मदन राठौर ने ‘हम पाकिस्तान के साथ’ वाली टिप्पणी पर दी सफाई, बोले- ‘वायरल क्लिप में उनके भाषण का पूरा संदर्भ नहीं’

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौर ने ‘पाकिस्तान के संबंध’ में वायरल तथाकथित वीडियो पर अपनी सफाई दी है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि उनके भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और गलत इरादे से प्रसारित किया गया है। राठौड़ ने कहा कि वायरल क्लिप में उनके भाषण का पूरा संदर्भ नहीं है। मदन राठौर ने अपनी सफाई में कहा, “उनके भाषण के 20 सेकंड के हिस्से को जानबूझकर एडिट किया गया और दुर्भावनापूर्ण इरादे से प्रसारित किया गया। उनके बयानों को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है, जबकि ये बातें भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों और देशभक्ति पर हो रही चर्चा के दौरान कही गई थीं।” उन्होंने बताया कि यह चर्चा एक ऐसे कार्यक्रम में हुई थी, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौजूद थे। वहां भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैचों और देशभक्ति के विषय पर बातचीत हो रही थी। राठौर ने कहा, “उन्होंने कहा था कि जो लोग पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हार पर पटाखे फोड़कर जश्न मनाते हैं, उन्हें सच्चा देशभक्त नहीं माना जा सकता।” उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और पाकिस्तान जैसे देशों का जिक्र एक व्यापक चर्चा का हिस्सा था, लेकिन एक छोटे से हिस्से को इस तरह फैलाया गया, जिससे गलत धारणा बने। उन्होंने अपने बयानों से पाकिस्तान के प्रति नरम रुख अपनाने के सुझावों को भी खारिज किया। राठौर ने कहा कि उनका और भाजपा का रुख अपरिवर्तित है। उन्होंने कहा, “हमारा एजेंडा बिल्कुल स्पष्ट है।” दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच उन्होंने पाकिस्तान के प्रति अपने विरोध को फिर से दोहराया। उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले, सीमा पार से आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने और उनकी घुसपैठ, तथा राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में नशीले पदार्थों की तस्करी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों के चलते पाकिस्तान को लेकर उनके रुख में किसी भी तरह के भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है। राठौर ने कहा कि पड़ोसी देश के प्रति उनका विरोध कायम रहेगा। यह विवाद उस समय सामने आया, जब एक तथाकथित वीडियो में मदन राठौर को यह कहते हुए सुना गया कि ‘हम पाकिस्तान के साथ हैं।’ जयपुर में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में दिए गए इस बयान की कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने राठौर से स्पष्टीकरण और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की थी।

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