दिल्ली: गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, अहम मुद्दों पर की चर्चा

नई दिल्ली। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके इसकी जानकारी दी। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी देते हुए बताया कि आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस मुलाकात में राज्य के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि लाने तथा उनके लिए नए अवसरों का सृजन करने हेतु उनका पाथेय एवं बहुमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने ‘विकसित गुजरात – विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने हेतु हमारी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। प्रधानमंत्री जी से मुलाकात सदैव ऊर्जा और उत्साह का नया संचार लेकर आती है। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को महाअष्टमी के अवसर पर अंबाजी मंदिर का दौरा किया। शारदीय नवरात्रि के दौरान, उन्होंने राज्य के निरंतर विकास, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। सीएम भूपेंद्र पटेल ने पवित्र मंत्रों के उच्चारण के बीच मां अम्बे की पारंपरिक पूजा और आरती की। उन्होंने लोगों की भलाई और अच्छे स्वास्थ्य के लिए देवी का आशीर्वाद मांगा, और प्रार्थना की कि राज्य शांति और सद्भाव बनाए रखते हुए लगातार प्रगति करता रहे। अंबाजी मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। यह नवरात्रि के त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है। शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन, जिसे महाअष्टमी के रूप में मनाया जाता है, देवी की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। अपनी यात्रा के दौरान, सीएम पटेल ने देश भर से अंबाजी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने दर्शन की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। त्योहार के दौरान मंदिर में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। इस समीक्षा में तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, सुरक्षा उपाय और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रबंधन जैसी बातें शामिल थीं।

राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: ‘नशे को ना कहें’ थीम पर दिल्ली पुलिस की मोटरसाइकिल रैली रवाना, 1300 किमी का सफर करेगी टीम

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की मोटरसाइकिल टुकड़ी को राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली में भाग लेने के लिए सोमवार को पुलिस मुख्यालय से रवाना किया गया। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दल को हरी झंडी दिखाई। यह रैली ‘नशे को ना कहें’ थीम पर आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त भारत का संदेश फैलाना है। कार्यक्रम का समन्वय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा उत्तरी क्षेत्र के राज्यों और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के सहयोग से किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से इस राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली को औपचारिक रूप से रवाना करेंगे। रैली में दिल्ली पुलिस, विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस इकाइयों तथा सीएपीएफ की टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतिभागी लगभग 1,300 किलोमीटर की यात्रा कर गुजरात के एकता नगर (केवडिया) पहुंचेंगे। यात्रा के दौरान जयपुर, अजमेर, उदयपुर और गांधीनगर में रात्रि विश्राम किया जाएगा। रैली के 25 अक्टूबर को एकता नगर पहुंचने का कार्यक्रम है, जहां देशभर से आए दल एकत्र होंगे। यात्रा के दौरान पुलिस दल स्थानीय पुलिस के सहयोग से शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे। इसके तहत नशीली दवाओं के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम 31 अक्टूबर को गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री की उपस्थिति प्रस्तावित है। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से पहुंचे मोटरसाइकिल दल परेड में भी हिस्सा लेंगे। दिल्ली पुलिस के दल में कुल आठ मोटरसाइकिल सवार शामिल हैं, जिनमें पांच मुख्य और तीन आरक्षित सवार हैं। उनकी सुरक्षा के लिए विशेष राइडिंग गियर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सहायता के लिए ट्रक, एर्टिगा और मिनीबस जैसे सहायक वाहन भी दल के साथ रहेंगे। दिल्ली पुलिस ने बताया कि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब की टीमों को दिल्ली की न्यू पुलिस लाइंस में ठहराया गया है तथा उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। इंडिया गेट और लाल किला जैसे प्रमुख स्थलों पर भी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजयदशमी की पूर्व संध्या पर दीं शुभकामनाएं, विकसित भारत के निर्माण का किया आह्वान

