भविष्य में और भी सफलताएं मिलें,’ पीएम मोदी ने भारतीय एथलीट्स को सराहा, राष्ट्रपति ने भी दीं शुभकामनाएं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को ‘एशियन गेम्स 2026’ में देश का नाम रोशन करने वाले एथलीट्स को उनके प्रदर्शन के लिए सराहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिल्वर मेडल जीतने वाले लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर की तारीफ में लिखा, “मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स में एक और मेडल जीता। उनकी छलांग ने उन्हें पुरुषों की लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में पोडियम तक पहुंचाया, उन्हें बधाई। भविष्य में और भी सफलताएं मिलें, ऐसी शुभकामनाएं।” राष्ट्रपति ने श्रीशंकर की तारीफ में लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने पर मुरली श्रीशंकर को हार्दिक बधाई। आपका शानदार प्रदर्शन आपके कौशल, लगन और अटूट संकल्प को दर्शाता है। उम्मीद है कि आप अपने खेल के सफर में और भी ऊंचाइयां हासिल करेंगे।” केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी छाप छोड़ी है। शानदार प्रदर्शन, मेहनत से हासिल किया गया मेडल और भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और गर्व का पल। बधाई हो, मुरली। आगे भी ऐसी ही कई बड़ी छलांगों, जीतों और मेडल्स की उम्मीद है।” पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में यशवीर सिंह ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता, जबकि रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा किया। प्रधानमंत्री ने इन एथलीट्स की तारीफ में कहा, “एशियन गेम्स के पोडियम पर दो भारतीय जैवलिन थ्रोअर। अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतने पर यशवीर सिंह और ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर रोहित यादव को बधाई। दोनों एथलीट्स और भारतीय एथलेटिक्स के लिए यह एक शानदार नतीजा है। भविष्य की कोशिशों के लिए उन्हें शुभकामनाएं।” राष्ट्रपति ने इन खिलाड़ियों की तारीफ में कहा, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने पर यशवीर सिंह और ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर रोहित यादव को बहुत-बहुत बधाई। एक साथ दो मेडल जीतना भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का पल है। यशवीर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (पर्सनल बेस्ट) इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है। उम्मीद है कि आप दोनों हर थ्रो के साथ नए रिकॉर्ड बनाते रहेंगे।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत के लिए एक यादगार ‘डबल पोडियम’ पल रहा, जिसमें यशवीर सिंह ने सिल्वर मेडल और रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। यशवीर और रोहित को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई। उम्मीद है कि वे आगे भी बेहतरीन प्रदर्शन करते रहेंगे, नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे और आने वाले वर्षों में देश का मान और बढ़ाएंगे।” केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “एशियन गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में भारत के लिए शानदार डबल पोडियम। यशवीर सिंह ने अपने अब तक के सबसे बेहतरीन थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि रोहित यादव ने शानदार ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। दो बेहतरीन प्रदर्शन, कड़ी मेहनत से जीते गए दो मेडल और देश के लिए गर्व का पल। भारतीय जैवलिन स्टार्स ने सचमुच अपनी छाप छोड़ी है।” पारुल चौधरी ने सोमवार को महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल रेस में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में भी ब्रॉन्ज जीता था। पारुल की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “एशियन गेम्स में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर पारुल चौधरी को बधाई। उनकी सफलता उभरते हुए एथलीट्स के लिए बहुत प्रेरणादायक है। भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।” लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद, सोमवार को पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में एक और सिल्वर मेडल जीता। उनकी तारीफ में प्रधानमंत्री ने कहा, “एशियन गेम्स में पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने पर गुलवीर सिंह को बधाई। उनकी यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है, क्योंकि यह उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (पर्सनल बेस्ट) है। भारत को उन पर गर्व है।” रक्षा मंत्री ने लिखा, “नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के एथलेटिक्स अभियान