कोटा नाव हादसे पर मंत्री मदन दिलावर ने जताया दुख, एसपी बोलीं- गोताखोर कर रहे तलाश

कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में मंगलवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। 80 फीट रोड पर स्टील ब्रिज के पास चंबल नदी की राइट मेन कैनाल में सात लोगों से भरी नाव पलट गई। इस हादसे में चार बच्चों के डूबने की आशंका है। लापता बच्चों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घटना बोरखेड़ा थाना क्षेत्र की है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर बचाव दलों को तैनात किया गया। लापता बच्चों का पता लगाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), नगर निगम और स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही है। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए लोग कोटा के किशोर सागर से निकलने वाली नहर पर पहुंचे थे। इसी दौरान सात लोग नाव में सवार होकर विसर्जन के लिए निकले, लेकिन नहर के बीच में नाव पलट गई। नाविक समेत तीन लोग तैरकर निकलने में सफल रहे, जबकि चार बच्चे लापता हो गए। बचाव दल लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं। हादसे पर मंत्री मदन दिलावर ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि त्योहार के दिन इस दुखद घटना से परिवारों में शोक छा गया है। मंत्री ने बताया कि विसर्जन के लिए सात लोग एक असुरक्षित नाव में सवार हुए थे, जबकि ऐसी नाव का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। नाव डूबने के बाद तीन लोग सुरक्षित निकल आए, लेकिन चार लोग लापता हैं। कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि कैनाल रोड पर दुर्गा विसर्जन के लिए आए लोगों की नाव नहर के बीच में पलटने की सूचना मिली थी। नाव में सात लोग सवार थे। इनमें से तीन लोगों को तैरना आता था, इसलिए वे निकलने में कामयाब रहे। बाकी चार लोगों को तैरना नहीं आता था। एसपी ने आगे बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है। एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार खोजबीन कर रही हैं।
असम: गुवाहाटी में 20 अक्टूबर से शुरू होगा 8 दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’

गुवाहाटी। असम की राजधानी गुवाहाटी में 21 अक्टूबर से 8 दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ शुरू होगा। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित यह मेला बुधवार, 28 अक्टूबर तक चलेगा। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुवाहाटी के खानापारा स्थित फार्म गेट पर यह मेला सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोग तरह-तरह के पारंपरिक उत्पादों को देख सकेंगे, उन्हें खरीद सकेंगे और कारीगरों की सहायता कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह मेला देश भर के कारीगरों को एक मंच पर लाएगा, जिनमें पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगर भी शामिल होंगे। यहां भारत की पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की समृद्ध और विविध विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इस मेले में कुल 75 कारीगर हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 31 महिला कारीगर शामिल हैं। वे यहां हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों की लगभग 40 किस्में प्रदर्शित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कारीगरों को अपने उत्पाद दर्शकों को सीधे दिखाने और बेचने, संभावित ग्राहकों के साथ संबंध स्थापित करने और अपनी बाजार पहुंच बढ़ाने के अवसर तलाशने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने आगे कहा कि कारीगरों और उपभोक्ताओं के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देकर, यह मेला बाजार तक पहुंच को मजबूत करने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और इसमें भाग लेने वाले कारीगरों के लिए आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने का प्रयास करता है। अधिकारी ने बताया कि गुवाहाटी संस्करण में भारत के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी पारंपरिक शिल्प और हथकरघा उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों की भागीदारी से, दर्शकों को भारत की कलात्मक परंपराओं, स्थानीय कारीगरी और सांस्कृतिक विरासत की विविधता को समझने और सराहने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य उन कारीगरों के कौशल और रचनात्मकता को सम्मान और सराहना दिलाना भी है, जिनके काम से