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को विजयदशमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और एक समावेशी समाज और विकसित भारत के निर्माण के लिए एकजुट संकल्प का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, “विजयदशमी के शुभ अवसर पर मैं देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।” उन्होंने कहा, “विजयदशमी का त्योहार विशेष महत्व रखता है। यह भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम को धर्म और नैतिक आचरण के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।” उन्होंने कहा कि यह त्योहार अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव है। उन्होंने कहा, “भारतीय संस्कृति नैतिकता और कर्तव्य के आदर्शों में निहित है। इस अवसर पर आइए हम अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के महान आदर्शों को बनाए रखने और एक समावेशी समाज और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “इस पवित्र अवसर पर मैं सभी नागरिकों की खुशी, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।” एक अन्‍य घटनाक्रम में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में शामिल हो सकते हैं। आईपी एक्सटेंशन में प्रधानमंत्री की संभावित भागीदारी से पहले विस्तृत तैयारियां की जा रही हैं। दशहरा पर्व में परंपरा के अनुसार रावण का पुतला जलाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व पूरे देश में धार्मिक उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का स्मरण कराता है। प्रधानमंत्री मोदी वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले प्रमुख दशहरा समारोहों में अक्सर भाग लेते रहे हैं। हालांकि, पिछले वर्ष भारी बारिश के कारण पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज में 2 अक्टूबर को होने वाले दशहरा समारोह में प्रधानमंत्री का निर्धारित दौरा रद्द कर दिया गया था। 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मु के साथ दिल्ली के लाल किले के पास परेड ग्राउंड में आयोजित रामलीला समारोह में भाग लिया था। यह कार्यक्रम श्री धार्मिक लीला समिति द्वारा वार्षिक उत्सवों के अंतर्गत आयोजित किया गया था। 2023 और 2019 में प्रधानमंत्री ने दिल्ली के द्वारका सेक्टर 10 में श्री रामलीला सोसाइटी द्वारा आयोजित रावण दहन समारोह में भाग लिया था।

एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक के लिए दुशांबे पहुंचे राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार की शाम को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंच गए हैं। वह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ताजिकिस्तान गए हैं। इस दौरान वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन व रक्षा मंत्री की यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती प्रदान करना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यहां एससीओ के सदस्य देशों के बीच आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 19 और 20 अक्टूबर को हो रही इस बैठक में सदस्य देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर संवाद किया जा रहा है। इसके साथ ही, संगठन के भीतर चल रही सहयोग संबंधी पहलों की प्रगति की समीक्षा की भी जाएगी। संगठन की वित्तीय व्यवस्था और संस्थागत कामकाज से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। भारत एससीओ के विभिन्न मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। स्टार्टअप, नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसी पहलों के जरिए भारत क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने में लगातार योगदान दे रहा है। दुशांबे में हो रही यह बैठक भारत को अन्य सदस्य देशों के साथ विचारों के आदान-प्रदान और व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है। इससे साझा हितों के मुद्दों पर आपसी समझ बढ़ाने और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह ही नई दिल्ली से ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे के लिए रवाना हुए थे। राजनाथ सिंह ने अपने रवाना होने की जानकारी देते हुए कहा था कि वह इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्सुक हैं। इस बैठक में एससीओ के सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर प्रमुखता से चर्चा होगी। रक्षा मंत्री ने बताया कि एससीओ की बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान-प्रदान जैसे विषय बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल हैं। इसके अलावा, सदस्य देश आपसी सहयोग से जुड़ी मौजूदा पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। यहां संगठन के वित्तीय प्रबंधन और संस्थागत कामकाज से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। एससीओ की यह बैठक सदस्य देशों को आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने का अवसर देगी। इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में आपसी तालमेल मजबूत करना है, जिनसे सभी सदस्य देशों को लाभ मिल सके।

