राहुल गांधी गजनी हो गए हैं क्या? कांग्रेस भस्मासुर पार्टी है: प्रदीप भंडारी का तीखा पलटवार

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी के एक्स पोस्ट को लेकर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या वह गजनी हो गए हैं जो अपना इतिहास भूल गए। भाजपा नेता ने कांग्रेस को भस्मासुर पार्टी करार देते हुए कहा कि हर क्षेत्रीय दल तंग आकर ही बना है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “राहुल गांधी गजनी हो गए हैं क्या? कांग्रेस पार्टी ऐसी भस्मासुर पार्टी है जिसने हर क्षेत्रीय दल को तोड़ा और हर क्षेत्रीय दल इसलिए क्षेत्रीय बना क्योंकि वो कंग्रेस से तंग आ गया था। कांग्रेस को अपना इतिहास याद कराना चाहता हूं।” भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के इतिहास पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के तीन अलग-अलग चुनाव चिन्ह रहे हैं- 1952 से 1969 के बीच एक चिन्ह, 1971 से 1977 के बीच दूसरा, और 1977 के बाद से मौजूदा वाला चिन्ह। यह इस बात का सबूत है कि कांग्रेस ऐतिहासिक रूप से कई बार टूटी है। उन्होंने कहा कि 1951 से अब तक कांग्रेस में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 70 विभाजन हो चुके हैं। चाहे शरद पवार का अलग पार्टी बनाना हो, ममता बनर्जी का अपनी पार्टी बनाना हो, या 1951 में जेबी कृपलानी का अलग होना हो, ये सभी घटनाएं बताती हैं कि कांग्रेस पार्टी ऐतिहासिक तौर पर लोकतंत्र के लिए खतरा रही है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि आज लोकतंत्र की हत्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सम्मान हुआ है। जब बंगाल की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी को उखाड़ फेंका था, तो उनके पास न कार्यकर्ता बचे, न करीबी और न ही संगठन। ऐसे में नियम के मुताबिक कार्रवाई होना लाजिमी है। भंडारी ने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी लगाई, पहली कम्युनिस्ट सरकार को गिराया और जिसकी वजह से क्षेत्रीय दलों का जन्म हुआ, जिसके कई बार विभाजन के कारण चुनाव चिन्ह तक बदल गए, वही कांग्रेस आज संविधान को हाथ में लेकर घूमती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भारत के संविधान को कभी ठीक से पढ़ा ही नहीं है। इससे साफ होता है कि राहुल गांधी की कांग्रेस में हमेशा से ही कॉमन सेंस, लॉजिक और संविधान की हत्या होती रही है। इसलिए जब आज नियमों के तहत लोकतांत्रिक कार्रवाई हो रही है, तो राहुल गांधी बौखला रहे हैं। वह इसलिए बौखला रहे हैं क्योंकि देश का बच्चा-बच्चा उन्हें उनका इतिहास दिखा रहा है।

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