मेलोनी ने कुवैत के अमीर शेख से की मुलाकात, 2027 से 2030 तक के लिए तय किया एक्शन प्लान

नई दिल्ली। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शुक्रवार को कुवैत में अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने साथ-साथ 2027 से 2030 तक के लिए रणनीतिक प्राथमिकताएं तय की गई। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी आधिकारिक यात्रा पर कुवैत पहंची हैं। वे शुक्रवार को कुवैत सिटी पहुंची थीं। मेलोनी इस बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर साझा की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ”कल मैंने कुवैत में अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबा से मुलाकात की। इस बैठक में क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री भी मौजूद थे। बातचीत का मुख्य उद्देश्य निवेश, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और रक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाना था।” मेलोनी ने बताया कि इस बैठक के दौरान हमने एक नया एक्शन प्लान अपनाया, जिसमें 2027 से 2030 तक के लिए रणनीतिक प्राथमिकताएं तय की गई हैं। इस योजना में दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा और प्रमुख क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। हमने खास तौर पर समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और यूरोपीय संघ (ईयू) तथा गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के बीच संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत हुई। मेलोनी ने पोस्ट में लिखा, ”बैठक के दौरान कुवैत की ओर से यह इच्छा भी सामने आई कि ‘क्यू-8’ की ओर से पहले से लागू पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर सीमा (प्राइस कैप) को आगे भी जारी रखा जाए। इसका उद्देश्य ऊर्जा लागत को नियंत्रित रखना और परिवारों तथा कारोबारों को बढ़ती कीमतों के असर से बचाना है।” मेलोनी की इस यात्रा के दौरान कुवैत के रक्षा मंत्रालय और लियोनार्डो के बीच एक लेटर ऑफ इंटेंट पर साइन किए गए हैं, जो रक्षा क्षमताओं के विकास और इंडस्ट्रियल सहयोग पर फोकस करेगा।
ईएसआईसी-दिल्ली में सीनियर रेजिडेंट सहित 40 पदों पर नौकरी का सुनहरा मौका, 3 नवंबर को वॉक-इन-इंटरव्यू

नई दिल्ली। मेडिकल क्षेत्र से जुड़े जो लोग नौकरी की तलाश में जुटे हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी), दिल्ली ने विभिन्न स्पेशलिटी के आधार पर सीनियर रेजिडेंट, कॉन्ट्रैक्चुअल स्पेशलिस्ट और कॉन्ट्रैक्चुअल सुपर स्पेशलिस्ट के कुल 40 पदों को भरने के लिए एक अधिकारिक विज्ञापन प्रकाशित करके रिक्तियों की घोषणा की है। ईएसआईसी की ओर से जारी 40 रिक्तियों में सीनियर रेजिडेंट के 19, कॉन्ट्रैक्चुअल स्पेशलिस्ट के 13 और कॉन्ट्रैक्चुअल सुपर स्पेशलिस्ट के 8 पद शामिल हैं। वहीं, जिन स्पेशलिटी के आधार पर सीनियर रेजिडेंट के 19 पदों पर भर्ती निकली है, उनमें एनेस्थिसियोलॉजी के साथ आईसीयू में 2, डर्मेटोलॉजी में 1, गायनेकोलॉजी में 1, पैथोलॉजी में 1, पीडियाट्रिक्स के साथ एनआईसीयू में 5, साइकियाट्री में 1, रेडियोलॉजी में 2, सर्जरी में 4, मेडिकल ऑन्कोलॉजी में 1 और नेफ्रोलॉजी में 1 पद है। कॉन्ट्रैक्चुअल स्पेशलिस्ट के 13 पदों में एनेस्थीसिया के साथ आईसीयू में 1, बायो-केमिस्ट्री में 1, चेस्ट में 1, डेंटल (एंडोडॉन्टिस्ट) में 1, आंख में 1, गायनेकोलॉजी में 1, मेडिसिन में 2, रेडियोलॉजी में 3 और एक्सीडेंट एवं इमरजेंसी में 2 पद शामिल हैं। वहीं, कॉन्ट्रैक्चुअल सुपर स्पेशलिस्ट के 8 पदों में कार्डियोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, यूरोलॉजी और रुमेटोलॉजी में 1-1 पद शामिल है। इन सभी पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन वॉक-इन-इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी सीनियर रेजिडेंट के लिए 67,700 से 1,50,294 रुपए के बीच कॉन्ट्रैक्चुअल स्पेशलिस्ट के लिए 1,50,294 रुपए (जूनियर स्पेशलिस्ट) से 