दिल्ली में रावण दहन से 12 घंटे पहले रामलीला की अनुमति रद्द करने पर सियासी घमासान, आप ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली। दिल्ली के लाजपत नगर स्थित कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में रामलीला और रावण दहन के आयोजन की अनुमति कथित तौर पर ऐन मौके पर रद्द किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने रावण दहन से महज 12 घंटे पहले रामलीला आयोजन की अनुमति रद्द कर दी, जबकि समिति सभी निर्धारित नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर चुकी थी। उन्होंने इसे धार्मिक आयोजन में बाधा डालने वाला कदम बताते हुए भाजपा सरकार से जवाब मांगा है। प्रवीण कुमार के अनुसार, कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में रावण दहन के आयोजन के लिए रामलीला समिति को 15 अक्टूबर को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) से विधिवत अनुमति मिली थी। उन्होंने दावा किया कि आयोजन के लिए समिति ने 35 हजार रुपए का शुल्क भी जमा कराया था। अनुमति मिलने के बाद आयोजकों ने रावण का निर्माण कराने के साथ ही कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी थीं। 15 अक्टूबर से ही मैदान में टेंट और अन्य जरूरी सामान पहुंचना शुरू हो गया था। समिति ने आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली थीं। प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले डूसिब के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आयोजकों को अनुमति रद्द किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह के दबाव में यह निर्णय लिया गया। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने ऊपर से फोन आने का हवाला देते हुए आयोजन की अनुमति निरस्त किए जाने की बात कही। हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और मामले में सरकार या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। प्रवीण कुमार ने कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है और देशभर में इस अवसर पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में दिल्ली में एक आयोजन की अनुमति अचानक रद्द किए जाने वाली दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किया कि आखिर दशहरे जैसे त्योहार के आयोजन में बाधा क्यों डाली जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री रावण को जलता हुआ नहीं देखना चाहतीं? आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करती है, वहीं दूसरी ओर दशहरे जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि समिति को पहले से अनुमति दी गई थी और आयोजकों ने निर्धारित शुल्क जमा करने के साथ जरूरी नियमों का पालन किया था, तो कार्यक्रम से ठीक पहले अनुमति रद्द करने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। प्रवीण कुमार ने बताया कि आयोजन स्थल पर टेंट, रावण और कार्यक्रम से संबंधित अन्य व्यवस्थाएं पहले ही की जा चुकी थीं। ऐसे में अंतिम समय पर अनुमति रद्द होने से आयोजकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई। उन्होंने कहा कि समिति ने आयोजन के लिए प्रशासन की ओर से बताई गई शर्तों को पूरा किया था और इसके बावजूद अनुमति वापस लिए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा समाज को सत्य, न्याय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। ऐसे पर्व के आयोजन को लेकर अंतिम समय में पैदा हुई स्थिति से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। प्रवीण कुमार ने कहा कि आयोजन स्थल पर समाज के लोग मौजूद हैं और समिति रावण दहन करने के अपने फैसले पर कायम है। उन्होंने कहा कि अनुमति रद्द होने के बावजूद आयोजक कार्यक्रम करने के पक्ष में हैं। उनके मुताबिक, हिंदू समाज इतना कमजोर नहीं है कि केवल अनुमति पत्र रद्द होने के कारण अपना पारंपरिक कार्यक्रम छोड़ दे।

दिल्ली में 8,941 करोड़ की जल परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, सीएम रेखा गुप्ता ने एलजी से की मुलाकात

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को लोक निवास में उपराज्यपाल (एलजी) टीएस संधू से मुलाकात की और शहर के विकास और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “चर्चा दिल्ली की विकास प्राथमिकताओं और त्योहारी मौसम के दौरान राजधानी भर में सुचारू नागरिक व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने पर केंद्रित थी।” यह बैठक दिल्ली सरकार द्वारा यमुना नदी के किनारों को साफ करने के लिए चलाए गए स्वयंसेवी अभियान के एक दिन बाद हुई, जिसमें स्वयंसेवकों ने स्वच्छता से अपनी सेवाएं दीं। रविवार को चलाए गए इस अभियान में 35,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 20,000 नागरिक, परिवार और आरडब्ल्यूए सदस्य, 10,500 कार्यकर्ता, 2,500 छात्र और 2,000 एनजीओ स्वयंसेवक शामिल थे। दिल्ली विश्वविद्यालय के 25 से अधिक कॉलेजों के छात्रों ने 76,755 किलोग्राम ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) को हटाने के प्रयास में सहयोग किया, जिनमें अकेले देशबंधु कॉलेज के 400 से अधिक छात्र शामिल थे। एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान में 26 जेसीबी, 19 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 24 नाव, 7 खरपतवार काटने की मशीनें, कचरा छांटने वाली मशीनें और 269 पीडब्ल्यूडी रखरखाव वैन भी तैनात की गईं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 8,941.22 करोड़ रुपए की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें 10 नई परियोजनाएं (2,827.11 करोड़ रुपए की) और 33 नई परियोजनाएं (6,114.11 करोड़ रुपए की) शामिल हैं, जिनका उद्घाटन किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के तहत ओखला में 1,161 करोड़ रुपए की लागत से 124 एमजीडी क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 1,041 करोड़ रुपए की लागत से आठ मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों का उन्नयन किया जाएगा, जिससे उनकी क्षमता 78.2 एमजीडी से बढ़कर 140.8 एमजीडी हो जाएगी और लगभग 78.5 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। बाहरी दिल्ली में 3,113.67 करोड़ रुपए की लागत से 29 नए डीएसटीपी और सीवेज पंपिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जो 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों के 36.29 लाख निवासियों को कवर करेंगे। वहीं, 1,691 करोड़ रुपए की लागत से 1,034 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिससे 25.82 लाख लोगों को फायदा होगा। चंद्रावल में 298.3 करोड़ रुपए की लागत से 477 एमएलडी क्षमता का आधुनिक जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जो 1935 और 1955 में बने पुराने संयंत्रों की जगह लेगा और करीब 22 लाख लोगों को सेवा प्रदान करेगा। इसके साथ ही 225.02 करोड़ रुपए की लागत से 4.5 किलोमीटर लंबी मुंडका मुख्य नाली का भी निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को गोयला डेयरी में 16 करोड़ रुपए के बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक संदेश में लिखा, “वर्षों से दिल्ली में एक भी बायोगैस संयंत्र नहीं था। आज मात्र 18 महीनों में 3 संयंत्र चालू हो चुके हैं, और 6 और संयंत्रों की योजना है! हर कदम हमें स्वच्छ माँ यमुना और हरित दिल्ली की ओर ले जाता है।” मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्‍स’ पर कहा, “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गोयला डेयरी में 16 करोड़ रुपए के बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन गोबर को स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद में परिवर्तित करने की है।” इसमें आगे कहा गया, “केवल 18 महीनों में तीन बायोगैस संयंत्रों के चालू होने और 6 और संयंत्रों की योजना के साथ, दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अपशिष्ट से धन’ के दृष्टिकोण को व्यावहारिक समाधानों के माध्यम से आगे बढ़ा रही है, जो प्रदूषण को कम करते हैं, अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करते हैं और किसानों को लाभ पहुंचाते हैं।

