छत्तीसगढ़: पीएम सूर्य घर योजना बनी धमतरी के लोगों के लिए वरदान, बिजली बिल की चिंता हुई दूर

धमतरी। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना धमतरी जिले के लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। इस योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर लोग बिजली बिल के खर्च को कम कर रहे हैं। योजना का उद्देश्य नागरिकों को सस्ती और स्थायी ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ ऊर्जा संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। धमतरी के लाभार्थी रुद्र प्रकाश साहू को भी इस योजना का लाभ मिला है। उन्होंने अपने घर की छत पर तीन किलोवॉट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाया है, जिसके बाद बिजली बिल शून्य हो गया है। रुद्र प्रकाश साहू ने बताया कि सोलर पैनल लगवाने के लिए उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपए की सब्सिडी मिली। इस आर्थिक सहायता से संयंत्र लगवाने में उन्हें काफी राहत मिली। लाभार्थी ने कहा कि पहले उनके घर में बिजली का बिल काफी अधिक आता था। हर महीने बिल का भुगतान करना उनके लिए परेशानी का कारण बनता था, लेकिन घर में सोलर पैनल लगने के बाद स्थिति बदल गई है। अब उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और उन्हें बिल चुकाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। लाभार्थी ने बताया कि उनके घर में सौर ऊर्जा संयंत्र से बिजली का उत्पादन हो रहा है। घर की जरूरत पूरी होने के बाद उत्पादित अतिरिक्त बिजली नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड में भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से भविष्य में इस अतिरिक्त बिजली के लिए उचित कीमत दिए जाने की बात कही जा रही है। इससे उन्हें आगे आर्थिक लाभ मिलने की भी संभावना है। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल लगने से उनके परिवार को बिजली बिल के खर्च से राहत मिली है। इस बदलाव से वह और उनका परिवार खुश हैं। योजना ने घरेलू बिजली खर्च को कम करने में मदद की है और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरों में सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी से सोलर पैनल लगवाने का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलती है। साथ ही, सौर ऊर्जा का उपयोग ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योजना का लाभ मिलने पर रुद्र प्रकाश साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से उन्हें आर्थिक राहत मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल और आम जनता के हित में बनाई गई योजनाओं की भी सराहना की। साहू ने कहा कि उनके घर में सौर ऊर्जा संयंत्र लगने से बिजली बिल की समस्या दूर हुई है और अतिरिक्त बिजली शासन को दी जा रही है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

मनोज तिवारी ने मां दुर्गा से समृद्धि की कामना की, दिल्ली में व्यापारियों के नुकसान पर जताई चिंता

नई दिल्ली। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दुर्गा पूजा और नवरात्रि के अवसर पर मां दुर्गा से सभी पर आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा समारोह की सराहना करते हुए कहा कि वहां जिस तरह से लोगों ने उत्साह के साथ पूजा में हिस्सा लिया, वह अद्भुत था। वहीं, दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को हो रहे नुकसान पर उन्होंने चिंता जताई। मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सरकार जल्द ही शांति और व्यवस्था स्थापित करने में सफल होगी। मनोज तिवारी ने नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर कहा कि मां से उनकी प्रार्थना है कि जब भी कोई सकारात्मक कदम उठाया जाए, तो उसे सफलता मिले। मां की कृपा से ही तय होता है कि किसे कब सफलता मिलेगी और किसे रुकना पड़ेगा। नवरात्रि में षष्ठी के दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है और मां दुर्गा के विराजमान होने के इस अवसर पर वह हर साल की तरह इस बार भी दर्शन करने पहुंचे हैं। दिल्ली और कोलकाता में धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली को आमतौर पर रामलीला के लिए अधिक जाना जाता है, जबकि कोलकाता की पहचान दुर्गा पूजा से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि उनके गांव में भी गांव-गांव दुर्गा माता आती हैं और लोग श्रद्धा के साथ उनका स्वागत करते हैं। तिवारी ने कहा कि वह मां दुर्गा से प्रार्थना करते हैं कि सभी पर उनका आशीर्वाद बना रहे। साथ ही, उन्होंने मां से विभिन्न रूपों में सामने आ रही बुराइयों को अपनी शक्ति से शांत करने की कामना की। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा समारोह पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद ने इसे अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को देखकर ऐसा लगा कि लोग लंबे समय से इस तरह का आयोजन करने के लिए उत्सुक थे। तिवारी ने भाजपा सरकार और अन्य सरकारों के बीच अंतर बताते हुए दावा किया कि भाजपा की सरकार में सभी समुदायों के लोग अपने पर्व और त्योहार उत्साह के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन सहित सभी समुदायों को अपने त्योहार मनाने का अवसर मिलना चाहिए। दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को हो रहे नुकसान के सवाल पर मनोज तिवारी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि व्यापारियों का नुकसान होना चिंताजनक है और सड़कों पर अराजक तत्वों की गतिविधियां चुनौती पैदा कर रही हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जो लोग कुछ दिन पहले तक संविधान हाथों में लेकर घूमते थे, वही आज संविधान के दुश्मन बन गए हैं। उन्होंने इसे एक चुनौती बताते हुए विश्वास जताया कि सरकार जल्द ही शांति व्यवस्था स्थापित करने में सफल होगी।