1,74,936 रुपए (सीनियर स्पेशलिस्ट) के बीच और कॉन्ट्रैक्चुअल सुपर स्पेशलिस्ट के लिए 2,00,000 रुपए (सुपर स्पेशलिस्ट – एंट्री लेवल) से 2,40,000 रुपए (कंसल्टेंट-सीनियर लेवल) होगी। इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से सीनियर रेजिडेंट के लिए संबंधित विशेषज्ञता में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा और दिल्ली मेडिकल काउंसिल या मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकृत होने चाहिए। कॉन्ट्रैक्चुअल स्पेशलिस्ट के लिए संबंधित विशेषज्ञता में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री/डिप्लोमा के साथ एमबीबीएस; पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने के बाद 3 वर्ष का अनुभव या पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद 5 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा, दिल्ली मेडिकल काउंसिल या मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकरण होना आवश्यक है। वहीं, डेंटल के लिए एमडीएस (एंडोडोंटिस्ट में स्पेशलिटी के साथ), पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने के बाद 3 वर्ष का अनुभव और दिल्ली डेंटल काउंसिल या नेशनल डेंटल कमीशन में रजिस्टर्ड होना चाहिए। कॉन्ट्रैक्चुअल सुपर स्पेशलिस्ट के लिए एमबीबीएस, एमडी/एमएस/डीएनबी के साथ संबंधित सुपर स्पेशलिटी में डीएम/डीएनबी/एमसीएच की डिग्री और दिल्ली मेडिकल काउंसिल या मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकरण होना चाहिए। इसके अलावा एंट्री लेवल के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने के बाद संबंधित सुपर-स्पेशियलिटी में तीन वर्ष का अनुभव या पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा के बाद पांच साल का अनुभव। वहीं, सीनियर लेवल के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने के बाद संबंधित सुपर-स्पेशियलिटी में पांच वर्ष का अनुभव जरूरी है। आवेदकों की अधिकतम आयु सीनियर रेजिडेंट के लिए 45 वर्ष, कॉन्ट्रैक्चुअल स्पेशलिस्ट के लिए 69 वर्ष और कॉन्ट्रैक्चुअल सुपर स्पेशलिस्ट के लिए 69 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 3 नवंबर 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, सीनियर रेजिडेंट पोस्ट के लिए आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। वॉक-इन-इंटरव्यू 3 नवंबर को ‘ईएसआईसी अस्पताल, श्री आनंदमयी मार्ग, चरण 1, ओखला, नई दिल्ली – 110020’ पर आयोजित किए जाएंगे, जिसके लिए उम्मीदवारों का केंद्र पर रिपोर्ट करने का समय सुबह 9 बजे से 11 बजे तक तय किया है। ऐसे में जो अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल होने वाले हैं, उन्हें समय से केंद्र पर पहुंचने के अलावा अपने साथ भरे हुए आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी के साथ सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स की मूल और फोटोकॉपी को साथ ले जाने की सलाह दी जाती है। आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले ईएसआईसी-दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां संबंधित पोस्ट के लिए जारी अधिसूचना लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद नोटिफिकेशन में दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें और याद से इंटरव्यू के दिन अपने केंद्र पर ले जाएं। वॉक-इन-इंटरव्यू के दिन केंद्र पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा, जो एससी/एसटी/ईडब्ल्यूएस के लिए 500 रुपए तय किया गया है। वहीं, एससी/एसटी/पीएच उम्मीदवार और महिलाओं को आवेदन शुल्क में छूट दी गई है। कैंडिडेट्स ध्यान दें कि यह भर्ती एक वर्ष की अवधि के लिए होगी, जिसे उम्मीदवारों के वार्षिक मूल्यांकन और संतोषजनक कार्य-निष्पादन के आधार पर एक-एक वर्ष करके अधिकतम तीन वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।
किताबों के खरीद मामले को लेकर दिल्ली के शिक्षा मंत्री का आप पर निशाना, बोले-लगा रहे झूठा इल्जाम

नई दिल्ली। किताबों की खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी के आरोपों पर दिल्ली के शिक्षा व खेल मंत्री आशीष सूद ने जमकर निशाना साधा है। आशीष सूद ने कहा, “मुझे लगता है कि यह बड़े-छोटों और छोटे-छोटों के बीच की लड़ाई है। नए छोटों के आने से पुराने छोटों को यह समझने में थोड़ी मुश्किल हो रही है कि अपने मालिकों के लिए कैसे काम का बने रहें। इसीलिए, कीमतें न जानते हुए भी वे 40 प्रतिशत स्कैम का झूठा इल्जाम लगा रहे हैं और मेरे विभाग के काम में रुकावट डालने की कोशिश कर रहे हैं।” आशीष सूद ने कहा, “हमने ये किताबें 28.61 रुपए में खरीदी हैं जबकि एनसीईआरटी इसे 65 रुपए में बेचता है। हमने किताबें कम कीमतों पर खरीदी हैं; उनके समय में दी गई कीमतों से आधी कीमत पर खरीदी गई हैं। उनके समय के डॉक्यूमेंट्स मौजूद हैं, जिनसे पता चलता है कि तत्कालीन शिक्षा सचिव ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा खरीदी जा रही किताबों की क्वालिटी पर सवाल उठाए थे। हमने आपके सामने सारे फैक्ट्स बहुत साफ तरीके से रखे हैं। हमने आपको मेजरिंग टेप दिया है; आप खुद चेक कर सकते हैं कि इसमें कहीं कोई कमी तो नहीं है।” दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा, “एजुकेशन डिपार्टमेंट में बहुत अच्छा काम हो रहा है। बच्चों को डिजिटल एजुकेशन मिल रही है, आगे बढ़ने के मौके मिल रहे हैं, नई पहल हो रही है, और स्टूडेंट्स के रिजल्ट बेहतर हो रहे हैं। एजुकेशन डिपार्टमेंट धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है। यह उनकी सोच को चुनौती देता है! वे दावा करते थे कि वे ही सबसे अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन अब, दो साल बाद, लोग खुद तुलना करके देख सकते हैं। अगर वे ऐसी फालतू बातें करते रहे, तो उन्हें इसका जवाब देना होगा।” पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “शिक्षा विभाग के अच्छे काम को रोकने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। आज देश में ‘हूट एंड शूट’ यानी कुछ भी कहो और भाग जाओ वाली राजनीति चल रही है, और दिल्ली में भी वैसी ही पॉलिटिक्स हो रही है। लोग कहते हैं कि 13 करोड़ वोट डिलीट हो गए हैं, लेकिन वे यह नहीं बताते कि 3 करोड़ मतदाताओं का निधन हो गया या वे शिफ्ट हो गए। दिल्ली में भी एजुकेशन डिपार्टमेंट के अच्छे काम को रोकने के लिए ऐसी ही घटिया राजनीति की जा रही है। कल आरोप लगे कि हमारे एजुकेशन डिपार्टमेंट में किताबों की खरीद में स्कैम हुआ है। सबसे पहले, मैं फैक्ट्स साफ करना चाहता हूं। एक खास एनसीईआरटी बुक दिखाई गई, और आरोप लगाया गया कि उसके स्पेसिफिकेशन्स उस छोटी बुक से अलग थे जो छपी थी। यह भी आरोप लगाया गया कि साइंस बुक का साइज छोटा कर दिया गया था।” दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने आगे कहा, “यहां एक नापने का टेप भी है। यह इसलिए दिया गया है, क्योंकि बेरोजगार नेता झूठ फैलाकर अपनी पॉलिटिकल अहमियत बनाए रखना चाहते हैं और अपना बिजनेस चलाते रहना चाहते हैं। नए ‘छोटुओं’ के अपनी पार्टी में शामिल होने से, पुराने ‘छोटुओं’ नए लोगों से ज्यादा अहमियत बनाए रखना चाहते हैं। इसीलिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। दोनों किताबें आपके सामने हैं। ऑर्डर की एक कॉपी आपको दी गई है। इसका दूसरा पेज देखिए, जहां किताब का साइज ए4 लिखा है।
दिल्ली मेट्रो ट्रेन के अंदर पोस्टर चिपके मिलने के बाद एफआईआर दर्ज, मामले की जांच में स्पेशल सेल भी शामिल

नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की एक ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर चिपके मिले, जिसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर ‘दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007’ और ‘मेट्रो रेलवे (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002’ की धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इन ब्लैक-एंड-व्हाइट पोस्टरों में कई मुद्दे उठाए गए थे और पिछले कुछ वर्षों में देश में आए बदलावों के बारे में थे। इनमें एक क्यूआर कोड भी था, जिसके जरिए लोगों को एक ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ने के लिए कहा गया था। पुलिस ने इन पोस्टरों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच में स्पेशल सेल भी शामिल है। बीते दिनों सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों को बंद किया गया था। सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को देखते 14 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दी थी। डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल किया था। हलफनामे में डीएमआरसी ने बताया था कि 10 अक्टूबर को सुनिश्चित समय सारणी के अनुसार 271 ट्रेनें चलाई गईं और पूरे नेटवर्क में कुल 4,157 फेरे लगाए गए थे। इससे पहले 12 अक्टूबर को भी इंडी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी की गई थी। इस दौरान दिल्ली मेट्रो के 6 मेट्रो स्टेशन के गेट बंद किए गए थे और कई मार्गों पर डायवर्जन किए गए थे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से बताया गया था कि इंडी गठबंधन के मार्च को देखते हुए सोमवार को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए थे।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही क्यों लागू होता है ‘ग्रैप’ प्लान, जानिए किस स्टेज पर लगती हैं कौन-सी पाबंदियां

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को केवल नोएडा का लाइव एक्यूआई 303 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हवा में पीएम 2.5 का स्तर 222 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 का स्तर 269 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया है। लगातार बिगड़ते इन हालातों के बीच प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि जब तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-1) लागू है, तब तक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का इस्तेमाल न करें और सरकार के प्रयासों में सहयोग दें। लेकिन हर साल सर्दियों में चर्चा में आने वाला यह ‘ग्रैप’ प्लान आखिर है क्या, इसे कौन लगाता है और इसमें कौन-कौन सी पाबंदियां होती हैं? ग्रैप यानी ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक आपातकालीन कार्य योजना है। आसान भाषा में कहें तो यह प्रदूषण के स्तर के आधार पर लागू होने वाले कड़े नियमों का एक सेट है। हवा जितनी खराब होगी, पाबंदियां उतनी ही सख्त होती जाएंगी। इसे पहली बार 2017 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया था। वर्तमान में ग्रैप को लागू करने की जिम्मेदारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की है। सीएक्यूएम भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमानों और वायु गुणवत्ता के आंकड़ों की लगातार निगरानी करता है। जब एक्यूआई एक निश्चित स्तर को पार कर जाता है या मौसम विभाग पूर्वानुमान जताता है कि अगले कुछ दिनों में हवा बेहद खराब होने वाली है, तो सीएक्यूएम ग्रैप के संबंधित चरण को लागू करने का आदेश दे देता है। प्रदूषण की गंभीरता के आधार पर ग्रैप को चार चरणों में बांटा गया है। पहला चरण ‘खराब’ हवा के लिए जाना जाता है। इसमें एक्यूआई 201 से 300 के बीच होता है। जब हवा खराब होने लगती है तो यह चरण लागू होता है। इसमें निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त नियम लागू होते हैं। खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह से रोक होती है। सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू हो जाता है और 10-15 साल पुराने वाहनों पर सख्ती बढ़ा दी जाती है। सरकार लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील करती है। दूसरा चरण ‘बहुत खराब’ हवा के लिए जाना जाता है। इसमें एक्यूआई 301 से 400 के बीच होता है। इस चरण में डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक लग जाती है, हालांकि आवश्यक सेवाओं को छूट दी जाती है। लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें इसके लिए पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया जाता है। सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों तथा मेट्रो के फेरे बढ़ा दिए जाते हैं। तंदूर और कोयले वाले होटलों और ढाबों पर रोक लग जाती है। तीसरा चरण ‘गंभीर’ हवा के लिए जाना जाता है। इसमें एक्यूआई 401 से 450 के बीच होता है। यह स्थिति बेहद खतरनाक होती है। राष्ट्रीय सुरक्षा और जरूरी प्रोजेक्ट्स को छोड़कर सभी तरह के निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर पूरी तरह बैन लग जाता है। दिल्ली-एनसीआर में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल वाले चार पहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लग जाता है। इसमें प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का फैसला भी लिया जाता है। चौथा चरण ‘बेहद गंभीर या आपातकाल’ की स्थिति के लिए जाना जाता है। इसमें एक्यूआई 450 से ऊपर चला जाता है। यह सबसे चरम स्थिति है। दिल्ली में आवश्यक सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को छोड़कर अन्य सभी ट्रकों की एंट्री बैन हो जाती है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए जाते हैं और ऑनलाइन क्लासेस चलती हैं। सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश दिया जा सकता है। इसमें सरकार ऑड-ईवन जैसी योजनाएं भी लागू कर सकती है। शुक्रवार को ही दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोगों से अपील की थी कि जब तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-1) लागू है, तब तक लोग प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क पर न निकालें और सरकार के प्रयासों में सहयोग करें। दिल्ली सरकार के मंत्री सिरसा ने आईएएनएस से कहा कि स्थिति अच्छी नहीं है। दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाके में एक्यूआई जैसे ही 201 के पास जाने लगता है तो हवा की स्थिति गंभीर होने लगती है। एक्यूआई 201-300 (खराब) एक चेतावनी का स्तर है। स्वस्थ लोगों को भी दिक्कतें हो सकती हैं। खासकर हृदय और फेफड़ों के मरीजों के लिए यह स्थिति बहुत खराब मानी जाती है। एक्यूआई 301 प्लस (खतरनाक) में हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति बन जाती है। इसमें पीएम 2.5 (2.5 माइक्रोमीटर से छोटे कण) सबसे खतरनाक होते हैं, क्योंकि ये इतने बारीक होते हैं कि सांस के जरिए सीधे हमारे फेफड़ों और खून में घुल जाते हैं।
तकनीक की नई संभावनाओं को जनहित, न्याय और युवाओं के भविष्य से जोड़ना बड़ी आवश्यकता: सीएम योगी

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक की नई संभावनाओं को जनहित, न्याय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान व प्रशिक्षित मानव संसाधन को बढ़ावा देना जरूरी है। सीएम ने शनिवार को सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि आज उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, लखनऊ में आयोजित ‘टेकसंगम 2026’ में प्रतिभाग करूंगा। एआई, साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित यह आयोजन तकनीकी नवाचार को नागरिक सुरक्षा, प्रभावी न्याय व्यवस्था व डिजिटल ट्रस्ट से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य-संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले देश की सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश में केवल 2 साइबर थाने और 4 फॉरेंसिक लैब थीं। विज्ञान और तकनीक की संभावनाओं का पर्याप्त उपयोग न होने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के अभाव में अपराधियों को कानून से बच निकलने का अवसर मिलता था। कन्विक्शन रेट 30 प्रतिशत से भी कम था। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने की दिशा में कार्य किया। आज सभी 75 जनपदों में साइबर थाने हैं और प्रत्येक मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। तकनीकी संसाधनों एवं वैज्ञानिक जांच की क्षमता के विस्तार से साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने और अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को मजबूती मिली है। कन्विक्शन रेट में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान एवं साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। तकनीक आज प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने के साथ युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि देश-विदेश के वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, विधि विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने वाला यह आयोजन साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता एवं उभरती तकनीकों के उत्तरदायी उपयोग पर सार्थक विमर्श के साथ अनुसंधान, शिक्षा व उद्योग के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगा। भारत को उभरती तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने और उनके माध्यम से नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में यह संगम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा आत्मनिर्भर भारत के सामर्थ्य से विकसित भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में इस्तेमाल हुए 2 पिस्टल सूरत से बरामद, फोरेंसिक लैब में होगी जांच

मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ के ऊपर हुई फायरिंग में इस्तेमाल किए गए 2 पिस्टल को आखिरकार मुंबई क्राइम ब्रांच ने बरामद कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने सूरत से दो पिस्टल को बरामद करके उसे जब्त कर लिया है। हालांकि इन हथियारों की बरामदगी किसी अज्ञात जगह या शख्स के पास से हुई है, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। शूटरों ने वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होने के दौरान इन पिस्टल को सूरत में छिपा दिया था। इस बरामदगी के बाद अब पुलिस इन हथियारों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजेगी। बता दें कि 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद पुष्पा नरसी ग्राउंड से अपनी कार में जा रहे थे। इसी दौरान बाइक से आए हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं। घटना में टाइगर बाल-बाल बच गए,लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस गोली लगने से घायल हो गए। फायरिंग के बाद तीनों संदिग्ध शूटर मोटरसाइकिल से भाग गए और फिर ट्रेन और कैब के जरिए अलग-अलग जगहों पर चले गए थे। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में तीन शूटर रेहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। बाद में हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करते हुए दिल्ली और सोनीपत से भी गिरफ्तारियां हुईं। इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथी रणदीप मलिक ने कथित तौर पर रेहान को अनिल पंडित से मिलवाया था। एक अन्य आरोपी कुणाल के भी मलिक के जरिए ही पंडित के संपर्क में आने का संदेह है। मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक आरोपी कुणाल ने हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए राधा और बबीता नामक दो महिलाओं को पैसे दिए थे। दोनों को काम के सिलसिले में मुंबई घूमने का लालच भी दिया गया था। हथियार पहुंचाने के बाद दोनों महिलाओं के मुंबई में कुछ जगहों पर घूमने की जानकारी सामने आई है।
सोनिया गांधी ने शेयर किया कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से पहली मुलाकात का दिलचस्प किस्सा

नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो जारी किया है। यह वीडियो आगामी किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर है। इस किताब के रिलीज से पहले सोनिया गांधी ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद खूबसूरत किस्सा साझा किया है। सोनिया गांधी ने अपनी पहली ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “कैम्ब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्टोरेंट में मेरे प्यार का सफर शुरू हुआ था। राजीव और मैंने प्यार, हंसी और यादों से भरी एक दुनिया बनाई। 10 नवंबर को मैं वह दुनिया आप सभी के साथ साझा करूंगी।” वीडियो में सोनिया गांधी अपनी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पहली मुलाकात को याद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कैसे इंग्लैंड में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। सोनिया ने बताया कि वह इंग्लैंड में इटैलियन खाने की तलाश कर रही थीं और इसी तलाश में उन्हें एक ग्रीक रेस्टोरेंट मिला। यह रेस्टोरेंट यूरोपियन और भारतीय छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय था और कई छात्र वहां खाने के लिए जाते थे। अपनी पुरानी बातों को याद करते हुए सोनिया गांधी ने कहा, “और फिर हमें यह जगह मिली। यह एक ग्रीक रेस्टोरेंट था जहां कई छात्र, खासकर यूरोपीय छात्र, लेकिन भारतीय छात्र भी अपने भोजन के लिए जाते थे और तब वहीं उस रेस्टोरेंट में मैं राजीव से मिली।” उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार राजीव गांधी से मिलीं तो उन्हें तुरंत ही लगा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति से मिली हैं जिसके साथ वह अपना जीवन बिताना चाहेंगी। सोनिया ने कहा कि बाद में उन्हें पता चला कि राजीव के मन में भी यही भावना थी। सोनिया गांधी ने बताया कि उनकी मुलाकात एक कॉमन दोस्त ने करवाई थी। इसके बाद दोनों दोस्त बने और साथ में पार्टियों में जाने लगे, नई जगहों पर घूमने लगे। उन्होंने एक वैलेंटाइन पार्टी का भी जिक्र किया, जहां बहुत सारे छात्र आए हुए थे। राजीव गांधी के बारे में अपनी पहली राय बताते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि उनका सौम्य स्वभाव उन्हें बहुत पसंद आया था। उन्होंने कहा, “वह बहुत ही सौम्य दिखने वाले व्यक्ति थे। बेशक वह बहुत सुंदर थे लेकिन उनकी वह सौम्यता सामने आती थी तो यह कुछ ऐसा था जिसने मुझे वास्तव में प्रभावित किया तो यह बेशक मैं कभी नहीं भूलूंगी जब मैं पहली बार उनसे मिली थी।” इससे पहले 22 अक्टूबर को सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपना डेब्यू किया था। उन्होंने अपनी आने वाली किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ का पहला लुक शेयर किया था। यह किताब 10 नवंबर को रिलीज होने वाली है। इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए सोनिया गांधी ने कैप्शन में लिखा था, “हेलो एवरीवन, मैं आप सभी के साथ यह पल साझा करते हुए वास्तव में आभारी हूं, ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक। यह प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपनेपन की जगह खोजने की कहानी है। मैं इसे आप सभी के साथ साझा करने के लिए उत्सुक हूं।” सोनिया गांधी द्वारा शेयर किए गए उस वीडियो में दिख रहा था कि जब प्रकाशक किताब की हार्डबाउंड कॉपियां लेकर पहुंचे तो सोनिया गांधी ने कहा, “आप बहुत भारी वजन उठा रही हैं।” किताब के पन्नों को पलटते हुए सोनिया गांधी ने कहा था, “बहुत सारी तस्वीरें हैं, प्रियंका।” इसके बाद उन्होंने किताब अपनी बेटी को दिखाई। वीडियो के एक अन्य फ्रेम में प्रियंका गांधी अपनी मां को मिठाई खिलाती हुई नजर आईं और दोनों गले मिलते हुए दिखाई दीं।
तीसरी या चौथी बार बम से उड़ाने की धमकी का मैसेज महापौर पोर्टल पर आया है : बीएमसी मेयर रितु तावड़े