दिल्ली: जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर गोल्डन पाउडर जैसे पदार्थ के साथ पकड़ा गया शख्स

नई दिल्ली। दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर एक व्यक्ति को लगभग 155 ग्राम गोल्डन पाउडर जैसे पदार्थ के साथ पकड़ा गया। यह पदार्थ उसके बैग में रखे एक अंडरगारमेंट के अंदर छिपाकर रखा गया था। बाद में बरामद पदार्थ की जांच नारकोटिक्स विभाग द्वारा कराई गई, जिसमें पाया गया कि यह कोई मादक या मन:प्रभावी पदार्थ नहीं है। हालांकि, संबंधित व्यक्ति इस पदार्थ के स्वामित्व से जुड़े कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका और न ही उसके पास इसे रखने का संतोषजनक कारण था। इसके बाद उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस के अनुसार, यह घटना 17 अक्टूबर की है, जब सीआईएसएफ कर्मियों ने मेट्रो स्टेशन पर सामान की जांच और तलाशी के दौरान उसे पकड़ा। आरोपी की पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खालापार का निवासी है। उसने अपना एक पता कुआलालंपुर, मलेशिया का भी बताया। बैग की जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों को एक अंडरगारमेंट के अंदर छिपा हुआ सुनहरे पाउडर जैसा पदार्थ मिला। इसका वजन करीब 155 ग्राम बताया गया। प्रारंभिक पूछताछ में शोएब ने पुलिस को बताया कि वह मलेशिया में रहता है और वस्त्र उद्योग से जुड़ा हुआ है। उसने दावा किया कि उसकी पत्नी मलेशियाई नागरिक है और उसके दो बच्चे भी मलेशिया के नागरिक हैं। उसने यह भी बताया कि वह 16 अक्टूबर को यह पदार्थ लेकर दिल्ली पहुंचा था और जामा मस्जिद इलाके के एक होटल में ठहरा हुआ था। घटना वाले दिन वह लाजपत नगर जाने के लिए जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पहुंचा था, तभी सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों ने उसे रोक लिया। शुरुआत में पुलिस को संदेह था कि बरामद पदार्थ कोई मादक या मन:प्रभावी पदार्थ हो सकता है। इसी कारण नारकोटिक्स विभाग से जांच कराई गई, लेकिन जांच में यह आशंका गलत साबित हुई। मामले की जानकारी सीमा शुल्क (कस्टम्स) विभाग को भी दी गई थी, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। पुलिस के मुताबिक, शोएब बरामद पदार्थ के स्वामित्व को साबित नहीं कर पाया और न ही उसके पास इसका कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण था। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई। इससे पहले सीआईएसएफ कर्मियों ने बताया था कि एक्स-रे बैगेज स्क्रीनिंग के दौरान एक संदिग्ध और घनी वस्तु दिखाई देने पर शोएब कथित तौर पर वहां से भागने की कोशिश करने लगा था। सुरक्षा कर्मियों को शक होने पर उन्होंने उससे पूछताछ करनी चाही, लेकिन वह स्क्रीनिंग क्षेत्र से निकलकर भागने लगा। सीआईएसएफ कर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए उसका पीछा किया और स्टेशन के निकास द्वार के पास उसे पकड़ लिया, इससे पहले कि वह परिसर से बाहर निकल पाता।

