अब समय आ गया है कि साउथ अफ्रीका आईसीसी के बड़े मंच पर फिर से शानदार प्रदर्शन करे : क्लूजनर

नई दिल्ली। साउथ के पूर्व ऑलराउंडर लांस क्लूजनर का मानना ​​है कि मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 में साउथ अफ्रीका की किस्मत इस बात पर निर्भर करेगी कि वे पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार रन बना पाते हैं या नहीं। सह-मेजबान होने के नाते साउथ अफ्रीका अपने घरेलू मैदानों पर खेलने के फायदे को एक मजबूत चुनौती में बदलना चाहेगा। साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। इससे इस क्षेत्र को क्रिकेट के सबसे बड़े आयोजनों में से एक की मेजबानी करने का मौका मिलेगा और साथ ही साउथ अफ्रीकी टीम को एक और बड़ी वैश्विक ट्रॉफी जीतने का अवसर भी मिलेगा। वर्तमान में अबू धाबी टी10 लीग में ‘अरेबियन एसेस’ के हेड कोच क्लूजनर ने टूर्नामेंट के दौरान ‘आईएएनएस’ से कहा कि घरेलू दर्शकों का समर्थन एक बड़ा बूस्ट दे सकता है, लेकिन वर्ल्ड कप जीतने के बुनियादी सिद्धांत वही रहते हैं। टीमों को पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार अच्छा स्कोर बनाने और मुश्किल लक्ष्यों का पीछा करने में सक्षम होना चाहिए, न कि केवल किसी एक खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन पर निर्भर रहना चाहिए। पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने कहा कि हालांकि घरेलू दर्शकों का समर्थन एक बड़ा बूस्ट दे सकता है, लेकिन विश्व कप जीतने के बुनियादी सिद्धांत वही रहते हैं। टीमों को पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार अच्छा स्कोर बनाने और मुश्किल लक्ष्यों का पीछा करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा, “जाहिर है पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार पर्याप्त रन बनाना एक बड़ी चुनौती होगी – न केवल साउथ अफ्रीका के लिए, बल्कि किसी भी ऐसी टीम के लिए, जो खिताब जीतने की उम्मीद कर रही है। इसलिए जो टीम लगातार बोर्ड पर रन लगा सकेगी या बड़े लक्ष्यों का पीछा कर सकेगी, उसी के पास आगे बढ़ने का मौका होगा। एक टीम के रूप में साउथ अफ्रीकी टीम को इसी बात पर ध्यान देने की जरूरत है। दबाव तो होता ही है। आईसीसी के किसी भी बड़े टूर्नामेंट में दबाव होता है, चाहे आप अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे हों या कहीं और। यह तो होना ही है। बात बस इतनी है कि हम ऐसे स्टेडियमों में खेलें जो हमारे अपने समर्थकों से भरे हों; घरेलू विश्व कप में यही तो होता है।” क्लूजनर ने माना कि साउथ अफ्रीका पर घरेलू दर्शकों की उम्मीदों का दबाव होगा, लेकिन उन्होंने कहा कि टीम को इस समर्थन को बोझ नहीं, बल्कि एक मौके के रूप में देखना चाहिए। चूंकि इस टूर्नामेंट के जरिए तीनों मेजबान देशों के स्टेडियमों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला जाएगा, इसलिए उन्हें लगता है कि यह मौका साउथ अफ्रीकी टीम के लिए एक बड़ी कामयाबी हासिल करने का बेहतरीन मंच बन सकता है। उन्होंने कहा, “हम इस टूर्नामेंट की फिर से मेजबानी करने को लेकर उत्साहित हैं और हां, अब समय आ गया है कि साउथ अफ्रीका एक बार फिर बड़े मंच पर– यानी आईसीसी के उस बड़े मंच पर – शानदार प्रदर्शन करे। हमें उम्मीद है कि हम अपने खिलाड़ियों और पूरे देश के सपनों को उनके अपने घर में पूरा कर पाएंगे। हमने रग्बी में ऐसा करके दिखाया है और अगर हमें क्रिकेट के नजरिए से भी अपने घर में ऐसा करने का मौका मिलता है तो यह सोने पे सुहागा होगा।

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