ड्रोन भारतीय वायुसेना के लिए क्रांतिकारी नहीं, बल्कि विकासवादी बदलाव: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को कहा कि ड्रोन भारतीय वायुसेना के लिए कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं हैं, बल्कि यह क्षमताओं के विकास की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने लोइटरिंग एम्युनिशन के लिए अलग ड्रोन फोर्स बनाने की जरूरत से भी इनकार किया। एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि लोइटरिंग एम्युनिशन का इस्तेमाल दुश्मन के बीच भ्रम पैदा करने और कुछ लक्ष्यों को निशाना बनाने में मदद करता है। हालांकि, भारतीय वायुसेना में ड्रोन से जुड़ी क्षमताएं दशकों से मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “जहां तक अलग ड्रोन फोर्स की बात है, भारतीय वायुसेना में ये चीजें दशकों से मौजूद हैं। ये क्षमताएं हमारे पास दशकों से हैं। इसलिए मैं कह सकता हूं कि ड्रोन भारतीय वायुसेना के लिए क्रांतिकारी नहीं हैं। हां, ये विकासवादी बदलाव जरूर हैं।” एयर फोर्स डे से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वायुसेना में ड्रोन की संख्या, म्यूनिशन और ड्रोन तथा हथियारों के प्रकार लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, अलग ड्रोन फोर्स बनाने की जरूरत पर उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें अलग ड्रोन फोर्स की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि ड्रोन को मौजूदा सैन्य ढांचे का हिस्सा बनाकर अन्य हथियार प्रणालियों के साथ मिलकर संचालित किया जाना चाहिए। एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि अलग-अलग हथियारों को अलग-अलग संचालित करने के बजाय उन्हें एक साथ इस्तेमाल करना जरूरी है, ताकि उनका प्रभाव अधिक प्रभावी हो। उन्होंने कहा, “हमने अलग फोर्स बनाने के बारे में नहीं सोचा है, बिल्कुल नहीं।” हालांकि, एयर चीफ मार्शल ने संकेत दिया कि वायुसेना में कुछ विशेष ड्रोन यूनिट मौजूद रहेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसी यूनिट पहले से हैं और जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ के बारे में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि इस तरह के बहुराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अभ्यासों का उद्देश्य आपसी सहयोग, इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना और एक-दूसरे के अनुभवों तथा काम करने के तरीकों से सीखना है। उन्होंने कहा कि हर अभ्यास से कुछ नए अनुभव और परिणाम सामने आते हैं। इस बार नए विमान भी अभ्यास में शामिल हुए हैं। एफ-35 लड़ाकू विमान पहली बार भारत में किसी बहुराष्ट्रीय अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा कुछ नए देशों ने भी अपने सैन्य विमान और अन्य संसाधनों के साथ अभ्यास में भाग लिया है, जबकि कुछ देश पहली बार पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यासों में एक साझा संचार व्यवस्था विकसित करना भी महत्वपूर्ण है, ताकि विभिन्न देशों की सेनाएं एक-दूसरे के साथ प्रभावी तरीके से संवाद कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल अंग्रेजी भाषा में संवाद की बात नहीं है, बल्कि एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और संदेश को समझने की क्षमता विकसित करने से जुड़ा है। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तरंग शक्ति के दूसरे चरण से भारतीय वायुसेना को कई महत्वपूर्ण सबक मिलेंगे, जिनके आधार पर वह अपनी क्षमताओं में सुधार कर सकेगी। साथ ही, इसमें शामिल अन्य देश भी अभ्यास से सीख लेकर वापस जाएंगे। ‘तरंग शक्ति’ का आयोजन 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर किया जा रहा है। इसमें 40 देशों के 2,000 से अधिक सैन्यकर्मी और 80 से अधिक विमान हिस्सा ले रहे हैं।
कर्नाटक: गृह लक्ष्मी योजना के ऑडिट पर टिप्पणी को लेकर केएएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