मुंबई। बीएमसी की मेयर रितु तावड़े की ओर से बाइक रैली, शुक्रवार को मिली बम की धमकी, मुंबई में पेड़ों की कटाई, शहर के एक्यूआई और आने वाले दिवाली त्योहार की तैयारियों पर प्रतिक्रिया दी है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाइक रैली के आयोजन पर ऋतु तावड़े ने कहा, “सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती से पहले आज मुंबई पुलिस की ओर से ‘राष्ट्रीय एकता रैली’ आयोजित की गई है। यह महाराष्ट्र सहित पूरे देश में नशा मुक्त अभियान का हिस्सा है। पुलिस की ओर से पूरे मुंबई में जागरुता के लिए बाइक रैली का आयोजन किया गया।” बम से उड़ाने की धमकी के सवाल पर रितु तावड़े ने कहा, “तीसरी या चौथी बार बम से उड़ाने की धमकी का मैसेज महापौर पोर्टल पर आया है। मुंबई पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काम कर रही है। हम लोगों को सुरक्षित रहने के लिए पुलिस अपना काम कर रही है।” पेड़ों की कटाई को लेकर किए गए सवाल पर रितु तावड़े ने कहा, “हमारी ओर से एक्यूआई और पर्यावरण पर काम किया जा रहा है। बारिश के बाद जिस तरह से थोड़ी गर्मी बढ़ी है, उसकी वजह से एक्यूआई भी थोड़ा बढ़ गया है। पर्यावरण को लेकर मुंबई महानगरपालिका की ओर से हमने सभी से अपील की है। कल हुई कॉन्फ्रेंस के दौरान इसके बारे में काफी चर्चा की गई थी। हम लोग इसको लेकर काफी अलर्ट हैं और इस पर काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि पौधे लगाकर पर्यावरण की रक्षा करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी को काम करना चाहिए और सभी मुंबईवासियों को भी इसको लेकर काम करना चाहिए। त्योहारों के सीजन में पटाखों को लेकर रितु तावड़े ने कहा, “मुंबई का एक्यूआई 7 नंबर पर है। सब दीवाली मनाएं, लेकिन मेरी ओर से अपील है कि जितना हो सके पटाखा मुक्त दीवाली मनाएं, इससे ज्यादा अच्छा संदेश मिलेगा। आने वाली पीढ़ी को भी अच्छा संदेश मिलेगा।
डिजिटल कृषि मिशन के तहत लक्ष्य से पहले बनी 11 करोड़ फार्मर आईडी : शिवराज चौहान

भोपाल। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2027 तक 11 करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य रखा था लेकिन इसे पांच माह पहले हुए हासिल कर लिया गया है। देश में 11 करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बनने पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा है कि आज का दिन भारतीय खेती, कृषि और किसानों के लिए ऐतिहासिक है। एक सपना साकार हुआ है, एक संकल्प पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है, विकसित भारत के लिए, विकसित कृषि और समृद्ध किसान और खेती को विकसित और किसान को समृद्ध बनाने के लिए, आधुनिक टेक्नोलॉजी जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि कई तरह की योजनाएं प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में किसानों के लिए चल रही हैं। उन योजनाओं का लाभ सही समय पर, सही किसान को मिले, यह भी जरूरी है। इसलिए डिजिटल कृषि मिशन बनाया गया और उस मिशन के अंतर्गत यह तय किया गया कि अब हर किसान की अलग पहचान होगी, फार्मर आईडी बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने लक्ष्य तय किया था कि मार्च 2027 तक 11 करोड़ फार्मर आईडी बन जाने चाहिए। लेकिन तय समय से 5 महीने पहले ही 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का काम पूरा हो गया। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने बताया कि अब यह फार्मर आईडी के माध्यम से योजनाओं का पारदर्शी तरीके से लाभ मिलेगा। बैंक का ऋण हो, कोई कागज़ के पेट नहीं भरने पड़ेंगे, कि बार-बार यह कागज लाओ, वह कागज लाओ। फसल बीमा योजना का लाभ हो, आपदा राहत की राशि हो, अपनी फसल को बेचना हो, ऐसे कई कामों के लिए फार्मर आईडी पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि सही किसान को ही लाभ मिलेगा और आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग, किसानों की खेती को आसान और बहुत बेहतर बनाएगा। लक्ष्य को हासिल करने को बड़ी उपलब्धि बताते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने की इस उपलब्धि के लिए, केंद्र सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ, राज्य सरकारों को, केंद्र शासित प्रदेशों को, जिला प्रशासन बधाई का पात्र है। साथ ही बधाई किसान बहनों और भाइयों को भी, क्योंकि अब आपके पास आपकी पहचान, किसान की पहचान फार्मर आईडी है। सही समय पर, बिना किसी परेशानी के योजनाओं का लाभ उठाइये, और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके खेती बदलिये।