किताबों के खरीद मामले को लेकर दिल्ली के शिक्षा मंत्री का आप पर निशाना, बोले-लगा रहे झूठा इल्जाम

नई दिल्ली। किताबों की खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी के आरोपों पर दिल्ली के शिक्षा व खेल मंत्री आशीष सूद ने जमकर निशाना साधा है। आशीष सूद ने कहा, “मुझे लगता है कि यह बड़े-छोटों और छोटे-छोटों के बीच की लड़ाई है। नए छोटों के आने से पुराने छोटों को यह समझने में थोड़ी मुश्किल हो रही है कि अपने मालिकों के लिए कैसे काम का बने रहें। इसीलिए, कीमतें न जानते हुए भी वे 40 प्रतिशत स्कैम का झूठा इल्जाम लगा रहे हैं और मेरे विभाग के काम में रुकावट डालने की कोशिश कर रहे हैं।” आशीष सूद ने कहा, “हमने ये किताबें 28.61 रुपए में खरीदी हैं जबकि एनसीईआरटी इसे 65 रुपए में बेचता है। हमने किताबें कम कीमतों पर खरीदी हैं; उनके समय में दी गई कीमतों से आधी कीमत पर खरीदी गई हैं। उनके समय के डॉक्यूमेंट्स मौजूद हैं, जिनसे पता चलता है कि तत्कालीन शिक्षा सचिव ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा खरीदी जा रही किताबों की क्वालिटी पर सवाल उठाए थे। हमने आपके सामने सारे फैक्ट्स बहुत साफ तरीके से रखे हैं। हमने आपको मेजरिंग टेप दिया है; आप खुद चेक कर सकते हैं कि इसमें कहीं कोई कमी तो नहीं है।” दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा, “एजुकेशन डिपार्टमेंट में बहुत अच्छा काम हो रहा है। बच्चों को डिजिटल एजुकेशन मिल रही है, आगे बढ़ने के मौके मिल रहे हैं, नई पहल हो रही है, और स्टूडेंट्स के रिजल्ट बेहतर हो रहे हैं। एजुकेशन डिपार्टमेंट धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है। यह उनकी सोच को चुनौती देता है! वे दावा करते थे कि वे ही सबसे अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन अब, दो साल बाद, लोग खुद तुलना करके देख सकते हैं। अगर वे ऐसी फालतू बातें करते रहे, तो उन्हें इसका जवाब देना होगा।” पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “शिक्षा विभाग के अच्छे काम को रोकने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। आज देश में ‘हूट एंड शूट’ यानी कुछ भी कहो और भाग जाओ वाली राजनीति चल रही है, और दिल्ली में भी वैसी ही पॉलिटिक्स हो रही है। लोग कहते हैं कि 13 करोड़ वोट डिलीट हो गए हैं, लेकिन वे यह नहीं बताते कि 3 करोड़ मतदाताओं का निधन हो गया या वे शिफ्ट हो गए। दिल्ली में भी एजुकेशन डिपार्टमेंट के अच्छे काम को रोकने के लिए ऐसी ही घटिया राजनीति की जा रही है। कल आरोप लगे कि हमारे एजुकेशन डिपार्टमेंट में किताबों की खरीद में स्कैम हुआ है। सबसे पहले, मैं फैक्ट्स साफ करना चाहता हूं। एक खास एनसीईआरटी बुक दिखाई गई, और आरोप लगाया गया कि उसके स्पेसिफिकेशन्स उस छोटी बुक से अलग थे जो छपी थी। यह भी आरोप लगाया गया कि साइंस बुक का साइज छोटा कर दिया गया था।” दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने आगे कहा, “यहां एक नापने का टेप भी है। यह इसलिए दिया गया है, क्योंकि बेरोजगार नेता झूठ फैलाकर अपनी पॉलिटिकल अहमियत बनाए रखना चाहते हैं और अपना बिजनेस चलाते रहना चाहते हैं। नए ‘छोटुओं’ के अपनी पार्टी में शामिल होने से, पुराने ‘छोटुओं’ नए लोगों से ज्यादा अहमियत बनाए रखना चाहते हैं। इसीलिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। दोनों किताबें आपके सामने हैं। ऑर्डर की एक कॉपी आपको दी गई है। इसका दूसरा पेज देखिए, जहां किताब का साइज ए4 लिखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शिक्षा