बेंगलुरु। कर्नाटक के अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट-I) जहांगीर इनामदार ने मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को पत्र लिखकर कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (केएएस) के अधिकारी एन. महेश बाबू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। महेश बाबू पर गृह लक्ष्मी योजना के ऑडिट से जुड़े मामले में अकाउंटेंट जनरल (एजी) और प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणी करने का आरोप है। आईएएनएस के पास उपलब्ध पत्र के मुताबिक, इनामदार ने कर्नाटक स्टेट वुमेंस डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश बाबू के नाम से सामने आई टिप्पणियों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आचरण नियमों और सीसीए नियमों के तहत अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। जहांगीर इनामदार ने अधिकारी से कर्नाटक के अकाउंटेंट जनरल और प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने के निर्देश देने की भी मांग की है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ओर से गृह लक्ष्मी योजना के तहत करीब 225 करोड़ रुपए के दुरुपयोग का मुद्दा उठाए जाने की बात सामने आई थी। इसमें मृत और फर्जी लाभार्थियों से जुड़े खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाने का मामला भी शामिल है। पत्र के मुताबिक, मीडिया रिपोर्टों में महेश बाबू के नाम से ऐसी टिप्पणियां सामने आने का दावा किया गया है जिनमें उन्होंने अकाउंटेंट जनरल के खिलाफ अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया तथा उन पर शारीरिक हमला करने की बात कही। उन्होंने सीएजी की संवैधानिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला केवल दो अधिकारियों के बीच व्यक्तिगत विवाद का नहीं है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत सीएजी एक संवैधानिक प्राधिकरण है। वहीं, राज्यों की आय और खर्च का ऑडिट अनुच्छेद 149 और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कर्तव्य, शक्तियां और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1971 के तहत किया जाता है। सीएजी की रिपोर्ट संविधान के अनुच्छेद 151(2) के तहत राज्य विधानमंडल के समक्ष रखी जाती है। पत्र में कहा गया कि अकाउंटेंट जनरल और प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल पर उनके आधिकारिक कामकाज को लेकर हमला करना एक संवैधानिक संस्था और सार्वजनिक धन के खर्च की जानकारी पाने के विधानमंडल के अधिकार पर हमला करने जैसा है। इनामदार ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां किसी भी नागरिक की ओर से स्वीकार्य नहीं हो सकतीं। मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि ये आरोप एक सेवारत केएएस अधिकारी पर लगे हैं, जो उस निगम का नेतृत्व कर रहे हैं जिसकी योजना का ऑडिट किया जा रहा है। इनामदार के मुताबिक, ऐसी टिप्पणियों का वित्तीय पारदर्शिता और चुनावी अवधि के दौरान प्रशासन की निष्पक्षता पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने इस पहलू की भी कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से अलग स्वतंत्र रूप से जांच करने की मांग की। इनामदार ने कहा कि गृह लक्ष्मी योजना के ऑडिट का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी धन उन महिलाओं तक पहुंचे, जिनके लिए यह योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि ऑडिट में सहयोग करके और उसकी जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर कार्रवाई करके इस उद्देश्य को हासिल किया जा सकता है, न कि ऑडिट से जुड़े तथ्यों को सामने लाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करके। इनामदार ने कहा कि संवैधानिक प्राधिकरण को कथित तौर पर निशाना बनाने वाली सार्वजनिक टिप्पणियां ऑडिट प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली राज्य की संस्थागत व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कर्नाटक सरकार से महेश बाबू के नाम से सामने आई टिप्पणियों की जल्द जांच कराने और उनके सही पाए जाने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि अधिकारी उसी सार्वजनिक मंच पर बिना शर्त माफी मांगें, जहां टिप्पणियां की गई थीं। इनामदार ने यह भी स्पष्ट किया कि गृह लक्ष्मी योजना के बारे में इनपुट राज्य सरकार के अनुरोध पर एक आधिकारिक डी.ओ. पत्र के माध्यम से दिए गए थे। पत्र में पहले ही स्पष्ट किया गया था कि ऑडिट अभी अंतिम रिपोर्ट के चरण तक नहीं पहुंचा है। उपलब्ध इनपुट सीमित डेटा के आंशिक ऑडिट के दौरान सामने आई शुरुआती टिप्पणियों पर आधारित थे। इसलिए इन्हें ऑडिट के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
