विदेश मंत्री जयशंकर का दो दिवसीय भूटान दौरा, राजा और प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 16 और 17 सितंबर को भूटान दौरे पर रहेंगे। उनकी यह दो दिवसीय यात्रा भूटान के विदेश और बाहरी व्यापार मंत्री ल्योंपो डीएन ढुंग्येल के निमंत्रण पर हो रही है। एमईए के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर भूटान के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा, उनकी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से शाही मुलाकात भी तय है। वे भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क की परंपरा को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद घनिष्ठ मित्रता तथा सहयोग को और मजबूत करने के लिए की जा रही है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और भूटान के बीच लगातार उच्चस्तरीय और संस्थागत स्तर पर बातचीत व सहयोग जारी है। दोनों देश कूटनीति, विकास और लोगों से जुड़े कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने थिम्पू में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की। यह उनके तीन दिवसीय भूटान दौरे की शुरुआत थी। ज्ञानेश कुमार भूटान के राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में भी हिस्सा लेने वाले हैं। भूटान के राजा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। भूटान की तीन दिन की यात्रा पर आए भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त को आज शाही मुलाकात का अवसर दिया गया।” एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ज्ञानेश कुमार की यात्रा का उद्देश्य भारत के चुनाव आयोग और भूटान के चुनाव आयोग के बीच संस्थागत सहयोग को और मजबूत करना है। उनकी यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम मंगलवार को पारो स्थित जिग्मे सिंग्ये वांगचुक स्कूल ऑफ लॉ में आयोजित भूटान के राष्ट्रीय मतदाता दिवस का समारोह था। भारत और भूटान समुदाय स्तर पर विकास परियोजनाओं में भी मिलकर काम कर रहे हैं। अगस्त में भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया था कि झेमगंग जिले के पानबांग क्षेत्र में तीन हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपी) का उद्घाटन किया गया। भूटान में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत के सहयोग से पूरी की गई ये एचआईसीडीपी परियोजनाएं कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचने में मदद करेंगी, लोगों की आजीविका बेहतर करेंगी और पानबांग क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएंगी।” जयशंकर की यह यात्रा भारत और भूटान को अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करने का अवसर देगी। उनकी भूटान के शीर्ष नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर रहने की उम्मीद है।
बकासन में संतुलन बिगड़ रहा है? इस तरह करें अभ्यास, कुछ दिन में बन जाएगी पकड़

नई दिल्ली। बकासन योग का एक कठिन लेकिन बेहद लोकप्रिय आसन है। इसे अंग्रेजी में क्राउ पोस कहा जाता है। शुरुआत में इसे करने में थोड़ा मुश्किल लग सकता है, क्योंकि इसमें शरीर का संतुलन हाथों पर बनाना होता है। लेकिन सही तकनीक और नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे इस आसन पर पकड़ बनाई जा सकती है। बकासन करते समय शरीर की स्थिति के साथ-साथ सांस और संतुलन पर ध्यान देना भी जरूरी है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बकासन करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े होकर या स्क्वाट की स्थिति में आएं। अब दोनों हथेलियों को कंधों की चौड़ाई के आसपास जमीन पर मजबूती से टिकाएं। उंगलियों को अच्छी तरह फैलाएं, ताकि हथेलियों का आधार मजबूत रहे और शरीर का संतुलन बनाने में आसानी हो। अब धीरे-धीरे घुटनों को ऊपर उठाकर उन्हें बगल यानी ऊपरी बाजुओं के पास टिकाएं। इसके बाद कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं और शरीर का भार धीरे-धीरे पैरों से हटाकर हाथों की तरफ लाएं। इस दौरान कोशिश करें कि टेलबोन अंदर की ओर रहे और शरीर बहुत ज्यादा आगे या पीछे न झुके। अब पैरों को जमीन से ऊपर उठाने की कोशिश करें। शुरुआत में एक-एक पैर उठाकर अभ्यास