मध्य प्रदेश : दुनिया छोड़ने के बाद भी तीन लोगों को दिया जीवनदान, मुख्यमंत्री ने की शिवानी के परिवार की प्रशंसा

भोपाल। मध्य प्रदेश के नर्मदा पुरम जिले की बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) भले ही इस दुनिया से विदा हो गई हो, मगर वे तीन लोगों को अनमोल उपहार दे गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिवानी शर्मा के परिवार की प्रशंसा करते हुए मानवता की इस पहल को नमन किया है। मिली जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड हुईं नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी के ग्राम खापा खुर्द निवासी बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) के परिजनों ने दुख की घड़ी में अंगदान का निर्णय लेकर मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की ऐसी मिसाल पेश की। इससे तीन लोगों की जिंदगी में खुशहाली आई है। राज्य शासन के निर्णय अनुसार, शिवानी के पैतृक गांव में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर उन्हें सम्मानित किया गया। शिवानी के अंगदान पर राज्य के मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि एक अत्यंत भावुक और विरल क्षण, जब एम्स भोपाल में अपने प्रियजन के अंगदान के माध्यम से कई जिंदगियों को नई उम्मीद देने वाले दानदाता परिवार को उनके पैतृक गांव में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया गया, जिस परिवार ने अपार दुख की घड़ी में भी दूसरों को जीवन देने का महान निर्णय लिया, उसके इस त्याग और मानवता के प्रति समर्पण को मिला यह सम्मान वास्तव में हृदय को भावविभोर कर देता है। उन्होंने आगे कहा है कि अंगदान केवल अंगों का दान नहीं, बल्कि किसी के बुझते हुए संसार में आशा का दीप जलाना है। यह सम्मान उस महान भावना को सलाम है जो एक परिवार के दुख को अनेक परिवारों की खुशियों में बदल देती है। इस संवेदनशील पहल के लिए मध्य प्रदेश सरकार एवं मध्य प्रदेश पुलिस का हृदय की गहराइयों से आभार। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि आइए, हम सब मिलकर अंगदान के इस महाअभियान को आगे बढ़ाएं, ताकि हर जीवन को जीने का एक और अवसर मिल सके। यह पहल दर्शाती है कि अंगदान के प्रति जागरूकता अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव ला रही है और समाज में जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि शिवानी का यह महादान तीन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद बनकर आया है। उनका योगदान मानवता के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।