हिमाचल में 1901 के बाद से मानसून की 41वीं सबसे कम बारिश दर्ज

शिमला। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएडी) के स्थानीय केंद्र ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून शनिवार को वापस लौट गया, जबकि इसके लौटने की सामान्य तारीख 25 सितंबर थी। हिमालयी राज्य में 1901 के बाद से मानसून की 41वीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई। इस साल मानसून 30 जून को राज्य में पहुंचा और 1 जुलाई तक पूरे राज्य में फैल गया। यह सामान्य आगमन तिथि 25 जून से सात दिन देरी से हुआ। आईएमडी ने बताया कि राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर) के दौरान बारिश सामान्य रही। सामान्य 734.4 मिमी के मुकाबले 652.3 मिमी वास्तविक बारिश हुई, जो सामान्य से 11 प्रतिशत कम है। किन्नौर, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में सामान्य बारिश हुई। इसके विपरीत, हमीरपुर जिले में कम बारिश हुई और दूर-दराज के लाहौल-स्पीति जिले में बहुत कम बारिश हुई। इस साल हिमाचल प्रदेश में मानसून के मौसम के दौरान 652.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 125 वर्षों में 41वीं सबसे कम मानसून बारिश है। हालांकि, 1901 से 2026 की अवधि में सबसे अधिक बारिश 1,314.6 मिमी 1922 में दर्ज की गई थी। आईएमडी ने कहा कि अगस्त में कई दिनों तक राज्य में कहीं-कहीं से लेकर काफी हद तक बारिश हुई। अगस्त में 5, 7, 11, 19 और 31 तारीख को मानसून की गतिविधि तेज रही, जबकि 2, 3, 9, 13, 14, 21, 25, 27, 28, 29 और 30 तारीख को मानसून कमजोर रहा। राज्य में 4 अगस्त को सिरमौर और बिलासपुर जिलों में कुछ जगहों पर, 5 अगस्त को सिरमौर और ऊना जिलों में, 15 अगस्त को कांगड़ा जिले में और 19 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में बहुत ज्यादा बारिश हुई। आईएमएडी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में सामान्य बारिश हुई (सामान्य से 17 प्रतिशत कम)। अगस्त में सामान्य बारिश 256.8 एमएम थी, जबकि असल में 212.5 एमएस बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 658.0 एमएम बारिश हुई, जबकि लाहौल-स्पीति जिले में सबसे कम 27.8 एमएम बारिश हुई। सिरमौर जिले में बारिश में सबसे ज्यादा पॉजिटिव अंतर (17 प्रतिशत) दर्ज किया गया, जबकि लाहौल-स्पीति जिले में सबसे ज्यादा नेगेटिव अंतर (माइनस 76 प्रतिशत) दर्ज किया गया।
ब्लैकबोर्ड पर नकल कराने वाली पार्टी आज सवाल उठा रही, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सपा पर साधा निशाना

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के नौकरी और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवालों पर यूपी सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने तीखा पलटवार किया है। मुजफ्फरनगर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने सपा शासन को नकल, पेपर लीक और जातिगत पक्षपात का दौर बताते हुए कहा कि ब्लैक बोर्ड पर लिखकर नकल कराने वाली पार्टी आज योगी सरकार की साढ़े नौ लाख भर्तियों पर सवाल उठा रही है, जिस पर पूरा प्रदेश हंस रहा है। उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव नौकरी और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हैं, यह बेहद हास्यास्पद है। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में सांसद हैं, लेकिन जिस तरह की बातें वह कर रहे हैं, वह हास्यास्पद है। जिस समाजवादी पार्टी के शासन में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था, आज वही पार्टी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि सपा सरकार में ब्लैक बोर्ड पर लिखकर नकल कराई जाती थी, पेपर लीक होते थे और नौकरियां बेची जाती थीं। एक ही जाति वर्ग के लोगों को नौकरियां दी जाती थीं और भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्होंने आगे कहा कि सपा शासन में ठेके छूटते थे, कंपनियां बाजियां लगाती थीं। परिवार का एक व्यक्ति थैला लेकर लखनऊ जाता था, वहां सौदेबाजी करता था, जगह-जगह घूमता था और पैसे देकर भी वापस लौट आता था, न पैसे वापस मिलते थे और न ही नौकरी लगती थी। यह समाजवादी पार्टी का असली चेहरा था। कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज भी लोग देख रहे हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार और बिना किसी जातिगत पक्षपात के नौकरियां दी हैं। हिंदू, मुस्लिम, यादव, एससी, सामान्य वर्ग सभी समाज की बेटियों को 100 प्रतिशत आरक्षण के साथ सरकार ने नौकरी देने का काम किया है, चाहे वह पुलिस हो या पीएसी की भर्ती। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अखिलेश को इस तरह की बातें कहते हुए आज पूरा प्रदेश उन पर हंसता है। कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि अखिलेश यादव को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। सबने उनका कार्यकाल देखा है। जो युवा आज नहीं देख पाए, वे भी जान रहे हैं कि अखिलेश यादव की सरकार में जनता का किस तरह से उपयोग किया गया। लुटेरों के एक सवाल पर कि अखिलेश जब सीएम थे तो निवेश के लिए विदेशों का दौरा करते थे, गिड़गिड़ाते थे लेकिन कोई यूपी में आने को तैयार नहीं था, डर का माहौल था और अब धड़ल्ले से निवेश हो रहा है, इस पर मंत्री ने कहा कि यह बिल्कुल सही बात है। निवेश के लिए अखिलेश यादव दिल्ली में जाकर बैठकें करते थे। उत्तर प्रदेश में इन्वेस्टर समिट करने की उनकी हिम्मत नहीं हुई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आदित्यनाथ योगी की सरकार बनते ही सबसे पहले 2018 में इंटरनेशनल इन्वेस्टर समिट हुई, जिसमें दुनिया और देश के बड़े-बड़े उद्योगपति आए। उन्होंने कहा कि आप सब उनके नाम जानते हैं। सभी ने आकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को वचन दिया कि वे उत्तर प्रदेश में बड़ा निवेश करेंगे। आज वह निवेश धरातल पर उतर रहा है, सब देख रहे हैं। हमारे विभाग के माध्यम से भी लाखों रोजगार, स्किल्ड और अनस्किल्ड युवाओं को अवसर मिल रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। वहीं, उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मैं अखिलेश यादव को बताना चाहता हूं कि वह भाजपा पर क्या निशाना साधेंगे? पूर्व में उनके पिता ने उत्तर प्रदेश और यहां की जनता के साथ जो किया है, वह पहले अपने इतिहास को पढ़ लें। इनके शासन में हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा को इन्होंने गरीब परीक्षा बना दिया था। नकल तो पूरी की पूरी क्लास में होती थी। आज ये नौकरी की बात करते हैं, तो इनके समय में नौकरियां चिट्ठी पर बंटती थीं। इनके और इनके चाचा के पैरवीकारों को चिट्ठी के जरिए नौकरियां दी जाती थीं।” उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार ने साढ़े नौ लाख नौकरियां दी हैं। पारदर्शिता के साथ आयोग का गठन करके हम युवाओं को नौकरी दे रहे हैं और कहीं भी भ्रष्टाचार की बात आपने सुनी तक नहीं होगी। इसी तरह केंद्र में हमारे वाराणसी के सांसद, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी ने जो कहा है, वह करके दिखा दिया है। हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो कहा था, उसे करके दिखाया है। चाहे भू-माफिया हो, शिक्षा माफिया हो या गुंडा, सबको उन्होंने मिट्टी में मिला दिया है। विधानसभा में उन्होंने जो कहा था, उसे करके दिखाया है। आज नकलविहीन परीक्षा हो रही है। लोग परीक्षा दे रहे हैं और पास हो रहे हैं, चाहे नौकरी की परीक्षा हो, चाहे हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा हो। परीक्षाएं पूरी तरह नकलमुक्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आज ये उन्हीं चीजों पर सवाल उठा रहे हैं। अब इनके पास कुछ बचा ही क्या है? विकास और विरासत की बात करें तो विरासत से ये कोसों दूर भागते थे, आज वही विरासत की बात कर रहे हैं। और विकास तो आप देख ही रहे हैं कि चारों तरफ हो रहा है।
बेटे गुरिक के 5वें जन्मदिन पर नेहा धूपिया और अंगद बेदी का खास पोस्ट