में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ा है। पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में पोडियम पर जगह बनाने के बाद, इन खेलों में यह उनका दूसरा सिल्वर मेडल है।” केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने पोस्ट में लिखा, “गुलवीर सिंह को बहुत-बहुत बधाई, उन्होंने पहले एशियन गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता और अब पुरुषों की 1,500 मीटर दौड़ में अपना दूसरा सिल्वर मेडल जीतकर भारत की खुशी को दोगुना कर दिया है। उनका पक्का इरादा और लड़ने का जज्बा वाकई प्रेरणादायक है। गुलवीर, आपको सलाम। आपने देश का मान बढ़ाया है।” विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा के फाइनल में 54.75 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिसके साथ पीटी उषा के 42 साल पुराने नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उनकी तारीफ में पीएम मोदी ने कहा, “विथ्या रामराज का शानदार प्रदर्शन, उन्होंने एशियन गेम्स में महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। विथ्या को बधाई। आने वाले समय में वह सफलता की नई ऊंचाइयां छूती रहें।” पिंकी बल्हारा ने विमेंस 78 किलोग्राम कुराश इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिनकी तारीफ में राष्ट्रपति ने कहा, “मैं एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 78 किलोग्राम कुराश इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर पिंकी बल्हारा को दिल से बधाई देता हूं। एशियन गेम्स में एक और मेडल जीतकर पोडियम तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है। कुराश के प्रति आपकी लगन और लगातार समर्पण तारीफ के काबिल है। आने वाले वर्षों में आपको और भी सफलताएं मिलें, इसके लिए मेरी शुभकामनाएं।” वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज की सराहना करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 1500 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतने पर गुलवीर सिंह को, और महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर विथ्या रामराज को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। आप दोनों ने अपनी असाधारण खेल उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाया है। आपकी कड़ी मेहनत,
भारतीय मूल की बोधना शिवानंदन ने इतिहास रचा, 11 साल की उम्र में बनीं सबसे युवा ‘महिला ग्रैंडमास्टर’

नई दिल्ली। भारतीय मूल की 11 वर्षीय बोधना शिवानंदन ने चेस में इतिहास रच दिया है। बोधना ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में 46वें चेस ओलंपियाड में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना तीसरा और अंतिम वुमन ग्रैंडमास्टर (डब्ल्यूजीएम) नॉर्म हासिल किया। इसके साथ बोधना इतिहास में वुमन ग्रैंडमास्टर का खिताब जीतने वालीं सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं। इंग्लैंड की महिला टीम के लिए टॉप बोर्ड पर खेलते हुए बोधना ने टीम की अगुवाई की। उन्होंने छह गेम जीते और 8.0/11 का स्कोर हासिल किया, जिससे इंग्लैंड महिला वर्ग में 15वें स्थान पर रहा। बोधना बोर्ड 1 पर टूर्नामेंट की 13वीं सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहीं। इससे पहले, सबसे युवा वुमन ग्रैंडमास्टर का रिकॉर्ड रूस की ग्रैंडमास्टर कैटरीना लैग्नो के नाम पर था, जिन्होंने 12 साल की उम्र में खिताब जीता था। उनके अलावा, चीन की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन होउ यिफान ने भी 12 साल की उम्र में यह खिताब जीता था। शिवानंदन की शतरंज यात्रा ‘कोविड-19 लॉकडाउन’ के दौरान शुरू हुई थी। पिता के दोस्त ने भारत लौटते समय कुछ बैग बोधना के परिवार को दिए थे, जिसमें एक शतरंज बोर्ड भी था। इसी शतरंज बोर्ड ने बोधना की दिलचस्पी को बढ़ाया। उस समय उन्होंने खुद ही इस खेल के दांव-पेंच सीखने शुरू किए थे। शिवानंदन ने यूरोपियन स्कूल्स चैंपियनशिप 2022 में सभी 24 मुकाबले जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था, जिसके एक साल बाद वह किसी ग्रैंडमास्टर के खिलाफ प्रतिस्पर्धी मुकाबले में हार न मानने वालीं सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। 9 साल की उम्र में बोधना को शतरंज ओलंपियाड 2024 के लिए इंग्लैंड की टीम में चुना गया। इसके साथ वह किसी भी खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी थीं। अब 11 साल की उम्र में डब्ल्यूजीएम खिताब हासिल करते हुए शिवानंदन ने अपने नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर ली है। उत्तर-पश्चिम लंदन में रहने वालीं बोधना शतरंज के साथ पढ़ाई में भी काफी होशियार हैं। वह यूके ओपन महिला ब्ल्टि्ज चैंपियन हैं, जिन्होंने ब्रिटिश महिला रैपिड चैंपियन का खिताब भी साझा किया है।
