नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित लीला होटल में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय परिवर्तन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी.पी. यादव ने सी.ए. राणा प्रताप द्वारा लिखित पुस्तक ‘बोरो स्मार्ट, ग्रो फास्ट’ का औपचारिक विमोचन किया। कार्यक्रम में बीएनआई परिवार के सदस्यों, गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।समारोह की शुरूआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुई। इसके बाद एक शॉर्ट वीडियो फिल्म के जरिए सी.ए. राणा प्रताप के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।मुख्य अतिथि डी.पी. यादव ने लेखक को बधाई देते हुए कहा कि भारत की बड़ी आबादी ग्रामीण परिवेश में अभावों के बीच जीवन जीने को मजबूर है। ऐसे में लेखकों और विचारकों का दायित्व है कि उनकी कलम गरीबों और वंचितों की आवाज बने, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार आ सके।कार्यक्रम में ‘बिट्टू टिक्की वाले’ (बीटीडब्ल्यू) के नाम से प्रसिद्ध सतीराम यादव ने कहा कि बिजनेस को बढ़ाने के लिए यदि लोन लेना पड़े तो हिचकिचाना नहीं चाहिए, बशर्ते फाइनेंशियल प्लानिंग सही हो। उन्होंने केबीसी के एक विजेता का उदाहरण देते हुए बताया कि बिना ठोस योजना के मिली बड़ी धनराशि भी व्यर्थ हो जाती है।पुस्तक विमोचन के दौरान सी.ए. राणा प्रताप अपनी संघर्ष यात्रा को याद कर भावुक हो गए, जिन्हें उनकी बड़ी बहन ने मंच पर पहुंचकर ढांढस बंधाया। राणा प्रताप ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जीवन से ‘काश’ शब्द को पूरी तरह निकाल दें। जब आप बहाने छोड़ प्रयास शुरू करते हैं, तो प्रगति के रास्ते अपने आप खुलने लगते हैं।