फिटजी केस में ईडी की चार्जशीट दाखिल, 71.88 करोड़ की संपत्ति जब्त करने की मांग

लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने फिटजी लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स दिनेश कुमार गोयल व मोनिला गोयल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। ईडी ने शुक्रवार को गाजियाबाद की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर की है और जांच के दौरान जब्त और अस्थायी रूप से कुर्क की गई 71.88 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त करने और दोषसिद्धि की मांग की है। ईडी की जांच यूपी पुलिस द्वारा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में और मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा भोपाल में दर्ज चार एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में आरोप है कि फिटजी ने जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दो से चार साल के कोचिंग प्रोग्राम के लिए प्रति छात्र 2.8 लाख से 3.5 लाख रुपए तक की फीस एडवांस में ली थी, यह भरोसा देकर कि पूरा कोर्स कराया जाएगा। लेकिन वेतन न मिलने के कारण फैकल्टी चली गई और बिना किसी पूर्व सूचना के सेंटर अचानक बंद कर दिए गए। आरोप यह भी है कि मैनेजमेंट ने फीस का डायवर्जन किया और फैकल्टी के जाने के बाद भी झूठे आश्वासन देकर नए छात्रों से फीस वसूलना जारी रखा। नोएडा पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट करीब 300 पीड़ितों, फिटजी कोचिंग सेंटर के ऑपरेटरों और अन्य गवाहों के बयानों के साथ-साथ फीस रसीदों और जांच में मिले अन्य सबूतों पर आधारित है। जांच में पता चला है कि फिटजी ने मई 2024 से फरवरी 2025 के बीच अचानक 32 सेंटर बंद कर दिए, जिससे 14,411 छात्र बिना कोचिंग के रह गए, जबकि उन्होंने पूरी फीस दी थी। कंपनी ने मार्च 2029 तक चलने वाले प्रोग्राम के लिए भी छात्रों का एडमिशन जारी रखा, जबकि उसे पता था कि वह उन्हें पूरा नहीं कर पाएगी। वसूली गई फीस तब खर्च की गई, जब कंपनी लगातार घाटे में थी। फीस का वह हिस्सा, जिसे रोककर गबन किया गया, उसे 85.79 करोड़ रुपए के अपराध से प्राप्त धन के रूप में निर्धारित किया गया है। आगे की जांच में पता चला है कि कंपनी को नियंत्रित करने वाले दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल ने वित्त वर्ष 2022-23 से 24.92 करोड़ रुपए वेतन के रूप में लिए। मोनिला गोयल परिवार के पास 86.31 प्रतिशत शेयर हैं, इसलिए यह स्पष्ट है कि डायरेक्टर्स ने बिना किसी स्वतंत्र जांच के अपना वेतन खुद मंजूर किया। उन्होंने खुद को पहले भुगतान किया, जबकि अन्य कर्मचारियों का वेतन देरी से दिया गया या नहीं दिया गया। दिनेश गोयल ने करीब 56 लाख रुपए प्रति माह और मोनिला गोयल ने 25 लाख रुपए प्रति माह से अधिक वेतन लिया, जबकि मोनिला ने खुद माना कि वह नियमित रूप से ऑफिस नहीं जाती थीं और सिर्फ घर से चेक पर हस्ताक्षर करती थीं। सेंटर बंद होने के दौरान भी उन्हें भुगतान जारी रहा। ईडी ने इससे पहले 24 अप्रैल 2025 को 7 ठिकानों पर छापेमारी कर 10 लाख रुपए नकद और 4.86 करोड़ रुपए के गहने जब्त किए थे और 9 अक्टूबर 2026 को पीएमएलए, 2002 के तहत 66.92 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की थी। मामले में आगे की जांच जारी है।

अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, पार्टनर लेखा वॉशिंगटन का रिएक्शन आया सामने

मुंबई। अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) की ओर से भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया। इस मामले में अभिनेता की पार्टनर लेखा वॉशिंगटन ने शुक्रवार को पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल, 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में अभिनेता इमरान खान भी आम नागरिक के तौर पर शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया था। प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस में इमरान खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, भारत सरकार की एजेंसी एफआरआरओ और मुंबई पुलिस ने आव्रजन और विदेशी अधिनियम के उल्लंघन के तहत उन्हें देश छोड़ने का नोटिस दिया। अभिनेता को भारत छोड़ने का आदेश मिलने के बाद, उनकी साथी लेखा ने 10 अक्टूबर को पुलिस हिरासत के दौरान कैदी वाहन (प्रिजन वैन) से उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने केवल ‘बस’ लिखा और साथ में कई हार्ट इमोजी बनाए। इमरान खान अब एफआरआरओ द्वारा जारी किए गए नोटिस को चुनौती देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट जाने वाले हैं। वे नोटिस के खिलाफ रिट याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने एमजैडएम लीगल एलएलपी को अपना वकील बनाया है। एमजैडएम लीगल के मैनेजिंग पार्टनर जुल्फिकार मेमन से जब इस मामले पर बात की गई, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। बता दें कि इमरान खान का जन्म अमेरिका में हुआ था और वे अमेरिकी नागरिक हैं। वे अभिनेता आमिर खान के भांजे हैं और सालों से भारत (मुंबई) में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास भारत की नागरिकता नहीं बल्कि ओसीआई कार्ड या विदेशी नागरिक का स्टेटस है। भारतीय आव्रजन कानून के मुताबिक, किसी भी विदेशी नागरिक या ओसीआई कार्डधारक को भारत के अंदर किसी भी तरह के राजनीतिक आंदोलन, रैली या विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। इसी नियम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने को कहा गया है।

