जापान: पीएम ताकाइची ने पार्टी नेतृत्व में किया बदलाव, अधिकांश पुराने चेहरों को रखा बरकरार

टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने बुधवार को सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के शीर्ष नेतृत्व में पहला बदलाव किया। उन्होंने पार्टी के अधिकांश प्रमुख पदाधिकारियों को बरकरार रखा। यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब वर्ष के अंत तक सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण विधायी मुद्दे हैं। क्योडो न्यूज एजेंसी ने बताया कि ताकाइची ने पूर्व प्रधानमंत्री तारो आसो को एलडीपी के उपाध्यक्ष पद पर बनाए रखा है। आसो पार्टी के भीतर बचे एकमात्र प्रमुख गुट का नेतृत्व करते हैं और पिछले वर्ष अक्टूबर में हुए पार्टी नेतृत्व चुनाव में ताकाइची की जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। आसो के रिश्तेदार शुनिची सुजुकी को भी महासचिव पद पर बरकरार रखा गया है। नई टीम की घोषणा के बाद टोक्यो में पत्रकारों से बातचीत में ताकाइची ने कहा कि पार्टी देश के सामने मौजूद कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि नए पदाधिकारियों की नियुक्ति का उद्देश्य ऐसी कार्यान्वयन व्यवस्था तैयार करना है, जिसके तहत सरकार और एलडीपी पूरी ताकत से काम कर सकें। काजियामा के पहले संभाले जा रहे डाइट मामलों के प्रमुख पद की जिम्मेदारी प्रतिनिधि सभा के सदस्य हिदेकी मुराई को दी गई है। मुराई इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के कार्यकाल में उप मुख्य कैबिनेट सचिव रह चुके हैं। संसद में सरकार की ओर से विपक्ष के साथ बातचीत की जिम्मेदारी संभालने वाले इस महत्वपूर्ण पद पर ऐसे नेता की नियुक्ति हुई है, जिसे अब तक कैबिनेट में काम करने का अनुभव नहीं है। हालांकि, मुराई ने महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों के साथ बातचीत में अहम भूमिका निभाई है। पार्टी के चुनाव रणनीति प्रमुख यासुतोशी निशिमुरा और कार्यकारी कार्यवाहक महासचिव कोइची हागिउदा को भी उनके पदों पर बनाए रखा गया है। दोनों नेताओं का नाम वर्ष 2023 के अंत में सामने आए चर्चित राजनीतिक स्लश फंड घोटाले में आया था। इस घोटाले ने एलडीपी की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचाया था। एलडीपी के उच्च सदन नेतृत्व में किया गया बदलाव पार्टी के भीतर विवाद का कारण बन सकता है। सत्तारूढ़ गठबंधन को हाउस ऑफ काउंसिलर्स में बहुमत हासिल नहीं है। एलडीपी के शीर्ष नेतृत्व में यह फेरबदल गुरुवार को होने वाले ताकाइची मंत्रिमंडल के पुनर्गठन से ठीक पहले हुआ है। सत्तारूढ़ एलडीपी और जापान इनोवेशन पार्टी (जेआईपी) का गठबंधन अक्टूबर की शुरुआत में शुरू होने वाले संभावित असाधारण डाइट सत्र की तैयारी कर रहा है। इस सत्र में खाद्य उत्पादों पर उपभोग कर को मौजूदा 8 प्रतिशत से घटाकर दो वर्षों के लिए 1 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। यह कटौती अप्रैल से लागू किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा राजनीतिक सुधार विधेयक भी संसद के एजेंडे में रहने की संभावना है। इस विधेयक में डाइट की सीटों की संख्या कम करने का प्रस्ताव है। पिछले सत्र में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने बहिष्कार किया था। ताकाइची ने 4 अक्टूबर 2025 को एलडीपी अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था और उसी महीने के अंत में वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। कैबिनेट में होने वाले फेरबदल में भी उनके कई प्रमुख मंत्रियों को बरकरार रखे जाने की संभावना है। इनमें रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी और विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के नाम शामिल हैं।
तमिलनाडु में कामराज ब्रेकफास्ट योजना का विस्तार, अब कक्षा 6 से 8 के छात्रों को भी मिलेगा नाश्ता

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार छात्रों के लिए चलाई जा रही पेरुन्थलैवर कामराज ब्रेकफास्ट योजना का विस्तार करने जा रही है। अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इसका शुभारंभ 22 सितंबर को होगा। पहले यह कार्यक्रम गुरुवार को होना था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया था। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय लंदन की अपनी आधिकारिक यात्रा से लौटने के बाद इस विस्तारित योजना का उद्घाटन करेंगे। वे लंदन में तमिलनाडु में नए निवेश को आकर्षित करने के लिए बैठकें कर रहे हैं। शुरुआत में यह कार्यक्रम गुरुवार को समाज सुधारक पेरियार की जयंती के अवसर पर लॉन्च किया जाना था। हालांकि, मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर होने के कारण सरकार ने उद्घाटन को टाल दिया। समाज कल्याण सचिव पल्लवी बलदेव ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर संशोधित लॉन्च तिथि के बारे में सूचित किया है और कार्यक्रम को लागू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। यह योजना पूरे तमिलनाडु में लागू की जाएगी, सिवाय चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों के, जहां अभी विधानसभा उपचुनाव चल रहे हैं। इन दो जिलों को बाहर रखने की वजह चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता बताई जा रही है। टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री की ब्रेकफास्ट योजना का नाम बदलकर पेरुन्थलैवर कामराज ब्रेकफास्ट योजना कर दिया गया था। यह नाम पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में रखा गया है, जिन्होंने तमिलनाडु में स्कूली शिक्षा के विस्तार और छात्रों के लिए कल्याणकारी उपायों को शुरू करने में अग्रणी भूमिका निभाई थी। पहले यह ब्रेकफास्ट कार्यक्रम केवल सरकारी स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के लिए था, अब इसे कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए बढ़ाया जा रहा है। इस विस्तार से बड़ी संख्या में छात्रों को फायदा होने की उम्मीद है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को। सरकार का मानना है कि कक्षाएं शुरू होने से पहले छात्रों को पौष्टिक नाश्ता देने से उपस्थिति में सुधार होगा, कक्षा में भूख कम होगी और बच्चों को पढ़ाई पर बेहतर ध्यान देने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को समाज कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, स्थानीय निकायों और स्कूल प्रशासन के बीच उचित समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जिला कलेक्टरों से लाभार्थियों की पहचान, खाद्य सामग्री की आपूर्ति, रसोई की सुविधाओं, स्वच्छता मानकों और नाश्ते के समय पर वितरण सहित तैयारियों की निगरानी करने की उम्मीद है। 22 सितंबर से पहले स्कूलों को विस्तारित योजना के उद्घाटन और कार्यान्वयन के बारे में विस्तृत निर्देश भेजे जाएंगे।
यूसीसी पर मौलाना अरशद मदनी ने उठाए सवाल, कहा-देश संविधान से चलेगा या किसी दल के एजेंडे से?