‘गेम ओवर’ में दिखती है ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ की अनिश्चितता: रैपर कर्मा

मुंबई। आने वाली फिल्म ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ के गाने ‘गेम ओवर’ को तैयार करने वाले रैपर कर्मा ने कहा कि यह गाना फिल्म की कहानी में मौजूद अनिश्चितता को दिखाता है। ‘गेम ओवर’ में दमदार और बेबाक ऊर्जा देखने को मिलती है। यह एक ऐसे खेल का एहसास कराता है जो काफी आगे बढ़ चुका है, जहां हर कदम का नतीजा होता है और अब पीछे हटने की कोई जगह नहीं बची है। यह गाना विजय सालगांवकर की दुनिया में बढ़ते दबाव, अनिश्चितता और अचानक आने वाले बदलावों को दिखाता है। इसके साथ ही ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी के अंतिम अध्याय में आधुनिक रैप का अंदाज भी जोड़ा गया है। गाने को कर्मा ने कंपोज किया है, इसके बोल लिखे हैं और इसे अपनी आवाज भी दी है। गाने को कर्मा और एके फॉर रीयल ने प्रोड्यूस किया है। गाने के बारे में कर्मा ने कहा, ”’गेम ओवर’ की शुरुआत इसके टाइटल से ही हुई थी। मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता था, जिसमें एटीट्यूड हो, लेकिन साथ ही वह फिल्म की दुनिया से भी जुड़ा हुआ लगे। ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ में काफी अनिश्चितता है और मैं चाहता था कि गाने में भी उसकी ऊर्जा नजर आए, लेकिन सब कुछ सीधे तौर पर न बताया जाए।” उन्होंने आगे कहा, ”जब मैंने इसे लिखना शुरू किया, तब मेरे दिमाग में इसका साउंड बिल्कुल साफ था, इसलिए मैंने इसके बोल, कंपोजिशन और वोकल्स सब कुछ खुद किया। जब गाना तैयार हुआ तो इसमें ऐसा एहसास था जैसे चीजें अपनी आखिरी सीमा तक पहुंच गई हैं। मैं गाने में बिल्कुल यही भावना चाहता था।” यह गाना विजय सालगांवकर की दुनिया को ज्यादा गंभीर, अंधेरा और टकराव से भरा रूप देता है। यह उनके आसपास बढ़ रहे दबाव और मुश्किल परिस्थितियों को दर्शाता है। फिल्म के साउंडट्रैक में बदला और भावनाओं के बाद अब ‘गेम ओवर’ के जरिए टकराव का रंग भी जुड़ गया है। यह ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ की कहानी में एक और परत जोड़ता है, जो ज्यादा गंभीर और अनिश्चित है और जहां हालात किसी भी वक्त बिगड़ सकते हैं। ‘गेम ओवर’ गाना सभी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसे सोनी म्यूजिक इंडिया के लेबल के तहत रिलीज किया गया है।
भारत में प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लेंगे नेपाल के 50 अधिकारी, कृषि सहयोग को मिलेगी मजबूती

काठमांडू। नेपाल के 50 अधिकारियों का एक दल सतत कृषि पद्धतियों से जुड़े अपने ज्ञान और कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत में आयोजित पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुआ है। इस बारे में भारतीय दूतावास ने सोमवार को जानकारी दी। दूतावास ने एक बयान में कहा कि प्रशिक्षण 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में आयोजित किया जाएगा, जिसमें यात्रा का समय शामिल नहीं है, और यह पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है। यह कार्यक्रम में भाग लेने वाला नेपाली अधिकारियों का तीसरा बैच है। दूतावास के अनुसार, प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उन्हें अनुभवों के आदान-प्रदान और टिकाऊ कृषि में सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखने के अवसर मिलेंगे। यह कार्यक्रम नेपाली अधिकारियों के लिए भारत की क्षमता निर्माण पहल का हिस्सा है और कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को दर्शाता है। नेपाली अधिकारियों के पहले बैच ने सितंबर 2023 में कार्यक्रम में भाग लिया था, जबकि दूसरे बैच ने अगस्त 2025 में प्रशिक्षण पूरा किया था। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राकृतिक और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ खेती पद्धतियों पर ज्ञान साझा करने को बढ़ावा देना और नेपाल के कृषि क्षेत्र में मानव संसाधन विकास में योगदान देना है। दूतावास ने कहा, “यह पहल दो पड़ोसी देशों के बीच घनिष्ठ और बहुआयामी साझेदारी के हिस्से के रूप में नेपाल में क्षमता निर्माण के लिए भारत के निरंतर समर्थन को भी रेखांकित करती है।” इस बीच दूतावास ने भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक नेपाली नागरिकों के लिए एक नई छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की है। कुछ दिन पहले जारी एक बयान में दूतावास ने कहा था कि इस योजना के तहत 25 नेपाली छात्रों को हर साल भारत के शीर्ष 20 लॉ कॉलेजों में से किसी में भी बीए एलएलबी, एलएलबी या एलएलएम पाठ्यक्रम करने के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी। छात्रवृत्ति प्रतिपूर्ति के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिसमें ट्यूशन, प्रवेश और हॉस्टल फीस को कवर किया जाएगा, जो प्रति वर्ष अधिकतम 640,000 नेपाली रुपये तक होगी।दूतावास के अनुसार, उम्मीदवारों का चयन उनकी पिछली या योग्यता परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु, बद्रीनाथ-गंगोत्री में टूटे पुराने रिकॉर्ड