बीटीएससी भर्ती 2026: मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पदों पर आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, जल्‍द करें अप्‍लाई

पटना। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (बीटीएससी) ने डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार (मत्स्य निदेशालय) में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के कुल 231 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके रिक्तियों की घोषणा की है। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर तक तय की गई है। मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पदों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 24 सितंबर से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर तक तय की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे बीटीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर सकते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर), नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले कॉलेज ऑफ फिशरीज से फिशरीज साइंस में 4 वर्ष की बैचलर डिग्री होनी चाहिए। आवेदकों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु अनारक्षित पुरुष के लिए 37 वर्ष और अनारक्षित महिलाओं के लिए 40 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदकों की जांच, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी वेतन स्तर-7 के तहत प्रति माह होगी। इसके अलावा, कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे। आवेदन पत्र भरते समय अभ्यर्थियों को निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सभी वर्ग के लिए 100 रुपए तय किया गया है। कैंडिडेट्स ध्यान दें कि रजिस्ट्रेशन फीस के भुगतान के बाद ही उनके एप्लीकेशन फॉर्म को स्वीकार किया जाएगा।

सीएम रेखा गुप्ता ने मिंटो रोड काली मंदिर में की पूजा, बोलीं- बंगाल की दुर्गा पूजा सनातन संस्कृति का अनुपम उत्सव

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को मिंटो रोड स्थित काली मंदिर में बंगाली समाज के साथ दुर्गा पूजा के पावन उत्सव में हिस्सा लिया। उन्होंने मिंटो रोड काली मंदिर परिसर, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित दुर्गा पूजा समारोह में सहभागिता कर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जय मां दुर्गा! ढाक की गूंज, शंखनाद की पवित्रता, धुनुची नृत्य की उल्लासपूर्ण परंपरा और मां दुर्गा के प्रति अगाध श्रद्धा… बंगाल की दुर्गा पूजा हमारी सनातन संस्कृति की आध्यात्मिक समृद्धि और सामूहिक चेतना का अनुपम उत्सव है। मिंटो रोड स्थित काली मंदिर में बंगाली समाज के साथ दुर्गा पूजा के पावन उत्सव में सम्मिलित होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया। बंगाली समाज ने अपनी समृद्ध साहित्यिक विरासत, कला, संगीत, आध्यात्मिक परंपराओं और आत्मीयता से दिल्ली के सांस्कृतिक वैभव को निरंतर समृद्ध किया है। मां दुर्गा से सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।” मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और परंपराओं का प्रतीक है, जो समाज में भक्ति, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देती है। इसके अलावा एक अन्य पोस्ट में सीएम रेखा गुप्ता ने लाल किला मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “आज ऐतिहासिक लाल किला मैदान में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति में धार्मिक लीला कमेटी द्वारा आयोजित दशहरा उत्सव में सम्मिलित हुई। राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव के प्रति गृहमंत्री का अटूट समर्पण तथा उनका दृढ़ नेतृत्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका सान्निध्य राष्ट्रसेवा, कर्तव्यबोध और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पण के भाव को और सुदृढ़ करता है। दिल्ली की रामलीलाओं में हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा बसती है। यह गौरवशाली परंपरा हमारी नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, जीवन मूल्यों और रामायण की महान विरासत से जोड़ती है। जय श्रीराम।

यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद पहुंचे मुंबई, एस जयशंकर के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता

मुंबई। संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान सोमवार को आधिकारिक दौरे पर मुंबई पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत और यूएई के बीच मजबूत और निरंतर संवाद का प्रतीक बताया। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मुंबई में यूएई के विदेश मंत्री का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह उच्चस्तरीय दौरा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा। इस दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को अपने यूएई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर और उनके यूएई समकक्ष अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच बैठक द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और पश्चिम एशिया की स्थिति के साथ-साथ वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर होगी। विदेश मंत्री जयशंकर की आगामी बैठकों के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा, “19 और 20 अक्टूबर को विदेश मंत्री मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री महामहिम अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की आधिकारिक यात्रा के लिए मेजबानी करेंगे। 20 अक्टूबर को विदेश मंत्री अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ वार्ता करेंगे और मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के समारोह में शामिल होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “यूएई के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की यात्रा भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने का अवसर होगी। दोनों प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फिनटेक, रक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में पहलों का आकलन करेंगे और उन्हें आगे बढ़ाएंगे। स्वाभाविक रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति के साथ-साथ वैश्विक और अन्य बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विस्तृत आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा।