बिमोल अकोइजम संसद में रहने लायक नहीं’, जेएनयू कांड को लेकर राष्ट्रपति से मिलेंगी भाजपा की महिला सांसद

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से बर्खास्त प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की महिला सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने वाला है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तथ्यों के आधार पर बात कर रही है। उन्होंने कहा कि जेएनयू की आंतरिक समिति की जांच के बाद कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को यौन दुर्व्यवहार का दोषी पाया गया और यूनिवर्सिटी ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। लेकिन इस गंभीर मामले पर राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने चुप्पी साध रखी है। बांसुरी स्वराज ने कहा, “ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेतृत्व अकोइजम को बचाने की कोशिश कर रही है क्योंकि वे राहुल गांधी के करीबी हैं।” भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि यूनिवर्सिटी की शिकायत समिति ने अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दोषी पाया है और कहा है कि उन्होंने 11 छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया था। रेखा शर्मा ने मांग की कि उन्हें संसद से हटाया जाना चाहिए, क्योंकि वे संसद सदस्य बने रहने के लायक नहीं हैं। भाजपा सांसद महिमा देवी ने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने कल एक रैली भी निकाली थी। उन्होंने कहा कि जेएनयू में कांग्रेस सांसद ने 11 युवतियों का यौन उत्पीड़न किया जो शर्मनाक है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ की बात करते हैं, लेकिन आज वे कहां हैं? वे इस मामले पर चुप क्यों हैं? भाजपा सांसद फांगनोन कोन्याक ने कहा कि वे राष्ट्रपति से मिलने जा रहे हैं क्योंकि यह एक ऐसा मुद्दा है जो बहुत गंभीर है। यह उन युवा लड़कियों और छात्राओं से जुड़ा मामला है जिन्होंने सामने आकर आरोप लगाया है कि उनके साथ बदसलूकी हुई है। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है और इसमें राष्ट्रपति के दखल की भी जरूरत है। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा सांसद अलका गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस अपने नारों और बयानों में महिलाओं के सम्मान की बात करती है, जिसमें ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ भी शामिल है। लेकिन जब जमीनी हकीकत की बात आती है, तो उनकी पार्टी के एक सांसद का ऐसा व्यवहार चिंताजनक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अकोइजम एक समिति द्वारा दोषी पाए गए हैं और साथ ही एक जन-प्रतिनिधि और शिक्षक भी हैं, इसलिए उनके ऐसे व्यवहार की कड़ी आलोचना होनी चाहिए। वहीं, भाजपा विधायक शिखा राय ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि अगर संसद का कोई सदस्य, जो जेएनयू में प्रोफेसर भी रहा हो, युवा लड़कियों से अच्छे नंबरों के बदले यौन संबंध बनाने की मांग करे तो यह बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि नाबालिग लड़कियों से जुड़े मामलों में सांसद अकोइजम पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि भाजपा महिला मोर्चा लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रहा है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी के सांसद पर लगे इतने गंभीर आरोपों पर चुप्पी साधे हुए है।

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