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। राज्य सरकार के मुताबिक, मौजूदा यात्रा सीजन में अब तक 53 लाख 23 हजार 401 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या करीब 46 लाख थी। बद्रीनाथ और गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या पुराने रिकॉर्ड को पार कर चुकी है। बद्रीनाथ धाम में अब तक 18.10 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, गंगोत्री धाम में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 8.41 लाख तक पहुंच गई है। यमुनोत्री धाम में भी अब तक 7.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि केदारनाथ धाम में 15.57 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। सरकार के अनुसार, यात्रा में अभी करीब डेढ़ महीने का समय बाकी है। ऐसे में इस बार श्रद्धालुओं की कुल संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख 52 हजार 765 तक पहुंच चुकी है, जो बीते कई वर्षों की तुलना में अधिक बताई गई है। राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में चारधाम यात्रा को सतर्कता और लगातार निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी कदम उठाए गए हैं। चारधाम यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार के मुताबिक, चारधाम यात्रा का पहला चरण सफल रहा और दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए यात्रा मार्गों और संबंधित जिलों में जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। राज्य और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी लगातार चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुरक्षित, सुगम तथा व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
तेलंगाना: सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हैदराबाद में कांग्रेस का प्रदर्शन

हैदराबाद। तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सोमवार को हैदराबाद में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से देशभर में विरोध-प्रदर्शन के आह्वान के बाद तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय तक रैली निकाली। प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मंत्री पोन्नम प्रभाकर और श्रीधर बाबू, सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और अनिल कुमार यादव समेत कई नेता शामिल हुए। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की गई। प्रदर्शनकारी नेकलेस रोड स्थित इंदिरा गांधी की प्रतिमा के पास जमा हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त तथा केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘वोट चोरी’ और ‘डेमोक्रेसी के दुश्मन’ जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं। वहां से प्रदर्शनकारी सचिवालय के पास बीआरके भवन स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग का पुतला भी जलाया गया। भारतीय संविधान की प्रति हाथ में लिए उपमुख्यमंत्री विक्रमार्क ने सभी लोकतांत्रिक ताकतों से कांग्रेस की इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले कई वर्षों से देश में व्यवस्थित तरीके से नागरिकों के मतदान के अधिकार को प्रभावित करने और कथित “वोट चोरी” को लेकर चेतावनी देते रहे हैं और अब उनकी बात सही साबित हुई है। विक्रमार्क ने दावा किया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने भी एसआईआर के नाम पर नागरिकों के वोट हटाए जाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी शुरू से ही संविधान और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे अहम ताकत मतदान का अधिकार है और अगर उसी अधिकार को नुकसान पहुंचाया जाता है तो देश में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। विक्रमार्क ने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले सभी राजनीतिक दलों से अपने मतभेदों को अलग रखकर कांग्रेस के साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भारतीय लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों में पूरा विश्वास है और जब तक हर नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित नहीं हो जाता, पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने आरोप लगाया कि एक स्वायत्त संस्था के रूप में काम करने वाला भारत निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों का औजार बन गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। पूर्व मंत्री दानम नागेंद्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से जुड़े मामले का सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर पंजाब में कांग्रेस का प्रदर्शन