नई दिल्ली। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने गृह मंत्री के उस ऐलान पर सवाल उठाया है जिसमें कहा गया था कि 2029 से पहले एनडीए शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू कर दी जाएगी। अरशद मदनी ने ‘एक्स’ पर लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह का यह ऐलान एक बुनियादी सवाल खड़ा करता है कि देश संविधान से चलेगा या किसी राजनीतिक दल के वैचारिक एजेंडे से? उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना संविधान की सर्वोच्चता और नागरिकों को प्राप्त धार्मिक स्वतंत्रता को समाप्त करने की एक सुनियोजित कोशिश है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान, लोकतंत्र और कानून के शासन को कायम रखना चाहती है। इसलिए उसने यूसीसी के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट का रुख किया है और उम्मीद है कि न्याय मिलेगा। अरशद मदनी ने बताया कि उत्तराखंड हाईकोर्ट में अब तक छह सुनवाई हो चुकी हैं और जमीयत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सहित अन्य वकील अदालत में पेश हो चुके हैं। अरशद मदनी ने साफ कहा कि हम ऐसा कोई कानून स्वीकार नहीं कर सकते जो शरीयत के खिलाफ हो। मुसलमान हर चीज से समझौता कर सकता है लेकिन अपने धर्म और दीन से हरगिज़ कोई समझौता नहीं कर सकता। यह सवाल मुसलमानों के वजूद का नहीं, बल्कि उनके संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों का है। सरकार यूसीसी के माध्यम से मुसलमानों से वे अधिकार छीनना चाहती है, जो देश के संविधान ने उन्हें दिये हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पारिवारिक कानून मनुष्यों द्वारा बनाए गए कानून नहीं हैं बल्कि कुरआन मजीद और हदीस से लिए गए हैं। जो लोग किसी धार्मिक पर्सनल लॉ के तहत अपने मामलों का संचालन नहीं करना चाहते, उनके लिए देश में पहले से ही वैकल्पिक नागरिक कानून मौजूद हैं। ऐसे में अनिवार्य समान नागरिक संहिता की आवश्यकता क्यों है। अरशद मदनी ने एक और बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि संविधान के प्रावधानों के तहत अनुसूचित जनजातियों को इस कानून से छूट दी जा सकती है, तो संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत मुसलमानों को प्राप्त धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान क्यों नहीं किया जा सकता? यूसीसी के नाम पर यह भेदभाव क्यों। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल मुस्लिम पर्सनल लॉ का नहीं बल्कि देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान को उसकी मूल भावना के साथ बनाए रखने का है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और धर्मनिरपेक्षता का अर्थ यही है कि सरकार का अपना कोई धर्म नहीं होता तथा देश के नागरिक अपने धार्मिक मामलों में स्वतंत्र होते हैं। इसलिए ऐसा यूसीसी, जो धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करे, मुसलमानों के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती। सरकार के ‘एक देश, एक कानून’ जैसे नारों पर अरशद मदनी ने कहा कि भारत का कानूनी ढांचा स्वयं विभिन्न राज्यों में अनेक मामलों में अलग-अलग कानूनों की अनुमति देता है। आपराधिक कानूनों में भी राज्य स्तर पर अंतर और विशेष प्रावधान मौजूद रहे हैं, जबकि गोहत्या से संबंधित कानून भी पूरे देश में एक समान नहीं हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की तो पुरानी मांग रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देकर पूरे देश में उसकी सुरक्षा को यकीनी बनाया जाये। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू करने का उद्देश्य नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाना और उनके संवैधानिक अधिकारों को सीमित करना है।
कैलिफोर्निया: लॉस एंजिलिस के चैट्सवर्थ इलाके में हेलीकॉप्टर क्रैश, हादसे में तीन की मौत