फिल्म रिव्यू: यामी गौतम की ‘नई नवेली’ में कॉमेडी, मिस्ट्री और एक्शन का तड़का, क्लाइमैक्स कर देगा हैरान

फिल्म रिव्यू: यामी गौतम की ‘नई नवेली’ में कॉमेडी, मिस्ट्री और एक्शन का तड़का, क्लाइमैक्स कर देगा हैरान स्टार रेटिंग: 4/5 फिल्ममेकर आनंद एल राय और डायरेक्टर बालाजी मोहन की फिल्म ‘नई नवेली’ फैंटेसी, कॉमेडी और पारिवारिक मनोरंजन का एक ताजा अनुभव लेकर आई है। यामी गौतम धर की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्म पारिवारिक उलझनों, हंसी-मजाक, रहस्य और एक्शन को एक साथ जोड़ती है। इसकी कहानी आम फिल्मों से अलग है। इसमें त्योहार के मौके पर पूरे परिवार के साथ देखने लायक मनोरंजन मौजूद है। फिल्म की कहानी मोहिनी (यामी गौतम धर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक ऐसी नई दुल्हन है, जिसे देखकर लगता है कि वह बिल्कुल परफेक्ट है। लेकिन, मेरठ के अव्यवस्थित और हलचल से भरे अवस्थी परिवार में उसके आने के बाद सब कुछ बदलने लगता है। परिवार में चल रही उथल-पुथल के बीच मोहिनी का अलग अंदाज सबका ध्यान खींचता है। कहानी में नया मोड़ तब आता है, जब उसका देवर बंटू (अनुराग ठाकुर) यह शक करने लगता है कि मोहिनी जैसी दिखाई देती है, असल में वह वैसी है नहीं। इसके बाद शुरू होता है एक ऐसा रोमांचक सफर, जिसमें रहस्य, मजेदार घटनाएं और कई अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिलते हैं। फिल्म का क्लाइमैक्स भी दर्शकों को रोमांचित करने वाले सरप्राइज देता है। यामी गौतम धर फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। वह अपने किरदार मोहिनी में आकर्षण, शरारत और एक्शन का ऐसा मेल लेकर आती हैं, जो सहज लगता है। अनुराग ठाकुर ने बंटू के किरदार में अच्छी एनर्जी दिखाई है। उनके किरदार में शरारत और उत्सुकता है, जो कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करती है। वहीं, राजा के किरदार में अदिनाथ एम. कोठारे भी प्रभावित करते हैं। राजा, मोहिनी का पति है और उसके किरदार में भी कई ऐसे पहलू हैं, जो कहानी को दिलचस्प बनाते हैं। उनका अभिनय भी फिल्म में एक रोमांचक एंगल जोड़ता है। फिल्म के बाकी कलाकार भी कहानी को मजबूती देते हैं। सुनीता राजवर, मीता वशिष्ठ और सुष्मिता मुखर्जी जैसे कलाकार परिवार के माहौल में गर्मजोशी और हास्य लेकर आते हैं। फिल्म में संगीत की बात करें तो जी. वी. प्रकाश कुमार का साउंडट्रैक कहानी के मूड के साथ अच्छी तरह मेल खाता है। ‘वर्ल्ड ऑफ नई नवेली’ थीम फिल्म की फैंटेसी वाली दुनिया का माहौल तैयार करती है। वहीं, ‘भाभी तबाही’ एक जोशीला गाना है, जिसमें यामी गौतम अपने अंदाज से स्क्रीन पर छा जाती हैं। संगीत फिल्म के मनोरंजन को और बढ़ाता है। आनंद एल राय ने एक ऐसी कहानी को समर्थन दिया, जो फैंटेसी को पारिवारिक मनोरंजन के साथ जोड़ती है। फिल्म का कॉन्सेप्ट काफी अलग है। डायरेक्टर बालाजी मोहन ने हिंदी सिनेमा में अपने निर्देशन की शुरुआत एक दिलचस्प फिल्म के साथ की है। उन्होंने कहानी की अजीबोगरीब और मजेदार दुनिया को बड़े सीन्स और त्योहार के माहौल के साथ पेश किया है। ‘नई नवेली’ एक ऐसी फैंटेसी फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें यामी गौतम का दमदार अभिनय, मजेदार कहानी, थिरकने पर मजबूर करने वाला संगीत और रोमांचक क्लाइमैक्स देखने को मिलता है। फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पारिवारिक मनोरंजन के साथ रहस्य और एक्शन का भी अच्छा संतुलन बनाती है। अगर आप दशहरे पर परिवार के साथ कुछ मजेदार और रोमांच से भरा देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है।