फिरोजपुर। पंजाब के फिरोजपुर में सोमवार को हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उन पर देश की लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले भी जलाए। इस मौके पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाकर 13.8 करोड़ लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया। वड़िंग ने बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इन राज्यों के चुनावी नतीजे जमीनी हकीकत और लोगों की धारणा से अलग रहे। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिन्हें भाजपा अपने खिलाफ मानते हैं। वड़िंग ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीन साल पहले यह मुद्दा उठाया था, लेकिन उस समय चुनाव आयोग ने इन आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने दावा किया कि अब चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने उन बातों को स्वीकार किया है, जिन्हें राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से उठाते आ रहे हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कर वोटों को हटाना और इससे भाजपा को फायदा पहुंचाना चुनाव आयोग की सामान्य प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी ऐसा ही हो रहा है। वड़िंग ने दावा किया कि पंजाब की मतदाता सूची से अब तक 20 लाख वोट हटाए जा चुके हैं और यह आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है। उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि आप और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। वड़िंग ने पंजाब की नगर समितियों के चुनावी नतीजों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने उनके नतीजों को प्रभावित किया था। उन्होंने राज्य सरकार पर पंजाब की राजनीति में अपराधीकरण को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। वड़िंग ने आशंका जताई कि अगर यही स्थिति जारी रही तो वह समय दूर नहीं, जब गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे जग्गू भगवानपुरिया और गुरप्रीत सेखों जैसे अपराधी और गैंगस्टर ही चुनाव लड़ते नजर आएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर भी राज्य में गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर दिल्ली के नेताओं के सामने झुकने का आरोप लगाते हुए उन पर तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों के लिए बने 10 सरकारी बंगलों को दिल्ली और राजस्थान के अनधिकृत लोगों को आवंटित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोग इन सरकारी बंगलों में रह रहे हैं, जबकि राज्य के मंत्रियों को गेस्ट हाउस में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और इससे संबद्ध अस्पतालों की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रगति की समीक्षा की

नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (लेएचएमसी) और इससे संबद्ध अस्पतालों ‘श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल’ (एसएसकेएच) तथा कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल (केएससीएच) की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे, विशेषीकृत नैदानिक सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों की देखभाल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री को कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के चल रहे विस्तार कार्य से अवगत कराया गया। इस परियोजना के तहत अस्पताल की कुल बिस्तर क्षमता 394 से बढ़ाकर 894 करने, आईसीयू की क्षमता 40 से बढ़ाकर 200 बिस्तर करने तथा ऑपरेशन थिएटरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 12 करने की योजना है। केएससीएच परिसर में निर्माण कार्य जारी है। इसका उद्देश्य तृतीयक और सुपर-स्पेशियलिटी बाल चिकित्सा देखभाल को मजबूत करने के साथ-साथ स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की क्षमता का विस्तार करना है। समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने जोर दिया कि एलएचएमसी और इससे संबद्ध अस्पतालों में चल रही तथा आगामी परियोजनाओं की योजना मरीज-केन्द्रित और भविष्य उन्मुख दृष्टिकोण के साथ बनाई जानी चाहिए, जिसमें बदलती चिकित्सा आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि योजना और डिजाइन तैयार करते समय संबंधित क्षेत्रों के अग्रणी संस्थानों की विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का लाभ उठाया जाना चाहिए। साथ ही, निर्माण की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने और परियोजनाओं