दिल्ली में 8,941 करोड़ की जल परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, सीएम रेखा गुप्ता ने एलजी से की मुलाकात

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को लोक निवास में उपराज्यपाल (एलजी) टीएस संधू से मुलाकात की और शहर के विकास और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “चर्चा दिल्ली की विकास प्राथमिकताओं और त्योहारी मौसम के दौरान राजधानी भर में सुचारू नागरिक व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने पर केंद्रित थी।” यह बैठक दिल्ली सरकार द्वारा यमुना नदी के किनारों को साफ करने के लिए चलाए गए स्वयंसेवी अभियान के एक दिन बाद हुई, जिसमें स्वयंसेवकों ने स्वच्छता से अपनी सेवाएं दीं। रविवार को चलाए गए इस अभियान में 35,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 20,000 नागरिक, परिवार और आरडब्ल्यूए सदस्य, 10,500 कार्यकर्ता, 2,500 छात्र और 2,000 एनजीओ स्वयंसेवक शामिल थे। दिल्ली विश्वविद्यालय के 25 से अधिक कॉलेजों के छात्रों ने 76,755 किलोग्राम ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) को हटाने के प्रयास में सहयोग किया, जिनमें अकेले देशबंधु कॉलेज के 400 से अधिक छात्र शामिल थे। एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान में 26 जेसीबी, 19 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 24 नाव, 7 खरपतवार काटने की मशीनें, कचरा छांटने वाली मशीनें और 269 पीडब्ल्यूडी रखरखाव वैन भी तैनात की गईं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 8,941.22 करोड़ रुपए की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें 10 नई परियोजनाएं (2,827.11 करोड़ रुपए की) और 33 नई परियोजनाएं (6,114.11 करोड़ रुपए की) शामिल हैं, जिनका उद्घाटन किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के तहत ओखला में 1,161 करोड़ रुपए की लागत से 124 एमजीडी क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 1,041 करोड़ रुपए की लागत से आठ मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों का उन्नयन किया जाएगा, जिससे उनकी क्षमता 78.2 एमजीडी से बढ़कर 140.8 एमजीडी हो जाएगी और लगभग 78.5 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। बाहरी दिल्ली में 3,113.67 करोड़ रुपए की लागत से 29 नए डीएसटीपी और सीवेज पंपिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जो 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों के 36.29 लाख निवासियों को कवर करेंगे। वहीं, 1,691 करोड़ रुपए की लागत से 1,034 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिससे 25.82 लाख लोगों को फायदा होगा। चंद्रावल में 298.3 करोड़ रुपए की लागत से 477 एमएलडी क्षमता का आधुनिक जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जो 1935 और 1955 में बने पुराने संयंत्रों की जगह लेगा और करीब 22 लाख लोगों को सेवा प्रदान करेगा। इसके साथ ही 225.02 करोड़ रुपए की लागत से 4.5 किलोमीटर लंबी मुंडका मुख्य नाली का भी निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को गोयला डेयरी में 16 करोड़ रुपए के बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक संदेश में लिखा, “वर्षों से दिल्ली में एक भी बायोगैस संयंत्र नहीं था। आज मात्र 18 महीनों में 3 संयंत्र चालू हो चुके हैं, और 6 और संयंत्रों की योजना है! हर कदम हमें स्वच्छ माँ यमुना और हरित दिल्ली की ओर ले जाता है।” मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्‍स’ पर कहा, “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गोयला डेयरी में 16 करोड़ रुपए के बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन गोबर को स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद में परिवर्तित करने की है।” इसमें आगे कहा गया, “केवल 18 महीनों में तीन बायोगैस संयंत्रों के चालू होने और 6 और संयंत्रों की योजना के साथ, दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अपशिष्ट से धन’ के दृष्टिकोण को व्यावहारिक समाधानों के माध्यम से आगे बढ़ा रही है, जो प्रदूषण को कम करते हैं, अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करते हैं और किसानों को लाभ पहुंचाते हैं।

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