किया जा सकता है। जब संतुलन बनने लगे, तो दोनों पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं। भुजाओं को जितना संभव हो सीधा रखें और कंधों को स्थिर रखें। बकासन में दृष्टि सामने की ओर रखना काफी महत्वपूर्ण है। नीचे देखने से शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। उंगलियों को फैलाकर हथेलियों के जरिए जमीन पर मजबूत पकड़ बनाएं। पैरों को भी ढीला न छोड़ें, बल्कि पंजों को तानकर पैरों को सक्रिय रखें। इस आसन के दौरान सांस को रोकने के बजाय सामान्य और नियंत्रित तरीके से सांस लेते रहें। शुरुआत में कुछ सेकंड तक संतुलन बनाना ही पर्याप्त है। अभ्यास बढ़ने के साथ धीरे-धीरे इस स्थिति में ज्यादा देर तक रहने की कोशिश की जा सकती है। बकासन शरीर के संतुलन और एकाग्रता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसके अभ्यास से कलाई, हाथ, कंधे और बाजुओं की मांसपेशियों पर काम होता है। साथ ही पेट और कोर की मांसपेशियां भी सक्रिय रहती हैं। नियमित अभ्यास से शरीर पर नियंत्रण और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
तमिलनाडु: मदुरै मीनाक्षी मंदिर ‘महा कुंभाभिषेकम’ के लिए तैयार, जिला प्रशासन अलर्ट

मदुरै। तमिलनाडु के मदुरै में गुरुवार को मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर के ‘महा कुंभाभिषेकम’ के लिए व्यापक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। इस मौके पर लाखों श्रद्धालुओं के मंदिर शहर में जुटने की उम्मीद है। तमिलनाडु सरकार ने मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में लोगों की भागीदारी को आसान बनाने के लिए मदुरै जिले में स्थानीय छुट्टी की घोषणा की है। जिला प्रशासन, मदुरै कॉर्पोरेशन, मंदिर प्रशासन और पुलिस ने दर्शन, परिवहन, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवा, आग से सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मिलकर इंतजाम किए हैं। अलग-अलग रंग के पास वाले श्रद्धालुओं के लिए सात अलग-अलग प्रवेश मार्ग बनाए जाएंगे, जबकि भीड़ को रास्ता दिखाने के लिए अहम जगहों पर बैरिकेड और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। पुथु मंडपम में बना एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम एलईडी स्क्रीन के जरिए मंदिर और आस-पास की सड़कों पर नजर रखेगा। 70 जगहों पर 241 नए सीसीटीवी कैमरे और फेशियल-रिकग्निशन कैमरे लगाकर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिसकर्मी मंदिर परिसर और आस-पास के इलाकों में कड़ी नजर रखेंगे। दूसरे ज़िलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पाँच जगहों पर अस्थायी बस स्टैंड बनाए गए हैं। अतिरिक्त स्पेशल बसें चलाई जाएंगी और 55 जगहों पर मुफ्त पार्किंग की सुविधा होगी। नगर निकाय और मंदिर प्रशासन ने पीने के पानी की लगातार सप्लाई, पक्के और मोबाइल शौचालय और शिफ्ट में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों का इंतजाम किया है। सुबह के समय तेज गर्मी की आशंका को देखते हुए श्रद्धालुओं को गर्म जमीन से बचाने के लिए मुख्य सड़कों पर नारियल के रेशे वाली चटाइयां बिछाई जाएंगी। मंदिर के अंदर, उसकी छत पर और आस-पास के इलाकों में एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट सुविधाओं वाले स्पेशल मेडिकल कैंप काम करेंगे। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए लगभग 70 डॉक्टर, 108 एम्बुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीमें तैयार रहेंगी। खास जगहों पर फायर और रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी, पानी के टैंकर और बचाव के उपकरण तैनात किए जाएंगे। बिजली सप्लाई में कोई रुकावट न आए, इसके लिए वैकल्पिक बिजली कनेक्शन और जनरेटर का भी इंतजाम किया गया है। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीमें अधिकृत संस्थाओं द्वारा ‘अन्नदानम’ के लिए तैयार किए जा रहे खाने की जांच कर रही हैं। विशेष निगरानी अधिकारी के. वीरा राघवा राव, पी. मधुसूदन रेड्डी और सी. पझानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंतिम तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में एचआर एंड सीई कमिश्नर टी.जी. विनय और मदुरै कलेक्टर निशांत कृष्णा भी मौजूद थे। बाद में अधिकारियों ने मंदिर, सुरक्षा पॉइंट्स और कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और सभी विभागों को आपसी तालमेल से काम करने का निर्देश दिया, ताकि गुरुवार को होने वाले मंदिर के बड़े अभिषेक समारोह के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कोई परेशानी न हो। आपातकालीन स्थिति में, आम लोग टोल-फ्री नंबर 1800-425-6781 और 1800-425-6782 पर संपर्क कर सकते हैं।
