केला खाने का सही समय कौन सा? सुबह, खाली पेट या रात, जानिए क्या कहता है विज्ञान

नई दिल्ली। बहुत से लोग केले को नाश्ते, वर्कआउट से पहले या बाद में और कभी-कभी रात की हल्की भूख के समय भी खा लेते हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया में कई तरह की धारणाएं मौजूद हैं। कोई इसे सुबह खाली पेट खाने की सलाह देता है तो कोई रात में केला खाने को नुकसानदायक बताता है, लेकिन वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो केले को खाने का कोई एक समय नहीं है। केला एक आम फल है, जो कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटैशियम और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है। इसे आप अपनी सहूलियत और शरीर की जरूरत के हिसाब से खा सकते हैं। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के अनुसार , एक केले में करीब 422 मिलीग्राम पोटैशियम और 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 होता है। पोटैशियम नसों और मांसपेशियों के काम और शरीर में पानी के संतुलन के लिए जरूरी है, जबकि विटामिन बी6 प्रोटीन के इस्तेमाल और कई एंजाइम संबंधी प्रक्रियाओं में मदद करता है। केले में कार्बोहाइड्रेट भी अच्छी मात्रा में होता है। इसी वजह से जिम जाने वाले और खिलाड़ी इसे स्नैक के तौर पर खाना पसंद करते हैं। इससे तुरंत ऊर्जा मिलती है, लेकिन सिर्फ केला खाने से शरीर की सभी पोषक जरूरतें पूरी नहीं होंगी। इसे संतुलित भोजन का एक हिस्सा मानना बेहतर है। अगर खाली पेट केला खाना सही है या गलत, तो अगर किसी को सुबह केला खाने से कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे नाश्ते में शामिल किया जा सकता है। वहीं जिन लोगों को खाली पेट फल खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन जैसी समस्या महसूस होती है, वे ब्रेड, ओट्स या दही के साथ ले सकते हैं। केला-दूध का शेक या स्मूदी बहुत आम है। केला कार्बोहाइड्रेट देता है, जबकि दूध प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। अगर किसी व्यक्ति को दूध और केला दोनों आसानी से पचते हैं तो यह कॉम्बिनेशन सामान्य डाइट का हिस्सा हो सकता है। समस्या तब आती है जब किसी को लैक्टोज से दिक्कत होती है। ऐसे में गैस या पेट फूलने की शिकायत हो सकती है लेकिन इसका इस स्थिति को सिर्फ केले से जोड़ना सही नहीं होगा। रात में केला खाने से कोई न लेकिन अगर रात में खाने के बाद पेट भारी लगता है, तो इसे दिन में लेना बेहतर रहेगा। डायबिटीज और किडनी के मरीजों को थोड़ी सावधानी रखनी चाहिए। डायबिटीज में केले में मौजूद शर्करा ब्लड शुगर बढ़ा सकती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखें। किडनी की बीमारी में शरीर से अतिरिक्त पोटैशियम बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ऐसे मरीजों को डॉक्टर या डाइटीशियन से पूछकर ही केला खाना चाहिए। केला एक अच्छा और सस्ता फल है। यह एनर्जी देता है और पोटैशियम, फाइबर की कमी पूरी करता है, लेकिन किसी एक फल पर निर्भर रहना ठीक नहीं। सेहत के लिए केले के साथ-साथ दूसरे फल, सब्जी, दाल, साबुत अनाज और प्रोटीन को भी डाइट में शामिल करना जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शिक्षा