की समय सीमा की कड़ाई से निगरानी करने पर भी जोर दिया। उन्होंने मंजूरी और स्वीकृति से संबंधित ऐसे मुद्दों, जिनमें मंत्रालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता हो, को समय पर मंत्रालय के समक्ष उठाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की भर्ती भी समानांतर रूप से आगे बढ़नी चाहिए। भविष्य की दिशा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक संस्थागत दृष्टिकोण के साथ एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने का आह्वान किया। इसमें तत्काल प्राथमिकताओं को चरणबद्ध विकास और आने वाले दशकों के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ समाहित किया जाना चाहिए। उन्होंने बड़े पैमाने की परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में, जहां उपयुक्त हो, निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और साझेदारियों की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि ऐसी सभी पहलों में गुणवत्ता, दक्षता और मरीजों की देखभाल को केन्द्र में रखा जाए। यात्रा के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक स्किल लैब का दौरा किया। यह एक व्यापक बहु-विषयक सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण सुविधा है, जो सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में व्यावहारिक एवं दक्षता-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस सुविधा में आईसीयू, सर्जिकल कौशल, सिमुलेटेड ओटी, प्रसूति ओटी, एनआईसीयू, ट्रॉमा, ईएनटी और नेत्र विज्ञान के लिए समर्पित सिमुलेशन क्षेत्र हैं। इसके साथ ही ब्रीफिंग और डीब्रीफिंग क्षेत्र तथा प्रक्रियात्मक कौशल के प्रशिक्षण के लिए टास्क ट्रेनर भी उपलब्ध हैं। स्किल लैब स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रशिक्षण, प्रक्रियात्मक कौशल विकास, संकाय विकास, बहुविषयक टीम प्रशिक्षण तथा दक्षता-आधारित मूल्यांकन के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करती है। इस सुविधा में सिमुलेशन-आधारित शिक्षण, सुनियोजित अभ्यास और संरचित फीडबैक के माध्यम से नैदानिक एवं शल्य चिकित्सा दक्षता, निर्णय लेने की क्षमता, टीमवर्क, संचार तथा संकट-प्रबंधन कौशल के विकास में सहायता मिलती है, साथ ही रोगी सुरक्षा को बेहतर बनाने में भी योगदान मिलता है। मंत्री ने कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में हाल ही में कार्यशील हुए ऑगमेंटेड लेवल III-बी नवजात देखभाल केन्द्र का भी दौरा किया और नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए उपलब्ध उन्नत सुविधाओं की समीक्षा की। नियोनेटोलॉजी विभाग में 80 गहन चिकित्सा बिस्तर हैं और यहां प्रतिवर्ष 10,000 से अधिक प्रसव तथा 2,500 एनआईसीयू में भर्ती होने वाले नवजात शिशुओं की देखभाल की जाती है। यहां समग्र जीवित रहने की दर 93 प्रतिशत से अधिक है। नवजात देखभाल सुविधा में हाई-फ्रीक्वेंसी ऑसिलेटरी वेंटिलेशन (एचएफओवी), इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड थेरेपी, चिकित्सीय हाइपोथर्मिया, उन्नत निगरानी तथा व्यापक श्वसन सहायता सहित उन्नत सेवाएं उपलब्ध हैं। हाल ही में कार्यशील हुए एनआईसीयू-बी में 7 एनआईसीयू बिस्तर, 8 एचडीयू बिस्तर, 15 कंगारू मदर केयर (केएमसी) शय्याएं तथा माताओं के लिए 12 कॉट हैं। यहां परिवार-एकीकृत देखभाल, कंगारू मदर केयर और स्तनपान सहायता पर विशेष जोर दिया जाता है। समीक्षा और दौरे के दौरान एलएचएमसी तथा इसके संबद्ध अस्पतालों द्वारा उन्नत रोगी देखभाल, विशेषज्ञ बाल एवं नवजात सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण और अनुसंधान को मजबूत करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के निरंतर विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में सुनील कुमार बर्नवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए); डॉ. एलजी कृष्णा, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस); जीएस चित्रा, संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय; तथा डॉ. हिमानी आहलूवालिया, निदेशक, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी); डॉ. अरविंद कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, एलएचएमसी; डॉ. विक्रम दत्ता, चिकित्सा अधीक्षक, एलएचएमसी और डॉ. सुजाता गौतम, प्राचार्य, एलएचएमसी उपस्थित थे।
बच्चों की दूसरी मां हैं आंगनबाड़ी वर्कर्स: डॉ स्वप्ना वर्मा

