भारत में प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लेंगे नेपाल के 50 अधिकारी, कृषि सहयोग को मिलेगी मजबूती

काठमांडू। नेपाल के 50 अधिकारियों का एक दल सतत कृषि पद्धतियों से जुड़े अपने ज्ञान और कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत में आयोजित पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुआ है। इस बारे में भारतीय दूतावास ने सोमवार को जानकारी दी। दूतावास ने एक बयान में कहा कि प्रशिक्षण 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में आयोजित किया जाएगा, जिसमें यात्रा का समय शामिल नहीं है, और यह पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है। यह कार्यक्रम में भाग लेने वाला नेपाली अधिकारियों का तीसरा बैच है। दूतावास के अनुसार, प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उन्हें अनुभवों के आदान-प्रदान और टिकाऊ कृषि में सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखने के अवसर मिलेंगे। यह कार्यक्रम नेपाली अधिकारियों के लिए भारत की क्षमता निर्माण पहल का हिस्सा है और कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को दर्शाता है। नेपाली अधिकारियों के पहले बैच ने सितंबर 2023 में कार्यक्रम में भाग लिया था, जबकि दूसरे बैच ने अगस्त 2025 में प्रशिक्षण पूरा किया था। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राकृतिक और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ खेती पद्धतियों पर ज्ञान साझा करने को बढ़ावा देना और नेपाल के कृषि क्षेत्र में मानव संसाधन विकास में योगदान देना है। दूतावास ने कहा, “यह पहल दो पड़ोसी देशों के बीच घनिष्ठ और बहुआयामी साझेदारी के हिस्से के रूप में नेपाल में क्षमता निर्माण के लिए भारत के निरंतर समर्थन को भी रेखांकित करती है।” इस बीच दूतावास ने भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक नेपाली नागरिकों के लिए एक नई छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की है। कुछ दिन पहले जारी एक बयान में दूतावास ने कहा था कि इस योजना के तहत 25 नेपाली छात्रों को हर साल भारत के शीर्ष 20 लॉ कॉलेजों में से किसी में भी बीए एलएलबी, एलएलबी या एलएलएम पाठ्यक्रम करने के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी। छात्रवृत्ति प्रतिपूर्ति के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिसमें ट्यूशन, प्रवेश और हॉस्टल फीस को कवर किया जाएगा, जो प्रति वर्ष अधिकतम 640,000 नेपाली रुपये तक होगी।दूतावास के अनुसार, उम्मीदवारों का चयन उनकी पिछली या योग्यता परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।

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