कर्नाटक पुलिस ने चिक्कबल्लापुर में आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया

बेंगलुरु। कर्नाटक पुलिस ने चिक्कबल्लापुर में टेलीग्राम पर हुई कथित आतंकी साजिश के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भाजपा विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल, पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिंह और भाजपा एमएलसी सीटी रवि की तत्काल सुरक्षा की मांग की है। अशोक का दावा है कि ये तीनों कथित तौर पर आतंकी हमलों के निशाने पर थे। चिक्कबल्लापुर नगर पुलिस ने टेलीग्राम ग्रुप पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की चर्चा मिलने के बाद चिक्कबल्लापुर के बापूजीनगर निवासी शब्बीर और उत्तर भारत के रहने वाले सलमान को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने शनिवार को दावा किया कि चार लोगों ने कथित तौर पर यतनाल, प्रताप सिंह और सीटी रवि की हत्या की योजना बनाई थी और उनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अशोक ने कहा कि चिकबल्लापुर में चार आतंकवादियों के एक गिरोह ने विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल, पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा और भाजपा एमएलसी सीटी रवि की हत्या की योजना बनाई थी। सरकार को इन नेताओं को तुरंत सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। ये तीनों नेता अपने कट्टर हिंदुत्ववादी रुख के लिए जाने जाते हैं। अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसे लोगों की संख्या बढ़ गई है। पुलिस ने अभी तक कथित लक्ष्यों और इसमें शामिल लोगों की संख्या के बारे में उनके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। इस बीच, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113 के तहत मामला दर्ज कर टेलीग्राम ग्रुप की बातचीत, उसके सदस्यों और उनके संभावित संबंधों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर एक टेलीग्राम ग्रुप बनाया था या उसमें भाग लिया था, जहां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के बारे में चर्चा होती थी। जांचकर्ता अब ग्रुप के अन्य सदस्यों का पता लगाने और यह निर्धारित करने के लिए काम कर रहे हैं कि क्या चर्चाओं के परिणामस्वरूप कोई ठोस तैयारी हुई थी। पुलिस उन आरोपों की भी जांच कर रही है कि ग्रुप ने आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के लिए धनी व्यक्तियों के अपहरण पर चर्चा की थी। रिपोर्टों के अनुसार, शब्बीर लगभग चार महीने पहले ग्रुप में शामिल हुआ था। जांचकर्ता इस आरोप की भी जांच कर रहे हैं कि ग्रुप के प्रशासक ने एक निश्चित अवधि के बाद सदस्यों को हथियार प्रशिक्षण देने का वादा किया था। पुलिस जांच के तहत शब्बीर के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूतों की छानबीन कर रही है। वे ग्रुप के अन्य सदस्यों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने की भी कोशिश कर रहे हैं।

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