लॉस एंजिल्स। कैलिफोर्निया के लॉस एंजिलिस में मंगलवार रात (स्थानीय समयानुसार) चैट्सवर्थ इलाके में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय अधिकारियों ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। इससे पहले मंगलवार रात ही इसी इलाके में एक एसयूवी और मेट्रो बस की टक्कर हुई थी, जिसमें कम से कम दो लोगों की जान चली गई थी। एनबीसी लॉस एंजिलिस न्यूज ने बताया कि इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल चैट्सवर्थ में हुए सड़क हादसे की कवरेज के लिए किया जा रहा था। और तभी हेलीकॉप्टर भी हादसे का शिकार हो गया। लॉस एंजिलिस फायर डिपार्टमेंट (एलएएफडी) ने भी हेलीकॉप्टर हादसे की पुष्टि की। विभाग के अनुसार, दुर्घटना चैट्सवर्थ के 9151 नॉर्थ मेसन एवेन्यू पर हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे हेलीकॉप्टर दो व्यावसायिक इमारतों के बीच गिरा। एनबीसी लॉस एंजिलिस ने बताया कि हादसे के बाद हेलीकॉप्टर में सवार पायलट और अन्य लोगों से संपर्क करने की कोशिश की गई। इस दुर्घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति को पास के अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती व्यक्ति की हालत के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल सकी। सीबीएस न्यूज के अनुसार, हेलीकॉप्टर गिरते समय दो शिपिंग कंटेनरों और वहां खड़े कई वाहनों के ऊपर आ गिरा। रिपोर्टों के मुताबिक, चैट्सवर्थ में पहले हुए एसयूवी और मेट्रो बस हादसे के कारण कई हेलीकॉप्टर इलाके के ऊपर उड़ रहे थे और अधिकारी तथा मीडिया टीमें मौके पर मौजूद थीं। इसी दौरान यह हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर के गिरने के बाद वहां आग भी लग गई। आपातकालीन सेवाओं की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लेने का काम शुरू किया। केटीएलए की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, मलबे में से कम से कम एक व्यक्ति को बाहर निकाला गया। हालांकि, हादसे में कुल कितने लोग घायल हुए, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में सीबीएस न्यूज ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर लगी आग बुझा दी गई थी। बचाव और जांच कार्य के दौरान मृतकों में से एक के शव के ऊपर एक अस्थायी ढांचा (कैनोपी) भी लगाया गया, जबकि आपातकालीन कर्मी अपना काम जारी रखे हुए थे। इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (एनटीएसबी) कर रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ खुला, एफएमसीजी स्टॉक्स में खरीदारी

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ खुला। सेंसेक्स 242.54 अंक या 0.33 प्रतिशत की मजबूती के साथ 74,246.36 और निफ्टी 83 अंक या 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,201.60 पर था। शुरुआती कारोबार में तेजी का नेतृत्व एफएमसीजी स्टॉक्स कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी एफएमसीजी एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी आईटी के साथ ज्यादातर सूचकांक हरे निशान में थे। केवल निफ्टी इंडिया डिफेंस ही लाल निशान में था। लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 95 अंक या 0.16 प्रतिशत की मजबूती के साथ 60,975 और निफ्टी स्मॉलकैप 5 अंक या 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 19,416 पर था। सूचकांकों में आईटीसी, एमएंडएम, बीईएल, एसबीआई, एचयूएल, एचसीएल टेक, एसबीआई, एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, ट्रेंट, टाइटन, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस गेनर्स थे। वहीं, एनटीपीसी, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक और इटरनल लूजर्स थे। ज्यादातर एशियाई बाजार हरे निशान में थे। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा था। वहीं, हांगकांग और बैंकॉक लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। जानकारों ने कहा कि यूएस बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। जब तक ये दोनों अहम मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर प्रतिकूल बने रहेंगे, तब तक बाजार में बड़ी रिकवरी की उम्मीद करना सही नहीं होगा। पिछले 5 दिनों से एफआईआई बाजार में बिकवाली कर रहे हैं और यूएस 10-साल के बॉन्ड यील्ड के 5 प्रतिशत पर होने के कारण, बाजार में आने वाली हर छोटी तेजी पर उनके बिकवाली करने की संभावना है।
पेरेंट्सहुड को इंजॉय कर रहे दिव्यांका-विवेक, कहा – हमारी दुनिया ही बदल गई