मुंबई। अभिनेत्री नेहा धूपिया के बेटे गुरिक सिंह धूपिया बेदी शनिवार को 5 साल के हो गए। इस खास मौके पर नेहा ने सोशल मीडिया पर बेटे के साथ कुछ अनदेखी तस्वीरें शेयर करते हुए प्यार भरा बर्थडे नोट लिखा। नेहा ने अपने पोस्ट में लिखा, “तुम हमारी जिंदगी रोशन करते हो, हमारे प्यारे बेटे। मेरा पूरा दिल तुम्हारे लिए धड़कता है। हमारे गु्क्कू को पांचवें जन्मदिन की शुभकामनाएं। मम्मा तुम्हें चांद तक और उससे भी ज्यादा प्यार करती हैं। हमेशा जिज्ञासु रहो, खुश रहो और अपनी मस्ती बनाए रखो।” अभिनेता अंगद बेदी ने अपने बेटे और अपने दिवंगत पिता, दिग्गज क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी के साथ बिताए कुछ मजेदार पलों की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “गुरिक आज 5 साल का हो गया, पिताजी। काश आप यहां होते और उसकी बढ़ती उम्र को देख पाते। वह एक बहुत अच्छा बच्चा बन रहा है। मैं आपकी दी हुई हर सीख उसे देने की कोशिश करता हूं। जब वह आपकी तस्वीरें देखता है तो आपके बारे में पूछता है तब मैं उसे बैठाकर आपकी कहानियां सुनाता हूं।” अंगद ने अपने पिता की कही बात “मन नीवां, मत उच्ची” का भी जिक्र किया और इसे गुरिक के लिए दादा की ओर से एक तोहफा बताया। उन्होंने यह भी बताया कि गुरिक अपने दादा की तरह दोनों हाथों का इस्तेमाल करने में सक्षम हैं। नेहा धूपिया और अंगद बेदी ने 10 मई 2018 को एक गुरुद्वारे में निजी समारोह में शादी की थी। 18 नवंबर 2018 को दोनों पहली बार माता-पिता बने और उनकी बेटी मेहर धूपिया बेदी का जन्म हुआ। इसके बाद 3 अक्टूबर 2021 को नेहा और अंगद दूसरी बार माता-पिता बने और उनके बेटे गुरिक का जन्म हुआ। वर्क फ्रंट की बात करें तो नेहा हाल ही में कमिंग-ऑफ-एज रोमांटिक कॉमेडी ‘डोंट बी शाय’ में नजर आई थीं। फिल्म को आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट ने अपने बैनर इटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस के तहत प्रोड्यूस किया है।
हिसार एसटीएफ ने 5 लाख रुपए के इनामी मोस्टवांटेड आरोपी को किया गिरफ्तार

हिसार। हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की हिसार यूनिट ने पंजाब के अबोहर में एक शोरूम मालिक की हत्या के मामले में 5 लाख रुपए के इनामी मोस्टवांटेड आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को हिसार में राजगढ़ रोड पर बने पुल के नीचे से गिरफ्तार किया गया। उसे एसटीएफ टीम द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 5 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की थी। पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान एसटीएफ टीम ने आरोपी के पास से एक अवैध .32-बोर की पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। हथियार बरामदगी के सिलसिले में हिसार के आजाद नगर पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट के तहत एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है। पुलिस ने मीडिया को बताया कि आरोपी अबोहर में ‘न्यू वियरवेल’ शोरूम के मालिक संजय वर्मा की हत्या के मामले में वांछित था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हत्या के सिलसिले में जुलाई 2025 में अबोहर के सिटी-1 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया। मामले की जानकारी सुनने के बाद अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। जांचकर्ता अब आपराधिक गिरोहों के साथ उसके कथित संबंधों, अन्य मामलों में उसकी संभावित संलिप्तता और उसके साथियों की भूमिका की जांच कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उससे पूछताछ करने पर निश्चित रूप से इस मामले और अन्य अपराधों से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आएंगी। अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन हिसार एसटीएफ यूनिट के प्रभारी डीएसपी जोगेंद्र और एसआई संदीप श्री के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा चलाया गया था। एसटीएफ हिसार के पीएसआई विनीत कुमार ने बताया कि आरोपी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया और मामले में और जानकारी जुटाने के लिए आगे की जांच जारी है।
महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने मुंबई बुक फेस्टिवल 2026 के लोगो और वेबसाइट का किया अनावरण

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को मुंबई बुक फेस्टिवल 2026 के आधिकारिक लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया। इसके साथ ही किताबों, साहित्य, कला और संस्कृति के छह दिवसीय महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध और विविध साहित्यिक परंपराओं को बढ़ावा देना, देश में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करना, युवा पाठकों को प्रोत्साहित करना और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। मुंबई बुक फेस्टिवल का आयोजन 24 से 29 नवंबर 2026 तक मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना कैंपस में किया जाएगा। इसका आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा महाराष्ट्र सरकार और मुंबई विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है। लॉन्च कार्यक्रम में नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया के अध्यक्ष मिलिंद मराठे, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति रवींद्र कुलकर्णी, मुख्य आयोजक अमीत साटम, मुख्य संयोजक आचार्य पवन त्रिपाठी और नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया के निदेशक युवराज मलिक समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी साझा की और लोगों को साहित्य से जोड़ने में इस महोत्सव की अहम भूमिका का जिक्र किया। मुंबई बुक फेस्टिवल के लोगो और वेबसाइट का लॉन्च एक खास तारीख पर हुआ है। ठीक दो साल पहले 3 अक्टूबर 2024 को मराठी भाषा को आधिकारिक रूप से ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 अक्टूबर 2026 को मुंबई बुक फेस्टिवल की घोषणा इस गौरवशाली विरासत को राज्य में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने की नई प्रतिबद्धता से जोड़ती है। मिलिंद मराठे ने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट अब इस बड़े आयोजन को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में लेकर आ रहा है। उन्होंने कहा कि कलिना कैंपस में होने वाला यह फेस्टिवल पाठकों, परिवारों, छात्रों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक बड़ा मंच बनेगा। फेस्टिवल में बच्चों और युवाओं के लिए अलग-अलग विशेष जोन बनाए जाएंगे। इसके अलावा इंटरैक्टिव लर्निंग गतिविधियां, वर्कशॉप और प्रतिभा विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कई प्रकाशक एक ही जगह पर अलग-अलग भाषाओं और विभिन्न विषयों की किताबें प्रदर्शित करेंगे। शाम के समय स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की परफॉर्मिंग आर्ट्स से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। मराठे ने कहा कि 1 अगस्त 1957 को स्थापित नेशनल बुक ट्रस्ट मुख्य रूप से तीन उद्देश्यों के साथ काम करता है। इनमें विविध साहित्य को बढ़ावा देना, बहुभाषी अनुवाद को प्रोत्साहित करना और विभिन्न भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के बेहतरीन साहित्य के अनुवाद के जरिए पढ़ने की संस्कृति विकसित करना शामिल है। नेशनल बुक ट्रस्ट सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए भारत-केंद्रित, गैर-अकादमिक और सामान्य पठन की किताबें तैयार करने पर भी ध्यान देता है। पुस्तक महोत्सवों के दौरान ‘मीट द ऑथर’ सेशन, अनुवाद कार्यशालाएं और युवा लेखकों से जुड़ी पहल भी आयोजित की जाती हैं। नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर नेशनल बुक ट्रस्ट का प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम है। इसके अलावा ट्रस्ट देश के अलग-अलग हिस्सों में पुस्तक महोत्सवों का आयोजन कर अपनी पहुंच लगातार बढ़ा रहा है। नेशनल बुक ट्रस्ट लखनऊ में गोमती बुक फेस्टिवल, श्रीनगर में चिनार बुक फेस्टिवल के अलावा पटना, संबलपुर, शिलांग, पुणे, नागपुर, गोवा और अहमदाबाद में भी आयोजन कर चुका है। मराठे के मुताबिक, नेशनल बुक ट्रस्ट ने लद्दाख में करीब 11,500 फीट की ऊंचाई पर भी पुस्तक महोत्सव का आयोजन किया है।
एआई के दुरुपयोग पर भड़के विजय देवरकोंडा, जूनियर एनटीआर की सख्त कानून की मांग का किया समर्थन

