करना चाहें, तो भ्रष्ट नियामक प्रणाली का अनुभव कर लीजिए।” उनके अनुसार, कमजोर और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित इमारतें रियल एस्टेट बाजार में विकृतियों का परिणाम हैं। उन्होंने आगे कहा, “कमजोर और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित इमारतें रियल एस्टेट क्षेत्र में बाजार की विकृति का परिणाम हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षित आवास की कमी केवल छात्रों तक ही सीमित नहीं है, जैसा कि एक अवैध पीजी आवास के ढहने के बाद उजागर हुआ है। यह आवासीय आवास सहित भवन उपयोग के अन्य क्षेत्रों में भी है। बेदी ने लगभग दो दशक पहले ललिता पार्क में हुई इमारत के ढहने की घटना को भी याद किया, जिसमें कई लोग मारे गए थे और राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़े भूकंप के संभावित परिणामों के बारे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अगर आप अपनी याददाश्त को थोड़ा जोर दें, तो आपको लगभग दो दशक पहले ललिता पार्क में एक बहुमंजिला इमारत के गिरने से हुई कई मौतें याद आ जाएंगी। भगवान न करे, अगर कोई बड़ी तीव्रता का भूकंप आता है, तो यह व्यवस्था बड़े पैमाने पर उजागर हो जाएगी।” उन्होंने बहुचर्चित भवन सुरक्षा ऑडिट की प्रभावशीलता पर भी संदेह व्यक्त किया और कहा कि इसके परिणामस्वरूप केवल कुछ ही भवनों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा, “मुझे डर है कि इमारतों के जिस ऑडिट की इतनी चर्चा हो रही है, उससे कुछ खास फायदा नहीं होगा, सिवाय कुछ इमारतों पर कार्रवाई के। सिर्फ जबरन वसूली की दरें बढ़ेंगी और कुछ दिनों में इस त्रासदी की यादें धुंधली पड़ने के बाद भी जबरन वसूली जारी रहेगी, क्योंकि कोई और सनसनीखेज खबर इस खबर को दबा देगी। एमसीडी के कामकाज के बारे में जितना कम कहा जाए उतना ही अच्छा है।” पूर्व आईपीएस अधिकारी ने सत्ता में बैठे लोगों की मिलीभगत से रियल एस्टेट क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई निष्पक्ष रूप से उन राजनेताओं, कर्मचारियों (चाहे वे नगर पालिका, पुलिस, राजस्व, जल बोर्ड, बिजली कंपनियों या न्यायिक प्रणाली के हों) द्वारा अर्जित अवैध धन और संपत्तियों (बेनामी सहित) की जांच करे, जिनका अचल संपत्ति विकास से संबंध है और उन पर नियंत्रण रखने वालों, ब्लैकमेलरों और अन्य लोगों द्वारा जो अचल संपत्ति के माध्यम से अपना धन बढ़ाते हैं, तो यह काफी खुलासा करने वाला होगा।” उन्होंने आगे कहा कि यदि रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े नेताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों की अवैध कमाई व (बेनामी सहित) संपत्तियों की निष्पक्ष जांच की जाए, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। इसके साथ ही, रियल एस्टेट की आड़ में फलने-फूलने वाले ब्लैकमेलरों और अन्य बिचौलियों की काली कमाई भी उजागर होनी चाहिए।
महिला पुलिस अधिकारियों के साथ बदसलूकी करने पर बीआरएस नेताओं के खिलाफ एक और केस दर्ज

हैदराबाद। हैदराबाद पुलिस ने सोमवार को तेलंगाना विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार पर महिला पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के लिए सैफाबाद पुलिस स्टेशन में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेताओं के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव, तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस के डिप्टी लीडर टी. हरीश राव और पार्टी के कई अन्य विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पर महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने से रोकने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धमकाने का आरोप है। महिला पुलिस कॉन्स्टेबल के. पद्मावती की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। यह मामला सोमवार को गेट नंबर 3 पर हुई घटनाओं के सिलसिले में दर्ज किया गया है, जब पुलिस ने बीआरएस विधायकों को नारे लिखी काली टी-शर्ट पहनकर विधानसभा में जाने से रोक दिया था। शिकायत करने वाली महिला पुलिसकर्मी ने आरोप लगाया कि बीआरएस के विधायकों और एमएलसी ने महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं। उन्होंने