तेलंगाना के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विजयादशमी पर लोगों को बधाई दी, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की

हैदराबाद। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को विजयादशमी पर लोगों को बधाई दी। राज्यपाल ने तेलंगाना के लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी और सभी के लिए शांति, समृद्धि, खुशी और सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहार लोगों के बीच साहस, धर्म के प्रति निष्ठा, अच्छे आचरण और सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा। राज्यपाल शुक्ला ने प्रार्थना की कि देवी दुर्गा के आशीर्वाद से तेलंगाना राज्य शांति और समृद्धि के साथ आगे बढ़े, और यहां के सभी नागरिकों का जीवन खुशी, आनंद और सफलता से भरा रहे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे एकता, आपसी सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ एक प्रगतिशील तेलंगाना के निर्माण में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विजयादशमी के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दी। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना की संस्कृति और परंपराओं में दशहरा का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि यह त्योहार साहस, धर्म, सत्य, एकता और आत्मविश्वास जैसे महान मूल्य सिखाता है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का त्योहार हमें अहंकार, ईर्ष्या, नफरत और अन्याय जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागकर, प्रेम, करुणा, भाईचारे और मानवता पर आधारित समाज बनाने के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी कामना है कि यह विजयादशमी हर घर में खुशियां लाए, हर परिवार को समृद्धि से भर दे और सभी को अच्छा स्वास्थ्य, धन-संपदा और सफलता प्रदान करे। यह शुभ दिन हमें देवी की उस शक्ति की याद दिलाता है, जिन्होंने महिषासुर का वध किया था। साथ ही, यह भगवान राम की रावण पर जीत का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने तेलंगाना की एक अनूठी परंपरा का भी जिक्र किया, जिसमें ‘जम्मी वृक्ष’ की पूजा की जाती है और इसके पत्तों को, जिन्हें ‘सोना’ माना जाता है, बड़ों को देकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परंपरा हमें प्रकृति का सम्मान करने और अपने से बड़ों के प्रति आदर भाव रखने की याद दिलाती है।

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