पारंपरिक ज्ञान और शिल्प परंपराओं को संरक्षित रखने में मदद मिलती है। अधिकारी ने आगे बताया कि इस मेले का मुख्य फोकस ‘भारत-ट्यूलिप’ (पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका कार्यक्रम) को बढ़ावा देना होगा। इस पहल का उद्देश्य लक्षित समूहों के कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को दुकानों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बाजार तक पहुंचाने में मदद करना है। बड़े बाजारों और डिजिटल माध्यमों तक पहुंच बढ़ाकर, यह पहल बाजार के संबंधों को मजबूत करने, ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और कारीगरों के लिए अपनी कमाई बढ़ाने के नए अवसर पैदा करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि यह कारीगरों और उनके उत्पादों को बदलते उपभोक्ता बाजारों से जोड़कर, पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में भी मदद करता है। शिल्प समागम मेला (एसएसएम-2026) अपने तीन राष्ट्रीय निगमों: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी), और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) से जुड़े कारीगरों और लाभार्थियों को विपणन सहायता प्रदान करने के लिए मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल है। एसएसएम-2026 का पहला संस्करण 19 अक्टूबर को मैसूर में संपन्न हुआ। कर्नाटक के मैसूर स्थित दशहरा प्रदर्शनी मैदान में आयोजित इस नौ दिवसीय मेले में हजारों दर्शकों की भीड़ उमड़ी। यह मेला माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत से प्रेरित होकर, अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), सफाई मित्र और विमुक्त जनजाति (डीएनटी) से संबंधित कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का प्रयास करता है। यह इन समुदायों को अपने कौशल दिखाने, अपने उत्पादों का विपणन करने और स्थायी आजीविका के अवसरों के माध्यम से अपनी आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करता है। पारंपरिक उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के अलावा, यह मेला आने वाले लोगों और इसमें भाग लेने वाले समुदायों के बीच मंत्रालय और उसके तीन राष्ट्रीय निगमों द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी, वित्तीय सहायता और विकास योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करेगा। अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य वित्तीय और विकासात्मक सहायता के साथ-साथ बाजार-उन्मुख कदम उठाना है, ताकि कारीगर अपनी पारंपरिक कला और कौशल को आजीविका के एक बेहतर अवसर में बदल सकें। यह उल्लेखनीय है कि ‘शिल्प समागम मेला’ जैसी पहलों के माध्यम से, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय वंचित समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अपने प्रयास जारी रखे हुए है। इसके तहत मंत्रालय उद्यमिता को बढ़ावा देता है, बाज़ार तक पहुंच आसान बनाता है और संवहनीय आजीविका के लिए सहायता प्रदान करता है। इस मेले में भाग लेने वाले कारीगरों की पहचान बढ़ने, उनके उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ने और भारत की समृद्ध हथकरघा एवं हस्तशिल्प परंपराओं के साथ लोगों के जुड़ाव को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नफरत आरएसएस की विचारधारा का हिस्सा, सरकार बताए विदेशी ताकतों के नाम : कांग्रेस नेता राशिद अल्वी

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर तीखी टिप्पणी की है और केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस के मुद्दे पर अपनी बात रखी। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “भारत सरकार ने कई बार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन यह संगठन कभी भी अपनी विचारधारा बदलने को तैयार नहीं हुआ। आरएसएस जो नफरत फैलाता है, वही उसकी किताबों में भी दिखता है। नफरत उसकी विचारधारा का एक मुख्य हिस्सा है।” उन्होंने आगे कहा, “जहां तक विदेशी ताकतों के शामिल होने की बात है, तो भारत के कई लोगों को यह भी पता चलना चाहिए कि ये लोग कौन हैं। उनके नाम बताइए, उन देशों के नाम बताइए, इन गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतों के नाम बताइए और भारत में उनके एजेंटों के नाम बताइए। जब आपकी पार्टी सत्ता में है, तो आप उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रहे हैं? आपको उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।” उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधा। अल्वी ने कहा, “किरेन