मुंबई। टेलीविजन इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया इन दिनों पेरेंट्सहुड को इंजॉय कर रहे हैं। कपल का कहना है कि बच्चों के आने के बाद उनकी जिंदगी में प्राथमिकताएं बदल गई हैं। कपल ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि वे पूरे दिन अपने बच्चों के बारे में सोचते रहते हैं। उनकी जिंदगी अपने बच्चों की देखभाल करने और उनके साथ समय बिताने के ईर्द-गिर्द घूमती रहती हैं। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहले हम अपने और एक-दूसरे के बारे में सोचते थे। अब हमारी पहली प्राथमिकता और सारा ध्यान हमारे बच्चों पर है।” दिव्यांका और विवेक दहिया ने बताया कि उनका दिन अपने बच्चों के बारे में सोचते हुए ही शुरू होता है कि वे ठीक है या नहीं। कपल ने कहा, “जब हम सुबह उठते हैं, तो हमारा पहला ख्याल यही होता है कि क्या बच्चे रो रहे हैं? क्या बच्चे ठीक हैं? क्या हमें जाकर उन्हें देखना चाहिए? और अगर वे ठीक हैं, तो हमारा मन करता है कि उनके साथ खेलें।” उन्होंने आगे कहा, “बस बात यह है कि हमने कभी अपने बारे में उतना नहीं सोचा जितना हम नए लोगों के बारे में सोचते हैं।” एक्टर्स ने यह भी बताया कि पेरेंटहुड ने उनकी प्रोफेशनल लाइफ को देखने का तरीका कैसे बदल दिया है। उन्होंने कहा, “हम सोचते थे कि हमें अपने काम में कुछ अच्छा करना चाहिए। अब हमें लगता है कि हम जो भी करें, वह बच्चों के लिए अच्छा होना चाहिए।” दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया टीवी इंडस्ट्री के सबसे चर्चित और पसंदीदा कपल्स में से एक हैं। दोनों की मुलाकात टीवी शो ‘ये है मोहब्बतें’ के सेट पर हुई थी। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। जनवरी 2016 में दोनों ने सगाई की और इसके करीब पांच महीने बाद, जुलाई 2016 में भोपाल में शादी कर ली। अब शादी के कुछ सालों के बाद अब दोनों के घर में दो-दो बेटों का जन्म हुआ, जिससे उनकी जिंदगी में एक नए और बेहद खूबसूरत अध्याय की शुरुआत हो चुकी है।
बिग बी ने मोतीलाल, सावित्री को किया याद, लिखा-उन्होंने अभिनय नहीं, परफॉर्म किया

मुंबई। मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अक्सर ब्लॉग के जरिए अपने विचार साझा करते रहते हैं। अभिनेता ने हाल ही में सहज अभिनय की दुर्लभ कला पर अपने विचार साझा किए। अभिनेता ने मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को याद करते हुए कहा कि इन कलाकारों की स्वाभाविक प्रतिभा ने ही उन्हें दर्शकों का इतना प्यार और सम्मान दिलाया। मेगास्टार ने अपने ब्लॉग की शुरुआत में लिखा, “थोड़ा चिंतन कभी भी बुरा नहीं होता। कई विचार मन में आते हैं, काम से जुड़े और कई दूसरे भी लेकिन तब वे ज्यादा असरदार होते हैं जब आप अपने स्वभाव में सहजता लाते हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “अक्सर किसी पल को बेहतर बनाने के लिए की गई बड़ी-बड़ी घोषणाएं, मेरे हिसाब से कभी काम नहीं करतीं है। आज के समय में सहजता से अपनी बात कहना ही सही तरीका है। आखिर क्या हम रोज अपनी दिनचर्या में कोई घोषणा करते हैं या सहज रहते हैं, मैं कहूंगा कि सहजता ही सभी चीजों की नींव है।” बाद में ब्लॉग में अमिताभ ने सहज अभिनय के बारे में बात करते हुए मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री जैसे कलाकारों को याद किया, जिनका काम कभी भी बनावटी नहीं लगता था। उन्होंने लिखा, “जिन अभिनेताओं में बिना अभिनय के अभिनय करने की स्वाभाविक प्रतिभा होती है, वही सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं और उनके चाहने वाले भी बहुत होते हैं। मोतीलाल जी, गीता बाली, सावित्री तुरंत दिमाग में आने वाले कुछ नाम हैं, हालांकि और भी कई शानदार कलाकार हैं। उन्होंने अभिनय नहीं किया बल्कि परफॉर्म किया और उन्हें उतना ही प्यार और सम्मान मिला।” मेगास्टार अमिताभ इन दिनों क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-20’ में नजर आ रहे हैं, जो कि ब्रिटिश शो ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ का हिंदी वर्जन है। इसका फॉर्मेट ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ फ्रेंचाइजी के दूसरे शोज जैसा ही है, जिसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाते हैं और उन्हें चार विकल्पों में से सही जवाब चुनना होता है। अगर उन्हें जवाब पर शक हो तो मदद के लिए उन्हें लाइफलाइन भी दी जाती है।