हैदराबाद। जूनियर एनटीआर ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कड़े नियम बनाने की अपील की है। तेलुगु अभिनेता विजय देवरकोंडा ने जूनियर एनटीआर का समर्थन किया है। जूनियर एनटीआर ने यह अपील अपनी फिल्म ‘देवरा’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ के मॉर्फ किए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद की। विजय देवरकोंडा ने जूनियर एनटीआर की पोस्ट को शेयर करते हुए इस मामले में उनका और उनकी टीम का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस वीडियो के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। विजय देवरकोंडा ने सवाल उठाया कि समाज में लोग एक-दूसरे के प्रति इतने असंवेदनशील कैसे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरी दुनिया में एआई के कारण रोजगार और नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर बहस और चिंता हो रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इस तरह के मॉर्फ्ड कंटेंट को गंभीर डिजिटल उत्पीड़न बताते हुए कहा कि कानून को ऐसे मामलों को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए। विजय देवरकोंडा ने इस मामले के खिलाफ आवाज उठाने वाली टीम को अपना पूरा समर्थन देने की बात भी कही। इससे पहले शनिवार को जूनियर एनटीआर ने कहा था कि उनकी फिल्म ‘देवरा’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ का मॉर्फ्ड वीडियो बनाने और उसे फैलाने वालों के खिलाफ वह हरसंभव कानूनी कार्रवाई करेंगे। जूनियर एनटीआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मॉर्फ्ड वीडियो की कड़ी निंदा की। उन्होंने एआई का इस्तेमाल करके किसी महिला को अपमानित करने वाली सामग्री तैयार किए जाने को शर्मनाक बताया। जूनियर एनटीआर ने वीडियो बनाने और इसे सोशल मीडिया पर फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह उन्हें नहीं छोड़ेंगे और उनके खिलाफ हरसंभव कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से भी इस तरह के कंटेंट को न देखने, न शेयर करने और न ही उसके साथ किसी तरह से जुड़ने की अपील की। जूनियर एनटीआर ने कहा कि आज इसका निशाना कोई और है, लेकिन भविष्य में कोई भी इसका शिकार हो सकता है। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए भारत सरकार और सभी राज्य सरकारों से एआई के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सख्त नियम बनाने की अपील की। इससे पहले अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने भी एआई से बनाए जा रहे कथित फर्जी वीडियो पर आपत्ति जताई। उन्होंने एक्स पर कहा कि एआई से बनाए गए फर्जी वीडियो का प्रसारित होना परेशान करने वाला है। उन्होंने लोगों से इस तरह का कंटेंट न बनाने, न शेयर करने और न ही इसे बढ़ावा देने की अपील की। जान्हवी कपूर ने इसे एआई का स्पष्ट दुरुपयोग बताते हुए कहा कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हम जो हासिल करने आए थे, वह कर दिखाया: मनप्रीत सिंह

काकामिगाहारा। भारतीय हॉकी टीम ने शनिवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में मलेशिया को 5-1 से मात देकर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल बरकरार रखते हुए ओलंपिक गेम्स 2028 के लिए क्वालीफाई कर लिया। भारतीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा कि टीम अपने अभियान को लेकर आलोचनाओं के बावजूद अपने लक्ष्य पर केंद्रित रही। एशियन गेम्स से पहले भारतीय टीम की काफी आलोचना हुई थी, लेकिन टीम ने जापान में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रुप स्टेज के अपने सभी 5 मैच जीते और सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से मात दी। खिताबी जीत के बाद मनप्रीत ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “असल में, बाहर बहुत-सी बातें होती रहती हैं। आलोचनाएं चलती रहती हैं, लेकिन हमारा ध्यान उस पर नहीं था। हम यहां कुछ हासिल करने आए थे, और आज हमने वह हासिल कर लिया।” मनप्रीत ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल और ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफिकेशन से भारत को अब लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफिकेशन प्रक्रिया से गुजरने के बजाय अपने खेल के खास पहलुओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, “एशियन गेम्स हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट था, क्योंकि यहां से हमने सीधे ओलंपिक गेम्स 2028 के लिए क्वालीफाई किया है। अब हमें क्वालीफायर राउंड नहीं खेलना है। हम खुद पर काम कर सकते हैं, उन क्षेत्रों की पहचान कर सकते हैं जहां सुधार