आयात में गिरावट के बीच कीमती धातुओं ने पकड़ी रफ्तार, सोना 0.77 प्रतिशत उछला तो चांदी 1.30 प्रतिशत चढ़ी

नई दिल्ली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। भारत में लगातार दूसरे महीने सोने और चांदी के आयात में गिरावट के बीच निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ती दिखाई दी। बाजार खुलते ही सोना बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी ने इससे भी मजबूत तेजी दर्ज की। वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों और मांग को लेकर उम्मीदों ने दोनों धातुओं को समर्थन दिया है। घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 0.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,48,481 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि चांदी का भाव 1.1 प्रतिशत बढ़कर 2,13,128 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों की अस्थिरता के बाद यह तेजी निवेशकों और कारोबारियों दोनों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को अपने पिछले बंद भाव 1,47,489 रुपए से 292 रुपए यानी 0.19 प्रतिशत उछलकर 1,47,781 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। लेकिन बाद के कारोबारी सत्र में इसने 1,146 रुपए यानी 0.77 प्रतिशत चढ़कर 1,48,635 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। जबकि दिसंबर चांदी ने सोने से ज्यादा मजबूती दिखाई और यह अपने पिछले बंद भाव 2,10,660 रुपए से 1,132 रुपए यानी 0.53 प्रतिशत चढ़कर 2,11,792 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली, लेकिन बाद के कारोबार में यह 2,740 रुपए या 1.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,13,400 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, चांदी में औद्योगिक मांग और वैश्विक संकेतों का असर अधिक दिखाई दे रहा है, जिसके चलते इसमें सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में भी दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई। दिन के कारोबार में सोना लगभग 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,202.20 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी करीब 1.39 प्रतिशत चढ़कर 57.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी। वैश्विक बाजार में आई इस मजबूती का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। निवेशक अभी भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, जिनका सीधा प्रभाव कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सितंबर महीने के दौरान सोने के आयात में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज की गई। सितंबर में सोने का आयात 81.27 प्रतिशत घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया। इसी तरह चांदी का आयात भी लगातार दूसरे महीने कम हुआ और 49.11 प्रतिशत गिरकर 66.50 करोड़ डॉलर पर आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में हुई बढ़ोतरी के कारण आयात प्रभावित हुआ है। हालांकि आयात में गिरावट के बावजूद घरेलू निवेश और मांग का रुझान बाजार को समर्थन देता दिखाई दे रहा है। बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और त्योहारी मांग से प्रभावित हो सकती हैं। भारत में त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन की शुरुआत के साथ भौतिक मांग बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। यदि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है तो सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोना और चांदी दोनों को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

करोड़ों लोगों की थाली तक क्यों नहीं पहुंच रहा पौष्टिक भोजन? विश्व खाद्य दिवस पर एफएओ ने बताया समाधान