शहडोल। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री और शहडोल संभाग की प्रभारी डॉ. स्वप्ना वर्मा ने कहा कि मां अपने बच्चों की घर में देखभाल करती है तो आंगनबाड़ी केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस तरह बच्चों की दूसरी मां के समान हैं। भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों उनकी माता, लाभार्थियों से सीधे संवाद कर रही हैं। साथ ही बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं को भी करीब से देख रही हैं। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री और शहडोल की प्रभारी डॉ. वर्मा सोमवार को शहडोल जिले के प्रवास पर थीं और उन्होंने गोहपारू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित समारोह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को सम्मानित किया। इस मौके पर डॉ. वर्मा ने लाभार्थियों से सीधे संवाद किया और कहा कि देश की यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमीनी कार्यकर्ताओं को पहचाना है और उन्हें सम्मान दिलाया है। प्रधानमंत्री की नेतृत्व में केंद्र तथा राज्य की योजनाओं ने महिलाओं के साथ हर वर्ग की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र तक आने वाला बच्चा भले ही उनकी कोख से न जन्मा हो, मगर वे उसकी देखभाल अपने बच्चों के समान करती हैं। इसके साथ ही जो माताएं अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र तक भेजते हैं, वे यह महसूस करती हैं कि उनका बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। शहडोल संभाग की प्रभारी डॉ. वर्मा ने लाभार्थियों से संवाद किया और कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना चाहिए, साथ ही उनकी दीर्घायु की भी कामना हम करें। भाजपा महिला मोर्चा द्वारा प्रदेश में आंगन मिलन समारोह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। तमाम पदाधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और लाभार्थियों से सीधे संवाद कर रहे हैं।
मुंबई: 39 हजार झुग्गियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, अबू आजमी ने कार्रवाई रोकने की मांग की

मुंबई। महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने 14 फीट से ऊंची झुग्गी-झोपड़ियों को गिराने के प्रस्ताव को लेकर बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े से मुलाकात की। उन्होंने नगर निकाय की प्रस्तावित कार्रवाई को रोकने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने उज्जैन में मस्जिद से जुड़े विवाद, आईआईटी बॉम्बे के छात्र की मौत के बाद परिजनों के प्रदर्शन और सांताक्रूज सीवर हादसे को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। बीएमसी कमिश्नर से मुलाकात के बाद अबू आजमी ने कहा कि प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से बातचीत हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इतनी बड़ी संख्या में कार्रवाई एक दिन में नहीं हो सकती। करीब 39 हजार झुग्गियों को लेकर कार्रवाई की बात सामने आई है, लेकिन यह काम एक साथ नहीं किया जा सकता। अवैध निर्माण पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए कोई रास्ता निकाला जाना जरूरी है। इस पूरे मामले को लेकर बातचीत चल रही है और संबंधित योजनाओं को जल्द लागू करने की कोशिश की जा रही है। आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद उसके परिजनों के भूख हड़ताल पर बैठने के सवाल पर अबू आजमी ने कहा कि जब कोई माता-पिता अपने बेटे को पढ़ने के लिए भेजते हैं और उसकी मौत हो जाती है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि छात्र को दलित और निचली जाति से होने के कारण अपमान का सामना करना पड़ा और इसी वजह से उसने आत्महत्या की। अगर ऐसा हुआ है तो जिम्मेदार व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उज्जैन में मस्जिद से जुड़े विवाद पर अबू आजमी ने कहा कि 1947 से पहले मौजूद इबादतगाहों और पूजा स्थलों को उसी जगह पर रहना चाहिए और अगर सड़क के विस्तार या निर्माण की जरूरत है तो उसका रास्ता कहीं और से निकाला जाना चाहिए। किसी मस्जिद को तोड़ने का ऐलान करना उचित नहीं है। आजमी ने आरोप लगाया कि मुसलमानों के साथ जानबूझकर ज्यादती की जा रही है और ऐसे मुद्दों के जरिए राजनीतिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों को लगातार उठाया जा रहा है। आजमी ने इसे लेकर सरकार और राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। सांताक्रूज सीवर हादसे को लेकर अबू आजमी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं और हादसों पर ध्यान देने के बजाय मंदिर-मस्जिद के मुद्दों पर ज्यादा चर्चा हो रही है। आजमी ने आरोप लगाया कि सांप्रदायिकता फैलाने और सत्ता में बने रहने की राजनीति के बीच आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हादसे में लोगों की जान गई, लेकिन सरकार को इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी सरकार को जल्द से जल्द सत्ता से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के बजाय दूसरे राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान दे रही है।