छत्तीसगढ़: आदिवासी कल्याण विभाग के ड्राइवर की संदिग्ध हालात में मौत

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आदिवासी कल्याण विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर के ड्राइवर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, वह पारंपरिक इलाज के लिए एक रिश्तेदार के साथ दूर-दराज के एक गांव गया था। मृतक की पहचान लखनराम के तौर पर हुई है। वह ओडागी पुलिस स्टेशन इलाके के पर्सिया गांव में अपने जीजा के साथ पारंपरिक इलाज और झाड़-फूंक के लिए गया था। पुलिस के अनुसार, गांव से लौटते समय लखनराम ने बहुत ज्यादा शराब पी ली थी, जिसकी वजह से वह चल नहीं पा रहा था। एक दूसरे व्यक्ति की मदद से उसे एक नाले के पार ले जाया गया और एक परिचित के घर सोने के लिए छोड़ दिया गया। अगली सुबह जब उसका जीजा उसे देखने गया, तो लखनराम वहां नहीं मिला। बाद में उसका शव घर से लगभग 100-200 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला। सूरजपुर के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एएसपी) योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को शक है कि ज्यादा शराब पीने और गड्ढे में गिरने की वजह से मौत हुई होगी। हालांकि, मौत की असल वजह का पता पोस्टमार्टम और आगे की जांच के बाद ही चलेगा। इस घटना ने मृतक के परिवार वालों और अन्य लोगों के मन में उसकी मौत के हालात को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच, खराब सड़कों की वजह से लखनराम के शव को दूर-दराज के गांव से बाहर निकालना मुश्किल साबित हुआ। कीचड़ और खराब सड़कों के कारण गांव तक गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही थीं, इसलिए ग्रामीणों और अन्य लोगों ने बेडशीट, कंबल और बांस से एक कामचलाऊ स्ट्रेचर बनाया और शव को कंधे पर उठाकर उस जगह तक ले गए जहां गाड़ियां पहुंच सकती थीं। इस घटना ने इलाके में अच्छी सड़क सुविधा न होने की बात को भी उजागर किया है। ग्रामीणों ने हाल ही में परसिया गांव तक जाने वाली सड़क को बेहतर बनाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस मौत की सही वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। आगे की जांच चल रही है।

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