रिजिजू न चर्चा करने को तैयार हैं, न ही सर्वदलीय बैठक बुलाने को तैयार हैं और तानाशाहों की तरह कह रहे हैं कि हम बिल लाएंगे और विपक्ष उसे समर्थन दे। सरकार जो बिल लाना चाहती है, विपक्ष उसे कभी भी समर्थन नहीं करेगा। हम जानते हैं कि असम और कश्मीर के अंदर किस तरह का असंवैधानिक डिलिमिटेशन आपने किया है। वे पूरे देश के अंदर महिलाओं का नाम लेकर अपनी मर्जी का डिलिमिटेशन करना चाहते हैं। न कांग्रेस और न ही विपक्ष के दूसरे दल उसे समर्थन देंगे।” रेस कोर्स मस्जिद को सरकारी जमीन पर अनधिकृत कब्जा बताते हुए छह दिन के अंदर खाली करने के आदेश पर उन्होंने कहा, “वर्तमान सरकार शायद हिंदुस्तान की हर मस्जिद को सरकारी जमीन पर बनी हुई मस्जिद बता सकती है। मंदिर-मस्जिद के अलावा उनके पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं है। सरकार में कोई मुसलमान मंत्री नहीं है। भाजपा और आरएसएस की मुस्लिम दुश्मनी बार-बार सामने आती है।” रिजीम चेंज के बयान पर उन्होंने कहा, “रिजीम तो भाजपा ने भी बदली है। सरकार हमारी थी, लेकिन उन्होंने रिजीम बदली। अब हम रिजीम बदलना चाहते हैं। हम लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के जरिए रिजीम बदलना चाहते हैं। जो ईमानदारी के साथ इलेक्शन नहीं करा रहे हैं, उन्हें अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए। हम तो लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
कोलकाता पूजा पंडाल भगदड़ में घायलों को बचाने के लिए प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया गया: सुवेंदु अधिकारी

कोलकाता। कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में हाल ही में हुई भगदड़ की घटना में घायल लोगों को निजी अस्पताल ले जाने पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि मरने वालों की संख्या कम करने के लिए ऐसा फैसला लिया गया था। ‘नवमी’ की रात, मुख्यमंत्री अधिकारी अचानक कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित स्वास्थ्य भवन के कंट्रोल रूम में पहुंचे। वहां उन्होंने एक बड़ी स्क्रीन के जरिए शहर और राज्य के कई अस्पतालों की स्थिति पर नजर रखी। वहां मुख्यमंत्री ने बताया कि चोरबगान भगदड़ में घायल हुए लोगों को निजी अस्पतालों में भेजा गया था ताकि और मौतें न हों। उन्होंने कहा कि हमने घायलों को तुरंत निजी अस्पतालों में भेजने का फैसला किया, ताकि मरने वालों की संख्या न बढ़े। इसके बाद मरने वालों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में कुछ कमियां हैं, जिन्हें ठीक करने में दो साल का समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात का जायजा लिया कि दुर्गा पूजा के बचे हुए दिनों में किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर स्वास्थ्य विभाग कितना तैयार है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ मौजूद थे। इस दौरान वहां पत्रकारों ने घायलों को निजी अस्पताल रेफर किए जाने पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों की जान बचाने के लिए उन्हें निजी अस्पतालों में भेजा गया था। निजी अस्पताल में भेजे जाने के बाद एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। इससे पहले, इलाज के दौरान कई लोगों की मौत हो गई थी। लेकिन उन्हें वहां शिफ्ट किए जाने के बाद ऐसा नहीं हुआ। यह स्वीकार करते हुए कि सरकारी अस्पतालों में कुछ कमियां हैं, मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ कमियां तो हैं। सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को निजी अस्पतालों के स्तर तक बेहतर बनाने में दो साल लगेंगे। पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ छह महीने ही हुए हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि रेफरल के बारे में बात करने वाले डॉक्टर या जूनियर डॉक्टर घटना के समय ड्यूटी पर थे या नहीं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ड्यूटी के दौरान अपना काम छोड़कर जाना नियमों के खिलाफ है और मानवीय दृष्टिकोण से भी गलत है। पहली सप्तमी (शनिवार) की रात, उत्तरी कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हुए, जिनमें से 14 घायलों को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। इस दुखद घटना के बाद, चश्मदीदों और वहां मौजूद लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। उनकी मुख्य शिकायत यह है कि पुलिस दुर्गा पूजा पंडाल में भीड़ को ठीक से संभाल नहीं पाई। हादसे के बाद भी, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर पहुंचने और बचाव कार्यों में मदद करने में देरी हुई। इस घटना के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ईरान की मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने के लिए इजरायल प्रतिबद्ध: बेंजामिन नेतन्याहू

यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि इजरायल, ईरान की मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर उन्होंने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी चर्चा की थी। उत्तरी इजरायल के एक विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “हमें ईरानी शासन को उखाड़ फेंकने के लक्ष्य को पूरा करना होगा। यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। मैंने इस विषय पर राष्ट्रपति ट्रंप से कई बार चर्चा की है, जिसमें दो दिन पहले हुई बातचीत भी शामिल है।” उन्होंने कहा कि ईरान की वर्तमान सरकार के पतन से हिजबुल्लाह के प्रभाव का अंत होगा और लेबनान में शांति स्थापित करने का रास्ता भी खुलेगा। नेतन्याहू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अगले सप्ताह होने वाले इजरायल के राष्ट्रीय चुनावों से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को उनके पुनर्निर्वाचन का समर्थन किया था। नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ अपने करीबी संबंधों को चुनाव प्रचार का प्रमुख मुद्दा बनाया है और इसे ईरान से निपटने के लिए महत्वपूर्ण बताया है। इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को इजरायल का अघोषित दौरा किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने दक्षिणी इजरायल के एक सैन्य अड्डे पर नेतन्याहू से मुलाकात की। हालांकि नेतन्याहू के कार्यालय ने इस मुलाकात पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने भी दौरे की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी और शुरुआत में हेगसेथ के कार्यालय ने इस पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था। बाद में हेगसेथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के तहत तैनात सैनिकों से मुलाकात की। उन्होंने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “हमेशा की तरह आज सेंटकॉम में हमारे सैनिकों से मिलना सम्मान की बात रही। वे हमारे देश के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं और एक ऐतिहासिक मिशन पर कार्य कर रहे हैं।” पिछले सप्ताह नेतन्याहू ने 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली संसदीय चुनाव से पहले ईरान पर किसी पूर्व-नियोजित सैन्य हमले का समर्थन नहीं किया था। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया था, जिनमें कहा गया था कि वह चुनावी फायदे के लिए सैन्य टकराव का माहौल बना रहे हैं। नेतन्याहू पहले भी कई बार ईरान की सरकार को हटाने की वकालत कर चुके हैं। वर्ष 2025 में 12 दिन तक चले युद्ध के दौरान उन्होंने ईरानी नागरिकों से कहा था कि उनकी “आजादी का समय करीब है।” इसके बाद फरवरी में इजरायल और अमेरिका द्वारा शुरू किए गए एक अन्य सैन्य अभियान के दौरान भी उन्होंने इसी मांग को दोहराया था।
एप्पल इंडिया की आय वित्त वर्ष 2026 में 1 लाख करोड़ रुपए के पार, मुनाफा भी 66 प्रतिशत बढ़ा

नई दिल्ली। एप्पल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की आय मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गई है। इसकी वजह देश में प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग में इजाफा होना है। एप्पल इंडिया की ओर से रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) में फाइल किए गए दस्तावेजों के हवाले से बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म एएलटीइन्फो की रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की परिचालन से आय सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 1,03,853 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 79,060 करोड़ रुपए थी। यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी से काफी अधिक है। कंपनी के शुद्ध मुनाफे में इससे भी तेज वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2026 में शुद्ध मुनाफा 66 प्रतिशत बढ़कर 5,311 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले यह 3,196 करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2025 में एप्पल इंडिया के मुनाफे में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। कंपनी का यह मजबूत प्रदर्शन ऐसे समय में आया है, जब भारत के कुल स्मार्टफोन बाजार में अपेक्षाकृत