विदेश मंत्री जयशंकर का दो दिवसीय भूटान दौरा, राजा और प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 16 और 17 सितंबर को भूटान दौरे पर रहेंगे। उनकी यह दो दिवसीय यात्रा भूटान के विदेश और बाहरी व्यापार मंत्री ल्योंपो डीएन ढुंग्येल के निमंत्रण पर हो रही है। एमईए के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर भूटान के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा, उनकी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से शाही मुलाकात भी तय है। वे भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क की परंपरा को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद घनिष्ठ मित्रता तथा सहयोग को और मजबूत करने के लिए की जा रही है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और भूटान के बीच लगातार उच्चस्तरीय और संस्थागत स्तर पर बातचीत व सहयोग जारी है। दोनों देश कूटनीति, विकास और लोगों से जुड़े कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने थिम्पू में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की। यह उनके तीन दिवसीय भूटान दौरे की शुरुआत थी। ज्ञानेश कुमार भूटान के राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में भी हिस्सा लेने वाले हैं। भूटान के राजा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। भूटान की तीन दिन की यात्रा पर आए भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त को आज शाही मुलाकात का अवसर दिया गया।” एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ज्ञानेश कुमार की यात्रा का उद्देश्य भारत के चुनाव आयोग और भूटान के चुनाव आयोग के बीच संस्थागत सहयोग को और मजबूत करना है। उनकी यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम मंगलवार को पारो स्थित जिग्मे सिंग्ये वांगचुक स्कूल ऑफ लॉ में आयोजित भूटान के राष्ट्रीय मतदाता दिवस का समारोह था। भारत और भूटान समुदाय स्तर पर विकास परियोजनाओं में भी मिलकर काम कर रहे हैं। अगस्त में भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया था कि झेमगंग जिले के पानबांग क्षेत्र में तीन हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपी) का उद्घाटन किया गया। भूटान में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत के सहयोग से पूरी की गई ये एचआईसीडीपी परियोजनाएं कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचने में मदद करेंगी, लोगों की आजीविका बेहतर करेंगी और पानबांग क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएंगी।” जयशंकर की यह यात्रा भारत और भूटान को अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करने का अवसर देगी। उनकी भूटान के शीर्ष नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर रहने की उम्मीद है।
बकासन में संतुलन बिगड़ रहा है? इस तरह करें अभ्यास, कुछ दिन में बन जाएगी पकड़

नई दिल्ली। बकासन योग का एक कठिन लेकिन बेहद लोकप्रिय आसन है। इसे अंग्रेजी में क्राउ पोस कहा जाता है। शुरुआत में इसे करने में थोड़ा मुश्किल लग सकता है, क्योंकि इसमें शरीर का संतुलन हाथों पर बनाना होता है। लेकिन सही तकनीक और नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे इस आसन पर पकड़ बनाई जा सकती है। बकासन करते समय शरीर की स्थिति के साथ-साथ सांस और संतुलन पर ध्यान देना भी जरूरी है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बकासन करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े होकर या स्क्वाट की स्थिति में आएं। अब दोनों हथेलियों को कंधों की चौड़ाई के आसपास जमीन पर मजबूती से टिकाएं। उंगलियों को अच्छी तरह फैलाएं, ताकि हथेलियों का आधार मजबूत रहे और शरीर का संतुलन बनाने में आसानी हो। अब धीरे-धीरे घुटनों को ऊपर उठाकर उन्हें बगल यानी ऊपरी बाजुओं के पास टिकाएं। इसके बाद कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं और शरीर का भार धीरे-धीरे पैरों से हटाकर हाथों की तरफ लाएं। इस दौरान कोशिश करें कि टेलबोन अंदर की ओर रहे और शरीर बहुत ज्यादा आगे या पीछे न झुके। अब पैरों को जमीन से ऊपर उठाने की कोशिश करें। शुरुआत में एक-एक पैर उठाकर अभ्यास किया जा सकता है। जब संतुलन बनने लगे, तो दोनों पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं। भुजाओं को जितना संभव हो सीधा रखें और कंधों को स्थिर रखें। बकासन में दृष्टि सामने की ओर रखना काफी महत्वपूर्ण है। नीचे देखने से शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। उंगलियों को फैलाकर हथेलियों के जरिए जमीन पर मजबूत पकड़ बनाएं। पैरों को भी ढीला न छोड़ें, बल्कि पंजों को तानकर पैरों को सक्रिय रखें। इस आसन के दौरान सांस को रोकने के बजाय सामान्य और नियंत्रित तरीके से सांस लेते रहें। शुरुआत में कुछ सेकंड तक संतुलन बनाना ही पर्याप्त है। अभ्यास बढ़ने के साथ धीरे-धीरे इस स्थिति में ज्यादा देर तक रहने की कोशिश की जा सकती है। बकासन शरीर के संतुलन और एकाग्रता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसके अभ्यास से कलाई, हाथ, कंधे और बाजुओं की मांसपेशियों पर काम होता है। साथ ही पेट और कोर की मांसपेशियां भी सक्रिय रहती हैं। नियमित अभ्यास से शरीर पर नियंत्रण और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
तमिलनाडु: मदुरै मीनाक्षी मंदिर ‘महा कुंभाभिषेकम’ के लिए तैयार, जिला प्रशासन अलर्ट

मदुरै। तमिलनाडु के मदुरै में गुरुवार को मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर के ‘महा कुंभाभिषेकम’ के लिए व्यापक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। इस मौके पर लाखों श्रद्धालुओं के मंदिर शहर में जुटने की उम्मीद है। तमिलनाडु सरकार ने मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में लोगों की भागीदारी को आसान बनाने के लिए मदुरै जिले में स्थानीय छुट्टी की घोषणा की है। जिला प्रशासन, मदुरै कॉर्पोरेशन, मंदिर प्रशासन और पुलिस ने दर्शन, परिवहन, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवा, आग से सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मिलकर इंतजाम किए हैं। अलग-अलग रंग के पास वाले श्रद्धालुओं के लिए सात अलग-अलग प्रवेश मार्ग बनाए जाएंगे, जबकि भीड़ को रास्ता दिखाने के लिए अहम जगहों पर बैरिकेड और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। पुथु मंडपम में बना एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम एलईडी स्क्रीन के जरिए मंदिर और आस-पास की सड़कों पर नजर रखेगा। 70 जगहों पर 241 नए सीसीटीवी कैमरे और फेशियल-रिकग्निशन कैमरे लगाकर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिसकर्मी मंदिर परिसर और आस-पास के इलाकों में कड़ी नजर रखेंगे। दूसरे ज़िलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पाँच जगहों पर अस्थायी बस स्टैंड बनाए गए हैं। अतिरिक्त स्पेशल बसें चलाई जाएंगी और 55 जगहों पर मुफ्त पार्किंग की सुविधा होगी। नगर निकाय और मंदिर प्रशासन ने पीने के पानी की लगातार सप्लाई, पक्के और मोबाइल शौचालय और शिफ्ट में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों का इंतजाम किया है। सुबह के समय तेज गर्मी की आशंका को देखते हुए श्रद्धालुओं को गर्म जमीन से बचाने के लिए मुख्य सड़कों पर नारियल के रेशे वाली चटाइयां बिछाई जाएंगी। मंदिर के अंदर, उसकी छत पर और आस-पास के इलाकों में एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट सुविधाओं वाले स्पेशल मेडिकल कैंप काम करेंगे। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए लगभग 70 डॉक्टर, 108 एम्बुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीमें तैयार रहेंगी। खास जगहों पर फायर और रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी, पानी के टैंकर और बचाव के उपकरण तैनात किए जाएंगे। बिजली सप्लाई में कोई रुकावट न आए, इसके लिए वैकल्पिक बिजली कनेक्शन और जनरेटर का भी इंतजाम किया गया है। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीमें अधिकृत संस्थाओं द्वारा ‘अन्नदानम’ के लिए तैयार किए जा रहे खाने की जांच कर रही हैं। विशेष निगरानी अधिकारी के. वीरा राघवा राव, पी. मधुसूदन रेड्डी और सी. पझानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंतिम तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में एचआर एंड सीई कमिश्नर टी.जी. विनय और मदुरै कलेक्टर निशांत कृष्णा भी मौजूद थे। बाद में अधिकारियों ने मंदिर, सुरक्षा पॉइंट्स और कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और सभी विभागों को आपसी तालमेल से काम करने का निर्देश दिया, ताकि गुरुवार को होने वाले मंदिर के बड़े अभिषेक समारोह के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कोई परेशानी न हो। आपातकालीन स्थिति में, आम लोग टोल-फ्री नंबर 1800-425-6781 और 1800-425-6782 पर संपर्क कर सकते हैं।