समान वेतन और स्थायी नौकरी की मांग को लेकर एएनएम कर्मचारियों ने ब्रजेश पाठक के घर का किया घेराव

लखनऊ। एएनएम महिला कर्मचारियों ने सोमवार को उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। एएनएम कर्मचारियों की ओर से समान काम के लिए समान वेतन और पक्की नौकरी की मांग की गई। उनका आरोप है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार रुपए प्रति महीने की सैलरी पर काम कर रही हैं। आईएएनएस से बातचीत करते हुए एएनएम आरती वर्मा ने कहा, “इको गार्डन में जब हमारी आवाज नहीं सुनी गई तो हम लोग अपनी मांगें लेकर उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर आए हैं। हम लोगों की दो ही मांगें (समान कार्य, समान वेचन और स्थाई नौकरी) हैं। हम लोगों की ओर से धरना देते आज 22 दिन हो गए हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हम लोगों को मजबूर होकर घेराव के लिए यहां आना पड़ा है।” एएनएम आरती वर्मा ने कहा, “हम लोगों को 10 हजार रुपए प्रति महीना वेतन मिलता है। कोई बताए कि 10 हजार रुपए में क्या घर का खर्च चल सकता है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि 10 हजार में कुछ होने वाला नहीं है। हम लोगों की मांग हैं कि जितना वेतन परमानेंट वालों का है, उतना ही हमारा कर दें। परमानेंट वालों के बराबर ही हम लोग भी काम करते हैं। हम लोग अपनी जायज मांगों को लेकर यहां आए हैं। हमारी कोई सुन ही नहीं रहा है।” उन्होंने कहा, “सूबे के 75 जिलों से एएनएम कर्मचारी आई हैं। कुछ महिलाएं तो 15-20 वर्षों से काम कर रही हैं, अभी भी वे संविदा पर ही हैं। क्या उनको परमानेंट नहीं कर देना चाहिए था? एएनएम कर्मचारी मंजिला गौतम ने कहा, “हम लोगों को प्रदर्शन इसलिए करना पड़ रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री पहचानते ही नहीं। एएनएम को स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी बताया जाता है और उन्हीं को कह रहे हैं कि हम जानते नहीं। अगर वे स्वास्थ्य विभाग के मंत्री होकर नहीं जान रहे हैं तो हम लोगों को कौन जानेगा? हम लोगों की मांग समान काम समान वेतन और नियमितीकरण है। हम लोगों की ओर से बीते 22 दिनों से प्रदर्शन किया जा रहा है, वहां कोई मंत्री नहीं पहुंचा। हमारी आवाज उन तक पहुंचे इसलिए हम लोगों की ओर से उनके आवास का घेराव किया गया है।” एएनएम कर्मचारी रंजना राय ने कहा, “हम लोगों को समान काम का समान वेतन चाहिए और हम लोगों को स्थायी किया जाए।

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