सीमित विस्तार हुआ है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में स्मार्टफोन बाजार में बिक्री की मात्रा के लिहाज से केवल 2 प्रतिशत और मूल्य के लिहाज से 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, 30,000 रुपए से अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन के प्रीमियम सेगमेंट ने व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और इसकी बिक्री की मात्रा में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। महंगे स्मार्टफोन की ओर ग्राहकों के बढ़ते रुझान का एप्पल को फायदा मिला। वित्त वर्ष 2026 में आईफोन की बिक्री की मात्रा में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह वृद्धि 11 प्रतिशत थी। ताजा नतीजों के साथ एप्पल इंडिया की आय घरेलू बाजार में उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की आय के करीब पहुंच गया है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 में 1.12 लाख करोड़ रुपए की आय दर्ज की, जो एप्पल इंडिया के कुल आय से थोड़ा अधिक है। हालांकि, दोनों कंपनियों के आय के आंकड़ों की सीधे तुलना नहीं की जा सकती, क्योंकि सैमसंग का कारोबार स्मार्टफोन से कहीं अधिक व्यापक है। इसमें टेलीविजन, घरेलू उपकरण, दूरसंचार नेटवर्क उपकरण और निर्यात भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में सैमसंग के मोबाइल फोन कारोबार का आय 1.4 प्रतिशत घटकर 81,472 करोड़ रुपए रह गया।
हूती हमलों के बाद एयरलाइंस सतर्क, खाड़ी देशों के लिए कई उड़ानें अब भी रद्द

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के मिसाइल व ड्रोन हमलों के कारण खाड़ी देशों के लिए हवाई सेवाएं अब भी प्रभावित हैं, हालांकि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले सप्ताह के अंत में परिचालन फिर से शुरू हो गया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से कई उड़ानें अब भी रद्द की जा रही हैं। इसका असर खास तौर पर खाड़ी देशों और पश्चिमी देशों की यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों पर पड़ रहा है। कई एयरलाइंस ने सुरक्षा चिंताओं के चलते अपनी उड़ानों में कटौती की है, जिससे यात्रियों के यात्रा कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं। यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, ओमान और कतर के आसपास के हवाई क्षेत्र में उड़ानों को लेकर अपनी चेतावनी 16 नवंबर तक बढ़ा दी है। एजेंसी ने कहा कि मिसाइलों, ड्रोन, लड़ाकू विमानों और वायु रक्षा प्रणालियों के इस्तेमाल की आशंका के कारण संबंधित हवाई क्षेत्र में सभी ऊंचाइयों पर नागरिक विमानों के लिए जोखिम बना हुआ है। इसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने प्रभावित देशों के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं या उड़ान मार्ग बदल दिए हैं ताकि ईरान, इराक, इजरायल और खाड़ी क्षेत्र के संवेदनशील हवाई क्षेत्रों से बचा जा सके। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद, जेद्दा और दम्माम के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक निलंबित कर दी हैं। यात्रियों को रिफंड और री-बुकिंग संबंधी जानकारी के लिए एयरलाइन की ताजा एडवाइजरी देखने की सलाह दी गई है। टाटा समूह की इन एयरलाइंस ने कहा है कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और हालात सामान्य होने पर उड़ानें फिर शुरू करने का फैसला लेंगी। वहीं, इंडिगो ने भी रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अकासा एयर ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक और जेद्दा के लिए 21 अक्टूबर तक स्थगित कर दी हैं। प्रभावित यात्रियों को नवीनतम उड़ान जानकारी और उपलब्ध विकल्पों की जांच करने की सलाह दी गई है।
त्रिकोणीय सीरीज: अर्धशतक के बाद अराफात मिन्हास ने चटकाए 6 विकेट, पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 87 रन से हराया