मिस्र के राष्ट्रपति और सऊदी क्राउन प्रिंस की मुलाकात, संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर हुई चर्चा

काहिरा। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी ने काहिरा में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मंगलवार को हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने तथा व्यापार और निवेश के बढ़ते प्रवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने पर सहमति जताई। यह जानकारी मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई। बयान के अनुसार, राष्ट्रपति सीसी ने सऊदी अरब की संप्रभुता, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी हमले या धमकी की निंदा की और उन्हें पूरी तरह अस्वीकार किया। उन्होंने दोहराया कि मिस्र, सऊदी अरब की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन करता है। साथ ही, यमन संकट का व्यापक और स्थायी राजनीतिक समाधान निकालने की कोशिशों के भी पक्ष में है। वहीं, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने में मिस्र की भूमिका की सराहना की। उन्होंने हाल की भू-राजनीतिक चुनौतियों के दौरान सऊदी अरब के प्रति मिस्र के समर्थन और एकजुटता की भी प्रशंसा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच सीमा पार संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। हूती समूह ने सोमवार को दावा किया था कि उसने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक प्रमुख सैन्य एयरबेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इसके अलावा, पिछले सप्ताह हूती लड़ाकों ने रणनीतिक महत्व वाले मोखा बंदरगाह पर कब्जा कर लिया। इसके बाद वे दक्षिण की ओर बढ़ते हुए बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट क्षेत्र में पहुंचे और मयून द्वीप पर भी नियंत्रण कर लिया। इससे लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर उनकी पकड़ और मजबूत हो गई है। इस बीच, सोमवार को ही सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जेद्दा में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर से भी मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्र की ताजा परिस्थितियों की समीक्षा की और सऊदी अरब तथा अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की।
भारत के साथ एफटीए को न्यूजीलैंड की संसद से मंजूरी मिलने पर पीएम लक्सन ने जताई खुशी, दोनों देशों के बीच व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

वेलिंग्टन/नई दिल्ली। भारत के साथ एफटीए को न्यूजीलैंड की संसद से मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने खुशी जताते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या नौकरियां पैदा होंगी। साथ ही, इस समझौते से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने पोस्ट किया कि लोगों ने मुझसे कहा था कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) मुमकिन नहीं है, लेकिन आज उस समझौते को संसद से मंजूरी मिल गई है। उन्होंने आगे कहा कि नेशनल पार्टी ने कहा था कि हम अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करेंगे, और हमने वह करके दिखाया है। इस अहम समझौते का मतलब है कि न्यूजीलैंड के लोगों के लिए ज्यादा नौकरियां और ज्यादा आमदनी होगी। साथ 1.4 अरब भारतीय ग्राहकों तक पहुंचने का रास्ता खुलने से भारत में न्यूजीलैंड के और ज्यादा उत्पाद बिकेंगे। साथ ही, यह अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और आपको तरक्की में मदद करने का एक तरीका है। न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को 93-29 (पक्ष-विपक्ष) की मत से मंजूरी दे दी है। इससे पहले न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि जब यह समझौता लागू होगा, तो भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। पूरी तरह लागू होने पर, 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा दिए जाएंगे या काफी कम कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस समझौते से बॉर्डर पर तेजी से क्लीयरेंस मिलेगी और भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जो भोजन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन, प्रोफेशनल सेवाओं और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ा रहा है। मैक्ले ने कहा कि न्यूजीलैंड-भारत के बीच बातचीत की घोषणा मार्च 2025 में की गई थी और सरकार को उम्मीद है कि यह समझौता इस साल के आखिर तक लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एफटीए से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को अपने बिजनेस संबंध बढ़ाने में मदद मिलेगी और इससे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन द्वारा 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को भी समर्थन मिलेगा।
‘तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते हैं अखिलेश’, यूसीसी के विरोध पर एनडीए नेताओं ने किया पलटवार

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत एनडीए के नेताओं ने यूसीसी को ‘अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी’ बताने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि वे तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते हैं, इसके लिए शब्द नहीं, इन शब्दों के पीछे उनकी सोच दिखती है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आईएएनएस से कहा, “अखिलेश यादव को हम क्या कहें। वे मुसलमान भाई को लेकर और मुसलमान भाई अखिलेश यादव को लेकर परेशान हैं। दोनों लोगों में तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। यूसीसी से पहले अखिलेश यादव को तो ये ऐलान कर देना चाहिए कि अगर सपा सरकार बनेगी तो मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाएंगे।” राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव बहुत हमदर्द हैं मुसलमानों के लिए, क्योंकि चार बार मुसलमानों ने वोट दे करके यादव जी को मुख्यमंत्री बनाया। अब उनका कर्तव्य बनता है कि एक बार उनको भी मौका दें, ताकि उनको भी ये कहने का अवसर ना मिले कि हमारा वोट लेकर खाली लोग सरकार बनाते हैं। ज्यादा वोट तो अखिलेश यादव पाते हैं, हम लोग तो एनडीए गठबंधन वाले हैं, थोड़ा कम मिलता है।” उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “समाजवादी पार्टी के लोग आजकल परिभाषा गढ़ने में बड़ी चतुराई के साथ काम कर रहे हैं। गृहमंत्री की घोषणा की प्रशंसा होनी चाहिए थी कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में यूसीसी लागू करके प्रदेश में समान आचार संहिता लागू करने का फैसला लिया। उसके विरुद्ध समाजवादी पार्टी के लोगों ने यूसीसी परिभाषा को बदल के कहीं न कहीं, मैं समझता हूं कि अपने अहंकार भाव को दिखाया है और यही अहंकार भाव समाजवादी पार्टी को 2027 में खत्म करने का काम करेगा।” यूसीसी के विरोध पर संजय निषाद ने कहा, “उनके (अखिलेश यादव) पास जैसे सलाहकार हैं, उसी वजह से वे आज सत्ता से बाहर हैं। संविधान हमेशा सामाजिक न्याय की बात करता है। सामाजिक न्याय तभी मिलेगा जब समान नागरिक संहिता और समान अधिकार होंगे। अधिकार कानूनों, एक्ट और नोटिफिकेशन के जरिए दिए जाते हैं।” उन्होंने सवाल किया कि क्या मुस्लिम महिलाएं मतदाता नहीं हैं? क्या वह इस देश की महिलाएं नहीं हैं? उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म की जगह नहीं है। धर्म जीने का आधार है, लेकिन समानता, सम्मान, सुरक्षा समृद्धि, स्वाभिलंबन पाने का अधिकार सबको है। जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। निषाद ने कहा कि यूसीसी उत्तराखंड, असम और गुजरात में लागू हुआ। वहां सब लोग खुश हैं। इसलिए हमें लगता है कि यह अन्य जगहों पर भी होना चाहिए। हम सभी को उसका स्वागत करना चाहिए। यूसीसी का विरोध करना गलत है। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के विधायक राम कदम ने कहा, “अखिलेश यादव आजकल साहित्यकार हो गए हैं। वे खुद की अपनी एक नई डिक्शनरी बनाने का प्रयास करते हैं, उनको शुभकामनाएं, पर क्या शब्द बदलने से शब्दों के पीछे की सोच इंसान की नहीं बदलती।” उन्होंने कहा, “यह देश इसके पहले तुष्टिकरण की राजनीति पर चलता था। क्या एक ही देश में एक को एक कानून, दूसरे को दूसरा कानून, ये असमानता क्या संविधान के के तहत मंजूर हो सकती है? सबका साथ और सबका विकास इस मूल मंत्र को लेकर आगे बढ़ना है, तो सबके लिए समान कानून है, पर इसकी मिर्ची अखिलेश यादव को इस कारण लगती हैं कि वे तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते हैं, इसके लिए शब्द नहीं, इन शब्दों के पीछे उनकी सोच दिखती है।” भाजपा की झारखंड इकाई के नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा, “उन्हें ‘मुल्ला अखिलेश यादव’ ऐसे ही नहीं कहा जाता, क्योंकि वे हमेशा मुसलमानों के समर्थन में खड़े रहते हैं। वे उसी पार्टी से आते हैं जिसकी सरकार ने कार सेवकों पर गोली चलवाई थी। कहा जाता है कि पूरी सरयू नदी कार सेवकों के खून से लाल हो गई थी। इसलिए, उनके हाथ पहले से ही खून से सने हैं। वे देश में फिर से दंगे भड़काना चाहते हैं।” उन्होंने कहा, “कौन कहता है कि भाजपा सांप्रदायिक एजेंडा चला रही है? हम मुसलमानों के भले के लिए यूसीसी ला रहे हैं। किसी मुस्लिम पुरुष को चार शादियां करने की इजाजत क्यों होनी चाहिए? बेटियों का क्या कसूर है? तलाक देने का हक सिर्फ पुरुषों को क्यों होना चाहिए? क्या महिलाओं को यह हक नहीं मिलना चाहिए? इन विसंगतियों को दूर किया जाएगा। अखिलेश या राहुल चाहे कुछ भी करें, यूसीसी लागू होकर रहेगा।” भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा, “अखिलेश यादव को जानकारी की कमी है। उनको संविधान पढ़ना चाहिए। आप संविधान के नाम पर राजनीति करते हैं, संविधान के नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन संविधान में जो चीजें लिखी हुई हैं, जो संविधान की प्रस्तावना में हैं और कानून के समक्ष समानता है, अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 44 पढ़कर आएं। वे एक वर्ग को अपीज करने के लिए इस प्रकार की बातें कर रहे हैं, इसका कोई अर्थ नहीं है।
मेरा शरीर अब साथ नहीं दे रहा, बिगड़ती सेहत के बीच जरांगे पाटिल ने मुंबई मार्च रद्द करने का दिया संकेत

पटोडा/बीड। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र के बीड जिले के पटोडा में रात 2:00 बजे एक बड़ी सभा को संबोधित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक शारीरिक थकान के कारण उन्हें मुंबई की ओर अपनी आगे की यात्रा रद्द करनी पड़ सकती है। अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन जरांगे पाटिल ने कहा कि अगर समर्थक उनके पीछे गाड़ियों का काफिला लेकर चलते रहे, तो वह अपनी यात्रा रोक देंगे और या तो स्थानीय स्तर पर धरना शुरू करेंगे या अंतरवाली सराटी लौट जाएंगे। रात करीब 1:30 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बावजूद मराठा समुदाय के हजारों लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उनकी बात सुनने के लिए पूरी रात इंतजार करते रहे। भीड़ को संबोधित करते हुए शारीरिक रूप से काफी कमजोर दिख रहे जरांगे पाटिल ने कहा कि 12 सितंबर को आईवी फ्लूइड (नसों के जरिए दी जाने वाली दवा/तरल पदार्थ) लेना बंद करने के बाद से वह बमुश्किल अपने हाथ-पैर हिला पा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “अपने समुदाय के बच्चों के लिए लड़ने का असर मेरे शरीर पर पड़ा है, लेकिन मैंने आप लोगों के लिए सरकार से टक्कर ली है। सरकार चाहती है कि मैं घुटने टेक दूं, लेकिन क्या मुझे अपनी मांग छोड़ देनी चाहिए? मेरा समुदाय किसी भी सरकार से बड़ा है – यह मेरे पिता के समान है। मेरे समुदाय में किसी भी सरकार को गिराने और नई सरकार बनाने की ताकत है।” जरांगे पाटिल ने आंदोलन की प्रगति के बारे में बताया कि 58 लाख पुराने रिकॉर्ड (नोंदी) मिल गए हैं, जिससे लगभग 2.5 करोड़ समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण का लाभ पाने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभी मुख्य मकसद सरकारी गजट हासिल करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी सीधा हमला किया और दावा किया कि उन्होंने हर कदम पर राजनीतिक चालों का मुकाबला किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज पेन ड्राइव में सुरक्षित रख लिए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस पर “उनकी जान लेने की साजिश रचने” का आरोप भी लगाया। पश्चिमी महाराष्ट्र में फलों के बागों के मालिकों से जुड़े तर्क का जवाब देते हुए उन्होंने सवाल किया, “सरकार का कहना है कि पश्चिमी महाराष्ट्र में फलों के बाग है लेकिन क्या ओबीसी समुदायों के पास बाग नहीं हैं? फिर उन्हें आरक्षण क्यों मिलता है?” जरांगे पाटिल ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान रैली या दौरा करना मुमकिन नहीं है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे पटोडा से उनकी गाड़ी के पीछे न आएं बल्कि सीधे खोपोली में मिलें, वरना वे या तो अंतरवाली लौट जाएंगे या बीड जिले के पटोडा में ही अपनी भूख हड़ताल फिर से शुरू कर देंगे। अपने परिवार के लिए एक संदेश में जरांगे पाटिल ने कहा, “मैंने अपने परिवार से आत्मसम्मान के साथ जीने को कहा है। मैंने अपने बेटे से कहा है कि अगर मैं समाज के लिए अपनी जान दे दूं, तो वह हिम्मत के साथ आगे आए। भले ही इस मकसद के लिए एक जान चली जाए, लेकिन हमारी जाति की गरिमा कभी कम नहीं होनी चाहिए।” पुलिस से सीधे बात करने की इच्छा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनकी शारीरिक हालत ठीक रही, तो वे पटोडा से सीधे मुंबई जाना पसंद करेंगे, न कि लोगों के बड़े हुजूम के साथ।
योगी कैबिनेट का बड़ा कदम: इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरी, शिक्षा और कल्याण से जुड़े 23 प्रस्तावों को मंज़ूरी

लखनऊ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, रोज़गार, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, औद्योगिक विकास और जन कल्याण को मज़बूत करने के मकसद से 23 अहम प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई।राज्य के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इन फैसलों के बारे में मीडिया को जानकारी दी।एक बड़ा फैसला 15.172 किलोमीटर लंबे चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए संशोधित प्रस्ताव को मंज़ूरी देना था। यह छह-लेन वाला, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड में लगभग 1,008.67 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा।इसका पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी और निर्माण एजेंसी चुनने के लिए ग्लोबल टेंडर (वैश्विक बोली) आमंत्रित किया जाएगा।स प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड से चित्रकूट धाम तक कनेक्टिविटी बेहतर होने और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा परिषद के तहत प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दी, जिसका मकसद शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना और छात्रों को आधुनिक सीखने की सुविधाएँ देना है।मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत, छोटे और सीमांत किसान उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से छह प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर 6 लाख रुपये तक के लॉन्ग-टर्म लोन के लिए पात्र होंगे।उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने एनफोर्समेंट कॉन्स्टेबल (परिवहन) और जेल वार्डन के पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल रिज़र्वेशन और उम्र में छूट को मंज़ूरी दी।चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को उनकी संबंधित कैटेगरी के तहत यह रिज़र्वेशन मिलेगा। अधिकतम उम्र तय करने के लिए उनकी चार साल की सेवा को गिना जाएगा, साथ ही तीन साल तक की अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। कुल रिज़र्वेशन की सीमा 50 प्रतिशत के भीतर ही रहेगी।उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए इसी तरह के 20 प्रतिशत रिज़र्वेशन को मंज़ूरी दी थी।जेल वार्डन के तौर पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से जेल की सुरक्षा मज़बूत होने की उम्मीद है, खासकर उन जेलों में जहाँ आतंकवादी और कुख्यात अपराधी रखे जाते हैं, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग, अनुशासन और ऑपरेशनल अनुभव का लाभ उठाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने प्रोविंशियल आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) के लिए कैशलेस मेडिकल इलाज को मंज़ूरी दी। इस स्कीम में ‘मुख्यमंत्री PRD कैशलेस मेडिकल स्कीम’ के तहत प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के वॉलंटियर्स और उन पर निर्भर परिवार के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। कैबिनेट ने PRD ड्यूटी अलाउंस की दरों में बढ़ोतरी को भी मंज़ूरी दी।मैन्युफैक्चरिंग और रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तर प्रदेश खिलौना निर्माण प्रोत्साहन नीति-2025’ को मंज़ूरी दी गई। अन्य औद्योगिक फैसलों में मथुरा की छाता शुगर कंपनी लिमिटेड में कंसेशन-कम-लीज़ के ज़रिए 120 KLPD का इथेनॉल प्लांट लगाना और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ‘वर्ल्डफिश’ प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए राज्य सरकार, मत्स्य विभाग और ‘वर्ल्डफिश’ के बीच MoU को मंज़ूरी देना शामिल है।राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, अयोध्या की मिल्कीपुर तहसील के पूरे लाल खान गाँव में लगभग 65 एकड़ बंजर ज़मीन NSG रीजनल सेंटर के लिए केंद्र सरकार को मुफ़्त में दी जाएगी।उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के लिए ज़्यादा वित्तीय अधिकार, 10 साल तक की लीज़ डीड पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस से छूट, गाड़ियों की फिटनेस के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों से जुड़ी नीति में संशोधन, और राशन की दुकानों (फेयर-प्राइस शॉप) के डीलरों को बांटे गए अनाज के आधार पर प्रति क्विंटल 25 रुपये अतिरिक्त मार्जिन मनी देने को भी मंज़ूरी दी।शहरी विकास के तहत, ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना’ के अंतर्गत लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली के विकास के लिए फंड मंज़ूर किया गया। इसके अलावा, लखनऊ में मंज़ूर किए गए हाई-टेक टाउनशिप प्रोजेक्ट को पूरा करने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दी गई।
पहले दिन लालबागचा राजा के चरणों में चढ़ाया गया 48 लाख 50 हजार का दान

मुंबई। पूरे देश में गणेश उत्सव की धूम है। पहले दिन लालबागचा राजा के चरणों में 48 लाख 50 हजार रुपए का दान श्रद्धालुओं ने किया। इसमें स्टेज बॉक्स में 27,50,00 रुपए का दान, जबकि कलर बॉक्स में 21 लाख रुपए का दान किया गया है। पिछले वर्ष गणेश उत्सव के पहले दिन 46 लाख रुपए का दान चढ़ाया गया था। दूसरी ओर, ग्रेटर मुंबई के खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मुंबई में अलग-अलग गणेश मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता वर्कशॉप आयोजित कीं। इस दौरान कुल 5 वर्कशॉप अलग-अलग जगहों पर आयोजित की गईं, जिनमें गणेश मंडलों के कुल 320 पदाधिकारियों और अन्य संबंधित संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। बीएमसी के साथ मिलकर एफडीए ने 110 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए ‘मोदक की मिठास, खाद्य सुरक्षा का भरोसा’ नाम से एक वर्कशॉप आयोजित की। यह सत्र मोदक बनाने के काम में लगभग 110 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के प्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया था। इस दौरान आयुक्त (खाद्य) और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के ‘शेड्यूल 4’ के बारे में जानकारी दी और ‘अच्छी स्वच्छता प्रथाओं’ (जीएचपी) एवं ‘अच्छी निर्माण प्रथाओं’ (जीएमपी) पर विशेष जोर दिया गया। इसी के साथ महाप्रसाद बांटने वाले मंडलों के लिए भी निर्देश जारी किए गए, जहां सभी गणेश मंडलों को निर्देश दिया गया कि वे भंडारा, महाप्रसाद और खाने की दूसरी चीजें बांटने के लिए संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद फॉर्म/अपेंडिक्स-सी भरकर ऑफिस में जमा करें। इसके साथ ही खाने की चीजें सिर्फ लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन वाली जगहों से ही खरीदें और उनका सही बिल वगैरह भी लें। वहां मौजूद लोगों को खाने की सुरक्षा और साफ-सफाई के बारे में जरूरी सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस वर्कशॉप/मीटिंग का मुख्य मकसद यह पक्का करना था कि गणेशोत्सव के दौरान भक्तों को सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का खाना मिले। ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ का मुख्य मकसद लोगों को पौष्टिक, बिना मिलावट वाला और सुरक्षित खाना उपलब्ध कराना है और महाराष्ट्र राज्य का ‘फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।
मोदी सरकार से 80 प्रतिशत मलयालियों को फायदा हुआ : केरल भाजपा

तिरुवनंतपुरम। केरल भाजपा ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी सरकार की अलग-अलग योजनाओं से लगभग 80 प्रतिशत मलयाली लोगों को फायदा हुआ है। इसी के साथ, पार्टी ने मोदी की 25 साल की जन-सेवा के उपलक्ष्य में केरल में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने तक चलने वाले बड़े ‘सेवा संकल्प अभियान’ की घोषणा की है। राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि इस कैंपेन का मकसद सेवा-भाव वाली राजनीति का संदेश सीधे लोगों तक पहुंचाना है। पार्टी की योजना है कि इस महीने भर चलने वाले प्रोग्राम के दौरान केरल में कम से कम 50 लाख लोगों तक पहुंचा जाए। भाजपा के राज्य महासचिव एस. सुरेश ने कहा कि केरल में मोदी सरकार की कल्याणकारी और विकास योजनाओं की पहुंच बहुत ज़्यादा है; लगभग 80 प्रतिशत मलयाली लोगों को सरकार की एक या उससे ज्यादा योजनाओं का फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहुंच का अंदाजा कल्याण, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और कोविड वैक्सीनेशन जैसी योजनाओं से लगाया जा सकता है। भाजपा राज्य भर में लगभग 20,000 बूथों पर प्रोग्राम आयोजित करेगी। पार्टी के लगभग 2,000 प्रतिनिधि वार्ड-स्तर पर ऑडिट करेंगे ताकि केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान की जा सके और योजनाओं की पहुंच का आकलन किया जा सके। ऐसे योग्य लोगों की पहचान करने के लिए स्पेशल कैंप भी लगाए जाएंगे जिन्हें योजनाओं का फायदा नहीं मिला है, और उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने में मदद की जाएगी। यह कैंपेन 7 अक्टूबर, 2001 को मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया जा रहा है। भाजपा के अनुसार, गुजरात में उनके कार्यकाल ने संकट को अवसर में बदलने और शासन के केंद्र में विकास को रखने का नजरिया दिखाया। पार्टी उन बातों को भी उजागर करेगी जिन्हें वह 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से इंफ्रास्ट्रक्चर और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत की बड़ी प्रगति बताती है। कैंपेन के हिस्से के तौर पर, केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थी ‘विकास के लिए दीपम’ में हिस्सा लेंगे और पीएम मोदी के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए अपने घरों में दीये जलाएंगे। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक स्कूली छात्रों के लिए ‘स्वप्न भारत’ पर ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जबकि 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगनवाड़ी उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक रक्तदान और मेडिकल कैंप आयोजित किए जाएंगे। एक साल पहले शुरू किए गए बीजेपी के हेल्प डेस्क इन गतिविधियों का समन्वय करेंगे। तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन, पलक्कड़ और त्रिप्पुनिथुरा नगर पालिकाओं और भाजपा शासित पंचायतों में आधिकारिक तौर पर ‘सेवा समर्पण माह’ मनाया जाएगा। 7 अक्टूबर को केरल में भाजपा के 30 संगठनात्मक जिला केंद्रों से ‘विकास ज्योति यात्राएं’ निकाली जाएंगी। इन यात्राओं का समापन जनसभाओं के साथ होगा, जिनमें पार्टी कार्यकर्ता और केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थी शामिल होंगे। चंद्रशेखर ने कहा कि इस अभियान का मकसद यह संदेश देना है कि जनसेवा ही राजनीति का आधार होनी चाहिए और लोगों के साथ मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के सफर को साझा करना है।