नई दिल्ली। दुनिया में इतना अनाज पैदा होता है कि हर इंसान का पेट भरा जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद करोड़ों लोग आज भी भूख का सामना कर रहे हैं। वहीं, बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जो चाहकर भी पौष्टिक भोजन नहीं खरीद पाते। ऐसे में सवाल उठता है कि जब दुनिया में अनाज और खाद्य पदार्थों की कमी नहीं है, तो आखिर हर व्यक्ति की थाली तक पौष्टिक भोजन क्यों नहीं पहुंच पा रहा है? इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने विश्व खाद्य दिवस के मौके पर नवाचार को बढ़ावा देने और खाद्य व्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश दिया है। विश्व खाद्य दिवस का संदेश है, ”आज नवाचार करें, कल को समृद्ध बनाएं।” इसका उद्देश्य ऐसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है, जो आज लोगों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को भी सुरक्षित रखें। एफएओ के मुताबिक, दुनिया में लगभग 64 करोड़ लोग भूख का सामना कर रहे हैं, जबकि 2.69 अरब लोग पौष्टिक आहार खरीदने में असमर्थ हैं। संघर्ष, आर्थिक अस्थिरता और जलवायु परिवर्तन के कारण यह चुनौती और गंभीर हो रही है। ऐसे में केवल अधिक भोजन पैदा करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी है। खाद्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में नवाचार की अहम भूमिका है। आज तकनीक की मदद से खेती, खाद्य पदार्थों के भंडारण, परिवहन और बाजार तक पहुंचने के तरीकों में बदलाव लाया जा सकता है। किसानों को डिजिटल माध्यम से मौसम, फसलों और खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जा सकती है। बेहतर बीज, नई कृषि तकनीक और पानी व जमीन का सही इस्तेमाल भी उत्पादन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही पारंपरिक खेती के अनुभवों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ना भी जरूरी है। किसान, मछुआरे, पशुपालक और वन क्षेत्रों में रहने वाले समुदाय अपने अनुभवों से खाद्य व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने में योगदान दे सकते हैं। खासतौर पर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस दिशा में नए अवसर पैदा कर सकती है। भूख और कुपोषण से निपटना किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सरकारों, निजी कंपनियों, किसानों, वैज्ञानिकों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। सरकारें कृषि अनुसंधान में निवेश करके, ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाकर और किसानों के लिए बेहतर नीतियां बनाकर मदद कर सकती हैं। वहीं, निजी क्षेत्र खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और नए कारोबारी मॉडल विकसित करने में योगदान दे सकते हैं। शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, ताकि नई तकनीकों और शोध को खेतों तक पहुंचाया जा सके। इससे किसानों को फायदा होगा और लोगों के लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना आसान हो सकता है। खाद्य सुरक्षा का मतलब सिर्फ इतना नहीं है कि लोगों को आज खाने के लिए भोजन मिल जाए। यह भी जरूरी है कि आने वाले वर्षों में खेती के लिए पर्याप्त पानी, उपजाऊ जमीन और दूसरे प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहें। जलवायु संबंधी संकटों से निपटने की तैयारी और संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल खाद्य व्यवस्था को मजबूत बना सकता है।

पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

जयपुर। पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी ​​मुकेश ‘फौजी’ को पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। 11 अक्टूबर को हत्या के बाद से मुकेश फरार था, जिसके चलते पुलिस टीमों ने उसके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के घरों पर छापेमारी की। गिरफ्तारी के बाद मुकेश फौजी को वेर पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां देर रात पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश मीणा ने उससे पूछताछ की। जांचकर्ता इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि हत्या से पहले क्या-क्या घटनाएं हुईं, इसमें अन्य संदिग्धों की क्या भूमिका हो सकती है और यह घटना किन परिस्थितियों में हुई। जब मुकेश फरार था, तब प्रशासन ने उसके घर को गिराने के संबंध में भी एक नोटिस जारी किया था। आगे की कार्रवाई लागू कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी। इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया जाता है कि मुकेश ‘फौजी’ पिछले दो वर्षों से एक खनन पट्टे (माइनिंग लीज) को बंद करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था। भडाना की विधवा द्वारा दर्ज कराए गए मामलों में भी उसका नाम सामने आया है। पुलिस चल रही जांच के तहत उसकी कथित भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर फैलाई गई उन भड़काऊ पोस्टों की भी जांच कर रही है, जिनका संबंध एक पट्टे वाले रास्ते से है। बताया जाता है कि इस घटना से पहले एक पोस्ट वायरल हो गई थी। जांच के अनुसार, 7 अक्टूबर को एक मामूली विवाद हुआ था। घटना के दिन प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया था। पुलिस को ऐसी जानकारी भी मिली है कि अतर सिंह भड़ाना से जुड़े सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर वीडियो के जरिए तनाव को और बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ सुरक्षाकर्मी धौलपुर क्षेत्र के हैं। पुलिस टीमें घटनाओं के क्रम का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों की भूमिका तय करने के लिए वीडियो और अन्य सामग्रियों की जांच कर रही हैं। गिरफ्तार किए गए भागमल, सोनी, शेर सिंह, बलदेव और कुंवर सिंह को न्यायिक मजिस्ट्रेट सुविहय हाफिज सिद्दीकी के सामने पेश किया गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। मुकेश ‘फौजी’ की तलाश के दौरान पुलिस टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की, जिनमें उसके रिश्तेदारों के घर भी शामिल थे। जांचकर्ताओं को शक था कि वह आस-पास के गांवों या बयाना इलाके में छिपा हो सकता है, जहां भौंडा गांव के लोगों के पारिवारिक संबंध हैं। डांग इलाके के ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी रास्तों की वजह से भी तलाश में काफी मुश्किलें आईं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर पुलिस टीमों के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से भाग निकलने में कामयाब रहा। इसके अलावा, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी पुलिस टीमें भेजी गईं, क्योंकि ऐसी आशंका थी कि मुख्य आरोपी इनमें से किसी एक राज्य में भाग गया हो सकता है।

मदन राठौर ने ‘हम पाकिस्तान के साथ’ वाली टिप्पणी पर दी सफाई, बोले- ‘वायरल क्लिप में उनके भाषण का पूरा संदर्भ नहीं’

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौर ने ‘पाकिस्तान के संबंध’ में वायरल तथाकथित वीडियो पर अपनी सफाई दी है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि उनके भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और गलत इरादे से प्रसारित किया गया है। राठौड़ ने कहा कि वायरल क्लिप में उनके भाषण का पूरा संदर्भ नहीं है। मदन राठौर ने अपनी सफाई में कहा, “उनके भाषण के 20 सेकंड के हिस्से को जानबूझकर एडिट किया गया और दुर्भावनापूर्ण इरादे से प्रसारित किया गया। उनके बयानों को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है, जबकि ये बातें भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों और देशभक्ति पर हो रही चर्चा के दौरान कही गई थीं।” उन्होंने बताया कि यह चर्चा एक ऐसे कार्यक्रम में हुई थी, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौजूद थे। वहां भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैचों और देशभक्ति के विषय पर बातचीत हो रही थी। राठौर ने कहा, “उन्होंने कहा था कि जो लोग पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हार पर पटाखे फोड़कर जश्न मनाते हैं, उन्हें सच्चा देशभक्त नहीं माना जा सकता।” उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और पाकिस्तान जैसे देशों का जिक्र एक व्यापक चर्चा का हिस्सा था, लेकिन एक छोटे से हिस्से को इस तरह फैलाया गया, जिससे गलत धारणा बने। उन्होंने अपने बयानों से पाकिस्तान के प्रति नरम रुख अपनाने के सुझावों को भी खारिज किया। राठौर ने कहा कि उनका और भाजपा का रुख अपरिवर्तित है। उन्होंने कहा, “हमारा एजेंडा बिल्कुल स्पष्ट है।” दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच उन्होंने पाकिस्तान के प्रति अपने विरोध को फिर से दोहराया। उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले, सीमा पार से आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने और उनकी घुसपैठ, तथा राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में नशीले पदार्थों की तस्करी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों के चलते पाकिस्तान को लेकर उनके रुख में किसी भी तरह के भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है। राठौर ने कहा कि पड़ोसी देश के प्रति उनका विरोध कायम रहेगा। यह विवाद उस समय सामने आया, जब एक तथाकथित वीडियो में मदन राठौर को यह कहते हुए सुना गया कि ‘हम पाकिस्तान के साथ हैं।’ जयपुर में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में दिए गए इस बयान की कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने राठौर से स्पष्टीकरण और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की थी।