महिला पुलिस अधिकारियों के सामने आधे-नंगे होकर खड़े होने के लिए अपनी टी-शर्ट भी उतार दीं। पुलिस कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि विधायक महिला पुलिसकर्मियों के सामने करीब आधे-नंगे होकर खड़े हो गए, जिससे उन्हें बहुत असहजता और शर्मिंदगी महसूस हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नेताओं ने महिला कॉन्स्टेबल को धक्का-मुक्की करके और उनकी छाती पर धक्का देकर जबरदस्ती विधानसभा में घुसने की कोशिश की। धक्का-मुक्की से एसआई त्रिवेणी और महिला कॉन्स्टेबल रश्मि यादव व सौम्या को शारीरिक और मानसिक परेशानी हुई और उन्हें इलाज के लिए ग्लेनीगल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और वे तस्वीरों, वीडियो और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। सोमवार की घटनाओं के सिलसिले में बीआरएस नेताओं के खिलाफ दर्ज यह दूसरा मामला है। इससे पहले बीआरएस नेताओं पर पुलिस के काम में बाधा डालने और उन पर हमला करने का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने महिला कॉन्स्टेबल के साथ बदसलूकी की, कर्मचारियों को धमकाया, पुलिसकर्मियों का कॉलर पकड़ा और क्यूआरटी कर्मियों को धक्का दिया। सैफबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में पूर्व मंत्री जगदीश रेड्डी, गंगुला कमलाकर, सबिता इंद्रा रेड्डी, सुनीता लक्ष्मा रेड्डी, विधायक पाडी कौशिक रेड्डी, शम्बीपुर राजू, संजय, विजयडु, सुधीर रेड्डी और कोवा लक्ष्मी का नाम शामिल है। वहीं, मंगलवार को पुलिस ने बीआरएस के दो एमएलसी को विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। विधानसभा अध्यक्ष के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) पोलेपल्ली वेंकटेशम की शिकायत पर एमएलएसी टी. मधुसूदन उर्फ मधु और एन. नवीन कुमार रेड्डी के खिलाफ सैफाबाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। दोनों एमएलसी को नामपल्ली कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें पर्सनल बॉन्ड और जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। मंगलवार को विधान परिषद ने दोनों एमएलसी को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया।
पलामू में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप

मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित शहर थाना क्षेत्र के रेडमा चौक पर एक नवविवाहिता वैष्णवी देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव मंगलवार देर रात उसके ससुराल के कमरे में फंदे से झूलता मिला। वैष्णवी के मायके वालों का आरोप है कि ससुराल के लोगों ने उसकी हत्या कर इस आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की रहने वाली वैष्णवी की शादी करीब 10 माह पहले मेदिनीनगर निवासी सूरज गुप्ता के साथ हुई थी। मायके वालों का कहना है कि शादी के कुछ दिनों बाद ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। घटना की जानकारी बुधवार को तब सामने आई, जब ससुराल वाले वैष्णवी को गंभीर हालत में मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि मौत की पुष्टि के बाद ससुराल पक्ष के लोग शव को अस्पताल से चुपचाप ले जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन एमएमसीएच पुलिस चौकी के सतर्क जवानों ने उन्हें मौके पर ही रोक लिया। इसके बाद घटना की जानकारी मृतका के मायके वालों को दी गई। बुधवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के औडिमोड थाना क्षेत्र से मेदिनीनगर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के मामा जीतेंद्र ने बताया कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए वैष्णवी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात करीब 9 बजे वैष्णवी ने अपनी मां से फोन पर सामान्य बातचीत की थी और किसी भी प्रकार के तनाव का जिक्र नहीं किया था। लेकिन कुछ घंटे बाद परिजनों को उसकी मौत की सूचना दे दी गई, जिससे घटना पर गहरा संदेह पैदा होता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मायके वालों के बयानों और आरोपों के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है।