की जरूरत है और देख सकते हैं कि हम बेहतर तैयारी के साथ लॉस एंजिल्स कैसे जा सकते हैं।” मनप्रीत ने मलेशिया को काबू में रखने और साथ ही अटैक में मिले मौकों का पूरा फायदा उठाने का श्रेय भारत के डिफेंस को देते हुए कहा, “शुरू से आखिर तक हमारा डिफेंस बहुत अच्छा रहा। जब भी हमें मौके मिले, चाहे पेनल्टी कॉर्नर से हों या फील्ड गोल से, हमने उन्हें गोल में तब्दील किया।” वहीं, फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह ने कहा कि गोल्ड मेडल टीम की लगातार कड़ी मेहनत और लंबे समय की तैयारी का नतीजा था, और लॉस एंजिल्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी उनके मुख्य लक्ष्यों में से एक था। दिलप्रीत ने ‘आईएएनएस’ को बताया, “हमारी पूरी टीम बहुत खुश है, क्योंकि हम लंबे समय से इसके लिए ट्रेनिंग कर रहे थे और हमने बहुत कड़ी मेहनत की है। हमारा मकसद गोल्ड जीतना और एलए के लिए अपना क्वालिफिकेशन सुनिश्चित करना था।” दिलप्रीत ने कहा कि टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली मुश्किल जीत से सबक लिया था और फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करने के पक्के इरादे के साथ उतरी थी। उन्होंने कहा, “कोई दबाव नहीं था, लेकिन सेमीफाइनल के बाद, जिसे हमने बहुत मुश्किल से जीता था, सभी की सोच यही थी कि हमें वहां की गई गलतियों से सीखना है और फाइनल बड़े अंतर से जीतना है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक्शन प्लान बनाने के लिए जम्मू में इंडी गठबंधन की बैठक

जम्मू। जम्मू में शनिवार को इंडी गठबंधन की एक बैठक हुई, जिसमें भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के कामकाज को लेकर लगाए गए आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर गठबंधन की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री रमन भल्ला ने की। इसमें शामिल लोगों ने चुनावी मुद्दों और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर चल रहे कैंपेन के तहत गठबंधन के एक्शन प्लान पर चर्चा की। इंडी गठबंधन ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ‘संस्थागत कब्जे’ का शिकार हो गया है और उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने, उन पर मुकदमा चलाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। विपक्षी गठबंधन चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े अपने बड़े कैंपेन के तहत ये मांगें उठा रहा है। यह बैठक जम्मू-कश्मीर में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच हुई है। कांग्रेस ने 28 सितंबर को पूरे जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन भी किए थे, जिसमें भल्ला ने चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की थी। बैठक में शामिल लोगों ने चुनावी और लोकतांत्रिक मुद्दों पर इंडी गठबंधन के कैंपेन के तहत आगे की कार्रवाई और लामबंदी पर चर्चा की। इंडी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक कैंपेन शुरू किया है और चुनाव आयोग पर चुनावी गड़बड़ियों और वोटर लिस्ट के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) से जुड़े ‘वोट की चोरी’ का आरोप लगाया है। विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार पर बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाने (एसआईआर के दौरान 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए) से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब न देने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ महाभियोग का नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की है। गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक पूरे देश में एक कैंपेन चलाया, जिसमें जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैलियां और सार्वजनिक प्रदर्शन शामिल थे। विपक्षी सांसदों ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च करने की घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन के अन्य नेताओं ने ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से वोटिंग की व्यवस्था को फिर से लागू करने और भविष्य के चुनावों के लिए एसआईआर से पहले की वोटर लिस्ट का इस्तेमाल करने की मांग की है।