रावलपिंडी। पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए ‘त्रिकोणीय सीरीज’ के दूसरे मैच में 87 रन से जीत दर्ज की। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अराफात मिन्हास ने बल्ले से 59 रन बनाने के बाद 40 रन देकर 6 विकेट निकाले। लगातार दूसरी जीत के साथ पाकिस्तान प्वाइंट्स टेबल में 4 अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि श्रीलंका और इंग्लैंड ने अपने शुरुआती मैच गंवाए हैं। रावलपिंडी में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 302 रन बनाए। इस टीम को पहली ही गेंद पर फखर जमां (0) के रूप में शुरुआती झटका लगा। इसके बाद बाबर आजम ने सैम अयूब के साथ दूसरे विकेट के लिए 31 रन जुटाकर टीम को संभालने की कोशिश की। सैम 6 गेंदों में 8 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद साद बेग ने बाबर आजम (34) के साथ तीसरे विकेट के लिए 28 रन, सलमान आगा (16) के साथ चौथे विकेट के लिए 22 रन और हसन नवाज के साथ पांचवें विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 133 के स्कोर तक पहुंचा दिया। साद बेग 35 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद अराफात मिन्हास ने हसन नवाज के साथ छठे विकेट के लिए 78 रन जोड़े। हसन 74 गेंदों में 4 छक्कों और 5 चौकों के साथ 79 रन बनाकर आउट हुए। यहां से मिन्हास ने फहीम अशरफ के साथ सातवें विकेट के लिए 49 गेंदों में 72 रन जोड़कर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया। मिन्हास 9 चौकों के साथ 59 रन बनाकर आउट हुए, जबकि फहीम ने टीम के खाते में 39 रन का योगदान दिया। विपक्षी खेमे से सोनी बेकर ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए, जबकि गस एटकिंसन ने 2 विकेट चटकाए। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 38.4 ओवरों में सिर्फ 215 रन पर सिमट गई। टॉम बैंटन (57) ने बेन डकेट (45) के साथ पहले विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी करते हुए मेहमान टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, लेकिन इसके बाद टीम ने निरंतर अंतराल पर विकेट गंवाए। आलम ये रहा कि 205 रन तक इंग्लैंड के 7 विकेट गिर चुके थे। 39वें ओवर की पहली, दूसरी और चौथी गेंद पर मेहमान टीम ने विल जैक्स (19), आदिल रशीद (0) और गस एटकिंसन (7) का विकेट गंवाया और सिर्फ 215 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान की तरफ से अराफात मिन्हास ने 8.4 ओवरों में 40 रन देकर सर्वाधिक 6 विकेट हासिल किए, जबकि हारिस रऊफ ने 2 विकेट निकाले। इनके अलावा, 1 विकेट नसीम शाह के हाथ लगा।
टाइगर से जुड़े फेक न्यूज और एआई-जनरेटेड कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना ने सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं बढ़ा दी हैं। दूसरी तरफ, घटना के बाद मंगलवार को अभिनेता की टीम ने पहला बयान जारी किया। इस बयान में टाइगर से जुड़े फर्जी समाचार और एआई-जनरेटेड कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। टीम ने कहा कि टाइगर ने रविवार शाम को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है और न ही कोई वीडियो जारी किया है। उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की भ्रामक सामग्री फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बयान में कहा गया, “हम स्पष्ट रूप से यह बताना चाहते हैं कि टाइगर श्रॉफ ने हालिया घटना या उससे संबंधित किसी भी घटनाक्रम के बारे में कोई बयान नहीं दिया है, कोई वीडियो जारी नहीं किया है और न ही किसी संचार को अधिकृत किया है।” उन्होंने कहा, “कई सोशल मीडिया पेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म टाइगर से जुड़ी मनगढ़ंत कहानियां, एआई-जनरेटेड वीडियो और स्क्रिप्टेड नैरेटिव फैला रहे हैं। ये पूरी तरह से झूठे, अनधिकृत और जनता को गुमराह करने के इरादे से बनाए गए हैं।” उन्होंने मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्मों से आग्रह किया कि वे टाइगर के बारे में सामग्री प्रकाशित करने या साझा करने से पहले सावधानी बरतें और जानकारी की पुष्टि करें। टीम ने कहा कि हम इस तरह की सामग्री का समर्थन नहीं करते, न ही इससे हमारा कोई संबंध है। हम मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और सोशल मीडिया पेजों से आग्रह करते हैं कि वे जिम्मेदारी निभाएं, पोस्ट से पहले जानकारी की पुष्टि करें और व्यूज या आर्थिक लाभ के लिए गलत जानकारी बनाने या फैलाने से बचें। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की कोई भी झूठी सामग्री फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। इस तरह की मनगढ़ंत सामग्री बनाने, प्रचारित करने या प्रसारित करने वाले किसी भी व्यक्ति या पेज के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम इन मामलों का संज्ञान ले रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सभी उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा लेने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। उन्होंने सभी से यह भी अनुरोध किया कि वे अपुष्ट दावों को फैलाने से बचें और जानकारी को फैलाने से पहले अभिनेता के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से उसकी पुष्टि करें।
भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए साझा हितों का विस्तार जरूरी: जयशंकर

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत और अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने के लिए साझा हितों का विस्तार करना जरूरी है। उन्होंने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी की नई संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता मजबूत करने में दोनों देशों का साझा हित है। मुंबई में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उनकी पत्नी, अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका की साझेदारी पिछले कुछ दशकों में लगातार विस्तारित हुई है और इसमें नए आयाम जुड़े हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी होने के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, सिनेमा, खेल, संस्कृति, मीडिया और संगीत का भी प्रमुख केंद्र है। यह एक महानगरीय शहर है, जो दुनिया के लिए भारत का प्रवेश द्वार है और अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर भी इसकी विशेष भूमिका है। ऐसे में अमेरिकी स्वतंत्रता की वर्षगांठ का मुंबई में मनाया जाना विशेष महत्व रखता है। जयशंकर ने भारत और अमेरिका के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुंबई और अमेरिका के बीच संपर्क की शुरुआत कभी बर्फ के व्यापार से हुई थी, लेकिन आज यह संबंध वित्तीय, वाणिज्यिक और प्रौद्योगिकी सहयोग के केंद्र में है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की शिकागो यात्रा, लियोन एबी के मुंबई में जैज संगीत लाने और जनरल इलेक्ट्रिक के रिएक्टरों के माध्यम से शहर की ऊर्जा जरूरतों में योगदान जैसे उदाहरणों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि स्टारबक्स ने भारत में अपना पहला आउटलेट मुंबई में खोला था। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी क्रिकेटर सौरभ नेत्रवलकर का भी उल्लेख किया, जिनका संबंध मुंबई से है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई अमेरिकियों ने भारत का समर्थन किया था। स्वतंत्रता के बाद बुनियादी ढांचे, शिक्षा, खाद्य, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी ने भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, भारतीय प्रतिभा और कौशल ने अमेरिका में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद भी रहे हैं, खासकर दुनिया और उसकी चुनौतियों से निपटने के तरीकों को लेकर। इसके बावजूद दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। उन्होंने क्वाड, मिशन 500, पैक्स सिलिका और फोर्ज पहल को इस बढ़ती साझेदारी के प्रमुख उदाहरणों में शामिल किया। उन्होंने ऊर्जा, रक्षा और नागरिक उड्डयन क्षेत्रों में हुई प्रगति को भी उल्लेखनीय बताया। मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा कि इस हमले ने शहर को निशाना बनाया था, लेकिन मुंबई के लोगों ने अपने साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। इस हमले में छह अमेरिकी नागरिकों की भी जान गई थी। उन्होंने कहा कि भारत मुंबई के ताज होटल स्थित 26/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की सराहना करता है। जयशंकर ने तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण के अमेरिकी प्रशासन के फैसले का भी स्वागत किया और कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने के अधिकार को लेकर स्पष्ट है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत के साझेदार भी आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएंगे। जयशंकर ने कहा कि दुनिया की व्यवस्था इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है और देश अपनी परिस्थितियों के अनुसार कदम उठा रहे हैं। ऐसे समय में भारत और अमेरिका के बीच साझा हितों की पहचान और विस्तार करना द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने का महत्वपूर्ण रास्ता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित संवाद और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग से आगे बढ़ने का मार्ग तैयार होगा। उन्होंने रुबियो की भारत यात्रा और दिन में हुई चर्चाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों देशों के पास व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के नए अवसर हैं। अंत में जयशंकर ने अमेरिका को उसकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।